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SSO आईडी से ऑनलाइन पेंशन वेरिफिकेशन की नई व्यवस्था लागू

जयपुर अब तक पेंशन चालू रखने के लिए हर साल बुजुर्गों को बैंकों में जाकर लंबी लाइनों में लगना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने तकनीक का इस्तेमाल करते हुए फेस ऑथेंटिकेशन को हरी झंडी दे दी है। इसका मतलब है कि पेंशनर्स अब मोबाइल या कंप्यूटर पर सिर्फ अपना चेहरा स्कैन करके अपना जीवन प्रमाण पत्र घर बैठे ही जमा कर सकेंगे। SSO ID से वेरिफिकेशन हुआ बेहद आसान पेंशनर्स के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को भी बहुत आसान बना दिया गया है। सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक, अब चतुर्थ श्रेणी से ऊपर के कोई भी सरकारी कर्मचारी अपनी एसएसओ आईडी का इस्तेमाल कर सकेंगे। वे इसके जरिए ई-साइन करके किसी भी पेंशनर के जीवन प्रमाण पत्र को तुरंत ऑनलाइन वेरिफाई कर पाएंगे। इससे कागजी कार्रवाई से पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा। दिव्यांग बच्चों की आजीवन पेंशन पर नया नियम सरकार ने दिव्यांग बच्चों को मिलने वाली आजीवन पारिवारिक पेंशन के नियमों में भी बड़ा सुधार किया है। अब दिव्यांगता का सर्टिफिकेट किसी सक्षम अधिकारी या विशेषज्ञों के मेडिकल बोर्ड से ही बनवाना होगा। अगर दिव्यांगता स्थाई है, तो यह सर्टिफिकेट पूरी जिंदगी में सिर्फ एक ही बार जमा करना होगा। अगर दिव्यांगता अस्थाई है, तो पेंशन जारी रखने के लिए हर 3 साल में नया सर्टिफिकेट जमा कराना जरूरी होगा।

बीएड प्रवेश परीक्षा PTET-2026: 1.26 लाख अभ्यर्थी देंगे एग्जाम, कड़े सुरक्षा इंतजाम

जयपुर राजस्थान में बीएड महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पीटीईटी-2026 (PTET-2026 ) की परीक्षा रविवार 14 जून को राज्य के 41 जिलों के 300 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जा रही है. परीक्षा के मुख्य समन्वयक और वीएमओयू के कुलगुरू प्रोफेसर बीएल वर्मा ने बताया कि इस बार फरवरी में राज्य सरकार से दिशा निर्देश मिलने के बाद आवेदन आमंत्रित किए गए. अब तक कुल 1 लाख 26 हजार 600 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें छात्रों के 48 हजार 138 तथा छात्राओं के 78 हजार 462 आवेदन शामिल हैं. सुबह 9 बजे से 12 बजे तक परीक्षा होगी आयोजित प्रोफेसर वर्मा ने बताया कि डीएलएड परीक्षा की तरह इस परीक्षा में भी पूरी शुचिता, पारदर्शिता और गोपनीयता बरती जा रही है. उन्होंने बताया कि 14 जून को परीक्षा का आयोजन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच किया जा रहा है. सभी परीक्षार्थियों को प्रातः 7.30 बजे से 8.30 बजे के बीच ही परीक्षा केन्द्रों पर प्रवेश मिल सकेगा. इस बार सबसे ज्यादा 1 लाख 15 हजार 293  परीक्षार्थी हिन्दी माध्यम में तथा 11 हजार 307 परीक्षार्थी अंग्रेजी माध्यम में परीक्षा देंगे. जयपुर में हाई टेक कमांड सेंटर प्रोफेसर वर्मा ने बताया के परीक्षार्थी के एडमिट कार्ड में क्यूआर कोड होगा जिसमें उसकी पूरी जानकारी समाहित रहेगी. प्रश्नपत्र पर भी क्यूआर कोड अंकित किया गया है. उन्होंने बताया कि संवेदनशील केन्द्रों की निगरानी के लिए जयपुर में हाई टेक कमांड सेंटर बनाया गया है और कोटा मुख्यालय से भी परीक्षा केन्द्रों की निगरानी की जाएगी. कुलगुरू प्रोफेसर वर्मा ने कहा कि पहली बार एआई साफ्टवेयर से सतर्कता बरती जाएगी. परीक्षा के वक्त जिलों में कई स्तरों पर बनाये गए उड़नदस्ता दल छापामारी का कार्य करेंगे और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जाएगी. परीक्षा केन्द्रों पर बायोमेट्रिक जांच के बाद भी परीक्षार्थी को प्रवेश मिलेगा.

