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ग्रेटर फरीदाबाद में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि का प्रस्ताव 19 गांवों की जमीन पर बसेंगे 12 नए सेक्टर

फरीदाबाद स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में जमीनों के दाम अब आसमान छूने की तैयारी में है। इसका सबसे ज्यादा असर ग्रेटर फरीदाबाद में देखने को मिलेगा। वहां सर्किल रेट (कलेक्टर रेट) 75 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर रेट की प्रस्तावित दरों को बढ़ाने के साथ ही इन पर आपत्ति एवं सुझाव मांगे गए हैं। ये सुझाव 31 मार्च तक प्रशासन को दिए जाने हैं। एक अप्रैल के बाद नई दरों को लागू किया जा सकता है। इसके साथ ही जिले में 19 गांवों की जमीन पर 12 नए सेक्टर बसाए जाएंगे। जिला राजस्व विभाग की ओर से सरकार को भेजी गई सर्किल रेट की प्रस्तावित दरों के अनुसार, इस बार ग्रेटर फरीदाबाद के क्षेत्रों में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि की संभावना है। नीमका और फरीदपुर जैसे क्षेत्रों में आवासीय दरों में सीधे 75 फीसदी की वृद्धि प्रस्तावित है, जिससे रेट 18,000 रुपये से बढ़कर 31,500 रुपये प्रति वर्ग गज हो जाएंगे। वहीं, पॉश सेक्टर-14 और सेक्टर-21ए में 500 वर्ग गज से बड़े प्लॉटों पर 60 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। सेक्टर-14 में अब रेट 58,000 रुपये से बढ़कर 92,800 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंचने की संभवना हैं। सेक्टर-16 सबसे महंगा होगा रिहायशी क्षेत्रों के अलावा अगर व्यावसायिक निवेश की बात करें तो सेक्टर-16 शहर का सबसे महंगा होगा। यहां 500 वर्ग गज तक के कॉमर्शियल प्लॉट के रेट में 75 फीसदी की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जिससे पुरानी दर 1.21 लाख रुपये से बढ़कर अब करीब 2.11 लाख रुपये प्रति वर्ग गज प्रस्तावित है। हुडा फ्लैट्स और फ्लोर के दाम आसमान पर पहुंचेंगे प्रस्तावित सर्किल रेट के अनुसार, हुडा फ्लैट्स में रहने वालों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। खासकर नीमका गांव के समीप बने हुडा सेक्टर, यहां फ्लैट्स के रेट में 75 फीसदी की भारी बढ़ोतरी प्रस्तावित है। इसी प्रकार बड़खल क्षेत्र में बने फ्लैट्स के विभिन्न तलों पर 30 फीसदी की एकसमान बढ़ोतरी की गई है। हाउसिंग बोर्ड में साधारण फ्लैट्स की दरों में भी 30 फीसदी का वृद्धि संभव है, जो 8190 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ेंगे दाम बड़खल तहसील के कोट गांव में आवासीय दरों में 60 फीसदी की वृद्धि प्रस्तावित है। तिगांव के मिर्जापुर में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के ग्राउंड फ्लोर के रेट 75 प्रतिशत तक बढ़ाकर 14 हजार रुपये प्रति वर्ग फुट कर दिए गए हैं। बल्लभगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाली घनी आबादी वाली कॉलोनियों में भी दरों को बढ़ाया गया है। 19 गांव में काटे जाएंगे 12 सेक्टर जिले में 12 सेक्टर विकसित होने हैं। इनके लिए 19 गांव की करीब 4500 एकड़ जमीन खरीदी जानी है। इनमें सेक्टर-100 कॉमर्शियल सेक्टर होगा। सेक्टर 96ए व 97ए लोगों के लिए हैं। विकास चौधरी, डीआरओ फरीदाबाद, ''प्रस्तावित सर्कल रेट की एक कॉपी सरकार को भेजी गई है और एक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। लोग 31 मार्च को अपने नए सर्किल रेट पर अपने सुझाव व आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद इन्हें लागू कर दिया जाएगा।''

