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IPS गौरव राजपूत का बुलंद संकल्प: ड्रग माफिया की कमर तोड़ने तक नहीं रुकेंगे

सतना जिले में  पुलिस अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय बैठक में रीवा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव राजपूत ने नशा माफिया के खिलाफ 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा कि विंध्य क्षेत्र में 'कोरेक्स' (नशीली कफ सिरप) की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजी ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि वे ड्रग माफिया की 'कमर तोड़ने' तक नहीं रुकेंगे। 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' की समीक्षा बैठक में आईजी गौरव राजपूत ने जिले भर के सभी थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत की गई कार्रवाइयों का हिसाब लिया। उन्होंने नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने पर जोर दिया और सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाके में हर तरह के नशे की बिक्री और तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी ने दिया कार्रवाई का ब्यौरा इस दौरान, सतना पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने आईजी को जिले में की गई अब तक की कार्रवाइयों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत नशे के धंधे में लिप्त कई छोटे-बड़े सप्लायर्स पर कार्रवाई की गई है। एसपी ने आईजी को आश्वस्त करते हुए जिले से नशे के इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का संकल्प दोहराया। कौन हैं गौरव राजपूत गौरव सिंह राजपूत 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और विदिशा जिले के निवासी हैं। मात्र 41 वर्ष की आयु में वे प्रदेश के दूसरे सबसे कम उम्र के आईजी बने हैं। उन्होंने 24 साल की उम्र में आईपीएस की सेवा में प्रवेश किया था। आईपीएस बनने के बाद, गौरव सिंह राजपूत ने अनूपपुर, मंडला, देवास, मुरैना और कटनी जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्य किया है। इन दौरान उन्होंने एक सख्त अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई। पुलिस अधीक्षक के पद से पदोन्नति के बाद, वे इंदौर में महिला अपराध के डीआईजी बने। इसके बाद उन्होंने रतलाम में डीआईजी का कार्यभार संभाला और फिर सीआईडी में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्हें गृह विभाग के सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हाल ही में वे भोपाल में डीआईजी सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें रीवा रेंज का आईजी नियुक्त किया गया है। माफियाओं को नही होने देंगे सक्सेसफुल आईजी गौरव राजपूत ने नशे को लेकर सख्त लहजे में कहा कि हमारा सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि जीरो टॉलरेंस। हम इस पूरे क्षेत्र से कोरेक्स को समाप्त करके ही दम लेंगे। विंध्य की पावन धरा में कोई भी कोरेक्स नही बिकने देंगे। माफियाओं को भी सक्सेसफुल नही होने देंगे। बिल्कुल कमर तोड़कर रख देंगे। कोलगवां थाने का किया निरीक्षण इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवेश सिंह बघेल, प्रेमलाल कुर्वे, सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। क्राइम मीटिंग समाप्त होने के बाद, आईजी गौरव राजपूत ने कोलगवां थाने का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां के रिकॉर्ड्स, रजिस्टरों का जायजा लिया और थाने की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।  

मध्य प्रदेश में हाईवे लूट का पर्दाफाश, नागा साधु बनकर वारदात करने वाले सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

उज्जैन  नागा साधु का वेश बनाकर हाईवे पर कार चालकों को रोककर लूटने वाला गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है। बदमाशों ने शाजापुर में लाल घाटी, घट्टिया थाना क्षेत्र में जैथल व भैरवगढ़ क्षेत्र में गरोठ हाईवे पर तीन वारदातों को अंजाम दिया है। सूचना मिलने के आधे घंटे के अंदर ही नरवर पुलिस ने आरोपितों को पालखंदा में घेराबंदी कर रोक लिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से पांच हजार रुपये व सोने की दो अंगूठियां बरामद की गई है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मंसूर पुत्र बहादुर अली पटेल उम्र 41 वर्ष निवासी ग्राम कालियादेह भैरवगढ़ ने मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे डायल 112 पर सूचना दी कि सात अज्ञात बदमाशों द्वारा साधु के वेश में उसकी कार रोककर मारपीट एवं लूटपाट की गई। पटेल ने बताया कि वह अपनी पत्नी हीना बी व दो बच्चों के साथ अपनी कार क्रमांक एमपी 09 जेडवी से कालियादेह से होते हुए इंदौर जा रहा था। पंवासा ओवरब्रिज पार कर नीमनवासा मोड़ पर पहुंचने पर अचानक छह व्यक्ति जिनमें चार साधु के वेश में थे हाईवे पर कार के सामने आ गए। गाड़ी रोकते ही सभी ने कार को घेर लिया और चारों साधु वेशधारी व्यक्ति धमकाने लगे कि पैसे व जेवर दे दो, नहीं तो भस्म कर देंगे। सभी आरोपितों ने पटेल व उसकी पत्नी के साथ मारपीट करते हुए जबरदस्ती सोने की दो अंगूठियां एवं पांच हजार रुपये लूट लिए थे। इसके बाद कार क्रमांक डीएल 2 सीएएक्स में बैठकर फरार हो गए। भागते समय उन्होंने पटेल को धमकी दी कि किसी को बताया तो जान से खत्म कर देंगे। घटना के बाद पटेल ने पंवासा थाने में केस दर्ज करवाया। नरवर टीआई ने आधे घंटे में किया गिरफ्तार कंट्रोल रूम पर सूचना मिलते ही वायरलैस सेट पर जानकारी दी गई थी। नरवर टीआई बल्लू मंडलोई व टीम देवास रोड पर पालखंदा में वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। सूचना मिलते ही घेराबंदी कर कार को घेरकर उसमें सवार सात बदमाशों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। सूचना मिलने पर नागझिरी व पंवासा पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। यह बदमाश पकड़े गए बदमाशों ने अपने नाम अलीनाथ पुत्र धर्मवीर नाथ उम्र 20 वर्ष निवासी मंगल कॉलोनी देहा बस्ती, करनाल रुरल, हरियाणा, मगन पुत्र दिलीप नाथ उम 19 वर्ष निवासी धर्मपुरा कालोनी, नजफगढ़, दिल्ली, अरुण नाथ पुत्र मीणा नाथ उम्र 25 वर्ष निवासी आरके कॉलोनी मुर्यला, जिला सोनीपत, हरियाणा, राजेश पुत्र ऋषिपाल नाथ उम्र 41 वर्ष निवासी धर्मपुरा एक्स नजफगढ़, साउथ वेस्ट दिल्ली, रूमालनाथ पुत्र फूलनाथ उम्र 60 वर्ष निवासी लाल मंदिर के पास, रंगपुरी पहाड़ी नाला कैंप, थाना बसंतकुंज, दिल्ली, बिरजू नाथ पुत्र मिश्री नाथ, उम्र 45 वर्ष निवासी इन्द्रा विकास कालोनी, थाना मुखर्जी नगर, दिल्ली, राकेश कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह उम्र 45 वर्ष निवासी नंद नगरी, साहिबाबाद बताए हैं। यहां भी की वारदातें आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने शाजापुर के लालघाटी, घटिया थाना क्षेत्र के जैथल, देवास में भी करना स्वीकार किया है। सभी बदमाश अपराधिक प्रवृत्ति के है। दो बदमाश बिरजूनाथ व अलीनाथ के खिलाफ थाना मोती नगर दिल्ली व करनाल सदल हरियाणा में केस दर्ज हैं।

