samacharsecretary.com

नर्मदा में बोटिंग करते वक्त चट्टानों पर आराम करता तेंदुआ, पर्यटकों में अफरातफरी

ओंकारेश्वर  जिले की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में  सुबह बोटिंग कर रहे पर्यटकों को नर्मदा किनारे चट्टानों पर तेंदुआ दिखाई दिए जाने के बाद हलचल मच गई। ओंकारेश्वर बांध के बैकवॉटर क्षेत्र में काजलरानी माता मंदिर के पास बोटिंग कर रहे श्रद्धालु और पर्यटकों की नजर चट्टानों के बीच आराम कर रहे तेंदुए पर पड़ी। यह दृश्य देखते ही लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में इसे कैद करना शुरू कर दिया।  खास बात यह रही कि लोगों की मौजूदगी और हलचल के बावजूद तेंदुआ पूरी तरह शांत नजर आया। वह कभी चट्टानों पर बैठा रहा तो कभी इधर-उधर टहलता दिखाई दिया, मानो उसे आसपास की गतिविधियों से कोई फर्क ही न पड़ रहा हो। इस घटना के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें लोग काफी दिलचस्पी से देख रहे हैं। बता दें कि ओंकारेश्वर क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ियों और शांत वातावरण के लिए पहले से ही प्रसिद्ध है। यहां नर्मदा बैकवॉटर में बोटिंग का अनुभव पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहता है। ऐसे में तेंदुए की मौजूदगी ने इस जगह के रोमांच को और बढ़ा दिया है। आमतौर पर तेंदुए को देखकर डर का माहौल बन जाता है लेकिन यहां मौजूद लोग इस अनोखे दृश्य को देखकर उत्साहित नजर आए और उन्होंने इसे यादगार पल के रूप में कैद किया।

एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं रिजल्ट जल्द ही, यहां पाएं Direct Link सबसे पहले

भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MPBSE) से 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा दे चुके छात्र अपने परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। इस साल तकरीबन 16 लाख से अधिक छात्रों ने एमपी बोर्ड की परीक्षा दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम 15 से 20 अप्रैल के बीच जारी किया जाएगा। दोनों कक्षा का रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in और mpresults.nic.in पर जारी होगा। एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 के लिए 10वीं-12वीं कक्षा के छात्रों का रिजल्ट का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। बोर्ड किसी भी समय एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 जारी होने की तारीख और समय की घोषणा कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमपी बोर्ड का रिजल्ट 15 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 के बीच घोषित हो सकता है। बोर्ड दोपहर 1 बजे या 4 बजे के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिजल्ट घोषित करता है। इसके तुरंत बाद आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in और mpresults.nic.in पर एमपी बोर्ड के रिजल्ट का लिंक एक्टिव कर दिया जाता है। एमपी बोर्ड रिजल्ट कैसे चेक करें?     एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं रिजल्ट 2026 चेक करने के लिए मध्य प्रदेश बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट mpresults.nic.in या mpbse.nic.in पर विजिट करें।     ‘HSC (10th)’ या ‘HSSC (12th)’ रिजल्ट 2026 के लिंक पर क्लिक करें।     9 अंकों का अपना रोल नंबर और 8 अंकों का एप्लीकेशन नंबर डालें।     ‘Submit’ बटन दबाएं और मार्कशीट आपकी स्क्रीन पर होगी। फेल या कम नंबर हैं तो क्या करें? एमपी बोर्ड के छात्र अगर रिजल्ट से संतुष्ट नहीं हैं या एक-दो विषय में पास नहीं हो पाए हैं, तब भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है। अपना साल बचाने के लिए अब भी आपके पास 2 विकल्प रहेंगे। एमपी सरकार की यह मशहूर ‘रुक जाना नहीं’ योजना के जरिए बोर्ड परीक्षा में फेल होने वाले छात्र इसी साल दोबारा परीक्षा देकर अपना साल बचा सकते हैं। 1 या 2 विषयों में फेल स्टूडेंट्स एमपी बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षा देकर अपनी मार्कशीट सुधार सकते हैं। नंबर से असंतुष्ट हैं, तो कॉपी दोबारा चेक कराएं रिजल्ट के 15 दिनों के अंदर ‘MP Online’ पोर्टल पर जाकर ‘री-टोटलिंग’ या ‘कॉपी की फोटोकॉपी’ के लिए आवेदन करें। इसके लिए प्रति विषय एक निर्धारित शुल्क (लगभग 200-500 रुपये) देना होता है। एमपी बोर्ड सप्लीमेंट्री/कंपार्टमेंट परीक्षा कब होगी? एमपी बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षाएं आमतौर पर जून 2026 में आयोजित की जाती हैं। इसके फॉर्म रिजल्ट आने के एक हफ्ते बाद ही भरना शुरू हो जाते हैं। एमपी बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षा का परिणाम जुलाई के अंत तक आ जाता है। इससे छात्रों के लिए कॉलेज में प्रवेश ले पाना आसान हो जाता है। SMS से भी देख सकेंगे स्कोर इंटरनेट न होने पर छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. इसके लिए MPBSE10 रोल नंबर या MPBSE12 रोल नंबर लिखकर 56263 पर भेजना होगा. रिजल्ट आपके मोबाइल स्क्रीन पर फ्लैश हो जाएगा.    स्ट्रीम-वाइज नतीजे होंगे जारी कक्षा 12वीं के साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स तीनों स्ट्रीम के नतीजे एक साथ पोर्टल पर लाइव होंगे. इस बार छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहने का अनुमान लगाया जा रहा है. तकनीकी खामियों से बचने के लिए बोर्ड ने अतिरिक्त सर्वर की व्यवस्था की है.   स्कोरकार्ड कैसे डाउनलोड करें? 10वीं के छात्र रिजल्ट जारी होते ही mpbse.nic.in पर जाएं. 'Exam Results' टैब पर क्लिक करें और अपना रोल नंबर दर्ज करें. मार्कशीट की प्रोविजनल कॉपी तुरंत डाउनलोड की जा सकेगी. ओरिजिनल मार्कशीट स्कूल से प्राप्त करनी होगी.    टॉपर्स को मिलेगा सम्मान मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना के तहत इस बार भी टॉपर्स को प्रोत्साहित किया जाएगा. बोर्ड सूत्रों का कहना है कि 10वीं और 12वीं की स्टेट मेरिट लिस्ट तैयार हो चुकी है. परिणाम घोषित होने के बाद टॉप-10 छात्रों की सूची सार्वजनिक की जाएगी.

अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से एडवांस रजिस्ट्रेशन शुरू, 554 बैंक ब्रांच में होगी सुविधा उपलब्ध

 भोपाल  अमरनाथ यात्रा के लिए इस साल एडवांस रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए देशभर में 554 निर्धारित बैंक शाखाओं में रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की है। अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के लिए पंजीकरण और परमिट जारी करने की प्रक्रिया ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर की जाएगी। हालांकि, प्रत्येक बैंक शाखा में हर मार्ग के लिए प्रतिदिन एक तय कोटा निर्धारित किया गया है। जिसे पूरा होने के बाद उस दिन के लिए रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा। केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के श्रद्धालु ही इस पवित्र यात्रा के लिए पात्र होंगे। इसके अलावा, छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति नहीं दी गई है। कब से कब तक चलेगी यात्रा इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। कुल 38 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु पवित्र गुफा में भगवान शिव के हिमलिंग के दर्शन करने पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू हो रही है। ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन आवेदन Shri Amarnathji Yatra app और आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके लिए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के जरिए OTP सत्यापन अनिवार्य होगा। साथ ही, 8 अप्रैल 2026 या उसके बाद जारी किया गया अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (CHC) और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करना होगा। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं में शुरू होगा। प्रति व्यक्ति 150 रुपये शुल्क लिया जाएगा। अमरनाथ यात्रा के प्रमुख मार्ग अमरनाथ यात्रा दो मुख्य मार्गों से पूरी की जाती है। पहलगाम मार्ग: लगभग 46 किलोमीटर लंबा पारंपरिक रास्ता, जो अपेक्षाकृत आसान और धीरे-धीरे चढ़ाई वाला है। बालटाल मार्ग: लगभग 14 किलोमीटर लंबा लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता, जो कम समय में यात्रा पूरी करने वालों के लिए उपयुक्त है। सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा विभिन्न पड़ावों पर टेंट, आवास, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम और मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) लागू रहेंगी। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे कठिन मौसम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी के साथ यात्रा करें। ऊंचाई और ठंड को देखते हुए उचित कपड़े, दवाइयां और शारीरिक फिटनेस बेहद जरूरी है। 550 से ज्यादा बैंक शाखाओं में होगा रजिस्ट्रेशन श्रद्धालु 15 अप्रैल से देशभर की 550 से अधिक अधिकृत बैंक शाखाओं में जाकर अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण करा सकते हैं. इससे लोगों को रजिस्ट्रेशन कराने में आसानी होगी. इस व्यवस्था का मकसद यह है कि देश के अलग‑अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को पंजीकरण कराने में आसानी हो और वे अपने घर के पास ही रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकें।  पहले आओ, पहले पाओ श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने साफ किया है कि रजिस्ट्रेशन पूरी तरह पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा. यात्रा के हर रास्ते के लिए रोज की एक तय संख्या होगी यानी हर दिन सीमित संख्या में ही यात्रियों को अनुमति दी जाएगी. इससे भीड़ को कंट्रोल करने और यात्रा को ज्यादा सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।  कब से कब तक चलेगी यात्रा इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी. इस यात्रा के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु पवित्र गुफा में भगवान शिव के हिमलिंग के दर्शन करने पहुंचते हैं. इस बार भी यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल, 2026 से शुरू जो जाएगी। 

