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सरकारी स्कूल से DSP तक: पूजा जाट की सफलता की कहानी

नीमच मध्य प्रदेश के नीमच जिले के लिए बेहद की गर्व का क्षण है। दरअसल, जीरन तहसील के छोटे से गांव हरवार की बेटी पूजा जाट ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। पूजा ने उप-पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद के लिए क्वालिफाई किया है। पूजा जाट पिता बलवीर सिंह जाट के लिए यह सफलता कई मायनों में खास है। उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है, जहां उनके माता-पिता और भाई किसान हैं। पूजा ने अपनी पूरी शिक्षा सरकारी स्कूल और कॉलेज से प्राप्त की है। ये भी पढ़ें: MPPSC 2023 का फाइनल Result जारी: टॉप 5 में लड़कों का दबदबा, 13 लड़कियां बनीं DSP, किसान के बेटे अजीत मिश्रा ने किया टॉप, CM डॉ. मोहन ने दी बधाई पढ़ाई के लिए सामाजिक दबाव का किया सामना बेटी को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उसे इंदौर जैसे बड़े शहर भेजकर पढ़ाना परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती थी। बताया जाता है कि परिवार को पूजा की पढ़ाई को लेकर कई सामाजिक दबावों का सामना भी करना पड़ा। हालांकि, पिता बलवीर सिंह जाट और परिवार के समर्थन के दम पर पूजा ने यह मुकाम हासिल किया है। गांव समेत जिलेभर में खुशी का माहौल पूजा की इस उपलब्धि से हरवार गांव और समूचे नीमच जिले में खुशी का माहौल है। उनकी यह सफलता उन ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए भी एक बड़ा उदाहरण है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। टॉप 5 में लड़कों ने मारी बाजी MPPSC में टॉप 5 में लड़कों ने बाजी मारी है। वहीं 13 लड़कियों ने DSP रैंक हासिल की है। जबकि टॉप 10 में भी 3 लडकियां शामिल हैं। बता दें कि कुल 229 पदों के लिए प्री एग्जाम दिसंबर 2023 में हुआ था। वहीं मुख्य परीक्षा 11 मार्च से 16 मार्च 2024 में हुई और फाइनल इंटरव्यू 7 जुलाई से 7 अगस्त के बीच हुआ था।

भगवान महाकाल के दरबार में दीप्ति शर्मा: भस्म आरती में हुई शामिल, मंदिर समिति ने सम्मानित किया

उज्जैन भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा रविवार सुबह उज्जैन में स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। जहां उन्होंने भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। नंदी हॉल से विधि-विधान पूजन किया और मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। इंडियन महिला क्रिकेटर दीप्ति शर्मा भगवान महाकाल के दर्शन के लिए मध्य प्रदेश के उज्जैन पहुंचीं। उन्होंने श्री महाकालेश्वर की भस्म आरती में शामिल होकर पूजा अर्चना की। दर्शन के बाद मंदिर समिति की ओर से उप प्रशासक एसएन सोनी ने उन्हें भगवान का प्रसाद और दुपट्टा भेंट कर सम्मानित किया। आपको बता दें कि दीप्ति शर्मा ने महिला विश्व कप 2025 के फाइनल मुकाबले में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 58 गेंदों पर 58 रन बनाए थे और 5 विकेट लेकर पहली बार भारत को वर्ल्ड कप जिताया। उत्तर प्रदेश के आगरा की रहने वाली दीप्ति शर्मा को जल्द ही यूपी सरकार भी सम्मानित करेगी।

राहुल गांधी पचमढ़ी पहुंचे, जंगल सफारी के साथ BJP पर साधा निशाना – कहा, वोट चोरी का खेल एमपी में भी

भोपाल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी रविवार सुबह पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में जंगल सफारी के लिए निकले। दो दिनों से मध्यप्रदेश के हिल स्टेशन पर प्रवास कर रहे राहुल गांधी ने प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाया। रविवार सुबह राहुल गांधी का काफिला रविशंकर भवन से रवाना हुआ। जानकारी के अनुसार, जंगल सफारी का कार्यक्रम शनिवार देर रात लगभग 11 बजे तय किया गया था, जिसके बाद रातभर तैयारी की गई। सुबह काफिला पनारपानी गेट पहुंचा, जहां से राहुल गांधी और जीतू पटवारी ने जिप्सी में बैठकर सफारी शुरू की। इस दौरान राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी हुई है। उस डाटा को देखने के बाद लग रहा है कि यही मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र  और छत्तीसगढ़ में भी हुआ है। अब एसआईआर के जरिए उसको कवर करने की कोशिश की जा रही है। राहुल ने कहा कि हमारे पास डिटेल में जानकारी हैं, धीरे धीरे उसका उसका भी खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर आक्रमण हो रहा हैं। बाबा साहब के संविधान पर आक्रमण हो रहा है। अमित शाह जी, मोदी जी और ज्ञानेश जी साथ में मिलकर यह कर रहे हैं।  इससे देश का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। भारत माता का नुकसान हो रहा हैं। 