भजनलाल सरकार का फैसला: SSO ID से पेंशन वेरिफिकेशन हुआ आसान

जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने पेंशन से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं. पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों के बाद, अब 'राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996' में संशोधन के आधिकारिक आदेश शनिवार को जारी कर दिए गए हैं. राज्यपाल की मंजूरी मिलने के साथ ही नई अधिसूचना भी लागू हो गई है. आइए जानते हैं कि ये बदलाव क्या हैं और आपको इनका सीधा फायदा कैसे मिलेगा. चेहरा दिखाकर जमा होगा 'जीवन प्रमाण पत्र' अब पेंशनरों को अपना जीवितता प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने के लिए दफ्तरों या बैंकों की लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा. सरकार ने आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन को मंजूरी दे दी है. इसका मतलब है कि अब पेंशनर नई तकनीक की मदद से सिर्फ अपना चेहरा स्कैन करके आसानी से अपना जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकेंगे. SSO ID के जरिए वेरिफिकेशन हुआ आसान पेंशनरों के जीवन प्रमाण पत्र के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को भी पहले से काफी सरल कर दिया गया है. नए नियम के तहत, अब चतुर्थ श्रेणी (Class-IV) से ऊपर के कर्मचारी अपनी एसएसओ आईडी (SSO ID) का उपयोग कर सकेंगे. वे इसके जरिए ई-साइन (e-Sign) करके पेंशनरों के जीवन प्रमाण पत्र को तुरंत प्रमाणित कर सकते हैं. दिव्यांग बच्चों की आजीवन पेंशन से जुड़े नियमों में बदलाव सरकार ने दिव्यांगों को मिलने वाली आजीवन पारिवारिक पेंशन के प्रावधानों में भी जरूरी संशोधन किए हैं. नए नियमों के मुताबिक, अब दिव्यांगता का प्रमाण पत्र किसी सक्षम प्राधिकारी या विशेषज्ञों के मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी किया हुआ ही पूरी तरह से मान्य होगा. अगर दिव्यांगता परमानेंट है, तो यह प्रमाण पत्र जिंदगी में सिर्फ एक बार ही प्रस्तुत करना होगा. लेकिन, अगर अस्थायी दिव्यांगता की स्थिति में हर 3 साल के बाद नया प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा.

राष्ट्र प्रथम की भावना पर जोर, मुख्यमंत्री बोले—गुमनाम नायकों की कहानी है ‘भारत भाग्य विधाता’

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर के जवाहर सर्किल स्थित एंटरटेनमेंट पैराडाइज मिराज सिनेमा में फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्पेशल स्क्रीनिंग देखी। इस अवसर पर फिल्म की अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा एवं फिल्म के निर्माता- निर्देशक , नर्स प्रोफेशनल्स एवं छात्राएं उपस्थित रही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम‘ की भावना और समाज के प्रति संवेदनशीलता ही नागरिक की सबसे बड़ी पहचान होती है। राष्ट्र को सर्वाेपरि मानकर अपना सर्वस्व समाज और देश के लिए समर्पित करने वाले गुमनाम नायकों की प्रेरक गाथा को फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने 26/11 जैसे आतंकी हमलों से लेकर कोविड महामारी जैसे कठिन दौर में भी अनगिनत कर्मयोगियों की सेवा भावना को देखा है। चिकित्सकों, नर्सों, सुरक्षाकर्मियों तथा अन्य सेवा प्रदाताओं ने ऐसे समय में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए मानवता और राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। यह फिल्म उन असंख्य लोगों के त्याग, साहस और समर्पण को रेखांकित करती है जो विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए निरंतर कार्य करते हैं। उन्होंने फिल्म के निर्माता एवं उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रेरणादायी फिल्में युवाओं को कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सभी समाज में सेवा एवं सहयोग के लिए आगे बढ़े। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए नर्सेज को सम्मानित भी किया गया।

उदयपुर के ग्रामीण सेवा शिविरों में ऑन-द-स्पॉट समाधान, किसानों और जरूरतमंदों को मिला लाभ

