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शेयर बाजार के भारी नुकसान और आर्थिक तंगी ने उजाड़ा जयपुर का एक हंसता-खेलता परिवार

जयपुर करधनी की गोविंद वाटिका में शुक्रवार सुबह घटी वारदात ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। शेयर बाजार में भारी नुकसान, गृहक्लेश और कर्ज के दलदल में फंसे राहुल झा ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया कि वह अपनी पत्नी गीता और बेटियों नंदिनी, राधिका व गिरिशा का हत्यारा बन गया। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि उस आर्थिक बदहाली और सामाजिक अलगाव का वीभत्स रूप है, जिसमें घुट रहे एक परिवार की चीखें बंद दरवाजों के पार तक नहीं पहुंच सकीं। एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि राहुल ने कई लोगों से पैसे उधार ले रखे थे। गोविंद वाटिका स्थित मकान उसकी पत्नी के नाम पर है और राहुल कुछ दिनों से इसे बेचने की फिराक में था। आशंका है कि इसी बात को लेकर दंपती के बीच गृहक्लेश चल रहा था। फिलहाल जांच जारी है और आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। बेटियों के सुनहरे भविष्य का खौफनाक अंत कभी राहुल अपनी बेटियों को अच्छे से पढ़ा-लिखाकर उनका भविष्य संवारना चाहता था। पत्नी गीता घर में ब्यूटी पार्लर चलाकर आर्थिक मदद की कोशिश में थी, वहीं बड़ी बेटी नंदिनी भी पढ़ाई के साथ हाथ बंटा रही थी। बेटी राधिका और गिरिशा भी पढ़ाई में जुटी थीं। लेकिन आर्थिक तंगी व गृहक्लेश ने परिवार को ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया, जहां राहुल का दिमागी संतुलन ढह गया। उसने एक पड़ोसी से 50 हजार रुपए मांगे थे, पर 25 हजार की मदद मिल पाई। तनाव गहराता गया, लेकिन पड़ोसियों या रिश्तेदारों को भनक तक नहीं लगी कि यह घबराहट हत्या के पागलपन में बदल जाएगी। एफएसएल जांच के मुताबिक वारदात तड़के 4 से 5 बजे के बीच हुई। आशंका है कि राहुल ने पहले पत्नी व बेटियों को कोई नशीला पदार्थ सूंघाया और फिर सीमेंट की भारी ईंट से वार कर उनके चेहरे कुचल दिए। फूट-फूटकर रो पड़ा बड़ा भाई चाची व चचेरी बहनों की मौत की सूचना पर भतीजी सिमरन मौके पर पहुंची। सिमरन ने अपने दादा लक्ष्मीनाथ झा को संभाला, लेकिन उसके भी आंसू थम नहीं रहे थे। कुछ देर बाद सिमरन के पिता संजय और भाई भी वहां पहुंचे और फूट-फूटकर रोने लगे। परिवार के अनुसार, बिजली विभाग से सेवानिवृत्त लक्ष्मीनाथ पहले झोटवाड़ा के संजय नगर में दोनों बेटों संजय और राहुल के साथ रहते थे। लक्ष्मीनाथ की पत्नी की मृत्यु के बाद यह मकान बेच दिया गया और राहुल ने वर्ष 2021 में गोविंद वाटिका में मकान खरीदा। ग्राउंड फ्लोर पर अलग-अलग कमरों में बेटियां व हॉल में लक्ष्मीनाथ रहते थे, जबकि ऊपर की मंजिल पर राहुल व गीता रहते थे। बड़ा भाई संजय प्रेम नगर में परिवार के साथ रहने लगा। घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में परिजन व कॉलोनी के लोग राहुल के घर पहुंच गए। 'व्यवहार में बदलाव, घोर निराशा जैसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए' ऐसी जघन्य घटना के पीछे केवल कर्ज या गृहक्लेश को ही कारण मानना उचित नहीं होगा। लंबे समय तक बना आर्थिक दबाव, वैवाहिक तनाव, क्रोध पर नियंत्रण की कमी, निराशा और मानसिक अस्थिरता जैसे कई कारक इसमें भूमिका निभाते हैं। परिवारों को व्यवहार में अचानक आने वाले बदलाव, अत्यधिक चिड़चिड़ापन, हिंसक प्रवृत्ति, नींद के पैटर्न में बदलाव और घोर निराशा जैसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में समय रहते मनोचिकित्सक से परामर्श लिया जाना बेहद जरूरी है। -डॉ. संजय जैन, मनोरोग विशेषज्ञ

जयपुर की हॉट सीटों पर किसका कब्जा? मतदान के बाद भाजपा-कांग्रेस के दिग्गजों की किस्मत EVM में बंद