शरीर पर चोटों के निशान: कासिम ने खुशबू अहिरवार को धर्म बदलने के लिए पीटा

भोपाल  राजधानी भोपाल में सोमवार को सागर के मंडी बामौरा की मॉडल खुशबू अहिरवार (27) की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। लिव-इन पार्टनर उज्जैन के कासिम के एक दोस्त की पत्नी से खुशबू का विवाद हुआ था। तब कासिम ने खुशबू से मारपीट की थी। मंगलवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, खुशबू गर्भवती थी। उसकी फैलोपियन ट्यूब (गर्भाशय की थैली) फट गई थी। इससे प्रेग्नेंसी कॉम्पलिकेशन हुआ और ज्यादा खून रिसने से मौत हो गई। डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है। उसकी वीडियोग्राफी भी कराई है। कॉम्पलिकेशन का पता लगाने के लिए बिसरा और किडनी प्रिजर्व कर जांच के लिए भेजा जा रहा है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। छोला मंदिर पुलिस करेगी जांच खुशबू और कासिम छोला मंदिर थाना क्षेत्र के भानपुर मल्टी में रह रहे थे। ऐसे में खजूरी पुलिस आगे की जांच के लिए केस डायरी छोला मंदिर को सौंपेगी। पुलिस लवजिहाद, दुष्कर्म और मारपीट का मामला दर्ज कर सकती है। डेढ़ साल से लिव-इन रिलेशनशिप में थे खुशबू की मौत के मामले में उसके बॉयफ्रेंड कासिम को पुलिस ने थाने में बैठा रखा है। उससे पूछताछ की जा रही थी। दोनों डेढ़ साल से लिव-इन रिलेशनशिप में थे। उसके खिलाफ शराब तस्करी का एक केस लटेरी में दर्ज है। कम शातिर नहीं कासिम .विवाद हुआ तो मां के घर चली गई खुशबू: खुशबू व कासिम लिव-इन रिलेशनशिप में थे। वे भानपुर मल्टी में साथ रहते थे। डेढ़ माह पहले दोनों में अनबन हुई, तब से फ्लैट में ताला लगा है। कासिम शराब तस्करी में जेल चला गया था। इसके बाद खुशबू मां के घर मंडी बामोरा चली गई।     खुद को राहुल बताकर मिला, गांठी दोस्ती: जेल से निकलते ही कासिम और खुशबू फिर से साथ रहने लगे। दोनों दो साल पहले एक लाउंज में मिले थे। तब कासिम ने पहचान छिपा खुद को राहुल बताकर दोस्ती गांठी थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों की बात होने लगी। 16 माह पहले दोनों ने प्यार का इजहार किया और लिव इन में रहने लगे। दोस्त की पत्नी से विवाद के बाद कासिम ने खुशबू से बुरी तरह मारपीट की थी पिता का निधन हो चुका है। हम तीन बहनों में खुशबू सबसे छोटी थी। दो माह पहले लटेरी में रहने वाले कासिम के दोस्त की पत्नी से खुशबू का विवाद हुआ था। तब कासिम ने खुशबू से मारपीट की। मुझे दो दिन पहले ही उनके संबंधों के बारे में पता चला। तब उसे समझाया, पर खुशबू नहीं मानी। वह लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था। कहता था-जब तक धर्म नहीं बदलेगी, शादी नहीं करेंगे। – काजल अहिरवार खुशबू की बड़ी बहन

देवी सुभद्रा योजना: आज लाड़ली बहनों के खाते में आएंगे 1500-1500 रुपए, CM सिवनी में करेंगे हस्तांतरण

