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भुवनेश्वर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हरियाणा ने डिस्कस थ्रो में रचा इतिहास

भुवनेश्वर भुवनेश्वर में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हरियाणा की महिला खिलाड़ियों ने भारतीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रच दिया। डिस्कस थ्रो स्पर्धा में स्वर्ण, रजत और कांस्य, तीनों पदक हरियाणा की बेटियों ने अपने नाम किए। इसके साथ ही तीनों खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स के लिए निर्धारित क्वालिफाइंग मानक भी हासिल कर राज्य की खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया। पांच दिवसीय इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन 24 से 28 जून तक कलिंगा स्टेडियम, भुवनेश्वर (ओडिशा) में किया जा रहा है। प्रतियोगिता में हरियाणा के खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतने के साथ-साथ भारतीय टीम में जगह बनाने की दौड़ में भी आगे हैं। आगामी एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आइची-नगोया (जापान) में होगा। एथलेटिक्स हरियाणा के महासचिव प्रदीप मलिक के अनुसार, भिवानी की सीमा ने 59.73 मीटर की शानदार थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीतकर एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में अपना स्थान लगभग सुनिश्चित कर लिया। वहीं महेंद्रगढ़ की सान्या यादव ने 56.05 मीटर की थ्रो के साथ रजत पदक और रोहतक की निधि रानी ने 55.92 मीटर की थ्रो के साथ कांस्य पदक जीतते हुए एशियन गेम्स का क्वालिफाइंग मानक हासिल किया। हैमर थ्रो स्पर्धा में भी हरियाणा के झज्जर निवासी आशीष जाखड़ ने 67.61 मीटर की थ्रो के साथ कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। इस स्पर्धा में पंजाब के दमनीत सिंह ने 69.72 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण तथा राजस्थान के परवीन कुमार ने 69.58 मीटर की थ्रो के साथ रजत पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों ने भी एशियन गेम्स क्वालिफाइंग मानक हासिल किया। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को एथलेटिक्स हरियाणा के अध्यक्ष दिलबाग सिंह, महासचिव प्रदीप मलिक, एएफआई ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य राजकुमार मिटान तथा टीम कोच-मैनेजर जसवंत सिवाच और अजय कुमार ने बधाई देते हुए आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।    

सरकारी स्कूलों के होनहार छात्रों के लिए खुशखबरी, शिक्षा निदेशालय ने मांगी मेरिट सूची

हिसार  सरकारी स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले अनुसूचित वर्ग के होनहारों के लिए खुशखबरी है। जिन विद्यार्थियों ने वार्षिक परीक्षा में 90 प्रतिशत व इससे अधिक अंक प्राप्त किए तो उन्हें वन टाइम छात्रवृति दी जाएगी। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी कर उपरोक्त कक्षा के होनहारों की सूची मांगी है। जिले स्तर पर डीईओ कार्यालय में डिटेल भेजी जाएगी। जिसके बाद रिपोर्ट को शिक्षा निदेशालय भेज दिया जाएगा। इससे पहले निदेशालय ने डीईओ को आदेश दिए है कि वे संबंधित कक्षा के होनहारों के बैंक की कापी की जांच कर सत्यापित करें। यह पूरी प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करनी होगी।बता दें कि सरकार की ओर से अनुसूचित वर्ग के विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति जागरूक करने के लिए वन टाइम छात्रवृति शुरू की गई है। 12 कॉलम पर स्कूल मुखिया देंगे होनहारों की जानकारी स्कूल मुखिया को 12 कालम पर होनहारों को जानकारी देनी होगी। जिनमें विद्यार्थी का नाम, लड़का-लड़की, कक्षा, स्कूल का नाम, एसआरएन नंबर, जिला का नाम, राज्य का नाम, देश, बैंक का नाम, आईएफएससी कोड, खाता नंबर, आधार नंबर व मोबाइल नंबर शामिल है। जिनमें कक्षा इंचार्ज बच्चे की पूरी डिटेल उपरोक्त कालम अनुसार भरेंगे। जिसके बाद कक्षा प्रभारी अपनी रिपोर्ट संबंधित स्कूल मुखिया को देंगे। जिसके बाद रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेजी जाएगी। छात्रवृति देने के ये है फायदें     स्लम एरिया में अनुसूचित वर्ग से संबंध रखने वाले अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। उनको छात्रवृति देकर हौंसलावर्धन होता है     अनुसूचित वर्ग के विद्यार्थियों के ड्रापआउट की संभावना अधिक रहती है।     उपरोक्त वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृति से एक तो आर्थिक मदद मिलती है। साथ ही प्रोत्साहन राशि से वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।     शिक्षा निदेशालय से हमें पत्र मिला है। जिसमें हमसे सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले अनुसूचित वर्ग के होनहार जिन्होंने 90 प्रतिशत व इससे अधिक अंक प्राप्त किए है तो उन्हें वन टाइम छात्रवृति मिलेगी। जिससे उन्हें आर्थिक मदद भी मिलेगी। साथ ही पढ़ाई में प्रोत्साहन भी मिलेगा। -रामरतन, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार।  

