samacharsecretary.com

केंद्र से 3% पीछे मप्र का डीए-डीआर, कर्मचारी बोले—बढ़े महंगाई भत्ता और मिले फेस्टिवल बोनस

भोपाल  केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) दे दी है। इसे लेकर मध्यप्रदेश के कर्मचारी भी सक्रिय हो गए हैं। कर्मचारियों ने दीपावली से पहले 3% डीए एवं डीआर और बोनस देने की मांग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से की है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि दीपावली से पहले ये लाभ दे दिया जाए, ताकि कर्मचारियों के परिवार त्योहार खुशियों के साथ मना सकें। प्रदेश के कर्मचारियों ने फेस्टिवल एडवांस की राशि बढ़ाने की भी मांग की है। उधर, माना जा रहा है कि राज्य सरकार जल्द ही कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। प्रदेश में मिल रहा 55% डीए, केंद्र में बढ़कर हुआ 58% वर्तमान में मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को 55% की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारियों का डीए अब 3% बढ़कर 58% हो गया है। राज्य के कर्मचारियों का डीए जुलाई 2025 से ड्यू है, जिसे अभी तक नहीं बढ़ाया गया है। इससे प्रदेश के कर्मचारियों में नाराजगी है, क्योंकि उन्हें हमेशा केंद्र के बाद देरी से डीए वृद्धि मिलती है। 29 साल से बंद है बोनस कर्मचारी संगठनों ने याद दिलाया कि वर्ष 1996 से प्रदेश में बोनस बंद है। उस समय कर्मचारियों को 1079 रुपए तक बोनस के रूप में दिया जाता था। केंद्र सरकार और रेलवे आज भी अपने कर्मचारियों को दीपावली बोनस देती हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में यह सुविधा वर्षों से बंद है। कर्मचारी संगठनों ने कहा- सरकार कहती है कि राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन बोनस न देना उनकी ‘कथनी और करनी’ में फर्क दिखाता है। केंद्र सरकार अक्टूबर में फिर बढ़ा सकती है डीए सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार अक्टूबर माह में अपने कर्मचारियों का डीए 3% बढ़ाने की घोषणा कर सकती है। इससे डीए 58% से बढ़कर 61% तक पहुंच जाएगा। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है- आमतौर पर मध्यप्रदेश सरकार केंद्र के बाद ही डीए वृद्धि का ऐलान करती है। इसलिए उम्मीद है कि केंद्र के फैसले के बाद राज्य सरकार भी जल्द घोषणा करेगी। अक्टूबर में आएगी एरियर की आखिरी किस्त प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2025 में कर्मचारियों का डीए 5% बढ़ाया था, जिससे दर 55% हो गई थी। इसके साथ ही सरकार ने एरियर का भुगतान 5 किस्तों में करने का निर्णय लिया था। अब अक्टूबर में एरियर की अंतिम किस्त कर्मचारियों के खातों में आने वाली है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उसी समय डीए वृद्धि और बोनस का ऐलान भी किया जाएगा। 10 हजार फेस्टिवल एडवांस की मांग राज्य कर्मचारी संघ के महामंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा- केंद्रीय कर्मचारियों को कभी डीए क मांग नहीं करनी पड़ती, लेकिन मध्यप्रदेश में बार-बार आग्रह करना पड़ता है। इस बार उम्मीद है कि सरकार दीपावली से पहले समय पर डीए और बोनस देगी। उन्होंने साथ ही यह मांग भी रखी कि कर्मचारियों को 10 हजार रुपए का फेस्टिवल एडवांस दिया जाए, ताकि वे त्योहार के दौरान आर्थिक रूप से सहज रह सकें। 10 लाख कर्मचारी-पेंशनर्स होंगे प्रभावित तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि दीपावली के अवसर पर हर घर में खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में सरकार को कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के लिए बोनस के साथ 3% महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देना चाहिए। इससे प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने भी सरकार से दीपावली से पहले महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने की मांग की है। प्रदेश के कर्मचारियों को मिल रहा 55% डीए वर्तमान में मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को 55% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारी अब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 58% डीए प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश के कर्मचारियों का जुलाई 2025 से डीए ड्यू है। 29 साल से बंद बोनस देने की मांग कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्ष 1996 से प्रदेश में बोनस बंद है, जबकि उस समय कर्मचारियों को 1079 रुपए तक बोनस के रूप में मिलता था। केंद्र और रेलवे आज भी अपने कर्मचारियों को दीपावली बोनस दे रहे हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। यह फिर से शुरू किया जाना चाहिए। संगठनों ने कहा कि सरकार एक ओर दावा करती है कि कर्मचारियों को केंद्र के समान सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन बोनस न देना “कथनी और करनी में अंतर” दर्शाता है। कर्मचारी संगठनों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव दीपावली से पहले कर्मचारियों को राहत देने का फैसला लेकर त्योहार की खुशियां दो गुनी करेंगे। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा कर्मचारियों को दीपावली के पहले 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिए जाने के बाद अब राज्य के कर्मचारी भी मोहन सरकार से महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहा है कि एमपी में काम कर रहे कर्मचारियों को केंद्र सरकार के बराबर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देकर बोनस दिया जाए ताकि कर्मचारी त्यौहार खुशियों के साथ मना सकें। इसके साथ ही फेस्टिवल एडवांस भी बढ़ी हुई राशि के साथ देने की मांग की जा रही है। उधर माना जा रहा है कि जल्दी ही राज्य सरकार भी कर्मचारियों के लिए डीए देने का ऐलान कर सकती है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जिस प्रकार से केंद्र एवं रेलवे द्वारा दीपावली के अवसर पर बोनस एवं 3% महंगाई भत्ता, महंगाई राहत एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों को प्रदान कर दी गई है उसी प्रकार मध्य प्रदेश सरकार भी दीपावली के त्योहार पर कर्मचारियों को आर्थिक रूप से खुशियां दे। प्रदेश में वर्ष 1996 से बोनस बंद है। वर्ष 1996 तक 1079 रुपए बोनस के रूप में कर्मचारियों को प्राप्त होते थे। वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारियों को 55% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा आज भी अपने कर्मचारियों को बोनस दिया जा रहा है वहीं मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को बोनस से वंचित कर दिया गया है। संगठनों के अनुसार एक तरफ प्रदेश सरकार द्वारा कहा जाता है कि केंद्र के समान … Read more

