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अमृत हरित महाअभियान में नगरीय क्षेत्रों में 35.59 लाख पौधे लगाये गये

अधिकारी एवं विशेषज्ञ कर रहे है स्थल निरीक्षण अमृत मित्रों का प्रशिक्षण जारी भोपाल  मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय में 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस से अब तक 35 लाख 59 हजार पौधे लगाये जा चुके हैं। लगाये गये पौधों की सुरक्षा के लिये प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग ने अमृत हरित महाअभियान में सघन पौध रोपण के लिये जनभागीदारी की पहल की थी। इस महाअभियान में एक पेड़ माँ के नाम और वूमेन फॉर ट्रीज जैसे कार्यक्रम शामिल थे। जल संरक्षण एवं प्रशिक्षण के कार्य जारी विभाग द्वारा हरित क्षेत्र विकास के अंतर्गत पौध रोपण के बाद उनकी सुरक्षा की गतिविधियों की समीक्षा के लिये अधिकारियों और विशेषज्ञों के द्वारा स्थल निरीक्षण और सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी जा रही है। प्रदेश में 1123 महिला अमृत मित्रों को पौधो की निगरानी की जिम्मेदारी सौपी गयी है। इनकी संख्या बढ़ाने के लिये महिला स्व-सहायता समूह की अन्य महिलाओं को भी चयन के बाद प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था की गई है। अब तक सांची, औबेदुल्लागंज,मंडीदीप, उज्जैन, बदनावर, पीथमपुर, महू, इंदौर, देवास, दतिया सहित कई अन्य नगरीय निकायों में स्थल निरीक्षण और प्रशिक्षण का कार्य किया जा चुका है। सागर, ग्वालियर, मुरैना, रायसेन, विदिशा, भिंड और दतिया जिलों में वॉटर टेस्टिंग और पौध रोपण की समीक्षा के लिये निगरानी कार्यक्रम तैयार कर लिये गये है। जल संरचनाओं का जीर्णोंद्वार देवास एवं धार जिलों में जल संरचनाओं के जीर्णोंद्वार के उल्लेखनीय कार्य किये गये है। जल संरचनाओं के संरक्षण के लिये नागरिकों एवं युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। प्रदेश में अमृत मित्र महिला समूहों को पौध रोपण के संरक्षण और पार्कों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौपी गयी है।  

राज्यपाल पटेल ने कहा- गौरव दिवस का आयोजन सभी जिलों में हो

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय कल्याण के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी समुदाय को उपलब्ध कराने के प्रयासों पर विशेष बल दिया जाये। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के सभी जिलों में गौरव दिवस का आयोजन किया जाए। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को राजभवन में गृह, जेल, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में चर्चा कर रहे थे। बैठक का आयोजन 2 सत्रों में किया गया था। प्रथम सत्र में राज्यपाल ने गृह, जेल और वन विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की। द्वितीय सत्र में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जन-मन योजना की समीक्षा की। जनजातीय गौरव दिवस पर भी रिहा होंगे बंदी राज्यपाल श्री पटेल ने अच्छा आचरण करने पर बंदियों को रिहा करने के वर्ष में नियत 4 अवसरों में देश में पहली बार 15 नवम्बर जनजातीय गौरव दिवस को शामिल करने की राज्य सरकार की पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि जेल विभाग मुक्त बंदियों के लिये सामाजिक स्वीकार्यता और आश्रित परिवारों के पुनर्वास प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिये समाज कल्याण विभाग के साथ दायित्वों की नीतिगत व्यवस्था तैयार करें। उन्होंने अनुसूचित जाति, जनजाति आकस्मिकता राहत योजना के प्रावधानों पर तत्काल कार्यवाही की व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग कर फास्ट-ट्रेक प्रक्रिया में प्रकरणों के निराकरण के प्रयास करने के लिये कहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री जन-मन आवास योजना के घरों में प्रकाश आदि की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा है। राज्यपाल श्री पटेल को बताया गया कि वर्ष 2025 के दौरान 26 जनवरी गणतंत्र दिवस, 14 अप्रैल डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस और 2 अक्टूबर के अवसर पर कुल 523 बंदियों को रिहा किया है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 29 बंदियों जिसमें 8 अनुसूचित जनजाति वर्ग के बंदियों को रिहा किया जाना प्रस्तावित है। अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध चिन्हित प्रकरणों को वापस लेने के लिये शासन द्वारा तय किया गया है कि जिन प्रकरणों में अतिक्रमण हटा लिया गया है, वह सभी मामले वापस ले लिये जायेंगे। अनुसूचित जनजातीय वर्ग के व्यक्तियों के विरूद्ध 3 मार्च 2009 की स्थिति में वन अपराध के पंजीबद्ध कुल 87 हजार 549 प्रकरण शासन द्वारा वापस लिये गये हैं। विगत 10 वर्षों में दर्ज 35 हजार 807 प्रकरणों में से 28 हजार 645 निराकृत हो गये हैं। न्यायालय में 4 हजार 396 प्रकरण विचाराधीन हैं। बैठक में बताया गया कि पेसा एक्ट के तहत गठित 492 ग्राम सभाओं के साथ ही 735 ग्राम सभा के लिये नये आवेदन प्राप्त हुए हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, महानिदेशक जेल श्री वरूण कपूर, विशेष महानिदेशक जेल श्री जी. अखितो सेमा और वन, गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।  