जयपुर मतदान पूरा होने के साथ ही अब शहर की निगाहें उन 'हॉट सीटों' के नतीजों पर टिक गई है, जहां से दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस के बड़े चेहरे अपनी किस्मत आजमा रहे है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि इन हॉट सीटों पर जीत दर्ज करने वालों में से किसी एक के सिर जयपुर के नए महापौर का ताज सज सकता है। वार्ड 76 भाजपा के पुनीत कर्णावट और कांग्रेस के प्रदीप जैन के बीच टक्कर है। हालांकि, यहां महज 54.85% मतदान दर्ज हुआ है। इस कम मतदान प्रतिशत ने प्रत्याशियों के गणित को उलझा दिया है। वार्ड 43 सांगानेर क्षेत्र के वार्ड 43 में भाजपा के शैलेन्द्र भार्गव और कांग्रेस के आशीष शर्मा के बीच सीधा मुकाबला है। यहां मतदाताओं का रुझान सुस्त रहा और कुल 53.65% ही वोटिंग हो सकी। वार्ड 112 : सबसे हॉट मुकाबला सबसे चर्चित वार्ड 112 में मतदाताओं ने खुलकर मतदान किया है। यहां 67.82% मतदान हुआ है। भाजपा से सुनील कोठारी और कांग्रेस से आशीष शर्मा आमने-सामने हैं। वार्ड 110 पूर्व महापौर और भाजपा की ज्योति खंडेलवाल वार्ड 110 से मैदान में हैं, जहां उनका सीधा मुकाबला कांग्रेस की सुनीता मेठी से है। इस वार्ड में 64.49% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। वार्ड 135 वार्ड 135 शहर की चर्चित सीटों में से एक है। यहां भाजपा के विमल कुमार अग्रवाल का मुकाबला कांग्रेस के रवि कुमार शर्मा से है। इस सीट पर 71.13% मतदान हुआ है। इन वार्डों में 74 प्रतिशत से अधिक मतदान वार्ड संख्या    विधानसभा    कुल मतदाता    पड़े वोट    मतदान प्रतिशत वार्ड 150    आमेर    8,799    7,365    83.70% वार्ड 148    आमेर    19,234    15,762    81.95% वार्ड 149    आमेर    19,858    15,881    79.97% वार्ड 126    आदर्श नगर    14,572    11,599    79.60% वार्ड 117    आदर्श नगर    19,801    15,743    79.51% वार्ड 1    विद्याधर नगर    13,776    10,811    79.48% वार्ड 146    हवामहल    14,809    11,598    78.32% वार्ड 61    बगरू    13,686    10,617    77.58% वार्ड 51    सांगानेर    17,181    12,891    75.03% वार्ड 128    आदर्श नगर    15,977    11,688    73.16% इन वार्डों में 50 फीसदी भी नहीं पड़े वोट वार्ड संख्या    विधानसभा    कुल मतदाता    पड़े वोट    मतदान प्रतिशत वार्ड 100    सिविल लाइंस    16,607    6,714    40.43% वार्ड 66    बगरू    19,163    9,060    47.28% वार्ड 42    सांगानेर    13,325    6,369    47.80% वार्ड 90    सिविल लाइंस    23,789    11,511    48.40% वार्ड 41    सांगानेर    17,639    8,632    48.94% वार्ड 75    मालवीय नगर    11,821    6,006    50.81% वार्ड 123    आदर्श नगर    11,501    5,921    51.49%

राजस्थान सेट परीक्षा 2026: 7 संभागों के 429 केंद्रों पर 1.77 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

