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साइबर सिक्योरिटी एवं एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन 400 से अधिक विद्यार्थी हुए शामिल

भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री  गौतम टेटवाल ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्र भविष्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के प्रमुख आधार हैं। वर्तमान डिजिटल युग में डेटा एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपदा बन चुका है।इसके संरक्षण और सुरक्षित उपयोग में साइबर सुरक्षा की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सैनिक देश की भौतिक सीमाओं की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ राष्ट्र की डिजिटल सीमाओं के प्रहरी हैं। मंत्री  टेटवाल शुक्रवार को ग्लोबल स्किल पार्क, भोपाल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय साइबर सिक्योरिटी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग प्रशिक्षण कार्यक्रम-2026 के दूसरे दिन आयोजित सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में भोपाल के विभिन्न तकनीकी एवं इंजीनियरिंग संस्थानों के 400 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मंत्री  टेटवाल ने विद्यार्थियों से निरंतर सीखने, नवाचार को अपनाने, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने, रोजगार खोजने के बजाय रोजगार सृजक बनने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने और तकनीकी रूप से सशक्त मानव संसाधन तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। एमपीएसईडीसी की मुख्य महाप्रबंधक सु शिवांगी जोशी ने कहा कि मध्यप्रदेश को प्रौद्योगिकी एवं नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाने में कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। एसएसआरजीएसपी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  गिरीश शर्मा ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हुए तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा उद्योगोन्मुख कौशल विकास पर बल दिया। एसएसआरजीएसपी-गोप के वरिष्ठ निदेशक  नीरज सहाय ने ग्लोबल स्किल पार्क को भारत का पहला एकीकृत बहु-कौशल प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र बताते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य वैश्विक मानकों के अनुरूप दक्ष एवं भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित करना है। कार्यक्रम के दूसरे दिन तकनीकी सत्रों में “साइबर डिफेंस फंडामेंटल्स” विषय पर विशेषज्ञों ने साइबर सुरक्षा के मूल सिद्धांतों, साइबर खतरों तथा सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों को मालवेयर, रैनसमवेयर, फिशिंग, सोशल इंजीनियरिंग और इनसाइडर रिस्क जैसे प्रमुख साइबर खतरों से अवगत कराया गया। साथ ही साइबर किल चेन फ्रेमवर्क के माध्यम से साइबर हमलों की प्रक्रिया और उन्हें रोकने के उपायों की जानकारी भी दी गई। सत्र में ‘डिफेंस इन डेप्थ’ की अवधारणा, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग, साइबर हाइजीन, नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट एवं पैचिंग जैसी सुरक्षा प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं करियर अवसरों, विशेष रूप से एसओसी एनालिस्ट जैसी उभरती भूमिकाओं की जानकारी भी विद्यार्थियों के साथ साझा की। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान कर डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है।  

सरकारी भर्ती के लिए सख्त होंगे मानदंड, नैतिक पतन से जुड़े मामलों को भी किया जाएगा शामिल