करवा चौथ बना मातम का दिन: सुहाग की लंबी उम्र के व्रत के बाद टूटी जिंदगी

गुना केंट थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक तेज रफ्तार जीप ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार पत्नी की मौत हो गई। पति दीपक कुशवाह को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल से भोपाल रेफर किया गया था, लेकिन उसकी गुना से ब्यावरा के बीच रास्ते में मौत गई। अनियंत्रित जीप पेड़ से टकरा गई, जिससे पेड़ तक उखड़ गया। वहीं जीप सवार पांच लोग भी घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   घटना के प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि सुबह एक तेज रफ्तार जीप ने जेल रोड पर आकाशवाणी के समीप पहुंची, तभी आगे बाइक दिखते ही चालक ने ब्रेक लगा दिए, जिससे जीप घिसटते हुए बाइक में भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार पति-पत्नी उछलकर लगभग 20 फीट दूर जा गिरे। इस हादसे में पत्नी प्रियंका कुशवाह की मौत हो गई जबकि पति दीपक कुशवाह गंभीर रूप से घायल हो गया। इधर, अनियंत्रित जीप एक पेड़ से टकरा गई।   पेड़ जड़ से ही उखड़ गया गति का अंदाजा इसी बात से लगता है कि पेड़ जड़ से उखड़ गया। इस हादसे में जीप चला रहा सचिन खटीक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जबकि कार में बैठे शुभम धाकड़, अश्विन रघुवंशी, मोहित धाकड़ और रिहान खान को भी चोटें पहुंची हैं। सभी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने आटोरिक्शा रोकने की कोशिश की, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। इधर, सूचना पर मौके पर पहुंची एम्बुलेंस से सभी घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। इस संबंध में कैंट थाना पुलिस ने बताया कि जीप एमपी08-सीए-6598 किसी गप्पू यादव के नाम है, जिसे उक्त युवक मांगकर लाए थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पत्नी का था करवा चौथ का व्रत, हाथों में सजी थी मेहंदी बताया गया है कि बूढ़े बालाजी क्षेत्र के रहने वाले दीपक कुशवाह शुक्रवार सुबह पत्नी प्रियंका कुशवाह को आंगनबाड़ी के किसी काम से लेकर जा रहे थे। इसी बीच हादसा हो गया। पत्नी प्रियंका का आज करवा चौथ का व्रत था। उसके हाथों में मेहंदी सजी हुई थी।