 कोटा  कोटा विश्वविद्यालय की ओर से 13 सितम्बर को सहायक आचार्य के लिए राज्य पात्रता परीक्षा (सेट)-2026 आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा 7 संभाग जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा, अजमेर व भरतपुर में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक एक पारी में ऑफलाइन मोड पर होगी। इसमें 37 विषयों में इस वर्ष 1 लाख 77 हजार 901 अभ्यर्थी पंजीकृत हुए हैं। सात संभागीय मुख्यालयों में कुल 429 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जयपुर में सबसे अधिक 78 हजार तो भरतपुर में सबसे कम 8 हजार से अधिक अभ्यर्थी बैठेंगे। इसके अलावा जोधपुर में 22,609, बीकानेर 22,281, उदयपुर 17,320, कोटा 14839, अजमेर संभाग में 13,753 अभ्यर्थी शामिल होंगे। कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बीपी सारस्वत ने बताया कि परीक्षा का आयोजन यूजीसी-नेट के नवीनतम मानकों के अनुरूप किया जाएगा। परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए कोटा विश्वविद्यालय में केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। परीक्षा की सुरक्षा, गोपनीयता और संवेदनशीलता से जुड़े सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने और परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने की अपील की। प्रवेश के लिए ये दस्तावेज जरूरी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश-पत्र की रंगीन प्रति, मूल फोटोयुक्त पहचान-पत्र के रूप में केवल आधार कार्ड तथा ऑनलाइन आवेदन के समय अपलोड की गई फोटो से मेल खाती एक रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ लानी होगी। अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग सुबह 9 से 10 बजे तक होगी। 10 बजे बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा समन्वयक प्रो. घनश्याम शर्मा ने बताया कि प्रवेश-पत्र पर अंकित परीक्षा केंद्र और रोल नंबर के कोड को केवल सांकेतिक न मानते हुए परीक्षा केंद्र की वास्तविक लोकेशन पहले से सुनिश्चित कर लें। इसके लिए परीक्षा से एक दिन पूर्व केंद्र पर जाकर स्थान की जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है, ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की परेशानी न हो। मोबाइल, स्मार्ट वॉच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित 1- परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, पुस्तक, नोट्स आदि ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। 2- अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन के हल्के रंग के कपड़े तथा कम हील वाली चप्पल या सैंडल पहनकर आने की सलाह दी गई है। 3- धार्मिक, पारंपरिक अथवा सांस्कृतिक पोशाक में आने वाले अभ्यर्थियों की सुरक्षा जांच के दौरान विशेष रूप से तलाशी ली जाएगी। अभ्यर्थी अपने साथ केवल काले या नीले बॉल पेन लेकर आएं। 4- ओएमआर शीट पर व्हाइटनर, ब्लेड अथवा किसी अन्य वस्तु का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। 5- अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने वाले अभ्यर्थियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

चार हत्याओं से दहला जयपुर, दूध लिया-चाय बनाई और फिर घर से निकल गया आरोपी

करधनी जयपुर के करधनी इलाके में एक ही घर से चार लाशें मिलने की वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया। गुरुवार रात एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन बेटियों की हत्या कर दी। चारों के सिर और मुंह पर पत्थर से वार किए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात के बाद भी आरोपी सामान्य तरीके से घर में रहा। शुक्रवार सुबह दूध लिया, बुजुर्ग पिता के लिए चाय बनाई और उन्हें चाय पिलाने के बाद घर से निकल गया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। एक घर में चार मौतें DCP वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस को गोविंद वाटिका स्थित प्लॉट नंबर ए-169 में हत्या की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अलग-अलग कमरों में चार शव मिले। मृतकों की पहचान गीता झा और उनकी बेटियों नंदनी (23), राधिका (18) और गौरी (14) के रूप में हुई है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी बरामद कर लिया है। अलग-अलग कमरों में मिलीं लाशें पुलिस के मुताबिक गीता झा का शव मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में मिला। वहीं तीनों बेटियों के शव ग्राउंड फ्लोर के दो अलग-अलग कमरों में मिले। शवों की स्थिति और घर में मिले साक्ष्यों के आधार पर आशंका है कि हत्या रात में की गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने पत्नी और बेटियों को किस क्रम में और कैसे निशाना बनाया। सुबह दूध लिया, फिर पिता को चाय पिलाई इस हत्याकांड का सबसे हैरान करने वाला पहलू आरोपी राहुल का वारदात के बाद का व्यवहार है। पुलिस के अनुसार राहुल ने शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे दूध वाले से दूध लिया। इसके बाद उसने अपने बुजुर्ग पिता लक्ष्मीनाथ झा के लिए चाय बनाई और उन्हें पिलाई। पिता को उस वक्त घर में हुई चार हत्याओं की जानकारी नहीं थी। चाय पिलाने और तैयार होने के बाद राहुल घर से निकल गया। इसके बाद से वह फरार है। पिता को खून देखकर हुआ शक राहुल के पिता ने बताया कि सुबह उठने के बाद बेटे ने उन्हें चाय बनाकर दी थी। इसके बाद राहुल तैयार होकर चला गया। बाद में जब घर के कमरों में खून दिखाई दिया तो उन्होंने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। पिता का कहना है कि घर में कौन आया और क्या हुआ, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। शेयर ट्रेडिंग करता था राहुल पड़ोसियों के मुताबिक राहुल झा शेयर ट्रेडिंग का काम करता था। उसकी पत्नी गीता झा घर की पहली मंजिल पर ही बुटीक चलाती थी। तीनों बेटियां पढ़ाई कर रही थीं। बड़ी बेटी नंदनी पढ़ाई के साथ प्राइवेट जॉब भी करती थी। राहुल करीब तीन दिन पहले ही गुजरात से जयपुर लौटा था। तीन दिन पहले मांगे थे 50 हजार पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने बताया कि राहुल ने तीन दिन पहले उससे 50 हजार रुपए उधार मांगे थे। महिला के मुताबिक उसने राहुल को 25 हजार रुपए दिए थे। पुलिस अब परिवार की आर्थिक स्थिति और राहुल के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी जुटा रही है। छह साल पहले खरीदा था मकान परिवार जिस मकान में रहता था, उसे राहुल ने करीब छह साल पहले खरीदा था। इसी मकान की पहली मंजिल पर गीता बुटीक चलाती थीं। शुक्रवार को वारदात सामने आने के बाद घर के बाहर रिश्तेदारों और पड़ोसियों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने पूरे इलाके में घेराबंदी कर घर में किसी के प्रवेश पर रोक लगा दी। तीन दिन पहले साथ बैठकर खाया था खाना राहुल के भाई संजय कुमार झा और भतीजे राज ने बताया कि पति-पत्नी के बीच किसी विवाद की जानकारी उन्हें नहीं थी। उनके मुताबिक राहुल तीन दिन पहले ही घर आया था और उस दौरान परिवार के सभी लोगों ने साथ बैठकर खाना भी खाया था। उस समय किसी तरह का विवाद या तनाव महसूस नहीं हुआ था। अब हत्या की वजह और फरारी की जांच चार लोगों की हत्या के बाद राहुल के अचानक फरार होने से पुलिस की जांच उसके संभावित ठिकानों और हत्या के कारण पर केंद्रित है। पुलिस घर से मिले साक्ष्यों, परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ के आधार पर पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि राहुल ने अपनी पत्नी और तीन बेटियों की जान ले ली और फिर सुबह अपने पिता को चाय पिलाकर घर से निकल गया।  

बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर का असर, 15 सितंबर तक बारिश के आसार

जयपुर मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे प्रभाव दिखा रहा है। इसके चलते पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। राजस्थान में मानसून की बारिश का एक और दौर शुरू होने वाला है। गुरुवार को तेज धूप और बढ़ते तापमान से जहां प्रदेश में गर्मी फिर परेशान करने लगी, वहीं अब बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम ने मौसम का मिजाज बदलने के संकेत दे दिए हैं। इसके असर से शुक्रवार से राज्य में मानसून फिर एक्टिव होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 9 जिलों में आज बारिश का अलर्ट मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे प्रभाव दिखा रहा है। इसके चलते पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। 15 सितंबर तक बना रह सकता है बारिश का असर मौसम का यह बदलाव सिर्फ एक-दो दिन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में बारिश का दौर 15 सितंबर तक एक्टिव रह सकता है। खासतौर पर पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। यानी अभी आसमान पूरी तरह साफ रहने वाला नहीं है और अगले कुछ दिनों में मौसम बार-बार करवट ले सकता है। गुरुवार को बारिश गायब, धूप ने बढ़ाई गर्मी दिलचस्प बात यह है कि बारिश के अलर्ट से ठीक पहले गुरुवार को राजस्थान में मौसम काफी अलग नजर आया। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिनभर तेज धूप रही। बारिश का दौर थमने के साथ ही तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। 10 से ज्यादा शहरों में अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया। 40 डिग्री तक पहुंचा पारा गुरुवार को पिलानी में सबसे ज्यादा गर्मी रिकॉर्ड की गई। यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके बाद श्रीगंगानगर में भी गर्मी ने जोर दिखाया और अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में प्रदेश में एक तरफ 40 डिग्री तक पहुंचती गर्मी है, तो दूसरी तरफ अगले कुछ घंटों में बारिश की वापसी का अलर्ट है। 24 सितंबर तक गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं बारिश की संभावना के बावजूद मौसम विभाग ने अगले दो सप्ताह को लेकर एक और अहम संकेत दिया है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार 24 सितंबर तक प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। यानी बारिश के कुछ दौर भले ही तापमान को नीचे खींचें, लेकिन पूरे प्रदेश में लगातार ठंडक का दौर शुरू होने की उम्मीद अभी नहीं है। बारिश आएगी, लेकिन गर्मी भी बनी रहेगी मौसम का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि सितंबर में मानसून और गर्मी दोनों साथ-साथ अपना असर दिखा सकते हैं। दिन में तेज धूप के कारण तापमान बढ़ रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के चलते बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ने वाली हैं। ऐसे में कुछ इलाकों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आ सकती है, जबकि दूसरे हिस्सों में गर्मी का असर बरकरार रह सकता है। अब नजर अगले चार-पांच दिनों पर फिलहाल मौसम विभाग की नजर बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर सिस्टम और उसके राजस्थान पर पड़ने वाले असर पर है। शुक्रवार से बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बाद अगले कुछ दिनों में इसका दायरा और बढ़ सकता है। 15 सितंबर तक मानसून एक्टिव रहने की संभावना ने सितंबर के मौसम को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल राजस्थान में सवाल यही है कि 40 डिग्री तक पहुंचा पारा पहले नीचे आएगा या मानसून की बारिश कुछ इलाकों में गर्मी को और पीछे धकेलेगी।

RAS से IAS प्रमोशन पर 23 सितंबर को फैसला, 54 अधिकारियों में से 18 नामों पर लगेगी मुहर

