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चार हत्याओं से दहला जयपुर, दूध लिया-चाय बनाई और फिर घर से निकल गया आरोपी

करधनी जयपुर के करधनी इलाके में एक ही घर से चार लाशें मिलने की वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया। गुरुवार रात एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन बेटियों की हत्या कर दी। चारों के सिर और मुंह पर पत्थर से वार किए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात के बाद भी आरोपी सामान्य तरीके से घर में रहा। शुक्रवार सुबह दूध लिया, बुजुर्ग पिता के लिए चाय बनाई और उन्हें चाय पिलाने के बाद घर से निकल गया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। एक घर में चार मौतें DCP वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस को गोविंद वाटिका स्थित प्लॉट नंबर ए-169 में हत्या की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अलग-अलग कमरों में चार शव मिले। मृतकों की पहचान गीता झा और उनकी बेटियों नंदनी (23), राधिका (18) और गौरी (14) के रूप में हुई है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी बरामद कर लिया है। अलग-अलग कमरों में मिलीं लाशें पुलिस के मुताबिक गीता झा का शव मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में मिला। वहीं तीनों बेटियों के शव ग्राउंड फ्लोर के दो अलग-अलग कमरों में मिले। शवों की स्थिति और घर में मिले साक्ष्यों के आधार पर आशंका है कि हत्या रात में की गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने पत्नी और बेटियों को किस क्रम में और कैसे निशाना बनाया। सुबह दूध लिया, फिर पिता को चाय पिलाई इस हत्याकांड का सबसे हैरान करने वाला पहलू आरोपी राहुल का वारदात के बाद का व्यवहार है। पुलिस के अनुसार राहुल ने शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे दूध वाले से दूध लिया। इसके बाद उसने अपने बुजुर्ग पिता लक्ष्मीनाथ झा के लिए चाय बनाई और उन्हें पिलाई। पिता को उस वक्त घर में हुई चार हत्याओं की जानकारी नहीं थी। चाय पिलाने और तैयार होने के बाद राहुल घर से निकल गया। इसके बाद से वह फरार है। पिता को खून देखकर हुआ शक राहुल के पिता ने बताया कि सुबह उठने के बाद बेटे ने उन्हें चाय बनाकर दी थी। इसके बाद राहुल तैयार होकर चला गया। बाद में जब घर के कमरों में खून दिखाई दिया तो उन्होंने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। पिता का कहना है कि घर में कौन आया और क्या हुआ, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। शेयर ट्रेडिंग करता था राहुल पड़ोसियों के मुताबिक राहुल झा शेयर ट्रेडिंग का काम करता था। उसकी पत्नी गीता झा घर की पहली मंजिल पर ही बुटीक चलाती थी। तीनों बेटियां पढ़ाई कर रही थीं। बड़ी बेटी नंदनी पढ़ाई के साथ प्राइवेट जॉब भी करती थी। राहुल करीब तीन दिन पहले ही गुजरात से जयपुर लौटा था। तीन दिन पहले मांगे थे 50 हजार पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने बताया कि राहुल ने तीन दिन पहले उससे 50 हजार रुपए उधार मांगे थे। महिला के मुताबिक उसने राहुल को 25 हजार रुपए दिए थे। पुलिस अब परिवार की आर्थिक स्थिति और राहुल के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी जुटा रही है। छह साल पहले खरीदा था मकान परिवार जिस मकान में रहता था, उसे राहुल ने करीब छह साल पहले खरीदा था। इसी मकान की पहली मंजिल पर गीता बुटीक चलाती थीं। शुक्रवार को वारदात सामने आने के बाद घर के बाहर रिश्तेदारों और पड़ोसियों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने पूरे इलाके में घेराबंदी कर घर में किसी के प्रवेश पर रोक लगा दी। तीन दिन पहले साथ बैठकर खाया था खाना राहुल के भाई संजय कुमार झा और भतीजे राज ने बताया कि पति-पत्नी के बीच किसी विवाद की जानकारी उन्हें नहीं थी। उनके मुताबिक राहुल तीन दिन पहले ही घर आया था और उस दौरान परिवार के सभी लोगों ने साथ बैठकर खाना भी खाया था। उस समय किसी तरह का विवाद या तनाव महसूस नहीं हुआ था। अब हत्या की वजह और फरारी की जांच चार लोगों की हत्या के बाद राहुल के अचानक फरार होने से पुलिस की जांच उसके संभावित ठिकानों और हत्या के कारण पर केंद्रित है। पुलिस घर से मिले साक्ष्यों, परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ के आधार पर पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि राहुल ने अपनी पत्नी और तीन बेटियों की जान ले ली और फिर सुबह अपने पिता को चाय पिलाकर घर से निकल गया।  

बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर का असर, 15 सितंबर तक बारिश के आसार

जयपुर मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे प्रभाव दिखा रहा है। इसके चलते पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। राजस्थान में मानसून की बारिश का एक और दौर शुरू होने वाला है। गुरुवार को तेज धूप और बढ़ते तापमान से जहां प्रदेश में गर्मी फिर परेशान करने लगी, वहीं अब बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम ने मौसम का मिजाज बदलने के संकेत दे दिए हैं। इसके असर से शुक्रवार से राज्य में मानसून फिर एक्टिव होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 9 जिलों में आज बारिश का अलर्ट मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे प्रभाव दिखा रहा है। इसके चलते पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। 15 सितंबर तक बना रह सकता है बारिश का असर मौसम का यह बदलाव सिर्फ एक-दो दिन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में बारिश का दौर 15 सितंबर तक एक्टिव रह सकता है। खासतौर पर पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। यानी अभी आसमान पूरी तरह साफ रहने वाला नहीं है और अगले कुछ दिनों में मौसम बार-बार करवट ले सकता है। गुरुवार को बारिश गायब, धूप ने बढ़ाई गर्मी दिलचस्प बात यह है कि बारिश के अलर्ट से ठीक पहले गुरुवार को राजस्थान में मौसम काफी अलग नजर आया। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिनभर तेज धूप रही। बारिश का दौर थमने के साथ ही तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। 10 से ज्यादा शहरों में अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया। 40 डिग्री तक पहुंचा पारा गुरुवार को पिलानी में सबसे ज्यादा गर्मी रिकॉर्ड की गई। यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके बाद श्रीगंगानगर में भी गर्मी ने जोर दिखाया और अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में प्रदेश में एक तरफ 40 डिग्री तक पहुंचती गर्मी है, तो दूसरी तरफ अगले कुछ घंटों में बारिश की वापसी का अलर्ट है। 24 सितंबर तक गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं बारिश की संभावना के बावजूद मौसम विभाग ने अगले दो सप्ताह को लेकर एक और अहम संकेत दिया है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार 24 सितंबर तक प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। यानी बारिश के कुछ दौर भले ही तापमान को नीचे खींचें, लेकिन पूरे प्रदेश में लगातार ठंडक का दौर शुरू होने की उम्मीद अभी नहीं है। बारिश आएगी, लेकिन गर्मी भी बनी रहेगी मौसम का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि सितंबर में मानसून और गर्मी दोनों साथ-साथ अपना असर दिखा सकते हैं। दिन में तेज धूप के कारण तापमान बढ़ रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के चलते बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ने वाली हैं। ऐसे में कुछ इलाकों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आ सकती है, जबकि दूसरे हिस्सों में गर्मी का असर बरकरार रह सकता है। अब नजर अगले चार-पांच दिनों पर फिलहाल मौसम विभाग की नजर बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर सिस्टम और उसके राजस्थान पर पड़ने वाले असर पर है। शुक्रवार से बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बाद अगले कुछ दिनों में इसका दायरा और बढ़ सकता है। 15 सितंबर तक मानसून एक्टिव रहने की संभावना ने सितंबर के मौसम को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल राजस्थान में सवाल यही है कि 40 डिग्री तक पहुंचा पारा पहले नीचे आएगा या मानसून की बारिश कुछ इलाकों में गर्मी को और पीछे धकेलेगी।

RAS से IAS प्रमोशन पर 23 सितंबर को फैसला, 54 अधिकारियों में से 18 नामों पर लगेगी मुहर

