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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को शरद पूर्णिमा की दी शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को पावन पर्व 'शरद पूर्णिमा' की बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्णिमा की दिव्य चांदनी सभी के जीवन में उल्लास, आरोग्यता और उन्नति की अमृत वर्षा करे। मुख्यमंत्री ने कामना करते हुए कहा कि मां लक्ष्मी जी की कृपा से पूनम की छटा में प्रत्येक घर में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का दीप सदा जलता रहे और प्रदेश का सर्व मंगल हो।  

छिंदवाड़ा हादसे पर CM का कड़ा कदम: खांसी सिरप मामले में कई अफसरों पर गिरी गाज

 भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खांसी की सिरप कोल्ड्रिफ (Coldrif) से जुड़ी घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए डिप्टी ड्रग कंट्रोलर और ड्रग इंस्पेक्टर को निलंबित करने के आदेश दिए हैं. सीएम ने बताया कि राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार से इस सिरप बनाने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है. वहीं, तमिलनाडु सरकार ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए कंपनी के सभी उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है. सीएम मोहन यादव ने कहा, 'मैं प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा हूं. कांग्रेस पार्टी के पास केवल आरोप लगाने के अलावा और कोई काम नहीं है.' उन्होंने साफ किया कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में 16 बच्चों की मौत के बाद पुलिस ने वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीन सोनी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत कर अपना पक्ष रखा था. छिंदवाड़ा ड्रग्स इंस्पेक्टर गौरव शर्मा को सस्पेंड किया गया है. जबलपुर के ड्रग्स इंस्पेक्टर शरद जैन को भी सस्पेंड किया गया है. डिप्टी डायरेक्टर खाद्य और औषधि प्रशासन को भी निलंबित किया गया है. इतना ही नहीं, डायरेक्टर शोभित कोष्टा को भी सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं खबर है कि ड्रग्स कंट्रोलर को भी हटाया जा सकता है. वहीं कफ सीरप से एक दर्जन से ज्यादा बच्चों की मौत और डॉक्टर की गिरफ्तारी पर मेडिकल टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ राकेश मालवीय ने सोमवार को कहा कि अमानक, मिलावटी दवाओं के खिलाफ हम दो साल से आवाज उठा रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन ने हमारी नहीं सुनी. लैब और टेस्टिंग एजेंसी ने सीरप को पास किया था और अब डॉ प्रवीण सोनी को गलत ठहरा कर जेल भेज दिया है. इसमें डॉक्टर की कोई गलती नहीं है. उन्होंने प्रोटोकॉल के हिसाब से इलाज किया. डॉक्टर की सम्मान के साथ जल्द रिहाई हो. इस मामले में हम चुप नहीं बैठेंगे. आज बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी. घटना बहुत दुखद है. हम सबकी भावनाएं पीड़ित परिवारों से जुड़ी हुई हैं. डॉ. सोनी ने क्या कहा? डॉ. सोनी ने कहा कि वे कई सालों से इस कंपनी की दवाएं लिख रहे हैं और यह कहना गलत है कि डॉक्टर दवा की फॉर्मुलेशन तय करते हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा सील पैक और तैयार दवाएं मिलती हैं. उनका कहना था कि सिरप एक दिन की दवा नहीं है और उन्होंने दर्जनों बच्चों को इसका प्रिस्क्रिप्शन दिया था. स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह पर उन्होंने अपने निजी क्लिनिक में शिशुओं को देखना भी बंद कर दिया था. 16 बच्चों की मौत से सनसनी छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में 16 बच्चों की मौत के बाद यह मामला सामने आया. अधिकारियों के अनुसार 11 बच्चों की मौत परासिया उपखंड में, 2 की छिंदवाड़ा शहर में, 1 की चौरई तहसील में और 2 की मौत बैतूल जिले में हुई. लैब रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कोल्ड्रिफ सिरप में 48.6 प्रतिशत डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) पाया गया, जो बेहद जहरीला रसायन है और किडनी फेल होने के साथ मौत तक का कारण बन सकता है. CM मोहन यादव ने की कार्रवाई मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना का संज्ञान लेते हुए डॉ. सोनी को तत्काल निलंबित कर दिया. साथ ही पूरे प्रदेश में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी गई. पुलिस ने डॉ. सोनी और सिरप बनाने वाली कंपनी स्रेसुन फार्मास्यूटिकल्स के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में केस दर्ज किया है. डॉक्टरों की चेतावनी इस बीच, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की छिंदवाड़ा इकाई की अध्यक्ष कल्पना शुक्ला ने चेतावनी दी है कि यदि डॉ. सोनी को जल्द रिहा नहीं किया गया तो सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.