जयपुर राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे और ब्यूरोक्रेसी में जल्द ही बड़ा बदलाव दिखने वाला है। दरअसल, राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के 18 वरिष्ठ अधिकारियों की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पदों पर पदोन्नति होने जा रही है। इस पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 23 सितंबर को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्य से भेजे गए 54 RAS अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता और गोपनीय रिपोर्ट पर गहन मंथन किया जाएगा। इस बैठक में शामिल होने के लिए राजस्थान के मुख्य सचिव, राज्य सरकार की ओर से नामित एक वरिष्ठ अधिकारी और कार्मिक विभाग के सचिव खुद दिल्ली पहुंचेंगे, जहां आयोग के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर अंतिम 18 नामों पर मोहर लगाई जाएगी। राजस्थान सरकार की ओर से 54 अधिकारियों के नामों की सूची पहले ही जुलाई के महीने में UPSC को भेजी जा चुकी है। इस सूची में मुख्य रूप से वर्ष 2001 बैच और उसके बाद के वरिष्ठ आरएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होते ही राज्य में नए आईएएस अधिकारियों की कमी दूर होगी और प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी। हालांकि, दूसरी तरफ गैर-प्रशासकीय सेवा (Non-RAS) से आईएएस बनने की प्रक्रिया पिछले 9 महीनों से अटकी हुई है, जिससे संबंधित विभागों के अधिकारियों में निराशा भी देखने को मिल रही है। नियमों के मुताबिक, जितने पदों पर प्रमोशन होना होता है, उससे तीन गुना अधिकारियों के नाम का पैनल UPSC को भेजा जाता है। राजस्थान सरकार ने 18 आईएएस पदों के सापेक्ष 54 वरिष्ठ आरएएस अफसरों का पूरा डोजियर संघ लोक सेवा आयोग को सौंप दिया था। इस पदोन्नति प्रक्रिया में साल 2001 बैच और उसके आसपास के बैच के अधिकारियों की किस्मत चमकने वाली है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे इन अधिकारियों का सेवा रिकॉर्ड साफ-सुथरा होने पर उन्हें आईएएस कैडर अलॉट कर दिया जाएगा। 23 की बैठक के बाद जल्द ही इसका नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। चयन समिति में कौन-कौन? दिल्ली स्थित संघ लोक सेवा आयोग के मुख्यालय में आयोजित होने वाली यह चयन समिति की बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। इस बैठक में जो अधिकारी भाग लेंगे, उनमें : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के प्रतिनिधि या सदस्य राज्य सरकार द्वारा मनोनीत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कार्मिक विभाग (DOP) राजस्थान के सचिव यह समिति 54 अधिकारियों के एपीआर (APR) और विजिलेंस क्लीयरेंस की जांच कर 18 योग्य अधिकारियों के नाम की सिफारिश करेगी। 9 महीने से अटका 4 IAS पदों पर प्रमोशन एक तरफ जहां RAS से IAS बनने की राह आसान हो गई है, वहीं गैर-प्रशासकीय सेवा के अधिकारियों का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। गैर-प्रशासकीय सेवा से आईएएस के 4 पदों पर पदोन्नति को लेकर यूपीएससी ने पिछले साल दिसंबर में ही मंथन पूरा कर लिया था। इसके बावजूद राज्य सरकार के स्तर पर अभी तक इस पर अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई है। राज्य के विभिन्न विभागों (जैसे शिक्षा, वाणिज्यिक कर, सहकारिता आदि) के 20 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम इन पदों के लिए विचाराधीन थे। सरकार के स्तर पर अंतिम फैसला न होने से 1 और पद पर होने वाली पदोन्नति की प्रक्रिया भी अधर में लटकी हुई है। IAS अधिकारियों की कमी होगी दूर राजस्थान में 18 नए आईएएस अधिकारियों के मिलने से राज्य सरकार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा संबल मिलेगा। पदोन्नत होने वाले इन अधिकारियों को राज्य के विभिन्न जिलों में कलेक्ट्रेट, संभागीय आयुक्त कार्यालयों या फिर राज्य स्तरीय विभागों में प्रबंध निदेशक और सचिव स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि राजस्थान में नए जिलों के गठन और विकास योजनाओं को गति देने के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों की आवश्यकता है। ऐसे में आरएएस से आईएएस बनने वाले इन अधिकारियों का लंबा मैदानी अनुभव राज्य सरकार के लिए बेहद फायदेमंद साबित

उत्तर प्रदेश में EV चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, हाईवे और पेट्रोल पंपों पर लगेंगे 1000 स्टेशन

