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अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस की प्रभावी कार्रवाई

विगत 2 दिनों में 75 लाख से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ, वाहन एवं उपकरण जब्त भोपाल पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशन में प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, खेती एवं वितरण के विरुद्ध निरंतर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। “नशा मुक्ति अभियान” के अंतर्गत पिछले 48 घंटों में विभिन्न जिलों की पुलिस ने प्रभावी कार्यवाही करते हुए उल्लेखनीय सफलताएँ अर्जित की हैं। अब तक कुल ₹75 लाख से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ, वाहन एवं उपकरण जब्त कर अनेक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रमुख कार्रवाइयाँ खरगोन पुलिस चैनपुर थाना क्षेत्र में अवैध गांजा खेती पर बड़ी कार्रवाई करते हुए NDPS एक्ट के तहत दो प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। खेतों से 190 गांजे के पौधे (397 किग्रा, अनुमानित कीमत ₹20 लाख) जब्त किए गए। रीवा पुलिस “ऑपरेशन प्रहार 2.0” के तहत दो अलग-अलग कार्रवाइयों में नशीली कफ सिरप एवं गांजा तस्करी का खुलासा किया गया। चोरहटा थाना पुलिस ने Maruti Zen कार से 557 शीशियाँ कोडीन युक्त कफ सिरप, कुल ₹4.12 लाख का मशरूका जब्त किया।दूसरी कार्रवाई में Innova कार से 105.980 किग्रा गांजा (कीमत ₹21.20 लाख) बरामद कर कुल ₹41.20 लाख का मशरूका जब्त किया गया तथा एक आरोपी गिरफ्तार हुआ। सीधी पुलिस “प्रहार 2.0” अभियान के तहत नशीली कफ सिरप, गांजा एवं अवैध शराब सहित ₹2.20 लाख का माल जब्त किया गया। चौकी खड्डी पुलिस ने 20 शीशियाँ Onrex कफ सिरप जप्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा मोटरसाइकिल व मोबाइल सहित कुल ₹1.03 लाख का मशरूका जब्त किया। सतना पुलिस नागौद थाना क्षेत्र में खेत में अवैध रूप से गांजा उगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर 18 पौधे (7.820 किग्रा, कीमत ₹78,200) जब्त किए गए। शिवपुरी पुलिस करैरा थाना पुलिस ने आरोपी मेघराज परिहार को गिरफ्तार कर 25.6 किग्रा अनुमानित कीमत लगभग ₹2.60 लाख गांजे के पौधे बरामद किए। मंदसौर पुलिस थाना नारायणगढ़ ने अंतरजिला तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर के टायरों में छिपाकर ले जाए जा रहे 150 किग्रा डोडाचूरा (कीमत ₹3 लाख) जब्त किया। क्राइम ब्रांच भोपाल एक गांजा तस्कर को अभिरक्षा में लेकर 4.040 किग्रा गांजा (कीमत ₹1 लाख) जब्त किया गया। छतरपुर पुलिस “नशा मुक्ति अभियान” के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस ने कार्रवाई कर ढाई लीटर नशीला सिरप एवं 70 टैबलेट जब्त किए तथा दो आरोपियों को NDPS एवं ड्रग्स कंट्रोल एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। मध्यप्रदेश पुलिस समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त करने हेतु सतत अभियान चला रही है। नशा मुक्त अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में मादक पदार्थों की आपूर्ति, अवैध खेती एवं तस्करी पर निर्णायक प्रहार किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य नशा मुक्त समाज की स्थापना के लिए हर स्तर पर कठोर और निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करना है।  