गौ-शालाओं और पशुपालकों को आयोजन में बनायें सहभागी: मुख्यमंत्री डॉ.यादव

लोक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार मनाया जाए गोवर्धन पर्व : मुख्यमंत्री डॉ.यादव गौ-शालाओं और पशुपालकों को आयोजन में बनायें सहभागी: मुख्यमंत्री डॉ.यादव दुग्ध उत्पादन तथा पशुपालन में विशेष उपलब्धियां दर्ज कराने और नवाचार करने वाले उद्यमियों को करें सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन पर्व संबंधी बैठक में दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 21 अक्टूबर को गोवर्धन पर्व लोक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार मनाया जाए। आयोजन में गौशालाओं तथा पशुपालकों को विशेष रूप से सहभागी बनाया जाए। साथ ही गोवर्धन पर्व पर पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में विशेष उपलब्धियां दर्ज करने और नवाचार करने वाले उद्यमियों को सम्मानित भी किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव गोवर्धन पर्व आयोजन के संबंध में सोमवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्य सचिव  अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की गौ-शालाओं में गोवर्धन पर्व का सामुदायिक आयोजन होगा। गोवर्धन पर्व का मुख्य आयोजन रवीन्द्र भवन भोपाल में किया जाएगा, जिसमें गोवर्धन पूजन, परिक्रमा, अन्नकूट भोग मुख्य होगा। इस अवसर पर पशुचारक समुदायों की कला, बरेदी और ठाट्या नृत्य आदि का प्रस्तुतीकरण होगा। कार्यक्रम में जैविक उत्पादक, दुग्ध उत्पाद, गोबर आधारित शिल्प के स्टॉल लगाए जाएंगे, साथ ही पशुपालन, कृषि, सहकारिता विभाग की योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष व्यवस्था होगी। इसके साथ ही ग्रामीण आजीविका के लिए दुग्ध उत्पादन और वृंदावन ग्राम योजना के विस्तार के लिए भी गतिविधियों का संचालन होगा। गोवर्धन पर्व पर सभी जिलों में गतिविधियां संचालित की जाएंगी। आंगनवाड़ी केंद्रों में पंचगव्य उत्पाद जैसे घी, दूध, पनीर और दही से बनी सामग्री का वितरण किया जाएगा।  

