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उद्योगों की साझेदारी से मध्यप्रदेश को अग्रणी राज्य बनाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उद्योगों की साझेदारी से मध्यप्रदेश को अग्रणी राज्य बनाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प – उद्योगों के सहयोग से मध्यप्रदेश को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे "कैप्टन्स ऑफ इंडस्ट्री" कार्यक्रम में प्रदेश के 52 उद्यमी हुए सम्मानित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को विकास की दृष्टि से सबसे अव्वल राज्य बनाने में उद्योग जगत की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार और प्रदेश के नागरिकों के साथ उद्योग जगत के प्रयास आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में सहयोगी होंगे। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र का नेतृत्व करते हुए वर्ष 2014 के बाद दृश्य बदल दिया है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करने के लिए ऐसी नीतियों का निर्माण किया गया है जो विकास के द्वार खोलती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार की शाम होटल कोर्टयार्ड मैरियट में "कैप्टन्स ऑफ इंडस्ट्री" कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों के 52 उद्यमियों को सम्मानित कर रहे थे। कार्यक्रम में उद्योग, व्यापार, रियल स्टेट और सेवा क्षेत्र में कार्य करने वाले उत्कृष्ट लीडर सम्मानित किए गए। यह कार्यक्रम नवदुनिया-नईदुनिया (दैनिक जागरण समूह) ने आयोजित किया, जो संस्थान के आयोजन का 13वां संस्करण था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सम्मानित उद्यमियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पूरे विश्व के समक्ष यह स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री  मोदी की कार्य दक्षता, सजगता, नवाचार और कदम से कदम मिलाकर चलने की विशेषताओं से भारत की नई पहचान बन रही है। प्रधानमंत्री जी के चिंतन का दायरा व्यापक है। उन्होंने जीएसटी में कमी करने के साथ ही कर व्यवस्थाओं को सरल बनाने का ठोस कार्य किया है। यही कारण है कि आयकर का विवरण देने में उद्यामियों से लेकर आम नागरिकों तक सभी को बेहतर नीतियों का लाभ मिल रहा है। तकनीक का आवश्यक उपयोग भी हो रहा है। उद्यमशील लोगों को प्रोत्साहन मिल रहा है। उद्योगों को कर्म आधारित कार्य पद्धति अपनाने और अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दिलवाने के लिए समर्थ बनाया जा रहा है। पूर्व के वर्षों में जो अव्यवस्थाएं थीं, वे सुव्यवस्था में बदल चुकी हैं। उद्योग जगत के बिना विकास की कल्पना नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग जगत के बिना राष्ट्र के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उद्यमी अलग-अलग सेक्टर्स में नया और बेहतर कार्य कर रहे हैं। उनके नई दुनिया बनाने के प्रयत्नों में नई दुनिया जैसे समाचार पत्रों से मिलने वाला प्रोत्साहन भी मायने रखता है। मध्यप्रदेश के अलग-अलग स्थानों के उद्यमियों को कैप्टन्स ऑफ इंडस्ट्री कार्यक्रम के अंतर्गत सम्मानित किए जाने का कार्य महत्वपूर्ण और सराहनीय है। ऐसे विजनरी लीडर जो समर्पण, नवाचार और नेतृत्व से समाज के साथ ही अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान देते हैं। जीवन में अच्छा और सच्चा कार्य करने वालों का मनोबल बढ़ाना हम सभी का दायित्व है। प्रारंभ में जागरण समूह के कार्यकारी अध्यक्ष  देवेश गुप्त और सीईओ  संजय शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ.यादव का स्वागत किया। राज्य संपादक  सद्गुरु शरण अवस्थी ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर नाद युग गुरूकुल इंदौर के कलाकारों ने नृत्य गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में  आशीष अग्रवाल, जनसम्पर्क आयुक्त  दीपक सक्सेना भी उपस्थित थे।  

जिला दण्डाधिकारी छतरपुर ने 8 जिला बदर के प्रकरणों में की बड़ी कार्यवाही