जनजातीय युवाओं को मिल रही भरपूर शैक्षणिक सुविधाएं

विभिन्न विभागों ने केंद्र को भेजे प्रस्ताव, विकास कार्य निरंतर जारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न विभागों द्वारा विशेष प्रयास किया जा रहे हैं। कौशल भारत मिशन के अंतर्गत तकनीकी शिक्षा कौशल विकास विभाग द्वारा बैतूल जिले में तीन विकासखण्डों भैंसदेही, आठनेर, बैतूल एवं झाबुआ के राणापुर में शासकीय आईटीआई स्थापित करने के लिए केन्द्र को प्रस्ताव भेजे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 135 नए आंगनवाड़ी केन्द्रों का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा है। इसके अलावा 2468 सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्रों को अपडेट करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। पर्यटन विभाग द्वारा स्वदेश दर्शन योजना में 14 गांवों में 86 ट्राइबल होमस्टे बनाने के लिए नए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। राज्य सरकार के सुनियोजित प्रयासों के फलस्वरूप वर्ष 2022 में मंडला देश का पहला 100% साक्षर जनजाति जिला बन गया था। न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोगाम के अंतर्गत 47 लाख 58 हजार लोगों को साक्षर बनाया गया है। जनजातीय क्षेत्रों में साक्षरता का स्तर सुधारने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य शासन ने पिछले 10 सालों में जनजातीय परिवार के बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए विशेष ध्यान दिया है। पिछले 10 सालों में 2596.90 करोड रुपए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के रूप में 18 लाख 48 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को दिए गए। इसी प्रकार 55 विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय अध्ययन के लिए विदेश भेजने के लिए 18.55 करोड रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई। जनजाति कार्य विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शालाओं, माध्यमिक शालाओं, हाई स्कूल, उच्चतर माध्यमिक, सांदीपनि ने विद्यालयों, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिषद, आदर्श आवासीय विद्यालय, आश्रम एवं क्रीड़ा परिसर मिलकर 27 हजार 886 संस्थाएं हैं, जिनमें 22 लाख 18 हजार विद्यार्थी हैं। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित संस्थाओं का कक्षा 10वीं एवं 12वीं का औसत परीक्षा परिणाम क्रमश: 83.92 प्रतिशत और 78.72% है। महाविद्यालय स्तर पर छात्रावास में प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों को आवास किराया प्रतिपूर्ति आवास सहायता योजना में की जा रही। राष्ट्रीय संस्थानों जैसे एम्स, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम में प्रवेश लेने पर 25 से 50 हजार तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। निरंतर विकास पीएम जनमन योजना में 9 विभागों की योजनाओं को जनजातीय बहुल जिलों में क्रियान्वित किया जा रहा है। हितग्राही मूलक योजनाओ में 100% लक्ष्य की प्राप्ति कर ली गई। आधार कार्ड, जन धन बैंक खाता, आयुष्मान भारत, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान कल्याण निधि और राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 21 जिलों के दूरस्थ गांवों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित हैं। जनजाति समुदाय के विद्यार्थियों के लिए 16 जिलों में 106 छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं। ऊर्जा विभाग द्वारा 26 हजार से ज्यादा घरों में बिजली उपलब्ध कराने का काम पूरा हो गया है और 2000 से ज्यादा घरों में सोलर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 1058 जनजातीय बहुल बसाहटों के लिए 2271 किलोमीटर सड़क बनाने का काम चल रहा है। इसके अलावा 1 लाख 78 हजार से ज्यादा पक्का घर दिए गए हैं। हर घर नल से जल योजना के अंतर्गत 83 हजार घरों में नल से जल पहुंच गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 23 जनजाति बहुत जिलों में 704 आंगनवाड़ियां स्वीकृत की गई है। वन विभाग के सहयोग से 83 वन धन विकास केंद्र संचालित है। विभिन्न स्तरों पर बहु उद्देशीय केन्द्रों का निर्माण चल रहा है। दूरस्थ गांव में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए 145 टॉवर की स्थापना का काम प्रगति पर है। धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान में विभिन्न विभागों के सहयोग से जनजाति समुदाय के कल्याण के काम संचालित है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 62 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। सिकल सेल के उपचार के लिए इंदौर और भोपाल में दो केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। आयुष विभाग द्वारा जनजातीय छात्रावास में 157 पोषण वाटिका स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए 21 हजार से ज्यादा वन अधिकार पट्टाधारकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ देने की कार्य योजना बनाई गई। वन अधिकार अधिनियम एवं पेसा कानून के लिए के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित की गई है। वन गांव को राजस्व गांव में बदलने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में 925 वन ग्राम वन विभाग के प्रबंधन और नियंत्रण में है। जनजाति समुदाय के हित में 827 वन ग्रामों को राजस्व गांव में बदलने का निर्णय लिया गया है। इनमें से 792 को राजस्व गांव में परिवर्तन किया जा चुका है और 789 ग्रामों का गजट नोटिफिकेशन कर दिया गया है।  