सीएम नायब सिंह सैनी की बड़ी सौगात गुरुग्राम के 50 से अधिक सेक्टरों में बनेंगी 24 मीटर चौड़ी सड़कें

गुरुग्राम गुरुग्राम के 50 से अधिक सेक्टरों में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सरकार ने 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण की बड़ी योजना तैयार की है। इस परियोजना के लिए कुल 1836 एकड़ जमीन की जरूरत है जिसमें से करीब 1158 एकड़ निजी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में बजट में इसकी घोषणा की थी जिसका खर्च बिल्डरों से वसूला जाएगा। मौजूदा वक्त में संकरे रास्तों के कारण करीब 300 सोसाइटियों में रहने वाले एक लाख से अधिक परिवारों को आवाजाही की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 1158 एकड़ जमीन अधिग्रहण की तैयारी अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में सेक्टर-58 से 115 तक यानी 57 सेक्टरों में 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण के लिए 1158 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस सिलसिले में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के स्थानीय अधिकारियों की तरफ से जल्द जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार कर निदेशक कार्यालय को भेजा जाएगा। 1836 एकड़ जमीन की जरूरत शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपी प्रवीण कुमार को सड़कों के निर्माण के लिए आवश्यक जमीन की जानकारी तैयार करने के निर्देश जारी किए थे। डीटीपी ने ढेसी को सौंपी रिपोर्ट में बताया है कि 1836 एकड़ जमीन चाहिए। इसमें से 574 एकड़ जमीन बिल्डरों से मिल जाएगी। यह जमीन रिहायशी और व्यावसायिक कॉलोनी का लाइसेंस जारी करने में शामिल है। टीडीआर पॉलिसी के तहत मिलेगी जमीन 104 एकड़ जमीन टीडीआर (ट्रांसफरेबल डिवेलपमेंट राइट्स) पॉलिसी के तहत मिल जाएगी। बची 1158 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना होगा। इसमें से अधिकांश जमीन निजी लोगों के नाम पर है। बता दें कि गत दो मार्च को विधानसभा में प्रस्तुत बजट में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा था कि गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना में शामिल 24 मीटर सड़कों के निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। अधिग्रहण की राशि को बिल्डरों से वसूल किया जाएगा। संकरा रास्ता होने से परेशानी नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना में 24 मीटर सड़कों का निर्माण तो प्रस्तावित कर दिया, लेकिन इन सड़कों के निर्माण की दिशा में कदम नहीं उठाया। राजस्व रास्ते पर करीब 650 रिहायशी और व्यवसायिक सोसाइटियां विकसित करने को लेकर लाइसेंस जारी कर दिए। करीब 300 रिहायशी सोसाइटियों में एक लाख से अधिक परिवारों ने रहना शुरू कर दिया है। संकरा रास्ता होने से लोगों को परेशानी हो रही है।

विशेष खिलाड़ियों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग राजीव गांधी स्टेडियम बनेगा नया स्पोर्ट्स हब