भोपाल  मध्य प्रदेश की महिलाओं को आज 12 नवंबर को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। लंबे समय से मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना का पैसा बढ़ने का इंतजार कर रहीं राज्य की 1.26 करोड़ महिलाओं को सीएम डॉक्टर मोहन यादव बड़ा तोहफा देने जा रहे हैं। लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खाते में 1250 के बजाय 1500 रुपये महीने आएंगे। अब हर माह लाड़ली बहनों के खाते में 1250 की जगह 15 सौ रुपए री राशि ही डाली जाएगी। 1 करोड़ 26 लाख 36 हजार महिलाओं के खाते में 1587 करोड़ रुपए एक साथ ट्रांसफर किए जाएंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का नाम 'देवी सुभद्रा योजना' किए जाने का ऐलान भी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने सीएम हाउस में हुए भाई दूज कार्यक्रम के दो दिन पहले इसके संकेत दिए थे। अपने संबोधन के दौरान लाड़ली बहना योजना को सुभद्रा योजना कहा था, बाद में उसमें सुधार किया था। हालांकि महिला और बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने योजना का नाम बदलने की जानकारी से इनकार किया। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव आज 12 नवंबर को सिवनी जिले से लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त जारी करेंगे। इस महीने से महिलाओं को 250 रुपये ज्यादा यानी 1500 रुपये हर महीने मिलेंगे। साल 2023 में योजना की शुरुआत के बाद लंबे समय से लाडली बहना योजना का पैसा बढ़ाने की बात की जा रही थी। यहां तक कि कई बार विपक्ष इसे लेकर सरकार पर हमला भी बोल चुका था। अब मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल से योजना का पैसा 1500 रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त से जुड़ी हर अपडेट के लिए जुड़े रहें हमारे साथ..     बिना eKYC नहीं मिलेगा लाडली बहना योजना का लाभ, ऐसे करें तुरंत     लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त बस कुछ ही देर में खाते में आने वाली है। सीएम मोहन यादव सिवनी से आज 1500 रुपये की राशि खातों में ट्रांसफर करेंगे। अगर आपने ई-केवाईसी नहीं कराई है तो समग्र पोर्टल या लाडली बहना योजना के पोर्टल पर जाकर तुंरत इस काम को कर लें। पोर्टल पर आपको ई-केवाईसी का विकल्प दिखेगा। यहां क्लिक कर आप इस प्रक्रिया को पूरा कर लें।     लाडली बहना योजना: आज से मिलेंगे 1500 रुपये, जानें अब कब बढ़ेंगे पैसे     लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त के रूप में आज महिलाओं के खाते में 1500-1500 रुपये आने वाले हैं। अगर आप ये जानना चाहते हैं कि अगली बार पैसा कब बढ़ेगा तो बता दें कि अगले वित्त वर्ष में इसमें 500 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार की योजना 2028 तक इस राशि को 3000 रुपये करना है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर फोकस योजना के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण पर फोकस है। महिलाओं को गांव और शहर में स्वरोजगार चलाने के लिए अलग-अलग विभागों की योजनाओं से जोड़ने का काम किया जाएगा। सरकार अब तक इस योजना में 29 किस्तों में 44 हजार 900 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर कर चुकी है। इस योजना की शुरुआत पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में जून 2023 में की गई थी। सीएम श्रीकृष्ण-सुभद्रा का कई बार कर चुके हैं जिक्र दिवाली के बाद भाईदूज पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है। जिस तरह श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है। श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना को संबोधन में सुभद्रा योजना कहा था, जिसे बाद में सुधार लिया। बताया जा रहा है कि इस योजना का नाम लाड़ली बहना की बजाय देवी सुभद्रा योजना करने को लेकर कई महीने तक मंथन किया गया। इसमें पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी चर्चा हुई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ने योजना का नाम बदलने की बात नहीं कही है।       लाडली बहनों को कब-कब मिले अलग से 250 रुपये     रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रुपये की राशि का सीधा ट्रांसफर लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।     किस जिले में कितने लाभार्थी     ज‍िला                    लाभार्थी     जबलपुर            3 लाख 81 हजार 848     बालाघाट            3 लाख 47 हजार 816     उज्जैन               3 लाख 40 हजार 203     मुरैना                3 लाख 33 हजार 821     छतरपुर               3 लाख 24 हजार 454     खरगोन             3 लाख 13 हजार 741     भोपाल                3 लाख 9 हजार 20     ग्वालियर             3 लाख 5 हजार 969     राजगढ़          2 लाख 95 हजार 459     शिवपुरी        2 लाख 87 हजार 943     देवास         2 लाख 85 हजार 496     विदिशा           2 लाख 74 हजार 946     भिंड           2 लाख 72 हजार 343     बेतुल             2 लाख 71 हजार 474     लाडली बहना योजना की लिस्ट में नाम कैसे चेक करें     आज लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त जारी होने वाली है। आज खाते में 1250 के बजाय 1500 रुपये … Read more