जयपुर राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे और ब्यूरोक्रेसी में जल्द ही बड़ा बदलाव दिखने वाला है। दरअसल, राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के 18 वरिष्ठ अधिकारियों की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पदों पर पदोन्नति होने जा रही है। इस पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 23 सितंबर को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्य से भेजे गए 54 RAS अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता और गोपनीय रिपोर्ट पर गहन मंथन किया जाएगा। इस बैठक में शामिल होने के लिए राजस्थान के मुख्य सचिव, राज्य सरकार की ओर से नामित एक वरिष्ठ अधिकारी और कार्मिक विभाग के सचिव खुद दिल्ली पहुंचेंगे, जहां आयोग के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर अंतिम 18 नामों पर मोहर लगाई जाएगी। राजस्थान सरकार की ओर से 54 अधिकारियों के नामों की सूची पहले ही जुलाई के महीने में UPSC को भेजी जा चुकी है। इस सूची में मुख्य रूप से वर्ष 2001 बैच और उसके बाद के वरिष्ठ आरएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होते ही राज्य में नए आईएएस अधिकारियों की कमी दूर होगी और प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी। हालांकि, दूसरी तरफ गैर-प्रशासकीय सेवा (Non-RAS) से आईएएस बनने की प्रक्रिया पिछले 9 महीनों से अटकी हुई है, जिससे संबंधित विभागों के अधिकारियों में निराशा भी देखने को मिल रही है। नियमों के मुताबिक, जितने पदों पर प्रमोशन होना होता है, उससे तीन गुना अधिकारियों के नाम का पैनल UPSC को भेजा जाता है। राजस्थान सरकार ने 18 आईएएस पदों के सापेक्ष 54 वरिष्ठ आरएएस अफसरों का पूरा डोजियर संघ लोक सेवा आयोग को सौंप दिया था। इस पदोन्नति प्रक्रिया में साल 2001 बैच और उसके आसपास के बैच के अधिकारियों की किस्मत चमकने वाली है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे इन अधिकारियों का सेवा रिकॉर्ड साफ-सुथरा होने पर उन्हें आईएएस कैडर अलॉट कर दिया जाएगा। 23 की बैठक के बाद जल्द ही इसका नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। चयन समिति में कौन-कौन? दिल्ली स्थित संघ लोक सेवा आयोग के मुख्यालय में आयोजित होने वाली यह चयन समिति की बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। इस बैठक में जो अधिकारी भाग लेंगे, उनमें : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के प्रतिनिधि या सदस्य राज्य सरकार द्वारा मनोनीत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कार्मिक विभाग (DOP) राजस्थान के सचिव यह समिति 54 अधिकारियों के एपीआर (APR) और विजिलेंस क्लीयरेंस की जांच कर 18 योग्य अधिकारियों के नाम की सिफारिश करेगी। 9 महीने से अटका 4 IAS पदों पर प्रमोशन एक तरफ जहां RAS से IAS बनने की राह आसान हो गई है, वहीं गैर-प्रशासकीय सेवा के अधिकारियों का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। गैर-प्रशासकीय सेवा से आईएएस के 4 पदों पर पदोन्नति को लेकर यूपीएससी ने पिछले साल दिसंबर में ही मंथन पूरा कर लिया था। इसके बावजूद राज्य सरकार के स्तर पर अभी तक इस पर अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई है। राज्य के विभिन्न विभागों (जैसे शिक्षा, वाणिज्यिक कर, सहकारिता आदि) के 20 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम इन पदों के लिए विचाराधीन थे। सरकार के स्तर पर अंतिम फैसला न होने से 1 और पद पर होने वाली पदोन्नति की प्रक्रिया भी अधर में लटकी हुई है। IAS अधिकारियों की कमी होगी दूर राजस्थान में 18 नए आईएएस अधिकारियों के मिलने से राज्य सरकार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा संबल मिलेगा। पदोन्नत होने वाले इन अधिकारियों को राज्य के विभिन्न जिलों में कलेक्ट्रेट, संभागीय आयुक्त कार्यालयों या फिर राज्य स्तरीय विभागों में प्रबंध निदेशक और सचिव स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि राजस्थान में नए जिलों के गठन और विकास योजनाओं को गति देने के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों की आवश्यकता है। ऐसे में आरएएस से आईएएस बनने वाले इन अधिकारियों का लंबा मैदानी अनुभव राज्य सरकार के लिए बेहद फायदेमंद साबित

उत्तर प्रदेश में EV चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार, हाईवे और पेट्रोल पंपों पर लगेंगे 1000 स्टेशन

