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पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से हरियाणा में बारिश और तेज आंधी की संभावना

चंडीगढ़ हरियाणा में अप्रैल के जाते-जाते मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आज, गुरुवार (30 अप्रैल) को प्रदेश के 6 जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आज पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत और पानीपत में धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही गुरुग्राम, नूंह, पलवल और फरीदाबाद जैसे जिलों में भी हल्की से मध्यम बूंदाबांदी हो सकती है। भिवानी सबसे गर्म, सोनीपत में ठंडक पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में औसतन 1.2°C की बढ़ोतरी देखी गई है।     सबसे कम तापमान: सोनीपत में 20.2°C दर्ज किया गया।     सबसे अधिक तापमान: भिवानी में न्यूनतम तापमान 28°C रहा, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है।     अधिकतम तापमान: नूंह (बोपानी) में पारा 38.7°C तक पहुँचा, जबकि नारनौल में 36.5°C और हिसार में 38.6°C रिकॉर्ड किया गया। 2 मई से फिर बदलेगा मौसम राहत की बात यह है कि भीषण गर्मी से फिलहाल कुछ दिन और निजात मिलेगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि 2 से 5 मई के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दोबारा बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बन रही है। मौसम विभाग ने की एडवाइजरी मौसम में अचानक आए इस बदलाव और तेज हवाओं को देखते हुए विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की सलाह दी है:     किसान भाई: कटी हुई फसलों और अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।     आम नागरिक: आंधी के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।     वाहन चालक: धूल भरी आंधी के दौरान दृश्यता कम होने पर सावधानी से वाहन चलाएं।

जनगणना अभियान शुरू: हरियाणा में सिरसा-करनाल ने मारी बाजी, नूंह पिछड़ा

चंडीगढ़. हरियाणा में 77 लाख से अधिक परिवार हैं, पर अभी तक मात्र दो लाख 46 हजार परिवारों ने ही स्वगणना कराई है। गुरुवार को स्वगणना का अंतिम दिन है, शुक्रवार से वास्तविक मकान सूचीकरण और जनगणना कार्य शुरू हो जाएगा। स्वगणना में सिरसा और करनाल सबसे आगे हैं, जबकि नूंह पिछड़ा हुआ है। जनगणना निदेशक ललित जैन ने प्रदेश के लोगों से कहा है कि वे अंतिम दिन अधिक से अधिक स्वगणना के लिए आगे आएं। जनगणना निदेशालय हरियाणा के निदेशक डा. ललित जैन के अनुसार स्वगणना बहुत ही सरल प्रक्रिया है और पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर इसे पांच-सात मिनट में पूरा किया जा सकता है। इसके बाद जनगणना करने वाले (एन्यूमरेटर) के साथ केवल वह जारी किया गया आइडी नंबर साझा करना होगा। पूरे राज्य में एक मई से वास्तविक मकान सूचीकरण और जनगणना कार्य शुरू होंगे। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे सभी एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर को पूरा सहयोग दें और उन्हें सही, सटीक तथा अद्यतन जानकारी प्रदान करें। इस जानकारी को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा और किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा। आवश्यक जानकारी देने से इन्कार है दंडनीय अपराध जनगणना निदेशक ने चेतावनी दी कि जनगणना अधिकारियों को जरूरी जानकारी देने से इन्कार करना या उनके साथ असहयोग करना जनगणना अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। यदि किसी एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर या नागरिक को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ता है तो वे अपने संबंधित सुपरवाइजर से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जनगणना विभाग का हेल्पलाइन नंबर 1855 भी उपलब्ध कराया गया है, जिस पर कोई भी नागरिक, गणनाकार या पर्यवेक्षक अपनी समस्याओं की रिपोर्ट कर सकता है। प्रत्येक शिकायत या समस्या पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला     स्वगणना कराने वाले परिवार सिरसा     22,845 करनाल     22,836 जींद     19,486 फतेहाबाद     14,602 सोनीपत     12,780 महेंद्रगढ़     12,674 गुरुग्राम     12,607 हिसार     11,927 रोहतक     11,366 यमुनानगर     11,348 पंचकूला     10,910 झज्जर     10,560 रेवाड़ी     10,494 फरीदाबाद     9,623 चरखी दादरी     9,586 भिवानी     8,307 हांसी     7,963 कैथल     6,341 कुरुक्षेत्र     4,912 अंबाला     4,846 पानीपत     4,841 पलवल     3,134 नूंह     1,897