जिलों में हो गरिमामय कार्यक्रम, कलेक्टरों को दिये निर्देश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय गौरव दिवस आदि संस्कृति के वैभव के गुणगान और प्रतिभा सम्मान का अवसर है। उन्होंने कलेक्टरों को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती जनजातीय गौरव दिवस को सम्मानपूर्वक पूरी गरिमा के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनजाति बहुत जिलों और विकासखण्डों में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की श्रृंखलाओं का आयोजन शुरू किये जाये। वर्ष 2021 से जनजातीय समुदाय के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का सम्मान करने और आदि संस्कृति के वैभव का यशोगन करने के लिए जनजातीय गौरव दिवस उत्साह पूर्वक मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2021 में मध्यप्रदेश से की थी। भगवान बिरसा मुंडा के नेतृत्व में उलगुलान क्रांति ने ब्रिटिश शासन की जड़ें हिला दी थी। ऐसे आदिवासी आंदोलन न केवल ब्रिटिश अत्याचार को चुनौती देने के लिए महत्वपूर्ण थे बल्कि राष्ट्रीय जागृति को भी प्रेरित किया। अंग्रेज सरकार के खिलाफ बिरसा मुंडा ने उग्र आंदोलन का नेतृत्व किया जिसके चलते 15 नवंबर को उनकी जयंती जनजातीय नायकों का सम्मान करने का अवसर बन गई। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में स्वतंत्रता के 75 वर्षों का जश्न मनाते हुए वर्ष 2021 में आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया गया था। यह दिन जनजातीय समुदाय के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और विरासत का जश्न है। इस अवसर पर सभी राज्यों में एकता, गौरव, भारत की स्वतंत्रता और प्रगति में जनजातीय समुदायों का योगदान रेखांकित करने के लिए राष्ट्रव्यापी आयोजन किया जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस को प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप पूरी गरिमा के साथ आयोजित किया जा रहा है। जिलों में होने वाले कार्यक्रमों में जनजातीय समुदायों के उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को और जनजातीय समुदाय के प्रगतिशील किसानों का भी सम्मान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार जनजातीय बहुल जिलों में नई परियोजनाओं की शुरुआत की तैयारी हो रही है। आदि कर्मयोगी अभियान, पीएम जनमन एवं धरती आबा अभियान के अंतर्गत गतिविधियों को तेज किया गया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और महानायकों के जीवन और योगदान पर निबंध प्रतियोगिताएं और जनजातीय समुदायों के व्यंजनों, लोक गीतों, लोक कलाओं के प्रदर्शन के विशेष आयोजन किया जा रहे हैं। विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूह के हितग्राहियों और विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले सदस्यों से अतिथियों के साथ संवाद किया जाएगा। स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। विद्यार्थियों, महिलाओं और कलाकारों के लिए अलग-अलग आयोजनो की योजना बनाई गई है। विद्यार्थियों के लिए निबंध, भाषण, पेंटिंग क्विज प्रतियोगिता, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं महिलाओं के लिए स्व-सहायता समूह के माध्यम से हस्तशिल्प संबंधी आर्थिक गतिविधियों का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जनजातीय कलाकारों द्वारा लोक शिल्प, लोक नृत्य, लोक चित्र कला, लोक नाट्य , मांडना कला स्थानीय पाक कला का प्रदर्शन किया जाएगा। जबलपुर और अलीराजपुर में भव्य कार्यक्रम होंगे। जनजातीय समाज के सदस्य पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के साथ यात्राओं और अन्य आयोजनों में भाग लेंगे। विभिन्न स्थानों से रथ यात्राएं निकालेंगे जो 14 नवंबर तक जिला मुख्यालय पर एकत्र होंगी। मंडला में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा सम्मेलन अलीराजपुर में भगोरिया महोत्सव, छिंदवाड़ा में भारिया सम्मेलन, पातालपानी में टंट्या मामा बलिदान दिवस और सतना में माता शबरी जयंती सम्मेलन जैसे आयोजनों की भी योजना बनाई गई है। सभी जिलों को आवश्यक बजट उपलब्ध करा दिया गया है। स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा विभाग, संस्कृति , पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, वन, खाद्य नागरिक आपूर्ति, महिला एवं बाल विकास, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, उद्यानिकी, खेल एवं युवा कल्याण, नगरीय प्रशासन, गृह, राजस्व, एवं परिवहन विभागों को जनजातीय गौरव दिवस के आयोजनों की जिम्मेदारी दी गई है।  