लखनऊ यूपी के राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे के साथ ही लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, जौनपुर, कानपुर देहात, नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ, अयोध्या जैसे जिलों में भी ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। इसके अलावा कई पेट्रोल पंप भी चिन्हित किए जा रहे हैं। इन ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या एक हजार होगी। सर्वे के बाद देखा जाएगा कि ईवी वाहनों का आवागमन कहां ज्यादा है। लोगों को चार्जिंग के लिए इंतजार करना पड़ता है। वहां ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में यूपी के ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गोरखपुर, नोएडा, लखनऊ सहित एक दर्जन जिलों में 238 ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं। यह जानकारी उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन डा. आशीष गोयल ने होटल ताज में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में गुरुवार को कही। उन्होंने कहा कि यूपी नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। चंद वर्षों पहले काफी नीचे पायदान पर था। वहीं शहरों के मामले में लखनऊ नंबर एक पर है। उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि यूपी में ट्रांसमिशन का नेटवर्क देश में सबसे अच्छा है, इसलिए नवीकरणीय ऊर्जा (आरइ) क्षेत्र में भविष्य अच्छा है। वहीं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि बिजली की कोई कमी प्रदेश में नहीं है। यूपी के आठ लाख घरों में नवीकरणीय ऊर्जा से बिजली बन रही है। यह संख्या बढ़ानी है और उत्तर प्रदेश के पौने चार करोड़ उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचाना है। तभी नेट जीरो का सपना वर्ष 2070 तक पूरा होगा। आज नवीकरणीय ऊर्जा (आरइ) एक बड़ा उद्योग हो गया है। ऊर्जा मंत्री नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े लोगों का आह्वान करते हुए दो से पांच नवंबर के बीच दिल्ली के भारत मंडपम में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत रिन्यूएबल एनर्जी सबमिट 2026 दिल्ली में होने जा रहा है। यहां नई तकनीक, निवेश, कुछ नया और प्रेरित करने वाला होगा। 2100 टल कूड़े से बिजली बनाने की योजना ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आज नवीकरणीय ऊर्जा ही ऐसा साधन है, जिससे हम ग्लोबल वार्मिंग से बाहर निकल रहे हैं। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के चेयरमैन डा. आशीष गोयल का नाम लेते हुए ऊर्जा मंत्री ने मजाक के लहजे में कहा कि कमरे में बैठकर कोयला जलाकर बिजली नहीं बनानी। हमें नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर देना है। लखनऊ से निकलने वाले प्रतिदिन 21 सौ टन कूड़े से बिजली बनाने की बात कही।  

जयपुर में नगर निगम चुनाव की वोटिंग शुरू, 723 प्रत्याशियों की किस्मत EVM में बंद; 14 सितंबर को नतीजे