निवेशकों के लिए बड़ी पहल: Haryana Government का ओम्निबस बिल, खत्म करेगा नियमों का मकड़जाल

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने निवेश के मामले में प्रदेश को अग्रणी गंतव्य बनाने के मकसद से प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विनियमन में ढील (डी-रेगुलेशन) देने का अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में प्रस्तावित सर्वग्राही विधेयक (ओम्निबस बिल) के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा सुधारों को संस्थागत रूप देने की तैयारी है। कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव श्री के.के. पाठक और हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में यहां हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में अनुपालन में कमी और डी-रेगुलेशन फेज-2 के अन्तर्गत हुए सुधारों की समीक्षा की गई। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए प्रस्तावित हरियाणा ओम्निबस बिल विभिन्न नियामकीय बदलावों को एकीकृत विधायी ढांचे में समाहित करेगा। इससे विभागों में एकरूपता सुनिश्चित होगी और लालफीताशाही को कम करने तथा शासन को सरल बनाने वाले सुधारों को दीर्घकालिक कानूनी आधार मिलेगा। वरिष्ठ प्रशासनिक सचिवों ने प्रगति की समीक्षा की बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों ने 28 प्राथमिकता वाले सुधार क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। इन सुधारों का उद्देश्य अनुपालन बोझ को कम करना, स्वीकृति प्रक्रियाओं में तेजी लाना तथा व्यवसायों, संस्थानों और नागरिकों के लिए एक सुगम पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है। अधिकांश सुधार प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा चुके हैं और कई लागू होने की प्रक्रिया में हैं, जो राज्य के सुधार एजेंडे में तेजी को दर्शाता है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को लंबित प्रस्तावों को शीघ्र पूरा करने, एमआईएस पोर्टल पर कार्ययोजनाएं तुरंत अपलोड करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सुधारों का जमीनी स्तर पर स्पष्ट और मापनीय प्रभाव दिखाई दे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों की सफलता जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करेगी। सुधारों के प्रमुख क्षेत्रों में भूमि और निर्माण नियमों का सरलीकरण शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र में ‘चेंज ऑफ लैंड यूज’ (सीएलयू) की आवश्यकता नहीं है, जिससे निवेशकों और भूमि मालिकों को बड़ी राहत मिली है। सीएलयू स्वीकृतियों को स्वचालित बनाने की दिशा में कार्य शेष नियंत्रित क्षेत्रों में भी सीएलयू स्वीकृतियों को स्वचालित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह प्रणाली औद्योगिक क्षेत्रों में पहले से लागू है और मार्च 2027 तक इसका अन्य श्रेणियों में भी विस्तार करने की योजना है। मांग आधारित भूमि उपयोग प्रणाली में गतिविधियों की अनुमति होगी जब तक कि वे विशेष रूप से प्रतिबंधित न हों। इससे नियामकीय बाधाओं में और कमी आएगी। निर्माण क्षेत्र में कब्जा प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक अनुमोदनों को सरल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कई अनावश्यक एनओसी को हटाने का प्रस्ताव है, जिससे समय और लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र को एक सशक्त सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे सभी व्यावसायिक स्वीकृतियों के लिए एकीकृत प्रणाली उपलब्ध होगी। यह प्लेटफॉर्म विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर तेज निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा। लगभग 30 दिनों में स्वीकृति देने के लक्ष्य के साथ ‘सर्विस लेवल एग्रीमेंट’ लागू किए जा रहे हैं। साथ ही, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए डिजिटल डैशबोर्ड भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्वीकृति की समय-सीमा की निगरानी की जा सकेगी। राज्य सरकार के इस सुधार एजेंडे में क्या? सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) राज्य सरकार के इस सुधार एजेंडे के केंद्र में हैं। नए सुधारों के तहत औद्योगिक प्लॉट के उप-विभाजन, पूर्व स्वीकृति के बिना व्यवसायिक गतिविधियों में बदलाव, संपत्तियों के हस्तांतरण या सब-लीज की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। प्रस्तावित ‘हरियाणा राइट टू बिजनेस एक्ट’ के तहत उद्यमों को स्व-घोषणा के आधार पर कार्य शुरू करने की अनुमति होगी और शुरुआती चरण में निरीक्षणों में भी कमी की जाएगी। इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिए 500 करोड़ रुपये का ‘सक्षम’ फंड प्रस्तावित है, जिससे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का उन्नयन किया जाएगा। इसके अलावा, अपशिष्ट उपचार और अग्नि सुरक्षा जैसी साझा सुविधाओं के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर भी कार्य किया जा रहा है। हरियाणा अब पारंपरिक और जटिल प्रावधानों के स्थान पर वैश्विक मानकों के अनुरूप जोखिम-आधारित आधुनिक अग्नि सुरक्षा नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में साझा अग्नि सुरक्षा ढांचा विकसित करने से लागत कम होगी और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। अनावश्यक लाइसेंस समाप्त करने में भी उल्लेखनीय प्रगति राज्य ने अनावश्यक लाइसेंस समाप्त करने में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। नगर निगम कानूनों से ट्रेड लाइसेंस पहले ही हटाए जा चुके हैं और प्रस्तावित ओम्निबस बिल के तहत अन्य लाइसेंसों को भी सरल बनाने की योजना है, जिससे विनियामक ढांचे में दोहराव खत्म होगा। बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डाॅ. अमित कुमार अग्रवाल, अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जे. गणेशन तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हरियाणा: पुलिस परिवारों के लिए शगुन योजना लागू, शादी खर्च में मिल रही मदद