सिंहस्थ की तैयारी में तेजी लाएं, समय-सीमा में काम पूरा करें: मंत्री तोमर का निर्देश एम.पी. ट्रांसको को

सिंहस्थ के कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें एम.पी. ट्रांसको : मंत्री  तोमर सिंहस्थ-2028 के लिये एम.पी. ट्रांसको के कार्यों की समीक्षा की जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मुख्यालय जबलपुर में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) द्वारा सिंहस्थ-2028 के लिये किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा में ऊर्जा मंत्री  तोमर को एम.पी. ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने वर्तमान कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। मंत्री  तोमर ने निर्देश दिये कि सिंहस्थ-2028 प्रदेश सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है, सिंहस्थ के कार्यों की नियमित निगरानी रखी जायें और तय समय सीमा व उच्च गुणवत्ता के साथ सभी कार्य पूरे किये जाये। एम.पी. ट्रांसको उज्जैन में कर रही है यह कार्य मंत्री  तोमर ने सिंहस्थ-2028 में उज्जैन में निर्वाध विद्युत आपूर्ति के लिये पहले चरण में निर्माणधीन 132 के.व्ही. सब स्टेशन चिंतामन एवं 132 के.व्ही. सब स्टेशन त्रिवेणी बिहार के निर्माण कार्यों की प्रगति जानी। इसके अलावा एम.पी. ट्रांसकों 220 के.व्ही. सब स्टेशन शंकरपुरा में वर्तमान 20 एम.व्ही.ए. क्षमता के अपग्रेड कर 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का तथा अपने 400 के.व्ही. सब स्टेशन ताजपुर में 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर रही है। जिनकी कार्य प्रगति के बारे मे भी ऊर्जा मंत्री ने जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश दिये।  

पीएम कन्या विद्यालय में बर्बरता: प्राचार्य की मार से छात्राएं बेहोश, एक की हाथ की हड्डी टूटी

मैहर शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक चौंकाने वाली घटना रामनगर से सामने आई है। पीएम श्री कन्या विद्यालय रामनगर में सोमवार को विद्यालय के प्राचार्य प्राचार्य संतोष पटेल द्वारा तीन छात्राओं की बेरहमी से पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है।   घटना के बाद बेहोश हुई छात्राएं घटना के बाद छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ीं, जिनमें से एक छात्रा का हाथ टूटने की जानकारी मिली है। जानकारी के मुताबिक विद्यालय की तीन छात्राओं ने कक्षा में किसी मामूली गलती पर माफी मांगी थी, लेकिन प्राचार्य का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने छात्राओं को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया।   प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिटाई इतनी क्रूर थी कि छात्राएं बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं। विद्यालय परिसर में हडक़ंप मच गया। अन्य शिक्षक और छात्राएं भयभीत हो गईं। इस घटना से अभिभावकों और क्षेत्रवासियों में गुस्सा है। लोगों ने मांग की है कि आरोपी प्राचार्य को तत्काल निलंबित कर कठोर कार्रवाई की जाए। वहीं विद्यालय प्रबंधन ने भी मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। मौके पर पहुुंचीं तहसीलदार घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम मैहर अनामिका सिंह के निर्देश पर तहसीलदार रामनगर मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने घायल छात्राओं का बयान दर्ज किया। छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। एक छात्रा के हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि डॉक्टरों ने की है। तहसीलदार ने बताया कि घटना की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और जिला शिक्षा अधिकारी को विस्तृत प्रतिवेदन भेजा जाएगा। उन्होंने कहा, "छात्राओं के कथन लिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में प्राचार्य की मारपीट की पुष्टि हुई है। मामले की पूरी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा रही है।" पहले कस्तूरबा गांधी छात्रावास के रह चुके प्रभारी सूत्रों के अनुसार, आरोपी प्राचार्य प्राचार्य संतोष पटेल पहले कस्तूरबा गांधी छात्रावास के प्रभारी रह चुके हैं। उनके खिलाफ पहले भी छात्राओं के साथ अभद्रता और अनुचित व्यवहार के आरोप लग चुके हैं, जिसके चलते उन्हें उस पद से हटाया गया था। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई से आहत होकर उन्होंने विद्यालय में छात्राओं के प्रति क्रूरता दिखाई।