वन प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया

अनूपपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 6 अक्टूबर 2025 को वन परिक्षेत्र अनूपपुर अंतर्गत शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल अनूपपुर में वन प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया !जिसमें विद्यार्थियों को वन एवं वन प्राणियों का महत्व बताया गया !साथ ही चित्रकला निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया! जिसमें विद्यार्थियों द्वारा बढ़ चढ़कर भाग लिया गया ! जिसमें प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को इनाम वितरण किया गया! कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य  कौशलेंद्र सिंह उपस्थित रहे साथी अनूपपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी  स्वर्ण गौरव सिंह प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल गौरव दुबे ,परिक्षेत्र सहायक अनूपपुर ,विजय सोनवानी अन्य स्टाफ शिक्षक उपस्थित रहेइस अवसर पर वक्ताओं ने विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण के महत्व, वनाग्नि की रोकथाम, जैव विविधता संरक्षण, तथा मनुष्य द्वारा पशुओं को भोजन कराने के दुष्परिणाम आदि विषयों पर जानकारी प्रदान की।विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि वन्यजीव हमारे पर्यावरण का महत्वपूर्ण अंग हैं और उनके संरक्षण में हम सभी की भूमिका अत्यंत आवश्यक है।

15 महीने की सेवा में IAS संस्कृति जैन ने बनाया अमिट प्रभाव, विदाई पर भावुक हुए लोग

सिवनी मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में कलेक्टर संस्कृति जैन को सरकारी कर्मचारियों ने पारंपरिक पालकी में बैठाकर भावपूर्ण विदाई दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. शनिवार को जिले की नई कलेक्टर शीतला पटले के स्वागत और संस्कृति जैन की विदाई का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में जिले भर के सरकारी अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए. कार्यक्रम के बाद संस्कृति जैन और उनकी दोनों बेटियों को पालकी में बैठाकर कर्मचारियों ने विदाई दी. इस अनोखी विदाई का वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर छा गया.  बता दें कि आईएएस अफसर संस्कृति जैन को भोपाल नगर निगम आयुक्त के पद पर तबादला किया गया है. अपने 15 महीने के कार्यकाल में उन्होंने 'लाडली बहन योजना' को अटल पेंशन से जोड़ने और प्राथमिक स्कूलों में 'डेस्क बेंच गिफ्ट' करने की योजनाएं शुरू की थीं. महिला आईएएस अफसर की इस अनोखी विदाई ने सिवनी में उनके प्रभावी और लोकप्रिय कार्यकाल की यादें छोड़ दी हैं. 