चंडीगढ़ हरियाणा पुलिस द्वारा पुलिस परिवारों के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई शगुन योजना 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी रूप से लागू हो चुकी है। इस पहल के तहत अप्रैल माह में अब तक 18 पुलिसकर्मियों को उनके बच्चों की शादी के लिए 2.5-2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा 12 नए आवेदन वर्तमान में प्रक्रियाधीन हैं। डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से पुलिसकर्मियों के बच्चों, खासकर बेटियों के विवाह के दौरान आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से शुरू की गई है, ताकि पुलिसकर्मी बिना वित्तीय दबाव के अपने पारिवारिक दायित्व निभा सकें। योजना से लाभान्वित एसआई कमल चंद ने बताया कि बेटी की शादी जैसे भावनात्मक अवसर पर आर्थिक प्रबंधन चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन शगुन योजना से मिली सहायता उनके परिवार के लिए बड़ी राहत बनी है। अनुभव साझा करते हुए लाभार्थियों की प्रतिक्रिया एसआई कमल चंद ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बेटी के विवाह जैसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक अवसर पर आर्थिक प्रबंधन करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है, ऐसे में शगुन योजना के तहत मिली सहायता हमारे लिए बड़ी राहत साबित हुई है। इसी प्रकार, एक अन्य लाभार्थी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि इस योजना ने हमें आत्मसम्मान के साथ अपने सामाजिक दायित्व निभाने की शक्ति दी है। यह केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि विभाग की ओर से हमारे प्रति विश्वास और सम्मान का प्रतीक है। कुछ कर्मियों ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिस संवेदनशीलता के साथ हमारे परिवारों की जरूरतों को समझा है, वह सराहनीय है। इससे हमें यह भरोसा मिलता है कि विभाग हर परिस्थिति में हमारे साथ खड़ा है।  

पॉलिटेक्निक छात्रों का कमाल, वेस्ट मटेरियल से तैयार की पेट्रोल से चलने वाली ऑफ-रोड बग्गी

