samacharsecretary.com

भारत ज्योति विद्यालय मंडला में भव्य कला एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम संपन्न

   मण्डला  भारत ज्योति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लालीपुर मंडला में कला एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर किंडरगार्टन से कक्षा पाँचवी तक के विद्यार्थियों द्वारा विविध रंगों व कल्पनाओं से सजी कलाकृतियाँ प्रस्तुत की गईं, वहीं कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने विषयवार विज्ञान, गणित, वाणिज्य, भाषा आदि विषयों पर आधारित वर्किंग एवं नॉन वर्किंग मॉडल्स की प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी में रसायन शास्त्र, भौतिक शास्त्र, जीव विज्ञान, गणित, वाणिज्य, अंग्रेज़ी, हिंदी तथा संस्कृत जैसे विषयों के रोचक एवं नवाचारी मॉडल्स ने दर्शकों को आकर्षित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती वंदना गुप्ता (संयुक्त संचालक, ट्राइबल वेलफेयर, जिला मंडला) थीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. राजेश चौरसिया (भूतपूर्व प्राचार्य, RDPG कॉलेज मंडला) एवं  रंजीत गुप्ता (विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मंडला) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मूल्यांकन निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें प्रवीण वर्मा (रानी अवंती बाई विद्यालय, मंडला) सहित कई शासकीय एवं अशासकीय शिक्षक शामिल थे। विद्यालय के प्राचार्य फादर सिबी, विज्ञान प्रभारी विनय पटेल एवं समस्त शिक्षकों के सहयोग से यह कार्यक्रम अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालय परिवार द्वारा विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने की यह पहल सराहनीय रही, जिससे उनमें रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं आत्मविश्वास का विकास हुआ।

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर किया जा रहा है सर्वे

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर किया जा रहा है सर्वे वायरोलॉजी लैब पुणे से रिपोर्ट आने के बाद ही इन्फेक्शन की हो सकेगी पुष्टि भोपाल  जिला प्रशासन छिंदवाड़ा द्वारा बच्चों में किडनी फेलियर की शिकायतों पर पूरी नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ए.एन.एम. और आशा कार्यकर्ता के माध्यम से घर-घर जाकर बुखार का सर्वे कराया जा रहा है, जिससे 02 दिन से अधिक बुखार की स्थिति में बच्चों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जा सके और इस तरह ही घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। कलेक्टर  शीलेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक  अजय पाण्डेय द्वारा भी इस संबंध में परासिया क्षेत्र का दौरा किया गया। साथ ही प्रतिदिन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भी अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी समीक्षा की जा रही है। कलेक्टर  सिंह ने बताया कि परासिया क्षेत्र में केवल 3 ऐसे प्रकरण सामने आए थे, जिनमें 1 परासिया लोकल, 1 बाघबर्दिया गांव और 1 सेठिया गांव का मामला था। दिल्ली और भोपाल की टीमों ने आकर भी क्षेत्र का भ्रमण कर सैंपल लिए हैं। जिले की स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा भी प्रभावित बच्चों के सैंपल लेकर वायरोलॉजी लैब पुणे भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही किसी तरह के वायरल इन्फेक्शन की पुष्टि हो सकेगी। किडनी फेलियर के कई कारण हो सकते हैं। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि परासिया क्षेत्र में किसी तरह के वायरल इन्फेक्शन या महामारी के फैलने की अपुष्ट खबरों से घबराएं नहीं।  