ई-बस सेवा: नए बस स्टॉप शहीदों के नाम पर, मध्यप्रदेश में तेजी से शुरू होगा इलेक्ट्रिक बस संचालन

भोपाल  राजधानी भोपाल में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 195 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है। इसके लिए कस्तूरबा नगर और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में अत्याधुनिक बस डिपो का निर्माण अंतिम चरण में है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) को पहले चरण में 100 बसें मिली हैं, जबकि आरएसवीपी योजना के तहत 95 अतिरिक्त बसों की भी स्वीकृति मिल चुकी है। इस तरह शहर के बेड़े में जल्द ही कुल 195 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी। महापौर मालती राय ने दिए निर्देश महापौर ने डिपो स्थलों का निरीक्षण किया और कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिपो पर सोलर पैनल लगाने और सभी बस स्टॉप पर उच्च स्तरीय साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। दोनों डिपो में बसों की पार्किंग, चार्जिंग और संधारण की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। 50-50 बसों के लिए दोनों स्थलों पर डिपो बन रहे हैं। लोककला से सजेंगे बस स्टॉप ● डिपो स्थल: कस्तूरबा नगर (आइएसबीटी) और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़)। ● मॉडल: जीसीसी (ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट) मॉडल पर संचालन। ● नामकरण: नए बस स्टॉप शहीदों के नाम पर होंगे। ● आर्ट वर्क: बस स्पॉट में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण के साथ लोककला भी दिखेगी।

एमपी में बरेली तहसील को नया जिला बनाने की पुर्नविचार रिपोर्ट दिसंबर में पेश होगी

बरेली मध्यप्रदेश में एक और नया जिला बनाने की वर्षों पुरानी मांग फिर से उठी है। दरअसल रायसेन जिले की बरेली तहसील को जिला बनाने की दो दशक पुरानी उम्मीद क्षेत्रीय विधायक को राज्य मंत्री मंडल में स्थान मिलने से बढ़ गई है। यह उम्मीद छह माह पहले प्रशानिक इकाई पुनर्गठन आयोग के गठन के साथ बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार पुनर्गठन आयोग माह दिसंबर में अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपेगा। जिसमें बरेली को जिला बनाने का प्रस्ताव शामिल हो सकता है। बरेली को जिला बनाने की मांग जिला मुख्यालय रायसेन से बरेली और उदयपुरा क्षेत्र की दूरी को देखते हुए लोग बरेली को जिला बनाने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। देवरी क्षेत्र की सीमा जिला मुख्यालय से 180 किमी दूर है। भोपाल रियासत के वर्ष 1949 में भारत संघ में विलय के बाद 1950 में भोपाल राज्य में नबाब की शर्त के कारण राजधानी भोपाल से मात्र 45 किलोमीटर दूर रायसेन को जिला बनाया गया था। 1956 में गठित अविभाजित मध्यप्रदेश में भी रायसेन को जिला बनाए रखा गया। नबाबी दौर में प्रशासन का प्रमुख केंद्र रहे, रायसेन का ना तो नाम बदला गया ना ही विभाजित कर अन्य जिला बनाया गया। प्रदेश सरकार और मंत्री नबाबी दौर की यादों को भुलाने और नष्ट करने की बात कर रहे हैं, ऐसे में क्षेत्र के लोग नबाबी दौर में अपनी जान न्यौछावर कर भोपाल रियासत को प्रदेश में विलय कराने में महत्वपूर्ण योगदान देने वालों की याद में बरेली को जिला बनाने की मांग कर रहे हैं। जो उन शहीदों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 200 किमी. के दायरे में फैला है रायसेन जिला लोगों का कहना है कि बरेली में एडीजे कोर्ट बनाकर जिले को दो भागों में बांटा गया है। रायसेन जिला दो सौ किलोमीटर के दायरे में फैले होने के कारण लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय नहीं मिल रहा था। इसलिए उच्च न्यायालय ने बरेली में एडीजे कोर्ट स्थापित कर जिले में न्याय व्यवस्था को रायसेन और बरेली दो भागों में बांटा। जब न्याययिक संस्थाएं सुलभ और सस्ते न्याय के लिए दो भागों में बांट सकते हैं तो सुलभ और चुस्त प्रशासन के लिए बरेली को जिला भी बनाया जा सकता है। जो भौगोलिक राजनीतिक, प्रशासनिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक दृष्टि से भी उपयुक्त है।