श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद बैठक, 12 प्रस्तावों पर लगी मुहर

कुरुक्षेत्र  श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कुलपति प्रोफेसर वैद्य करतार सिंह धीमान की अध्यक्षता में अकादमिक परिषद (एकेडमिक काउंसिल) की 10वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में कुलसचिव डा. कृष्ण कांत गुप्ता ने परिषद के समक्ष 12 प्वाइंट रखे, जिन पर विस्तार से चर्चा के बाद बहुमत से पास कर दिए गए। बैठक में पिछली बैठक की कार्रवाई की पुष्टि, एक्शन टेकन रिपोर्ट, गृहिणियों के लिए तीन माह के स्वास्थ्य एवं योग पाठ्यक्रम को अनुमोदन दिया गया। वहीं बेचलर इन नेचुरोपैथी एंड योग एवं डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योग के पाठ्यक्रम तैयार करके उन्हें हरियाणा सरकार के पास भेजकर कालेजों में शुरू करने बारे भी चर्चा हुई। वहीं बीएससी इन योगा को अगले वर्ष आयुर्वेदिक अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान में आरंभ करने का अनुमोदन भी दिया गया। बीएएमएस के नए परीक्षा पैटर्न, डी-फार्मेसी (आयुर्वेद) एवं पंचकर्म सहायक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के संशोधित सिलेबस को शुरू करने बारे अनुमोदन दी गई। बोर्ड आफ होम्योपैथी के डायरेक्टर की डिमांड पर हरियाणा में होम्योपैथिक फार्मेसी डिप्लोमा के पाठ्यक्रम एवं मानकों का मसौदा तैयार किया जाएगा इस प्वाइंट को भी सरकार के पास अनुमति के लिए भेजा जाएगा। विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के साथ किए गए एमओयू, विश्वविद्यालय के कुलगीत, संशोधित विजन और मिशन सहित अन्य प्रस्तावों पर विचार-विमर्श कर उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रशासनिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। बीएससी इन योग जल्द शुरू होगा विश्वविद्यालय में कुलपति प्रोफेसर वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि विश्वविद्यालय के स्वस्थवृत्त विभाग की ओर से गृहिणियों के लिए तीन माह का स्वास्थ्य एवं योग पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। प्रतिदिन दो घंटे की कक्षाओं के माध्यम से गृहिणियों को आयुर्वेद, संतुलित आहार-विहार, योग एवं स्वस्थ जीवनशैली की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आयुष विभाग, हरियाणा की मांग पर प्राकृतिक चिकित्सा का नया पाठ्यक्रम भी तैयार किया जा रहा है और विश्वविद्यालय में जल्द ही बीएससी इन योग पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किया जाएगा।  शिक्षक परिषद के समक्ष रखें सुझाव, आयोग को भेजेंगे : कुलपति कुलपति ने कहा कि बीएएमएस का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (एनसीआइएसएम) द्वारा निर्धारित किया जाता है, लेकिन यदि शिक्षकों को उसमें किसी प्रकार के सुधार की आवश्यकता महसूस होती है तो वे अपने सुझाव अकादमिक परिषद के समक्ष रखें, ताकि उन्हें संबंधित आयोग तक भेजा जा सके। उन्होंने बताया कि डी-फार्मेसी (आयुर्वेद) के पाठ्यक्रम में भी आवश्यक संशोधन किए गए हैं, जिन्हें स्वीकृति मिलने के बाद लागू किया जाएगा। इसके अलावा बोर्ड आफ होम्योपैथी द्वारा प्रस्तावित होम्योपैथिक फार्मेसी डिप्लोमा के पाठ्यक्रम एवं मानकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिसे अंतिम रूप देकर सरकार को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के साथ किए गए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) की भी समीक्षा की गई। कुलपति ने कहा कि इन एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को नई दिशा मिल रही है। परिषद की बैठक में डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रोफेसर रणधीर सिंह, प्रोफेसर आशीष मेहता, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर हेतल दावे, हरियाणा के राज्यपाल द्वारा मनोनीत सदस्य कुवि के एसोसिएट प्रोफेसर डा. सुखबीर लाल, प्रोफेसर जितेश पंडा, उप कुलसचिव अतुल गोयल, प्रोफेसर सतीश वत्स, प्रोफेसर आशु, प्रोफेसर अमित कटारिया, प्रोफेसर रविराज मौजूद रहे।