जयपुर जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 का बिगुल पूरी तरह बज चुका है। आज 11 सितंबर को सुबह 7 बजे से जयपुर नगर निगम के दूसरे और अंतिम चरण के तहत वार्ड पार्षदों को चुनने के लिए वोटिंग प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गई है। 150 वार्डों में बने हजारों पोलिंग बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। सुबह की पारी से ही बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। प्रमुख हस्तियों से लेकर आम नागरिक तक अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए सुबह से ही कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। प्रशासन की तरफ से निष्पक्ष और सुरक्षित चुनाव कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, मतदान के शुरुआती एक घंटे में शहर के कुछ घने और संवेदनशील इलाकों से ईवीएम (EVM) में मामूली तकनीकी खराबी की शिकायतें सामने आईं, जिन्हें निर्वाचन विभाग की टीमों ने समय रहते त्वरित कार्रवाई करते हुए तुरंत बदल दिया। जयपुर की जनता आज जिन 723 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ईवीएम में बंद कर रही है, उनके भाग्य का अंतिम परिणाम 14 सितंबर 2026 को मतगणना के बाद सामने आएगा। 1. सुबह 7 बजे से मतदान, बूथों पर लंबी लाइनें जयपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी 150 वार्डों में सुबह 7 बजे से ही मतदान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सुबह के समय गर्मी कम होने के कारण वोटर्स समय से पहले ही अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचने लगे, जिससे कई मतदान केंद्रों पर अच्छी-खासी रौनक नजर आई। 2. प्रमुख नेताओं और दिग्गजों ने किया मतदान जयपुर के स्थानीय विधायकों और कई वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियों ने सुबह के पहले चरण में ही अपने-अपने निर्धारित पोलिंग बूथों पर पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किया। नेताओं ने स्याही लगी उंगली के साथ तस्वीरें साझा कर शहर की जनता से शत-प्रतिशत मतदान की अपील की। 3. कुछ बूथों पर ईवीएम में तकनीकी दिक्कत मतदान की शुरुआत में जयपुर के घने परकोटा (चारदीवारी) क्षेत्र और सांगानेर के कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में तकनीकी खामी की खबरें आईं। इसके कारण करीब 20 से 30 मिनट तक कुछ स्थानों पर मतदान बाधित रहा। 4. तुरंत एक्शन, रिजर्व EVM से वोटिंग जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक और तकनीकी टीमों ने शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया। सेक्टर में तैनात रिजर्व ईवीएम (EVM) और बैकअप टीमों को मौके पर भेजकर खराब मशीनों को तत्काल बदला गया और मतदान को सुचारू रूप से पुनः चालू कराया गया। 5. पोलिंग स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम जयपुर नगर निगम क्षेत्र में पारदर्शी चुनाव कराने के लिए कुल 2,256 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। अति-संवेदनशील और संवेदनशील बूथों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और कई जगहों पर वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। 6. 24.33 लाख से अधिक मतदाता इस दूसरे चरण के चुनाव में जयपुर के कुल 24 लाख 33 हजार 121 मतदाता पंजीकृत हैं, जो शहर की छोटी सरकार यानी नगर निगम के पार्षदों और बोर्ड का भविष्य तय कर रहे हैं। 7. 723 प्रत्याशियों के बीच कड़ा चुनावी मुकाबला जयपुर के 150 वार्डों में इस बार कुल 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है, लेकिन कई वार्डों में निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। 8. पहले चरण के 76.41% वोटिंग रिकॉर्ड को तोड़ने की उम्मीद राजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण (9 सितंबर 2026) में राज्यभर में 76.41% का बंपर वोटिंग प्रतिशत दर्ज हुआ था। इसी ट्रेंड को देखते हुए माना जा रहा है कि जयपुर में भी आज शाम 6 बजे तक भारी मतदान देखने को मिलेगा। 9. डिजिटल वोटर लिस्ट और हेल्पडेस्क सोशल मीडिया पर एक्टिव राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया पर डिजिटल वोटर लिस्ट, पोलिंग बूथ लोकेटर और अनिवार्य पहचान पत्रों से जुड़ी गाइडलाइंस लगातार साझा की जा रही हैं, ताकि वोटर्स को अपना नाम या बूथ खोजने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। 10. 14 सितंबर 2026 को आएंगे मतगणना के नतीजे आज शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद सभी ईवीएम मशीनों को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सील करके कड़ी सुरक्षा वाले स्ट्रॉन्ग रूम में भेजा जाएगा। आगामी 14 सितंबर 2026 को होने वाली मतगणना के साथ ही जयपुर नगर निगम के नए पार्षदों की अधिकृत घोषणा की जाएगी।

त्योहारों पर रेलवे का बड़ा फैसला, 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का बढ़ाया संचालन

 जयपुर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई कार्यों को अंजाम दिया है। अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए तीन जोड़ी ट्रेनों में अस्थायी रूप से डिब्बों की बढ़ोतरी की है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जयपुर-उदयपुर सिटी-जयपुर ट्रेन में जयपुर से 10 से 30 सितंबर तक और उदयपुर सिटी से 11 सितंबर से 1 अक्टूबर तक एक द्वितीय साधारण श्रेणी डिब्बे की अस्थायी बढ़ोतरी की जा रही है। इसी प्रकार, उदयपुर सिटी-असारवा-उदयपुर सिटी ट्रेन में भी उदयपुर सिटी से 10 से 30 सितंबर तक और असारवा से 11 सितंबर से 1 अक्टूबर तक एक द्वितीय साधारण श्रेणी डिब्बा, अजमेर-बांद्रा टर्मिनस-अजमेर ट्रेन में अजमेर से 12 से 26 सितंबर तक और असारवा से 13 से 27 सितंबर तक दो द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बों की अस्थायी बढ़ोतरी की जाएगी। रेलवे ने बढ़ाई संचालन अवधि, अक्टूबर-नवंबर तक चलेगी स्पेशल ट्रेनें आगामी त्योहारों पर अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए रेलवे ने पांच जोड़ी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनों की संचालन अवधि बढ़ाई है। इन ट्रेनों का संचालन अक्टूबर और नवंबर तक अलग-अलग अवधि में बढ़ाया गया है। हिसार-वलसाड-हिसार साप्ताहिक स्पेशल का हिसार से संचालन 14 अक्टूबर से 25 नवंबर तक और वलसाड से 15 अक्टूबर से 26 नवंबर तक, भगत की कोठी-बान्द्रा टर्मिनस-भगत की कोठी साप्ताहिक स्पेशल का भगत की कोठी से संचालन 3 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक और बान्द्रा टर्मिनस से 4 अक्टूबर से 1 नवंबर तक, बीकानेर-साईनगर शिर्डी-बीकानेर साप्ताहिक स्पेशल का बीकानेर से संचालन 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक और साईनगर शिर्डी से 4 अक्टूबर से 29 नवंबर तक, अजमेर-सोलापुर-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल का अजमेर से संचालन 7 अक्टूबर से 25 नवंबर तक और सोलापुर से 8 अक्टूबर से 26 नवंबर तक और मदार-पटना-मदार साप्ताहिक स्पेशल का मदार से संचालन 1 अक्टूबर से 26 नवंबर तक और पटना से 2 अक्टूबर से 27 नवंबर तक बढ़ाया गया है। पुरी स्टेशन पर दो ट्रेनों का समय में बदला पूर्व तटीय रेलवे की ओर से पुरी स्टेशन पर दो ट्रेनों के संचालन समय में आंशिक बदलाव किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार जोधपुर-पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस 14 सितंबर से पुरी स्टेशन पर सुबह 10 बजे के स्थान पर 10.45 बजे पहुंचेगी। अजमेर-पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस 17 सितंबर से पुरी स्टेशन पर दोपहर 2.40 बजे के स्थान पर 3.05 बजे पहुंचेगी।