फ्रिज खोला और हुआ विस्फोट: बच्चे की हालत गंभीर, अस्पताल में चलती रही लंबी सर्जरी

जबलपुर बड़ेरिया मेट्रो प्राइम अस्पताल जबलपुर के चिकित्सकों की टीम ने बम ब्लास्ट में कटनी के 14 साल के एक बच्चे के क्षत विक्षत हो चुके जबड़े की जटिल सर्जरी करने में न सिर्फ बड़ी सफलता हासिल की बल्कि जिन्दगी और मौत के बीच झूल रहे बच्चे को जीवनदान भी दिया। अस्पताल के योग्य और कुशल चिकित्सकों की टीम ने एक अलग तरह के भयावह एवं चुनौतीपूर्ण केस की सर्जरी कर असंभव को भी संभव कर दिखाया। इस जटिलतम केस की सफल सर्जरी करके बड़ेरिया मेट्रो प्राइम अस्पताल के डॉक्टर्स ने इतिहास रच दिया। 5 घंटे तक सर्जरी कर हड्डियों को जोड़ा यह ऑपरेशन बेहद ही दुर्लभ था क्योंकि मरीज के जबड़े की 100 से ज्यादा हड्डियां टूट चुकी थीं, जिन्हें जोड़ना आसान नहीं था, इसके अलावा बच्चे को सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी लेकिन अस्पताल के योग्य और कुशल चिकित्सकों की टीम ने इस जटिलतम केस को चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए सर्जरी प्लान की और 5 घंटे तक लगातार सर्जरी कर जबड़े की 100 से अधिक टूटी हुई हड्डियों को जोड़ा गया और बच्चे का चेहरा लगभग पहले जैसा बना दिया गया। संभवतः यह जबलपुर का पहला ऐसा चुनौती भरा केस था जिसमें डॉक्टर्स ने सफलता प्राप्त की है। यह सफलता हॉस्पिटल की उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा और डॉक्टरों की उत्कृष्ट कुशलता का प्रमाण है।   सांस लेने का रास्ता बनाया गया ऑपरेशन के बाद बच्चे का चेहरा प्लास्टिक सर्जरी के द्वारा लगभग विस्फोट के पहले जैसा ही हो गया है और बच्चे का चेहरा देखकर यह प्रतीत नहीं होता कि उसका चेहरा इतनी बुरी तरह से क्षत-विक्षत हुआ था चुकी बम विस्फोट से पूरा चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था अथा बच्चे को सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। इसलिए नाक, कान, गला विशेषज्ञ डॉ. राहुल चतुर्वेदी द्वारा गले से छेद करके पहले सांस लेने का रास्ता बनाया गया, फिर इस जटिल ऑपरेशन को किया गया। बच्चे को नया जीवन मिला दरअसल, कटनी के 14 वर्षीय बालक का चेहरा बम विस्फोट की वजह से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी वजह से उसका पूरा चेहरा फट गया और सांस लेना मुश्किल हो गया । उसे कटनी से तत्काल बड़ेरिया मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल जबलपुर लाया गया, जहां चिकित्सको की अथक मेहनत से बच्चे को नया जीवन मिला और उसका चेहरा फिर से पहले जैसा हो गया है।

