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बचत और स्वच्छ ऊर्जा के लिए एमपी सरकार ने दिया निर्देश, हर शहर में सोलर प्लांट होंगे स्थापित

भोपाल   प्रदेश में नगरीय निकायों के अनावश्यक खर्चों को कम करने के लिए अब नगरीय विकास विभाग नकेल कसने की तैयारी में है। सभी निकायों को मितव्ययिता अपनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अनावश्यक खर्च रोकने के लिए सभी निकायों का अब एनर्जी ऑडिट भी होगा। इसमें आवश्यक लोड के अनुसार ही कनेक्शन लिया जाएगा। सभी निकायों के अस्थायी बिजली कनेक्शन भी बंद कराए जा रहे हैं। इनके स्थान पर सोलर पावर प्लांट(Solar Plant) लगेंगे, जिससे बिजली व्यय कम हो सके। इसके अलावा डीजल वाहनों की बजाय अब इलेक्ट्रिक वाहन ही खरीदे जाएंगे। निकायों को राजस्व वसूली बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे साल भर में होने वाली बचत नगर में जनता से जुड़े हुए विकास संबंधी कामों में खर्च होगी। हर निकायों में लगेंगे सोलर प्लांट हर नगरीय निकाय को सोलर पॉवर प्लांट(Solar Plant) लगाने के लिए निर्देश दिए हैं। जिन निकायों में स्थान उपलब्ध है वे अपने यहां यह प्लांट लगा सकते हैं। जिनके पास जमीन उपलब्ध नहीं है वे प्रदेश में अन्य स्थानों पर यह प्लांट लगा सकते हैं। भोपाल निगम ने नीमच में सोलर प्लांट लगाया है। वहां जितनी बिजली बनेगी उतनी यहां नगर निगम को बिल में छूट मिलेगी। इससे बिजली बिल काफी कम होगा। कचरा वाहन भी ईवी होंगे विभाग ने तय किया है कि अब निकायों में जो नए वाहन खरीदे जाएंगे वे ईवी ही होंगे। फिलहाल डीजल वाहनों का संचालन बंद नहीं किया जाएगा। लेकिन एक बार डीजल वाहन खटारा होने के बाद उसकी जगह दूसरा डीजल वाहन नहीं खरीदा जाएगा। उसकी जगह इलेक्ट्रिक वाहन लेंगे। कचरा परिवहन के लिए जो वाहन उपयोग किए जाएंगे वे भी ईवी ही होंगे। इसके लिए चार्जिंग पॉइंट की भी व्यवस्था की जाएगी। 15000 करोड़ बचत का अनुमान नगरीय विकास विभाग ने छोटे-छोटे बचत के उपायों को प्रभावी करने की योजना बनाई है। विभाग का अनुमान है कि सिर्फ फिजूलखर्ची पर रोक लगा कर ही प्रदेश की निकायों में 15 हजार करोड़ रुपए की बचत होगी। महापौरों ने रखी सुरक्षा और वित्तीय मांगें  मंत्रालय में हुई बैठक में नगर निगमों के महापौरों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने अतिक्रमण हटाने के बाद बढ़ते खतरों को देखते हुए गनमैन की तत्काल मांग की। महापौरों ने कहा कि पिछली बैठक में सुरक्षा का आश्वासन मिला था, पर अब तक व्यवस्था नहीं हुई। साथ ही सरकारी जमीन निगमों के नाम दर्ज करने की मांग की ताकि विकास कार्य सुचारू हो सकें। महापौरों ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि सीधे उपलब्ध कराने की भी मांग की, ताकि वे बिजली बिल स्वयं चुका सकें। इंदौर महापौर ने अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही, वहीं भोपाल महापौर ने विसर्जन घाटों सहित कई जगहों पर निगम के नाम जमीन न होने से जनसुविधाएं प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि निगम खर्च कम करें और शुल्क बढ़ाने जैसे सख्त फैसले लेकर राजस्व बढ़ाएं। एसीएस संजय दुबे ने संपत्ति किराए की दरें बढ़ाने, सोलर प्लांट लगाने और खर्चों की समीक्षा कर आय-व्यय संतुलन सुधारने के सुझाव दिए। कहा, बिजली, ईंधन और स्थापना व्यय की समीक्षा कर इनमें कमी की जा सकती है। सोलर प्लांट से बिजली बिल कम किया जा सकता है। बीते वर्ष चुंगी क्षतिपूर्ति से चुकाए बिजली के 60 करोड़ रुपए बता दें, प्रदेश के नगरीय निकायों द्वारा पेयजल, स्ट्रीट लाइट आदि के लिए विद्युत वितरण कंपनियों से बिजली की आपूर्ति की जाती है, लेकिन स्थानीय निकायों द्वारा रहवासियों से शुल्क की वसूली में कमी आई है। इसलिए बिल नहीं चुका पाते। इसे देखते हुए वर्ष 2024 में नगरीय विकास विभाग ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि से लगभग 60 करोड़ बिजली बिल चुकाने के लिए जारी किए थे। प्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, कटनी, सागर, सतना, देवास, खंडवा और रतलाम के निकायों के बिजली बिल एक करोड़ रुपए से अधिक थे। सोलर प्लांट लगने के बाद बिजली बिलों में जरूर राहत मिलेगी।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों में कड़ा प्रतिबंध, जुर्माना भी लगाया जाएगा