गुरुग्राम गुरुग्राम के दौलताबाद स्थित राजीव गांधी स्टेडियम अब विशेष (स्पेशल) खिलाड़ियों के लिए एक नए खेल हब के रूप में उभरने जा रहा है। करीब 15 लाख रुपये की लागत से यहां जिले का पहला ‘स्पेशल’ पावरलिफ्टिंग सेंटर तैयार होगा, जिसे नेशनल सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना है। इस सेंटर में इंडोर ट्रेनिंग की आधुनिक सुविधाएं, एडवांस इक्विपमेंट और प्रोफेशनल माहौल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को उच्च स्तर की तैयारी का अवसर मिलेगा। स्पेशल खिलाड़ियों को बड़ा गिफ्ट, मिलेगी बेहतर ट्रेनिंग खास बात यह है कि इस पहल से गुरुग्राम के साथ-साथ हरियाणा और अन्य राज्यों के स्पेशल खिलाड़ियों को भी एक ही जगह बेहतर ट्रेनिंग और एक्सपोजर मिल सकेगा। अभी तक खिलाड़ियों को ऐसी सुविधाओं के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर की तैयारी का प्लेटफॉर्म मिलेगा, जो उनके प्रदर्शन और भविष्य दोनों को नई दिशा देगा। स्पेशल खिलाड़ियों को मिलेगा पहचान बनाने का मौका यह सेंटर न केवल खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाएगा, बल्कि स्पेशल खिलाड़ियों में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देगा, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। स्पेशल ओलंपिक हरियाणा के एरिया इंचार्ज वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यह स्पेशल खिलाड़ियों के लिए बड़ी शुरुआत है। जिले में धीरे इस तरह के सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सके। पूरी तरह इंडोर होगा यह सेंटर उन्होंने बताया कि यह सेंटर खिलाड़ियों के सपनों को नई दिशा देगा और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा। इस सेंटर को पूरी तरह इंडोर बनाया जाएगा ताकि खिलाड़ी हर मौसम में अभ्यास कर सकें। आरामदायक तरीके से ले सकेंगे ट्रेनिंग इस ‘स्पेशल’ पावरलिफ्टिंग सेंटर में बेंच प्रेस टेबल, स्क्वाट रैक, डेडलिफ्ट प्लेटफॉर्म, मल्टी जिम, स्ट्रेंथ मशीन, एडवांस वेट प्लेट्स और प्रोफेशनल बारबेल लगाए जाएंगे। सभी उपकरण स्पेशल खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किए जाएंगे, जिससे वे सुरक्षित और आरामदायक तरीके से ट्रेनिंग ले सकें। राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए बेहतर मंच मिलेगा यह सेंटर केवल एक ट्रेनिंग जगह नहीं होगी, बल्कि नेशनल लेवल की तैयारी का प्लेटफॉर्म बनेगा। यहां समय-समय पर बड़े ट्रेनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अलग-अलग राज्यों के खिलाड़ी भी हिस्सा लेंगे। इससे खिलाड़ियों को प्रतियोगी माहौल मिलेगा और वे अपनी क्षमता को बेहतर तरीके से निखार सकेंगे।   गुरुग्राम जिले का पहला 'स्पेशल' सेंटर यह गुरुग्राम जिले का पहला ऐसा स्पेशल सेंटर होगा जो विशेष रूप से स्पेशल खिलाड़ियों के लिए तैयार किया जा रहा है। यहां सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले स्पेशल बच्चे नियमित रूप से प्रैक्टिस कर सकेंगे। इसके साथ ही विशेष सत्रों के माध्यम से उन्हें खेल के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित किया जाएगा।

2 गोहाना धन्यवाद रैली में सीएम सैनी ने की करोड़ों की नई घोषणाएं और विकास कार्यों का आगाज