पुलिस ने स्टिंग ऑपरेशन में 900 किलो खराब खाद्य सामग्री जब्त की

नई दिल्ली दिल्ली के कपासहेड़ा इलाके में पुलिस ने एक्सपायर्ड खाद्य और कॉस्मेटिक उत्पादों के बड़े गोरखधंधे का खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में खराब और एक्सपायर्ड सामान बरामद किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान 34 वर्षीय अब्दुल मन्नान खान उर्फ मोनू के रूप में हुई है, जो बिजवासन का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ग्राहकों को सस्ते दामों पर एक्सपायर्ड या एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके सामान बेचता था, जिससे लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता था. पुलिस को 8 अप्रैल को इस मामले की सूचना मिली थी, जिसके बाद एक टीम ने स्टिंग ऑपरेशन चलाया. पुलिस ने डिकॉय ग्राहक बनाकर दुकान से सामान खरीदा. जांच में यह सामान एक्सपायर्ड पाया गया, जिसके बाद दुकान पर छापा मारा गया. कपासहेड़ा में पुलिस का स्टिंग ऑपरेशन छापेमारी के दौरान पुलिस को करीब 900 किलो एक्सपायर्ड किराना सामान मिला, जिसमें आटा, सूजी, पोहा, रवा, मसाले, पीनट बटर और बेबी फूड सप्लीमेंट शामिल थे. इसके अलावा बड़ी मात्रा में कॉस्मेटिक और पर्सनल केयर प्रोडक्ट भी बरामद किए गए. पुलिस ने बताया कि मौके पर करीब 2000 किलो डेयरी उत्पाद जैसे दही और पनीर भी पाए गए, जिन्हें बेहद खराब और अस्वच्छ स्थिति में रखा गया था. फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में इन सभी डेयरी उत्पादों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया. एक्सपायर्ड सामान का खुलासा जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग जगहों से एक्सपायर्ड, खराब या एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके सामान बेहद सस्ते दामों पर खरीदता था और फिर उन्हें ग्राहकों को बेचकर ज्यादा मुनाफा कमाता था. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है.