मध्यप्रदेश उद्योग स्थापना का केंद्र बना, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ₹5000 रोजगार सब्सिडी की घोषणा की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का दिल है। नदियों के मायके और बाघों की सहज दृश्यता वाली ये वो पवित्र धरती है, जिसमें भगवान कृष्ण ने अपना बचपन बिताया और शिक्षा-दीक्षा भी प्राप्त की। मध्यप्रदेश और असम का 5 हजार साल पुराना संबंध है। इतिहास में कृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में मध्यप्रदेश और असम आपस में जुड़े हैं। बावन शक्तिपीठों में से एक देवी कामाख्या शक्तिपीठ असम की धरती पर है और मध्यप्रदेश में कालों के काल बाबा महाकाल विराजमान हैं। MP देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश- CM मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ह्रदय प्रदेश होने के साथ आज देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति, भरपूर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाओं से हमारा राज्य उद्योग स्थापना के लिए देश का आइडियल डेस्टिनेशन बन चुका है। मध्यप्रदेश की देश के प्रमुख शहरों से बेहतरीन कनेक्टिविटी भी निवेशकों को अतिरिक्त लाभ देती है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में फायदे का सौदा है। उन्होंने असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं और यहां अपने उद्योग एवं निर्माण इकाइयां स्थापित करें। सरकार हर कदम पर निवेशकों को पूरा सहयोग और आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निवेशक कोई रोजगार आधारित उद्योग लगाते हैं, तो हमारी सरकार बिजली, पानी, कनेक्टिविटी की सुविधा के साथ श्रमिकों के वेतन के लिए 5000 रुपए प्रति श्रमिक की सब्सिडी भी देगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का दिल है। नदियों के मायके और बाघों की सहज दृश्यता वाली ये वो पवित्र धरती है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अपना बचपन बिताया और शिक्षा-दीक्षा भी प्राप्त की। मध्यप्रदेश और असम का 5 हजार साल पुराना संबंध है। इतिहास में श्रीकृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में मध्यप्रदेश और असम आपस में जुड़े हैं। बावन शक्तिपीठों में से एक देवी कामाख्या शक्तिपीठ असम की धरती पर है और मध्यप्रदेश में कालों के काल बाबा महाकाल विराजमान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ह्रदय प्रदेश होने के साथ आज देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति, भरपूर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाओं से हमारा राज्य उद्योग स्थापना के लिए देश का आइडियल डेस्टिनेशन बन चुका है। म.प्र. और असम मिलकर कर सकते हैं कई सेक्टर में काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम राज्य का गौरव स्व. भूपेन हजारिका और सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि असम एक ऐसा राज्य है, जो चाय के पत्ते-पत्ते को सोना बनाकर बेचता है। गुवाहाटी एक बेहद पवित्र नगरी है। नॉर्थ-ईस्ट हमारे लिए भारत को दुनिया से परिचित कराने का गौरवशाली गेट-वे है। मध्यप्रदेश और असम में काफी समानताएं हैं। हम मिलकर कई सेक्टर्स में काम कर सकते हैं। हम यहां मध्यप्रदेश में उपलब्ध बहुत सी संभावनाओं की जानकारी लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा‍कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सभी जरूरी साधन-संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वनों को समृद्ध करने वन्य प्राणियों का हो आदान-प्रदान मध्यप्रदेश का बाघ और असम का गैंडा दोनों ही जंगल में एक साथ रफ्तार भर सकते हैं। दोनों राज्य मिलकर इन वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश असम को गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकता है। असम हमें गैंडा देकर हमारे वनों को समृद्ध कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट एक ऐसा ही अनुपम उदाहरण है, जिसमें हमने अफ्रीकन चीतों को मध्यप्रदेश की धरती पर बसाया है। इसी तरह हम अन्य विलुप्तप्राय वन्य जीव प्रजातियों को बसाकर उनकी प्रजाति बचा सकते हैं। CM गुवाहाटी के एक निजी होटल में 'इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश' में असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर इस सेशन का शुभारंभ किया। पीएम मित्र पार्क में उद्योग लगाने किया आंमत्रित CM ने निवेशकों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर ले देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन मध्यप्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को किया जा चुका है। यह मेगा टेक्सटाइल पार्क निवेश के लिए एक अनूठा और सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि निवेशक इस टेक्सटाइल पार्क में या मध्यप्रदेश के किसी भी अंचल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करना चाहें, तो हमारी सरकार इसमें सहयोगी और मददगार के रूप में साथ देगी। MP और असम मिलकर कर सकते हैं कई सेक्टर में काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम राज्य का गौरव स्व. भूपेन हजारिका और सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि असम एक ऐसा राज्य है, जो चाय के पत्ते-पत्ते को सोना बनाकर बेचता है। गुवाहाटी एक बेहद पवित्र नगरी है। नॉर्थ-ईस्ट हमारे लिए भारत को दुनिया से परिचित कराने का गौरवशाली गेट-वे है। मध्यप्रदेश और असम में काफी समानताएं हैं। हम मिलकर कई सेक्टर्स में काम कर सकते हैं। हम यहां मध्यप्रदेश में उपलब्ध बहुत सी संभावनाओं की जानकारी लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा‍कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सभी जरूरी साधन-संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वनों को समृद्ध करने वन्य प्राणियों का हो आदान-प्रदान मध्यप्रदेश का बाघ और असम का गैंडा दोनों ही जंगल में एक साथ रफ्तार भर सकते हैं। दोनों राज्य मिलकर इन वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश असम को गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकता है। असम हमें गैंडा देकर हमारे वनों को समृद्ध कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट एक ऐसा ही अनुपम उदाहरण है, जिसमें हमने अफ्रीकन चीतों को मध्यप्रदेश की धरती पर बसाया है। इसी तरह हम अन्य विलुप्तप्राय वन्य जीव प्रजातियों को बसाकर उनकी प्रजाति बचा सकते हैं। मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में देश में है अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का बिजली उत्पादन के मामले में देश में एक अलग ही स्थान है। दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। हम ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन की ओर बढ़ रहे हैं। विंड एनर्जी प्रोडक्शन में तो हम आगे हैं हीं, हमारे राज्य … Read more

मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

छिंदवाड़ा प्रकरण में सभी दोषियों के विरुद्ध की जाएगी कठोर कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी दो औषधि निरीक्षकों और उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन को किया निलंबित ड्रग कंट्रोलर स्थानांतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च स्तरीय बैठक में दिए आवश्यक दिशा-निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छिंदवाड़ा प्रकरण में सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार सजग और संवेदनशील है, मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस क्रम में औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा श्री गौरव शर्मा, औषधि निरीक्षक जबलपुर श्री शरद कुमार जैन, उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री शोभित कोस्टा को निलंबित और ड्रग कंट्रोलर श्री दिनेश मौर्य को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा प्रकरण के संबंध में सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर उच्च स्तरीय बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अभियान चलाकर घर-घर से रिकवर करें प्रतिबिंधत दवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोल्ड्रिफ सिरप के विक्रय पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही दुकानों में विद्यमान स्टॉक जप्त किया जाए। छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों में जिन परिवारों ने यह दवा ली है, उनके घरों से दवा रिकवर करने के लिए सघन अभियान चलाया जाए। आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं के साथ ही सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों का सहयोग लिया जाए। कोल्ड्रिफ सिरप दवा के अलावा पिछले दिनों क्षेत्र में बिकने वाली अन्य दवाओं की प्रभावशीलता का भी आकलन कराया जाए। दवाओं पर जो चेतावनी और सावधानियां लिखी जानी चाहिए, वह लिखी जा रही हैं या नहीं इसकी जांच के लिए अभियान आरंभ किया जाए। इन नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाए। चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कॉम्बिनेशन ड्रग नहीं देने की व्यवस्था है, जो डॉक्टर इस व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं, उन पर भी कार्यवाही की जाए। चिकित्सकों के संगठन और केमिस्ट एसोसिएशन का लिया जाए सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैडियाट्रिक्स सहित चिकित्सकों के विभिन्न संगठनों और केमिस्ट एसोसिएशन के सहयोग से आवश्यक सावधानियां अपनाने और जागरूकता फैलाने के लिए कदम उठाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा न बने इसके लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोल्ड्रिफ सिरप की निर्माता कंपनी पर कार्यवाही के लिए तमिलनाडु राज्य सरकार को घटनाक्रम से अवगत कराने के निर्देश भी दिए। छिंदवाड़ा जिले में सर्वे के माध्यम से चिन्हित किया गया प्रभावित मरीजों को बैठक में बताया गया कि छिंदवाड़ा से गंभीर प्रकरणों की जानकारी प्राप्त होते ही राज्य स्तर से चिकित्सकों का दल छिंदवाड़ा भेजा गया। नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल और सेंट्रल ड्रग्स स्टेण्डर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन का भी जांच में सहयोग लिया गया। आठ मरीजों की जाँच के लिए उनके नमूने पुणे स्थित प्रयोगशाला भेजे गए। साथ ही छिंदवाड़ा से विभिन्न दवाओं के सैम्पल लेकर उनकी जांच कराई गई। छिंदवाड़ा और परासिया के निजी चिकित्सकों, अस्पतालों और केमिस्ट के साथ बैठक कर स्थिति का आंकलन किया गया और उन्हें आवश्यक सावधानियां बरतने के संबंध में सलाह दी गई। छिंदवाड़ा जिले में प्रभावित मरीजों को चिन्हित करने के लिए सर्वे आरंभ किया गया। क्षेत्र से प्राप्त हो रहे इस प्रकार के प्रकरणों को आवश्यकता होने पर आगे के इलाज के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय नागपुर के लिए रैफर किया गया। जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर दवा पर प्रतिबंध लगाया गया तथा अस्पतालों और केमिस्टों के निरीक्षण की प्रक्रिया भी आरंभ की गई। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया तथा हिमाचल व तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर्स को दी सूचना बैठक में जानकारी दी गई कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया और हिमाचल प्रदेश व तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर्स को भी इस आशय की सूचना दी गई। तमिलनाडु ड्रग कंट्रोलर से कोल्ड्रिफ सिरप की जांच रिपोर्ट में नमूने अमान्य पाये जाने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए सिरप के विक्रय को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित किया गया। साथ ही अधिकांश मरीजों को कोल्ड्रिफ दवा लिखने तथा अपने परिवार के सदस्य के माध्यम से कोल्ड्रिफ दवा की ‍बिक्री कराने वाले डॉक्टर के निलंबन और दवा निर्माता के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री संदीप यादव सहित अधिकारी उपस्थित थे।  