जिला दण्डाधिकारी छतरपुर ने 8 जिला बदर के प्रकरणों में की बड़ी कार्यवाही 1 अनावेदक को छः माह के लिए जिला बदर एवं 7 के विरूद्ध थाना हाजिरी देने की कार्यवाही हुई     छतरपुर जिला दण्डाधिकारी पार्थ जैसवाल ने पुलिस अधीक्षक से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर 6 अक्टूबर 2025 को 8 जिला बदर के प्रकरणों में एक अनावेदक के विरूद्ध जिला बदर एवं सात के विरूद्ध थाना हाजिरी देने की कार्यवाही की है। जिला दण्डाधिकारी श्री जैसवाल ने अनावेदक मोनू खान उर्फ पायलेट पिता जफर खान उम्र 25 वर्ष नजरबाग छतरपुर थाना कोतवाली की आपराधिक गतिविधियों पर तत्काल नियंत्रण करने के उद्देश्य से म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3(2) एवं 5 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अनावेदक को छः माह के लिए जिले एवं समीपवर्ती सीमा पर लगे हुए जिलों की भौगोलिक सीमाओं से निष्काषित किया है।      इसके अलावा गौरव प्रताप सिंह उर्फ वाणीराजा दलीपुर थाना बमनौरा, दद्दू उर्फ देवेन्द्र रैकवार परा चौकी थाना मातगुवां, बल्लू उर्फ बलवंत सिंह ठाकुर बारीगढ़ थाना जुझारनगर, अवधेश प्रताप सिंह उर्फ रासू राजा चैतगिरी कॉलोनी थाना कोतवाली छतरपुर, मुकेश उर्फ मुक्के कुशवाहा हनुमान टौरिया के पीछे थाना कोतवाली छतरपुर, सुकसाब उर्फ भज्जू यादव भर्षखेरा थाना बमनौरा एवं हल्के यादव भर्षखेरा थाना बमनौरा को आगामी 1 वर्ष तक सप्ताह में 2 दिन थाना हाजरी देने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री विजयवर्गीय ने नगरीय विकास योजनाओं की समीक्षा की, अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को मंत्रालय में नगरीय निकायों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री  विजयवर्गीय ने सभी महापौर से वन-टू-वन चर्चा भी की। साथ ही उनके द्वारा बतायी गयी क्षेत्रीय समस्याओं को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि स्थानीय जन-प्रतिनिधियों के अनुभव और सुझाव नगरीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उनकी बातों को प्राथमिकता दी जाए। मंत्री  विजयवर्गीय ने अधिकारियों को लक्ष्य प्राप्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छता पखवाड़ा और लिगेसी वेस्ट प्रबंधन परियोजनाओं की भी समीक्षा की। इसमें शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट निपटान और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति, आवास निर्माण की स्थिति और आगामी पांच वर्षों के लिए अधोसंरचना कार्यों की कार्य-योजना पर भी चर्चा की गई। अमृत योजना और नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत शहरी जल आपूर्ति, सीवेज प्रणाली और गंगा स्वच्छता से संबंधित कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत शहरी परिवहन में ई-बसों की उपलब्धता, संचालन और भविष्य की योजना पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मंत्री  विजयवर्गीय ने आत्मनिर्भर निकायों की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए सभी नगर निकायों को कर वसूली, आय वृद्धि, जीआईएस असेसमेंट और ऊर्जा ऑडिट जैसे विषयों में सक्रियता लाने के निर्देश दिए। साथ ही वाहन प्रबंधन प्रणाली को सुधारने, ईंधन दक्षता बढ़ाने को कहा। मंत्री  विजयवर्गीय ने आदर्श 30 मीटर चौड़ी और 5 किलोमीटर लंबी मॉडल सड़क के निर्माण कार्य की समीक्षा की तथा गीता भवन कार्य-योजना सहित सभी नगरीय निकायों से इस पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। पीएम स्वनिधि योजना के पहले और दूसरे चरण की प्रगति की जानकारी ली गई और इसमें बकाया भुगतान की स्थिति पर भी चर्चा की गई। मंत्री  विजयवर्गीय ने अमृत हरित अभियान, फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम की स्थिति, फायर मैनेजमेंट सिस्टम, IGOT कर्मयोगी प्रशिक्षण, ग्रेडेशन सूची की अंतिम प्रक्रिया तथा डीपीसी की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणाओं, सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों और उनके निराकरण तथा दीनदयाल रसोई योजना की स्थिति, इलेक्ट्रिक वाहन नीति, टाउनशिप नीति और आदर्श किरायेदारी अधिनियम पर भी विस्तार से चर्चा की। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं का त्वरित समाधान किया जाए तथा शासन की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रत्येक कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से जनता की सुविधाओं को प्राथमिकता देने और योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने की अपील की। बैठक में सभी नगर निगमों के महापौर, अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे, नगरीय प्रशासन आयुक्त  संकेत भोंडवे, नगर निगमों के आयुक्त, संभागीय संयुक्त संचालक तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने यंग लीडर्स डायलॉग, खेलो एमपी यूथ गेम्स और यूनिटी मार्च की तैयारियों की समीक्षा की

मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने की विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026, खेलो एमपी यूथ गेम्स और यूनिटी मार्च की तैयारियों की समीक्षा भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने  मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी कार्यक्रमों ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026, खेलो एमपी यूथ गेम्स तथा यूनिटी मार्च’ की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को सभी आयोजनों की समयबद्ध एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ का आयोजन आगामी दिसंबर से जनवरी तक किया जाएगा। प्रतियोगिताएं 27 खेलों में होंगी, जो ब्लॉक, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। खेल संघों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी खेलों का सफल संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। संभाग मुख्यालयों पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। एमपी गेम्स के विजेता खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्री  सारंग ने कहा कि इन खेलों का उद्देश्य प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना, युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानना और उन्हें राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस वर्ष भी कार्यक्रम चार चरणों में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना और ‘विकसित भारत’ के विचार को व्यवहारिक रूप देना है। प्रथम चरण के अंतर्गत (डिजिटल) विकसित भारत क्विज़ का आयोजन 1 सितम्बर से 15 अक्टूबर 2025 तक किया जा रहा है, जिसमें 15 से 29 वर्ष की आयु के युवा भाग ले रहे हैं। अभी तक कुल 64,590 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है। इसके पश्चात 16 से 21 अक्टूबर के बीच मूल्यांकन एवं चयन की प्रक्रिया होगी। चयनित कुल प्रतिभागियों के 10 प्रतिशत (अधिकतम 3 लाख प्रतिभागी) द्वितीय चरण में प्रवेश करेंगे, जिसमें 23 अक्टूबर से 5 नवम्बर 2025 के बीच (डिजिटल) निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस चरण में प्रतिभागियों को 500 शब्दों का निबंध MY Bharat पोर्टल पर अपलोड करना होगा। अंतिम चरण में चयनित प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के समक्ष विकसित भारत विषय पर अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। बैठक में ‘यूनिटी मार्च’ और सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर सभी जिलों में पदयात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं के माध्यम से युवाओं में ‘एक भारत, आत्मनिर्भर भारत’ एवं ‘स्वदेशी’ के संदेश का प्रसार किया जाएगा। इस अवसर पर सरदार पटेल के जीवन, आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिया गया। मंत्री  सारंग ने कहा कि ये सभी कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेंगे।  

महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के दिव्य ऋषि हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के दिव्य ऋषि हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि को बताया भारतीय संस्कृति का आलोक स्तंभ प्रदेशवासियों को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर दी बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर श्रद्धालु नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन दृढ़ इच्छाशक्ति और मानवता की क्रूरता पर विजय का प्रतीक है। वे अद्वितीय विद्वान ऋषि एवं सहृदय कवि थे, जिन्होंने भारतीय समाज में पूजनीय स्थान अर्जित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभ्यता, धर्म एवं आध्यात्म का अद्वितीय समन्वय भारत के अतिरिक्त और कहीं नहीं मिलता। यही कारण है कि 'विश्व गुरु' की उपाधि से सम्मानित भारत, सनातन धर्म की महानता का दिव्य प्रतीक है। महर्षि वाल्मीकि महिमामयी भारतीय