ग्रामसभा का प्रस्ताव पारित: मतांतरण करने पर काटे जाएंगे योजनाओं से लाभ

छकतला (आलीराजपुर) मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र सोंडवा में धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर नई चेतना उभरती दिखाई दे रही है। ग्राम पंचायत आकड़िया के अंतर्गत आने वाले ग्राम चिलकदा में गुरुवार को अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभाओं को विशेष अधिकार देने वाले पेसा अधिनियम के तहत विशेष ग्रामसभा आयोजित की गई, जिसमें ऐतिहासिक और निर्णायक प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो आदिवासी परिवार अपनी मूल संस्कृति और परंपरा को छोड़कर ईसाई धर्म अपना चुके हैं, वे अब गांव की सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग नहीं ले सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभों से भी वंचित रखा जाएगा।   ग्रामसभा के दौरान उपस्थित ग्रामीणजन। इन योजनाओं और सुविधाओं का नहीं मिलेगा लाभ     सर्वसम्मति से जो प्रस्ताव पारित हुआ, उनमें कहा गया है कि ईसाई धर्म अपना चुके परिवारों के अंत्येष्टि संस्कार भी भील समाज के श्मशान घाट पर नहीं किए जाएंगे।     विवाह में गांव से किसी प्रकार की सहायता या सहयोग नहीं मिलेगा। उनके साथ भील समाज के परिवार वैवाहिक संबंध नहीं जोड़ेंगे।     आदिवासी जाति के आधार पर मिलने वाली शासन की योजनाओं से वंचित रखा जाएगा।     ग्रामसभा क्षेत्र में बाहरी ईसाई पादरियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।     यदि कोई मतांतरित परिवार घर वापसी करता है, तो ग्रामसभा उसका ससम्मान स्वागत करेगी।     जो परिवार प्रस्ताव को नहीं मानेगा, उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। आदिवासी संस्कृति को बचाने की पहल पेसा जिला समन्वयक प्रवीण चौहान ने बताया कि इस अधिनियम का उद्देश्य आदिवासियों को स्थानीय स्वशासन, पारंपरिक व्यवस्था और सांस्कृतिक संरक्षण का अधिकार देना है। ग्रामसभा प्रस्ताव अपने हक में पारित कर सकती है। जबकि जिला पंचायत सीईओ प्रखर सिंह ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुसार, कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म को मानने के लिए स्वतंत्र है। ग्राम पंचायत अपने स्तर पर निर्णय ले सकती है, यह उसका अधिकार है लेकिन प्रशासन किसी को शासन की योजनाओं से सिर्फ धर्म के आधार पर वंचित नहीं रख सकता। शिकायत मिलने पर उचित कार्यवाही की जाएगी।