गोहाना (सोनीपत) नई सब्जी मंडी में आयोजित धन्यवाद एवं विकास रैली में पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएं करते हुए 113 करोड़ रुपये की 16 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोहाना की धरती पर आकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है और सरकार क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोहाना क्षेत्र के लिए पहले की गई 97 घोषणाओं में से 87 पूरी हो चुकी हैं और बाकी पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में गोहाना हल्के में 1794 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए गए हैं। रैली में मुख्यमंत्री ने कई नई घोषणाएं की मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बिना खर्ची और बिना पर्ची के रोजगार देने की नीति पर काम कर रही है। रैली में मुख्यमंत्री ने कई नई घोषणाएं भी कीं। सोनीपत चुंगी से पानीपत चुंगी तक भगवान परशुराम विरासत पार्क में जॉगिंग ट्रैक बनाया जाएगा। गोहाना में भूमि उपलब्ध होने पर मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा। नगर परिषद गोहाना की म्युनिसिपल लिमिट को बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भूमि उपलब्ध होने पर सोनीपत रोड पर शिव धाम बनाया जाएगा। महम रोड पावर हाउस में 33 केवी सब स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा और खानपुर कलां में भी 33केवी सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाई जाएगी। गोहाना में भूमि मिलने पर टूरिज्म रिजॉर्ट भी बनाया जाएगा तथा एचएसवीपी की ओर ट्रांसपोर्ट नगर विकसित किया जाएगा।   सड़कों का निर्माण करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि गोहाना में सिंचाई भवन, शक्ति भवन और रेस्ट हाउस का पुनर्निर्माण किया जाएगा। भगत फूल सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्डियो कैथ लैब स्थापित की जाएगी। गोहाना विधानसभा के गांवों के सरकारी स्कूलों के विकास कार्यों पर शिक्षा विभाग एक करोड़ रुपये खर्च करेगा। खानपुर कलां में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत की जाएगी और शेष सीवरेज लाइन भी बिछाई जाएगी। जिस पर करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा हरियाणा राज्य मार्केटिंग बोर्ड की कई सड़कों की मरम्मत और पीडब्ल्यूडी की सड़कों का निर्माण करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा।मुख्यमंत्री ने गोहाना क्षेत्र के गांवों के विकास के लिए अलग से 5 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।   गांव मोई माजरी के विद्यालय भवन का 3 करोड़ 77 लाख रुपये से उद्घाटन इस दौरान कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। गांव मोई माजरी के विद्यालय भवन का 3 करोड़ 77 लाख रुपये से उद्घाटन किया गया। बड़वासनी और तिहाड़ मलिक में 13 करोड़ 50 लाख रुपये से बने 33 केवी सब स्टेशनों का उद्घाटन हुआ। गोहाना नगर परिषद में 60 लाख रुपये से बने संत गुरु कबीर दास गेट का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा मार्केटिंग बोर्ड की चार सड़कों के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। भालौठ सब ब्रांच की 74 करोड़ रुपये की रिमॉडलिंग का शिलान्यास हुआ। गामड़ी और बिधल में करीब सवा 14 करोड़ रुपये की लागत से 33 केवी सब स्टेशन बनाने का शिलान्यास किया गया। खेड़ी दमकन, बड़वासनी, महलाना और जुआं में करीब सवा 2 करोड़ रुपये की लागत से स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया। रैली की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने की और बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।

प्रॉपर्टी रेट अपडेट: चरखी दादरी में नई कलेक्टर गाइडलाइन अपलोड, आपत्ति दर्ज करने का मौका

चरखी दादरी. चरखी दादरी. हरियाणा सरकार के निर्देशों के अनुसार, चरखी दादरी जिले में वर्ष 2026-27 के लिए जमीनों के नए कलेक्टर रेट निर्धारित करने की प्रक्रिया सरकार के निर्देशानुसार शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने संशोधित प्रस्तावित दरों की तहसील अनुसार सूची आधिकारिक वेबसाइट charkhidadri.gov.in पर अपलोड कर दी है ताकि कोई भी नागरिक इन दरों की समीक्षा कर अपने सुझाव या आपत्तियां ऑनलाइन माध्यम से जमाबंदी.एनआईसी.आईएन पर प्रस्तुत कर सकें। उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा वेबसाइट पर अपलोड की गई सूची के अनुसार इस बार अधिकांश क्षेत्रों में कलेक्टर रेट में अधिक बदलाव नहीं किए गए हैं। वहीं कुछ गांवों में 10 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक रेट में बढ़ोतरी की गई है। इसी प्रकार से दादरी शहर में अधिक बदलाव न करते हुए केवल कुछ स्थानों पर आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी में कलेक्टर रेट बढ़ाए गए हैं। शहर में इन क्षेत्रों में प्रस्तावित है कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि प्रशासन की ओर से अपलोड की गई शहर के प्रस्तावित कलेक्टर रेट की सूची के अनुसार भिवानी रोड माइनर से भिवानी चौक तक आवासीय श्रेणी में प्रति गज जमीन के दाम 21,780 से बढ़ाकर 25,047 रुपये करते हुए 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है। इसी प्रकार नगर परिषद कार्यालय से भगवान परशुराम चौक होते हुए काठ मंडी तक व्यावसायिक श्रेणी की जमीन के कलेक्टर रेट में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है जिसके बाद इस क्षेत्र में दाम 1,14,950 से बढ़कर 1,43,687 रुपये प्रति गज हो जाएंगे। वहीं मुथरी घाटी से गोधडिया कॉलोनी में आवासीय श्रेणी के दाम में 25 प्रतिशत, पुराना शहर में आवासीय श्रेणी में 15 प्रतिशत, रविदास नगर में आवासीय श्रेणी में 25 प्रतिशत, सैनीपुरा में आवासीय श्रेणी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है। इसके अलावा शहर में सभी जगह कलेक्टर रेट में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया है। 31 मार्च तक दे सकते हैं प्रतिक्रिया : उपायुक्त उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने कलेक्टर रेट को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की और बताया कि सरकार के निर्देशों के तहत जिले के लोगों को इन प्रस्तावित कलेक्टर रेट पर अपनी राय देने का अवसर दिया गया है। आमजन 31 मार्च को सुबह 10 बजे तक अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने सभी जिलावासियों से अपील की है कि वे समय पर अपने सुझाव दें, जिससे नए कलेक्टर रेट अधिक पारदर्शिता और न्यायसंगत प्रक्रिया के तहत तय किए जा सकें। 