अंबाला अक्सर कहा जाता है कि यदि इंसान ठान ले तो सीमित संसाधनों से भी बड़े काम किए जा सकते हैं. दरअसल जुगाड़, हुनर और जज़्बा, जब ये तीनों एक साथ मिलते हैं, तो साधारण संसाधन भी असाधारण नतीजे दे जाते हैं. बता दें कि, इस कहावत को सच कर दिखाया है राजकीय पॉलिटेक्निक, अंबाला के ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के छात्रों ने, जिन्होंने कबाड़ यानी वेस्ट मटेरियल से एक अनोखी छोटी गाड़ी (बग्गी) तैयार कर सबको चौंका दिया है. वहीं छात्रों ने अपनी इस अनूठी रचना का नाम “यमदूद” रखा है, जो इन दिनों काफी ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है. वही इस बग्गी को तैयार करने में लोहे के पाइप और पुराने वाहनों के अनुपयोगी पार्ट्स का इस्तेमाल किया गया है. हैरानी की बात तो यह है कि इस पूरी गाड़ी को बनाने में छात्रों का केवल लगभग 80 हजार रुपये का खर्चा आया हैं. हालांकि, इस बग्गी में उपयुक्त अधिकांश सामग्री पहले से उपलब्ध कबाड़ से ली गई, जिससे लागत बेहद कम रही है ओर छोटी गाड़ी का एक अच्छा मॉडल तैयार हुआ हैं. इस बग्गी की खासियत सिर्फ इसकी कम लागत ही नहीं हैं, बल्कि इसमें दिए गए आधुनिक सेफ्टी फीचर्स ओर मनोरंजन के स्पीकर लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं. गाड़ी को तैयार करने में 80 हजार रुपए का आया खर्चा वहीं इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए छात्र नैतिक ने बताया कि उनके द्वारा बनाई गई, यह गाड़ी टूटी सड़कों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि यह ऑफ रोड पर काफी आराम से चलती हैं. उन्होंने कहा कि इसका डिजाइन भी इस तरह से तैयार हुआ है कि इसका वेट काफी कम है और दूसरी गाड़ियों के मुकाबले इसका इंजन गाड़ी के आखरी में रखा गया है. ताकि यह सही ढंग से चल सके और खेतों में दूसरी गाड़ियों के मुकाबले बिल्कुल कंफर्टेबल तरीके से कार्य करें. उन्होंने बताया कि इस गाड़ी को तैयार करने में उनका लगभग 80 हजार रुपए का खर्चा आया है, ओर सभी साथियों ने मिलकर यह अपने खर्चे पर गाड़ी (बग्गी) तैयार की हैं. उन्होंने कहा कि इस बग्गी को बनाने में पांच लोगों को दो महीने का समय लगा है ओर इसके इंजन के ऊपर एक बड़ा फेन, पंखा लगाया है ताकि वह ठंडा रह सके. उन्होंने बताया कि यह गाड़ी पेट्रोल से चलती है और लगभग 1 लीटर पेट्रोल में 20 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है, जो इसे किफायती भी बनाता है. उन्होंने बताया वेस्ट पाइप और प्लास्टिक के साथ-साथ गाड़ी के पार्ट्स की मदद से यह बग्गी तैयार हुई है, और इसमें सेफ्टी के लिए लाइटिंग व मनोरंजन के लिए म्यूजिक सिस्टम लगाया हैं. वहीं छात्र तुषार ने बताया कि ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग फील्ड में उन्हें गाड़ी के इंजन के बारे में पढ़ाया गया था, जिसके बाद उनके मन में विचार आया कि क्यूं न वह वेस्ट मटेरियल से एक गाड़ी तैयार करें. उन्होंने बताया कि इस गाड़ी में फिर 624 सीसी का इंजन फिट किया गया था और अब वह इस गाड़ी को काफी आसानी से चला पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस गाड़ी में आगे दो लोग बैठ सकते हैं और पीछे तीन लोगों के खड़े होने की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि इस गाड़ी में फीचर दूसरे गाड़ियों के मुकाबले काफी ज्यादा बदले गए हैं और इसमें टेक्निकल चेंज करके बग्गी के मॉडल को तैयार किया हैं. उन्होंने कहा कि जल्द वह इस गाड़ी को मार्केट में उतारेंगे और फिर यह ग्रामीण क्षेत्र में काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होगी.

