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मरुधरा में पश्चिमी विक्षोभ का असर, जैसलमेर से डीडवाना तक ओलों की सफेद चादर

जयपुर राजस्थान में एक बार फिर से मौसम ने अचानक करवट ले ली। शुक्रवार को प्रदेश के पश्चिमी व मध्य इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया। जैसलमेर, नागौर, सीकर, डीडवाना और जालोर सहित कई जिलों में कहीं मूसलाधार तो कहीं हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को एकदम खुशनुमा बना दिया। तेज हवाओं और बारिश ने प्रदेश के तापमान में गिरावट ला दी और फिलहाल लू का असर पूरी तरह खत्म हो गया है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 3 अप्रैल को 8 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। सबसे ज़्यादा चौंकाने वाला नजारा जैसलमेर जिले में देखने को मिला,  जहां ग्रामीण इलाकों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि भी हुई। जिले के पिथोडाई गांव में सुबह साढ़े सात से आठ बजे के बीच करीब 15 मिनट तक जोरदार ओले गिरे। ओलों की सफेद चादर बिछते ही तापमान तेज़ी से लुढ़क गया। वहीं, डीडवाना में सुबह साढ़े पांच से छह बजे के बीच तेज बारिश हुई जिसने ठंडी हवाओं के साथ मिलकर लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दिलाई। जालोर में भी बादलों ने सुबह से डेरा जमाया और रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। क्यों बदला मौसम का मिजाज? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से यह बदलाव आया है। इस सिस्टम के असर से अरब सागर की नमी राजस्थान तक पहुंच रही है, जिससे बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। अप्रैल का पहला सिस्टम गुरुवार से ही सक्रिय हो चुका था और इसका असर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में साफ नज़र आया। कई जगहों पर तूफानी बारिश के साथ ओले भी गिरे। उमस से मिली राहत मौसम विभाग के मुताबिक, 4 अप्रैल के बाद यह सिस्टम कमजोर पड़ सकता है, लेकिन राहत ज्यादा देर टिकने वाली नहीं है। 6 अप्रैल की शाम से एक और मजबूत सिस्टम दस्तक देगा। जिसके चलते 7 और 8 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका जताई जा रही है। साथ ही विभाग ने यह भी चेताया है कि इस सिस्टम के गुजरने के बाद 10 अप्रैल तक हीटवेव की वापसी हो सकती है।  

राजस्थान में जून तक खाद का पर्याप्त स्टॉक, खरीफ सीजन में मांग बढ़ने से पैदा हो सकती है चुनौती