 भोपाल  अब मध्य प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्वों में सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित कर दिया गया है। एक अक्टूबर से इन्हें खोला जाएगा और इसके साथ ही प्रतिबंध लागू हो जाएगा। वन विभाग इनका कड़ाई से पालन भी करवाएगा। उल्लंघन करने पर 500 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक अर्थदंड का भी प्रविधान किया गया है। बता दें कि पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्क प्रबंधन बायोडिग्रेडिबल पदार्थ से बनी पानी की बोतल सशुल्क उपलब्ध कराएगा। कपड़े के बैग पर्यटकों को सशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पर्यटक पार्क में प्लास्टिक बैग न लाएं। कपड़े के बैग स्व-सहायता समूह के सदस्यों से तैयार करवाए जाएंगे। इस तरह ईको (पर्यावरण हितैषी) पर्यटन से स्थानीय समुदाय की आजीविका के अवसर विकसित करने का प्रयास भी होगा। इससे उनकी वनों पर उनकी निर्भरता कम होगी और वनों का संरक्षण भी हो सकेगा। स्थानीय समुदाय के लोगों में क्षमता विकास एवं कौशल उन्नयन के लिए गाइड प्रशिक्षण, अतिथि सत्कार, खानसामा और अनुभूति प्रेरक प्रशिक्षण दिए जाएंगे। प्रयास होगा कि ईको पर्यटन से प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जाए और स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ के अवसर प्रदान किए जा सकें। गाइड के कौशल का होगा मूल्यांकन इसके अलावा, राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्वों और अभयारण्यों में गाइड के कौशल का मूल्यांकन हर वर्ष किया जाएगा। अपेक्षित मापदंडों के नीचे वाले गाइड को रोस्टर से हटा दिया जाएगा। एक अक्टूबर से गाइड का शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। अब वनों में वाहन से एक राउंड के भ्रमण पर पर्यटकों को जी-वन श्रेणी के गाइड को 600 रुपये की जगह एक हजार रुपये तथा जी-टू श्रेणी के गाइड को 480 रुपये के स्थान पर 800 रुपये देने होंगे। प्रदेश में नौ टाइगर रिजर्व     कान्हा टाइगर रिजर्व     बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व     सतपुड़ा टाइगर रिजर्व     पेंच टाइगर रिजर्व     पन्ना टाइगर रिजर्व     रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व     संजय दुबरी टाइगर रिजर्व     डॉ. विष्णु वाकणकर (रातापानी) टाइगर रिजर्व     माधव टाइगर रिजर्व ये राष्ट्रीय उद्यान भी हैं। इसके अलावा दो अन्य राष्ट्रीय उद्यान यानी कुल 11 हैं। प्रदेश में 26 अभयारण्य हैं।     सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में सिंगल यूज प्लास्टिक पहले से ही प्रतिबंधित है। अन्य टाइगर रिजर्वों और राष्ट्रीय उद्यानों में भी अब इसे प्रतिबंधित किया गया है। इसका और अधिक कड़ाई से पालन करवाया जाएगा।     -एल. कृष्णमूर्ति, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी), वन विभाग, मध्य प्रदेश यह होता है सिंगल यूज प्लास्टिक यह प्लास्टिक सिर्फ एक बार इस्तेमाल करके फेंक दिया जाता है। जैसे पालीथीन बैग, प्लास्टिक स्ट्रा, कटोरी, प्लेट, कप, चम्मच, कैंडी, चाकलेट, चिप्स के रैपर आदि। इसे दोबारा उपयोग में लाना कठिन या असंभव होता है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण में सैकड़ों वर्षों तक बना रहता है। मिट्टी, पानी, जानवरों और मनुष्यों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल गुरुवार को करेंगे “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” अभियान का शुभारंभ