नए मास्टर प्लान के तहत जिंसी चौराहे की सड़क चौड़ी, होलकर काल के घर-दुकान का संकट

इंदौर  शहर के मध्य क्षेत्र में स्थित जिंसी चौराहे के आसपास की सड़कों का नए मास्टर प्लान के मुताबिक चौड़ीकरण होना है। यहां की सड़कें 79 फीट चौड़ी की जाएंगी। जिंसी चौराहे से रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा और नेमीनाथ चौराहे से जिंसी चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित है। हाल ही में नगर निगम ने लोगों को मकान खुद हटाने के नोटिस दिए हैं और अब लगातार विरोध बढ़ रहा है। रहवासी दोनों ही सड़कों के चौड़ीकरण का लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क की चौड़ाई में हमारे मकान और दुकानें लगभग समाप्त हो जाएंगे। नेताओं और अधिकारियों को इस पर विचार करना चाहिए। इससे हजारों लोगों का रोजगार खत्म हो जाएगा और पूरे क्षेत्र की संस्कृति का नुकसान होगा।  लंबे समय से चल रहा विरोध प्रदर्शन वरिष्ठ कांग्रेस नेता कृपाशंकर शुक्ला का घर भी इसी क्षेत्र में है। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण व्यावहारिक होना चाहिए। लगभग 80 फीट सड़क चौड़ी की जा रही है। इसमें तो पूरा क्षेत्र ही बर्बाद हो जाएगा। यह कारोबार का मुख्य क्षेत्र है। पूरा बाजार ही समाप्त हो जाएगा। हमने महापौर पुष्यमित्र भार्गव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की है, हमें उम्मीद है कि इसे सोच समझकर ही अमल में लाया जाएगा। गौरतलब है कि यह क्षेत्र मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र में आता है।  200 साल पुराने मकान बाजार, नक्शे भी पास इस क्षेत्र में अधिकतर मकान 100 से 200 साल पुराने हैं। सभी ने होलकरों के समय यहां की जमीनों के सौदे किए थे और बाद में नगर निगम के अस्तित्व में आने पर नक्शे पास करवाए। इसके बाद मास्टर प्लान आया और उसमें इस क्षेत्र की सड़कों के चौड़ीकरण की बात तय की गई। रहवासियों का कहना है कि हमारे घर और दुकान का एक इंच भी अवैध नहीं है। बिना मुआवजा दिए इस तरह से तोड़फोड़ करना और हमारे रोजगार खत्म करना बिल्कुल गलत है। हम इस निर्णय के खिलाफ आंदोलन करते रहेंगे।  60 फीट के लिए रहवासी राजी क्षेत्र में रहने वाले अधिकतर रहवासी सड़कों को 60 फीट तक चौड़ी करने के लिए राजी हैं। दुकानदारों का भी कहना है कि इससे हमारी दुकानों का कुछ हिस्सा बच जाएगा और हमें व्यापार करने के लिए जगह मिल जाएगी। यदि पूरी दुकानें ही खत्म हो गई तो हम क्या करेंगे। हमारे पूरे परिवार इन दुकानों की आय पर ही जीवित हैं।  ट्रैफिक का दबाव बहुत अधिक यह शहर के मध्य क्षेत्र में आता है इसलिए ट्रैफिक का दबाव यहां पर सबसे अधिक है। जाम की समस्या से निपटने के लिए यहां पर ट्रैफिक पुलिस के द्वारा कई बार विशेष टीमें भी लगाई जाती हैं। शाम को 6 बजे बाद बिना ट्रैफिक जाम में फंसे यहां से गाड़ी निकालना लगभग असंभव सा रहता है। नगर निगम और प्रशासन को उम्मीद है कि सड़कों के चौड़ीकरण के बाद में यहां ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी।  1835 में घर खरीदा था, आजादी के बाद निगम से नक्शा पास करवाया रहवासी गोविंद शर्मा ने बताया कि उन्होंने 1835 में होलकर शासन में यह घर खरीदा था। उस समय होलकरों के नियमों के मुताबिक रजिस्ट्री करवाई गई थी। बाद में देश आजाद हुआ और नगर निगम बना। हमने पूरे घर का नक्शा पास करवाया। अब सड़क चौड़ीकरण में हमारी पूरी दुकानें टूट रही हैं। पहले यह सड़क 40 फीट चौड़ी होना थी, बाद में इसे 60 फीट करने का कहा गया और अब 80 फीट चौड़ीकरण का प्रस्ताव आया है। इस तरह तो हमारे व्यापार पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।  महापौर ने माइक्रो सर्वे करवाने का कहा हमने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से अपनी बात रखी है। उन्होंने क्षेत्र में माइक्रो सर्वे करवाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा है कि उसके बाद ही यहां पर काम शुरू होगा। रहवासियों की पूरी मदद की जाएगी।  – शंकर नागवानी, रहवासी आंदोलन जारी रहेगा क्षेत्र के लगभग सभी नेता हमारे साथ आंदोलन में खड़े हैं। हमें जब तक न्याय नहीं मिलेगा हम आंदोलन करते रहेंगे। यह सब हमारी पुश्तैनी संपत्तियां हैं। हम किसी कीमत पर इन्हें बर्बाद नहीं होने देंगे।  – संजय खानविलकर, रहवासी रहवासियों से बातचीत जारी हम रहवासियों की परेशानी में उनके साथ खड़े हैं। उनकी बात हमने महापौर और अधिकारियों तक पहुंचाई है। रहवासियों से लगातार संवाद हो रहा है। जल्द बीच का कोई रास्ता जरूर निकलेगा। – भावना मिश्रा, पार्षद 

महू का जवाद और दिल्ली धमाका: लोगों को दोगुना मुनाफा देने का लालच देकर चलाया गया निजी बैंक

 महू  दिल्ली को दहलाने वाले बम विस्फोट को अंजाम देने वाले आंतकी जिस अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े है। उसका ट्रस्ट महू निवासी जवाद अहमद सिद्दकी ने स्थापित किया था। महू में उसके परिवार पर गड़बड़ करने का आरोप लगा था। निेवेश कंपनी के नाम पर परिवार के लोगों ने महू में कई लोगों के साथ ठगी की थी। फिर रातों रात महू से परिवार गायब हो गया था। महू पुलिस अब जवाद के महू निवासी रिश्तेदारों व पुराने संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। महू से भागने के बाद रखी थी काॅलेज की नींव जवाद ने सबसे पहले इंजीनियरिंग काॅलेज खोला था। बाद में उसने यूनिवर्सिटी की नींव रखी थी। जवाद ही यूनिवर्सिटी का कुलाधिपति है और ट्रस्ट का अध्यक्ष भी वहीं है। आंतकी मुजम्मिल,  मोहम्मद नबी भी इस यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। जांच एजेंसियों की इस यूनिवर्सिटी से जुड़ी गतिविधियों पर भी नजर है। महू में चलता था निजी बैंक, केस भी दर्ज जवाद का परिवार लोगों को दोगुना मुनाफा देने का लालच देकर निजी बैंक चलाने लगा था। महू में वर्ष 2001 में अल फलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी खोली थी। जब तय दावे के अनुसार पैसा नहीं लौटाया तो महू के पीडि़तों ने निवेश का पैसा लौटाने के दबाव बनाया। इसके बाद जवाद का परिवार महू से चले गया और काॅलेज की नींव रखी। तब जवाद के भाई हमूद पर महू में केस भी दर्ज हुआ था। एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया कि जवाद का परिवार महू के कायस्थ मोहल्ले में रहता था। उसके पिता मोहम्मद हामिद महू के शहरकाजी भी रह चुके है।  