जयपुर खाड़ी देशों में जारी युद्ध का असर अब भारत की खेती पर दिखने की आशंका है. खरीफ सीज़न से ठीक पहले फर्टिलाइजर सप्लाई प्रभावित होने की संभावना है. जिससे जुलाई-अगस्त में मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा गैप बनने का खतरा है. अभी क्यों है राहत की स्थिति? फिलहाल राहत की बात यह है कि अप्रैल से जून तक स्थिति नियंत्रण में है. राजस्थान सरकार के मुताबिक, इन महीनों में राज्य को करीब 6.15 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की जरूरत है, जबकि उपलब्ध स्टॉक 7.46 लाख मीट्रिक टन है, यानी मांग से ज्यादा. चूंकि इस दौरान खपत भी कम रहती है, इसलिए तत्काल संकट की स्थिति नहीं है. अप्रैल से जून के बीच फर्टिलाइजर की खपत सामान्य तौर पर कम रहती है. यही वजह है कि मौजूदा स्टॉक पर्याप्त माना जा रहा है. • जरूरत (अप्रैल–जून 2026): 6.15 लाख मीट्रिक टन • उपलब्ध स्टॉक: 7.46 लाख मीट्रिक टन यानी राज्य के पास जरूरत से ज्यादा उर्वरक मौजूद होने की वजह से फिलहाल किसी संकट की आशंका नहीं है. उर्वरकों के प्रबंधन के लिए कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि 01.04.2026 को राजस्थान में उपलब्ध उर्वरकों का स्टॉक पर्याप्त है. राज्य में किस खाद का कितना स्टॉक? 1 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध प्रमुख उर्वरकों का ब्रेकअप     यूरिया: 3.89 लाख मीट्रिक टन     डीएपी: 81 हजार मीट्रिक टन     एनपीके: 68 हजार मीट्रिक टन     एसएसपी: 2.08 लाख मीट्रिक टन ये स्टॉक मुख्य रूप से खुदरा विक्रेताओं, सहकारी समितियों और थोक भंडारों में मौजूद है. जून के बाद असली चुनौती, बढ़ेगी मांग असली चुनौती जून के बाद शुरू होती है. खरीफ सीजन के चलते जुलाई और अगस्त में उर्वरकों की मांग तेजी से बढ़कर करीब 10 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचने का अनुमान है. वैश्विक हालात के कारण सप्लाई चेन प्रभावित रही तो यही बढ़ी हुई मांग संकट का रूप ले सकती है. जुलाई और अगस्त में खरीफ सीजन के चलते खाद की मांग अचानक बढ़ जाती है.  यानी कुछ ही महीनों में मांग में तेज उछाल आता है, जो सप्लाई पर दबाव बनाता है. संकट का खतरा क्यों? • खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध से इंपोर्ट सप्लाई प्रभावित होने की आशंका • अचानक बढ़ती खरीफ मांग • लॉजिस्टिक्स और डिस्ट्रीब्यूशन पर दबाव इन तीनों के चलते जून के बाद गैप बढ़ सकता है और यही संभावित संकट की वजह है. सरकार की रणनीति क्या है? इसी संभावित दबाव को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें पहले से अलर्ट मोड में हैं. राज्य में उपलब्ध स्टॉक का फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जा रहा है, ताकि कहीं जमाखोरी या गड़बड़ी न हो. उर्वरक वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए पीओएस मशीन के जरिए बिक्री अनिवार्य की गई है. साथ ही, कालाबाजारी और तस्करी रोकने के लिए राजस्थान की सीमाओं पर चेकपोस्ट लगाने का फैसला किया गया है. संभावित संकट से निपटने के लिए केंद्र और राज्य ने क्या कदम उठाए? • 15 दिन का स्टॉक वेरिफिकेशन अभियान • पीओएस मशीन से खाद वितरण अनिवार्य • कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती • बॉर्डर चेकपोस्ट (गुजरात, एमपी, यूपी, हरियाणा) • 29 मार्च–30 अप्रैल तक विशेष निगरानी अभियान राज्य में वर्तमान स्टॉक की बात करें तो यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी पर्याप्त मात्रा में खुदरा और थोक विक्रेताओं के पास मौजूद है. जिससे जून तक सप्लाई सामान्य रहने की उम्मीद है.   केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हालात की गंभीरता को देखते हुए सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ बैठक की और साफ किया कि 'हमने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि अगले 15 दिनों तक फर्टिलाइजर के फिजिकल स्टॉक का वेरिफिकेशन करें, ताकि कहीं भी कमी या गड़बड़ी की स्थिति न बने. उन्होंने यह भी कहा कि खाद की कालाबाजारी और डायवर्जन को रोकना हमारी प्राथमिकता है. हर स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है, ताकि किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके.' यानी फिलहाल स्थिति संभली हुई है, लेकिन असली परीक्षा जुलाई-अगस्त में होगी. जब बढ़ती मांग, ग्लोबल सप्लाई दबाव और लॉजिस्टिक्स मिलकर फर्टिलाइजर सिस्टम की क्षमता को परखेंगे.

5 और 6 अप्रैल को होगी एसआई भर्ती परीक्षा, राजस्थान में डमी कैंडिडेट और नकल माफियाओं पर कसता शिकंजा