लखनऊ यूपी के राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे के साथ ही लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, जौनपुर, कानपुर देहात, नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ, अयोध्या जैसे जिलों में भी ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। इसके अलावा कई पेट्रोल पंप भी चिन्हित किए जा रहे हैं। इन ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या एक हजार होगी। सर्वे के बाद देखा जाएगा कि ईवी वाहनों का आवागमन कहां ज्यादा है। लोगों को चार्जिंग के लिए इंतजार करना पड़ता है। वहां ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में यूपी के ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गोरखपुर, नोएडा, लखनऊ सहित एक दर्जन जिलों में 238 ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं। यह जानकारी उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन डा. आशीष गोयल ने होटल ताज में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में गुरुवार को कही। उन्होंने कहा कि यूपी नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। चंद वर्षों पहले काफी नीचे पायदान पर था। वहीं शहरों के मामले में लखनऊ नंबर एक पर है। उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि यूपी में ट्रांसमिशन का नेटवर्क देश में सबसे अच्छा है, इसलिए नवीकरणीय ऊर्जा (आरइ) क्षेत्र में भविष्य अच्छा है। वहीं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि बिजली की कोई कमी प्रदेश में नहीं है। यूपी के आठ लाख घरों में नवीकरणीय ऊर्जा से बिजली बन रही है। यह संख्या बढ़ानी है और उत्तर प्रदेश के पौने चार करोड़ उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचाना है। तभी नेट जीरो का सपना वर्ष 2070 तक पूरा होगा। आज नवीकरणीय ऊर्जा (आरइ) एक बड़ा उद्योग हो गया है। ऊर्जा मंत्री नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े लोगों का आह्वान करते हुए दो से पांच नवंबर के बीच दिल्ली के भारत मंडपम में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत रिन्यूएबल एनर्जी सबमिट 2026 दिल्ली में होने जा रहा है। यहां नई तकनीक, निवेश, कुछ नया और प्रेरित करने वाला होगा। 2100 टल कूड़े से बिजली बनाने की योजना ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आज नवीकरणीय ऊर्जा ही ऐसा साधन है, जिससे हम ग्लोबल वार्मिंग से बाहर निकल रहे हैं। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के चेयरमैन डा. आशीष गोयल का नाम लेते हुए ऊर्जा मंत्री ने मजाक के लहजे में कहा कि कमरे में बैठकर कोयला जलाकर बिजली नहीं बनानी। हमें नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर देना है। लखनऊ से निकलने वाले प्रतिदिन 21 सौ टन कूड़े से बिजली बनाने की बात कही।  

जयपुर में नगर निगम चुनाव की वोटिंग शुरू, 723 प्रत्याशियों की किस्मत EVM में बंद; 14 सितंबर को नतीजे