परासिया में मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई, नियमों के उल्लंघन पर ड्रग लाइसेंस निरस्त

भोपाल खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय छिंदवाड़ा द्वारा विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर जिले के परासिया स्थित अपना मेडिकल स्टोर्स का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी  शरद कुमार जैन ने बताया है कि आदेश के पश्चात इस मेडिकल स्टोर्स द्वारा अब दवाओं का क्रय-विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन पर तीन से पाँच वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। अनुज्ञापन अधिकारी  जैन ने बताया कि विभिन्न बिंदुओं पर अपना मेडिकल स्टोर्स परासिया का निरीक्षण किया गया, जिसमें औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली 1945 के तहत गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं। निरीक्षण के दौरान विक्रय रिकॉर्ड अपूर्ण पाए गए, पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाओं का विक्रय किया जा रहा था तथा विक्रय बिल प्रस्तुत नहीं किए गए।इन उल्लंघनों के संबंध में औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किन्तु नियत अवधि में संचालक द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। उक्त के दृष्टिगत अपना मेडिकल स्टोर्स का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।  

गौ मांस मामले में भोपाल में फिर गरमाई स्थिति, रामेश्वर शर्मा ने अधिकारियों को सख्त कदम उठाने की अपील की

भोपाल  भोपाल में आज बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने परवलिया क्षेत्र में फिर से गौ मांस पकड़ा, जिससे क्षेत्र में एक बार फिर गौकशी का मामला उठ खड़ा हुआ है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक गंभीर चिंता का विषय है। शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बड़े अधिकारियों को सक्रियता से मैदान में उतरना होगा। उनका मानना है कि गौकशी करने वाले और लव जिहाद के मामलों में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। भोपाल में फिर गौ मांस का मामला, बोले रामेश्वर शर्मा "बड़े अधिकारी उतरें मैदान में, सरगना को पकड़ें" पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में, परवलिया सड़क थाना क्षेत्र में एक कार से मांस बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने मांस के साथ कार को जब्त कर लिया है। बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और पुलिस की जांच में सहयोग किया। इससे पहले, हबीबगंज क्षेत्र में भी गौ मांस पकड़े जाने की घटना हुई थी। विधायक रामेश्वर शर्मा ने उस मामले पर भी प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें उन्होंने पुलिस से गोकशी करने वालों की एक व्यापक सूची तैयार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल एक या दो मामलों में कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि गौहत्या के मामलों में शामिल सभी व्यक्तियों को अपराधी मानते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। शर्मा ने कहा कि गौ हत्यारों के हौसले तोड़ने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। सख्त कार्रवाई की आवश्यकता विधायक ने इस मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि गौ हत्यारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि वे उन लोगों के हाथ-पैर तोड़ने और उनके मकानों को तोड़ने की कार्रवाई करें जो गौकशी में लिप्त हैं। यह बयान उन्होंने उस समय दिया जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गौ मांस पकड़े जाने की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाई। समुदाय की भूमिका विधायक ने कहा कि समाज को भी इस मुद्दे पर जागरूक होना चाहिए और गौकशी के मामलों को रोकने के लिए एकजुट होना चाहिए। उन्होंने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में उनकी सक्रियता महत्वपूर्ण है। सरगनाओं को पकड़ें विधायक शर्मा ने यह भी कहा कि गौकशी करने वालों के सरगनों को पकड़ना आवश्यक है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई को और मजबूत करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हों।