भोपाल  राज्य सरकार 65 साल बाद सरकारी नौकरी के लिए सेवा की सामान्य शर्तें बदलने जा रही है। वर्ष 1961 की सेवा शर्तों में महिला अपराध में दोषी सिद्ध होने वाले व्यक्ति को सरकारी नौकरी के लिए अपात्र माना गया था लेकिन अब नैतिक पतन को इसमें शामिल किया गया है यानी हत्या, भ्रष्टाचार सहित अन्य गंभीर अपराध में दोष सिद्ध होने पर भी पात्रता नहीं रहेगी। परिवीक्षा अवधि और स्थायीकरण को लेकर बड़ा फैसला परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन) समाप्त करने को लेकर भी यह स्पष्ट कर दिया गया है कि निर्धारित अवधि समाप्त होने पर अधिकतम छह माह के भीतर निर्णय लेना होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो यह मान लिया जाएगा कि कोई आपत्ति नहीं है और संबंधित को शासकीय सेवा में स्थायी कर दिया जाएगा। नियमों में स्पष्टता के लिए नया प्रारूप तैयार प्रदेश में शासकीय सेवा के लिए सामान्य सेवा शर्तें 1961 में निर्धारित की गई थीं। बीच-बीच में कुछ संशोधन हुए मगर विभागों को असमंजस रहता था और वे सामान्य प्रशासन विभाग से मार्गदर्शन मांगते थे। इस प्रक्रिया में अनावश्यक समय लगता था। इसे देखते हुए सरकार ने नियम में स्पष्टता के लिए नए सिरे से नियम बनाने का निर्णय लिया। विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया ने प्रारूप तैयार करके 15 जून तक सुझाव मांगे हैं ताकि इन्हें जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाए। अपात्रता, स्वास्थ्य परीक्षण और दो बच्चों का नियम एक से अधिक जीवित जीवनसाथी होने पर सरकारी नौकरी के लिए अपात्रता रहेगी। हालांकि, विशेष कारण होने पर इसमें सरकार छूट दे सकती है। स्वास्थ्य परीक्षण में उत्तीर्ण होना अनिवार्य रहेगा। यदि किसी को स्वास्थ्य परीक्षण में अयोग्य घोषित कर दिया तो कोई भी इसकी अनदेखी नहीं कर सकेगा। इसमें किसी को विवेकाधिकार से निर्णय का अधिकार भी नहीं होगा। दो बच्चे से अधिक होने पर सेवा समाप्ति का प्रविधान यथावत रखा गया है।   वरिष्ठता और पदोन्नति का नया विन्यास वहीं, वरिष्ठता का निर्धारण चयन सूची में क्रम के अनुसार होगा न कि पदभार ग्रहण करने के आधार पर यानी जुलाई में यदि चयन होता है और कुछ अगस्त तो कुछ सितंबर में पदभार ग्रहण करते हैं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वरिष्ठता सह उपयुक्तता के आधार पर पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाए गए व्यक्तियों की वरिष्ठता वही होगी जैसे उस संवर्ग में है, जिससे पदोन्नति की जाती है। परिवीक्षा अवधि को लेकर यह निर्धारित किया है कि जो अवधि शासन द्वारा निर्धारित की गई है, उसमें स्थायी करने या न करने को लेकर निर्णय लेना ही होगा।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने विषम परिस्थितियों में बिजली कार्मिकों द्वारा व्‍यवधानों के त्‍वरित निराकरण और उपभोक्‍ताओं के धैर्य की सराहना की

भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ने बीते गुरूवार की शाम राजधानी में तेज आंधी, तूफान एवं बारिश के दौरान प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न विद्युत व्यवधान के दौरान बिजली उपभोक्‍ताओं के अपार धैर्य और परिपक्वता की प्रशंसा की है। उन्‍होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के दौरान उपभोक्‍ताओं का सहयोग सराहनीय है। आमजन और बिजली उपभोक्‍ताओं का यह विश्वास ही बिजली कार्मिकों को विपरीत परिस्थितियों में भी त्वरित कार्य करने की ऊर्जा देता है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  ऋषि गर्ग ने भोपाल शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बहाली के दौरान बिजली उपभोक्‍ताओं द्वारा किए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपने सभी उपभोक्‍ताओं को अनवरत बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए कृतसंकल्पित है। प्रबंध संचालक ने बिजली कंपनी के सभी मैदानी अधिकारियो एवं कर्मचारियों की तत्परता सजगता और सक्रियता से न्यूनतम समय मे बिजली आपूर्ति बहाल करने पर प्रशंसा की है। भोपाल शहर की विद्युत आपूर्ति सामान्‍य  भोपाल शहर में बीते गुरूवार को सायं लगभग 7:30 बजे 70-80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली अत्यंत तेज आंधी एवं भारी वर्षा के कारण बाधित हुई विद्युत आपूर्ति को बहाल कर दिया गया है। तेज हवाओं के चलते बड़ी संख्या में वृक्ष उखड़कर एवं उनकी शाखाएं टूटकर विद्युत लाइनों पर गिरने से अनेक स्थानों पर विद्युत लाइनें एवं पोल क्षतिग्रस्त होने के कारण शहर के 350 से अधिक 11 केवी फीडर बाधित हुए थे।   मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मैदानी अमले ने चुनौतीपूर्ण एवं विकट परिस्थितियों के बावजूद तत्‍परता से युद्धस्तर पर कार्य करते हुए चरणबद्ध तरीके से विद्युत आपूर्ति बहाल की गई। रात्रि 8:30 बजे तक 165 फीडरों की आपूर्ति पुनः प्रारंभ कर दी गई। इसके पश्चात रात्रि 9:30 बजे तक अतिरिक्त 66 फीडरों की विद्युत आपूर्ति भी बहाल कर दी गई। पूरी रात सतत कार्य करते हुए सुबह तक सभी प्रभावित 11 केवी फीडरों के अधिकांश भागों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। कंपनी की 10 से अधिक विशेष टीमों ने  विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावित विद्युत आपूर्ति शुक्रवार दोपहर तक पूरी तरह बहाल कर दिया।  कंपनी की लगभग 30 से अधिक टीमों ने उपभोक्‍ताओं की व्‍यक्तिगत शिकायतों (एफओसी) को भी शत-प्रतिशत निराकृत कर दिया है।   