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच राहत पैकेज: हरियाणा सरकार ने निर्यातकों को दी 60 करोड़ की मदद

करनाल. अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध के चावल उद्योग प्रभावित चल रहा है। खासकर हरियाणा के चावल निर्यातक इस स्थिति से सीधे प्रभावित हुए हैं, क्योंकि खाड़ी देशों में उनकी बड़ी हिस्सेदारी है। मौजूदा हालात में निर्यात की रफ्तार धीमी पड़ी है। माल पोर्ट और गोदामों में अटका है, जबकि कई खेप विदेशों के रास्ते में फंस गई हैं। इससे निर्यातकों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। इसी मद्देनजर केंद्र सरकार ने युद्ध से प्रभावित चल रहे निर्यातकों को राहत देने के उद्देश्य से 497 करोड़ रुपये की योजना लागू की है। इससे हरियाणा के निर्यातकों को करीब 50 से 60 करोड़ रुपये तक की राहत मिलने की संभावना है। हरियाणा देश के प्रमुख चावल निर्यातक राज्यों में शामिल है। भारत के कुल चावल निर्यात में खाड़ी देशों के लिए लगभग 40 प्रतिशत योगदान हरियाणा के निर्यातकों का है। ऐसे में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण समुद्री मार्गों में बाधा आने से निर्यात प्रभावित होना स्वाभाविक है। कई शिपमेंट समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे अतिरिक्त शुल्क और देरी की समस्या सामने आई है। सरकार की राहत योजना के तहत निर्यातकों को विभिन्न प्रकार के शुल्कों से छूट दी जा रही है। कांडला पोर्ट पर डिटेंशन शुल्क माफ कर दिया गया है, जहां बड़ी मात्रा में चावल रुका हुआ है। इसके अलावा, जो माल विदेशी पोर्ट पर फंसा है या समुद्र में ट्रांजिट के दौरान है, उस पर लगने वाले शिपिंग लाइन के अतिरिक्त चार्ज और डैमरेज में भी राहत दी जा रही है। एक्सपोर्टर एसोसिएशन ने की सरकार के कदम की सराहना राइस एक्सपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश गोयल ने बताया कि सरकार के इस कदम से निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी। हरियाणा के निर्यातकों को करीब 60 करोड़ रुपये तक की राहत मिल सकती है। मौजूदा हालात में व्यापार पूरी तरह ठप नहीं हुआ है, लेकिन बाधित जरूर हुआ है। ऐसे में यह आर्थिक सहायता उद्योग को संभालने में मदद करेगी। यदि स्थिति जल्द सामान्य होती है तो निर्यात फिर से गति पकड़ सकता है। फिलहाल सरकार के हस्तक्षेप से उद्योग को राहत मिली है और व्यापार को स्थिर रखने में सहायता मिल रही है। हालांकि पहले की तुलना में स्थिति संभली है।