जयपुर  राजस्थान लोक सेवा आयोग आगामी 5 व 6 अप्रैल को उप-निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 कराने जा रही है। इस परीक्षा के लिए विशेष सुरक्षा के व्यवस्था की जाएगी। राजस्थान लोक सेवा आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के तहत अब परीक्षा में किसी भी प्रकार की जालसाजी, पेपर लीक या नकल की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी। परीक्षा के लिए प्राधिकृत व्यक्ति या कर्मचारी द्वारा समय से पूर्व प्रश्न पत्र खोलना, गोपनीय सूचना साझा करना या ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध है। पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। परीक्षा केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से लैस महिला व पुरूष कर्मी तैनात रहेंगे। रामनिवास मेहता ने बताया कि विशेष बात यह है कि इस कानून के तहत किए गए अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौता योग्य हैं। परीक्षा की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को पुलिस प्रशासन द्वारा बख्शा नहीं जाएगा और उसे कठोरतम कानूनी परिणामों का सामना करना होगा। मेहता ने बताया कि नए नियमों के अनुसार, यदि कोई भी व्यक्ति परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करता है, प्रश्न पत्र लीक करने का षड्यंत्र रचता है या किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा (डमी कैंडिडेट) देता है, तो वह इस कानून के दायरे में होगा। इस अधिनियम के तहत अपराध करने वालों को न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। आर्थिक दंड के रूप में दोषियों पर 10 लाख रुपए से लेकर 10 करोड़ रुपए तक का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इसके साथ ही अपराध में शामिल लोगों से पूरी परीक्षा का खर्च भी वसूला जाएगा और अपराध से अर्जित की गई उनकी संपत्ति की कुर्की व जब्ती भी की जाएगी। 41 शहरों के 1174 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा मेहता ने बताया कि उक्त परीक्षा का आयोजन राज्य के 26 जिला मुख्यालयों व 15 उपखंड मुख्यालयों पर कुल 41 शहरों के 1174 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा, जिसमें कुल 7 लाख 70 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। ब्लूटूथ से नकल पर नकेल, आरोपियों पर भी नजर पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा ब्लूटृूथ तकनीक पर किए गए सघन शोध के परिणामस्वरूप अब ऐसे आपराधिक तत्व भी निगरानी में हैं। रिसर्च के माध्यम से विकसित तकनीक एवं कौशल के परिणाम स्वरूप परीक्षा केन्द्रों पर जांच के दौरान सूक्ष्म से सूक्ष्म ब्लूटूथ डिवाइस को आसानी से पहचाना जाकर अपराधियों के के कुत्सित प्रयासों को रोका जा सकेगा। रियल टाइम डेट एवं स्टैम्प के साथ होगी वीडियोग्राफी अब परीक्षा केंद्रों पर होने वाली वीडियोग्राफी सामान्य न होकर पूरी तरह डिजिटल सुरक्षा मानकों से लैस होगी। इस नई व्यवस्था के तहत हर केंद्र पर होने वाली रिकॉर्डिंग में रियल टाइम डेट और टाइम स्टैम्प का होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया के दौरान होने वाली हर गतिविधि का सटीक समय और तारीख वीडियो फुटेज पर ही अंकित रहेगी, जिससे बाद में किसी भी स्तर पर साक्ष्य सिद्ध हो जाएगा। ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन अनिवार्य निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार, परीक्षार्थियों को ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन करना होगा। पुरुष अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन के शर्ट, टी-शर्ट या कुर्ता और पेंट-पायजामा के साथ हवाई चप्पल या स्लीपर पहनकर आने की अनुमति होगी। वहीं, महिला अभ्यर्थी सलवार सूट या साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता या ब्लाउज और साधारण रबर बैंड लगाकर आ सकेंगी। सुरक्षा जांच में सहयोग के उद्देश्य से जूते और पूरी आस्तीन के कपड़े पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। जांच के दौरान किसी भी प्रकार के आभूषण, घड़ी, चश्मा, बेल्ट, हैंडबैग, हेयर पिन, ताबीज, टोपी और स्कार्फ जैसे सामान पहनकर केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सिख धर्म के अभ्यर्थियों को कड़ा, कृपाण और पगड़ी जैसे धार्मिक प्रतीकों के साथ प्रवेश की अनुमति रहेगी, हालांकि सुरक्षा जांच के दौरान यदि कोई अन्य संदिग्ध वस्तु पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। गहन फ्रिस्किंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अभ्यर्थी केंद्र के भीतर आपत्तिजनक सामग्री या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस न ले जा सके। समस्त साइबर कैफे व ई-मित्र रहेंगे बंद परीक्षा केंद्रों की परिधि में पूर्ण अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में स्थित साइबर कैफे एवं ई-मित्र केंद्रों को परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखा जाएगा। परीक्षा परिसर में किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा। आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में गठित विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड और पर्यवेक्षी अधिकारी निरंतर केंद्रों का निरीक्षण करेंगे ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर शिथिलता न रहे। सतर्कता दलों की पैनी नजर और प्रपत्रों का डिजिटल सरलीकरण परीक्षा के दौरान सुरक्षा और नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए विजिलेंस टीम को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। अब परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व और समाप्ति के बाद सतर्कता दल इस बात की गहनता से पड़ताल करेंगे कि केंद्रों पर नियुक्त केंद्राधीक्षक, वीक्षक और अन्य कार्मिक आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन कर रहे हैं या नहीं।