हरियाणा में HTET परीक्षा को लेकर तैयारी तेज, 4-5 जुलाई के एग्जाम से पहले अधिकारियों को सख्त आदेश

भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा आगामी 4 व 5 जुलाई, 2026 को आयोजित होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के सुव्यवस्थित व नकल विहीन संचालन हेतु बोर्ड मुख्यालय भिवानी पर जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने की। धूपड़ ने बताया कि इस परीक्षा में प्रदेशभर में 2 लाख 33 हजार 294 अभ्यर्थी 383 परीक्षा केंद्रों पर प्रविष्ट होंगे। आगामी 4 जुलाई को सायंकालीन सत्र में लेवल-3 की परीक्षा होगी, जिसमें 73,091 अभ्यर्थी तथा 5 जुलाई को प्रातःकालीन सत्र में लेवल-2 की परीक्षा में 1, 19, 141 अभ्यर्थी एवं सायंकालीन सत्र में लैवल-1 की परीक्षा में 41,062 अभ्यर्थी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के अभ्यर्थी वीरवार सायं से बोर्ड की आधिकारिक वैबसाइट के माध्यम से अपने आवंटित परीक्षा-शहर की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि परीक्षा हेतु प्रवेश-पत्र बाद में जारी किए जाएंगे। बोर्ड अध्यक्ष ने वीडियो कांफ्रैंस के माध्यम से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुए एचटेट परीक्षा-2025 के सुसंचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। परीक्षा केंद्रों की निरीक्षण व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है। नकल व अन्य अनियमितताओं पर सख्ती से रोक लगाने के लिए प्रभावशाली उडनदस्तों की नियुक्ति की जा रही है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर बोर्ड की ओर से एक-एक अधिकारी/कर्मचारी/प्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन की ओर से भी एक-एक प्रशासनिक/राजपत्रित अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी 3 से 5 जुलाई तक कंट्रोल रूम स्थापित करेंगे उन्होंने कहा कि सभी जिला शिक्षा अधिकारी 3 से 5 जुलाई, 2026 तक अपने कार्यालय में एक-एक कंट्रोल रूम स्थापित करेंगे। इस कंट्रोल रूम पर जिला शिक्षा अधिकारी अपने कार्यालय के 1 अधिकारी, 2 सहायक/लिपिक तथा 1 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को नियुक्त करेंगे। कंट्रोल रूम पर नियुक्त अधिकारी बोर्ड मुख्यालय पर स्थापित कंट्रोल रूम से सीधा संपर्क बनाए रखेंगे। नेत्रहीन/अशक्त अभ्यर्थियों को 50 मिनट अतिरिक्त समय मिलेगी बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि नेत्रहीन/अशक्त अभ्यर्थियों को 20 मिनट प्रति घंटा के हिसाब से कुल 50 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि महिला अभ्यर्थियों को मंगलसूत्र पहनने, बिंदी व सिंदूर लगाने की ही छूट होगी। अन्य किसी प्रकार के आभूषण जैसे अंगूठी, चैन, बालियां इत्यादि ले जाने की स्वीकृति नहीं होगी। सिख अभ्यर्थियों को धार्मिक आस्था के चिन्ह की अनुमति होगी। उन्होंने बताया कि सभी उड़नदस्ते / ऑब्जर्वर द्वारा समय-समय पर जैमर, बायोमैट्रिक डाटा कैप्चरिंग, वीडियोग्राफी, सी.सी.टी.वी. कैमरों को चैक करना अति आवश्यक है कि वह भलीभांति कार्य कर रहे हैं। बिना पहचान-पत्र प्रवेश नहीं उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र में बिना पहचान-पत्र किसी भी अधिकारी/कर्मचारी का प्रवेश नहीं होगा। फर्म की ओर से नियुक्त कर्मचारी जैसे कैमरा-मैन, बायोमैट्रिक-मैन, सी.सी.टी.वी. इत्यादि के लिए भी फोटोयुक्त पहचान-पत्र पहनना अनिवार्य है। परीक्षा के दौरान यदि किसी परीक्षा केंद्र पर कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो उसकी सूचना भी अविलंब बोर्ड मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष पर हैल्पलाइन नं 01664-254302, 254304, 254601, 254604 तथा व्हाट्सअप नबर 8816840349 पर दी जानी है।