बड़ा एक्शन: हिसार के सरकारी स्कूलों को CBI नोटिस, प्रोत्साहन राशि की जांच शुरू

हिसार. चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने जिले के चार सरकारी स्कूलों को नोटिस भेजा है। जिसमें कुलेरी, लाडवा, शाहपुर व उकलाना गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। उपरोक्त चारों स्कूलों से 2014 से 2016 के बीच विद्यार्थियों की कुल संख्या, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी), विद्यार्थी प्रोत्साहन राशि, खाते का विवरण, मिड-डे मील से संबंधित दस्तावेजों पर रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि 2014 में सीबीआई ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को सुवाधाओं के नाम पर पैसे डकारने का मामला दर्ज किया था। जिसकी पड़ताल चल रही है। प्रदेश के हर जिले के ऐसे सरकारी स्कूलों से पूछताछ की जा रही है। प्रथम चरण में हिसार जिले के 45 सरकारी स्कूलों में 3455 विद्यार्थियों फर्जी दिखाकर सुविधाओं के नाम पर पैसे डकारने के आरोप लगे हैं। कोर्ट के आदेश पर सीबीआई संबंधित स्कूलों से रिपोर्ट मंगवाकर जांच कर रही है। एडमिशन घोटाले में CBI ने कस दिया शिकंजा हरियाणा में एडमिशन में घोटाले में CBI ने शिकंजा और कस दिया है। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में दाखिले के नाम पर हुए फर्जीवाड़ा हुआ था। हरियाणा में फर्जी एडमिशन दिखाकर सरकारी धन का गबन किया गया। यह फर्जीवाड़ा साल 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में शुरू हुआ था जो सत्ता परिवर्तन के बाद भी वर्ष 2016 तक भाजपा सरकार में जारी रहा। इस मामले में हाई कोर्ट के आदेश पर CBI जांच शुरू हुई और 3 FIR रजिस्टर्ड की गई थी। अब एक बार फिर CBI ने इस मामले में 4 नई एफआईआर दर्ज की गई है। सीबीआई ने धारा 120-B, 167, 218, 409, 418, 420, 477-A के तहत केस दर्ज किया गया है। यह मामला हिसार, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, झज्जर, रोहतक से जुड़ा हुआ है। त्वरित रिपोर्ट पेश आदेश  सीबीआई ने जिले के चार सरकारी स्कूलों को नोटिस भेजा है। संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वे त्वरित रिपोर्ट पेश करें। -वेद सिंह दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार।

अंबाला की सुशीला देवी ने रिटायरमेंट के बाद खेल के मैदान में जीता गोल्ड और सिल्वर

हरियाणा हरियाणा को खेलों की जननी कहा जाता है और यहां की मिट्टी से निकले खिलाड़ी दुनिया भर में प्रदेश का नाम रोशन करते हैं. इसी परंपरा को अंबाला शहर के बलदेव नगर की रहने वाली 65 साल की सुशीला देवी आगे बढ़ा रही हैं. उन्होंने हाल ही में चंडीगढ़ में हुए ‘5वें खेलों मास्टर नेशनल गेम 2026’ में अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया है. सुशीला देवी ने इस उम्र में एक या दो नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग मेडल जीतकर यह संदेश दिया है कि फिटनेस और खेल के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती. तीन अलग-अलग खेलों में दिखाया दम सुशीला देवी ने बताया कि चंडीगढ़ में आयोजित इस नेशनल प्रतियोगिता में देशभर से 35 साल से ज्यादा उम्र के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. 65 साल के आयु वर्ग में खेलते हुए सुशीला देवी ने जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) और डिस्कस थ्रो में सिल्वर मेडल जीता. वहीं, शॉट पुट (गोला फेंक) में उन्होंने अपनी ताकत दिखाते हुए गोल्ड मेडल झटका. सुशीला देवी बताती हैं कि खेलों के प्रति उनका यह लगाव बचपन से ही है, जो नौकरी के दौरान भी बना रहा. नौकरी के साथ भी जारी रखा खेलों का सफर सुशीला देवी पहले यमुनानगर के एक अस्पताल में सीनियर ऑफिसर के पद पर तैनात थीं. व्यस्त शेड्यूल के बावजूद वह समय निकालकर खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेती रहती थीं. उनके परिवार में दो बेटियां हैं, जिनमें से एक की शादी हो चुकी है. सुशीला देवी गर्व से बताती हैं कि जब वह मेडल जीतकर घर लौटती हैं, तो उनका नाती सबसे ज्यादा खुश होता है. उनके पति भी उन्हें हमेशा मैदान में उतरने और बेहतर करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं. कैबिनेट मंत्री ने दी बधाई सुशीला देवी की इस उपलब्धि पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने भी उन्हें बधाई दी है. अपनी सफलता से उत्साहित सुशीला देवी ने अन्य महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि महिलाओं को अपनी फिटनेस और पहचान के लिए खेलों से जरूर जुड़ना चाहिए. वह खुद रोजाना घर के पास के मैदान में 2 से 3 घंटे कड़ी प्रैक्टिस करती हैं. इससे पहले वह अजमेर में हुई नेशनल प्रतियोगिता में भी मेडल जीत चुकी हैं. पासपोर्ट की कमी से रह गई विदेश जाने की हसरत सुशीला देवी ने बताया कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व करना चाहती थीं, लेकिन पासपोर्ट न बना होने के कारण वह विदेश में होने वाले गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाईं. हालांकि, उनकी हिम्मत अभी भी कम नहीं हुई है. वह लगातार प्रैक्टिस कर रही हैं और उनका लक्ष्य अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराना है.