भोपाल. उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल सरोजनी नायडू शासकीय स्वशासी कन्या महाविद्यालय भोपाल में “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” अभियान के अंतर्गत 25 सितम्बर को विशेष स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करेंगे। शिविर में छात्राओं एवं शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य जांच (उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, सिकल सेल स्क्रीनिंग, एनीमिया, किशोरियों में पोषण जागरूकता, क्षय रोग जांच) की सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। साथ ही आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ आईडी (आभा) बनाने की सुविधा भी दी जाएगी। जागरूकता गतिविधियों के अंतर्गत खुल के पूछो (विशेषज्ञों से संवाद), स्वास्थ्य प्रश्नोत्तरी, खेल गतिविधियाँ तथा “थोड़ी सेहत, थोड़ी मस्ती” थीम पर जुम्बा सत्र का आयोजन होगा। शिविर स्थल पर स्वैच्छिक रक्तदान की व्यवस्था भी रहेगी। साथ ही छात्राओं व शिक्षकों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना, मिथकों का निराकरण और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित भी किया जायेगा।  

सुचारू विद्युत आपूर्ति के लिये 24×7 फोन पर उपलब्ध हैं बिजली कार्मिक

भोपाल. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्‍ताओं को निर्बाध और गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिये कंपनी कार्य क्षेत्र के बिजली कार्मिकों को मुख्यालय पर रहने एवं 24X7 दिवस अपने फोन चालू रखने के निर्देश जारी किए गये हैं। गौरतलब है कि विभिन्‍न प्राकृतिक और अन्य कारणों से विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्मिकों के मुख्‍यालय पर नहीं रहने के कारण विद्युत आपूर्ति को दुरूस्त करने में लगने वाले अधिक समय से उपभोक्‍ताओं को होने वाली परेशानी और उपभोक्‍ताओं की सुविधा को संज्ञान में लेते हुए कंपनी द्वारा सभी कर्मिकों को मुख्‍यालय पर रहने के निर्देश जारी किये गये हैं। कंपनी ने बताया है कि कार्मिकों के मुख्‍यालय पर नहीं रहने के कारण उपभोक्ताओं को निरंतर विद्युत आपूर्ति किए जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस दौरान उपभोक्ता शिकायतों की संख्या बढ़ने एवं उपभोक्ता असंतोष की स्थिति से निपटने के लिए कंपनी द्वारा अपने कार्यक्षेत्र के 16 जिलों के मैदानी अमले के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था से जुड़े नियमित/संविदा/सेवाप्रदाता कार्मिकों को डयूटी समाप्ति के उपरांत भी अपने मुख्यालय पर रहने एवं 24×7 दिवस तथा अवकाश के दौरान भी अपना मोबाइल फोन चालू रखने के निर्देश जारी किए हैं। कंपनी ने कहा है कि मुख्‍यालयों पर पदस्‍थ कार्मिकों को 24×7 दिवस मुख्‍यालय पर उपस्थित रहकर मुख्‍यालय पर निवासरत होने संबंधी स्‍वप्रमाणित घोषणा पत्र अपने उच्‍च अधिकारी को प्रस्‍तुत करना होगा। साथ ही उच्‍च अधिकारियों को स्‍वयं के घोषणा पत्र सहित उनके अधीनस्‍थ कार्मिकों से प्राप्‍त घोषणा पत्र पर अपनी टिप्‍पणी दर्ज कर कंपनी मुख्‍यालय को प्रस्‍तुत करना होगा। कंपनी ने कहा है कि किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी का मोबाइल यदि विशेष कारणों से बंद भी होता है तो वे अन्य संपर्क सूत्र से अपने नियंत्रणकर्ता अधिकारी को अवगत करायेंगे तथा नियंत्रणकर्ता अधिकारी की अनुमति के बिना कोई भी कार्मिक मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। यदि कोई भी कर्मचारी निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही उन्हें गृह भाड़े भत्ते का भी भुगतान नहीं किया जाएगा।   