ऑनलाइन प्रतियोगिता में इस वर्ष 70 पुरस्कार, महोत्सव में 1 दिसम्बर को गतिविधियां होंगी

श्रीमद भगवद गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिक से अधिक हिस्सेदारी हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऑनलाइन प्रतियोगिता में इस वर्ष 70 पुरस्कार, महोत्सव में 1 दिसम्बर को गतिविधियां होंगी गीता जयंती पर प्रदेश में श्रीमद् भगवद् गीता का होगा सस्वर पाठ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता जयंती, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के गरिमापूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं। ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके लिए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना वर्ष में इस स्पर्धा में 70 पुरस्कारों का प्रावधान गीता ज्ञान स्पर्धा में किया गया है। पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार 51 हजार रूपए का रहेगा। इसके साथ ही 31 हजार रूपए के तीन तृतीय पुरस्कारों सहित 15 लैपटाप, 30 ई-बाइक और 20 ई-रिक्शा का वितरण भी किया जाएगा। श्रेष्ठ ज्ञान स्तर के लिए प्रतियोगिता में 11 से 25 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप 2 वर्ष तक शिक्षावृत्ति देने का प्रावधान भी किया गया है। प्रतियोगिता में नागरिकों, विद्यार्थियों के साथ ही प्रतियोगिता में कारावास के बंदी भी हिस्सा ले सकेंगे। यह ऑनलाइन प्रतियोगिता प्रदेश भर में शिक्षण संस्थानों के सहयोग से आयोजित की जा रही है। कुरूक्षेत्र में मध्यप्रदेश की कला होगी प्रदर्शित, व्यंजनों के स्टॉल सजेंगे 24 नवंबर से 1 दिसंबर की अवधि में कुरुक्षेत्र में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में मध्यप्रदेश के आंचलिक और जनजातीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से प्रदर्शनी, मेले और नाट्य समारोह के आयोजन होंगे। नाट्य समारोह में श्री पुनीत इस्सर और श्री मोहित शेवानी मुंबई, श्री शिरीष राजपुरोहित उज्जैन के कार्यक्रम होंगे। जनजातीय संग्रहालय के सौजन्य से जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति भी होगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ, वीर भारत न्यास सहित उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, गृह, जनसंपर्क, संस्कृति संचालनालय, कृषि उद्योग विकास परिषद नई दिल्ली, इस्कॉन, गीता परिवार और विश्व गीता प्रतिष्ठानम की भागीदारी के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा कर निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरों में गीता भवन और विभिन्न चिन्हित स्थानों पर श्रीकृष्ण पाथेय से संबंधित कार्यों को भी पूर्ण करने को कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के साथ स्कूल विद्यार्थियों को जोड़कर एक अभिनव कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उज्जैन में 1 से 3 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव गीता महोत्सव में ऑनलाइन श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता के पुरस्कृत प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष प्रतियोगिता में 21 लाख नागरिकों की विशाल भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसम्बर को दशहरा मैदान उज्जैन में गीता पाठ और प्रदर्शनी सहित सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन काव्य पाठ और सांगीतिक प्रस्तुति और तीसरे दिन बैंगलोर एवं भोपाल के संगीत दल प्रस्तुति देंगे। श्रीमद् भगवद् गीता का सस्वर पाठ भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 1 दिसम्बर को लाल परेड ग्राउण्ड पर आचार्यों की सन्निधि में श्रीमद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ होगा। इसके साथ ही गौ और गोपाल पर आधारित प्रदर्शनी और बैंगलोर के दल द्वारा गीता ऑन व्हील्स सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दो दिसम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागार में कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ दिव्यांग कलाकार भी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। जिला स्तर पर कार्यक्रमों का स्वरूप 1 दिसम्बर को प्रदेश के विकासखंडों में गीता पाठ होंगे। जिला मुख्यालय पर भी आचार्यों की सन्निधि में सस्वर पाठ होंगे। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े विशेष स्थलों जैसे इंदौर जिले के जानापाव, धार जिले के अमझेरा, उज्जैन जिले के नारायणा, अशोकनगर जिले के चंदेरी, रायसेन जिले के जामगढ़, देवास जिले के पीवडिया-खातेगांव, सागर जिले के प्राचीन नगर एरण और पन्ना जिले में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। गीता जयंती पर श्रीकृष्ण मंदिरों की विशेष सज्जा की जाएगी। जिला स्तर पर संतों और विद्वतजनों के व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति विभाग द्वारा इन सभी कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही है।  