6 करोड़ 11 लाख का सरचार्ज हुआ माफ : मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई समाधान योजना 2025-26 को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। अब तक 6 दिनों में ही 8163 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। इनका 6 करोड़ 11 लाख रुपए सरचार्ज माफ हुआ है। उन्होंने ग्वालियर में पत्रकारों से चर्चा कर क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के तहत हुए निर्माण एवं विकास कार्यों की भी जानकारी दी। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि तीन माह से अधिक के विलम्बित बिल के भुगतान पर मध्य प्रदेश सरकार ने सरचार्ज में भारी छूट देने का फैसला लिया है। इस फैसले के क्रियान्वयन के लिये समाधान योजना 2025-26 विगत 3 नवम्बर से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। यह योजना दो चरणों में है। पहला चरण 3 नवम्बर से 31 दिसम्बर 2025 में 60 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत सरचार्ज माफ किया जा रहा है। इसी प्रकार दूसरा चरण 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक है, जिसमें में 50 से 90 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जा रहा है। योजना में दो प्रकार के भुगतान विकल्प दिये गये हैं। एकमुश्त भुगतान पर अधिकतम छूट रहेगी। 6 किश्तों में भुगतान की आसान सुविधा उपलब्ध करायी गई है। इस योजना में घरेलू , गैर घरेलू एवं औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं। इस योजना में पंजीकरण के लिये न्यूनतम भुगतान के लिये घरेलू उपभोक्ताओं पर बकाया राशि का 10 प्रतिशत एवं गैर घरेलू औद्योगिक उपभोक्ताओं पर बकाया राशि का 25 प्रतिशत राशि जमा कराने का प्रावधान है। मंत्री श्री तोमर ने बताया कि समाधान योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए नजदीकी विद्युत वितरण केन्द्र या मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर विजिट करें अथवा कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क करें। उन्होंने बताया कि समाधान योजना 2025-26 में मध्य प्रदेश के 91 लाख 84 हजार उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। जिन पर बकाया मूल राशि 8353.99 करोड़ रुपए है, एवं सरचार्ज की राशि 3812.75 करोड़ है, जो कि माफ़ी योग्य है, यह भुगतान करने के तरीके एवं समयावधि पर निर्भर करती है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि 3 नवंबर से 8 नवंबर 2025 तक प्रदेश के कुल 8163 उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया है, जिनकी कुल 6 करोड़ 11 लाख की सरचार्ज राशि माफ़ की जा चुकी है एवं वितरण कम्पनियों को कुल 11 करोड़ 15 लाख की बकाया राशि प्राप्त हुई है। मध्यप्रदेश में तीन बिजली वितरण कंपनियां हैं, इसमें मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 10 करोड़ 31 लाख की बकाया राशि वसूल की गई है। इसी प्रकार पूर्व क्षेत्र वितरण कंपनी ने 45 लाख एवं पश्चिम क्षेत्र ने 84 लाख की राशि वसूल की है। ऊर्जा मंत्री ने ग्वालियर रीजन की जानकारी देते हुए बताया कि समाधान योजना के अंतर्गत लगभग 18 लाख उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। इनमें से 03 नवम्बर से अब तक 2484 उपभोक्ताओं ने लाभ ले लिया है। उन्होने बताया गया कि ग्वालियर जिले में 2 लाख 97 हजार उपभोक्ता इस योजना से लाभाविंत होंगे और अब तक 460 उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लेकर 