दो दशक की ईमानदारी बनी ढाल और एक झटके में दर्जनों ज्वेलर्स को लगा करोड़ों का चूना

हरियाणा किसी बड़ी वारदात या चोरी को अंजाम देने के लिए कोई कितने साल तक प्लानिंग कर सकता है? एक-दो साल? जी नहीं, हरियाणा के पानीपत से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बंगाली कारीगर ने शहर के सर्राफा व्यापारियों (ज्वेलर्स) का विश्वास जीतने के लिए पूरे 25 साल लगा दिए. साल 2001 से शहर में काम कर रहे इस कारीगर ने जैसे ही व्यापारियों का पूरा भरोसा जीता, वह दर्जनों ज्वेलर्स के करोड़ों रुपये के गहने लेकर रातों-रात फरार हो गया. 25 साल से बना रहा था मास्टरप्लान पानीपत के ज्वेलर्स कभी सपने में भी नहीं सोच सकते थे कि जो व्यक्ति उनके बीच 25 साल (साल 2001 से) से रह रहा है, वह असल में विश्वास नहीं जीत रहा था, बल्कि एक बहुत बड़ी डकैती की प्लानिंग कर रहा था. आरोपी कारीगर का नाम मोहिदुल मलिक है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. वह पिछले 25 साल से पानीपत में रहकर ज्वेलरी रिपेयरिंग (गहने सुधारने) का काम कर रहा था. इतने लंबे समय तक ईमानदारी से काम करने के कारण बाजार के दर्जनों ज्वेलर्स उस पर आंख मूंदकर भरोसा करने लगे थे.   रिपेयरिंग के नाम पर इकट्ठा किए करोड़ों के जेवर ठगी का शिकार हुए पीड़ित ज्वेलर सचिन वर्मा ने बताया कि मोहिदुल मलिक ने हाल ही के दिनों में एक सोची-समझी साजिश के तहत काम किया. पिछले कुछ दिनों से मोहिदुल अलग-अलग ज्वेलर्स से रिपेयरिंग के लिए आने वाले गहनों को सिर्फ इकट्ठा कर रहा था और वापस नहीं लौटा रहा था. जब उसके पास करोड़ों रुपये का गोल्ड (सोना) जमा हो गया, तो वह एक दिन अचानक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ शहर छोड़कर फरार हो गया. व्यापारियों को अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि 25 साल पुराना कारीगर उनके साथ इतनी बड़ी धोखाधड़ी कर सकता है. पुलिस जांच में जुटी, आरोपी की तलाश तेज ठगी का अहसास होने के बाद ज्वेलर्स ने तुरंत पुलिस का दरवाजा खटखटाया है. डीएसपी सतीश वत्स ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बाजार के कई सर्राफा व्यापारियों ने कारीगर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस के मुताबिक, अभी तक यह स्पष्ट रूप से कन्फर्म नहीं हो पाया है कि आरोपी कुल कितनी कीमत के गहने लेकर फरार हुआ है, लेकिन अनुमान करोड़ों में है. पुलिस ने आरोपी बंगाली कारीगर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें तलाश में जुट गई हैं.  