अगहन कृष्ण अष्टमी पर उज्जैन के अष्ट भैरव मंदिरों में मनाया जाएगा कालभैरव जन्मोत्सव

 उज्जैन  अगहन कृष्ण अष्टमी पर आज भगवान भैरव का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। सुबह से भक्त उज्जैन के अलग-अलग भैरव मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कालभैरव, आताल पाताल भैरव मंदिर में मध्यरात्रि 12 बजे भगवान का जन्मोत्सव मनेगा। नगर के अष्ट महाभैरव मंदिर में उत्सवी छटा बिखर रही है। गुरुवार को कालभैरव व आताल पाताल भैरव की सवारी निकलेगी। कालभैरव मंदिर के पुजारी पं.ओमप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया अगहन कृष्ण अष्टमी पर भगवान कालभैरव के प्राकट्य की मान्यता है। इसलिए मध्य रात्रि में भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है। बुधवार को सुबह से शाम तक भक्तों को भगवान के दर्शन होंगे। रात 9.30 बजे मंदिर के पट बंद होंगे। इसके बाद भगवान का अभिषेक पूजन व राजसी शृंगार होगा। रात 12 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। इसके बाद भगवान का पूजन व महाआरती होगी। रात 1.30 बजे तक जन्म दर्शन तथा भंडारे का आयोजन होगा। भक्त भगवान कालभैरव के दर्शन व महाप्रसादी ग्रहण कर सकेंगे। 13 नवंबर को शाम 4 बजे राजसी वैभव के साथ भगवान कालभैरव की सवारी निकलेगी। भगवान के जन्मोत्सव पर मंदिर में आकर्षक विद्युत व पुष्प सज्जा की गई है। आताल-पाताल भैरव में आज से तीन दिवसीय उत्सव सिंहपुरी स्थित श्री आताल पाताल भैरव मंदिर में बुधवार से तीन दिवसीय भैरव जन्म महोत्सव का शुभारंभ हो गया है। पं.आदर्श जोशी व पं.रूपम जोशी ने बताया बुधवार सुबह महाभैरव का अभिषेक पूजन हुआ। दिन में विशेष शृंगार किया जाएगा। मध्य रात्रि 12 बजे महाआरती तथा प्रसाद वितरण होगा। जन्म के अगले दिन गुरुवार को आताल पाताल भैरव नगर भ्रमण पर निकलेंगे। शाम 6 बजे बैंड व ढोल ढमाकों के साथ सवारी निकाली जाएगी। शुक्रवार शाम 7 बजे बटुक व कन्या भोज का आयोजन होगा। तीन दिवसीय उत्सव में भक्त दर्शन को उमड़ेंगे। विक्रांत भैरव में दिनभर आयोजन ओखरेश्वर श्मशान स्थित श्री विक्रांत भैरव मंदिर में महाअष्टमी पर सुबह 9 बजे प्रात: कालीन हवन आरती हुई। इसके बाद रूद्राभिषेक व सुंदरकांड हो रहा है। दोपहर 12 बजे चोला शृंगार किया जाएगा। दोपहर 2 बजे हवन तथा दोपहर 3 बजे छप्पन भोग अर्पण उपरांत महाआरती की जाएगी। रात 9 बजे भजन, रात 10 बजे हवन तथा रात 11 बजे महाआरती की जाएगी। गुरुवार सुबह 8 बजे सुप्रभात आरती के साथ जन्मोत्सव का समापन होगा। कालभैरव में दो दिन अनवरत भंडारा भैरव अष्टमी पर कालभैरव मंदिर में 12 व 13 नवंबर को दो दिवसीय विशाल भंडारा हो रहा है। राज्यसभा सदस्य संतश्री उमेशनाथ महाराज के सानिध्य में उनके शिष्य भीकमसिंह व सरितासिंह द्वारा भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। भक्त दो दिन तक महाप्रसादी ग्रहण कर धर्मलाभ ले सकते हैं। यह आयोजन का 17वां वर्ष है।

मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम ने मध्य प्रदेश को भारत के 2030 तक मलेरिया-मुक्त होने के लक्ष्य के करीब ला दिया है