1 करोड़ 7 लाख रूपये से भी अधिक राशि जमा कर 57 लाख रूपये सरचार्ज की छूट प्राप्त की है। मंत्री श्री तोमर ने कहा है कि लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता जल्दी आएं जल्दी पाएं का फार्मूला अपनाएं। प्रथम चरण में एकमुश्त बकाया राशि जमा कर 100 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठाएं। इसके लिए आप अन्य उपभोक्ताओं को भी प्रेरित करें जिससे समाधान योजना 2025-26 का ज्यादा से ज्यादा बकायदार उपभोक्ता लाभ उठा सकें। निर्माण एवं विकास कार्यों की दी जानकारी ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने ग्वालियर शहर में आर.डी.एस.एस. (रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) के अन्तर्गत निर्माणधीन कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि ग्वालियर शहर में तारागंज में नवीन 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र 2 करोड़ 92 लाख की लागत से तैयार किया जा रहा है, इससे तारागंज, सिकन्दरकम्पू, समाधिया कॉलोनी, आपागंज और आसपास के लगभग 6 हजार से भी अधिक उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सप्लाई मिल पायेगी। 33 के.व्ही लाईन के इन्टरकनेक्शन एवं बाईफरकेशन के लगभग 10 निर्माण कार्य किये जा रहे हैं, जिनकी लागत 7 करोड़ 30 लाख रूपये है। ग्वालियर शहर में ही 11 के.व्ही. लाईन के इन्टरकनेक्शन और बाईफरकेशन के लगभग 41 कार्य लगभग 6 करोड़ 67 लाख की सहायता से सम्पन्न कराये जा रहे हैं। श्री तोमर ने बताया कि ग्वालियर शहर की विद्युत व्यवस्था को सुदुढ करने के लिये 26 करोड़ की लागत से विभिन्न क्षेत्रों में अतिरिक्त 355 नवीन विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किये जा रहे है, इसके अलावा शहर की कुछ इलाकों में उच्चक्षमता की केबिल बिछायी जा रही है, जिसकी लागत 2 करोड़ है। मंत्री श्री तोमर ने एस.एस.टी.डी. योजनान्तर्गत ग्वालियर शहर में निर्माणाधीन कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि ग्वालियर शहर में लगभग 42 लाख 66 हजार की लागत से 33 के.व्ही. लाईनों को विस्तार किया जा रहा है, इसी प्रकार 2 करोड़ 53 लाख की सहायता से 11 के.व्ही. लाईनों का विस्तार किया जा रहा है और एक उपकेन्द्र पर स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि 39 लाख की सहायता से की जा रही है। मंत्री श्री तोमर ने बताया कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के ग्वालियर रीजन के 8 जिलों में 2025 की तुलना यदि 2020 से की जाये तो पिछले पांच वर्ष में ग्वालियर रीजन के अन्तर्गत 105 नवीन 33/11 के.व्ही. सबस्टेशन बनाये गये हैं, 683 कि.मी. नवीन 33 के.व्ही. लाईन एवं 2 हजार 110 कि.मी. लम्बी 11 के.व्ही. लाईन बिछायी गई है। उन्होंने आरडीएसएस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अन्तर्गत 8 जिलों में (ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर) में 455 करोड़ रूपये की सहायता से 7 नवीन 33/11 के.व्ही. सब-स्टेशन और 490 कि.मी. लम्बी लाईन एवं क्षमता वृद्धि के कार्य और 2 हजार 383 कि.मी 11 के.व्ही. नवीन लाईन के कार्य किये जा रहे है। इसी तरह मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अन्तर्गत 8 जिलों में (ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर) में एस.एस.टी.डी. योजनान्तर्गत 455 करोड़ रूपये की सहायता से 7 नवीन 33/11 के.व्ही. सब-स्टेशन और 491 … Read more