सनातन परंपरा के प्रणेता, प्रहरी, प्रचारक ऋषि भारतीय संस्कृति के गौरव हैं। महर्षि वाल्मीकि के जीवन में परिवर्तन की शुरुआत तब हुई, जब उनकी भेंट महान ऋषि नारद से हुई। नारद जी ने उन्हें 'राम' नाम का जप करने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि के महान कार्यों में से एक है। इसमें उन्होंने भगवान राम के जीवन से जुड़े आदर्शों को विस्तृत रूप में प्रस्तुत किया है। उनके रचित 23 हजार से अधिक श्लोकों से युक्त रामायण, भारतीय संस्कृति और आत्म संयम की शिक्षा प्रदान करता है। महर्षि वाल्मीकि ने न केवल रामायण की रचना की, बल्कि माता सीता को अपने आश्रम में शरण दी और उनके पुत्रों लव-कुश को ज्ञान प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने बोध कराया कि जीवन को समझने की सबसे सुंदर यात्रा है रामायण का श्रवण करना। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से यह दिखाया कि सच्चा धर्म सबको साथ लेकर चलता है क्योंकि इसमें करुणा, न्याय और समर्पण शामिल होता है। उन्होंने भगवान राम के जीवन के माध्यम से मानव समाज को मर्यादा, परिवार, समाज और कर्तव्य के महत्व का बोध कराया। महर्षि वाल्मीकि ने यह संदेश दिया कि यदि मनुष्य सच्चे मन से प्रयत्न करे, तो अंधकार से भी प्रकाश की राह बनाई जा सकती है। यही कारण है कि उन्हें आदिकवि कहा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का दर्शन बहुत सरल है — किसी के साथ अन्याय मत करो, और यदि किसी के जीवन में प्रकाश लाने का अवसर मिले तो पीछे मत हटो। यही भाव एक बेहतर समाज की नींव है। उन्होंने समाज के हर वर्ग को यह सिखाया कि सम्मान किसी जाति या स्थिति से नहीं, बल्कि कर्म और आचरण से मिलता है। यह शिक्षा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। उन्होंने यह सिखाया कि हर व्यक्ति के भीतर अच्छाई का दीप जल सकता है। यही कारण है कि उनका जीवन हर युग में मार्गदर्शक बना रहेगा। वाल्मीकि जी के आदर्शों से प्रेरित होकर हमें भी यह संकल्प लेना चाहिए कि हम समाज में किसी के साथ भेदभाव न होने दें। हर घर में शिक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का दीप जले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि हमारे लिए केवल एक ऐतिहासिक या धार्मिक व्यक्तित्व ही नहीं, वे उस चेतना के प्रतीक हैं जो हर मनुष्य के भीतर मौजूद है। जब तक हम उनके आदर्शों को जीवन में उतारते रहेंगे, समाज आगे बढ़ता रहेगा और मानवता की यह ज्योति जलती रहेगी।  

राष्ट्रपति ने एनएसएस स्वयंसेवकों आयुषी सिन्हा और सौमित दुबे को किया सम्मानित, उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने जताई खुशी

भोपाल  राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु द्वारा उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भोपाल की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की स्वयंसेवक सु आयुषी सिन्हा एवं बरकतुल्ला विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र  सौमित दुबे को “राष्ट्रीय सेवा योजना का सर्वोच्च पुरस्कार” प्रदान किया। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना भारत की अस्मिता एवं सामर्थ्य को प्रभावी रूप से विश्वमंच पर परिलक्षित करने का आन्दोलन है। राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य संवेदनशील एवं समाजसेवा भावी श्रेष्ठ नागरिक निर्माण करना है। छात्रा आयुषी एवं छात्र सौमित की यह उपलब्धि न केवल प्रदेश के लिए गौरव का विषय है बल्कि यह सभी स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु द्वारा दोनों विद्यार्थियों को सत्र 2022-23 में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए 6 अक्टूबर को “राष्ट्रीय सेवा योजना का सर्वोच्च पुरस्कार” प्रदान किया गया है।  

राज्यपाल ने सागर के कड़ता में जन संवाद कार्यक्रम को किया संबोधित