मध्य प्रदेश सरकार और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम ‘EMBED’ की 10 वर्षों की सफलता का जश्न मनाया -मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम ने मध्य प्रदेश को भारत के 2030 तक मलेरिया-मुक्त होने के लक्ष्य के करीब ला दिया है -इस कार्यक्रम ने 2015-2025 के बीच मलेरिया के मामलों में 97% की कमी लाई है, जिससे राज्य पहली बार लो-ट्रांसमिशन जोन में आ गया है – मच्छर जनित रोगों के उन्मूलन के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कला और साहित्य का उपयोग करने वाले युवा छात्रों को सम्मानित किया गया – नए डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए गए – सप्लाई चेन ऐप और कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर ऐप, ताकि रियल-टाइम निगरानी को मजबूत किया जा सके और मलेरिया की दवाओं और टेस्ट किट तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की जा सके।   भोपाल भारत ने 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य रखा है, और मध्य प्रदेश इस दिशा में EMBED (एलिमिनेशन ऑफ मॉस्किटो बोर्न इंडिमिक डिजीजेज) के साथ नेतृत्व कर रहा है। यह एक सार्वजनिक-निजी पहल है, जिसे राज्य सरकार द्वारा गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) और फैमिली हेल्थ इंडिया (एफएचआई) के सहयोग से 2015 में शुरू किया गया था। पिछले वर्षों में, इस कार्यक्रम ने राज्य को राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन फ्रेमवर्क में उच्च मलेरिया संचरण (श्रेणी 3) से कम संचरण (श्रेणी 1) की ओर बढ़ने में मदद की है। अब तक 3,047 से अधिक गांव और बस्तियां मलेरिया मुक्त हो चुकी हैं। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में, डॉ. हिमांशु जायसवार, उप संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ, मध्य प्रदेश; सुधीर सितापती, एमडी और सीईओ, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड; और पकज़न दस्तूर, हेड, सस्टेनेबिलिटी एंड सीएसआर, गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप, सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों और सभी अग्रिम पंक्ति के योगदानकर्ताओं की उपस्थिति थी। कार्यक्रम में फैमिली हेल्थ इंडिया से जुड़े एनजीओ, शिक्षकों और आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने दूरस्थ जंगलों और गांवों तक पहुंचकर परिवारों को रोग मुक्त जीवन जीने के लिए जागरूक किया। EMBED कार्यक्रम के दस वर्षों की उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए, मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के सहयोग से एक तकनीक आधारित नई पहल शुरू की है। इस पहल के अंतर्गत दो अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए गए हैं- कम्युनिटी हेल्थ वॉलंटियर ऐप और सप्लाई चेन ऐप, जिनका उद्देश्य मलेरिया उन्मूलन की प्रक्रिया को तेज़, सटीक और अधिक प्रभावी बनाना है। कम्युनिटी हेल्थ वॉलंटियर ऐप स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवकों को लार्वा व बुखार के सर्वेक्षण को डिजिटल रूप से करने में सक्षम बनाता है। यह ऐप रीयल-टाइम डेटा कैप्चर, डैशबोर्ड, जियो-ट्रैकिंग और ऑटोमैटेड रिमाइंडर जैसी उन्नत सुविधाओं से लैस है, जो हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध हैं।वहीं, सप्लाई चेन ऐप दवाओं और डायग्नोस्टिक किट्स के वितरण की पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल बना देता है। पहले जो मैनुअल प्रणाली देरी और डेटा की कमी से प्रभावित होती थी, अब उसकी जगह रीयल-टाइम डैशबोर्ड, जियो-ट्रैकिंग और ऑटोमेटेड अलर्ट्स ने ले ली है। इससे अधिकारी अब इन्वेंटरी की निगरानी, डिस्ट्रीब्यूशन ट्रैकिंग के साथ ही गांव, ब्लॉक और ज़िला स्तर पर कमी की त्वरित पूर्ति कर सकते हैं, जिससे मलेरिया रोकथाम के सभी आवश्यक साधन समय पर और सुचारू रूप से उपलब्ध हो सकें। एक महीने तक चली 'स्मॉल बाइट, बिग फाइट' प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करने के लिए एक अभिनंदन समारोह भी आयोजित किया गया, जिसने छात्रों को चित्रकला, निबंध और कविताओं के माध्यम से मच्छर जनित बीमारियों के खिलाफ साधारण निवारक कार्यों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। EMBED कार्यक्रम के प्रभाव पर टिप्पणी करते हुए, मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री, श्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, "भारत के राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत, हमारा लक्ष्य 2030 तक देश को मलेरिया-मुक्त बनाना है। मैं इस महत्वपूर्ण मिशन में सहयोग करने के लिए गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स द्वारा किए गए कार्य की सराहना करता हूं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मध्य प्रदेश ने पिछले दस वर्षों में मलेरिया के मामलों में 97% की कमी हासिल की है। यह सफलता हमारे स्वास्थ्य विभाग, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और फैमिली हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के बीच मजबूत साझेदारी के माध्यम से मिली है।" इस यात्रा पर विचार करते हुए, सुधीर सितापती, एमडी और सीईओ, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) ने कहा, "मलेरिया में 97% की कमी का मतलब है कि मध्य प्रदेश में हर दूसरा बच्चा, जो कभी जोखिम में था, अब सुरक्षित है, यह राज्य सरकार के कार्यक्रम की बदौलत है। पिछले 10 वर्षों में, हमारे सीएसआर प्रयासों ने दृश्यमान बदलाव लाया है, और मैं आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य सेवा से लेकर स्थानीय स्वयंसेवकों तक पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को बधाई देता हूं, जिन्होंने इसे संभव बनाया।" 2015 में, मध्य प्रदेश में मलेरिया के 100,000 मामले थे, जिसमें मंडला और डिंडोरी जैसे आदिवासी जिले सबसे अधिक प्रभावित थे, इससे न केवल स्वास्थ्य बल्कि शिक्षा और आय पर भी असर पड़ा। इसके जवाब में, राज्य सरकार ने गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, फैमिली हेल्थ इंडिया और स्वास्थ्य विभाग के साथ साझेदारी में EMBED प्रोग्राम लॉन्च किया, जिसमें नए साझेदारी मॉडल की आवश्यकता को पहचाना गया। पिछले 10 वर्षों में, इस कार्यक्रम ने 1 लाख ग्राम चौपाल सत्रों, स्कूल कार्यक्रमों, युवा-नेतृत्व वाले अभियानों, और साप्ताहिक अभियानों के माध्यम से समुदायों को सशक्त बनाया। उन्होंने स्थानीय स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया, डिजिटल उपकरण पेश किए, मच्छर निरोधकों की उपलब्धता के लिए किराना स्टोर तक पहुँच और स्थानीय अभियान चलाए, जिससे स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत किया गया और रोकथाम, परीक्षण और उपचार में सुधार हुआ। दशकों के निरंतर प्रयासों के बाद, इस कार्यक्रम के परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश में 11 मिलियन से अधिक लोगों तक पहुंचने की परिवर्तनकारी सफलता मिली है। इस कार्यक्रम को मध्य प्रदेश में 4,597 स्वयंसेवकों के साथ-साथ अन्य राज्यों में 5,857 लोगों द्वारा समर्थित किया गया है। इसकी सफलता को देखते हुए, कार्यक्रम के मॉडल का उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में विस्तार किया गया है, जिससे 3 मिलियन से अधिक घरों और 28 मिलियन लोगों के जीवन में बदलाव आया है। डॉ. हिमांशु जायसवार, उप संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ, मध्य प्रदेश, ने टिप्पणी की, "जीसीपीएल द्वारा समर्थित मध्य प्रदेश का मलेरिया कार्यक्रम यह दर्शाता है कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी का समग्र दृष्टिकोण एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चुनौती से कैसे निपट सकता है। निगरानी को मजबूत … Read more