छिंदवाड़ा ने स्वच्छता में रचा इतिहास, फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार से हुआ सम्मानित

भोपाल. छिंदवाड़ा जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि प्राप्त कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। जिला पंचायत छिंदवाड़ा को अभिनव ‘’वॉश ऑन व्हील्स’’ नवाचार के लिए प्रतिष्ठित इंडिया सेनीटेशन कोएलिशन फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से नवाजा गया है। इसे सतत रखरखाव एवं सामुदायिक प्रबंधन श्रेणी में प्रदान किया गया, जिसके साथ ढाई लाख रुपये की नकद राशि भी प्राप्त हुई। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में छिंदवाड़ा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रिम कुमार ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। छिंदवाड़ा देश का पहला जिला स्तरीय संगठन बन गया है, जिसे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छिन्दवाडा वॉश ऑन व्हील्स को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रशंसा मिल रही है। भोपाल में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस नवाचार की सराहना की थी। इसके अलावा, यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिका अकॉलैड्स में भी स्थान पा चुका है जो मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। वॉश ऑन व्हील्स: स्वच्छता का अनूठा मॉडल वॉश ऑन व्हील्स नवाचार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों की सफाई और रखरखाव की चुनौती का अभिनव समाधान प्रस्तुत किया है। मोबाइल इकाइयों के माध्यम से गांव-गांव जाकर शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पहल ने न केवल स्वच्छता को स्थायी बनाया, बल्कि सामुदायिक सहभागिता की मिसाल भी कायम की। इस नवाचार की प्रस्तुति 11 जून 2025 को सीईओ जिला पंचायत कुमार ने फिक्की की कार्यकारी निर्णायक समिति के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी थी, जिसे सर्वसम्मति से सराहा गया। आर्थिक और सामाजिक प्रभाव की इस पहल से संलग्न 45 स्वच्छता साथियों ने अब तक 40 हजार शौचालय इकाइयों की सफाई कर लगभग 40 लाख रुपये की आय अर्जित की है। यह मॉडल न केवल स्वच्छता को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण का भी माध्यम बन रहा है। यह उपलब्धि न केवल छिंदवाड़ा, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।  

एनएचएआई इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कार्य शीघ्र करे पूर्ण: जल संसाधन मंत्री सिलावट

भोपाल. जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन अर्जुन बरोदा, झलारिया और कनाडिया फ्लाई ओवर का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही रोड चौड़ीकरण, सर्विस रोड दुरुस्ती और बंद लाइट चालू करने का कार्य भी प्राथमिकता के साथ किया जाए, जिससे यातायात सुचारू हो और ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त हो। मंत्री सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय में एनएचएआई और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एनएचएआई के रीजनल ऑफिसर एस.के. सिंह, एमपीआरडीसी के चीफ इंजीनियर राकेश जैन, प्रमुख अभियंता जल संसाधन विनोद कुमार देवड़ा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि लक्षित कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें, जिससे जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े। मंत्री सिलावट ने इन कार्यों के लिए अधिकारियों की सहमति से समय-सीमा भी निर्धारित की। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के अनुसार 15 जनवरी 2026 तक अर्जुन बरोदा का फ्लाई ओवर और 30 जनवरी 2026 तक झलारिया का फ्लाई ओवर पूर्ण होकर प्रारंभ हो जाएगा। इसी प्रकार 31 मार्च 2026 तक कनाडिया (एमआर 10) का फ्लाई ओवर, दीपावली के पहले फ्लाई ओवर के दोनों तरफ की सर्विस रोड की मरम्मत और डामरीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। आगामी 10 दिनों में पूरे मार्ग पर लाइट भी लगा दी जाएगी। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि इन मार्गों पर यातायात बाधित न हो इसके लिए एनएचएआई स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय कर व्यवस्था सुनिश्चित करें।  

बौद्धिक दिव्यांगजनों के विकास एवं पुनर्वास विषय पर हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण

भोपाल. "बौद्धिक दिव्यांगजनों के विकास एवं पुनर्वास" विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान सीहोर में आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 17 से 19 सितम्बर 2025 को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विथ इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटीज (NIEPID), हैदराबाद तथा जय वकील फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बौद्धिक दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास, पुनर्वास की नवीन तकनीकों, शिक्षा एवं पुनर्वास सेवाओं की सुलभता पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें विभिन्न जिलों से आए शासकीय अशासकीय बौद्धिक दियांगजनों से सम्बंधित संस्थाओं के विशेष शिक्षकों, पुनर्वास पेशेवरों, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अभिभावक शामिल हुए। कार्यक्रम के उद्घाटन-सत्र में वक्ताओं ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए परिवार, समाज एवं संस्थाओं की सामूहिक भूमिका अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान व्यवहार सुधार, आत्मनिर्भरता, कौशल विकास तथा पुनर्वास संबंधी व्यावहारिक कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया। समापन-सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने ऐसे प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि यह बौद्धिक दिव्यांगजनों की बेहतरी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री निर्मला भूरिया का बाल निकेतन का औचक निरीक्षण : बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए दिए सख्त निर्देश

भोपाल. महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को भोपाल के हमीदिया रोड स्थित बाल निकेतन का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से बातचीत कर उनकी शिक्षा, भोजन, आवास और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री सुश्री भूरिया ने संयुक्त संचालक श्रीमती नकीजहां कुरैशी और बाल निकेतन अधीक्षक श्री हरिओम शर्मा को निर्देशित किया कि बच्चों के आवास, पोषण, शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर और गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों की भावनात्मक और मानसिक आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री सुश्री भूरिया ने बाल निकेतन के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण करते हुए रहने के कक्ष, इंडोर गेम्स हॉल, ऑडिटोरियम और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर बच्चों ने नृत्य और गायन प्रस्तुत कर अपने हुनर का प्रदर्शन किया, जिसे मंत्री सुश्री भूरिया ने सराहा। मंत्री से बच्चों ने अपने पसंदीदा पर्यटन स्थल पर भ्रमण की इच्छा भी जताई, जिसे सुनते ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि बाल निकेतन में अनाथ, निराश्रित और परित्यक्त बच्चों को बाल कल्याण समिति के माध्यम से प्रवेश देकर उन्हें आवास, भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यह संस्था समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों के पुनर्वास और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।  

पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति के लिए 25 सितंबर को विंध्याचल भवन में होंगे साक्षात्कार

भोपाल. पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना-2025 के अंतर्गत विदेश में उच्च शिक्षा अध्ययन के लिये आवेदन करने वाले युवाओं का साक्षात्कार 25 सितंबर (गुरुवार) को होगा। साधिकार चयन समिति द्वारा यह साक्षात्कार प्रातः 10:30 बजे से प्रारंभ किया जाएगा। साक्षात्कार विंध्याचल भवन के द्वितीय तल स्थित आयुक्त, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में होगा। सभी पात्र अभ्यर्थियों को समय पर उपस्थित होने के लिए निर्देश दिए गए हैं। हर वर्ष 50 छात्रों का होता है चयन पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति के तहत हर वर्ष 50 छात्र छात्राओं का चयन किया जाता है। गत वर्षों में पिछड़ा वर्ग के सैकड़ों छात्र छात्राएं इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।  

सभी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी ला रहे हैं पदक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल के क्षेत्र में नई क्रांति हुई है। भारतीय खिलाड़ी और जवानों ने हर अवसर पर देश-प्रदेश का मान बढ़ाया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए स्वदेशी और खेल क्रांति के लिए फिट इंडिया मूवमेंट महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी देश के लिए महत्वपूर्ण इन दोनों गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत जीवनशैली में बदलाव के लिए सभी को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने 'भोजन में तेल कम करने और जीवन में खेल गतिविधियां बढ़ाने' का सभी देशवासियों से आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 'सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को शासकीय सुभाष एक्सीलेंस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भारत माता की जय के नारों और आतिशबाजी के बीच आसमान में तिरंगे गुब्बारे छोड़कर 'सांसद खेल महोत्सव 2025' के शुभारंभ की विधिवत घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज आरंभ हो रहे सांसद खेल महोत्सव में 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने नामांकन कराया है, यह प्रदेश के विद्यार्थियों में निरंतर बढ़ रही खेल गतिविधियों के प्रति रूचि का परिणाम है। प्रसन्नता का विषय है कि सांसद खेल महोत्सव, सेवा पखवाड़ा का भाग बन रहा है। प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए  पौष्टिक आहार पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अपने भोजन में दूध, दही और मक्खन उचित मात्रा में शामिल करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। सनातन संस्कृति में आदिकाल से ही खेलों का विशेष महत्व रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-जन में खेल भावना विकसित करने और हर वार्ड व ग्राम तक खेल गतिविधियों का विस्तार करने के उद्देश्य से सांसद खेल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। प्रयास है कि प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले। राज्य सरकार खेल, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को कर रही है प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरों और पंचायतों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, इसी का परिणाम है कि सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी पदक ला रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेल, खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को हर स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है। प्रशिक्षकों के प्रमोशन, वेतन की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स टीचर को कुलगुरु बनने तक का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मार्शल आर्ट के अंतर्गत मलखम्ब, जूडो, कुश्ती और ताइक्वांडो के खिलाड़ियों द्वारा दिए गए प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने स्काउट गाइड के दल और बैंड ग्रुप के प्रदर्शन की भी सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमुदाय को नवरात्रि पर्व और दशहरे की शुभकामनाएं दीं। खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए कराया रजिस्ट्रेशन सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह प्रतियोगिताएं पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर कराई जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के युवा खेल महोत्सव से देश में युवाओं को फिटनेस की प्रेरणा मिली है। प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों के मामले में अग्रणी बनता जा रहा है। खेल युवाओं को अपनी प्रतिभा, योग्यता और क्षमता का उपयोग सृजनात्मक गतिविधियों में करने के लिए प्रेरित करते हैं। जहां खेल गतिविधियां अधिक हैं, वे राज्य सभी क्षेत्रों में उन्नति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा अनुरूप मध्यप्रदेश के सभी जनप्रतिनिधि खेलों को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।  मलखम्ब के खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सांसद आलोक शर्मा ने वस्त्र पट्टिका एवं स्मृचि चिह्न भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां भारती सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा श्रद्धेय श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उद्घाटन अवसर पर हुए मार्च पास्ट में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाने वाली 18 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया। साथ ही मार्च पास्ट में 120 प्रतिभावान खिलाड़ी भी शामिल हुए। मॉडल स्कूल के बैंड ने मनमोहक प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश ताइक्वांडो एवं जूडो खेल अकादमी के खिलाड़ियों एवं कुश्ती व कराटे के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजकीय खेल मलखम्ब के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा तथा परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, संगठन मंत्री हितानंद शर्मा, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक सीहोर सुदेश राय सहित भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के नगरीय‍ निकायों एवं पंचायतों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और खिलाड़ी उपस्थित थे।