किसानों के लिए कमाई का नया मौका, राजस्थान में एवोकाडो की खेती से 40 साल तक उत्पादन

जयपुर राजस्थान में एवोकाडो की खेती की शुरुआत हो रही है। राज्य में कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के तहत उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमन्द, प्रतापगढ़ एवं कोटा सहित करीब 12 जिलों में एवोकाडो की खेती शुरू की गई है। इसकी मांग साल दर साल बढ़ रही है। एवोकाडो को बटर फ्रूट भी कहा जाता है। इसमें हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। इसका बाजार भाव 200 से 500 रुपए प्रति किलो तक होता है। उन्नत किस्में हैस किस्म सबसे अधिक मांग वाली किस्म है, फल का रंग पकने पर गहरा बैंगनी या काला हो जाता है। विश्व में सबसे ज्यादा मांग इस किस्म की है। फुएटै राजस्थान के लिए उपयुक्त है। पिंकर्टन किस्म 46 डिग्री सेल्सियस भी सहन कर लेती है। इसमें 18 प्रतिशत ऑयल होता है। अर्का सुप्रीम एवं अर्का कुर्ग रवि ये आइसीएआर-आइआइएचआर की किस्मे हैं। आदर्श तापमान 20-30 डिग्री हैं। ये 45 डिग्री तापमान भी सहन कर लेती। दस अनुपात एक फीमेल और मेल पौधे लगाएं। (10 प्रतिशत) पोलीनेटर लगाएं। खेती की तैयारी-सिंचाई इसके पौधे बीज एवं ग्राटिंग दोनों से तैयार किए जाते हैं। बीज से उगाने पर ताजे पके हुए एवोकाडो का उपयोग करें। इसकी बुवाई मानसून के दौरान कर सकते हैं। एक बार लगाने के बाद 40 साल तक उत्पादन देते हैं। भूमि तैयारी खेत की 2 से 3 बार कल्टीवेटर से जुताई करें। फिर पाटा चलाकर खेत को समतल करें। उठी हुई क्यारियां बनाएं। खेती में सही पौध संख्या दूरी रखना जरूरी है, क्योंकि इससे पौधों को पर्याप्त धूप, हवा और पोषण मिलता है। पौधे से पौधे की दूरी 3.5 मीटर एवं लाइन से लाइन की दूरी 7 मीटर रखें। जलवायु-मिट्टी एवोकाडो एक उष्णकटिबंधीय फल है इसके लिए 20 से 30 डिग्री तापमान मध्यम गर्म और नमी वाला मौसम उपयुक्त रहता है। किस्म के हिसाब से इसकी खेती सभी राज्यों में कर सकते हैं। दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी रहती है जिसका पी.एच. 6 से 7.5 के बीच हो। खेत में पानी बिल्कुल जमा नहीं हो। खाद-उर्वरक मिट्टी की जांच करवाएं फिर उसके अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करें। सामान्यतः 20 किलो एफ. वाई. एम. एवं 100:50:50 ग्राम एनपीके प्रति वर्ष दें। उठी हुई क्यारियां बनाकर पौधे लगाएं, इससे खरपतवार प्रबंध हो जाता है। ड्रिप से पानी देना भी आसान रहता है। पौधे लगाने से पहले ड्रिप लगा दें। पहले 6 महीने पौधों की विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। एक पेड़ से 30-50 किलो तक उत्पादन थ्रिप्स-माइट्स के नियंत्रण के लिए नीम तेल 5 मिली प्रति लीटर पानी में मिला कर छिड़कें। जड़-सड़न होने पर ट्राइकोडर्मा या जैविक फफूंदनाशक का उपयोग करें। ग्राफ्टेड पौधे जल्दी उत्पादन देते हैं। एक पेड़ 30 से 50 किलो तक उत्पादन देता है। उत्पादन 3 साल बाद लें। फल गहरा हरा हो जाए तब तोड़ें। पत्ते-गुठलियां भी उपयोगी हैं। सुनील कुमार खोईवाल, कृषि अधिकारी, चित्तौड़गढ़