मध्यप्रदेश पुलिस का जुआ फड़़ो पर लगातार शिकंजा

एक सप्ताह में लगभग 35 लाख से अधिक का मशरूका जब्त भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा जुआ, सट्टा एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे सतत अभियान के तहत 1 नवम्बर 2025 से अब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में जुओं की फड़़ पर छापामार कार्रवाही कर कुल 35 लाख 70 हजार से अधिक का मशरूका जप्त किया गया है। इन कार्रवाही में 87 जुआरियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। दमोह पुलिस की सराहनीय कार्यवाही थाना कोतवाली दमोह पुलिस ने पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में दिनांक 3 नवम्बर 2025 की रात्रि में बड़ी कार्रवाई की गई। मुखबिर की सूचना के आधार पर निरीक्षक थाना प्रभारी कोतवाली मनीष कुमार के नेतृत्व में शहर में जुआ खेल रहे 10 जुआरियों को पकड़ा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 लाख 93 हजार 100 नगद राशि, 52 ताश के पत्ते, 11 मोबाइल फोन, 5 स्कूटी तथा 1 कार सहित कुल ₹23,18,100 का मशरूका जप्त किया। साथ ही एक अन्‍य कार्रवाही में 07 जुआरियों को पकड़कर 2 लाख 3 हजार रूपए नगद जब्‍त किए। मंदसौर (थाना कोतवाली): पुलिस द्वारा मंडीगेट के पास अवैध रूप से जुआ खेलते हुए 08 आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपियों से ₹4,76,300 नगद जप्त किया गया। कार्रवाई तीन थानों एवं नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसमें 30 से अधिक पुलिस कर्मियों ने सहभागिता की। सतना (थाना उचेहरा): मुर्गी फार्म में रेड कर 12 जुआरी गिरफ्तार, 3 हजार 950 रूपए नगद बरामद। शिवपुरी (थाना दिनारा): 4 आरोपी गिरफ्तार, ₹7,750 नगद एवं ताश की गड्डी जप्त। शिवपुरी (थाना सतनवाड़ा): 6 जुआरी पकड़े गए, 11 हजार 400 रूपए एवं ताश की गड्डी जप्त। अनूपपुर (थाना रामनगर): दो जुआ फड़ों पर छापेमारी, 12 आरोपी गिरफ्तार, 7.20 लीटर अवैध शराब बरामद। छतरपुर (थाना बिजावर): दो स्थानों पर छापा, 12 जुआरी गिरफ्तार, 72 हजार रूपए नगद, 6 दोपहिया वाहन सहित कुल 4 लाख रूपए की संपत्ति जब्त। छिंदवाड़ा (चौकी सिंगोड़ी थाना अमरवाड़ा): 9 आरोपी गिरफ्तार, 8 लाख 150 रूपए नगद और ताश के पत्ते बरामद। सागर (थाना रहली): 3 आरोपी पकड़े गए, 1 हजार 400 रूपए नगद, मोबाइल एवं मोटरसाइकिल सहित कुल 91 हजार 400 रूपए की संपत्ति जब्त। इसी तरह सतना जिले के ही मैंहर-अमरपाटन में 4 आरोपी गिरफ्तार, 21 हजार 835 रूपए नगद एवं 3 एंड्रायड मोबाइल जब्त। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्यभर में चलाए जा रहे इन सतत अभियानों का उद्देश्य समाज में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना एवं जुआ-सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। पुलिस की ऐसी कार्रवाइयाँ आगे भी निरंतर जारी रहेंगी ताकि समाज में शांति, सुरक्षा और अनुशासन की भावना बनी रहे।  

आलमी इज्तिमा 2025: भोपाल पूरी तरह तैयार, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

भोपाल, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 14 से 17 नवंबर तक होने जा रहे 78वें आलमी तबलीगी इज्तिमा की तैयारियां जोरों पर हैं। ईटखेड़ी (घासीपुरा) में होने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसको देखते हुए पुलिस, रेलवे और प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम भोपाल रेलवे स्टेशन से लेकर नादरा बस स्टैंड तक सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए हैं। करीब 850 पुलिसकर्मी, आरपीएफ, जीआरपी और थाना पुलिस के जवान लगातार ड्यूटी पर रहेंगे। डायल-112 की गाड़ियां पूरे क्षेत्र में गश्त करेंगी। प्लेटफॉर्म, स्टेशन परिसर और इज्तिमा स्थल पर अतिरिक्त पुलिस चौकियां बनाई जा रही हैं ताकि हर स्थिति पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके। इज्तिमा के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए 150 से ज्यादा ट्रेनों के कोच बंद रखे जाएंगे। रेलवे ने बिना आरक्षण वाले यात्रियों के लिए मोबाइल टिकट वैन की व्यवस्था की है। इज्तिमा स्थल तक पहुंचने वाले मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। आम नागरिकों के लिए वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए गए हैं ताकि सामान्य यातायात प्रभावित न हो। फायर टीम और वालंटियर्स की तैनाती इज्तिमा स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए दमकल दलों की विशेष टीम तैनात की जाएगी। साथ ही प्रति शिफ्ट 500 वालंटियर्स ड्यूटी पर रहेंगे, जो श्रद्धालुओं को दिशा-निर्देश और आपात सहायता उपलब्ध कराएंगे। प्रशासन ने अतिरिक्त 4,500 पुलिसकर्मियों की मांग की है, जिन्हें ट्रैफिक नियंत्रण, सुरक्षा निगरानी और व्यवस्था प्रबंधन में लगाया जाएगा। बैरिकेडिंग और निगरानी की सख्त व्यवस्था इज्तिमा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की जा रही है। सुरक्षा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। मुख्य मार्गों पर चेकिंग प्वाइंट बनाए जा रहे हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। छह प्रमुख मार्गों को इज्तिमा के लिए आरक्षित किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी रहे। प्रशासन का लक्ष्य : श्रद्धा, शांति और अनुशासन प्रशासन और आयोजन समिति ने मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि इज्तिमा का यह वार्षिक आयोजन पूरी शांति, अनुशासन और सौहार्द के साथ संपन्न हो। नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और रेलवे ने मिलकर अस्थायी शौचालय, पानी, मेडिकल सहायता और सफाई की व्यवस्था की है।     आयोजन तिथि : 14 से 17 नवंबर 2025     स्थान : ईटखेड़ी (घासीपुरा), भोपाल     ट्रेनें बंद : 150 से अधिक     सुरक्षा बल : 850 पुलिसकर्मी + 4,500 अतिरिक्त जवान मांग पर     फायर टीम : प्रति शिफ्ट 500 वालंटियर्स     विशेष सुविधा : रेलवे स्टेशन पर मोबाइल टिकट वैन प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लक्ष्य यह है कि भोपाल का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बने, बल्कि अनुशासन और प्रबंधन की मिसाल भी पेश करे।