जयपुर की सब्जी मंडी का हाल, लहसुन और नींबू हुए महंगे, हरी मिर्च और टमाटर के भाव गिरे

जयपुर  राजधानी जयपुर स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी सब्जी मंडी मुहाना थोक सब्जी मंडी में आज नींबू और कैरी महंगे बिके। आज नींबू के दाम थोक मंडी में 110 से 115 रुपए के बीच बोले गए। वहीं कैरी के दाम भी आज थोक में 40 से 48 रुपए के बीच बोले गए। इनके अलावा ​भिंडी के दाम आज भी महंगे रहे। आज ​भिंडी के दाम भी 35 से 50 रुपए के बीच रहे। वहीं आज बारीक हरी मिर्ची के दामों में और गिरावट आई। आज बारीक हरी मिर्ची के दाम 25 से 28 रुपए के बीच रहे। वहीं मोटी हरी मिर्ची के दाम आज 10 से 18 रुपए के बीच रहे। वहीं टमाटर भी इन दिनों सस्ता बिक रहा है। आज मंडी में हाइब्रिड टमाटर थोक में 12 से 14 रुपए के बीच तो देसी टमाटर के दाम आज 6 से 10 रुपए के बीच रहे। इनके अलावा अन्य स​ब्जियों फूल गोभी, पत्ता गोभी, मटर, करेला ​शिमला मिर्च, ग्वार फली, बैंगन, कद्दू,​ खीरा, गाजर और टिंडा के दाम आज सामान्य बने रहे। दूसरी ओर मुहाना मंडी स्थित आलू प्याज मंडी में आज भी आलू-प्याज के दाम नीचे रहे। आज थोक मंडी में आलू के दाम 4 से 8 रुपए के बीच तो प्याज के दाम 7 से 16 रुपए के बीच रहे। आज थोक मंडी में लहसुन महंगा बिका। आज लहसुन के दाम 25 से 110 रुपए के बीच रहे। मुहाना थोक मंडी में आज सब्जियों के दाम इस प्रकार रहे। मुहाना मंडी आज के सब्जी भाव टमाटर हाइब्रिड 12 से 14 रुपए बारीक मिर्च 25 से 28 रुपए शिमला मिर्च 25 से 28 रुपए खीरा पॉलीहाउस 5 से 10 रुपए

अन्नदाता पर दोहरी मार, पश्चिमी विक्षोभ के चलते राजस्थान में भारी बारिश की चेतावनी और फसलों पर संकट

जयपुर राजस्थान के आसमान में एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दरअसल, प्रदेश में अगले दो दिनों के भीतर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है, जिससे जयपुर, अजमेर और बीकानेर समेत कई संभागों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। आज दोपहर से ही बदलेगा मिजाज मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस नए वेदर सिस्टम का असर आज यानी 2 अप्रैल की दोपहर के बाद से ही नजर आने लगेगा। इसस जैसलमेर, बाड़मेर और फलोदी जैसे रेतीले इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हो सकती है। गौरतलब है कि अप्रैल का पूरा पहला हफ्ता भीगने वाला है, क्योंकि 7-8 अप्रैल को एक और सिस्टम एक्टिव होने की लाइन में लगा है। इन जिलों में मचेगा सबसे ज्यादा असर प्रदेश के कई संभागों में प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने बताया है कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। जोधपुर और बीकानेर संभाग में धूल भरी आंधी और गरज-चमक का सबसे ज्यादा असर दिखेगा। जयपुर और अजमेर में अचानक बादल छाने और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। साथ ही भरतपुर और कोटा के इलाकों में भी मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है। अन्नदाता पर दोहरी मार एक तरफ जहां शहर के लोगों को तपती गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। खेतों में रबी की फसल पककर तैयार है, ऐसे में ओले और बारिश फसल को तबाह कर सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने, मंडियों में खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढंकने के इंतजाम पुख्ता रखें। खेतों में सिंचाई रोक दें और जल निकासी का प्रबंध रखें। पिछले 24 घंटों का हाल बता दें कि बीते 24 घंटों में भी राजस्थान के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की गई है। जयपुर के सांभर इलाके में सबसे ज्यादा 34mm बारिश हुई है, जबकि श्रीगंगानगर के करनपुर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखा।

