samacharsecretary.com

Rajasthan : भीषण गर्मी की वापसी, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी

 जयपुर मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के अधिकांश भागों में शनिवार से तापमान में बढ़ोतरी से तेज गर्मी का दौर एक बार फिर शुरू होगा. मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य में तापमान एक बार फिर बढ़ेगा. पश्चिमी राजस्थान में तीव्र गर्मी का दौर शुरू होगा.  राज्य के दक्षिण पूर्वी भागों में भी आगामी दिनों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस रहने व 16 मई से एक बार फिर तेज गर्मी पड़ने की संभावना है. आंधी-बारिश का अलर्ट बढ़ती गर्मी के बीच राहत भरी खबर सामने आई है. 17 मई को बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ आंधी आ सकती है. विभाग के अनुसार, साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, हल्की बूंदा बांदी भी हो सकती है. पिछले 24 घंटे शुष्क रहा मौसम राज्य में शनिवार सुबह तक के चौबीस घंटे में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा. इस दौरान कई जगह उष्ण रात्रि और उष्ण लहर दर्ज की गई. अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस फलोदी में रहा.राज्य के पश्चिमी और उत्तरी भागों में 18 से 22 मई के दौरान तेज सतही हवाएं 20-30 kmph चलने की संभावना है. नागौर में बारिश का अलर्ट मौसम व‍िभाग ने बार‍िश का अलर्ट जारी क‍िया है. नागौर ज‍िले में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन और गरज-चमक के साथ बार‍िश की संभावना है. मौसम व‍िभाग ने येलो अलर्ट जारी क‍िया है. अचानक तेज हवाएं 30-40 किमी/घंटा चलेंगी. 

सांवलिया सेठ के दरबार में धनवर्षा, सोना-चांदी की गिनती अभी बाकी

चित्तौड़गढ़ मेवाड़ के सुप्रसिद्ध और आस्था के सबसे बड़े केंद्र 'कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर' में शुक्रवार को जब राजभोग आरती के बाद भगवान का दानपात्र (भंडार) खोला गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें फटी की फटी रह गईं। मासिक मेले के पहले ही दिन नोटों का ऐसा पहाड़ नजर आया कि शुरुआती गिनती में ही आंकड़ा 11 करोड़ 30 लाख रुपये पार कर गया। सांवलिया सेठ के दरबार में उमड़े इस 'धनवर्षा' के सैलाब को संभालने के लिए तत्काल नोटों से भरे बैग अलग-अलग बैंकों में कड़ी सुरक्षा के बीच जमा कराए गए। कड़े पहरे में खुला भंडार, जयकारों से गूंजा गर्भगृह मंदिर मंडल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभा गौतम, प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिव शंकर पारीक और मंदिर बोर्ड के सदस्यों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच गर्भगृह के मुख्य दानपात्र को खोला गया। जैसे ही खजाने के ताले टूटे, मंदिर परिसर में मौजूद हजारों भक्तों ने एक सुर में 'सांवलिया सेठ के जयकारे' लगाने शुरू कर दिए। पूरा माहौल भक्ति के अनूठे रंग में सराबोर हो गया। भंडार खुलते ही मंदिर प्रशासन और बैंक कर्मियों की टीम तुरंत नोटों की गड्डियां बनाने और उनकी गिनती करने में जुट गई। सोना-चांदी और चिल्लर की गिनती अभी बाकी! चमत्कारी बात यह है कि 11.30 करोड़ रुपये तो सिर्फ पहले दिन गिने गए नोटों की रकम है। सांवलिया सेठ मंदिर के दानपात्र से बड़ी मात्रा में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने और चांदी के आभूषण भी निकले हैं, जिन्हें नोटों की गड्डियों से अलग कर सुरक्षित रख लिया गया है। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, अभी इन कीमती धातुओं का वजन किया जाना बाकी है। इसके अलावा, सिक्कों (चिल्लर) का एक बहुत बड़ा ढेर और भेंट कक्ष व कार्यालय में मनीऑर्डर या ऑनलाइन माध्यम से आई राशि का अंतिम मिलान होना बाकी है। जब यह पूरी प्रक्रिया संपन्न होगी, तब सांवलिया सेठ के इस मासिक चढ़ावे का असली और अंतिम जादुई आंकड़ा सामने आएगा। मासिक मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब श्री सांवलियाजी को 'व्यापार का साझेदार' मानने वाले भक्तों की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां हर महीने करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है। राजस्थान ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, गुजरात और देश के कोने-कोने से व्यापारी और आम लोग यहां मन्नत पूरी होने पर अपने 'सेठ' को हिस्सा देने आते हैं। मासिक मेले के चलते इस समय भक्तों की भीड़ कई गुना बढ़ गई है, जिसे देखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।  