एम.पी. ट्रांसको में व्हाट्सएप की जगह अब ‘अराताई’

भारत में निर्मित स्वदेशी ऐप का सफल प्रयोग भोपाल  आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने भारत में निर्मित स्वदेशी मैसेजिंग ऐप अराताई का प्रयोग शुरू कर दिया है। ज़ोहो कॉर्प द्वारा विकसित यह ऐप विदेशी प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप का सुरक्षित और मजबूत विकल्प माना जा रहा है। एम.पी. ट्रांसको में सबसे पहले शहडोल डिवीजन के कार्यपालन अभियंता श्री चंद्रभान कुशवाहा ने कार्यालयीन संवाद और फाइल शेयरिंग के लिए स्वदेशी अराताई का उपयोग प्रारंभ किया है। उन्होंने बताया कि “अराताई पूरी तरह भारत में विकसित सुरक्षित और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म है, जिससे विभागीय संवाद को स्वदेशी तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाया जा सकेगा।” ऐप में उच्च स्तरीय डेटा सुरक्षा, ग्रुप मैसेजिंग, मल्टी-डिवाइस सपोर्ट और तेज़ फ़ाइल शेयरिंग जैसी सुविधाएं हैं। इसका डेटा भारत के सर्वरों पर सुरक्षित रहता है। श्री कुशवाहा की पहल से शहडोल डिवीजन का संपूर्ण आंतरिक संचार अब अराताई के माध्यम से हो रहा है। एम.पी. ट्रांसको की यह पहल डिजिटल आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीकी समाधानों को प्रोत्साहित करने की दिशा में सराहनीय कदम है।  

मंत्री सिलावट ने कहा- जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर कराएं विकास कार्य

भोपाल  जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि अधिकारी शासकीय विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर कार्य करें। उन्हें कार्यों की जानकारी दें तथा उनके सुझावों पर भी अमल किया जाए। जल संसाधन मंत्री सोमवार को मंत्रालय में पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत कुंभराज परियोजना संबंधी बैठक ले रहे थे। बैठक में सांसद राजगढ़ श्री रोडमल नागर, विधायक चाचौड़ा श्रीमती प्रियंका पेंची, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन श्री राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता श्री विनोद देवड़ा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर गुना ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना के रूप में मध्यप्रदेश को एक बड़ी सौगात दी है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व.श्री अटल बिहारी वाजपेयी का नदी जोड़ो का सपना मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में साकार हो रहा है। यह अनूठी परियोजना है जिसमें केंद्र सरकार द्वारा 90% राशि दी जा रही है, राज्य सरकारों को केवल 10% राशि वहन करनी है। इसके पूरा होने पर क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाना हमारी सरकार का संकल्प है। बैठक में बताया गया कि संशोधित पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना से मध्यप्रदेश में 6 लाख 11 हज़ार 50 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा के साथ 40 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी। इस परियोजना के एक घटक के रूप में कुंभराज परियोजना सबसे बड़ी परियोजना है। परियोजना से सबसे ज्यादा लाभ गुना जिले की विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा के किसानों को होगा। बैठक में तकनीकी रूप से उपयुक्त स्थल पर ही निर्माण कार्य किये जाने के निर्देश दिये गये। मंत्री श्री सिलावट ने बैठक में निर्देश दिए कि कुंभराज परियोजना अंतर्गत प्रभावित परिवारों का भू अर्जन एवं पुनर्वास आदि के कार्य शासन के नियम अनुसार और निर्धारित समय अवधि में किए जाएं। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए विशेष पैकेज का आग्रह किया, इस पर मंत्री श्री सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से इस सम्बन्ध में चर्चा करने का आश्वासन दिया।  