राशन कार्डधारकों के लिए जरूरी खबर: 180 दिन में ई-केवाईसी नहीं कराई तो नाम सूची से हटेगा

सुनेल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के लाभार्थियों को लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। अब एनएफएसए सूची में किसी लाभार्थी का नाम जुड़ने के बाद 90 दिन के भीतर ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में ई-केवाईसी नहीं कराने पर 91वें दिन लाभार्थी का नाम एनएफएसए सूची से स्वतः अस्थायी रूप से निलंबित हो जाएगा। इसके बाद भी निर्धारित अवधि में ई-केवाईसी नहीं कराने पर नाम स्थायी रूप से सूची से हटा दिया जाएगा। विभाग ने यह व्यवस्था लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने और अपात्र नामों को सूची से हटाने के उद्देश्य से लागू की है। 180 दिन में ई-केवाईसी नहीं तो स्थायी रूप से बाहर नई व्यवस्था के तहत नाम जुड़ने के बाद पहले 90 दिन ई-केवाईसी के लिए निर्धारित हैं। इस अवधि में केवाईसी नहीं कराने पर नाम अस्थायी रूप से निलंबित होगा। इसके बाद अगले 90 दिन में भी ई-केवाईसी नहीं कराने पर लाभार्थी का नाम एनएफएसए सूची से स्वतः स्थायी रूप से हटा दिया जाएगा। खास बात यह है कि यह प्रक्रिया परिवार के बजाय प्रत्येक लाभार्थी के स्तर पर लागू होगी। अपात्र परिवारों पर भी पहले निलंबन, फिर स्थायी कार्रवाई एनएफएसए सूची में शामिल कोई परिवार अपात्र पाया जाता है तो संबंधित जिला रसद अधिकारी उसे विभागीय पोर्टल पर अस्थायी रूप से निलंबित कर सकेंगे। निलंबन के बाद 90 दिन की अवधि में जांच के दौरान परिवार पात्र पाया जाता है तो उसे दोबारा सक्रिय किया जा सकेगा। वहीं 90 दिन की अवधि पूरी होने के बाद अपात्र परिवार का नाम स्वतः स्थायी रूप से सूची से हटा दिया जाएगा और उसे दोबारा शामिल नहीं किया जा सकेगा। निलंबित नाम सूची में दिखेगा, लेकिन राशन नहीं मिलेगा अस्थायी रूप से निलंबित लाभार्थी का नाम राशन डीलर की एनएफएसए सूची में दिखाई देता रहेगा, लेकिन उसे खाद्यान्न का वितरण नहीं किया जा सकेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अस्थायी निलंबन और स्थायी रूप से नाम हटाने की पूरी प्रक्रिया स्वचालित होगी और इसमें किसी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। अतिरिक्त खाद्य आयुक्त पूनम प्रसाद सागर के आदेश के अनुसार यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। छह माह से राशन नहीं उठाया तो भी होगी कार्रवाई भारत सरकार की 22 जुलाई 2025 की अधिसूचना की पालना में छह माह से खाद्यान्न का उठाव नहीं करने वाले लाभार्थी परिवार भी इस व्यवस्था के दायरे में रहेंगे। छह माह की अवधि पूरी होने के बाद ऐसे परिवारों का नाम स्वतः अस्थायी रूप से निलंबित होगा और संदेश के जरिए सूचना दी जाएगी। इसके बाद 90 दिनों में जिला रसद अधिकारी जांच कर सकते हैं। परिवार स्वयं भी सूची में फिर से सक्रिय होने के लिए आवेदन कर सकता है। लेकिन 90 दिन की अवधि पूरी होने के बाद नाम स्वतः स्थायी रूप से हटा दिया जाएगा। ई-केवाईसी कराई तो 24 घंटे में फिर सक्रिय होगा नाम प्रवर्तन अधिकारी गोविन्द देथा ने बताया कि विभाग के आदेश के अनुसार 90 दिन की अवधि पूरी होने के बाद अस्थायी रूप से निलंबित लाभार्थी के पास ई-केवाईसी करवाने का एक और अवसर रहेगा। यदि वह आगामी 90 दिनों के भीतर राशन डीलर के पास जाकर ई-केवाईसी पूरी करवा लेता है तो 24 घंटे के भीतर उसका नाम एनएफएसए सूची में स्वतः फिर सक्रिय हो जाएगा। नाम अस्थायी रूप से निलोंबत होने और दोबारा सक्रिय होने की सूचना दी जाएगी।  