छिंदवाड़ा कफ सीरप विवाद: हाईकोर्ट ने खारिज की कटारिया फार्मा संचालक की याचिका

जबलपुर मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सीरप के मामले में कटारिया फार्मास्यूटिकल के संचालक राजपाल कटारिया को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। दवा का लाइसेंस निरस्त किए जाने के विरुद्ध दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि अपील राज्य सरकार के समक्ष पेश की जाए। इस निर्देश के साथ अदालत ने याचिका का पटाक्षेप कर दिया। जबलपुर निवासी राजपाल कटारिया, कटारिया फार्मास्यूटिकल के संचालक हैं। उनकी ओर से हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि वे बीते कई सालों से दवाओं का थोक व्यापार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रीसन फार्मा द्वारा निर्मित कोल्डड्रिफ कफ सीरप की आपूर्ति वे छिंदवाड़ा जिले में लंबे समय से कर रहे थे। याचिकाकर्ता ने बताया कि छिंदवाड़ा जिले में उक्त कफ सीरप पीने से 25 मासूम बच्चों की मौत के बाद जबलपुर ड्रग लाइसेंस अथॉरिटी ने 11 अक्टूबर को उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने यह याचिका दायर की थी।   न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इस अपील को राज्य सरकार के समक्ष रखा जाए। याचिकाकर्ता ने लाइसेंस निरस्तीकरण के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग भी की थी। राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता सुमित रघुवंशी ने अदालत को बताया कि ड्रग रूल्स, 1945 के नियम 66(2) के तहत लाइसेंस निरस्त होने की स्थिति में राज्य सरकार के समक्ष अपील दायर करने का प्रविधान है।