फ्रूट फारेस्ट्री योजना से महिलाओं को मिलेगा स्व-रोजगार : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल ने सागर के कड़ता में जन संवाद कार्यक्रम को किया संबोधित रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, संग्रहालय का किया अवलोकन जिला प्रशासन के नवाचार “उड़ान योजना” का किया शुभारंभ भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सागर जिले में प्रारंभ की गई फ्रूट फॉरेस्ट योजना एक अभिनव योजना है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ होगा। आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 लाख पौधों के रोपण से महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा। उनके जीवन में बदलाव आयेगा और वे सशक्त होंगी। राज्यपाल  पटेल सोमवार को सागर जिले के रहली विकासखंड के ग्राम पंचायत कड़ता में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। जनजातीय वीरों के संग्रहालय का अवलोकन किया और आम का पौधा भी रोपा। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए प्रारंभ की गई पीएम जनमन योजना और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना अभूतपूर्व योजनाएं हैं। केन्द्र सरकार द्वारा जनजातीय परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए जनमन योजना में लगभग 24 हजार करोड़ रुपए और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना में लगभग 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इन योजनाओं का प्रभावी और परिणाम मूलक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। यह जनजातीय वर्ग के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने वाली योजना है। सिकल सेल बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर और आनुवांशिक बीमारी है। इस बीमारी से बचाव का सबसे कारगर उपाय जागरूकता ही है। सबको सिकल सेल एनीमिया के कारण, लक्षण और बचाव के बारे में आमजन को लगातार जागरूक करना होगा। सिकल सेल रोगियों को सही समय और सही उपचार लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से ही सिकल सेल उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय मिशन लाँच किया है।  हम सभी संकल्प लें कि वर्ष 2047 तक देश को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाएंगें। राज्यपाल  पटेल ने टी.बी. रोग के ईलाज और समुचित उपाय की चर्चा कर जन सामान्य को जागरूक किया। जनजातीय महानायकों के बलिदान का सदैव स्मरण रखें राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि आज हम गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती की कर्मभूमि में हैं। जिन्होंने अपने अदम्य शौर्य, साहस और बलिदान से मातृ भूमि की रक्षा की। गोंडवाना साम्राज्य के ही राजा शंकरशाह, राजा रघुनाथ शाह जैसे वीरों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि हमें जनजातीय समाज के महानायकों के बलिदान का सदैव स्मरण रखना चाहिए और उनके देश प्रेम समर्पण से प्रेरणा लेना चाहिए।       जनसंवाद कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक  गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री कन्यादान योजना रहली विधानसभा क्षेत्र के कड़ता ग्राम से ही शुरू हुई थी। उन्होंने प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जनता के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी। जनजातीय कल्याण के सरकारी कार्यक्रमों का जिक्र भी किया। पीएम आवास हितग्राही  राजेश के निवास पर किया भोजन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कड़ता के ही जनजाति समुदाय के  राजेश गौंड़ के घर पहुंचकर भोजन किया। उन्होंने पीएम आवास हितग्राही  राजेश और उनके परिजनों से आत्मीय चर्चा करते हुए अन्य शासकीय योजनाओं के लाभ संबंधी जानकारी भी ली। उड़ान योजना का किया शुभारंभ       राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम में कलेक्टर  संदीप जी आर के मार्गदर्शन में तैयार की गई ‘उड़ान योजना’ का शुभारंभ किया। राज्यपाल  पटेल को कलेक्टर ने बताया कि उड़ान कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर विशेष मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। राज्यपाल  पटेल ने योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना से अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी अवश्य ही लाभान्वित होंगे।  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्हें ग्राम की सरपंच मती वंदना यादव द्वारा आदि कर्मयोगी योजना के अंतर्गत तैयार की गई ग्राम एक्शन प्लान पुस्तिका की प्रति भेंट की गई। राज्यपाल  पटेल को कलेक्टर द्वारा आदि कर्मयोगी योजना के संबंध में सागर विकासखंड के 73 ग्रामों की ग्राम एक्शन प्लान की जानकारी दी गई। राज्यपाल  पटेल ने जन संवाद कार्यक्रम में केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किए। उन्होंने आयुष्मान निरामय भारत योजना आदि विभिन्न योजनाओं के हितलाभ सहित टी.बी. मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए। इस अवसर पर विधायक  ब्रजबिहारी पटैरिया, विधायक  वीरेन्द्र लोधी, जिला अध्यक्ष मती रानी कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।                 