 उदयपुर उदयपुर जिले में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 अभियान  के पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हुआ और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। सवा लाख रूपये का अनुदान मिला मावली में आयोजित शिविर में जरूरतमंद किसान श्री शंकरलाल निवासी लदानी को कृषि यंत्र खरीदने हेतु अनुदान स्वीकृत कर आर्थिक संबल प्रदान किया गया।  शंकरलाल ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह कृषि यंत्र खरीद नहीं पा रहा था। शिविर में कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी परसराम जाट ने उन्हें कृषि यंत्र योजना की जानकारी दी और बताया कि राज्य सरकार द्वारा मल्टीक्रॉप थ्रेशर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर में ही आवेदन तैयार करवा कर हाथों-हाथ स्वीकृत किया गया। एडीएम सिटी  जितेंद्र ओझा, उपखण्ड अधिकारी श्री रमेश सिरवी पुनाड़िया की उपस्थिति में  1 लाख 25 हजार रुपये के अनुदान का चेक प्रदान किया गया। अनुदान प्राप्त होने पर शंकरलाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया। अटकी पेंशन बहाल उदयपुर जिले की ग्राम पंचायत चांदवास में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर  चांदवास निवासी श्रीमती हरकू, श्रीमती राजूड़ी और सवली के लिए भी राहत लेकर आया। बायोमीट्रिक सत्यापन एवं फेस ऐप के माध्यम से बार-बार प्रयास करने के बावजूद उनका सत्यापन नहीं हो पाने से इन तीनों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले कई महीनों से बंद थी। शिविर में मामला सामने आने पर बीडीओ  ने तत्परता दिखाते हुए समाधान के निर्देश दिए। तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन प्रक्रिया अपनाई गई और कुछ ही मिनटों में तीनों महिलाओं का सत्यापन सफलतापूर्वक कर उनकी रुकी हुई पेंशन बहाल कर दी गई। इसी शिविर में ग्राम पंचायत चांदवास निवासी श्रीमती रामा, श्रीमती वारकी तथा श्रीमती केशरी को  पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ)सौंपे गये। विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र मिला चांदवास निवासी श्री उदयलाल के विवाह पंजीयन संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर उन्हें शिविर में ही विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। नक्शा की गलती की शुद्ध ग्राम पंचायत चीरवा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में  चीरवा निवासी खातेदार श्री राजेश पुत्र स्व. श्री नारायणलाल मेनारिया के नक्शा शुद्धिकरण के लिए आवेदन करने पर  उपखण्ड अधिकारी श्री मनसुख डामोर, नायब तहसीलदार श्री रमेश कुमार राजपुरोहित ने राजस्व अभिलेखों में इंद्राज दुरुस्ती करवा कर  श्री राजेश को राहत पहुंचाई। ग्रामीण सेवा शिविर अभियान साबित कर रहा है कि संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय से आमजन की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही संभव है। एक ही छत के नीचे पेंशन बहाली, पीपीओ वितरण और विवाह पंजीयन जैसे कार्य होने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। ग्रामीणों एवं लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनकल्याणकारी शिविरों के माध्यम से प्रशासन स्वयं गांव पहुंच रहा है और लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने इस पहल को ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बताते हुए सरकार की संवेदनशीलता की सराहना की।