MP High Court ने जोड़ा फासला खत्म किया: अलग होना चाहते थे ये दंपति, फिर हुआ ऐसा

ग्वालियर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में युगल पीठ ने चार साल से विवादों में उलझे एक दंपती को फिर से मिला दिया है। न्यायालय के निर्देश पर 30 दिन साथ रहने के बाद दोनों ने आपसी मतभेद सुलझा लिए और अब उन्होंने तलाक नहीं लेने का फैसला किया है। दंपती ने एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने और पत्नी द्वारा पति को दी गई भरण-पोषण राशि लौटाने पर भी सहमति जताई है। पीठ ने कहा कि जब पति-पत्नी आपसी सहमति से साथ रहना चाहते हैं, तो न्यायालय का उद्देश्य भी पारिवारिक जीवन में शांति, स्थायित्व और समरसता स्थापित करना है।   2022 से थे अलग, अब फिर बने एक-दूसरे का सहारा भिंड निवासी राहुल और श्वेता (परिवर्तित नाम) के बीच जरा-जरा सी बातों पर विवाद शुरू हुआ था, जिसके चलते दोनों 2022 से अलग रह रहे थे। वर्ष 2023 में भिंड कुटुंब न्यायालय में तलाक का आवेदन खारिज कर दिया था, लेकिन इसके बाद राहुल ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत हाईकोर्ट में दोबारा तलाक की याचिका दायर की। इन बातों पर हुआ समझौता     पति के खिलाफ दायर सभी आपराधिक और दीवानी प्रकरण पत्नी 15 दिनों में वापस लेंगी।     पति द्वारा दी गई स्थायी भरण-पोषण राशि पत्नी लौटाएंगी।     दोनों एक-दूसरे के प्रति सम्मान और शांति के साथ साथ रहेंगे।     किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या उत्पीड़न नहीं करेंगे। साथ रहने के दिए निर्देश सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने दंपती को 30 दिन साथ रहने का निर्देश दिया, ताकि वे आपसी मतभेद सुलझा सकें। एक माह बाद दोनों दोबारा कोर्ट में उपस्थित हुए और बताया कि वे अब साथ रहना चाहते हैं। पत्नी ने कुछ मामूली शिकायतें रखीं, जिन पर न्यायालय ने कहा कि वैवाहिक जीवन में ऐसे मुद्दे समझदारी और सहनशीलता से सुलझाए जा सकते हैं।अदालत ने शासकीय अधिवक्ता अंजलि ग्यानानी को मामले में ‘शौर्या दीदी’ नियुक्त किया है। वे अगले 6 माह तक पत्नी का मार्गदर्शन और सहयोग करती रहेंगी, ताकि दाम्पत्य जीवन में स्थायी शांति और विश्वास बना रहे।

MP Transco ने व्हाट्सएप को कहा अलविदा, अब स्वदेशी ऐप ‘अराताई’ का सफल प्रयोग

भोपाल “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने भारत में निर्मित स्वदेशी मैसेजिंग ऐप अराताई का प्रयोग शुरू कर दिया है। ज़ोहो कॉर्प द्वारा विकसित यह ऐप विदेशी प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप का सुरक्षित और मजबूत विकल्प माना जा रहा है। एम.पी. ट्रांसको में सबसे पहले शहडोल डिवीजन के कार्यपालन अभियंता चंद्रभान कुशवाहा ने कार्यालयीन संवाद और फाइल शेयरिंग के लिए स्वदेशी अराताई का उपयोग प्रारंभ किया है। उन्होंने बताया कि “अराताई पूरी तरह भारत में विकसित सुरक्षित और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म है, जिससे विभागीय संवाद को स्वदेशी तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाया जा सकेगा।” इस ऐप में उच्च स्तरीय डेटा सुरक्षा, ग्रुप मैसेजिंग, मल्टी-डिवाइस सपोर्ट और तेज़ फ़ाइल शेयरिंग जैसी सुविधाएं हैं। इसका डेटा भारत के सर्वरों पर सुरक्षित रहता है। श्री कुशवाहा की पहल से शहडोल डिवीजन का संपूर्ण आंतरिक संचार अब अराताई के माध्यम से हो रहा है। एम.पी. ट्रांसको की यह पहल डिजिटल आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीकी समाधानों को प्रोत्साहित करने की दिशा में सराहनीय कदम है।  

भावांतर योजना से किसानों को मिले अधिकतम लाभ, पंजीयन केंद्र बढ़ाएं, प्रचार तेज़ करें : मंत्री सुश्री भूरिया