राज्यपाल अशोकनगर में आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम में हुए शामिल

जनजाति समुदाय का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल अशोकनगर में आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम में हुए शामिल अशोकनगर  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजाति समुदाय का कल्याण केंद्र एवं राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय के उत्थान को ध्यान में रखकर अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राज्यपाल  पटेल सोमवार को अशोकनगर जिले के चंदेरी विकासखंड के ग्राम खानपुर में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष एवं आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आदि साथी एवं आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी “सबका साथ- सबका विकास-सबका विश्‍वास” की परिकल्पना के साथ हर वर्ग के हित में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने हम सबको 2047 तक विकसित भारत निर्माण का संकल्प दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय समुदाय के जीवन में बदलाव लाने का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। यह जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि धरती आबा योजना जनजाति परिवारों को आवास, पेजयल, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है जिससे जनजाति समुदाय के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। इस दीवाली स्वदेशी अपनाने का संकल्प ले राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी अभियान संचालित है। उन्होंने ग्रामवासियों से आव्हान किया कि इस दीपावली पर वोकल फॉर लोकल का संदेश अपनाएं। स्‍थानीय उत्‍पादों को खरीदेने का संकल्प लें। स्वदेशी अभियान को सफल बनाने में हर वर्ग सहभागी बने। राज्यपाल  पटेल ने अशोकनगर जिले की विश्व प्रसिद्ध चंदेरी साड़ी की चर्चा करते हुए स्थानीय बुनकरों के उत्पाद खरीदने की अपील की। राज्यपाल  पटेल ने केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्‍न कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने आजीविका मिशन से जुड़ी बहनों के आर्थिक स्वावलंबन की चर्चा की। सरकार की अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं से आमजन को मिल रहे फायदों को बताया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दे। हितग्राहियों को किया हितलाभ का वितरण राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम में शासन की विभिन्न जनकल्‍याणकारी योजनाओं के तहत लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया। उन्होंने सिकल सेल कार्ड, आयुष्मान कार्ड का वितरण किया। टी.बी. रोगियों को पोषण टोकरी वितरित की। हथकरघा उद्योग के लिए तकनीकी विकास योजना अंतर्गत वित्तीय सहायता का चेक प्रदान किया। प्राथमिक शाला, आरोग्य केंद्र, आगनबाड़ी और आदि सेवा केन्द्र का निरीक्षण राज्यपाल  पटेल द्वारा प्राथमिक विद्यालय खानपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूली बच्चों से संवाद कर मध्यान्ह भोजन सहित अन्य जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपहार स्वरूप पेन, कापी भेंट की। राज्यपाल ने आरोग्य केंद्र खानपुर का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य जाँच में शामिल लोगों से चर्चा की। उन्होंने सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग एवं उपचार के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल  पटेल ने आंगनबाड़ी केंद्र खानपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने गर्भवती माताओं एवं कुपोषित बच्चों को पोषण आहार का वितरण किया। हितग्राहियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रमाण