सरकार की प्री-पेड बिजली योजना पर रोक, इंदौर नगर निगम और पुलिस ने नहीं किया अपनाना

इंदौर  सरकार द्वारा शुरू किया गया  प्री-पेड बिजली कनेक्शन सिस्टम खुद सरकारी विभागों के लिए चुनौती बन गया है। अगस्त महीने तक शहर के करीब 1300 सरकारी कनेक्शनों को प्री-पेड मोड पर लाना था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी केवल 350 कनेक्शन ही इसमें जोड़े जा सके हैं। खास बात यह है कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन जैसे बड़े उपभोक्ता भी अभी तक इस प्रणाली को अपनाने को तैयार नहीं हैं। आधे से ज्यादा विभागों ने कोषालय को न तो बिल भेजे हैं और न ही अग्रिम भुगतान किया है। योजना के तहत मोबाइल की तरह बिजली के लिए भी पहले रिचार्ज करवाने की व्यवस्था की जानी है। शुरुआत में सरकारी दफ्तरों को इसमें शामिल किया गया है, इसके बाद व्यावसायिक और घरेलू कनेक्शनों पर भी यह प्रणाली लागू की जाएगी। बिजली कंपनी की कोशिशें नाकाम, विभागों की बेरुखी बरकरार पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के इंदौर-उज्जैन संभाग में 15 जिले आते हैं। योजना के पहले चरण में इन जिलों के करीब 11 हजार सरकारी कनेक्शनों को प्री-पेड मोड में लाने का लक्ष्य रखा गया था। इंदौर शहर के लगभग 1300 सरकारी कनेक्शन इस सूची में थे, लेकिन अगस्त तक काम पूरा नहीं हो सका। बिजली कंपनी ने कोषालय के माध्यम से दो माह के अग्रिम बिल जमा कराने की व्यवस्था भी बना दी थी, परंतु वास्तविक अमल की रफ्तार बेहद धीमी रही। दिलचस्प बात यह है कि प्री-पेड योजना में सरकारी उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 25 पैसे की छूट भी दी जा रही है, इसके बावजूद विभागों की अनदेखी जारी है। निजी उपभोक्ताओं के लिए भी भविष्य में यह योजना लागू करने की तैयारी थी, लेकिन शुरुआती चरण की धीमी रफ्तार से अब यह योजना ठंडे बस्ते में जाती नजर आ रही है। जिन विभागों का बिजली खर्च ज्यादा, वही कर रहे उपेक्षा वित्त मंत्रालय ने सभी जिलों को अगस्त से पहले दो माह के अग्रिम बिल भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। बिजली कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगाकर सिस्टम अपग्रेड कर लिया, भुगतान फाइलें भेज दीं, लेकिन कई सरकारी विभागों ने सहयोग नहीं किया। जिन विभागों पर सबसे अधिक बिजली खर्च होता है, उन्हीं की फाइलें अटकी पड़ी हैं। नगर निगम और पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट रुख सामने नहीं आया है। न तो कोषालय को अग्रिम भुगतान की जानकारी दी गई और न ही सहमति पत्र भेजे गए। अस्पताल, थाने और जल प्रदाय जैसी आवश्यक सेवाओं को पहले चरण से फिलहाल बाहर रखा गया था, फिर भी जिन कनेक्शनों को शामिल किया जाना था, वहां भी प्रक्रिया सुस्त है। इंदौर में 7.75 लाख उपभोक्ताओं के लिए तैयारी, पर गति धीमी इंदौर शहर में करीब 7.75 लाख उपभोक्ता हैं और सभी को भविष्य में प्री-पेड सिस्टम में लाने की योजना है। अधिकांश जगहों पर स्मार्ट मीटर लग चुके हैं और सिस्टम भी अपग्रेड किया जा चुका है। पहले चरण में लगभग 1300 सरकारी कनेक्शनों को प्री-पेड मोड पर देना तय था, लेकिन अब तक केवल 350 कार्यालयों ने दो माह का अग्रिम बिल जमा किया है। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता डी.के. गांठें ने बताया कि “कंपनी ने पूरी तैयारी कर ली है, अब विभागों से अपेक्षित सहयोग मिलना बाकी है।” 