2026 से MP में कैंसर इलाज होगा आधुनिक: गामा नाइफ और पीईटी-सीटी स्कैन से सुविधा बढ़ेगी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कैंसर मरीजों के लिए एम्स भोपाल में प्रदेश का पहला सेंट्रलाइज्ड कैंसर ब्लॉक विकसित किया जा रहा है, जिसे 2026 तक शुरू करने की तैयारी है। इस आधुनिक ब्लॉक में मरीजों को गामा नाइफ और पीईटी-सीटी स्कैन जैसी उन्नत सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। वर्तमान में एम्स में जांच और उपचार के लिए मरीजों को लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें सिटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचों के लिए छह माह से एक वर्ष तक का इंतजार शामिल है। नई सुविधा का उद्देश्य मरीजों को सभी सेवाएं एक जगह उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित कैंसर ब्लॉक में जांच से लेकर छह प्रकार के उपचार तक की व्यवस्थाएं होंगी, जिनमें कीमोथेरेपी, सर्जरी, टारगेट थेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, मेंटल हेल्थ काउंसलिंग और स्टेम सेल ट्रीटमेंट शामिल हैं। वर्तमान में कैंसर मरीजों को जांच, सर्जरी और रेडिएशन के लिए अलग-अलग विभागों में जाना पड़ता है, जबकि नया ब्लॉक शुरू होने के बाद सभी विशेषज्ञ एक साथ मिलकर मरीज की स्थिति के अनुसार संयुक्त निर्णय लेंगे। जांच से लेकर 6 तरह के इलाज तक की सुविधा नए कैंसर ब्लॉक में मरीजों को जांच से लेकर ट्रीटमेंट तक की सभी सेवाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी। इसमें कीमोथेरेपी, सर्जरी, टारगेट थेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, मेंटल हेल्थ काउंसलिंग और स्टेम सेल ट्रीटमेंट की व्यवस्था होगी। एम्स प्रशासन का कहना है कि फिलहाल कैंसर मरीजों को अलग-अलग विभागों में भटकना पड़ता है। जांच एक जगह, सर्जरी दूसरी जगह और रेडिएशन तीसरी जगह होती है। लेकिन इस ब्लॉक के शुरू होने के बाद सभी विशेषज्ञ एक साथ मिलकर मरीज की स्थिति के अनुसार संयुक्त फैसले लेंगे। गंभीर मरीजों के लिए ‘प्रेफरेंस सिस्टम’ तैयार होगा एम्स के इस नए ब्लॉक में स्मार्ट स्क्रीनिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। अस्पताल में आने वाले हर मरीज को पहले एक स्क्रीनिंग यूनिट से गुजरना होगा। यहां डॉक्टर उनकी जांच करेंगे और यह तय करेंगे कि मरीज को कैंसर है या नहीं। जिन मरीजों में कैंसर की पुष्टि होगी, उन्हें गंभीरता के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा। इससे जिन मरीजों की हालत गंभीर है, उन्हें कम वेटिंग में प्राथमिकता के आधार पर इलाज मिलेगा। वहीं, जिन मरीजों में सिर्फ कैंसर का संदेह होगा, उन्हें आवश्यक जांच के लिए अन्य संबंधित विभागों में भेजा जाएगा। एमपी के इन जिलों से सबसे ज्यादा मरीज एम्स भोपाल के आंकड़ों के अनुसार, हर साल 36 हजार से ज्यादा कैंसर मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से करीब 60% मरीज भोपाल के बाहर के हैं। सबसे ज्यादा केस आगर मालवा (3664), रायसेन (1776), विदिशा (1536), नर्मदापुरम (1216), सागर (1072), रीवा (944) जैसे जिले टॉप पर हैं। हालांकि, इसका बड़ा कारण भोपाल से भौगोलिक नजदीकी है। यह भी सवाल उठता है कि इन जिलों के सिविल अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में कैंसर इलाज की व्यवस्था मजबूत क्यों नहीं है?। निदेशक बोले- रिसर्च-क्लिनिकल ट्रायल पर भी फोकस एम्स भोपाल के कार्यकारी निदेशक डॉ. माधवानंद कर ने बताया कि यह कैंसर ब्लॉक प्रदेश में कैंसर ट्रीटमेंट की दिशा बदल देगा। कैंसर के हर मरीज को समग्र इलाज की जरूरत होती है। अभी मरीजों को अलग-अलग विभागों में भागदौड़ करनी पड़ती है। इस ब्लॉक के शुरू होने से सर्जरी, कीमो और रेडिएशन सब एक ही छत के नीचे संभव हो जाएगा। डॉ. माधवानंद ने यह भी कहा कि यहां रिसर्च और क्लिनिकल ट्रायल्स पर भी फोकस किया जाएगा, ताकि कैंसर के शुरुआती लक्षणों में ही सटीक इलाज शुरू किया जा सके। गंभीर मरीजों के लिए प्रेफरेंस सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है। अस्पताल में आने वाले हर मरीज की पहले स्क्रीनिंग यूनिट में जांच होगी, जिसके बाद यह तय किया जाएगा कि वह कैंसर रोगी है या नहीं। जिनमें बीमारी की पुष्टि होगी, उन्हें गंभीरता के आधार पर वर्गीकृत कर प्राथमिकता से उपचार दिया जाएगा। वहीं जिन मरीजों में सिर्फ कैंसर का संदेह होगा, उन्हें संबंधित विभागों में आगे की जांच के लिए भेजा जाएगा।