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकता वाली भावांतर भुगतान योजना की प्रगति की समीक्षा आज महिला एवं बाल विकास मंत्री और मंदसौर-नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। बैठक में मंदसौर और नीमच जिलों के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सुश्री भूरिया नेवीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को योजना का लाभ सुचारु रूप से और समय पर मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करना है और सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र किसान इससे वंचित न रहे। उन्होंने मंडियों एवं उपमंडियों में हेल्प डेस्क स्थापित करने, पर्याप्त मात्रा में पंजीयन केंद्र संचालित करने और प्रचार-प्रसार के माध्यम से योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मंदसौर जिले में अब तक 16,385 किसानों का पंजीयन हो चुका है और 256 पंजीयन केंद्रों के माध्यम से यह प्रक्रिया लगातार जारी है। इनमें से 68 केंद्र सहकारी समितियों में संचालित हैं। जिला प्रशासन ने खरीदी प्रक्रिया के लिए मंडियों में पेयजल, छांव, तकनीकी सहायता, रियल टाइम स्टॉक मॉनिटरिंग और मॉडल रेट निगरानी की प्रभावी व्यवस्था की है। पंजीयन कार्य 3 से 17 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि खरीदी प्रक्रिया 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक प्रस्तावित है। नीमच जिले में भी योजना के अंतर्गत पंजीयन कार्य तेज़ी से चल रहा है। अब तक 7,000 से अधिक किसानों का पंजीयन हो चुका है और जिले में 71 पंजीयन केंद्र कार्यरत हैं। इनमें से 68 सहकारी समितियों में एवं 3 मार्केटिंग सोसायटी में संचालित हैं। मंडियों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और प्रचार के लिए पोस्टर, बैनर, पंपलेट के साथ कृषि गोष्ठियों का भी आयोजन किया जा रहा है। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाकर उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे प्रत्येक स्तर पर यह सुनिश्चित करें कि किसानों को कोई परेशानी न हो और योजना का लाभ उन्हें पारदर्शी एवं सरल प्रक्रिया के तहत प्राप्त हो।  

मेधावी प्रशिक्षणार्थियों की मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सौजन्य भेंट, ITI में चमकी प्रतिभा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) के मेधावी प्रशिक्षणार्थियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी होनहार प्रशिक्षणार्थियों को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल सहित कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बैतूल जिले की सुश्री त्रिशा तावड़े (ऑल इंडिया में केंद्रीय जोन की टॉपर), भोपाल जिले की सुश्री चंचल सैवारिक (ऑल इंडिया में ट्रेड कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (VI & OD) में महिला टॉपर), जबलपुर जिले की सुश्री पूजा जाटव (ऑल इंडिया में ट्रेड ड्रोन तकनीशियन में महिला टॉपर), उज्जैन जिले के श्री श्याश महेश्वरी (ऑल इंडिया में ट्रेड फैशन डिजा़इन एंड टेक्नोलॉजी में पुरुष टॉपर, बालाघाट जिले के श्री अमन गजभिये (ऑल इंडिया में ट्रेड मेसन बिल्डिंग कंस्ट्रक्टर में पुरुष टॉपर) जबलपुर जिले की सुश्री श्रुति विश्वकर्मा (ऑल इंडिया में ट्रेड मैकेनिक (ट्रैक्टर) में महिला टॉपर, बैतूल जिले के श्री अरविंद कुमरे (ऑल इंडिया में ट्रेड मैकेनिक कंप्यूटर हार्डवेयर में पुरुष टॉपर), बैतूल जिले की सुश्री निकिता तायवडे (ऑल इंडिया में ट्रेड मैकेनिक कंप्यूटर हार्डवेयर में महिला टॉपर), भोपाल जिले के श्री अभिजीत सिंह सिसोदिया (ऑल इंडिया में ट्रेड मिल्क एवं मिल्क प्रोडक्ट तकनीशियन में पुरुष टॉपर) एवं खरगोन जिले के श्री शिवम यादव (ऑल इंडिया में ट्रेड स्टेनोग्राफर एवं सेक्रेटेरियल असिस्टेंट (हिंदी) में पुरुष टॉपर) ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने इन प्रशिक्षणार्थियों की विशिष्ट उपलब्धियों से अवगत कराया। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 प्राप्त तीन शिक्षकों ने भी की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सोमवार को मंत्रालय में ही राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 प्राप्त मध्यप्रदेश के तीन शिक्षकों ने भी सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।