हरियाणा में बावरिया गैंग पर पुलिस का बड़ा एक्शन, दो सगे भाई एनकाउंटर में ढेर

कैथल. चीका एरिया में कुछ दिन पहले करीब एक करोड़ की चोरी करने के मामले में फरार चल रहे दो बदमाशों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया है। बदमाशों की पहचान मोड़ मंडी भठिंडा पंजाब निवासी सोहन और धर्मबीर के रूप में हुई है। दोनों बदमाश सगे भाई हैं और दोनों को पैरों में गोलियां लगी हैं। बताया जा रहा है कि पकड़े गए बदमाश बावरिया गैंग से जुड़े हुए हैं और रेल लूट तक कि वारदात कर चुके हैं। दोनों बदमाशों के ऊपर पांच हजार रुपये का इनाम था। देर रात स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट टीम को सूचना मिली थी कि बदमाश एक गाड़ी में पूंडरी एरिया में आये हुए हैं। सूचना के बाद इंस्पेक्टर सुनील, एएसआई तरसेम, हरीश, अनिल और बुट्टा सिंह की टीम पहुंची। टीम ने रात करीब दो बजे गाड़ी को देख लिया और बदमाशों ने गाड़ी को भगा लिया। इसके बाद बदमाशों की गाड़ी बैलेन्स खराब होने से पेड से भीड़ गई। गाड़ी से उतरते ही बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। एक गोली गाड़ी के शीशे को पार हुए एक पुलिस कर्मचारी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। एक गोली इंपेक्टर सुनील की जैकेट में भी लगी। दोनों तरफ से करीब 20 राउंड फायरिंग हुई है। दो गोलियां बदमाशों के पैरों में लगी। दोनों को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है। बता दें कि कैथल पुलिस इससे भी मुठभेड़ में 9 बदमाशों को पकड़ चुकी है। एसपी कैथल मनप्रीत सिंह ने सभी क्राइम टीमों को बदमाशों पर कार्रवाई की निर्देश दिए हुए हैं।

आईएएस और एचसीएस अधिकारियों को नालों की जांच की जिम्मेदारी, हरियाणा में जलभराव रोकने की तैयारी