जयपुर जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 का बिगुल पूरी तरह बज चुका है। आज 11 सितंबर को सुबह 7 बजे से जयपुर नगर निगम के दूसरे और अंतिम चरण के तहत वार्ड पार्षदों को चुनने के लिए वोटिंग प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गई है। 150 वार्डों में बने हजारों पोलिंग बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। सुबह की पारी से ही बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। प्रमुख हस्तियों से लेकर आम नागरिक तक अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए सुबह से ही कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। प्रशासन की तरफ से निष्पक्ष और सुरक्षित चुनाव कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, मतदान के शुरुआती एक घंटे में शहर के कुछ घने और संवेदनशील इलाकों से ईवीएम (EVM) में मामूली तकनीकी खराबी की शिकायतें सामने आईं, जिन्हें निर्वाचन विभाग की टीमों ने समय रहते त्वरित कार्रवाई करते हुए तुरंत बदल दिया। जयपुर की जनता आज जिन 723 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ईवीएम में बंद कर रही है, उनके भाग्य का अंतिम परिणाम 14 सितंबर 2026 को मतगणना के बाद सामने आएगा। 1. सुबह 7 बजे से मतदान, बूथों पर लंबी लाइनें जयपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी 150 वार्डों में सुबह 7 बजे से ही मतदान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सुबह के समय गर्मी कम होने के कारण वोटर्स समय से पहले ही अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचने लगे, जिससे कई मतदान केंद्रों पर अच्छी-खासी रौनक नजर आई। 2. प्रमुख नेताओं और दिग्गजों ने किया मतदान जयपुर के स्थानीय विधायकों और कई वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियों ने सुबह के पहले चरण में ही अपने-अपने निर्धारित पोलिंग बूथों पर पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किया। नेताओं ने स्याही लगी उंगली के साथ तस्वीरें साझा कर शहर की जनता से शत-प्रतिशत मतदान की अपील की। 3. कुछ बूथों पर ईवीएम में तकनीकी दिक्कत मतदान की शुरुआत में जयपुर के घने परकोटा (चारदीवारी) क्षेत्र और सांगानेर के कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में तकनीकी खामी की खबरें आईं। इसके कारण करीब 20 से 30 मिनट तक कुछ स्थानों पर मतदान बाधित रहा। 4. तुरंत एक्शन, रिजर्व EVM से वोटिंग जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक और तकनीकी टीमों ने शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया। सेक्टर में तैनात रिजर्व ईवीएम (EVM) और बैकअप टीमों को मौके पर भेजकर खराब मशीनों को तत्काल बदला गया और मतदान को सुचारू रूप से पुनः चालू कराया गया। 5. पोलिंग स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम जयपुर नगर निगम क्षेत्र में पारदर्शी चुनाव कराने के लिए कुल 2,256 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। अति-संवेदनशील और संवेदनशील बूथों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और कई जगहों पर वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। 6. 24.33 लाख से अधिक मतदाता इस दूसरे चरण के चुनाव में जयपुर के कुल 24 लाख 33 हजार 121 मतदाता पंजीकृत हैं, जो शहर की छोटी सरकार यानी नगर निगम के पार्षदों और बोर्ड का भविष्य तय कर रहे हैं। 7. 723 प्रत्याशियों के बीच कड़ा चुनावी मुकाबला जयपुर के 150 वार्डों में इस बार कुल 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है, लेकिन कई वार्डों में निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। 8. पहले चरण के 76.41% वोटिंग रिकॉर्ड को तोड़ने की उम्मीद राजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण (9 सितंबर 2026) में राज्यभर में 76.41% का बंपर वोटिंग प्रतिशत दर्ज हुआ था। इसी ट्रेंड को देखते हुए माना जा रहा है कि जयपुर में भी आज शाम 6 बजे तक भारी मतदान देखने को मिलेगा। 9. डिजिटल वोटर लिस्ट और हेल्पडेस्क सोशल मीडिया पर एक्टिव राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया पर डिजिटल वोटर लिस्ट, पोलिंग बूथ लोकेटर और अनिवार्य पहचान पत्रों से जुड़ी गाइडलाइंस लगातार साझा की जा रही हैं, ताकि वोटर्स को अपना नाम या बूथ खोजने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। 10. 14 सितंबर 2026 को आएंगे मतगणना के नतीजे आज शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद सभी ईवीएम मशीनों को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सील करके कड़ी सुरक्षा वाले स्ट्रॉन्ग रूम में भेजा जाएगा। आगामी 14 सितंबर 2026 को होने वाली मतगणना के साथ ही जयपुर नगर निगम के नए पार्षदों की अधिकृत घोषणा की जाएगी।

त्योहारों पर रेलवे का बड़ा फैसला, 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का बढ़ाया संचालन

 जयपुर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई कार्यों को अंजाम दिया है। अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए तीन जोड़ी ट्रेनों में अस्थायी रूप से डिब्बों की बढ़ोतरी की है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जयपुर-उदयपुर सिटी-जयपुर ट्रेन में जयपुर से 10 से 30 सितंबर तक और उदयपुर सिटी से 11 सितंबर से 1 अक्टूबर तक एक द्वितीय साधारण श्रेणी डिब्बे की अस्थायी बढ़ोतरी की जा रही है। इसी प्रकार, उदयपुर सिटी-असारवा-उदयपुर सिटी ट्रेन में भी उदयपुर सिटी से 10 से 30 सितंबर तक और असारवा से 11 सितंबर से 1 अक्टूबर तक एक द्वितीय साधारण श्रेणी डिब्बा, अजमेर-बांद्रा टर्मिनस-अजमेर ट्रेन में अजमेर से 12 से 26 सितंबर तक और असारवा से 13 से 27 सितंबर तक दो द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बों की अस्थायी बढ़ोतरी की जाएगी। रेलवे ने बढ़ाई संचालन अवधि, अक्टूबर-नवंबर तक चलेगी स्पेशल ट्रेनें आगामी त्योहारों पर अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए रेलवे ने पांच जोड़ी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनों की संचालन अवधि बढ़ाई है। इन ट्रेनों का संचालन अक्टूबर और नवंबर तक अलग-अलग अवधि में बढ़ाया गया है। हिसार-वलसाड-हिसार साप्ताहिक स्पेशल का हिसार से संचालन 14 अक्टूबर से 25 नवंबर तक और वलसाड से 15 अक्टूबर से 26 नवंबर तक, भगत की कोठी-बान्द्रा टर्मिनस-भगत की कोठी साप्ताहिक स्पेशल का भगत की कोठी से संचालन 3 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक और बान्द्रा टर्मिनस से 4 अक्टूबर से 1 नवंबर तक, बीकानेर-साईनगर शिर्डी-बीकानेर साप्ताहिक स्पेशल का बीकानेर से संचालन 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक और साईनगर शिर्डी से 4 अक्टूबर से 29 नवंबर तक, अजमेर-सोलापुर-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल का अजमेर से संचालन 7 अक्टूबर से 25 नवंबर तक और सोलापुर से 8 अक्टूबर से 26 नवंबर तक और मदार-पटना-मदार साप्ताहिक स्पेशल का मदार से संचालन 1 अक्टूबर से 26 नवंबर तक और पटना से 2 अक्टूबर से 27 नवंबर तक बढ़ाया गया है। पुरी स्टेशन पर दो ट्रेनों का समय में बदला पूर्व तटीय रेलवे की ओर से पुरी स्टेशन पर दो ट्रेनों के संचालन समय में आंशिक बदलाव किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार जोधपुर-पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस 14 सितंबर से पुरी स्टेशन पर सुबह 10 बजे के स्थान पर 10.45 बजे पहुंचेगी। अजमेर-पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस 17 सितंबर से पुरी स्टेशन पर दोपहर 2.40 बजे के स्थान पर 3.05 बजे पहुंचेगी।