राजस्थान में रॉक फास्फेट उत्पादन बढ़ाने और नई खनन संभावनाएं तलाशने पर जोर

जयपुर अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा ने राजस्थान स्टेट माइंस एवं मिनरल्स (आरएसएमएम) को फ्यूचरिस्टिक एप्रोच अपनाते हुए खनिजों के उत्पादन, विपणन और वार्षिक कारोबार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। खेती-किसानी के जरुरी राॅक फास्फेट के उत्पादन में आरएसएमएम का लगभग एकाधिकार है। उन्होंने कहा कि वित वर्ष के शेष माहों का रोडमैप बनाकर क्रियान्वयन किया जाता है तो उसके अच्छे व सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। एसीएस माइंस श्रीमती अपर्णा अरोरा शुक्रवार को सचिवालय के मंथन कक्ष में आरएसएमएम के कार्यों की समीक्षा कर रही थी। उन्होंने कहा कि राजस्थान खनिज संपदा युक्त प्रदेश है। आरएसएमएम द्वारा राॅक फास्फेट, लाइमस्टोन, लिग्नाइट और जिप्सम का खनन और बिक्री की जा रही है। हाल ही समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान आरएसएमएम का वार्षिक कारोबार करीब 1922 करोड़ रुपए का रहा है। हमें वार्षिक कारोबार और लाभदायकता बढ़ाने के समग्र एवं योजनाबद्ध प्रयास करने होंगे। श्रीमती अपर्णा अरोरा ने कहा कि आरएसएमएम को पोटाश के एक्सप्लोरेशन और खनन की संभावनाओं को तलाशने के ठोस प्रयास करने होंगे। इसके साथ ही नए क्षेत्रों में प्रवेश की संभावनाओं का आकलन करना होगा। उन्होंने लंबित विधानसभा प्रश्नों के उत्तर भिजवाने, बकाया ऑडिट पेराज के निस्तारण, रिक्त पदों पर भर्ती, जांच प्रकरणों का समयबद्ध निष्पादन और पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित कर कार्मिकों की बकाया डीपीसी कराने के निर्देश दिए। आरएसएमएम के प्रबंध निदेशक श्री पी. रमेेश ने बताया कि आरएसएमएम में आर एण्ड डी प्रकोष्ठ का गठन किया जा रहा है ताकि खनन क्षेत्र में शोध को बढ़ावा दिया जा सके और देश दुनिया में आ रही नवीनतम तकनीक को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयोग की संभावनाएं तलाशी जा सके। इसके साथ ही यह प्रकोष्ठ बाजार मांग व आपूर्ति का भी अध्ययन कर समय समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। एमडी श्री पी. रमेश ने बताया कि आरएसएमएम का वार्षिक टर्न ओवर 1922 करोड़ रु. से अधिक का रहा है और चालू वित्तीय वर्ष में वार्षिक कारोबार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। आरएसएमएम द्वारा हाल ही समाप्त वित्तीय वर्ष में 70 करोड़ 64 लाख टन खनिजों की बिक्री की गई है। इसमें 41 लाख 95 हजार टन लाइमस्टोन, 17 लाख 65 हजार टन राॅक फाॅस्फेट, 9 लाख 24 हजार टन लिग्नाइट और एक लाख 80 हजार टन जिप्सम की बिक्री की गई । उन्होंने कहा कि इस साल कारोबार में और अधिक वृद्धि के समन्वित प्रयास किये जा रहे हैं। समीक्षा बैठक में विशिष्ट सचिव माइंस श्रीमती नम्रता वृष्णि, उप सचिव माइंस श्री राकेश कुमार, ओएसडी श्री श्रीकृष्ण शर्मा, ओएसडी तकनीकी श्री सुनील कुमार वर्मा, आरएसएमएम की कार्यकारी निदेशक प्रशासन श्रीमती कीर्ति राठौड़, वित्तीय सलाहकार श्रीमती भारती राज, समूह महाप्रबंधक लिग्नाइट श्री अरुण सिंह, प्रभारी लाइमस्टोन श्री शैलेश जोशी, समूह महाप्रबंधक परियोजना श्री नरेश एलयानी, प्रभारी मार्केटिंग श्री हनुमत सिंह, प्रभारी बजरी श्री शंकर लाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

डिप्टी सीएम ने सड़क हादसों में कमी के लिए दिए सख्त निर्देश

 जयपुर उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन तथा सड़क सुरक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और मानव जीवन की सुरक्षा व सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन बनाते हुए साझा जिम्मेदारी के साथ कार्य करें तथा दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, घायलों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर और प्रभावी प्रयास कर रही है। डॉ. बैरवा शुक्रवार को शासन सचिवालय में आयोजित स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल की 22वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने 21वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की क्रियान्विति की समीक्षा की तथा राज्य में सड़क सुरक्षा गतिविधियों, केन्द्र सरकार की पीएम राहत योजना की प्रगति और राज्य सरकार की 10 वर्षीय सड़क सुरक्षा कार्ययोजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने सड़क सुरक्षा नियमावली में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश देते हुए कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा सहायता राशि स्वीकृत करने में अनावश्यक विलंब नहीं हो। उन्होंने सड़क सुरक्षा मित्रों को प्रोत्साहन राशि के साथ आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारी वाहन चालकों के लाइसेंस नवीनीकरण के समय उन्हें उचित प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही विद्यालयों और महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इससे युवाओं में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। बैठक में राज्य एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित आबादी क्षेत्रों, स्कूलों, अस्पतालों, जंक्शनों तथा उनसे जुड़ी छोटी सड़कों पर नियमानुसार रोड फर्नीचर एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मोटर वाहन कर्मकार अधिनियम, 1961 के अनुसार वाहन चालकों द्वारा निर्धारित समय तक ही वाहन संचालन सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता एवं प्रवर्तन कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। डॉ. बैरवा ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई एवं यात्रियों की सुरक्षित, सुगम एवं आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बसों की फिटनेस, मरम्मत और रखरखाव कार्यों को प्राथमिकता देने तथा बस एवं ट्रक चालकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और पर्याप्त विश्राम की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। सभी जिलों के शिक्षण संस्थानों में बेसिक लाइफ सपोर्ट बीएलएस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में लोगों को प्राथमिक चिकित्सा और जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले “गुड सेमेरिटन” को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि गुड सेमेरिटन को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दी गई है। राज्य में अब तक 340 गुड सेमेरिटन सम्मानित किए जा चुके हैं। बैठक में राज्य के राजमार्गों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम आईटीएमएस की स्थापना की प्रगति तथा राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा अभियान की समीक्षा भी की गई। बैठक में शासन सचिव डॉ. जोगा राम, परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री भवानी सिंह देथा, प्रशिक्षण एवं यातायात डीजीपी श्री अनिल पालीवाल,महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार,यातायात एडीजीपी डॉ.बी.एल मीना सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