डिजिटल सुशासन और साइबर सुरक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर हुआ पुरस्कृत मध्यप्रदेश : मंत्री विजयवर्गीय

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने डिजिटल सुशासन, ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा तथा नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व नवाचार किए हैं। यह राष्ट्रीय पुरस्कार मध्यप्रदेश द्वारा उत्कृष्ट नागरिक सेवाओं के वितरण और तकनीकी सुधारों की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना का एक गौरवशाली प्रतीक है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को मध्यप्रदेश पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रभावी रूप से आगे बढ़ा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग नागरिकों को उत्कृष्ट, सरल एवं पारदर्शी डिजिटल सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है और साथ ही साइबर सुरक्षा एवं डेटा संरक्षण के प्रति भी समान रूप से संवेदनशील है। विभाग का उद्देश्य केवल सेवाओं का डिजिटलीकरण करना नहीं, बल्कि प्रदेश में एक ऐसा सुरक्षित डिजिटल इको सिस्टम स्थापित करना है, जहां तकनीक, सुरक्षा और नागरिकों के विश्वास साथ आगे बढ़ें। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा है कि ई-नगर पालिका परियोजना को नागरिक सेवाओं को सरल, तेज़ एवं पारदर्शी बनाने एवं नागरिकों के डेटा की सर्वोच्च सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म आधुनिक क्लाउड अवसंरचना, जीरो ट्रस्ट ऑर्किटेक्चर, डेटा एन्क्रिप्शन, निरंतर साइबर निगरानी और उन्नत साइबर सुरक्षा मानकों पर आधारित है। इससे नागरिकों की जानकारी की गोपनीयता, अखंडता एवं उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है, साथ ही सभी आवश्यक सुरक्षा एवं अनुपालन मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। विभाग द्वारा संचालित ई- नगर पालिका परियोजना को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जाना प्रसन्नता का विषय है। मंत्री  विजयवर्गीय ने ई-नगरपालिका 2.0 की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत जीआईएस आधारित संपत्ति प्रबंधन, क्लाउड आधारित डेटा प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाएं और उमंग सहित विभिन्न शासकीय डिजिटल प्लेटफॉर्मों से एकीकरण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में इस सिस्टम के माध्यम से 20 से अधिक मॉड्यूल एवं 24 नागरिक सेवाओं का एकीकृत संचालन सफलता पूर्वक किया जा रहा है, जिससे नगरीय निकायों की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश में नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा और 'विकसित मध्यप्रदेश' के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। मंत्री  विजयवर्गीय ने विभाग की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए उनके उत्कृष्ट व समर्पित कार्यों की सराहना की और भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने कहा कि यह राष्ट्रीय पुरस्कार पूरी टीम के कड़े परिश्रम, नवाचार और राज्य में पारदर्शी डिजिटल सुशासन स्थापित करने के संकल्प का एक सुखद प्रतिफल है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलीं पर्वतारोही अंजना यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार को रायसेन जिले के सेमरी गांव की रहने वाली पर्वतारोही बेटी सुश्री अंजना यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुश्री अंजना को उसकी अतुल्नीय उपलब्धि के लिए बधाई दी। उल्लेखनीय है कि सुश्री अंजना यादव ने हाल ही में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउण्ट एवरेस्ट (कुल 8848.86 मीटर ऊंची) के टॉप पाइंट पर सफलतापूर्वक फतह हासिल कर देश-दुनिया में प्रदेश का नाम रौशन किया है।  

वर्ल्ड स्किल्स फाइनलिस्ट अजय अहिरवार से मंत्री टेटवाल का वर्चुअल संवाद, प्रतिभा की सराहना