इंदौर और भोपाल सहित 23 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, न्यूनतम तापमान 7° तक गिरा

 भोपाल/इंदौर मध्य प्रदेश में नवंबर के पहले हफ्ते से ही ठिठुरन का दौर जारी है। दिन में सर्द हवाएं चल रही हैं, जबकि सुबह और रात में पारा तेजी से गिर रहा है। भोपाल और इंदौर में तो 25 साल का रिकॉर्ड तक टूट गया है। बीती रात प्रदेश के 11 शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक शीतलहर (Cold Wave) का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को भोपाल, इंदौर समेत कुल 23 जिलों में शीतलहर की चेतावनी दी गई है। स्कूलों के समय में बदलाव  ठंड बढ़ने के चलते देवास जिले में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सभी स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। अब नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के स्कूल सुबह 10 बजे से पहले नहीं खुलेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। हिमालय में बर्फबारी का असर एमपी तक  मौसम विशेषज्ञ पी.के. शाह ने बताया कि इस बार हिमालय क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक सप्ताह पहले ही सक्रिय हो गए हैं। इसके कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है। उत्तर से दक्षिण की ओर बहने वाली ठंडी हवाओं का असर मध्य प्रदेश में भी दिख रहा है, जिससे ठंड का असर तेजी से बढ़ा है। पूर्वी हिस्सों में भी बढ़ी सर्दी  अब तक सर्दी का असर मुख्य रूप से पश्चिमी मध्य प्रदेश—भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग—में ज्यादा था। लेकिन अब इसका असर पूर्वी हिस्सों, यानी जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग तक पहुंच गया है। नवंबर में टूटा 25 साल का रिकॉर्ड इस बार ठंड ने नवंबर में ही पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल और इंदौर में पारा 25 साल में सबसे नीचे चला गया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सामान्य से एक सप्ताह पहले सक्रिय हो गया। इसी कारण जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी हो रही है, और उत्तरी हवा के रुख के चलते ठंडी लहरों का असर मध्यप्रदेश तक पहुंच गया है। पूर्वी मध्यप्रदेश में भी दिखने लगा असर अब तक ठंड का असर मुख्य रूप से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में था, लेकिन अब जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल जैसे पूर्वी इलाकों में भी कड़ाके की सर्दी महसूस की जा रही है। सोमवार-मंगलवार की रात जबलपुर में सीजन की सबसे सर्द रात दर्ज हुई, जहां पारा 9.7 डिग्री रहा। भोपाल में 8.3, इंदौर में 8.4, ग्वालियर में 11 और उज्जैन में 11.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सबसे ठंडा शहर राजगढ़ रहा, जहां पारा 8 डिग्री तक गिर गया। प्रदेश के शहर हिमाचल-उत्तराखंड से भी ठंडे हैरानी की बात यह है कि जहां हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फ गिर रही है, वहीं मध्यप्रदेश के कई शहरों में तापमान शिमला, मसूरी और देहरादून से भी नीचे है। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात में तापमान 13.8 डिग्री और दिन में 23.6 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल, धार, रायसेन, सीधी और मलाजखंड में भी दिन का तापमान 27 डिग्री से कम रहा।  कहां है तेज शीतलहर का असर? मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, शहडोल और जबलपुर में तेज शीतलहर का असर महसूस किया जा रहा है। वहीं, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, रीवा, बालाघाट और छतरपुर जैसे जिलों में ठंडी हवाएं चलेगी। बालाघाट जिले के मालाजखंड क्षेत्र में बुधवार को Cold Day का अनुभव होने की संभावना है। ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं ने MP को नवंबर में ही सर्दियों के आगोश में ला दिया है। दिन में भी ठंडी हवाएं चल रही हैं और रात का तापमान तेजी से गिरने से लोगों को ठिठुरन महसूस हो रही है। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात में तापमान 13.8 डिग्री और दिन में 23.6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में रात का पारा ज्यादा, दिन में कम प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात में ठंड का असर जरूर कम है, लेकिन दिन में यहां सर्दी है। सोमवार-मंगलवार की रात में पचमढ़ी का तापमान 13.8 डिग्री रहा, लेकिन मंगलवार को दिन का तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बैतूल, धार, रायसेन, सीधी, मलाजखंड में पारा 27 डिग्री से कम ही दर्ज किया गया। कई शहरों के तापमान में गिरावट बीती रात MP के कई शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे गिर गया।     इंदौर:  8.3डिग्री     भोपाल: 8.0डिग्री     उज्जैन: 11.5डिग्री     ग्वालियर: 10.7डिग्री     जबलपुर: 9.8डिग्री     शहडोल: 7.5डिग्री मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि वर्तमान में उत्तरी पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है जिसके प्रभाव से MP में ठंडी हवाएं बनी हुई हैं। साथ ही एक ट्रफ भी सक्रिय है, जो ठंड को और बढ़ा रहा है। मौसम विभाग की सलाह     ठंड से बचने के लिए सभी नागरिक सावधानी बरतें।     सुबह की वॉक सूरज निकलने के बाद ही करें।     बुजुर्ग और बच्चों के लिए ऊनी कपड़ों का उपयोग जरूरी है। राजगढ़ रहा सबसे ठंडा शहर  सोमवार-मंगलवार की रात को कई शहरों में सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। जबलपुर में तापमान 9.7 डिग्री, भोपाल में 8.3 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 11 डिग्री और उज्जैन में 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छतरपुर के नौगांव और उमरिया में 8.5 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ठंड का प्रभाव और बढ़ेगा। पिछले 10 साल से नवंबर में ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इसमें औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। वहीं, भोपाल … Read more