कीट प्रकोप से कपास फसल प्रभावित, हरियाणा के किसान अब बाजरा और ग्वार की तरफ मुड़े

ढिगावा मंडी. हरियाणा में कपास की खेती करने में किसान रूचि नहीं दिखा रहे हैं। मार्केट में अच्छा भाव मिलने के बावजूद भी किसानों का कपास से मोह भंग हो चुका है। मार्केट में नरमा कपास इस समय आठ से 10 हजार रुपये क्विंटल बिक रही है। इसके बावजूद किसान कपास की फसल की बिजाई करने में ज्यादा रुचि नहीं ले रहे। जिसके कारण पिछले साल से 60 से 65 प्रतिशत तक कपास का रकबा घट सकता है। कपास की फसल से किसानों का मोह भंग होने का कारण गुलाबी सुंडी है। गुलाबी सुंडी ने पिछले साल कपास की फसल में कहर ढाया था। जिसके कारण किसानों ने समय से पहले कपास की फसल काटकर अगली फसल की बिजाई कर दी थी। सरकार और कृषि विभाग को भी पहले से ही इस बार कपास का रकबा घटने का अंदेशा था। जिसके चलते गुलाबी सुंडी पर नियंत्रण पाने के लिए खरीफ सीजन से पहले ही प्रयास शुरू कर दिए गए थे। अधिकारियों ने किया था किसानों से संपर्क कृषि विभाग के अधिकारियों ने काटन मिल में जाकर निरीक्षण किया और वहां रखे बिनौले को ढक कर रखने के आदेश दिए थे, ताकि बिनौले से निकल कर गुलाबी सुंडी का फैलाव ना हो। वहीं खेतों में रखे कपास के फसल अवशेष (लकड़ी) भी उठाने या नष्ट करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से संपर्क किया। ताकि फसल अवशेष में अगर गुलाबी सुंडी है, तो वो भी नष्ट हो जाए और कपास की अगली फसल में जाए। लेकिन कृषि विभाग के प्रयासों के बावजूद कपास की फसल की बिजाई करने में किसान कम रुचि ले रहे हैं। पिछले साल एक लाख 52 हजार एकड़ में कपास की फसल थी भिवानी जिले का लोहारू, बहल क्षेत्र कपास उत्पादन के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यहां के किसान बाजरा, ग्वार, मूंग की फसलों का रुख कर रहे हैं। दैनिक जागरण टीम ने किसानों से इस बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि भूजल स्तर तेजी से गिरना, समर्थन मूल्य पर अनिश्चितता, गुलाबी सुंडी व सफेद मक्खी का प्रकोप किसानों ने कपास की खेती छोड़ने का प्रमुख कारण बताया। बता दें की भिवानी जिले में पिछले साल एक लाख 52 हजार एकड़ में कपास की फसल थी। 15 मई तक कपास की बिजाई के लिए अनुकूल समय माना जाता है, लेकिन अभी तक नाममात्र एकड़ पर ही कपास की बिजाई हो पाई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आठ से 10 हजार एकड़ में और कपास की बिजाई हो सकती है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगले पांच दिन मौसम कपास फसल बिजाई के लिए अनुकूल है। क्योंकि वर्षा से तेजी से बढ़ रहे तापमान में गिरावट आई है।

स्मार्ट सिटी से खेल सुविधाओं तक: सोनीपत के लिए भाजपा का बड़ा विकास एजेंडा

सोनीपत भारतीय जनता पार्टी ने आगामी निकाय चुनाव के लिए सोनीपत नगर निगम का विशेष 'संकल्प पत्र' जारी कर दिया है। 'समर्पित सेवा-सशक्त सुशासन' के वादे के साथ पार्टी ने शहर के बुनियादी ढांचे, खेल सुविधाओं और महिला सुरक्षा के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं।   सोनीपत के लिए बड़े विकास प्रोजेक्ट्स     जल प्रबंधन: शहर में लगभग 390 करोड़ की लागत से आधुनिक जल निकासी प्रणाली का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, गांव राठधना (90 करोड़) और गांव देवडू (20 करोड़) में नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। जल आपूर्ति के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹50 करोड़ खर्च होंगे।     स्मार्ट सिटी और सुरक्षा: शहर की निगरानी के लिए 200 करोड़ की लागत से 'एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र' (ICCC) बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रमुख स्थानों पर व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया जाएगा।     सड़कें और पार्किंग: नगर निगम क्षेत्र के सभी सेक्टरों में 50 किमी मुख्य सड़कों और ग्रीन बेल्ट के कार्यों पर ₹190 करोड़ खर्च किए जाएंगे। जाम की समस्या से निपटने के लिए ₹80 करोड़ की लागत से मल्टी-लेवल पार्किंग बनाई जाएगी।   खेल और सामुदायिक सुविधाएं     खेलों को बढ़ावा: सेक्टर-4 स्पोर्ट्स स्टेडियम में ₹50 करोड़ की लागत से अतिरिक्त खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा, गांव लहराडा (20 करोड़) और ऋषि कॉलोनी (10 करोड़) में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे।       जनसुविधाएं: शहर में 40 करोड़ की लागत से 520 सीटों वाला सभागार और सेक्टर-23 में 10 करोड़ की लागत से आधुनिक डिस्पेंसरी का निर्माण होगा। ड्रेन नंबर 6 के सौंदर्यीकरण और शॉपिंग एरिया के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है।   महिलाओं और नागरिकों के लिए विशेष पहल     पिंक टॉयलेट: महिलाओं के लिए सभी निकायों में पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे, जहाँ सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और शिशु आहार कक्ष जैसी सुविधाएं मिलेंगी।       मालिकाना हक और टैक्स राहत: 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को मकानों का वैध मालिकाना हक (रजिस्ट्री) दिया जाएगा। महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड मकानों पर 25% हाउस टैक्स छूट दी जाएगी।       डिजिटलीकरण: प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और बिल्डिंग प्लान अप्रूवल जैसी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा।  

Haryana Politics: नायब सिंह सैनी का बड़ा दांव, संकल्प पत्र में पंचकूला के पुराने निवासियों को राहत

पंचकूला. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज पंचकूला में भाजपा के प्रदेश कार्यालय "पंचकमल" के अटल सभागार में नगर निकाय चुनाव के लिए भाजपा के "संकल्प पत्र" (घोषणा पत्र) का विमोचन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, रणबीर गंगवा, विपुल गोयल, राज्यसभा सांसद कार्तिक शर्मा, कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, पूर्व स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता, पूर्व मंत्री कँवर पाल ग़ुज्जर, पंचकूला से भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्याम लाल बंसल भी संकल्प पत्र के विमोचन के अवसर पर मंच पर मौजूद रहे। भाजपा के इस विजन डॉक्यूमेंट में शहरी विकास, बेहतर प्रशासन और नागरिक सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। पंचकूला के लिए जारी घोषणाओं में खड़क मंगोली में करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से 2100 फ्लैट बनाकर पुनर्वास योजना लागू करने का वादा किया गया है। साथ ही 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को मालिकाना हक देने की बात कही गयी है। स्वच्छता और जल प्रबंधन के तहत 160 करोड़ रुपये की लागत से पांच नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाये जाएंगे और कचरा प्रबंधन पर 100 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट और आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। यातायात सुधार के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-05 पर फ्लाईओवर और घग्गर नदी पर पुल निर्माण की योजना है। इसके अलावा मॉडल सड़कें और मल्टीलेवल पार्किंग भी बनायी जाएंगी। खेल और शिक्षा के क्षेत्र में विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज और स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित है, जबकि स्मार्ट लाइब्रेरी और पार्क में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान कई नेताओं ने भाजपा का दामन भी थामा। कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले ही पाटर्ी का घोषणा पत्र जारी कर चुके हैं। कुल मिलाकर, चुनावी मुकाबला अब पूरी तरह रोचक होता नजर आ रहा है। 

Panchkula Transport Update: बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन के लिए डायरेक्ट बस सेवा शुरू