खुशखबरी: लाड़ली योजना के तहत बढ़े हुए पैसे सीधे खाते में, जानिए कब और कैसे मिलेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) एक वरदान साबित हो रही है। हर महीने लाखों बहनों के खातों में सीधे 1500 रुपये की सहायता राशि पहुंच रही है, जो उनके परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही है। अब तक योजना की 29 किश्तें सफलतापूर्वक वितरित हो चुकी हैं, और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई मंचों से घोषणा की है कि यह राशि धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपये तक पहुंचाई जाएगी। नवंबर में इस बार राशि बढ़कर आएगी!  मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी लाड़ली बहनों से किया वादा पूरा करने जा रहे हैं। राज्य की प्रमुख लाडली बहना योजना के 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को अब हर महीने ₹1500 मिलेंगे। यह राशि पहले ₹1250 प्रति माह थी। यह बढ़ोतरी भाई दूज के बाद से लागू होनी थी, लेकिन सरकारी सूत्रों के अनुसार, 12 नवंबर को नर्मदापुरम जिले के बाबई में एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं लाभार्थियों के खातों में ₹1500 की राशि ट्रांसफर करेंगे। मंत्री ने भी की पुष्टि महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने भी इसकी पुष्टि की है कि नवंबर से यह बढ़ी हुई राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। यह पिछले दो सालों में इस योजना के तहत पहली वृद्धि है। मुख्यमंत्री ने 12 सितंबर 2025 को घोषणा की थी कि लाड़ली बहना लाभार्थियों को हर महीने ₹1500 मिलेंगे, जिसे धीरे-धीरे ₹3000 प्रति माह तक बढ़ाया जाएगा। 12 अक्टूबर 2025 को, 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के खातों में ₹1541 करोड़ की 29वीं किस्त भेजी गई थी। दीवाली बोनस का किया था ऐलान सरकार ने दिवाली बोनस के तौर पर 'भाई दूज' से ₹1500 देने का वादा किया था। 18 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री ने 'भाई दूज' पर ₹250 अतिरिक्त जमा करने और अगले महीने से ₹1500 देने की घोषणा की थी। हालांकि, 23 अक्टूबर 2025 को लाभार्थियों को भाई दूज पर वादा किया गया ₹250 अतिरिक्त नहीं मिला, लेकिन सरकार ने नवंबर से ₹1500 प्रति माह की राशि बढ़ाने का अपना वादा दोहराया। योजना के 1.26 करोड़ लाभार्थी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत पिछली भाजपा सरकार ने मार्च 2023 में, विधानसभा चुनावों से ठीक पहले की थी। शुरुआत में, महिला लाभार्थियों को ₹1000 प्रति माह देने की घोषणा की गई थी। अगस्त 2023 में, सरकार ने अक्टूबर 2023 से राशि बढ़ाकर ₹1250 प्रति माह करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने दिवाली से मौजूदा ₹1250 प्रति माह से बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह करने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या 1.26 करोड़ है। अगस्त 2023 से नए रजिस्ट्रेशन बंद 20 अगस्त 2023 के बाद से योजना के तहत कोई नया पंजीकरण शुरू नहीं किया गया है। पिछले महीने तक, लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य सरकार ने 29 किस्तों में ₹45,000 करोड़ हस्तांतरित किए हैं।  

सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट: स्टेट हाईवे फोरलेन में तब्दील, कृषि मंत्री ने सीएम से उठाई मांग

  रायसेन रायसेन जिले के लोगों के लिए राहत की खबर है। विदिशा बायपास से रायसेन होते हुए भोपाल पहुंचने के लिए फोरलेन बनाया जाएगा। 30 अक्टूबर को सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में विदिशा आए केंद्रीय कृषि मंत्री और क्षेत्रीय सांसद शिवराज सिंह चौहान ने मंच पर मौजूद सीएम डॉ मोहन यादव से भोपाल से सलामतपुर, सांची होते हुए विदिशा तक स्टेट हाइवे 18 को फोरलेन बनाने की मांग की थी। इस पर सीएम ने फोरलेन की घोषणा करते हुए मौके पर ही अधिकारियों को कार्रवाई शुरु करने के निर्देश दिए थे, जिस पर अब तेजी से काम शुरु हो गया है।  सड़क चौड़ीकरण का डीपीआर तैयार एमपीआरडीसी द्वारा सड़क चौड़ीकरण की डीपीआर तैयार की जा चुकी है, जिसे स्वीकृति के लिए चीफ सेक्रेटरी कमेटी को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। डीपीआर के अनुसार 44.5 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 1467.42 करोड़ रुपए है। हालांकि परियोजना के अंतिम रूप तक कुछ बदलाव संभव हैं। सड़क निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर किया जाएगा। मंत्रियों ने सड़क की खराब स्थिति दरअसल, इस बार केंद्रीय मंत्री के साथ दिल्ली से आए विशेष अतिथियों ने भी सड़क की खराब स्थिति देखी थी। इसी के बाद उन्होंने मंच से सड़क को फोरलेन बनाने की मांग कर दी। हालांकि इसका प्रस्ताव दो साल पहले ही रायसेन कलेक्टर द्वारा शासन को भेजा गया था, जिस पर प्रारंभिक प्रक्रिया के बाद कार्य रुक गया था। अब परियोजना को गति मिली है। इस सड़क के निर्माण से लगभग 100 गांवों को लाभ मिलेगा, साथ ही भोपाल और विदिशा के बीच यात्रा करने वालों को राहत मिलेगी। विशेष रूप से सांची आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए यह फोर लेन सड़क सुविधा और सुरक्षा दोनों का बड़ा माध्यम बनेगी। कई अंधे मोड़ हैं खत्म होंगे अंधे मोड़ इस मार्ग पर भोपाल से सलामतपुर तिराहे तक कई अंधे मोड़ हैं। बालमपुर घाट लंबा व ऊंचा होने के कारण अत्यंत जोखिमपूर्ण है। इन मोड़ों और घाट पर लगभग हर दिन वाहन दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें कई बार बड़े हादसे भी शामिल होते हैं। औसतन हर माह 20 से 25 दुर्घटनाएं दर्ज की जाती हैं। इसी कारण लोग लंबे समय से इस सड़क को फोर लेन करने की मांग कर रहे हैं। मोड़ों और घाटों के साथ सड़क की स्थिति भी बेहद खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, जर्जर पुल-पुलियाएं और बार-बार की मरमत के बावजूद खराब हालत लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। प्रक्रिया शुरू की जाएगी विदिशा बायपास से लेकर अयोध्या बायपास तक फोरलेन सड़क बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। अभी शासन स्तर से स्वीकृति लेने की प्रक्रिया चल रही है। उमीद है जल्द ही प्रस्ताव पर स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। –सोनल सिन्हा, डिवीजनल मैनेजर, एमपीआरडीसी।