चंडीगढ़  हरियाणा में मानसून की तैयारियों तथा जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आईएएस एवं एचसीएस अधिकारियों को नालों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान प्री-मानसून डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी। सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों में चल रहे नालों के सफाई कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने नगर निगम आयुक्तों तथा उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अगले तीन दिन के भीतर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपने क्षेत्रों में जल निकासी अवसंरचना का मौके पर जाकर निरीक्षण कराया जाए। विशेष निगरानी अभियान के तहत प्रत्येक आईएएस और एचसीएस अधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में कम से कम पांच किलोमीटर लंबाई के नालों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को निरीक्षण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट, फोटोग्राफ तथा स्थलीय अवलोकन सहित शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, ताकि कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून की तैयारियां केवल कार्यालय में बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर डी-सिल्टिंग कार्यों की गुणवत्ता का सत्यापन करना होगा। संवेदनशील स्थानों की पहचान करनी होगी। कमियों का पता लगाना होगा तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नाले का निरीक्षण सुनिश्चित कर सभी रुकावटें दूर की जाएं। लंबित कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों के जोखिम को न्यूनतम किया जा सके। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा और पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मकरंद पांडुरंग ने भी अपनी बात रखी।

Haryana High Court का बड़ा आदेश, 36 साल से कार्यरत कर्मचारी को नियमित करने के दिए निर्देश

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण का दावा केवल मौखिक दावों के आधार पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि कोई कर्मचारी लंबे समय से सेवा में होने का दावा करता है तो उसे उसके समर्थन में ठोस साक्ष्य भी प्रस्तुत करने होंगे। अदालत ने कहा कि विवादित तथ्यों की जांच याचिका के अधिकार क्षेत्र में संभव नहीं है और ऐसे मामलों के लिए लेबर कोर्ट या औद्योगिक न्यायाधिकरण ही उचित मंच हैं। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने यमुना नगर निवासी एक व्यक्ति की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। 1990 से हरियाणा में लगातार कार्यरत रहने का दावा याची ने हाई कोर्ट में दावा किया था कि वह वर्ष 1990 से हरियाणा में लगातार कार्यरत हैं और इसलिए उनकी सेवाओं को नियमित किया जाना चाहिए। उनकी शिकायत थी कि राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों ने उनके नियमितीकरण के दावे पर विचार नहीं किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता ने अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेजी साक्ष्य पेश नहीं किया।रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री केवल वर्ष 2020 के बाद कुछ समय तक उनके कार्य करने को दर्शाती है। ऐसे में यह तय करना कि वह वास्तव में 1990 से कार्यरत हैं या नहीं, एक विवादित तथ्य का विषय है, जिसकी जांच याचिका में नहीं की जा सकती।खंडपीठ ने अपने फैसले में एकल पीठ के उस निष्कर्ष को सही ठहराया, जिसमें कहा गया था कि याचिका में उठाए गए प्रश्न विवादित तथ्यों से जुड़े हैं और उनकी जांच साक्ष्यों के आधार पर ही संभव है। 'अप्रमाणित दावों के आधार पर नहीं दे सकते आदेश' इसलिए याचिकाकर्ता को किसी वैकल्पिक कानूनी उपाय का सहारा लेने की स्वतंत्रता दी गई थी।हाई कोर्ट ने कहा कि यदि याची कई दशकों से सेवा में हैं तो उन्हें इसका प्रमाण सक्षम प्राधिकारी या श्रम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। केवल सामान्य और अप्रमाणित दावों पर नियमितीकरण का आदेश नहीं दिया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में उचित उपाय संबंधित लेबर कोर्ट या औद्योगिक न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाना है, जहां साक्ष्यों के आधार पर कर्मचारी और नियोक्ता के बीच संबंध तथा सेवा अवधि का निर्धारण किया जा सकता है। इसी आधार पर अदालत ने अपील को खारिज कर दिया।