किसानों के लिए कमाई का नया मौका, राजस्थान में एवोकाडो की खेती से 40 साल तक उत्पादन

जयपुर राजस्थान में एवोकाडो की खेती की शुरुआत हो रही है। राज्य में कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के तहत उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमन्द, प्रतापगढ़ एवं कोटा सहित करीब 12 जिलों में एवोकाडो की खेती शुरू की गई है। इसकी मांग साल दर साल बढ़ रही है। एवोकाडो को बटर फ्रूट भी कहा जाता है। इसमें हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। इसका बाजार भाव 200 से 500 रुपए प्रति किलो तक होता है। उन्नत किस्में हैस किस्म सबसे अधिक मांग वाली किस्म है, फल का रंग पकने पर गहरा बैंगनी या काला हो जाता है। विश्व में सबसे ज्यादा मांग इस किस्म की है। फुएटै राजस्थान के लिए उपयुक्त है। पिंकर्टन किस्म 46 डिग्री सेल्सियस भी सहन कर लेती है। इसमें 18 प्रतिशत ऑयल होता है। अर्का सुप्रीम एवं अर्का कुर्ग रवि ये आइसीएआर-आइआइएचआर की किस्मे हैं। आदर्श तापमान 20-30 डिग्री हैं। ये 45 डिग्री तापमान भी सहन कर लेती। दस अनुपात एक फीमेल और मेल पौधे लगाएं। (10 प्रतिशत) पोलीनेटर लगाएं। खेती की तैयारी-सिंचाई इसके पौधे बीज एवं ग्राटिंग दोनों से तैयार किए जाते हैं। बीज से उगाने पर ताजे पके हुए एवोकाडो का उपयोग करें। इसकी बुवाई मानसून के दौरान कर सकते हैं। एक बार लगाने के बाद 40 साल तक उत्पादन देते हैं। भूमि तैयारी खेत की 2 से 3 बार कल्टीवेटर से जुताई करें। फिर पाटा चलाकर खेत को समतल करें। उठी हुई क्यारियां बनाएं। खेती में सही पौध संख्या दूरी रखना जरूरी है, क्योंकि इससे पौधों को पर्याप्त धूप, हवा और पोषण मिलता है। पौधे से पौधे की दूरी 3.5 मीटर एवं लाइन से लाइन की दूरी 7 मीटर रखें। जलवायु-मिट्टी एवोकाडो एक उष्णकटिबंधीय फल है इसके लिए 20 से 30 डिग्री तापमान मध्यम गर्म और नमी वाला मौसम उपयुक्त रहता है। किस्म के हिसाब से इसकी खेती सभी राज्यों में कर सकते हैं। दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी रहती है जिसका पी.एच. 6 से 7.5 के बीच हो। खेत में पानी बिल्कुल जमा नहीं हो। खाद-उर्वरक मिट्टी की जांच करवाएं फिर उसके अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करें। सामान्यतः 20 किलो एफ. वाई. एम. एवं 100:50:50 ग्राम एनपीके प्रति वर्ष दें। उठी हुई क्यारियां बनाकर पौधे लगाएं, इससे खरपतवार प्रबंध हो जाता है। ड्रिप से पानी देना भी आसान रहता है। पौधे लगाने से पहले ड्रिप लगा दें। पहले 6 महीने पौधों की विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। एक पेड़ से 30-50 किलो तक उत्पादन थ्रिप्स-माइट्स के नियंत्रण के लिए नीम तेल 5 मिली प्रति लीटर पानी में मिला कर छिड़कें। जड़-सड़न होने पर ट्राइकोडर्मा या जैविक फफूंदनाशक का उपयोग करें। ग्राफ्टेड पौधे जल्दी उत्पादन देते हैं। एक पेड़ 30 से 50 किलो तक उत्पादन देता है। उत्पादन 3 साल बाद लें। फल गहरा हरा हो जाए तब तोड़ें। पत्ते-गुठलियां भी उपयोगी हैं। सुनील कुमार खोईवाल, कृषि अधिकारी, चित्तौड़गढ़