हिडन कैमरा कांड से हिला किशनगढ़, पति पर महिलाओं को फंसाने का गंभीर आरोप

 अजमेर राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. एक महिला ने अपने ही जिम ट्रेनर पति के खिलाफ मदनगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. महिला ने पति पर हिडन कैमरे से वीडियो बनाने, ब्लैकमेल करने और अश्लील सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल करने का गंभीर आरोप लगाया है. पत्नी को मोबाइल से मिला पति का कच्चा चिट्ठा शादी के कुछ समय बाद जब पत्नि को अपने पति की हरकतों पर शक हुआ, तो उसने एक दिन चोरी-छिपे उसका मोबाइल चेक किया. मोबाइल खोलते ही महिला के होश उड़ गए. उसमें कई युवतियों के अश्लील फोटो, वीडियो, आपत्तिजनक वॉयस रिकॉर्डिंग और चैट्स का एक बड़ा डेटा मौजूद था. इन सब के बारे में पूछने पर आरोपी ने पहले तो इसे पुरानी बात कहकर टालने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही उसके खौफनाक नेटवर्क का भंडाफोड़ हो गया. पत्नी ने किया विरोध तो इंटरनेट पर कर दी वीडियो वायरल जब पत्नी ने इस घिनौनी हरकत का विरोध किया, तो आरोपी ने उसे भी अंजाम भुगतने की धमकी दी. प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने सबूत के तौर पर कुछ वीडियो अपने फोन में सेव कर अपने पीहर (मायके) चली गई। इस बात से बौखलाए आरोपी पति ने सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर अपनी पत्नी के एडिटेड अश्लील फोटो और वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दिए, जिससे पीड़ित परिवार गहरे सदमे में आ गया. लड़कियों से पहले करता था दोस्ती फिर हिडन रुप में ले जाकर बनाता था वीडियो मामले की जानकारी देते हुए एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि पीड़िता के परिवार वालों ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. जिसमें बताया कि आरोपी जिम ट्रेनर होने का फायदा उठाकर अपने जिम में आने वाली भोली-भाली लड़कियों से पहले दोस्ती बढ़ाता था. इसके बाद वह उन्हें किसी बहाने से एक निजी कमरे में ले जाता था, जहां उसने पहले से ही 'हिडन कैमरे' इंस्टॉल कर रखे थे.इन कैमरों की मदद से युवतियों के बेहद निजी पलों को रिकॉर्ड कर लिया जाता था. पैसों की डिमांड और दूसरी लड़कियों को फंसाने का दबाव वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद आरोपी उन वीडियो के दम पर महिलाओं को ब्लैकमेल करता था, उनसे मोटी रकम ऐंठता था और हद तो तब हो गई जब वह पीड़ित महिलाओं पर यह दबाव भी बनाता था कि वे उसकी हवस के जाल में दूसरी लड़कियों को भी फंसाकर लाएं. आरोपी ने इस गंदे धंधे में अपनी पत्नी को भी घसीटने की कोशिश की और दूसरी लड़कियों को संपर्क में लाने का दबाव बनाया.  IT एक्ट के तहत मामला दर्ज  मदनगंज थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट (IT Act) की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है.

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में बड़ा टर्निंग पॉइंट, इसी महीने चुनाव नोटिस जारी होने के संकेत

 जयपुर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में लंबे समय से जारी गतिरोध और प्रशासनिक खींचतान के बीच अब चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. राजधानी जयपुर में आरसीए की एडहॉक कमेटी और प्रदेश के विभिन्न जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारियों के बीच एक बेहद अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के बाद खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार या मुख्यमंत्री की मंशा आरसीए के कामकाज में दखल देने की बिल्कुल नहीं है. सरकार केवल यह चाहती है कि राजस्थान क्रिकेट में पारदर्शिता आए और खेल के हित में जल्द से जल्द चुनाव संपन्न हों. 'क्रिकेट का भविष्य जिला संघों के हाथ में' बैठक में शामिल होने पहुंचे खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में जोर देकर कहा कि राजस्थान क्रिकेट का संचालन अंततः जिला संघों और निर्वाचित पदाधिकारियों को ही संभालना है. उन्होंने सभी जिला क्रिकेट संघों से अपील की कि वे अपने आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट हों और एडहॉक कमेटी के साथ मिलकर चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं. खेल मंत्री ने यह भी साफ किया कि विवाद बढ़ने की स्थिति में सरकार केवल एडहॉक कमेटी का गठन कर सकती है, लेकिन चुनाव कराने की अंतिम जिम्मेदारी क्रिकेट से जुड़े पदाधिकारियों की ही होती है. समय पर चुनाव होने से सुधरेगा युवा खिलाड़ियों का भविष्य खेल मंत्री ने समय पर चुनाव कराने की अहमियत समझाते हुए कहा कि ऐसा होने से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से मिलने वाले संसाधनों और सहायता का सही और पारदर्शी इस्तेमाल हो सकेगा. जब आरसीए में एक चुनी हुई और पारदर्शी संस्था काम करेगी, तो प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के बेहतर और निष्पक्ष अवसर मिलेंगे. इसी महीने जारी हो सकता है चुनावों का आधिकारिक नोटिस दूसरी तरफ, आरसीए एडहॉक कमेटी के कन्वीनर मोहित यादव ने इस बैठक को बेहद सकारात्मक और उम्मीदों से भरा बताया. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 29 जिला संघों के पदाधिकारियों ने जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग का पुरजोर समर्थन किया है. मोहित यादव के मुताबिक, कमेटी पूरी गंभीरता और मुस्तैदी से काम कर रही है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि इसी महीने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनावों का आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया जाएगा, जिससे चुनावी प्रक्रिया को आधिकारिक गति मिलेगी. मैदान पर 'फ्रेंडली मैच' और पर्दे के पीछे 'बड़ा एक्शन' इस पूरी बैठक और सकारात्मक माहौल के पीछे आरसीए की अंदरूनी सियासत भी पूरी तरह गरमाई रही. हालांकि पदाधिकारियों के बीच का तनाव और माहौल को हल्का करने के लिए एक फ्रेंडली क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया था, लेकिन पर्दे के पीछे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी भी दिखाई दी. सूत्रों के हवाले से खबर है कि बैठक के दौरान नागौर और सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक पत्र पर करीब 25 जिला संघों के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर करवाए गए हैं, जिस पर एडहॉक कमेटी जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है. राजस्थान क्रिकेट प्रशासन के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट कोर्ट-कचहरी के चक्करों और आपसी गुटबाजी से जूझ रहे आरसीए के लिए इस बैठक को एक बड़े टर्निंग पॉइंट के रूप में देखा जा रहा है. खेल मंत्री के कड़े रुख और एडहॉक कमेटी की सक्रियता से यह साफ है कि आने वाले दिनों में राजस्थान क्रिकेट के प्रशासन में बड़े बदलाव होने वाले हैं. अब सभी की नजरें इसी महीने जारी होने वाले चुनावी नोटिस और जिला संघों के अगले कदम पर टिकी हैं.

पीएम मोदी की अपील का असर, राजस्थान में जज से लेकर अफसर तक साइकिल और ईवी का इस्तेमाल

 जयपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का देश में बड़ा असर देखने को मिल रहा है. इस मुहिम से प्रेरित होकर राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस समीर जैन इन दिनों लग्जरी सरकारी गाड़ी छोड़कर साइकिल से अदालत पहुंच रहे हैं. शनिवार को भी वे अपने गांधीनगर स्थित आवास से करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय कर साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे. इस दौरान उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को भी साथ नहीं रखा, जो उनकी सादगी को दर्शाता है. हालांकि रास्ते में अंबेडकर सर्किल और हाईकोर्ट गेट पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उन्हें पहचान लिया. वकीलों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा हाईकोर्ट परिसर में जब लोगों ने माननीय न्यायाधीश को साइकिल से आते देखा, तो हर कोई हैरान रह गया. अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट कर्मचारियों के बीच उनकी इस अनूठी पहल की जमकर चर्चा हो रही है. सभी ने इसे पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत फिटनेस और ईंधन की बचत के लिए एक बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताया है. बड़े पदों पर बैठे लोगों ने बदला अपना अंदाज ईंधन बचाने और सादगी अपनाने का यह सिलसिला केवल न्यायपालिका तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के अन्य शीर्ष पदों पर बैठे लोग भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है. इसी तरह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अपने सुरक्षा काफिले को सीमित किया है और हाल ही में वे एक कार्यक्रम में पर्यावरण अनुकूल ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) कार से पहुंचे. प्रशासनिक स्तर पर भी इसका असर दिख रहा है. जयपुर में आईपीएस विकास कुमार साइकिल चलाकर अपने दफ्तर पहुंचे, वहीं शुक्रवार को शहर में कुछ जगहों पर पुलिस अधिकारियों ने साइकिल पर ही गश्त कर जनता के बीच एक बेहतरीन संदेश दिया.

फलोदी-चित्तौड़गढ़ में पारा 44 डिग्री पार, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

जयपुर प्रदेश में हीटवेव के साथ आंधी बारिश का दौर भी लगातार जारी है. बीते कुछ दिनों में प्रदेश के कुछ इलाकों में लू का कहर रहा तो वहीं कुछ इलाकों में तेज हवाएं चली. गुरुवार (14 मई) शाम से मौसम बदलने के बाद से फिलहाल राहत बनी हुई है. शुक्रवार (15 मई) को तापमान में भी करीब 2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, आज (16 मई) से दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी और पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी पड़ेगी. हालांकि, पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश के चलते तापमान में जरूर गिरावट रह सकती है. इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट झालावाड़, चित्तौड़गढ़, कोटा, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और फलौदी जिले के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, करौली, खैरथल-तिजारा और कोटपुतली-बहरोड़ में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट है. फलोदी-चित्तौड़गढ़ में तापमान 44 डिग्री के पार प्रदेश में सर्वाधिक तापमान फलोदी में 44.8 डिग्री दर्ज किया गया. चित्तौड़गढ़ में भी तापमान 44.2 डिग्री तक पहुंच गया है. इसके अलावा जैसलमेर, अजमेर, भीलवाड़ा, अलवर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, करौली, दौसा, लूणकरणसर और पाली जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा. इस बार जल्दी आएगा मानसून   राजस्थान में मानसून समय से पहले पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. इस बार 25 जून की जगह मानसून प्रदेश में 20 जून तक एंट्री ले सकता है. पिछले साल भी मानसून ने समय से पहले दस्तक दी थी. पिछले 6 साल की बात करें तो केवल 2022 में मानसून देरी से पहुंचा था.

पाकिस्तानी गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी ड्रोन से भेज रहा हथियार और ड्रग्स

जयपुर पंजाब के बाद अब राजस्थान को नशे के दलदल में धकेलने की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश सामने आई है. पाकिस्तान में बैठकर भारत के खिलाफ जंग छेड़ रहा आतंकी और गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी अब राजस्थान को 'उड़ता राजस्थान' बनाने के काले मंसूबे पाल रहा है. वह भारत-पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों से ड्रोन के जरिए बड़े पैमाने पर हथियारों और घातक ड्रग्स की तस्करी कर रहा है. सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि भट्टी सोशल मीडिया के जरिए पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के नाबालिग लड़कों को बरगला कर उन्हें अपने स्लीपर सेल में तब्दील कर रहा है. स्थानीय गैंग्स से मिलाया हाथ भारत में अपने पैर जमाने के लिए शहज़ाद भट्टी को देश की स्थानीय आपराधिक गैंग्स का पूरा समर्थन मिल रहा है. सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में पंजाब की बांबिया गैंग, बब्बर खालसा और राजस्थान की रोहित गोदारा गैंग ने भट्टी से हाथ मिला लिया है. पहले भट्टी और लॉरेंस बिश्नोई एक साथ काम करते थे, लेकिन अब वे अलग हो चुके हैं. भट्टी भारत में लॉरेंस को अपने रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा मानता है और उसे खत्म करना चाहता है. यही वजह है कि उसने लॉरेंस के दुश्मन रोहित गोदारा से हाथ मिलाकर देश में अपना नेटवर्क मजबूत करना शुरू कर दिया है. हाईप्रोफाइल लिक्विड ड्रग्स की सप्लाई शहज़ाद भट्टी वर्तमान में पाकिस्तान के श्रीगंगानगर बॉर्डर से सटे इलाके में छिपकर रह रहा है. वह भारत में रोहित गोदारा और बांबिया गैंग को एके-47, हथगोले और रॉकेट लॉन्चर जैसे खतरनाक हथियार मुहैया करवा रहा है. ड्रोन के जरिए वह अफगानिस्तान की हेरोइन, चाइना की एमडी ड्रग, लिक्विड ड्रग, चरस और स्मैक की भारी खेप भेज रहा है. लिक्विड एमडी एक बेहद हाईप्रोफाइल नशा है, जो युवाओं को तेजी से बर्बाद कर रहा है. भारत में पकड़े गए ड्रोन और ग्रेनेड पर 'मेड इन चाइना' लिखा मिला है, जबकि ड्रग्स के पैकेटों पर क्वालिटी दर्शाने वाले '999', '777', '444' और '222' जैसे खास कोड लिखे होते हैं. सीमावर्ती जिलों में एटीएस की बड़ी कार्रवाई भट्टी राजस्थान के बॉर्डर वाले इलाकों जैसे श्रीगंगानगर, बाड़मेर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और बीकानेर में कई बार ड्रोन से ड्रग्स गिरा चुका है. इस बढ़ते खतरे को देखते हुए देश की एटीएस (ATS), खुफिया एजेंसियों और पुलिस ने भट्टी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कमर कस ली है. हाल ही में राजस्थान सहित पूरे देश में भट्टी के मददगारों और स्लीपर सेल के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर कई संदिग्धों को दबोचा गया है. पुलिस अब उन लोगों पर भी पैनी नजर रख रही है जो सोशल मीडिया पर भट्टी को फॉलो करते हैं.

राजस्थान में ग्रीन एनर्जी पर जोर: एनर्जी कॉन्क्लेव में इलेक्ट्रिक व्हीकल से पहुंचे मुख्यमंत्री

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने ईधन बचाने को लेकर एक बार फिर अलग संदेश देने की कोशिश की है. हाल ही में अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने के बाद शुक्रवार (15 मई) को मुख्यमंत्री जयपुर में आयोजित एनर्जी कॉन्क्लेव में इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी ईवी से पहुंचे. मुख्यमंत्री का ईवी से कार्यक्रम स्थल पहुंचना पूरे आयोजन में चर्चा का विषय बना रहा. इसे सरकार की ग्रीन एनर्जी, पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है. सरकार का ग्रीन एनर्जी पर फोकस उनके इस कदम को प्रतीकात्मक होने के साथ-साथ एक बड़े संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है कि सरकार अब पारंपरिक ईंधन के विकल्पों को बढ़ावा देना चाहती है. राजस्थान सरकार पिछले कुछ समय से सौर ऊर्जा, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर लगातार फोकस कर रही है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कई बार मंच से यह कह चुके हैं कि प्रदेश आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा. काफिला कर चुके हैं सीएम मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम कर दी थी. ताकि आम लोगों को कम परेशानी हो, ट्रैफिक बाधित न हो और सरकारी खर्चों में भी कटौती की जा सके. अब ईवी से कार्यक्रम में पहुंचकर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत का संदेश देने की कोशिश की है. कई जिलों में सोलर पार्क प्रोजेक्ट विकसित करने पर जोर जयपुर में आयोजित एनर्जी कॉन्क्लेव में ग्रीन एनर्जी निवेश, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सोलर और विंड एनर्जी सेक्टर की संभावनाओं पर चर्चा हुई. राजस्थान पहले से ही देश में सोलर एनर्जी उत्पादन का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है. राज्य के कई जिलों में बड़े स्तर पर सोलर पार्क और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं. सरकार का फोकस अब पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के विस्तार पर भी है.  

101 साल बाद भी याद है नीमूचाणा कांड: किसानों पर गोलियां और गांव को जलाने की दर्दनाक कहानी

 अलवर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब के जलियांवाला बाग की क्रूरता से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन राजस्थान की धरती पर भी एक ऐसा ही खौफनाक मंजर देखा गया था. अलवर रियासत के नीमूचाणा गांव में आज से ठीक 101 साल पहले यानी 14 मई 1925 को हुआ नरसंहार राजस्थान के इतिहास का सबसे काला अध्याय है. इस नृशंस कांड की 101वीं बरसी पर आज भी पूरा इलाका उन 250 से ज्यादा शहीद किसानों को याद कर भावुक है जिन्होंने दोहरे लगान और दमनकारी नीतियों के खिलाफ अपनी जान न्यौछावर कर दी थी. दोहरे लगान और शोषण के खिलाफ गूंजी थी आवाज तत्कालीन समय में अलवर रियासत के किसान भारी टैक्स, बेगार प्रथा और जंगली सूअरों द्वारा फसलों की बर्बादी से बेहद त्रस्त थे. इसी शोषण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए किसान नीमूचाणा गांव में शांतिपूर्वक तरीके से इकट्ठा हुए थे. किसानों की इस एकजुटता से बौखलाई रियासत की फौज ने पूरे गांव को चारों तरफ से घेर लिया और निहत्थे ग्रामीणों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं. इस फायरिंग में 250 से अधिक किसान मौके पर ही शहीद हो गए और 100 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए. क्रूरता यहीं नहीं रुकी, फौज ने गांव के करीब 150 घरों को आग के हवाले कर दिया जिससे भारी संख्या में मवेशी भी जिंदा जल गए. महात्मा गांधी ने कहा था 'दूसरा जलियांवाला बाग' इस भयानक नरसंहार की गूंज तत्कालीन समय में पूरे देश में सुनाई दी थी. अजमेर के 'तरुण राजस्थान' और कानपुर के 'प्रताप' अखबार ने इस खबर को प्रमुखता से छापा. महान स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी खुद पैदल चलकर पीड़ितों का दर्द बांटने नीमूचाणा पहुंचे थे. वहीं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने इस घटना की विभीषिका को देखते हुए इसे 'दूसरा जलियांवाला बाग' करार दिया था. सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी बंबई की एक जनसभा में इस दमनकारी नीति की तीखी आलोचना की थी. इस देशव्यापी आक्रोश के आगे झुकते हुए आखिरकार अलवर रियासत को दोहरा लगान और बेगार प्रथा को वापस लेना पड़ा था. आज भी मौजूद हैं गोलियों के निशान नीमूचाणा गांव की पुरानी हवेलियों और दीवारों पर आज भी गोलियों के निशान उस खौफनाक दिन की गवाही देते हैं. दुखद बात यह है कि इस ऐतिहासिक बलिदान के 100 साल से अधिक बीत जाने के बाद भी इस जगह को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं मिल सका है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हर बार उन्हें केवल आश्वासन मिलते हैं लेकिन धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हुआ. अब ग्रामीण अपने स्तर पर ही हर साल कैंडल मार्च निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं. वर्तमान में बानसूर से विधायक देवी सिंह शेखावत केंद्र और राज्य की सत्ताधारी पार्टी से हैं, ऐसे में ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब इस ऐतिहासिक स्थल को वह गौरव और सम्मान जरूर मिलेगा जिसका यह हकदार है.

राजस्थान के मोकलवास में दर्दनाक हादसा: मलबे में दबे मजदूर की तलाश में रेस्क्यू जारी

 जयपुर राजस्थान के नीमकाथाना जिले के मोकलवास में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब झरिंड़ा स्थित एक क्रेशर खदान में भीषण भूस्खलन के कारण पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे आ गिरा. इस हादसे में 4 मजदूर भारी पत्थरों और मशीनों के नीचे दब गए. राहत की बात यह रही कि 3 मजदूरों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 1 मजदूर अब भी करीब 12 घंटों से खान के भीतर फंसा हुआ है. शुक्रवार सुबह होते ही प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरी ताकत झोंक दी है. अंधेरे और मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें मलबे के नीचे दबे चौथे मजदूर दयालचंद का रात भर पता नहीं चल सका. रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती रात का घना अंधेरा और खराब मौसम रहा. संसाधनों की कमी और दोबारा भूस्खलन के खतरे को देखते हुए बचाव कार्य को बीच में रोकना पड़ा, जिसके कारण दयालचंद पूरी रात मलबे के नीचे ही फंसा रहा. प्रतापगढ़ का निवासी है फंसा हुआ मजदूर मलबे में फंसे मजदूर की पहचान प्रतापगढ़ जिले के निवासी के रूप में हुई है. दयालचंद खदान में मशीनरी संचालन का कार्य कर रहा था, तभी अचानक गिरी चट्टानों ने उसे और मशीनों को अपनी चपेट में ले लिया. परिजनों और स्थानीय प्रशासन की सांसें अब शुक्रवार सुबह शुरू हुए इस अंतिम दौर के रेस्क्यू पर टिकी हैं. NDRF की टीम मौके पर पहुंची हादसे की गंभीरता को देखते हुए नीमकाथाना एडीएम (ADM) भागीरथमल साख और एएसपी (ASP) लोकेश मीणा भारी पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर डटे हुए हैं. रेस्क्यू को गति देने के लिए NDRF की टीम भी झरिंड़ा गांव पहुंच चुकी है. आधुनिक कटर और भारी मशीनों की मदद से विशालकाय पत्थरों को हटाने का काम अब युद्धस्तर पर किया जा रहा है.