हरियाणा में एलपीजी संकट और लॉकडाउन की अफवाहों ने बढ़ाई उद्योगपतियों की टेंशन

 हरियाणा अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग का असर अब भारत की फैक्ट्रियों पर दिखने लगा है. हरियाणा के फरीदाबाद में भी हाल वही है. यहां उद्योगपतियों की परेशानी बढ़ गई है वजह है लागत में गिरावट, कच्चे माल की कमी और सबसे बड़ी टेंशन, मजदूरों का पलायन. कुछ मजदूर तो शहर छोड़ चुके हैं बाकी भी अपने गांवों की ओर जा रहे हैं. असल में, गैस का संकट बड़ा सिरदर्द बन गया है. मजदूरों को एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल रहे और जो मिल रहे हैं वो काफी महंगे हैं. कई मजदूर तो छुट्टी लेकर गए थे अब वापस ही नहीं आ रहे. गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें हैं लोगों के चेहरे पर मायूसी साफ दिखती है. बेसिक चीजें महंगी हो गई हैं फरीदाबाद आईएमटी इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान हेमंत शर्मा ने कहा युद्ध का जीता-जागता असर डायरेक्ट तो ज्यादा नहीं है, लेकिन इनडायरेक्ट इम्पैक्ट बहुत है. खाड़ी देशों से क्रूड ऑयल आयात करते हैं और वह महंगा हो गया है. लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ चुकी है प्लास्टिक दाना समेत तमाम बेसिक चीजें महंगी हो गई हैं. हमारी सबसे बड़ी समस्या यहां एलपीजी गैस की है कीमत आसमान छू रही है. कर्मचारियों को किचन गैस नहीं मिल रही किराए के मकानों में रहते हैं अब मजबूर होकर वापस गांव जा रहे हैं. लेबर की कमी हो गई है. फैक्ट्री चलाना भारी मुश्किल हो गया है राजेश शर्मा जो मारुति के टीयर टू सप्लायर हैं, बताते हैं हमारे यहां कच्चा माल मिलना ही मुश्किल हो चुका है. कस्टमर डबल शेड्यूल मांग रहे हैं सब अपने पास स्टॉक करना चाहते हैं पर कच्चा माल नहीं मिल रहा. दूसरी परेशानी लेबर की है. कर्मचारी कम होते जा रहे हैं. लॉकडाउन को लेकर मजदूरों की बीच अफवाहें फैली हैं उन्हें लगता है कहीं फिर लॉकडाउन लग गया तो फंस जाएंगे जैसे 2020 में हुआ था. सिलेंडर की असली दिक्कत नहीं है मिल तो रहे हैं पहले 100 से 200 रुपये में मिल जाते थे, लेकिन अब सिलेंडर ढाई हजार में भी नहीं मिल रहे अफवाहें फैल चुकी हैं. मेरे यहां से करीब 20 लोग जा चुके हैं कोई बीमारी का बहाना, कोई दूसरी प्रॉब्लम बता रहे हैं असल में सब डर के मारे गांव निकल गए हैं. इधर ना कच्चा माल है ना लेबर फैक्ट्री चलाना भारी मुश्किल हो गया है. हिसाब से इस्तेमाल करें प्रधान हेमंत शर्मा बताया इस समय संयम रखने की जरूरत है. चाहे पेट्रोल हो, डीजल हो, गैस हो उसे जमा ना करें बस जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करें. देश की जनता को संयमित रहना चाहिए ताकि सब मिलकर हालात का सामना कर सकें. हमें अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करना है पर अफवाहों में बहना ठीक नहीं.