बायोमेट्रिक उपस्थिति पर बवाल: सरकार ने हजारों कर्मचारियों की सेवा समाप्त की

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगर निकायों में पारदर्शिता, दक्षता और आर्थिक बचत के उद्देश्य से फेस आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू की है, लेकिन कुछ जगह कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। विभाग ने सख्ती दिखाते हुए ऐसे पांच हजार से अधिक कर्मचारियों का बर्खास्त किया है, जो आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में गैरहाजिर मिले हैं। आयुक्त संकेत भोंडवे ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। कहा कि फर्जी वेतन भुगतान और डीजल चोरी जैसी अनैतिक गतिविधियां रोकने में मदद मिल रही है। इससे विभाग के करोड़ों रुपए बचेंगे। आयुक्त भोंडवे ने बताया कि बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से कर्मचारियों की उपस्थिति, समयपालन और कार्यकुशलता की रियलटाइम मानिटरिंग के साथ उनमें अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना को बल मिल रहा है। कुछ जगह निगमकर्मी खासकर वाहन चालकों ने हड़ताल जैसे प्रयास किए हैं। हालांकि, अधिकांश सफाई कर्मी और अन्य कर्मचारी तकनीक आधारित नई व्यवस्था से संतुष्ट हैं। भारत सरकार भी इसकी प्रशंसा कर चुका है। संकेत भोंडवे ने बताया कि इस प्रणाली के लागू होने से फर्जी वेतन भुगतान की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। अब तक 5000 से अधिक गैरहाजिर या फर्जी नामों को ड्यूटी सूची से हटाया जा चुका है, जिससे आर्थिक बचत हो रही है। एईबीएएस (आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली) से शहरी विकास विभाग के प्रमुख व्यय मद वेतन, ऊर्जा और डीजल में व्यापक सुधार हो रहा है। डीजल चोरी पर भी रोक लग रही है। यह विभाग का तीसरा सबसे बड़ा व्यय मद रहा है। भोंडवे ने बताया कि यह पहल भविष्य में विकसित होने वाली ई-एचआरएमएस (इलेक्ट्रानिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) प्रणाली की आधारशिला भी बनेगी, इससे संपूर्ण मानव संसाधन प्रबंधन को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। साथ ही समय की पाबंदी और कार्य कुशलता के अलावा फर्जी वेतन से करोड़ों रुपये बचाएंगे। जिनके पास आधुनिक क्षमतापूर्ण मोबाइल नहीं है ऐसे स्वच्छताकर्मी की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सुपरवाइजर्स को टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

रीवा–भोपाल सुपरफास्ट ट्रेन का इंजन धधका, इटारसी स्टेशन पर अफरातफरी

इटारसी इटारसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर खड़ी 22146 रीवा-भोपाल सुपरफास्ट एक्सप्रेस के इंजन में अचानक धुआं उठने से हड़कंप मच गया। इंजन के ड्राइवर कैब से धुआं उठने के बाद रेलकर्मियों ने आग भड़कने से पहले इसे काबू कर लिया। बताया गया है कि सुबह 6 बजे जब ट्रेन स्टेशन पर खड़ी थी, तभी इंजन से धुंआ उठने लगा। आग कैसे लगी इसे लेकर अभी अधिकारी कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं, इसकी जांच कराई जा रही है। घटना के बाद प्लेटफार्म पर मौजूद रेल कर्मचारियों ने यात्रियों को इंजन से दूर रहने को कहा। घटना स्थल पर पहुंचे रेलकर्मियों और सुरक्षा जवानों ने इंजन में लगी आग बुझाई। ड्यूटी पर तैनात लोको पायलट और अन्य रेल कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग भड़कने से पहले उसे काबू कर लिया। हादसे की वजह से ट्रेन अपने निर्धारित समय से आधा घंटा देरी से रवाना हो सकी। ट्रेन का इंजन हटाकर दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन को यहां से रवाना किया गया। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की वजह जांच के बाद सामने आएगी। अभी खराब इंजन को इटारसी डिपो में खड़ा कर लिया गया है।

देर रात भूकंप से हिली रतलाम की धरती, तहसीलदार ने मुआयना किया

रतलाम मध्य प्रदेश के रतलाम में शनिवार की रात भूकंप के झटके महसूस किए गए है। जिससे बाद लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल गए। भूकंप के झटके से एक घर की छत पर बनी दीवार भी गिर गई। वहीं सूचना मिलते ही तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। एंकर/रतलाम जिले के जावरा ब्लॉक की पिपलोदा तहसील मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मचून में शनिवार रात करीब 8.15 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे कई लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे। ग्रामवासी शंकरलाल सोलंकी ने बताया कि धड़ाम की आवाज आई और उनका घर हल्का-हल्का हिलने लगा। थोड़ी देर बाद छत पर बनी एक दीवार भी गिर गई। वहीं शंभु सोलंकी ने बताया कि उनके घर के बर्तन इस तरह हिल रहे थे, जैसे कोई जानबूझकर हिला रहा हो जिससे वे घबरा गए। तहसीलदार देवेंद्र दानगढ़ ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वे देर रात मचून पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। उन्होंने निर्माणाधीन दीवार गिरने की जानकारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई है।