म.प्र. उद्योग प्रोत्साहन और निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने कर रहा निरंतर प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. BRAP 2024’ के अंतर्गत चार बिजनेस सेंट्रिक रिफॉर्म क्षेत्रों में टॉप एचीवर्स स्टेट के रूप में हुआ सम्मानित म.प्र. उद्योग प्रोत्साहन और निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने कर रहा निरंतर प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली के उद्योग समागम में प्रदेश के नवाचारों को किया साझा केंद्रीय मंत्री गोयल ने की मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति की सराहना म.प्र. को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में मिला शीर्ष स्थान मंत्री काश्यप ने एमएसएमई क्षेत्र में हुए विकास की दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों को प्रोत्साहित करने और निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने औद्योगिक विकास को नई दिशा दी है और सभी राज्यों को नवीन उद्योगों की स्थापना के लिए प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नई दिल्ली में सुषमा स्वराज भवन में आयोजित ‘उद्योग समागम’ को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान (BRAP)-2024’ के अंतर्गत चार बिजनेस सेंट्रिक रिफॉर्म क्षेत्रों Business Entry, Labour Regulation Enablers, Land Administration और Services Sector में ‘Top Achiever State’ के रूप में सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह पुरस्कार केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री गोयल से प्राप्त किया। यह सम्मान राज्य की पारदर्शी औद्योगिक नीतियों और निवेशकों में विश्वास के वातावरण का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने Ease of Doing Business को केवल नीतिगत सुधारों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे Speed, Scale और Skill of Doing में बदल दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। राज्य के सभी क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए हैं, जिससे स्थानीय उद्यमिता को बल मिला है। उन्होंने बताया कि पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) का सफल आयोजन राजधानी भोपाल में किया गया, जिससे मध्यप्रदेश की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनविश्वास अधिनियम से कानूनों की जटिलताओं को सरल बनाया है और निवेशकों में भरोसे का वातावरण स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में MP e-Seva Portal से 56 विभागों की 1700 से अधिक सेवाएं एक मंच पर उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे निवेशकों को पारदर्शी, तीव्र और सुगम प्रक्रिया का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने अपने नवाचारों, डिजिटल सेवाओं और निवेश-अनुकूल दृष्टिकोण से एक आदर्श स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में MSME क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और आईटी सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने उद्योग समागम के आयोजन और सभी राज्यों को उद्योगों को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रेरित करने के लिये केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का आभार माना। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री गोयल ने ‘उद्योग समागम’ में राज्यों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि भारत की औद्योगिक प्रगति केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने Business Reform Action Plan (BRAP) 2026 गाइड बुक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह केवल सुधारों का दस्तावेज़ नहीं बल्कि ‘गुड गवर्नेंस और विश्वास आधारित नीति-निर्माण’ का उदाहरण है। केन्द्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि राज्य सरकारों के बीच अनुभवों का यह साझा मंच भारत को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिये गति प्रदान कर रहा है। एमएसएमई मंत्री काश्यप का संबोधन एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा कि जनविश्वास बिल 2024 के तहत पांच विभागों के आठ अधिनियमों की 64 धाराओं में संशोधन कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के दौरान 18 नई औद्योगिक नीतियों का विमोचन किया गया तथा धार में देश के सबसे बड़े पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क का शिलान्यास हुआ। उन्होंने कहा कि InvestMP Portal और Single Window System से निवेशकों को सभी आवश्यक अनुमतियां एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। कॉन्फ्रेंस में BRAP 2026 गाइड बुक का विमोचन किया गया। केंद्रीय मंत्री गोयल ने राज्यों के उद्योग मंत्रियों से संवाद किया। इस संवाद सत्र में मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, असम, हरियाणा, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, उत्तरप्रदेश, त्रिपुरा, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, दिल्ली और नागालैंड के उद्योग मंत्रियों ने अपने राज्यों के नवाचार और उपलब्धियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संबोधन के बाद मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति, नीतिगत सुधारों और निवेश संवर्धन के नवाचारों पर आधारित ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति की गई। इस प्रस्तुति में जनविश्वास अधिनियम, SAMPADA 2.0, Cyber Tehsil, RCMS और Labour Case Management System जैसे नवाचारों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के अंत में BRAP Felicitation Ceremony का आयोजन हुआ, जिसमें केन्द्रीय मंत्री गोयल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित किया। समारोह में नीति आयोग, डीपीआईआईटी, राज्य सरकारों, उद्योग संगठनों और निवेशक संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इन्वेस्ट एमपी पोर्टल और एकल-विंडो प्रणाली प्रदेश का इन्वेस्ट एमपी पोर्टल, एकल-विंडो प्रणाली, ऑनलाइन मंजूरी और डिजिटल सुविधा सेवाएं प्रदान करती है। राज्य ने 2,600 से अधिक अनुपालनों को युक्तिसंगत या डिजिटाइज़ किया है और 925 पुराने कानूनी प्रावधानों को निरस्त किया है। इसके अलावा 26 अधिनियमों में 108 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया है, जो दंडात्मक अनुपालन प्रवर्तन से सुविधा-आधारित दृष्टिकोण में बदलाव को दर्शाता है। इन सुधारों का उद्देश्य नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना है, जिससे मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योगों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन जाए। मध्यप्रदेश: निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र मध्यप्रदेश ने व्यापार-अनुकूल वातावरण बनाने में एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे राज्य के निवेश क्लाइमेट में परिवर्तन आया है। राज्य के श्रम सुधार गेम-चेंजर हैं, जो महिलाओं को सभी क्षेत्रों में रात की शिफ्टों में काम करने की अनुमति देते हैं, साथ ही काम के घंटों और ओवरटाइम प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाकर उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता … Read more