बीकानेर पहुंचे डीजीपी राजीव शर्मा, जवानों का बढ़ाया मनोबल और अधिकारियों के साथ की अपराध समीक्षा

बीकानेर राजस्थान के डीजीपी राजीव शर्मा ने बीकानेर पुलिस लाइन का निरीक्षण किया और नए बैरकों का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने उद्घाटन का फीता खुद न काटकर कांस्टेबल्स से कटवाकर पुलिसवालों का मनोबल बढ़ाया। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा गुरुवार को बीकानेर पुलिस लाइन पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सलामी के बाद उन्होंने पुलिस लाइन का निरीक्षण किया और नए बैरकों का उद्घाटन किया। ये भी पढ़ें कांस्टेबल्स से कटवाया फीता इस दौरान डीजीपी ने एक संवेदनशील पहल करते हुए उद्घाटन का फीता दो कांस्टेबल दौलत और प्रेमसिंह से कटवाया, जो पूरे कार्यक्रम में चर्चा का विषय बन गया। उनके इस कदम को पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाने वाला माना जा रहा है। दौरे के दौरान आईजी ओमप्रकाश और जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारी एक्टिव मोड में नजर आए। बीकानेर रेंज के अफसरों के साथ बैठक करेंगे DGP डीजीपी आज बीकानेर रेंज के चारों जिलों के एसपी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम अपराध समीक्षा बैठक लेंगे। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, गैंगस्टर नेटवर्क पर लगाम, साइबर क्राइम और महिला सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। डीजीपी ने क्या कहा? डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के तहत खासतौर पर सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत करने और अपराधियों में भय स्थापित करने पर फोकस रहेगा। साथ ही पुलिसिंग के आधुनिकीकरण को लेकर भी महत्वपूर्ण रणनीति तैयार की जाएगी।

Pink Elephant शूट बना विवाद: जयपुर में रूसी फोटोग्राफर पर फूटा लोगों का गुस्सा

जयपुर. राजस्थान के जयपुर में हुए एक फोटोशूट को लेकर सोशल मीडिया पर हंगाम देखने को मिल रहा है। जहां एक विदेशी फोटोग्राफर ने एक हाथी को चमकीले गुलाबी रंग से रंग दिया, जिसकी तस्वीरें वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी आलोचना की और इसे पशु क्रूरता बताया। दरअसल, रूस की फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा ने जयपुर में फोटोशूट किया। इसमें एक मॉडल के साथ एक गुलाबी रंग का हाथी नजर आ रहा है। यह तस्वीरें नवंबर 2025 की बताई जा रही हैं, जो सोशल मीडिया पर तीसरी बार वायरल होने के बाद वन्यजीव प्रेमियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने रचनात्मक कार्यों में जानवरों के वस्तुकरण पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कई यूजर्स इसे पशु क्रूरता बता रहे हैं। जानिए पूरा मामला बुरुलेवा ने सबसे पहले 27 दिसंबर, 2025 को इंस्टाग्राम पर गुलाबी हाथी वाली पोस्ट शेयर की थी। बाद में 18 फरवरी को एक पोस्ट में उन्होंने सफाई देते हुए कहा, "जो कोई भी हाथी को लेकर चिंतित है- हमने ऑर्गेनिक, स्थानीय रूप से बना पेंट इस्तेमाल किया था, ठीक वैसा ही जैसा स्थानीय लोग त्योहारों के लिए इस्तेमाल करते हैं, इसलिए यह जानवर के लिए पूरी तरह से सुरक्षित था।” फोटोग्राफी के तुरंत बाद हटा दिए गए थे रंग सोमवार को, आमेर के हाथी गांव के सदस्यों ने कहा कि केवल हर्बल रंगों का इस्तेमाल किया गया था और शूट के 30 मिनट के भीतर ही हाथी को साफ कर दिया गया था, ताकि उसे किसी भी तरह की परेशानी न हो। हालांकि, कई लोगों ने ऑनलाइन इस फोटोशूट की निंदा की। फिल्म निर्माता आकाश प्रभाकर ने टिप्पणी की- "… हाथी कोई कैनवस नहीं है… यह एक जंगली जानवर है जिसका इस्तेमाल सिर्फ खूबसूरती बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।"