मंत्री टेटवाल ने वर्ल्ड स्किल्स फाइनलिस्ट् अजय अहिरवार से किया वर्चुअल संवाद वर्ल्ड स्किल्स काम्पिटिशन सितम्बर 2026 शंघाई चीन में होंगे शामिल ग्लोबल स्किल्स चैलेंज जून 2026, ऑस्ट्रेलिया में भी होंगे शामिल भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली युवा अजय अहिरवार से संवाद किया। अजय अहिरवार ने इंडिया स्किल्स नेशनल काम्पिटिशन 2025-26 में ब्रिकलेइंग स्किल में स्वर्ण पदक अर्जित कर मध्यप्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है तथा अब उनका चयन वर्ल्ड स्किल्स काम्पिटिशन 2026 के लिए हुआ है, जो सितम्बर 2026 में शंघाई (चीन) में आयोजित होगी। अजय अहिरवार वर्तमान में वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता की तैयारी के लिये कानपुर में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनका चयन ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 के लिए भी हुआ है, जो 23 से 29 जून 2026 तक ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होगी, जिसमें वे भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंत्री टेटवाल ने अजय को उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अजय अपनी प्रतिभा मेहनत एवं समर्पण के बल पर विश्व मंच पर भारत एवं मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि अजय की सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है तथा यह सिद्ध करती है कि प्रतिभा और परिश्रम के बल पर सीमित संसाधनों के बावजूद वैश्विक स्तर तक पहुंचा जा सकता है। अजय की उपलब्धियों तथा उनकी तैयारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा उन्हें विशेष वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई है जिससे वे आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें। मध्यप्रदेश शासन युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है तथा भविष्य में भी ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।  

वृक्ष सिर्फ हरियाली नहीं, जीवन और भविष्य का आधार हैं: उप मुख्यमंत्री देवड़ा

वृक्ष धरती को केवल हरियाली नहीं देता, बल्कि मानवता को जीवन, ऊर्जा और भविष्य प्रदान करता है : उप मुख्यमंत्री देवड़ा भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा किवृक्ष धरती को केवल हरियाली नहीं देता, बल्कि मानवता को जीवन, ऊर्जा और भविष्य प्रदान करता है। उन्होंनेविश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत भोपाल के महाराणा प्रताप मंडल में आरोग्य वाटिका में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में सहभागिता कर पौध-रोपण किया। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा प्रकृति केवल हमारे जीवन का आधार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की भी सबसे बड़ी पूंजी है। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। एक पौधा लगाना केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणादायी संकल्प ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़कर हम न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं, बल्कि अपनी मातृशक्ति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता भी व्यक्त कर रहे हैं। आईये, हम सभी अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लें और हरित, स्वच्छ एवं समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, प्रदेश मंत्री एवं राज्यसभा प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल, पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह, महापौर श्रीमती मालती राय एवं टोली के सदस्य उपस्थित रहे।

गोंड चित्रकला को मिलेगा वैश्विक बाजार, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे कलाकार: मंत्री पटेल

गोंड चित्रकला को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से मिलेगा वैश्विक मंच : मंत्री पटेल अमेज़न ई-कारीगर से जुड़ेंगे जनजातीय कलाकार डिंडोरी में आजीविका ग्राम संगठन और डॉट्स एंड डैशेज के बीच हुआ एमओयू भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गोंड चित्रकला हमारे जनजातीय समाज की एक प्राचीन और गौरवशाली कला है। बुधवार को डिंडौरी जिले के कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में आयोजित 'अमेज़न ई-कारीगर' मंच के शुभारंभ और समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षर समारोह को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह सहित विभाग एवं जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वैश्विक पहचान और जीआई टैग पर जोर मंत्री पटेल ने कहा कि गोंडी कला आधारित उत्पादों को अमेज़न ई-कारीगर सहित विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध करने से इस कला को वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी। इससे न केवल चित्रकारों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य और सम्मान मिलेगा, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनकी विशेष पहचान बनेगी। उन्होंने इस पुरातन और जीवंत कला को 'जीआई टैग' (GI Tag) दिलाने के लिए भी आवश्यक प्रयास करने की बात कही। आर्थिक सशक्तिकरण और कला संरक्षण के लिए ऐतिहासिक कदम गोंडी चित्रकला के प्रमुख केंद्र डिंडौरी के पाटनगढ़ ग्राम के कलाकारों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कार्यक्रम में "आजीविका ग्राम संगठन" पाटनगढ़ और "डॉट्स एंड डैशेज" संस्था के मध्य एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। ग्राम पाटनगढ़ के 157 परिवार प्रत्यक्ष रूप से इस कला से जुड़े हुए हैं, जिनमें 85 महिला और 72 पुरुष कलाकार शामिल हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक गोंडी कला का संरक्षण, संवर्धन और बाजार का विस्तार करना है। आय में 10 गुना वृद्धि और ग्रामीण उद्यमिता का लक्ष्य यह समझौता कलाकारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। 'डॉट्स एंड डैशेज' के व्यवस्थित विपणन सहयोग से वर्तमान में चित्रकार परिवारों की औसत वार्षिक आय 35 हजार रूपये से बढ़कर 70 हजार रूपये तक पहुंच गई है। अब उत्पादों को ऑनलाइन बिक्री मंचों पर उपलब्ध कराने से इनकी वैश्विक मांग बढ़ेगी, जिससे आगामी समय में कलाकारों की आय में 10 गुना तक वृद्धि होने की संभावना है। यह पहल डिंडौरी जिले में कला आधारित आजीविका का एक सफल उदाहरण स्थापित करेगी।  

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के सुशासन का 13वां वर्ष आरंभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सनातन संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण की मूल अवधारणा नीहित है। पांच तत्वों से बनी सृष्टि के संरक्षण के लिए हर तत्व का महत्व हमारे पूजा पाठ-भोजन और भजन की पद्धति में विद्यमान है। सनातन संस्कृति में एक पेड़ को 10 पुत्रों के बराबर माना गया है। हमारी जीवन पद्धति में पर्यावरण संरक्षण प्रकट होता है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी कार्य पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेश में नदी, कुओं, बावड़ियों और तालाबों के संरक्षण के लिए पवित्र भाव से कार्य जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस पर "एक पेड़ मां के नाम 2.0" अभियान के राज्य स्तरीय समारोह के शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री  दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण  अशोक बर्णवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। राज्य स्तरीय पुरस्कार किये प्रदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार मे दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इससे पहले, सभागार परिसर में स्वर्ण चंपा, सीता अशोक, रामफल और आंवला का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम में 8 श्रेणियों में 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार प्रदान किये। पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सतत् विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली औद्योगिक इकाइयों, शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों तथा व्यक्तियों को वर्ष 2024-25 के लिसे पुरस्कार प्रदान किए। 16 जिलों की 500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों का किया गया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्कुलर इकॉनॉमी से संबंधित 5 कोर्स मॉड्यूल्स और एप्को तथा इन्टैक द्वारा प्रदेश में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 16 जिलों की 500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नवाचारों, सर्कुलर इकोनॉमी तथा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रधानमंत्री  मोदी देश में सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के सुशासन का 13वाँ वर्ष आरंभ हो चुका है। प्रधानमंत्री  मोदी देश में सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री होंगे। गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री  मोदी सतत निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में रिकॉर्ड बनाएंगे। प्रधानमंत्री का पद उनके आसीन होने से गौरवान्वित हुआ है। परमात्मा ने प्रधानमंत्री  मोदी को यश प्रदान किया है। भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने 24 दलों के गठबंधन की सरकार चलाई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी अनेक सौगातें देश को दी और पूर्ण बहुमत की सरकार की कामना की। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की कामना वर्ष 2014 में पूर्ण हुई। सुशासन और विरासत से विकास के मार्ग पर चलते हुए भारत सशक्त हुआ। वर्तमान समय में देश आतंकवाद और नक्सलवाद से मुक्त है। भारतीय प्रतिभाएं अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा खेल सहित सभी क्षेत्रों में विश्व में अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने हर परिस्थिति में खिलाड़ियों और वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन किया है। भारत पूरी मजबूती के साथ ऊर्जा संकट से बाहर निकल रहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान समय में मौसम के लिए अलनीनो और पश्चिम एशिया में विषम परिस्थियों के कारण दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल और गैस सहित ऊर्जा का संकट है। प्रधानमंत्री  मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश पूरी मजबूती के साथ ऊर्जा संकट से बाहर निकल रहा है। गैस त्रासदी प्रकृति से खिलवाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण थी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी आम नागरिकों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सबसे भयावह घटना है। राज्य सरकार ने यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में पड़ा कचरा 40 साल बाद सफलतापूर्वक निष्पादित करवाया है। इस तरह से भोपाल की धरती से गैस त्रासदी के कलंक को मिटाया है। अब राज्य सरकार यूनियन कार्बाइड की भूमि का समुचित प्रबंधन करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रदेश में क्लीन-ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे है अनेक कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में क्लीन-ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के लिए सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बॉयोमास और जल विद्युत परियोनाएं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। सांची, खजुराहो सहित अन्य स्थानों पर ग्रीन एनर्जी के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य जारी है। मध्यप्रदेश वन्य प्राणियों के संरक्षण के साथ सहअस्तित्व के सर्वश्रेष्ठ उदाहरण कर रहा है प्रस्तुत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में चीतों के पुनर्वास के अलावा असम से जंगली भैंसे भी लाए गए हैं। मध्यप्रदेश वन्य प्राणियों के संरक्षण के साथ सहअस्तित्व के साथ सर्वश्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। हमीदिया हॉस्पिटल भोपाल पुरुस्कृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मे. विसाग बॉयो फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड बारासिवनी बालाघाट, आर.सी.सी.पी.एल. सीमेंट मैहर, टैफे मोटर्स एंड ट्रैक्टर्स लिमिटेड मंडीदीप जिला रायसेन, रामरमा मैंगनीज और माइन्स बारासिवनी बालाघाट, केसर एग्रोटेक बारासिवनी बालाघाट, नगर पालिका परिषद सिवनी मालवा, हमीदिया हॉस्पिटल भोपाल, विजेश लूनावत स्मृति फाउण्डेशन भोपाल, एक्रोपॉलिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इंदौर, डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल सूर्य विहार सिंगरौली को पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पहल प्रदेश की अन्य औद्योगिक इकाइयों और संस्थाओं को प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेगी। "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान ने जन सहभागिता से नए आयाम स्थापित किए राज्यमंत्री  अहिरवार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हवा, पानी और पेड़ बचाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री  मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान सफल हुआ है। इस अभियान में जन सहभागिता के नए आयाम स्थापित हुए हैं। अपर मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने लाइफ स्टाइल फॉर एन्वायरमेंट का नारा दिया, जो विश्व में प्रसिद्ध हुआ। भारत सरकार का मिशन लाइफ, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें राज्यमंत्री  अहिरवार ने कहा कि हमें प्राकृतिक … Read more