मवई में अतिथि शिक्षकों की बैठक, नियमित रोजगार न मिलने पर सरकार के खिलाफ नाराज़गी

अतिथि शिक्षक परिवार मवई की बैठक में लिया संकुलवार बैठक का फैसला नियमित रोजगार के लिए बार-बार आस्वासनों के बाद भी नियमित रोजगार नहीं दे पाने से सरकार पर जताया आक्रोश    जबलपुर  अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के राह पर आड़े आने वाली बाधाओं को खत्म करके संगठन को मजबूत बनाने के मुख्य एजेंडे पर निर्णय लेने मवई विकासखंड के सभी संकुल केंद्रों में रविवार 28 सितंबर को अतिथि शिक्षकों की बैठकें लिए जाने प्रभारी नियुक्त करने मवई विकासखंड मुख्यालय में संगठन की आवश्यक बैठक रविवार 21 सितंबर को रखी गई।      अतिथि शिक्षक परिवार मण्डला जिला अध्यक्ष पी डी खैरवार के दिशा-निर्देशानुसार संपन्न हुई बैठक में मुख्य एजेंडों पर चर्चा कर निर्णय लिया गया है, कि आगामी रविवार 28 सितंबर को विकासखंड के पांचों संकुल केंद्रों में अलग-अलग बैठकें रखी जाएंगी।जिनको संपन्न कराने संकुलवार बैठक प्रभारियों को जिम्मेदारी सौपी गई है। घुटास और दाढ़ी भानपुर संकुल की बैठक के लिए अजय मराठा,स़तोष बघेल और राजेंद्र पारस,भीमडोंगरी, मोतीलाल संकुल की बैठक के लिए इंद्रेश साकत,गनीराम धुर्वे,रिखी राम मार्को और मवई संकुल की बैठक के लिए सुखनंदन मरावी,प्रताप परस्ते, रोहित धुर्वे और मुकेश पंद्रे को प्रभारी नियुक्त किया गया है। सभी बैठकों में चर्चा के लिए एजेंडे भी तैयार किए गए हैं। सरकार पर आरोप भी लगाया गया गया कि 2008 से लगातार नियमित रोजगार की मांग करते आ रहे अतिथि शिक्षकों को सरकार झूठे आस्वासन के अलावा कुछ भी नहीं दे पा रही है। विगत दो वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आयोजित पंचायत में नियमित रोजगार से संबंधित अधिकारिक घोषणा तो कर दी पर मानदेय में वृद्धि के अलावा कुछ भी नहीं मिला।इसी तरह हाल ही के 16 सितंबर को अंबेडकर पार्क भोपाल में जुटे प्रदेश भर के अतिथि शिक्षकों को शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने नियमित रोजगार को लेकर जल्द ही नीति बनवाए जाने का आश्वासन मोबाइल कांफ्रेंस से देकर विदा कर दिया। अब तक अता पता नहीं। इस तरह अतिथि शिक्षक अपने आपको बार-बार ठगे अनुभव करते जा रहे हैं। जिससे अतिथि शिक्षकों की उम्र भी अधिक हो चुकी है,और परिवार की माली हालत भी बिगड़ती चली जा रही है। अब ऐसी पुनरावृत्ति न हो,इसके लिए मवई विकासखंड के सभी अतिथि शिक्षक संगठित होकर अपनी मुख्य मांगों को लेकर जिला हो या प्रदेश स्तर के आंदोलनों में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।जिससे अतिथि शिक्षकों के नियमित रोजगार की मांग जल्द ही पूरी कर सके सरकार। बैठक में इंद्रेश साकत,रिखीराम मार्को, नरेंद्र झारिया,गनीराम धुर्वे, संतोष कुमार, सुखनंदन मरावी,त्रिवेणी चक्रवर्ती,अजय मराठा, मुकेश पंद्रे, रोहित धुर्वे, महेश धुर्वे,प्रताप सिंह, राजेन्द्र पारस, रामकुमार पटवा सहित बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक उपस्थित रहे।

मैहर: NH-30 पर सड़क हादसे में कांग्रेस नेता सोमदत्त साकेत के पुत्र अमित साकेत का दुःखद निधन

मैहर मैहर से कांग्रेस पार्टी नादन ब्लॉक प्रभारी पूर्व सरपंच सोम दत्त साकेत के  पुत्र अमित साकेत का नेशनल हाईवे NH 30 में कंचनपुर कटिया मोड के पास रात्रि के समय हुए दर्दनाक एक्सीडेंट होने से स्वर्गवाश हो गया पुष्पांजलि अर्पित किए कांग्रेस जिला अध्यक्ष धर्मेश घई बहुजन समाज पार्टी जिला अध्यक्ष उत्तम साकेत संत शिरोमणि रविदास सगाजन समाज चौधरी समाज के मीडिया प्रभारी उमेश चौधरी डी डी साकेत चंदन वर्मा कमलेश वर्मा फूलचंद बौद्ध सगा जन समाज ने मौन धारण कर ईश्वर से प्रार्थना किया कि प्रभु आत्मा को शांति प्रदान करना ॐ शांति ॐ ॐ शांति ॐ

पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालय मैहर में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस मनाया गया

मैहर प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस महाविद्यालय मैहर में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस दिनांक 24 सितंबर 2025 को प्राचार्य डॉक्टर राजेश सिंह की उपस्थिति में मनाया गया l कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन  एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ l इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीएम श्री शैलेंद्र सिंह रहे जिनके द्वारा एन एस एस के बारे में चर्चा की गई तथा विभिन्न नारों के द्वारा स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया गया जिसमें देश की इज्जत नौजवान, देश की ताकत नौजवान, एक बार जोर से एन एस एस की ओर से, मानव मानव एक समान, जात – पात का मिटे निशान आदि नारे लगाए गए I  पूर्व राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ अजीत सिंह द्वारा एन एस एस की दैनिक एवं वार्षिक गतिविधियों के बारे में चर्चा की गई I पूर्व राष्ट्रीय सेवा योजना महिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ सुनीता राज खन्ना द्वारा भारत सरकार द्वारा  युवा छात्रों को सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने के विषय में तथा नॉट मी बट यू के महत्व को स्पष्ट किया। डॉ उपेंद्र जी पांडे द्वारा   स्वयंसेवकों को को सामुदायिक सेवा के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व और नैतिक मूल्यों का विकास करने का अवसर प्रदान करती है के विषय में बताया। NSS के तहत होने वाली गतिविधियाँ विविध और प्रभावशाली होती हैं, जो समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान देती हैं। ये गतिविधियाँ मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित की जा सकती हैं: नियमित गतिविधियाँ और विशेष शिविर। कार्यक्रम अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव द्वारा एन एस एस के इतिहास पर प्रकाश डाला गया I    प्राचार्य डॉक्टर राजेश सिंह द्वारा स्वच्छता सेवा पखवाड़ा अभियान,  तहत सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों, और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता  कचरा प्रबंधन, जल निकायों की सफाई और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने में योगदान देते साथ ही पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण, जल संरक्षण, और प्लास्टिक उपयोग में कमी जैसे कार्यक्रमों को आयोजित करना है। स्वयंसेवक पर्यावरण-संरक्षण करना, स्वयंसेवक ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साक्षरता अभियान चलाना, बच्चों और वयस्कों को बुनियादी शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, और स्वास्थ्य जागरूकता प्रदान करना, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जाँच शिविर, और टीकाकरण अभियान  प्रमुख गतिविधियाँ समय समय पर आयोजित करना आदि के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। स्वयंसेवक एवं स्वयं सेवकों द्वारा एन एस एस लक्ष्य गीत, सद्भावना गीत आदि को प्रस्तुत किया साथ ही बीए प्रथम वर्ष की स्वयंसेविका नेहा एवं यज्ञवती कोल द्वारा मध्य प्रदेश गान पर नृत्य का  प्रस्तुतीकरण  किया गया । स्थापना दिवस के अवसर पर वरिष्ठ स्वयंसेवक रोहित तिवारी एवं संस्कार खरे द्वारा एन एस एस के अनुभवों को साझा किया गया I इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉक्टर बिल्टू खान , डॉ त्रिपुरेश  पाठक , प्रो शैलेंद्र प्रताप, प्रो ताराचंद यादव ,डॉ अजीत सिंह , डॉ अनंत प्रकाश दुबे, डॉ रोशन लाल पांडे, योगा ट्रेनर सुनील अहिरवार, उन्नति फाउंडेशन से रोहित चौरसिया तथा स्वयं सेवक एवं स्वयं सेविकाएं उपस्थित रहे I कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी महिला इकाई डॉ गुंजा पवार, प्रो अनुराग श्रीवास्तव, स्वयंसेवक संस्कार खरे एवं स्वयंसेविका का पल्लवी पाठक द्वारा किया गया ।

बिजली कनेक्‍शन में नाम परिवर्तन करना हुआ आसान

भोपाल. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कंपनी कार्य क्षेत्र के भोपाल,  नर्मदापुरम, ग्‍वालियर एवं चंबल संभाग अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के विद्युत उपभोक्ताओं को कंपनी के सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से विद्युत कनेक्‍शन के नाम में परिवर्तन करने के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्‍ध कराई है। अब उपभोक्‍ताओं को उनके परिसरों में पूर्व से विद्यमान कनेक्‍शन के नाम में परिवर्तन करना बेहद आसान हो गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि जिन उपभोक्ताओं को अपने मीटर से संबंधित नाम में परिवर्तन करना है वह कंपनी की वेबसाइट https://portal.mpcz.in/web/ में एलटी सर्विसेस के एलटी अदर सर्विसेस में दिये गये नेम ट्रांसफर अथवा सीधे  https://saralsanyojan.mpcz.in पर जाकर अदर यूजफुल लिंक्‍स में दिये गये अप्‍लाय फॉर अदर सर्विसेस के माध्‍यम से आसानी से करा सकते हैं।   कंपनी ने कहा है कि विद्युत उपभोक्ताओं को नाम परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान अपना आईवीआरएस नंबर,संबंधित समग्र आईडी,पैन कार्ड एवं आवश्‍यक दस्‍तावेज अपलोड करने के उपरांत लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्‍त ओटीपी दर्ज कर निर्धारित शुल्‍क 170/- रूपये का भुगतान करना होगा। ऑनलाइन आवेदन देने के पश्चात उपभोक्ता आवेदन क्रमांक अथवा मोबाइल नंबर से आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं।  

मध्यप्रदेश के बाघ अब राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के जंगलों में रौनक बढ़ाएंगे

भोपाल  टाइगर स्टेट का गौरव हासिल कर चुके मध्यप्रदेश के बाघ अब पड़ोसी राज्यों के जंगलों की शोभा बढ़ाएंगे। बांधवगढ़, कान्हा और पन्ना टाइगर रिजर्व से बाघों का ट्रांसलोकेशन राजस्थान, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में किया जाएगा। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के निर्देश पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। खर्च संबंधित राज्य उठाएंगे। कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve) के क्षेत्र संचालक रविंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि कान्हा से से दो बाघों का ट्रांसलोकेशन होना है। अन्य नेशनल पार्क से भी बाघ भेजे जाएंगे। इसकी तैयारियां शुरू की जा रही है। कान्हा के बाघ कहां भेजे जाएंगे यह आने वाले एक दो दिन में तय हो जाएगा। अक्टूबर में होगा प्रशिक्षण बाघों के नए ठिकाने वाले टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को अक्टूबर में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें बाघों की देखभाल, ट्रैकिंग और संरक्षण की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद बाघों को सीसीटीवी युक्त विशेष ट्रक से भेजा जाएगा। ट्रक के साथ पशु चिकित्सक और अन्य विशेषज्ञ भी रहेंगे। रास्ते में भोजन, पानी और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था रहेगी। छत्तीसगढ़ को सबसे ज्यादा बाघ मप्र से राजस्थान को 3 छत्तीसगढ़ को 4 और ओडिशा को 3 बाघ भेजे जाएंगे। इनमें नर-मादा की जोड़ियां भी शामिल हैं। वर्तमान में मप्र में 785 बाघ हैं। संख्या के लिहाज से यह देश का सबसे बड़ा टाइगर स्टेट है। बाघों की बढ़ती संख्या से टेरेटरी को लेकर आपसी संघर्ष बढ़ रहे हैं। मप्र के अलग-अलग टाइगर रिजर्व से कम घनत्व वाले क्षेत्रों में बाघों को भेजा जाएगा। कान्हा से ट्रांसलोकेशन के लिए दो बाघ तैयार रखने को कहा गया है। वे कहां जाएंगे, यह दो दिन बाद तय होगा।- रविंद्रमणि त्रिपाठी, क्षेत्र संचालक, कान्हा टाइगर रिजर्व

मुरैना में बंदूक लाइसेंस को लेकर बड़ी कार्रवाई, 282 रद्द, 411 पर तलवार लटकाई गई

मुरैना मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में लाइसेंसी बंदूकधारियों पर प्रशासन और पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने ऐक्शन लेते हुए  जिले के ऐसे 282 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज या लंबित हैं। इस मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि जिले के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इस मामले की जानकारी देते हुए जिला कलेक्टर अंकित अस्थाना ने बताया कि पुलिस अधीक्षक की ओर से 411 ऐसे लाइसेंसी शस्त्रधारियों की सूची तैयार की गई थी, जिनके खिला आपराधिक मामले दर्ज हैं या फिर वे अदालत में लंबित हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर जिला दंडाधिकारी अदालत ने जिले के 411 लाइसेंसी शस्त्रधारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अस्थाना ने बताया कि इनमें से सिर्फ 129 लोगों ने ही अपने विरुद्ध उल्लेखित अपराध में दोष मुक्त होने के आदेश प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि शेष 282 लोगों द्वारा दस्तावेज जमा न करने के कारण उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। मुरैना के पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने बताया कि उन्होंने पिछले 16 वर्षों का रिकॉर्ड खंगालकर 411 लाइसेंसधारियों की सूची तैयार की थी। उन्होंने कहा कि अब जिनके लाइसेंस निलंबित हुए हैं, उन्हें जल्द ही अपने हथियार जमा कराने होंगे। ऐसा न करने पर शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में लंबे समय से लोग बंदूक को अपनी शान समझते रहे हैं और अक्सर यहां हर्ष फायरिंग और आपसी विवादों में लाइसेंसी बंदूकों के इस्तेमाल की शिकायतें मिलती रही हैं। सिर्फ मुरैना जिले में शस्त्र लाइसेंस धारकों की संख्या 25 हजार से अधिक है।

महाकाल महालोक तक उज्जैन में अंडरपास बनेगा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित

उज्जैन  धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध उज्जैन शहर में हरिफाटक चौराहे से महाकाल महालोक तक नया अंडरपास बनने जा रहा है। इस पर 40 करोड़ 57 लाख रुपये खर्च होंगे। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, अंडरपास न केवल हरिफाटक पुल पर यातायात का दबाव कम करेगा, बल्कि श्रद्धालुओं को महाकाल मंदिर और प्रमुख स्थलों तक सुगम और सुरक्षित पहुंच भी सुनिश्चित करेगा। निर्माण भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसमें अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। निर्माण के दौरान भी यातायात को सुचारू रखने के लिए योजना बनाई जा रही है। अंडरपास की डिजाइन इस तरह तैयार की गई है कि इंदौर-देवास की तरफ से आने वाले श्रद्धालु हरिफाटक पुल पर चढ़े बिना सीधे महाकाल महालोक के नंदी द्वार (जहां भगवान गणेश की विशाल मूर्ति स्थापित है) तक पहुंच सकें। इसकी लंबाई 600 और चौड़ाई 22 मीटर तय की है। मार्ग का कुछ हिस्सा भूमिगत होगा। निर्माण से जिला पंचायत का संभागीय हाट बाजार भी प्रभावित होगा। नया मार्ग महाकाल महालोक के साथ चारधाम मंदिर, त्रिवेणी कला संग्रहालय और रोपवे के बनने वाले दूसरे स्टेशन तक की पहुंच आसान बनाएगा। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर तैयारी परियोजना को उज्जैन में वर्ष 2028 में लगने जा रहे महाकुंभ सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उस समय करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे और तब यह अंडरपास भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इससे न केवल पुलिस और प्रशासन का प्रबंधन आसान होगा, बल्कि आम श्रद्धालुओं को भी परेशानी नहीं होगी। ऐतिहासिक नगरी की सबसे बड़ी जरूरत अंडरपास न केवल एक ट्रैफिक प्रबंधन उपाय है, बल्कि उज्जैन को धार्मिक पर्यटन हब के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम भी है। यह परियोजना उज्जैन को ऐसे माडल शहर के रूप में स्थापित करेगी, जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम हो। इस अंडरपास से उज्जैन का महाकाल क्षेत्र पहले से ज्यादा पहुंच योग्य, सुविधाजनक और सुरक्षित बन जाएगा और यही इस ऐतिहासिक नगरी की सबसे बड़ी जरूरत है। – रौशन कुमार सिंह, कलेक्टर