परासिया पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी, स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफा मांगा; दो मौतें सरकारी रिकॉर्ड से गायब: नाथ का आरोप

छिंदवाड़ा   जहरीले सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामले ने पूरे प्रदेश और देश को झकझोर दिया है। प्रशासन की लापरवाही भी खुलकर सामने आई है। सबसे हैरानी की बात यह रही कि अंतिम संस्कार से पहले किसी भी बच्चे का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। इसी वजह से जिले के मोक्ष धाम से पोस्टमार्टम के लिए 2 साल की बच्ची का शव कब्र से निकालना पड़ा। बच्ची के शव को गड्ढे से बाहर निकाला गया कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन के बाद 2 साल की योगिता ठाकरे की हालत बिगड़ गई थी और नागपुर के गणेश अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन विवाद बढ़ने पर रविवार को प्रशासन की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी; स्वास्थ्य मंत्री से मांगा इस्तीफा परासिया में 11 बच्चों समेत जिले में 14 बच्चों की मौत प्रतिबंधित कोल्ड्रिफ सिरप पीने से हुई है। इस घटना को लेकर पूरे प्रदेश में हड़कप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जबलपुर का प्रस्तावित दौरा निरस्त कर सोमवार को परासिया दौरे का कार्यक्रम आनन फानन में बनाया गया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव दोपहर 1.40 बजे छिंदवाड़ा हवाई पट्टी पहुंचेंगे। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर के जरिए परासिया जाएंगे। दोपहर 1.55 से 3.25 तक परासिया में मृतक बच्चों के स्वजनों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद छिंदवाड़ा लौटकर वह भोपाल के लिए रवाना होंगे। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मृतक बच्चों के स्वजनों से मुलाकात करने पहुंच गए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मांगा स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा जीतू पटवारी ने परासिया पहुंचकर पीड़ित अभिभावकों से मुलाकात की। जीतू पटवारी ने कहा कि इस मामले में डॉक्टर को गिरफ्तार करने से काम नहीं चलेगा। बल्कि इस गंभीर लापरवाही के लिए स्वास्थ्य मंत्री, पीएस को इस्तीफा देना चाहिए। पटवारी ने कहा कि इस मामले में लीपापोती की जा रही है। डॉक्टर का काम दवाई लिखना होता है। अगर इस प्रकार पूरे प्रदेश में दवाई वितरित हुई है तो क्या सब डॉक्टर पर इसी तरह कार्रवाई की जाएगी। जरूरत है कि दवा कंपनी और इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। नेता प्रतिपक्ष ने उठाया सवाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार में छिंदवाड़ा के परासिया में हुई बच्चों की मौत के मामले में सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। जब हमारे विधायक जब धरने पर बैठे तब सरकार जागी। कोई भी प्रतिनिधि सरकार का वहां नहीं पहुंचा। प्रभावित परिवार को 10 लाख रुपये की तत्काल दी जाए। स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए और ड्रग कंट्रोलर पर कार्रवाई होनी चाहिए। 