पत्र प्रदान किये। उन्होंने आदि सेवा केंद्र खानपुर का भी निरीक्षण कर केंद्र के संचालन संबंधी जानकारी ली। राज्‍यपाल  पटेल का ग्राम खानपुर के जनजातीय समुदाय द्वारा माला, मुकुट तथा तीर- धनुष भेंट कर स्वागत किया गया। जनजातीय कलाकारों द्वारा पारम्‍परिक नृत्‍य सैरा की प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल  पटेल ने ग्राम खानपुर में पीएम जनमन आवास से लाभान्वित हितग्राही मती धनिया बाई को गृह प्रवेश कराया। धनिया बाई के परिजन से आत्मीय चर्चा कर बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम स्‍थल पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री  राकेश शुक्‍ला, चंदेरी विधायक  जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी, विधायक  बृजेन्‍द्र सिंह यादव, जिला पंचायत अध्‍यक्ष  अजय प्रताप सिंह यादव सहित बडी संख्‍या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।  

वन प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया

अनूपपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 6 अक्टूबर 2025 को वन परिक्षेत्र अनूपपुर अंतर्गत शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल अनूपपुर में वन प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया !जिसमें विद्यार्थियों को वन एवं वन प्राणियों का महत्व बताया गया !साथ ही चित्रकला निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया! जिसमें विद्यार्थियों द्वारा बढ़ चढ़कर भाग लिया गया ! जिसमें प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को इनाम वितरण किया गया! कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य  कौशलेंद्र सिंह उपस्थित रहे साथी अनूपपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी  स्वर्ण गौरव सिंह प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल गौरव दुबे ,परिक्षेत्र सहायक अनूपपुर ,विजय सोनवानी अन्य स्टाफ शिक्षक उपस्थित रहेइस अवसर पर वक्ताओं ने विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण के महत्व, वनाग्नि की रोकथाम, जैव विविधता संरक्षण, तथा मनुष्य द्वारा पशुओं को भोजन कराने के दुष्परिणाम आदि विषयों पर जानकारी प्रदान की।विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि वन्यजीव हमारे पर्यावरण का महत्वपूर्ण अंग हैं और उनके संरक्षण में हम सभी की भूमिका अत्यंत आवश्यक है।

4 लाख इंदौरवासियों की जांच में पता चला: 30% को हाई ब्लड प्रेशर-शुगर, 40% में कोलेस्ट्रॉल की बढ़ोतरी

इंदौर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में 18 से 30 साल की उम्र वाले 50 हजार से ज्यादा युवाओं के स्वास्थ्य को लेकर किए गए एक अध्ययन ( Youth Health Survey) में परेशान करने वाली जानकारियां सामने आई हैं। अध्ययन के निष्कर्षों में 30 फीसदी प्रतिभागी युवकों (30  percent participating youth) का बीपी (BP) असामान्य पाया गया है। अध्ययन में शामिल करीब 90 फीसदी युवाओं (90 percent youth) की खान-पान की आदतें गड़बड़ (Eating habits are messed up) पाई गई हैं। अब जानिए, क्या कहते हैं हार्ट एक्सपर्ट्स अमेरिका से आए कार्डियोलॉजिस्ट प्रो. डॉ. प्रकाश डिडवानिया (यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयार्क, सेन फ्रांसिसको) ने बताया कि भारत में जिस प्रकार दिल की बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं, यह बहुत चिंताजनक है। इंदौर की स्थिति चौंकाने वाली है। यहां के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पतालों से जुड़े हार्ट क्लब के डॉक्टरों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस में डेटा प्रेजेंटेशन दिया तो हम सभी चौंक गए। प्रिवेंशन संभव, लेकिन लोग गंभीर नहीं डॉ. प्रकाश डिडवानिया ने कहा कि बच्चे, जवान, बुजुर्गों सहित सभी लोगों में रिस्क फैक्टर्स बढ़ रहे हैं। आए दिन अचानक किसी की हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट से मौत का कारण खराब लाइफ स्टाइल और मोटापा है। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रोल, मोटापा ये सभी खराब लाइफ स्टाइल के फैक्टर्स हैं। इन्हें प्रिवेंट किया जा सकता है लेकिन लोग गंभीर नहीं हैं। कॉन्फ्रेंस का पूरा सार यही निकला है कि बढ़ती हार्ट डिसीज को नियंत्रण करने के लिए प्रिवेंशन ही सबसे बेहतर उपाय है। सबसे पहले जरूरत है कि हायपरटेंशन, डायबिटीज को बचपन से ही प्रिवेंट कर लें। डॉ ने बताया कि हार्ट के लिए जोखिम के बहुत सारे फैक्टर्स हैं। इनमें से एक खास फैक्टर मोटापा है। पेट की गोलाई यानी तोंद पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। दिल्ली से आए प्रो. मनचंदा ने बताया कि हार्ट की बीमारियों के इलाज में लाखों खर्च की तुलना में प्रिवेंशन बहुत सस्ता है। जब लोगों को पता रहता है कि हार्ट की बीमारियां क्यों होती है तो उन्हें इसे रोकने के उपाय करने चाहिए। चार रिस्क फैक्टर्स पर काबू पा लिया जाए तो बेहतर नतीजे मिलेंगे। मोटापा कंट्रोल करने के लिए अब एडवांस इंजेक्शन भी कॉन्फ्रेंस के साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. एके पंचोलिया ने योग को रोजमर्रा की आदत में शामिल करने की सलाह दी, क्योंकि यह तनाव घटाता है। शरीर और मन को स्वस्थ रखता है और मोटापा कम करने में मदद करता है। उन्होंने नए इंजेक्शन के बारे में भी जानकारी दी, जो शरीर के फैट को कम करने में मददगार है। उन्होंने कहा कि इनका असर तभी स्थायी रहेगा जब जीवनशैली में सुधार, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी जारी रहें। उन्होंने प्रदूषण को भी हृदय रोग का एक कारण बताया और सरकार से उचित कदम उठाने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश में बढ़ते हृदय रोगों को लेकर चिंतित हैं। मोटापा और एयर पॉल्युशन हमारे स्वास्थ्य के सबसे बड़े दुश्मन हैं। अगर हमने अभी से इनसे लड़ाई नहीं लड़ी, तो आने वाले समय में हर घर में हृदय रोगी होगा। शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाता है फैट वहीं, कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. विद्युत जैन ने बताया कि मोटापा हार्ट डिसीज का प्रमुख कारण है। शरीर में जमा फैट धीरे-धीरे हार्ट और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाता है। बढ़ते फैट पर काबू पाने के लिए लोग घर का खाना खाएं। प्रोटीनयुक्त आहार जैसे दाल और टोफू को रोजाना की डाइट में शामिल करें। हल्की-फुलकी एक्सरसाइज, साइकिलिंग या वॉक को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करना चाहिए। ज्यादा नमक, शुगर और तली चीजें खतरनाक कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. राकेश जैन ने बताया कि हमारे पूर्वज सौ सालों से यह खाना खाते आए हैं लेकिन उस समय उनका जीवन पूरी तरह अलग था। वे रोजाना पैदल चलते थे, साइकिल चलाते थे, खेतों में मेहनत करते थे। आज के समय में लोग छोटी-सी मॉर्निंग वॉक भी छोड़ देते हैं। उन्होंने चेताया कि ज्यादा नमक, शुगर और तली-भुनी चीजें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। बाजार में उपलब्ध जूस और पैकेज्ड फूड को हेल्दी समझ कर पीना भी खतरनाक हो सकता है क्योंकि इनमें छुपी शुगर और फैट से हार्ट को काफी जोखिम रहता है। दिमाग जानता है, लेकिन दिल मानता नहीं डॉ. जैन ने कहा- हमारा दिमाग जानता है कि क्या सही है, लेकिन दिल मानता नहीं। इतने बड़े शरीर में 250 ग्राम के दिल को नजाकत से संभालो। जब दिल नहीं बचेगा तो कुछ भी नहीं बचेगा। भारत में लोग जूस या एनर्जी ड्रिंक को हेल्दी मानते हैं, जबकि उनमें भी शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को पैकेज्ड फूड पर बड़े अक्षरों में कैलोरी, शुगर और फैट की मात्रा लिखना अनिवार्य करना चाहिए ताकि लोग जागरूक हो सकें। सही खान-पान, व्यायाम हेल्दी हार्ट के लिए जरूरी कॉन्फ्रेंस की शुरुआत सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ऑडिटोरियम में आयोजित सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रम से हुई। एक्सपर्ट्स ने बताया कि हृदय रोग केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं है, बल्कि अब यह युवाओं और बच्चों में भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने सही खान-पान, नियमित व्यायाम और तनाव कम करने को हेल्दी हार्ट के लिए बेहद जरूरी बताया। इसके अलावा डिबेट और सवाल-जवाब सत्र में हृदय स्वास्थ्य, जीवनशैली सुधार और बचाव के उपायों पर विचार साझा किए गए। एक स्पेशल सेशन ‘सॉल्ट सत्याग्रह’ पर हुआ। इसमें बताया कि अधिक नमक का सेवन हमारे दिल के लिए कितना नुकसानदायक है।