महंगाई का डबल झटका, कमर्शियल गैस अब 2106 रुपये के पार, होटल और रेस्तरां का बिगड़ा बजट

जयपुर जयपुर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को महंगाई का बड़ा झटका दिया है। हाल ही में हुई नवीनतम बढ़ोतरी के बाद 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1911 रुपये से बढ़कर 2106 रुपये हो गई है जयपुर में कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा; 25 दिन में 309 रुपए तक बढ़ा दाम जयपुर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को महंगाई का बड़ा झटका दिया है। हाल ही में हुई नवीनतम बढ़ोतरी के बाद 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1911 रुपये से बढ़कर 2106 रुपये हो गई है, यानी 195 रुपये की ताजा वृद्धि दर्ज की गई है। 25 दिन में कुल 309 रुपये का इजाफा पिछले 25 दिनों में यह सिलेंडर कुल 309 रुपये महंगा हो चुका है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई चेन की चुनौतियां और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बताए जा रहे हैं। जनवरी 2026 से अब तक सिलेंडर की कीमतों में लगातार छोटे-बड़े बदलाव आए हैं, जिससे व्यापारियों और छोटे खाद्य व्यवसायों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। होटल और रेस्तरां प्रभावित मार्च की शुरुआत से ही कई बार दामों में संशोधन किया गया। होटल, ढाबे, रेस्तरां और कैटरिंग कारोबार संचालकों ने बताया कि यह बढ़ी हुई लागत अब उन्हें अपने ग्राहकों पर डालनी पड़ रही है, जिससे खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में इजाफा हो रहा है। मार्च में हुई पिछली बढ़ोतरी विशेष रूप से 7 मार्च 2026 को तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 114 रुपये की वृद्धि की थी। उस समय 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 1796.50 रुपये से बढ़कर 1911 रुपये हो गई थी। यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में तनाव और हार्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी सप्लाई चिंताओं के बीच आई थी। घरेलू सिलेंडर पर फिलहाल राहत घरेलू सिलेंडर पर भी उसी दिन 60 रुपये का इजाफा हुआ था, लेकिन बाद में घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर रही। फिलहाल 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 916 रुपये पर यथावत है, जो सब्सिडी वाले और गैर-सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं के लिए कुछ राहत दे रही है। व्यापारी और हलवाई प्रभावित हालिया 195 रुपये की बढ़ोतरी के बाद व्यापारियों का कहना है कि प्लांट से खरीद मूल्य भी बढ़ गया है, जिससे उनका मार्जिन कम हो गया है। छोटे व्यापारियों और हलवाईयों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। खासकर त्योहारों या सीजन के समय में जब मांग बढ़ जाती है, स्थिति और जटिल हो जाती है। कुछ लोग अब कोयला या अन्य विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन इससे स्वास्थ्य और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। उपलब्धता पर संकट जयपुर समेत राजस्थान के कई इलाकों में कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता भी संकटग्रस्त है। बाजार में सिलेंडर आसानी से नहीं मिल रहे हैं, और कुछ जगहों पर रिपोर्ट्स के अनुसार, आधिकारिक कीमत 1911 रुपये होने के बावजूद ब्लैक मार्केट में 2500 रुपये तक मांग की जा रही थी। भविष्य की चुनौतियां विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और तेल की कीमतों में अस्थिरता लंबे समय तक बनी रह सकती है। ऐसे में व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के लिए यह बढ़ती लागत एक स्थायी चुनौती बन सकती है। जबकि घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए फिलहाल कुछ राहत है, लेकिन भविष्य में वैश्विक तेल बाजार में कोई बड़ा बदलाव घरेलू दामों पर भी असर डाल सकता है। महंगाई का सीधा असर व्यापारी और उपभोक्ता दोनों ही इस बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। होटल और रेस्तरां संचालकों ने कहा कि अब हर चीज की कीमत पर नजर रखनी पड़ रही है और ग्राहकों को सही दाम में सेवा देने के लिए उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। छोटे व्यवसाय इस बढ़ी हुई लागत को अपने ग्राहकों पर डालने को मजबूर हैं, जिससे दैनिक जीवन में महंगाई का असर सीधे दिखाई दे रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं को मिली कुछ राहत विशेषज्ञों की राय है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई चेन के स्थायित्व पर निर्भर करता है कि भविष्य में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें कितनी बढ़ेंगी। फिलहाल जयपुर और राजस्थान के व्यावसायिक उपभोक्ता पूरी तरह इस महंगाई की मार झेल रहे हैं, जबकि घरेलू उपभोक्ता केवल फिलहाल थोड़ी राहत में हैं।