14 स्वजन को 4-4 लाख की सहायता एडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि "14 लोगों को मुख्यमंत्री द्वारा घोषित की गई 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि दी गई है। जिसमें 11 बच्चे परासिया के 2 बच्चे छिंदवाड़ा और एक चौरई का है। जबकि अभी 8 बच्चे एडमिट हैं। जिनमें 4 सरकारी अस्पताल में 1 एम्स है, जबकि 3 निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। अभी तक इस मामले की बात करें तो 22 सितंबर को सबसे ये मामले सामने आया था। जहां छिंदवाड़ा के परासिया विकासखंड में मामलू सर्दी जुकाम और बुखार के बाद बच्चों का इलाज कराया गया। जहां कुछ वक्त के बाद उनमें किडनी इंफेक्शन की समस्या आई। छिंदवाड़ा के बाद इन बच्चों को नागपुर में भर्ती कराया गया। जहां जांच में किडनी इंफेक्शन होने की बात सामने आई थी। पहले तीन फिर यह संख्या बढ़ते-बढ़ते 9 पहुंची, इसके बाद शनिवार रात 10 बच्चों की मौत की जानकारी आई। वहीं रविवार यानि 5 अक्टूबर को एडीएम ने 14 बच्चों के मौत की पुष्टि की। मामले में अभी तक कोलड्रिफ और नेक्सट्रो डीएस सिरप को बैन कर दिया गया है।वहीं दिल्ली से इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की टीम दो बार छिंदवाड़ा आकर पानी खाना-पीना सहित सिरप के सैंपल लेकर गई है। आरोपित डॉक्टर गिरफ्तार मामले में पुलिस ने आरोपित डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया है। मामला दर्ज होने से बाद डॉ. प्रवीण सोनी को सस्पेंड कर दिया गया है। डॉक्टर की क्लिनिक के पास ही उनकी पत्नी मेडिकल स्टोर चलाती हैं। जहां से दवाएं खरीदी गई थीं। सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन और डॉक्टर प्रवीण सोनी के खिलाफ परासिया थाने में 3 अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया गया है। बीएनएस की धारा 276, दवा में मिलावट मामले में 1 साल की सजा हो सकती है। वहीं, बीएनएस की धारा 105 में कल्पेबल होमीसाइड मामले में 10 साल की सजा दी जा सकती है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 27 ए मिलावटी ड्रग से मौत के मामले में 10 साल से अधिक या आजीवन जेल की सजा हो सकती है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप तमिलनाडु की कंपनी श्रीसन बनाती है, जिसकी फैक्ट्री कांचीपुरम में है। छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत की खबरों के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने तमिलनाडु से कोल्ड्रिफ की जांच करने को कहा था। जांच में कोल्ड्रिफ सिरप को नाट आफ स्टैंडर्ड क्वालिटी यानी घटिया क्वालिटी का करार दिया गया। कोल्ड्रिफ में 48.6 फीसदी डाय-इथिलीन ग्लाइकाल मिला जो जहरीला पदार्थ है और इससे किडनी खराब हो सकती है। सांसद नकुल नाथ का आरोप, सरकारी रिकॉर्ड में दो बच्चों की मौत दर्ज नहीं हुई  पूर्व सांसद नकुल नाथ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में व्यक्त किए कि जिले के परासिया क्षेत्र में एक बच्चे को मामूली मौसमी बुखार था। स्वजनों ने डॉक्टर को दिखाया, डॉक्टर ने सिरप दिया। सिरप पीने के बाद बच्चे का पेशाब बंद हुआ, इलाज चलता रहा, लेकिन अंततः उसकी सांसें थम गईं। सवाल उठता है कि पहली ही मौत के बाद जिम्मेदारों ने ठोस कदम क्यों नहीं उठाए? पहली मृत्यु 4 सितंबर को शिवम (4) की किडनी फेल होने से हुई, लेकिन जवाबदारों ने उस मामले की अनदेखी कर दी । नाथ ने कहा कि जब चार बच्चों को पुन: किडनी फेलियर की वजह से नागपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब किडनी की बायोप्सी से पता चला कि इन बच्चों की मौत का कारण जहरीला कफ सिरप है । उसके बाद भी डाक्टर इसे लिखते रहे और … Read more