डूंगरपुर में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा, वाशिंग मशीनों के पीछे छिपे मिले 395 कार्टन

डूंगरपुर राजस्थान-गुजरात सीमा पर पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 लाख रुपए की अंग्रेजी शराब बरामद की है। तस्कर शराब को वाशिंग मशीनों की आड़ में कंटेनर के जरिए गुजरात ले जाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने रतनपुर चौकी पर नाकाबंदी के दौरान कंटेनर को जब्त करते हुए चालक को गिरफ्तार कर लिया। कंटेनर से अंग्रेजी शराब के कुल 395 कार्टन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने ऑपरेशन स्वच्छता के तहत की। नगर निकाय चुनावों को देखते हुए जिले में पुलिस की ओर से संदिग्ध वाहनों और अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है। इसी दौरान पुलिस को रतनपुर बॉर्डर के रास्ते अवैध शराब की खेप गुजरने की सूचना मिली थी। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई बिछीवाड़ा थानाधिकारी देवेंद्र सिंह देवल के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रतनपुर चौकी पर नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान उदयपुर की तरफ से गुजरात की ओर जा रहे एक बंद बॉडी कंटेनर ट्रक को पुलिस ने रुकवाकर उसकी जांच की। पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान भीलवाड़ा निवासी त्रिलोक सिंह के रूप में बताई। वाशिंग मशीनों के पीछे रखी थी शराब चालक ने पुलिस को बताया कि कंटेनर में वाशिंग मशीनें भरी हुई हैं। हालांकि, पुलिस द्वारा सामान से संबंधित बिल और बिल्टी मांगे जाने पर वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर पुलिस को संदेह हुआ और कंटेनर की गहन तलाशी ली गई। 395 कार्टन शराब पकड़ी गई तलाशी के दौरान कंटेनर में वाशिंग मशीनों के पीछे और उनकी आड़ में शराब के कार्टन छिपाकर रखे हुए मिले। पुलिस ने कंटेनर से सभी कार्टन बाहर निकलवाकर उनकी गिनती कराई। जांच में कुल 395 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक बरामद शराब की बाजार कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने शराब की खेप और कंटेनर को जब्त कर लिया है। साथ ही चालक त्रिलोक सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे गुजरात में किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। पुलिस मामले में तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर शराब तस्करी से जुड़े कनेक्शन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

राजस्थान संपर्क पोर्टल पर गाली-गलौज का मामला, PM मोदी-CM भजनलाल के खिलाफ अपशब्दों पर केस

  बांसवाड़ा बांसवाड़ा जिले में राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ गाली-गलौज और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने युवक के खिलाफ राजतालाब थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। बता दें कि राजतालाब थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, अंबिका कॉलोनी निवासी प्रतीक नाम के युवक ने 7 सितंबर को राजस्थान संपर्क पोर्टल के 181 नंबर पर दो बार शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बिजली कटौती को लेकर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ अभद्र भाषा और अपशब्दों का प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है। नगर परिषद आयुक्त ने ली शिकायत की जानकारी मामला सामने आने के बाद नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने शिकायत की जानकारी ली। जांच में सामने आया कि युवक प्रतीक बिजली की समस्या से आहत था। हालांकि, शिकायत में अपनी समस्या रखने के दौरान उसने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ अमर्यादित शब्दों और अपशब्दों का इस्तेमाल किया। राजतालाब थाने में युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज इसके बाद बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त ने मामले को लेकर राजतालाब थाने में युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामला राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायत से जुड़ा है। गौरतलब है कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लोग अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाते हैं। इस मामले में बिजली कटौती की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन शिकायत में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया।