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भगवान देवनारायण का जीवन मानव सेवा और लोककल्याण का संदेश देता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान देवनारायण का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत, उन्होंने मानव सेवा को ही माना अपना धर्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री उज्जैन के जमालपुरा में चल रहे देवनारायण कथा महोत्सव में वीसी से हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान देवनारायण सिर्फ़ गुर्जर समाज के आराध्य देव ही नहीं, बल्कि न्याय, लोक कल्याण, सेवा और पराक्रम के प्रतीक हैं। उनका पूरा जीवन पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने कर्मों से यह सिद्ध किया कि धर्म का वास्तविक स्वरूप मानवता की सेवा और कमजोरों की रक्षा में निहित है‌। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से उज्जैन जिले के ग्राम जमालपुरा में आयोजित देवनारायण कथा महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कथा महोत्सव आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में लगातार छठें वर्ष 7 दिवसीय कथा का आयोजन धर्म प्रेमियों के लिए सोने गर सुहागा की तरह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान देवनारायण लोक देवता हैं। वे भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। उनका ननिहाल उज्जैन है़ वे 12 वर्ष तक उज्जैन में ही रहे। उनका जीवन सदैव जनसेवा और लोक कल्याण को समर्पित रहा। सेवा ही भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा धर्म हैं। हम सबको इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। प्रसिद्ध कथा वाचक पं. ईश्वर सिंह गुर्जर (भगत जी), रामचन्द्र जी, निर्भय सिंह आंजना, वीरेन्द्र आंजना, मानसिंह चौधरी, हीरालाल आंजना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय धर्म प्रेमी उपस्थित थे।  

सूखे पेयजल स्रोतों की करायें जांच, नल जल योजनाएं बिना किसी बाधा के हो संचालित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पेयजल आपूर्ति में कोई कमी न रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सूखे पेयजल स्रोतों की करायें जांच, नल जल योजनाएं बिना किसी बाधा के हो संचालित केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से राज्य शासन को मिलेंगे 5 हजार करोड़ रुपये जल स्रोतों के लिए टयूबवेल पर ही न रहें आश्रित, तालाब से जल संग्रहण और रिचार्जिंग दोनों में आसानी मार्च 2028 से पहले जल जीवन मिशन होगा कम्पलीट मध्यप्रदेश बना बोरवेल अधिनियम बनाने वाला देश का पहला राज्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों को समुचित पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नागरिकों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। गर्मी के मौसम और बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था की सतत् निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि जहां जैसी आवश्यकता हो, वहां वैसी त्वरित व्यवस्थाएं की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जल अभाव की स्थिति बन रही है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू कर पानी उपलब्ध कराया जाए। बैठक में पीएचई की मैदानी योजनाओं एवं पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पत्तिया उइके ने बताया कि विभाग तेजी से अपनी लक्ष्य पूर्ति की ओर बढ़ रहा है। मार्च 2028 से पहले प्रदेश में हर घर नल से जल के उद्देश्य से जल जीवन मिशन का काम पूरा कर लिया जायेगा। मिशन का 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। उज्जैन राजस्व संभाग सहित प्रदेश के 11 जिलों में जल जीवन मिशन का शत् प्रतिशत कार्य हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शत-प्रतिशत कार्य करने वाले ऐसे गांवों/ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन/सम्मानित किया जाये, जिन्होंने बेहतर तरीके से नल जल योजनाओं का संचालन/संधारण किया। मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि बोरवेल में गिरने से होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं/मृत्यु को रोकने के लिए प्रदेश में बोरवेल अधिनियम बनाया गया है। ऐसा अधिनियम बनाने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। उन्होंने विभागीय संरचना और गतिविधियों को अधिक बेहतर बनाने के लिए विभाग के सिविल विंग, मैकेनिकल विंग और जल निगम को एकीकृत करने का सुझाव दिया। मंत्री श्रीमती उइके बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान- 2026 में डिंडोरी और मंडला जिले में 8 हजार से अधिक एकल ग्राम नल जल योजनाओं पर काम पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इस काम को 'कर्म स्थान से जन्म स्थान की ओर' अवधारणा से जोड़ा जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में जल आपूर्ति व्यवस्था एवं अधोसंरचनात्मक विकास के लिए केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से तत्काल समन्वय करें। केन्द्र सरकार से मध्यप्रदेश को जल जीवन मिशन अन्तर्गत लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त होना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मध्यप्रदेश को यह आवंटन जारी करने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से राज्य में ऐसा मैकेनिज्म तैयार करने को कहा जिससे कि सभी नलजल योजनाएं बिना किसी बाधा के संचालित होती रहे। उन्होंने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जल बचाने वाले और इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वालों का राज्य एवं जिला स्तर पर सम्मान कार्यक्रम आयोजित करें। बताया गया कि विभाग द्वारा जल महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसमें प्रदेश में एकल एवं समूह नल जल योजना के संचालन एवं प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल महोत्सव कार्यक्रम को जल गंगा संर्वधन अभियान के साथ जोड़ने और जल बचाने के लिए अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जल गंगा संर्वधन अभियान के तहत विभाग द्वारा ग्रामीण, शहरी एवं स्कूलों में स्थापित जल स्रोतों की वाटर टेस्टिंग की जा रही है। साथ ही हैंडपंपों की जांच एवं नल जल योजना के ऑपरेटर्स को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल स्रोतों के लिए पीएचई केवल टयूबवेल जैसे माध्यम पर ही आश्रित न रहे। जल स्रोत के रूप में तालाब सरोवर निर्माण से कई लाभ होंगे। इससे जल संरक्षण के साथ जल स्तर में वृद्धि होगी। क्षेत्र में वॉटर रिचार्जिंग बढ़ेगी। जल संग्रहण क्षमता बढ़ने के साथ ही नल-जल योजना के संचालन के लिए स्थायी जल संरचना भी उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कार्य में म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिसर (मैपकास्ट) की विशेषज्ञ सेवाओं का भी लाभ लें। प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मनीष सिंह ने बताया कि विभागीय स्तर पर पेयजल आपूर्ति की गहन मॉनीटरिंग की जा रही है। प्रदेश के ग्रामीण अंचलों के साथ ही नगरीय क्षेत्रों में भी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया गया है। पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्या की सूचना मिलते ही उसे तत्काल दूर किया जा रहा है। पेयजल से निर्माण कार्य करने वालों पर सख्ती की जा रही है। उन्होंने बताया कि म.प्र. जल निगम के समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन एवं संधारण खर्चे को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित की जा रही हैं। पीएचई सोलर एण्ड विंड एनर्जी का बल्क यूजर है। प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि प्रदेश में दिसम्बर 2023 से अब तक 16.50 लाख से अधिक  क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दिये गये, साथ ही 15 हजार 238 नवीन नलकूप/हैंडपंप भी स्थापित किये गये। प्रदेश के 14 हजार 200 गांवों में जल प्रदाय व्यवस्था का शत् प्रतिशत काम पूरा कर इन्हें हर घर जल घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के करीब 75 प्रतिशत परिवारों को नल से जल के तहत कवर कर लिया गया है।   म.प्र. जल निगम के प्रबंध संचालक वी.एस. कोलसानी ने बताया कि उज्जैन राजस्व संभाग की एकल ग्राम नल जल योजनाओं के काम पूरे कर लिये गये है। यहां 7 लाख 9 हजार … Read more

IPL 2026 में 72 छक्के मारने वाले वैभव सूर्यवंशी पर IIM इंदौर की खास स्टडी, सफलता का राज खोजेगा संस्थान

 इंदौर  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) इंदौर क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी (15) को केस स्टडी में शामिल करने जा रहा है। ‘वैभव मॉडल’ पर देश की पहली मल्टी-डिसिप्लिनरी स्टडी होगी। जिसमें खेल-मनोविज्ञान-प्रबंधन के एक्सपर्ट मिलकर छोटी उम्र में बड़ी सफलता का फॉर्मूला खोजेंगे। राजस्थान रॉयल्स के ओपनर वैभव एक सीजन में सर्वाधिक (72) छक्के मारकर क्रिस गेल (59) का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उनकी हैरतंगेज बैटिंग की दुनिया कायल है। ऐसे में आईआईएम इंदौर अब उनके ‘सक्सेस फॉर्मूले’ को डिकोड करने पर काम शुरू कर रहा है। IIM डायरेक्टर हिमांशु रॉय ने कहा- यह स्टडी वैभव की उपलब्धियों का विश्लेषण करने के साथ उन सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक व संस्थागत कारकों को भी गहराई से समझेगी जो कम उम्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को आकार देते हैं। वैभव की क्रिकेट जर्नी अद्भुत प्रो. राय ने कहा कि IIM का मानना है कि वैभव की क्रिकेट जर्नी अद्भुत है। इसके पीछे व्यक्तिगत क्षमता के अलावा कड़ी मेहनत, परिवार का त्याग, समर्पण, मेंटर का योगदान भी अहम है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा उपहार हो सकती है, पर उसे स्थायी उत्कृष्टता में बदलने के लिए सही मूल्य, संतुलित सोच, मजबूत समर्थन तंत्र व दूरदर्शी नेतृत्व जरूरी है। मैनेजमेंट फैकल्टी डॉ. आरती चोपड़ा कहती हैं कि वैभव पर स्टडी भविष्य के प्रबंधकों व नीति-निर्माताओं के लिए अत्यंत मूल्यवान है। 5’7 हाइट और 55 किलो वजन के वैभव अपनी जबर्दस्त बैट स्पीड और टाइमिंग के दम पर गेंद को बाउंड्री पार भेजते हैं। 0.3 सेकंड में डिसीजन बचपन के कोच मनीष ओझा द्वारा तराशे गए वैभव की तकनीक और बैट स्पीड पर अब राजस्थान रॉयल्स के जुबिन भरूचा काम कर रहे हैं। कोच विक्रम राठौर भी इनके बैलेंस के कायल हैं। महज 0.3 सेकंड के डिसीजन टाइम के कारण गेंदबाजों को सेट होने का मौका नहीं मिलता। राहुल द्रविड़ ने जब इन्हें संभलकर खेलने को कहा, तो इनका बेबाक जवाब था- सर, गेंदबाज मुझे देखे। आउट होने के डर से मुक्त इनका शेप प्रेशर में भी नहीं बिगड़ता। रॉय बोले- कॉरपोरेट जगत को टैलेंट का नया मॉडल मिलेगा IIM डायरेक्टर हिमांशु रॉय ने कहा कि स्टडी में ‘डार्क साइड’ पर भी फोकस होगा। कम उम्र में प्रसिद्धि, करोड़ों के ऑफर व सोशल मीडिया का दबाव टैलेंट को विचलित कर देता है। कई बच्चे मानसिक थकान और अपेक्षाओं के बोझ के कारण पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाते। उन्होंने कहा कि कोशिश ऐसे सहयोगी तंत्र का ब्लूप्रिंट बनाने की है, जो प्रतिभा को हालिया उपलब्धियों तक सीमित न रखे। इससे कॉरपोरेट जगत को भी ‘टैलेंट मैनेजमेंट’ का नया मॉडल मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस उम्र में जिस आत्मविश्वास, कौशल व परिपक्वता के साथ वैभव खेल रहे हैं, वह असाधारण प्रतिभा ही कर सकती है। ऐसे में समझना जरूरी है कि ऐसे टैलेंट को लंबे वक्त तक कैसे संभालें और वह औरों को कैसे प्रेरित करे। सूर्यवंशी ने बनाया एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और 'सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन' का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को 'इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन' भी चुना गया है। IPL 2026 में वैभव ने ऑरेंज कैप समेत 5 अवॉर्ड जीते वैभव ने 16 पारियों में 48.50 के औसत और 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे। वे इस सीजन के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। उन्हें ऑरेंज कैप मिली।

ऊर्जा क्षेत्र में MP की बड़ी उपलब्धि, नियामक आयोग के लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन : मंत्री तोमर

मध्यप्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में मिली एक और बड़ी उपलब्धि नियामक आयोग के 98 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले 99.52 प्रतिशत ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी हासिल की : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट पारेषण प्रदर्शन किया है। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 99.52 प्रतिशत ट्रांसमिशन सिस्टम अवेलेबिलिटी (पारेषण प्रणाली उपलब्धता) हासिल की है, जो मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित 98 प्रतिशत लक्ष्य से काफी अधिक है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि एमपी ट्रांसको ने पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त 99.47 प्रतिशत ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी के प्रदर्शन में भी सुधार करते हुए 2.52 प्रतिशत के साथ यह उपलब्धि हासिल की है। इसी प्रकार कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2.60 प्रतिशत ट्रांसमिशन लॉस दर्ज किया, जबकि नियामक आयोग द्वारा निर्धारित लक्ष्य 2.74 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि किसी भी ट्रांसमिशन यूटिलिटी के प्रदर्शन के मूल्यांकन में ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी और ट्रांसमिशन लॉस दो सबसे महत्वपूर्ण मानक माने जाते हैं। इन दोनों प्रमुख मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश देश की अग्रणी ट्रांसमिशन यूटिलिटीज में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है। ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेश की सभी विद्युत कंपनियों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर कार्य करने वाले विद्युत कर्मियों की मेहनत, समर्पण, तकनीकी दक्षता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी प्रदेश की विद्युत कंपनियां उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रहेंगी।  

मध्यप्रदेश दौरे पर पीएम मोदी, नरसिंहपुर के गाडरवारा में NTPC परियोजना को देंगे बड़ी सौगात

नरसिंहपुर   मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में 6 जून को बड़ा ऊर्जा कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi प्रस्तावित दौरे के तहत गाडरवारा पहुंचेंगे, जहां वे NTPC सुपर थर्मल पावर स्टेशन के विस्तार परियोजना का भूमिपूजन कर सकते हैं। इस दौरे को प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि परियोजना के पूरा होने के बाद मध्य प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। 1600 मेगावाट क्षमता की दो नई यूनिटें गाडरवारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन के विस्तार के तहत यहां 800-800 मेगावाट की दो नई यूनिटें स्थापित करने का प्रस्ताव है। कुल 1600 मेगावाट क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट से प्रदेश को अतिरिक्त बिजली उत्पादन में मजबूती मिलेगी। माना जा रहा है कि इससे आने वाले वर्षों में औद्योगिक और घरेलू बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के दौरान इन दोनों नई पावर यूनिटों का भूमिपूजन करेंगे। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना मध्य प्रदेश के साथ-साथ आसपास के राज्यों की बिजली जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस बड़े विस्तार प्रोजेक्ट से केवल बिजली उत्पादन ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे। निर्माण कार्य से लेकर तकनीकी और सहायक सेवाओं तक बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलने की संभावना जताई जा रही है। गाडरवारा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी इससे गति मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने तेज की तैयारियां प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने कार्यक्रम स्थल, हेलिपैड और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। वीआईपी मूवमेंट, आम लोगों की सुविधा और कार्यक्रम संचालन को लेकर अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए गाडरवारा में तैयारियों का दौर लगातार जारी है। ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश गाडरवारा NTPC परियोजना का विस्तार मध्य प्रदेश में ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए यह परियोजना आने वाले समय में अहम भूमिका निभा सकती है। इसके साथ ही यह निवेश औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने वाला माना जा रहा है।  

राज्यमंत्री कृष्णा गौर पूरी निष्ठा से बाबूजी के संकल्पों को कर रही हैं पूर्ण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार शाम को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की जयंती पर आयोजित 'भजन संध्या' में शामिल हुए। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर के निवास पर आयोजित इस भावपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "बाबूलाल जी गौर अमर रहें" के उद्घोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोविंदपुरा क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाने के लिए राज्यमंत्री  कृष्णा गौर की सराहना करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ 'बाबूजी' के संकल्पों और उनके सपनों को पूर्ण कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर को एक आदर्श जननेता बताते हुए कहा कि वे एक ऐसे नेता थे जिन्हें हम आज भी अपने बहुत करीब पाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके राजनीतिक सफर की सराहना करते हुए कहा कि उस दौर में लगातार रिकॉर्ड 10 बार चुनाव जीतना एक बहुत बड़ी बात थी। चुनाव में कोई जीते या ना जीते, लेकिन स्व. गौर हमेशा अजेय रहते थे। उन्होंने सरकार के हर एक महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दीं। प्रशासन में उनकी सख्ती और कार्यकुशलता की तब से लेकर आज तक जमकर सराहना की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उनका और स्व. गौर का एक ही कॉलेज था। उन्होंने 'बाबूजी' के सरल और संवेदनशील स्वभाव का जिक्र करते हुए कहा कि वे पशु-पक्षियों से भी अगाध प्रेम करते थे और मूक प्राणियों के मन की बात भी बिना कहे ही समझ जाते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री गौर के जन्म शताब्दी वर्ष में अब मात्र 3 वर्ष ही शेष हैं। सरकार उनका शताब्दी वर्ष पूरे प्रदेश में भव्यता के साथ मनाएगी। भजन संध्या में मंत्री  संपतिया उइके, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्री बारेलाल अहिरवार, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, श्री रविन्द्र यति और श्री सुमित पचौरी ने कार्यक्रम में शामिल होकर भजनों का आनंद लिया।  

दमोह के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल 04 व्यक्तियों को त्वरित सहायता पहुँचाकर अस्पताल में भर्ती कराया

भोपाल दमोह जिले के थाना पथरिया क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से सड़क दुर्घटना में घायल हुए 04 व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। त्वरित सहायता मिलने से घायलों को समय रहते चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी। 01 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना पथरिया क्षेत्र अंतर्गत सासा रोड पर दो मोटर साइकिलों की आमने-सामने की टक्कर हो गई है, जिसमें एक महिला, एक बच्ची एवं दो पुरुष घायल हो गए हैं। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल थाना पथरिया क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री शुभम तिवारी एवं पायलट श्री हरिओम अहिरवार ने घटनास्थल पर पहुँचकर पाया कि दो मोटर साइकिलों की टक्कर में चार व्यक्ति घायल हो गए। डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी घायलों को सुरक्षित डायल-112 वाहन एवं चिकित्सा वाहन की सहायता से पथरिया अस्पताल पहुँचाया। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह कार्रवाई दर्शाती है कि डायल-112 सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता पहुँचाकर आमजन की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सड़क दुर्घटनाओं सहित हर संकट की स्थिति में डायल-112 जवान संवेदनशीलता, तत्परता एवं सेवा भाव के साथ लोगों की मदद कर रहे हैं।  

गर्मी से राहत: मध्यप्रदेश में प्री-मानसून की दस्तक, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

भोपाल झुलसाने वाली गर्मी और लू के थपेड़ों वाले नौतपा की मंगलवार को आंधी–बारिश के साथ विदाई हुई। प्री–मानसून गतिविधियों के चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह खुशनुमा हो गया है। भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बूंदाबांदी और तेज हवाओं के कारण दिन व रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। नौतपा के आखिरी दिन खंडवा और छतरपुर के खजुराहो को छोड़कर अन्य सभी जिलों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। सुबह चली धूल भरी आंधी और अंधड़ नौतपा का आखिरी दिन आंधी और गरज–चमक के नाम रहा। सुबह झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, मुरैना और भिंड जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलीं। वहीं इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, दतिया, ग्वालियर और शिवपुरी जिलों में भी 40 किमी की रफ्तार से अंधड़ चला। दोपहर को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, मंडला, डिंडौरी, जबलपुर, उमरिया और कटनी जिलों में गरज–चमक के साथ हल्की आंधी चली। इंदौर–उज्जैन में बारिश, बुरहानपुर में केला फसल बर्बाद वहीं शाम को इंदौर, उज्जैन, धार व देवास जिलों के साथ छतरपुर (खजुराहो) और पन्ना जिलों में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान आया। इस दौरान इंदौर जिले में पांच मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। दमोह, भिंड, दतिया, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, आगर, शाजापुर और सीहोर जिलों में भी बौछारें पड़ीं। बुरहानपुर जिले में करीब डेढ़ घंटे की तेज बारिश ने केला उत्पादक किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। लोनी, बिरोदा, मांजरोद खुर्द, दापोरा, शाहपुर और नेपानगर क्षेत्र में 80 प्रतिशत केला फसल बर्बाद हो गई। जिले में 30 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में केला उत्पादन होता है। किसानों ने मुआवजे की मांग की है। मंदसौर, शाजापुर और नीमच में भी किसानों और व्यापारियों को नुकसान झेलना पड़ा। अगले चार दिन के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले चार दिन तक प्रदेश के मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट भी जारी किया है। इसके अनुसार मंदसौर, नीमच में 50 से 60 किमी और आगर जिले में 40-50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। जबकि राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, niwari (निवाड़ी) और पांढ़ुर्णा जिलों में गरज–चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान भोपाल 37.0 22.0 इंदौर 38.2 22.1 ग्वालियर 37.0 25.4 जबलपुर 38.7 26.4 (नोट: तापमान के आंकड़े डिग्री सेल्सियस में हैं)  

मानव कल्याण और सेवा का संदेश देता है भगवान देवनारायण का जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान देवनारायण सिर्फ़ गुर्जर समाज के आराध्य देव ही नहीं, बल्कि न्याय, लोक कल्याण, सेवा और पराक्रम के प्रतीक हैं। उनका पूरा जीवन पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने कर्मों से यह सिद्ध किया कि धर्म का वास्तविक स्वरूप मानवता की सेवा और कमजोरों की रक्षा में निहित है‌। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से उज्जैन जिले के ग्राम जमालपुरा में आयोजित  देवनारायण कथा महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कथा महोत्सव आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में लगातार छठें वर्ष 7 दिवसीय कथा का आयोजन धर्म प्रेमियों के लिए सोने गर सुहागा की तरह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान देवनारायण लोक देवता हैं। वे भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। उनका ननिहाल उज्जैन है़ वे 12 वर्ष तक उज्जैन में ही रहे। उनका जीवन सदैव जनसेवा और लोक कल्याण को समर्पित रहा। सेवा ही भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा धर्म हैं। हम सबको इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। प्रसिद्ध कथा वाचक पं. ईश्वर सिंह गुर्जर (भगत जी),  रामचन्द्र जी,  निर्भय सिंह आंजना,  वीरेन्द्र आंजना,  मानसिंह चौधरी,  हीरालाल आंजना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय धर्म प्रेमी उपस्थित थे।  

लोक भवन में गोवा, सिक्किम एवं तेलंगाना के स्थापना दिवस समारोह हुआ संपन्न

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्‍थापना दिवस समारोह केवल राज्यों के प्रशासनिक गठन का स्मरण नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा से प्रेरणा ग्रहण करने का उपक्रम है। भारत की भौगोलिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधताएँ ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति हैं। यही सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत की नींव हैं। उन्होंने कहा कि सिक्किम का पर्यावरणीय मॉडल, गोवा का पर्यटन, मत्स्य उद्योग और तेलंगाना की तकनीकी नवाचार क्षमता राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण आधार स्तंभ हैं। राज्यपाल  पटेल मंगलवार को गोवा, सिक्किम एवं तेलंगाना राज्य के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने तीनों राज्यों के निवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। लोकभवन के सांदीपनि सभागार में “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” संकल्पना के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” की भावना देश की एकता, अखंडता और समग्र विकास का सशक्त आधार है। आयोजन प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत निर्माण संकल्प के प्रति राष्ट्रीय एकता की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रदर्शन है। उन्होंने सभी नागरिकों से राष्ट्र के नव निर्माण में अपना सर्वोत्तम योगदान देने तथा “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” की भावना को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने युवा संगम कार्यक्रम के तहत आई.आई.टी धनबाद से आये युवाओं का स्वागत करते हुए उन्हें झारखंड के अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा से प्रेरणा लेते हुए विकसित भारत @ 2047 में योगदान के लिए प्रेरित किया। कहा कि युवा परिवार और राष्ट्र की आशा के केन्द्र होते है, इसलिए भावी जीवन में सदैव अच्छा व्यक्ति बनने के लिए कार्य करें। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि तेलंगाना राज्य की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक विकास का अद्भुत समन्वय भारत की विशिष्ट पहचान को समृद्ध करते है। राज्य की गौरवशाली परंपराएं, स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व देश की अमूल्य धरोहर हैं। लोकतांत्रिक अधिकारों, सामाजिक कल्याण और विकास के क्षेत्र में तेलंगाना की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गोवा की ऐतिहासिक विरासत, समुद्री वैभव, भारतीय और पश्चिमी परंपराओं का सांस्कृतिक समन्वय की विविधता देश की शक्ति है। गोवा केवल प्रमुख पर्यटन केंद्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना और औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए हुए साहसिक संघर्ष की प्रेरक भूमि भी है। राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ करती है। राज्यपाल  पटेल ने स्थापना दिवस समारोह में सिक्किम वासियों को देश का पाँचवाँ पूर्ण साक्षर राज्य बनने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसे देश के प्रथम पूर्णतः जैविक राज्य सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक शांति और सतत विकास मॉडल भारत की वैश्विक पहचान को सुदृढ़ करता है। समारोह में सिक्किम के राज्यपाल  ओमप्रकाश माथुर, गोवा के राज्यपाल  पुसापति अशोक गजपति राजू तथा तेलंगाना के राज्यपाल  शिव प्रताप शुक्ला के शुभकामना वीडियो संदेशों का प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में गोवा, सिक्किम, तेलंगाना और मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती लघु फिल्में प्रदर्शित की गई। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में तेलुगु संगमम भोपाल द्वारा अन्नामाचार्य कीर्तनम् पर आधारित एकल नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। युवा, बाल कलाकारों ने राजस्थान और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक विरासत के अनूठे संगम का समूह नृत्य जिसकी जड़ें राजस्थान की बंजारा संस्कृति से जुड़ी हैं और भद्राचलम स्थित प्रसिद्ध  सीता रामचन्द्रस्वामी मंदिर और भगवान राम की भक्ति को समर्पित समूह नृत्यों की प्रस्तुति दी। आई.आई.टी. इंदौर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मृगेन्द्र दुबे ने युवा संगम के संबंध में जानकारी दी। आई.आई.टी. धनबाद के युवाओं के 6 दिवसीय मध्यप्रदेश भ्रमण के समापन अवसर पर लोकभवन के गरिमामय समारोह में शामिल होने को अविस्मरणीय बताया है। राज्यपाल  पटेल का समारोह के प्रारंभ में गोवा समाज के प्रतिनिधि  क्रिस्टोफर एफ. नरोन्हा तथा  पी.वी. फर्नाडिस एवं तेलुगु संगमम भोपाल के  चंद्रमोहन नायडू द्वारा स्मृति-चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल का स्वागत तेलुगु संगमम के बाल सदस्यों व्ही. साईं सिरिशा, व्ही. साई दीक्षिता और व्ही. साईं कात्यायनी द्वारा पुष्पगुच्छ एवं उनके द्वारा बताई गई कलाकृति भेंट कर किया गया। कार्यक्रम में डिप्टी डायरेक्टर टेक्निकल एजुकेशन डॉ. बी. लक्ष्मीनारायण रेड्डी ने आभार प्रदर्शन किया। कंट्रोलर हाउस होल्ड लोक भवन मती शिल्पी दिवाकर ने संचालन किया।   स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में मध्यप्रदेश की आईपीएस अधिकारी मती कृष्णवेनी देसवतु, राज्यपाल के उप सचिव  सुनील दुबे, आई.आई.टी. धनबाद के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुरेश कुमार वाय, संस्थान के 59 युवाओं के प्रतिनिधिमंडल सहित गोवा, तेलंगाना और सिक्किम राज्यों के मूल निवासी सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी तथा सांस्कृतिक संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।