Haryana High Court का बड़ा फैसला, 396 दिन अनुपस्थित पुलिसकर्मी की अनिवार्य रिटायरमेंट कायम

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति दंड नहीं बल्कि जनहित में लिया गया प्रशासनिक निर्णय होता है और इसके लिए कर्मचारी के पूरे सेवा रिकॉर्ड को आधार बनाया जा सकता है। अदालत ने कहा कि पहले दी गई विभागीय सजा के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश अपने आप में दोहरी सजा नहीं माना जा सकता। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने करनाल निवासी हरियाणा पुलिस के एक कर्मचारी की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि कर्मचारी के लंबित सेवा लाभ तीन माह के भीतर जारी किए जाएं। पुलिस कर्मी ने एकल पीठ के 11 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी गई थी। उनका तर्क था कि उन्हें पहले ही 396 दिन तक ड्यूटी से गैर-हाजिर रहने के मामले में दंडित किया जा चुका है, इसलिए उसी आधार पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देना दोहरी सजा के समान है। हाई कोर्ट ने अस्वीकार की दलील हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि कानून स्पष्ट है कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, बल्कि जनहित में यह तय करने का अधिकार नियोक्ता के पास है कि किसी कर्मचारी को आगे सेवा में बनाए रखना उचित है या नहीं। इसके लिए कर्मचारी के पूरे सेवा रिकॉर्ड का मूल्यांकन किया जा सकता है। अदालत ने पाया कि याची को अतीत में कई बार चेतावनी और निंदा जैसी सजाएं मिल चुकी थीं। वर्ष 2017 में उन्हें समय पर अदालत और महाधिवक्ता कार्यालय में उपस्थित नहीं होने पर निंदा की सजा दी गई थी। इसके अलावा 2018 और 2019 में भी विभिन्न मामलों में चेतावनी और निंदा के दंड दिए गए थे। रिपोर्ट में ईमानदारी पर उठे सवाल अदालत ने उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्टों का भी उल्लेख किया, जिनमें उन्हें कई अवसरों पर औसत से नीचे दर्ज किया गया था। एक रिपोर्ट में उनकी ईमानदारी को संदिग्ध बताया गया, जबकि व्यवहार, नेतृत्व क्षमता और सरकारी कार्यों में रुचि को भी संतोषजनक नहीं माना गया था। रिपोर्ट में उन्हें लापरवाह, गैर-जिम्मेदार और अविश्वसनीय कर्मचारी तक कहा गया था। खंडपीठ ने कहा कि इन सभी तथ्यों को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी के पास यह निष्कर्ष निकालने के पर्याप्त आधार थे कि कर्मचारी की आगे की सेवा जनहित में नहीं है और वह विभाग के लिए ''डेडवुड'' बन चुका है। अदालत ने माना कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति का निर्णय उचित सामग्री पर आधारित था, इसलिए इसमें न्यायिक हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। इसी के साथ अपील को खारिज कर दिया गया।

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, नालों की सफाई की निगरानी अब IAS और HCS अधिकारियों के जिम्मे

चंडीगढ़. हरियाणा में मानसून की तैयारियों तथा जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आईएएस एवं एचसीएस अधिकारियों को नालों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान प्री-मानसून डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी। सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों में चल रहे नालों के सफाई कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने नगर निगम आयुक्तों तथा उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अगले तीन दिन के भीतर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपने क्षेत्रों में जल निकासी अवसंरचना का मौके पर जाकर निरीक्षण कराया जाए। विशेष निगरानी अभियान के तहत प्रत्येक आईएएस और एचसीएस अधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में कम से कम पांच किलोमीटर लंबाई के नालों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को निरीक्षण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट, फोटोग्राफ तथा स्थलीय अवलोकन सहित शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, ताकि कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून की तैयारियां केवल कार्यालय में बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर डी-सिल्टिंग कार्यों की गुणवत्ता का सत्यापन करना होगा। संवेदनशील स्थानों की पहचान करनी होगी। कमियों का पता लगाना होगा तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नाले का निरीक्षण सुनिश्चित कर सभी रुकावटें दूर की जाएं। लंबित कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों के जोखिम को न्यूनतम किया जा सके। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा और पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मकरंद पांडुरंग ने भी अपनी बात रखी।

मुक्तसर से CM सैनी का हुंकार, बोले- पंजाब को उसकी खोई पहचान लौटाने का वक्त आ गया

 मुक्तसर   पंजाब की राजनीतिक सरजमीं पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक बार फिर सूबे के लोगों को साधने की कोशिश की। श्री मुक्तसर साहिब की में जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब पंजाब को अपनी खोई हुई पहचान, विकास और गौरव को फिर से हासिल करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों को निशाने पर लेते हुए दावा किया कि दोनों दल जनता की उम्मीदों पर खरे उतरने में विफल रहे हैं। संबोधन की शुरुआत प्रथम पातशाही श्री गुरु नानक देव जी, सभी गुरु साहिबानों, साहिबजादों और महापुरुषों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने कहा कि श्री मुक्तसर साहिब की यह पवित्र धरती चालीस मुक्तों, भाई महा सिंह जी और माई भागो जी के अद्वितीय बलिदान की साक्षी है। सैनी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा का रिश्ता केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि साझा संस्कृति, भाषा और भावनाओं का रिश्ता है। उन्होंने कहा कि वे पंजाब की जनता के बीच किसी पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि छोटे भाई और शुभचिंतक के रूप में आए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने पहले कांग्रेस और फिर आम आदमी पार्टी को मौका दिया, लेकिन दोनों सरकारें अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम देने में असफल रहीं। उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार, परिवारवाद और विकास कार्यों को बाधित करने के आरोप लगाए, जबकि आम आदमी पार्टी पर वादाखिलाफी और पंजाब को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने का आरोप लगाया। इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजक पार्टी नेता मनवीर कौर गिल, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार तरुण भंडारी, प्रदेश महामंत्री सरदार दयाल सिंह सोढ़ी, जिलाध्यक्ष मुक्तसर सतीश असीजा, विधानसभा इंचार्ज राजेश पठेला, पूर्व सांसद सरदार जगमीत सिंह बराड़, राहुल सिद्धू, पूजा कक्कड़, बलिवंद्र सिंह मिंकल, गुरचरण सिंह, अमनदीप, देवदत्त शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। महिलाओं के मुद्दे पर आप सरकार को घेरा मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव के दौरान महिलाओं को प्रतिमाह 1100 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ। इसके उलट उन्होंने हरियाणा सरकार की दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में गरीब परिवारों की महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जा रही है और करोड़ों रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं। नशा, अपराध और बेरोजगारी को बताया पंजाब की बड़ी चुनौती नायब सैनी ने पंजाब में बढ़ते नशे, अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि नशे ने हजारों परिवारों को प्रभावित किया है और युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में ड्रग तस्करी, गैंगवार, फिरौती और संगठित अपराध की घटनाओं ने आम लोगों में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। व्यापारी, उद्योगपति और आम नागरिक सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं तथा अपराधियों में कानून का भय कम होता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार के अवसर सीमित होने के कारण बड़ी संख्या में युवा विदेशों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। किसानों के मुद्दे पर हरियाणा मॉडल का जिक्र किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 11 सीजन में 12 लाख किसानों के खातों में एमएसपी के तहत 1.64 लाख करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत पंजाब के किसान आज भी अपने अधिकारों और चुनावी वादों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। ‘भाजपा घोषणाएं नहीं, परिणाम देती है’ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए 217 संकल्पों में से 66 को डेढ़ वर्ष के भीतर पूरा किया जा चुका है और शेष पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने पंजाब की जनता से अपील करते हुए कहा कि राज्य के भविष्य, युवाओं की तरक्की और विकसित भारत के निर्माण के लिए सही निर्णय लेना समय की आवश्यकता है।