‘अंत्योदय’ संकल्प के साथ ग्रामीण सेवा शिविरों का संचालन, मंत्री जोगाराम पटेल ने किया अवलोकन

 जयपुर संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शुक्रवार को पंचायत समिति लूणी की ग्राम पंचायत शिकारपुरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का अवलोकन किया। इस दौरान जिला कलक्टर  आलोक रंजन, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा भी साथ रहे। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर वर्ग के उत्थान और कल्याण के लिए अनवरत काम कर रही है। उन्होंने कहा ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से ‘लक्ष्य-अंत्योदय,प्रण-अंत्योदय, पथ-अंत्योदय’ का संकल्प साकार हो रहा है। जोगाराम पटेल ने कहा आमजन को राज्य सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी एवं फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ सीधे उनके घर-द्वार तक पहुँचाने के लिए 12 जून से 15 जुलाई तक प्रदेशभर में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा इन शिविरों में आमजन से जुड़े काम हाथों-हाथ संपादित किए जा रहे है। विधि मंत्री ने कहा अभियान के तहत 22 विभागों के अनेक कार्य संपादित किये जा रहे है। उन्होंने कहा शिविर में प्रत्येक नागरिक का कार्य उसी दिन पूर्ण करने का हरसंभव प्रयास करें। उन्होंने कहा यदि कोई कार्य अपूर्ण या लंबित रहते हैं तो विभागीय अधिकारी उन कार्यों का समयबद्ध रूप से निस्तारण सुनिश्चित करें। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि विधि मंत्री ने कहा हमारी सरकार ने युवाओं को 5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। अब तक 1 लाख 25 हजार से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई है। उन्होंने कहा 1 लाख 35 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन है और इस वर्ष 1 लाख 25 हजार पदों का भर्ती कैलेण्डर भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा हमारे कार्यकाल में बिना पेपरलीक के 350 से अधिक परीक्षाएं आयोजित की गई हैं। जोगाराम पटेल ने कहा किसानों की उन्नति एवं आर्थिक संबल देने के लिए खेत तलाई, फॉर्म पौंड, तारबंदी और कृषि यंत्रों के लिए सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा पशुपालकों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना और गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा सभी पशुपालक अपने पशुओं का बीमा करवायें। जोगाराम पटेल ने कहा शिविर में आपसी सहमति से बँटवारा, राजस्व रिकॉर्ड में शुद्धि, रास्ता खोलने के प्रकरणों का निस्तारण भी किया जाएगा। उन्होंने सभी नागरिक इन शिविरों में आकर  अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। संसदीय कार्य मंत्री ने शिकारपुरा धाम में राजाराम जी महाराज मंदिर में विधिवत पूजा- अर्चना कर प्रदेश के खुशहाली के लिए कामना की। उन्होंने आश्रम के गादीपति महंत दयाराम महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।

केंद्र सरकार की 12 वर्ष की उपलब्धियों पर प्रदर्शनी, जनकल्याण योजनाओं का प्रदर्शन

 जयपुर केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ब्यावर जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रदर्शनी "12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" का राजसमंद सांसद श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने शुक्रवार को शुभारंभ फीता काटकर किया। कलेक्ट्रेट में आयोजित हो रही इस 3 दिवसीय प्रदर्शनी में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, नवाचारों, अभियानों तथा विकास कार्यों को फोटो पैनलों एवं प्रदर्श सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन को सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों से अवगत कराना है। श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के चलते आज भारत विश्व में बड़ी शक्ति के रूप में उभरा है, दुनिया में देश का मान—सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी आमजन को योजनाओं एवं सरकारी उपलब्धियों से अवगत कराने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए ब्यावर विधायक श्री शंकर सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी आमजन को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से इसका अधिकाधिक अवलोकन करने की अपील की मसूदा विधायक श्री वीरेंद्र सिंह कानावत ने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे हैं। यह प्रदर्शनी देश की विकास यात्रा को दर्शाती है। उन्होंने  जिलावासियों से परिवार सहित प्रदर्शनी का अवलोकन कर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने का आग्रह किया। जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं नवाचारों की जानकारी आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों की उपलब्धियों को आकर्षक एवं तथ्यात्मक तरीके से प्रदर्शित किया गया है, जिससे नागरिक योजनाओं की उपयोगिता को समझ सकें। जिला कलक्टर ने जिले के सभी नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे कलेक्ट्रेट में आयोजित इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का अवश्य अवलोकन करें और अपने परिचितों को भी प्रदर्शनी देखने के लिए प्रेरित करें। प्रदर्शनी रविवार तक आमजन के लिए नि:शुल्क अवलोकन हेतु खुली रहेगी। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गोपाल लाल मीणा, जिला जनसंपर्क अधिकारी महिपाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि,सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता में बताई सरकार की उपलब्धियां प्रदर्शनी के उद्घाटन के पश्चात सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने  मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश एवं प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों एवं जनसंपर्क गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है सांसद  ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता एवं जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। सरकार ने गरीब, किसान, महिला, युवा एवं वंचित वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनहितकारी योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ देश के करोड़ों नागरिकों तक पहुंचा है। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, किसान सम्मान निधि, डिजिटल इंडिया एवं स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सांसद ने कहा कि सरकार की नीतियों एवं योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। केंद्र एवं राज्य सरकार समन्वय के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही हैं। प्रेस वार्ता के दौरान सांसद ने पत्रकारों के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा कि सरकार जनविश्वास, पारदर्शिता एवं सेवा भाव के साथ कार्य कर रही है तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मानसून से पहले पूरे हों एनीकट और बांध निर्माण कार्य, अधिकारियों को निर्देश

अलवर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने गुरूवार को अलवर में वन विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ  भाखेडा, भूरासिद्ध व जरखवाला एनीकट एवं निदानी बांध का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री शर्मा ने जल संरक्षण से संबंधित कार्यों का बारीकी से अवलोकन कर निर्देश दिये कि एनिकट व बांध निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए सभी कार्य मानसून से पूर्व ही पूर्ण होना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि एनिकट व बांध में वर्षा जल आने में कोई अवरोध न रहे, इसके लिए आसपास के केचमेंट एरिया की साफ-सफाई करायें। डिसिल्टिंग आदि कार्य को भी समयबद्ध रूप में पूर्ण करायें। उन्होंने निर्देश दिये कि एनिकट के किनारे भ्रमण हेतु सुन्दर पाथवे, ग्रीनरी एवं सौन्दर्यकरण के कार्य शुरू करें। ये एनिकट बनने से पर्यावरण संरक्षण के साथ वन्यजीवों व पेड-पौधों को जल की उपलब्धता होगी,  वर्षा जल संरक्षण से शहर के भूमिगत जल स्तर में वृद्धि होगी। इन एनिकटों के सौन्दर्यकरण से पर्यटन में भी वृद्धि होगी। उन्होंने चोर डूंगरी पहाडी पर श्रीराम वाटिका हेतु चिन्हित किए गए स्थान का अवलोकन कर वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाटिका के निर्माण हेतु कार्य योजना तैयार कर इसका निर्माण प्राकृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए कराया जाए जिससे यहां आने वाले लोगों को प्राकृतिक परिवेश का अनुभव हो सके। उन्होंने निर्देश दिया कि वाटिका में वृहद स्तर पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाएं,  सौन्दर्यकरण व हरियाली पर विशेष फोकस करें। इसके उपरान्त उन्होंने अपने प्रतिदिन के पौधारोपण के संकल्प के तहत मातृवन में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक श्री अरूण प्रसाद, डीएफओ अलवर श्री राजेन्द्र हुड्डा, डीएफओ सरिस्का श्री अभिमन्यु सहारण, श्री घनश्याम गुर्जर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।