गैस के लिए मारामारी, भूखे-प्यासे लाइन में खड़े ऑटो चालक, थमने लगी अजमेर की रफ्तार

अजमेर राजस्थान के अजमेर शहर में एलपीजी गैस की कमी चिंता का विषय बन गई है। वैशाली नगर स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर मंगलवार की सुबह ऑटो चालकों की करीब एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। सुबह छह बजे से ही वाहन चालक अपने टेंपो लेकर गैस भरवाने के लिए कतार में खड़े नजर आए, और दिन बढ़ने के साथ यह लाइन और लंबी होती चली गई। एक पंप पर पूरे शहर की निर्भरता ऑटो चालकों ने बताया कि अजमेर में एलपीजी गैस भरवाने के लिए पूरे शहर में केवल एक ही पंप है। इस वजह से शहर के तमाम ऑटो चालकों को एक ही जगह पर निर्भर रहना पड़ता है। रोजाना घंटों लाइन में खड़े रहने से न सिर्फ उनका समय बर्बाद होता है, बल्कि दिनभर की कमाई पर भी सीधा असर पड़ता है। कई चालकों ने बताया कि सुबह से भूखे-प्यासे लाइन में खड़े रहना उनकी मजबूरी बन गई है। अतिरिक्त पंप की मांग स्थानीय लोगों और ऑटो चालकों ने एकमत होकर मांग की है कि शहर में एक और एलपीजी पंप खोला जाए। चालकों ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द अजमेर में अतिरिक्त एलपीजी पंप की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें रोजाना इस तरह की मुसीबत का सामना न करना पड़े। फिलहाल, एलपीजी संकट का असर शहर की परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है।  

किसानों पर कुदरत का कहर, जयपुर समेत 20 जिलों में बारिश की चेतावनी, कटाई के समय भीग गया अन्नदाता का सोना

जयपुर राजस्थान के किसानों को मौसम की जबरदस्त मार झेलनी पड़ रही है। मार्च के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश और ओलावृष्टि से प्रदेश में सरसों, जीरा और ईसबगोल की फसल में भारी खराबा देखने को मिला है।  मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार राजस्थान में मौसम का बदला हुआ मिजाज बुधवार एक अप्रेल को भी जारी रहने की संभावना है। विभाग ने आज दो जिलों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है। राजधानी जयपुर और आसपास के इलाकों में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी 2 अप्रैल से एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से प्रदेश में फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मंगलवार को पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। पिछले 24 घंटों में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर और टोंक समेत 10 से अधिक जिलों में दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। सुबह साफ आसमान रहने के बाद दिन चढ़ने के साथ बादल छा गए और कई जगह बारिश दर्ज की गई। हनुमानगढ़, चूरू और श्रीगंगानगर के कुछ क्षेत्रों में ओले भी गिरे। जयपुर के आसपास भी दोपहर बाद बादल छाने के साथ हल्की बारिश हुई। वहीं, मंगलवार को कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान क्रमशः 37.9 और 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि के कारण श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, नागौर, डीडवाना-कुचामन सहित कई जिलों में रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, नए वेदर सिस्टम के प्रभाव से 4 अप्रैल तक प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है।