रेलवे टेक्नीशियन का अभिनव अविष्कार: इंदौर में कप्लर टेस्टिंग डिवाइस से समय की होगी बचत

इंदौर  रेलवे में तकनीकी जांच के क्षेत्र में एक नई और रोचक पहल सामने आई है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के इंदौर में पदस्थ इलेक्ट्रिक टेक्नीशियन-वन भगवती लाल सालवी ने लोको इंजन और कोच को जोड़ने वाली बिजली की केबल की जांच के लिए एक यूआईसी कप्लर टेस्टिंग डिवाइस बनाई है। इस मशीन ने रेलवे कर्मचारियों का काम आसान कर दिया है और घंटों का काम मिनटों में पूरा हो रहा है। इस नवाचार से न केवल रेलवे की कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि यह तकनीकी दक्षता को भी बढ़ाएगा। सालवी की इस पहल ने रेलवे के कर्मचारियों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है, जिससे वे अपने कार्य को और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। समय की बचत होती तो ट्रेनों समय से रवाना की जा सकेंगी। एक व्यक्ति ही 10 मिनट में कर लेगा परीक्षण लोको और कोच की इन केबल की जांच के लिए पहले दो कर्मचारियों की आवश्यकता होती थी। ये कर्मचारी केबल की जांच आधे से एक घंटे में पूरा करते थे। इस समय को बचाने के लिए टेक्नीशियन-वन सालवी ने कप्लर टेस्टिंग डिवाइस बनाई। इस डिवाइस के परीक्षण का कार्य अब सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा सिर्फ दस मिनट में किया जा सकता है। सालवी के इस नवाचार के लिए पश्चिम रेलवे के चीफ इंजीनियर डीके राठी ने मुंबई में 19 सितंबर को उन्हें पुरस्कृत किया। सालवी ने बताया कि इस डिवाइस के उपयोग से इंदौर में ट्रेनों के केबल की जांच हो रही है, जबकि पहले यह काम मैनुअल किया जाता था और इसमें अधिक समय लगता था। एक ही व्यक्ति आसानी से सभी पिन की जांच करेगा इस डिवाइस की विशेषता यह है कि लोको और कोच को जोड़ने वाली इस केबल में करीब 13 पिन होती हैं। इन्हें मैनुअल मल्टीमीटर से जांचने में आधे से एक घंटे से अधिक का समय लगता था और दो कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ती थी। सालवी की बनाई डिवाइस से अब एक ही व्यक्ति आसानी से सभी पिन की जांच कर सकता है। इससे समय की बचत के साथ-साथ खराब केबल को तुरंत पहचान कर बदलने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। इससे ट्रेनों के संचालन में भी कोई देरी नहीं होती है।