सिंचाई व्यवस्था के बदले गुपचुप पम्प स्टोरेज परियोजना को बढ़ावा

क्षेत्रीय किसानों के साथ वादाखिलाफी बर्दाश्त नहीं होगा दुलीचंद मार्को फतवा समाचार पत्र मंडला/जबलपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्रामीण अंचल क्षेत्र अंतर्गत विकासखण्ड बीजाडांडी और नारायणगंज के किसानों द्वारा विगत पांच वर्षों से बरगी बांध से सिंचाई के लिए पानी की मांग की जा रही है। विगत विधानसभा सभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते की उपस्थिति में मीडिया के समक्ष चार लिफ्ट सिंचाई योजना मंजूर करने की घोषणा किया था। इसी क्रम वहीं क्षेत्रीय किसानों ने बड़ी धूमधाम से स्वागत अभिनन्दन वंदन भी किया था। परंतु क्षेत्र के किसान 2023 से आज भी लिफ्ट सिंचाई परियोजना शुरू होने की बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।   दरअसल इधर पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वेबसाइट से जानकारी मिला है कि नदी घाटी परियोजना के लिए गठित विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति के समक्ष एजेंडा नंबर तीन पर  बरगी ओपन पम्प स्टोरेज हाइड्रो पावर (1000 मेगावाट) को परियोजना प्रवर्तक  सिरेन्टिका रिन्यूएबल्स इंडिया 21 प्रा. लि. द्वारा संदर्भ बिन्दु (टर्म ऑफ रेफ्रेंस ) प्राप्त करने के लिए भेजा गया है। यह गांव पिंडरई माल (सहजपुरी) नारायणगंज  और सलैया माल (बरंगाडा), जमठार, खापा, निवारी और पोंडी बीजाडांडी जिला मंडला में बनना प्रस्तावित है। और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित विशेषज्ञ मुल्यांकन समिति की बैठक आगामी 13 अक्टूबर को प्रस्तावित किया गया है। परन्तु क्षेत्रीय  ग्राम सभाओं को इसकी कोई जानकारी नहीं दिया गया है और ना ही उन्हें विश्वास में लिया गया है। इस परियोजना की जानकारी मिलने से लोग अचंभित हैं। लोग पूछ रहे हैं कि हमारे लिफ्ट सिंचाई से खेतों में पानी पहुंचाने का क्या हुआ? पम्प स्टोरेज परियोजना क्या है… पम्प स्टोरेज पावर प्लांट एक जलविद्युत प्रणाली होती है, जिसमें दो जलाशय  बनाए जाते हैं। एक ऊपरी जलाशय दूसरा निचला जलाशय(जैसे बरगी जलाशय) है। दोनों को एक सुरंग या पाइप से जोड़ा जाता है। जब बिजली की मांग कम होती है तब पानी को निचले जलाशय से ऊपरी जलाशय तक पम्प किया जाता है। ऊपरी जलाशय से जब पानी छोड़ा जाता है तो बिजली की मांग अत्यधिक होता है। पानी पाइपों से नीचे बहते हुए टर्बाइन  को घुमाता है और टर्बाइन जनरेटर  से जुड़ी होती है, जो बिजली उत्पन्न करती है। पम्प स्टोरेज प्लांट में रिवर्सिबल टर्बाइन-पम्प लगे होते हैं। यानी वही मशीन पम्प के रूप में ऊपर पानी चढ़ा सकती है और टर्बाइन के रूप में नीचे गिरते पानी से बिजली बना सकती है। यह चक्र बार-बार दोहराया जा सकता है। क्षेत्रीय किसानों को जब-तक सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल जाता है तब तक नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के किसी भी परियोजना को क्षेत्र में नहीं लगने दिया जाएगा। युवा झामसिंह तेकाम,  ग्राम पिंडरई नारायणगंज लिफ्ट सिंचाई परियोजना के लिए मंडला से भोपाल तक के प्रशासनिक स्तर के जिम्मेदारों को जानकारी दे रहे हैं। परन्तु आम लोगों का जरूरी काम पूंजीपतियों के सामने कोई महत्व नहीं रखता है। क्षेत्रीय लोगों द्वारा पम्प  स्टोरेज परियोजना का जमकर विरोध किया जाएगा। राजेन्द्र पुट्ठा , जनपद सदस्य बीजाडांडी बरगी बांध से तो जल विद्युत उत्पादन किया  जा रहा है। परन्तु बरगी जलाशय के ईर्द-गिर्द बिजली उत्पादन का जाल खङा करने का सिलसिला कंपनीयों ने जारी रखा है। जिसमें चुटका एवं पिंडरई परमाणु परियोजना, झाबुआ पावर प्लांट, जलाशय में फ्लोटिंग सोलर पैनल और अब पम्प स्टोरेज बिजली परियोजना शामिल है। राजकुमार सिन्हा, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ

SDOP पूजा पांडे को निलंबित किया गया, DGP ने लिया सख्त एक्शन

 सिवनी  मध्य प्रदेश के सिवनी में पुलिसकर्मियों पर करोड़ों रुपये की हवाला राशि जब्त कर आपस में बांटने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सिवनी एसडीपीओ पूजा पांडे को निलंबति कर दिया गया है।  SDOP पूजा पांडे को डीजीपी कैलाश मकवाना ने सस्पेंड कर दिया है । हवाला के करीब डेढ़ करोड़ रुपए हड़पने के मामले में SDOP पूजा पांडे को डीजीपी कैलाश मकवाना ने सस्पेंड कर दिया है। दरअसल, सिवनी जिले के बंडोल थाना इलाके में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर व्यापारी के कर्मचारियों के साथ मारपीट और 1.45 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप है।  इससे पहले मामले में जबलपुर जोन के आईजी प्रमोद वर्मा ने नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया था। बता दें कि पांडे के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। हवाला के 3 करोड़ जब्त, डेढ़ करोड़ हड़पे बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात, बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम के नेतृत्व में पुलिस ने सूचना के आधार पर महाराष्ट्र के जालना निवासी ज्वेलर्स सोहन परमार के कर्मचारियों से हवाला के करीब तीन करोड़ रुपए की नकदी जब्त की थी। जब्ती के बाद पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से कर्मचारियों के साथ मारपीट की और हवाला की रकम में से करीब डेढ़ करोड़ रुपए हड़पने की योजना बनाई। कर्मचारियों को धमकाकर वहां से भगा दिया गया, लेकिन जब व्यापारी सोहन परमार को इस घटना की जानकारी मिली, तो उसने सिवनी कोतवाली में पुलिस पर लूट की शिकायत दर्ज कराई। जानिए आखिर क्या है पूरा मामला? 8 अक्टूबर, बुधवार की देर रात बंडोल पुलिस को टिप मिली थी कि कटनी से जालना जा रही एक कार (एमएच13ईके3430 ) में हवाला की बड़ी रकम 1.45 करोड़ रुपए छिपाई गई है। इसके बाद बंडोल पुलिस ने कार का पीछा किया और शीलादेही इलाके में उसे पकड़ लिया। बताया गया कि गाड़ी में जालना निवासी कथित हवाला कारोबारी-व्यापारी सोहन परमार और उसके साथ तीन-चार अन्य लोग थे। पुलिस ने वाहन से 1.45 करोड़ की रकम जब्त की है। पुलिसकर्मियों पर सवाल: राशि जब्ती के बाद क्या किया? जब पुलिस ने हवाला की रकम जब्त की, तो मामला बिगड़ने की बजाय सस्पेंशन की ओर बढ़ता गया। सूत्रों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने रकम की पूरी जब्ती को लेकर विवादित तरीके से कुछ राशि को वापस करने का प्रयास किया। पहले तीन करोड़ की राशि जब्ती की बात सामने आई थी,  लेकिन बाद में 1 करोड़ 45 लाख रुपए की रकम को जब्त करने की बात सामने आई। इसके बाद मामला गर्माया और पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे। पुलिस कस्टडी में आरोपियों का मोबाइल कैसे पहुंचा नागपुर? इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पुलिस ने सोहन परमार और उसके साथियों को अपनी कस्टडी में लिया, तो उनके मोबाइल फोन नागपुर तक कैसे पहुंच गए? यह सवाल पुलिस प्रशासन के लिए एक यक्ष प्रश्न बन गया है। फिलहाल, यह पूरी घटना सिवनी जिले के पुलिस अधिकारियों के लिए चुनौती बन चुकी है और मामले की जांच जारी है। एसपी ने कहा- अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं सिवनी एसपी सुनील मेहता ने द सूत्र से कहा कि महाराष्ट्र के जालना निवासी व्यापारी सोहन परमार से 1.45 करोड़ रुपए की रकम जब्त की गई है। मामले की जांच की जा रही है और सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इनको पहले किया था निलंबित उप निरीक्षक अर्पित भैरम, थाना प्रभारी बण्डोल, सिवनी, प्रधान आरक्षक 203 माखन, एसडीओपी कार्यालय सिवनी, प्रधान आरक्षक 447 रविन्द्र उईके, रीडर-एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक 803 जगदीश यादव, एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक 306 योगेन्द्र चौरसिया, एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक चालक 582 रितेश, ड्राइवर एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक 750 नीरज राजपूत, थाना बण्डोल, सिवनी, आरक्षक 610 केदार, गनमैन-एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल छिन्दवाड़ा, आरक्षक 85 सदाफल, गनमैन-एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल छिन्दवाड़ा।  

पुलिसकर्मियों की बेरहमी से DSP के साले की मौत, भोपाल में बवाल और जांच शुरू

भोपाल  पिपलानी थाना क्षेत्र के सी-सेक्टर इंद्रपुरी में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी देर रात इसी थाने के  दो पुलिसकर्मियों ने बीटेक पास एक युवक को बीच सड़क पर इतना पीटा की उसकी मौत हो गई। मौत के बाद उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि उसकी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। पुलिसकर्मियों की मारपीट में जिस युवक की मौत हुई है, उसके जीजा बालाघाट में डीएसपी हैं। साले की मौत की सूचना के बाद वह भी भोपाल के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिसकर्मियों की पिटाई में युवक की मौत के बाद उसके परिजन और दोस्तों ने आज सुबह पिपलानी थाने का घेराव कर हंगामा मचाया। हंगामा मचने के बाद पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जांच के आदेश दिए हैं। पिपलानी थाना पुलिस के अनुसार  22 वर्षीय उचित गायकी पिता राजकुमार गायकी अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में रहता था। उसने  वीआईटी कॉलेज सीहोर से बीटेक की पढ़ाई की है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात दो दोस्तों के साथ कहीं जाने के लिए निकला था। परिजनों का आरोप है कि इंद्रपुरी सी-सेक्टर में पिपलानी थाने के दो पुलिसकर्मियों संतोष बामनिया और सौरभ आर्य ने उसके साथ इतनी अधिक मारपीट कर दी की उसकी मौत हो गई।  इधर, पुलिस का मानना है कि युवक की मौत घबराहट के कारण हार्ट अटैक से हुई है। डीसीपी जोन 2 विवेक सिंह ने बताया कि इस मामले में पेट्रोलिंग पर तैनात दो पुलिस कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। स्पेशल पैनल बनाकर मृतक के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है। उदित के दोस्तों के बयान भी लिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, उदित गाइकी टीआईटी कॉलेज का छात्र था। उसके पिता भेलकर्मी और मां टीचर है। जबकि बहनोई बालाघाट एंटी नक्सल में डीएसपी के पद पर पदस्थ हैं। उसके दोस्तों के अनुसार इंद्रपुरी सेक्टर- सी में वह पार्टी करके लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उदित और उसके साथियों के साथ मारपीट की और थाने ले गई। इधर, परिजनों का आरोप है कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई। वहां उसकी हालत बिगजड गई। जिसके बाद पुलिस उसे इलाज के लिए एम्स ले गई। इधर, पुलिस का दावा है कि युवक को थाने नहीं लाया गया था। एसीपी ने कहा- पुलिस अभिरक्षा में नहीं हुई मौत  गोविंदपुरा की सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अदिति भावसार सक्सेना ने बताया कि बीती रात पिपलानी थाने के इंद्रपुरी सी-सेक्टर में चार-पांच युवकों के सड़क किनारे शराब पीने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद विवाद की स्थिति बनी। उदित को पिपलानी थाने नहीं लाया गया था, ऐसे में पुलिस अभिरक्षा में मौत होना नहीं माना जा सकता। पुलिस मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम उदित की मौत की सूचना के बाद वीआईटी सीहोर के डेढ़ दर्जन से अधिक छात्र आज सुबह पिपलानी थाने पहुंचे और जमकर हंगामा मचाया। मृतक के पिता बिजली कंपनी में कार्य करते हैं, जबकि मां शिक्षिका हैं। परिजनों ने मीडिया को बताया कि जहां पर पुलिसकर्मियों ने उदित के साथ बीच सड़क पर मारपीट की है, उसके पास ही एक सीसीटीवी कैमरा लगा था, जिसमें पुलिसकर्मियों द्वारा की जा रही मारपीट की पूरी घटना कैद हो गई है। पुलिसकर्मियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर न्यायिक जांच कराई जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करवा चौथ पर्व की शुभकामनाएं दीं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करवा चौथ के पावन पर्व पर प्रदेश की सभी माताओं एवं बहनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमपिता परेश्वर से प्रार्थना है कि करवा चौथ पर्व सभी के जीवन में प्रेम, विश्वास और अखंड सौभाग्य लेकर आए। प्रदेश में सुख, समृद्धि एवं आरोग्यता का दीप सदा प्रज्जवलित होता रहे।  

ग्राम सभा में नोडल अधिकारी की अनुपस्थिति से ग्रामीणों में आक्रोश

मंडला आदिवासी बाहुल्य जिले के विकासखंड निवास अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहपानी में 3 सितंबर 2025 को आयोजित ग्राम सभा में नोडल अधिकारी की लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम लुहारी स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित ग्राम सभा की पूर्व संध्या पर पंचायत पदाधिकारियों के निर्देशानुसार ग्राम कोटवार द्वारा मुनादी कर ग्रामीणों को सूचना दी गई थी। निर्धारित तिथि पर ग्रामवासी अपनी समस्याओं के समाधान हेतु ग्राम सभा स्थल पर पहुँचे, परंतु नोडल अधिकारी मुकेश पटेल, पटवारी की अनुपस्थिति से ग्राम सभा में असंतोष का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने काफी देर तक संबंधित अधिकारियों के आने का इंतजार किया, पर कोई उपस्थित नहीं हुआ। अंततः ग्राम सभा की कार्यवाही ग्राम सभा अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत सचिव की उपस्थिति में संपन्न कराई गई। ग्रामीणों में असंतोष- ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन द्वारा ग्राम सभाओं का आयोजन जनता की समस्याओं के समाधान एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से किया जाता है। इन सभाओं के माध्यम से विभागीय अधिकारी सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण करते हैं और विकास कार्यों की प्राथमिकता तय होती है। परंतु नोडल अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण ग्रामीण न तो अपनी शिकायत रख पाए और न ही योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सके। ग्रामीणों के आरोप- ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब आम हो गया है। पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, एवं राजस्व विभाग से संबंधित दस्तावेजों में सुधार जैसे मुद्दों के समाधान के लिए अधिकारी समय पर उपस्थित नहीं होते। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लिया जाए और अनुपस्थित नोडल अधिकारी मुकेश पटेल (पटवारी) पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और ग्राम सभा की महत्ता बनी रहे। ग्राम सभा में सचिव, सरपंच, विभिन्न एनजीओ पदाधिकारी एवं ग्राम के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। इनका कहना है- “ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम लुहारी में शासन के निर्देशानुसार ग्राम सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें नोडल अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य थी। परंतु पटवारी मुकेश पटेल अनुपस्थित रहे। ग्रामीणों की अनेकों राजस्व संबंधी समस्याएँ लंबित हैं, साथ ही ग्राम पंचायत मोहपानी में प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई कार्यक्रम में भी उनका समय पर उपस्थित न होना आम बात है। हम चाहते हैं कि क्षेत्र के अनुरूप किसी अन्य अधिकारी की पदस्थापना की जाए।”    

देर रात राजवाड़ा में प्रशासन-व्यापारी बैठक, इंदौर के लिए तय हुए 5 बड़े बदलाव

इंदौर  इंदौर शहर के हृदय स्थल राजवाड़ा में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए यातायात पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आनंद कलादगी ने एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में सराफा एसोसिएशन, शीतलामाता बाजार, बर्तन बाजार, और कपड़ा बाजार सहित अन्य व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और व्यापारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के सुझावों को सुनकर यातायात व्यवस्था में सुधार करना था। इस बैठक में एडिशनल डीसीपी संतोष कौल, एसीपी रेखा परिहार, एसीपी हेमंत चौहान और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि राजवाड़ा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए व्यापारियों के सहयोग से संयुक्त रूप से ठोस कदम उठाए जाएंगे। व्यापारियों ने उठाईं ये समस्याएं बैठक के दौरान व्यापारियों ने डीसीपी के समक्ष कई प्रमुख समस्याएं रखीं। इनमें सवारी रिक्शा में माल ढुलाई, शीतलामाता बाजार और अन्य बाजारों में ठेलों और रिक्शाओं के कारण होने वाले यातायात अवरोध, और सराफा बाजार में चौपाटी के ठेलों का शाम 7 बजे से लगना प्रमुख था, जिससे यातायात बाधित होता है। डीसीपी द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करते हुए, डीसीपी आनंद कलादगी ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए: अवैध लोडिंग पर कार्रवाई: सवारी रिक्शा में माल ढोने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पार्किंग का सही उपयोग: बालाजी टावर के पीछे, गोराकुंड, सुभाष चौक और फ्रूट मार्केट की स्मार्ट पार्किंग का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। व्यापारियों ने भी अपने वाहन व्यवस्थित रूप से पार्किंग में रखने पर सहमति जताई। अतिक्रमण हटाओ अभियान: नगर निगम, यातायात पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस मिलकर यातायात में बाधक बन रहे अतिक्रमण और ठेलों को हटाने के लिए संयुक्त अभियान चलाएगी। नो-पार्किंग जोन में सख्ती: सड़कों पर बेतरतीब ढंग से और नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर क्रेन के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों को भी सफेद मार्किंग के बाहर वाहन न खड़े करने की चेतावनी दी गई है। वन-वे और नो-एंट्री: गोराकुंड से नरसिंह बाजार की ओर का मार्ग नो-एंट्री रहेगा, जबकि नरसिंह बाजार से गोराकुंड की ओर का मार्ग वन-वे के रूप में संचालित होगा।