टीटी नगर स्टेडियम में दौड़ेगी फिटनेस, जुनून और ऊर्जा की नई रफ्तार

भोपाल रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी द्वारा भोपाल में पहली बार “वेलोसिटी नाइट रन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह अनोखा नाइट रन 6 जून 2026 को टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में आयोजित होगा, जिसमें शहर सहित प्रदेशभर के रनर्स, फिटनेस प्रेमी एवं युवा प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में फिटनेस, अनुशासन, स्वास्थ्य जागरूकता एवं खेल भावना को प्रोत्साहित करना है। रात्रिकालीन वातावरण में आयोजित होने वाला यह रन प्रतिभागियों को स्टेडियम की रोशनी के बीच ऊर्जा, उत्साह और रोमांच से भरपूर अनुभव प्रदान करेगा। प्रतियोगिता में 1 घंटे, 2 घंटे एवं 3 घंटे की विभिन्न श्रेणियां रखी गई हैं, जिनमें प्रतिभागी अपनी क्षमता के अनुसार हिस्सा ले सकेंगे। सभी प्रतिभागी रन शुरू होने के समय से 30 मिनट पूर्व रिपोर्टिंग करें। लेट एंट्री मान्य नहीं होगी। रन के दौरान प्रतिभागियों के लिए विभिन्न रंगों की ट्रैक लेन निर्धारित की गई हैं, ताकि प्रतियोगिता का संचालन व्यवस्थित एवं सुरक्षित रूप से किया जा सके। स्टेडियम परिसर में विशेष फिटनेस एवं रनिंग जोन भी तैयार किए जाएंगे। इस अवसर पर रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी की प्रो चांसलर डॉ अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि वेलोसिटी नाइट रन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं में स्वास्थ्य, फिटनेस और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने की एक प्रेरणादायी पहल है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर आत्मविश्वास एवं अनुशासन विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं। वहीं रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी की कुलसचिव डॉ संगीता जौहरी ने कहा कि विश्वविद्यालय सदैव विद्यार्थियों एवं युवाओं के समग्र विकास के लिए खेल, स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े आयोजनों को प्रोत्साहित करता रहा है। वेलोसिटी नाइट रन 2026 युवाओं को फिटनेस के साथ सकारात्मक ऊर्जा एवं टीम स्पिरिट का अनुभव प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अधिक से अधिक युवाओं, खिलाड़ियों एवं फिटनेस प्रेमियों से इस विशेष नाइट रन में सहभागिता करने की अपील की है।