पंचकूला. चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिये पंचकूला से कनेक्ट हो गया है। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग कारपोरेशन (सीटीयू) की तरह अब पंचकूला बस स्टैंड से हरियाणा रोडवेज की बसें यात्रियों को लेकर स्टेशन तक पहुंचेंगी। स्टेशन पर पंचकूला की तरफ बस स्टाॅप बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही पंचकूला की बसें स्टेशन पर आने लगेंगी। स्टेशन पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कनेक्टिविटी होने से यात्रियों को महंगी टैक्सी और आटो का किराया खर्च नहीं करना पड़ेगा। स्टेशन पर पंचकूला की तरफ बस स्टाप बनकर तैयार हो चुका है, हालांकि अभी रोड की कनेक्टिविटी का काम चल रहा है। सड़क निर्माण पूरा होने पर पंचकूला की तरफ से बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। अभी सिर्फ एक बस सुबह के समय पंचकूला से स्टेशन तक आ रही है। आने वाले दिनों में बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी। स्टेशन पर आने व जाने वाले यात्रियों को बस स्टाॅप से बस मिलेगी और गंतव्य तक पहुंचाएगी। पंचकूला, पिंजौर-कालका के यात्रियों को फायदा पंचकूला की तरफ से पिंजौर, कालका और आसपास के यात्रियों के लिए फायदा होगा। इससे पहले पंचकूला की तरफ से पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने की वजह से यात्रियों को स्पेशल टैक्सी या आटो करना पड़ता था, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ता था। अभी फिलहाल चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग कारपोरेशन (सीटीयू) की बसों की स्टेशन तक कनेक्टिविटी है। अब दोनों तरफ से बसों की सुविधा होने से यात्रियों को फायदा होगा। अंतिम चरण पर स्टेशन का काम उधर, दूसरी तरफ चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने का काम भी अपने अंतिम चरण पर है। रेलवे स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ नया फाइव-स्टार रेलवे स्टेशन बनेगा, जिसमें रूफ प्लाजा और मॉड्यूलर डिजाइन शामिल है। बसें रेलवे स्टेशन तक आएंगी पंचकूला की तरफ बस स्टाप बन गया है। अभी कुछ जगह सड़क निर्माण चल रहा है, जो जल्द पूरा हो जाएगा। इसके बाद पंचकूला साइड से बसें रेलवे स्टेशन तक आएंगी। – संजीव कुमार चौधरी, स्टेशन अधिक्षक, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन।

Bus Accident Mystery: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, विस्फोट की आशंका पर जांच तेज

भिवानी. बवानीखेड़ा के गांव मिलकपुर में सोमवार रात करीब आठ बजे प्राइवेट बस में लगी भीषण आग ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि आठ यात्री गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में से पांच के बयान पुलिस ने दर्ज किए हैं। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार, बस में अचानक तेज धमाका हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई। इसके बाद अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मृतकों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर एक पुलिस कर्मी और एक निजी कंपनी के आपरेटर होने की आशंका जताई जा रही है। डीएनए जांच के लिए भेजे गए सैंपल घटना में दोनों शव पूरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान नहीं हो सकी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मंगलवार को जिला नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां से डीएनए जांच के लिए सैंपल मधुबन भेजे गए हैं। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम पुष्टि की जाएगी। प्रशासन ने परिजनों से सहयोग की अपील की है ताकि जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और सच्चाई सामने आ सके। टायर फटने की थ्योरी कमजोर शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बस का टायर फटना माना जा रहा था। आशंका थी कि टायर का हिस्सा तेल के टैंक से टकराया, जिससे टैंक फट गया और आग भड़क उठी। हालांकि जांच के दौरान तेल का टैंक सही हालत में मिलने से यह संभावना कमजोर पड़ गई है। इसके बाद अब मामले में विस्फोट यानी ब्लास्ट की आशंका गहराने लगी है। पुलिस इस एंगल को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है, ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके। बैलिस्टिक और फोरेंसिक जांच से खुलेगा राज पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने घटनास्थल का दौरा कर स्पष्ट किया कि मामले की गहराई से जांच के लिए बैलिस्टिक टीम की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही फारेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस अधिकारी भी मौके से साक्ष्य जुटाने में लगे हैं। उप पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह, थाना प्रभारी सुरेश कुमार और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी है। घायलों का उपचार हांसी और हिसार के अस्पतालों में जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह एक हादसा था या किसी साजिश के तहत विस्फोट किया गया।