ईवी पर PUC चालान बना विवाद, पुलिस की गलती सामने आई

 नागौर कार या मोटरसाइकल का चालान कटना कोई नई बात नहीं, हर दिन अलग-अलग वजहों को लेकर कई चालान कटते हैं। लेकिन राजस्थान के नागौर जिले से चालान कटने का एक अचंभित कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां ट्रैफिक पुलिस ने कथित तौर पर एक इलेक्ट्रिक कार का प्रदूषण का चालान काट दिया। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना सात अप्रैल को जिला मुख्यालय क्षेत्र में कृषि मंडी तिराहे पर हुई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया। अब मामले की जांच शुरू हो गई है। 1700 रुपये का चालान किया अधिकारियों के अनुसार, यातायात पुलिस के एक सहायक उपनिरीक्षक ने इलेक्ट्रिक कार को रोका और 1700 रुपये का चालान जारी कर दिया, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र न होने और कार के शीशों पर काली फिल्म चढ़ी होने का हवाला दिया गया। वीडियो में चालक यह तर्क देता दिखता है कि इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) के लिए PUC सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती, लेकिन पुलिसकर्मी कथित तौर पर यह कहता नजर आता है कि चालान जारी होगा, क्योंकि पीओएस मशीन में पीयूसी प्रदर्शित नहीं हो रहा। 'चालान गलती से जारी हुआ प्रतीत होता है' जिला परिवहन अधिकारी अवधेश चौधरी ने कहा कि ईवी के लिए पीयूसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होती और संबंधित पुलिसकर्मी को इस विषय को ठीक से समझना चाहिए था। यातायात प्रभारी शिवदेव राम ने कहा कि चालान गलती से जारी हुआ प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि मामले की पड़ताल की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश के विद्यार्थियों ने देखी उत्तर-पूर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं जीवन शैली

भोपाल.  "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" कार्यक्रम अंतर्गत मध्यप्रदेश एवं नागालैंड के बीच सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक समन्वय को बनाने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक्सपोज़र विज़िट” का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने एक से 7 अप्रैल के बीच नागालैंड का भ्रमण किया। इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को उत्तर-पूर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं जीवनशैली को देखा। अब तक इस कार्यक्रम में 4 दलों को नागालैंड भ्रमण के लिए भेजा जा चुका है। विभाग द्वारा पहली बार इस तरह की पहल शुरू की गई है। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया। एक्सपोजर विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने नागालैंड के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण किया। इसमें कोहिमा, खोनोमा (भारत का प्रथम ग्रीन विलेज), किसामा विलेज (हॉर्नबिल महोत्सव स्थल), कोहिमा वॉर सेमेट्री (द्वितीय विश्व युद्ध स्मारक) एवं कैथेड्रल चर्च शामिल हैं। खोनोमा में विद्यार्थियों ने पारंपरिक जनजातीय जीवन एवं सांस्कृतिक संरचनाओं का अवलोकन भी किया। एक्सपोजर विजिट में जोत्सोमा स्थित शैक्षणिक संस्थानों एवं छात्रावासों का भी भ्रमण किया। स्थानीय छात्रों के साथ संवाद कर उनकी शिक्षा प्रणाली एवं दैनिक जीवन को समझा। साथ ही शिक्षकों द्वारा वहां प्रचलित शैक्षणिक नवाचारों एवं ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ का अध्ययन किया गया। सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत दोनों राज्यों के विद्यार्थियों द्वारा लोक नृत्य, संगीत एवं पारंपरिक प्रस्तुतियों का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों द्वारा ‘कर्मा नृत्य’ की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके अतिरिक्त दीमापुर स्थित नागालैंड विज्ञान केंद्र, बांस संसाधन केंद्र एवं कचरी अवशेषों का भी अवलोकन किया गया, जिससे विद्यार्थियों को क्षेत्रीय इतिहास एवं विज्ञान संबंधी जानकारी प्राप्त हुई। यात्रा का समापन नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट एवं नेशनल वॉर मेमोरियल के भ्रमण के साथ हुआ।  

पति की हत्या के बाद पत्नी का ‘कातिल’ ड्रामा, रोते-रोते वायरल हुआ वीडियो

धार  मध्य प्रदेश के धार में एक पत्नी ने इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की तरह अपने पति की हत्या कर दी. दो दिन पहले हुई घटना में पुलिस के सामने रो-रोकर बताया कि घर में लुटेरे घुसे थे जिन्होंने घटना को अंजाम दिया. लेकिन महिला की चालाकी पुलिस के सामने ज्यादा देर तक नहीं चली और पुलिस की सख्ती के बाद रटे तोते की तरह उसने सब उगल दिया. प्रेमी की खातिर उसने पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी. पुलिस ने आरोपी पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी कमलेश को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि सह-आरोपी सुरेन्द्र अभी फरार है. मामले में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं।  परिजन ने लगाए प्रियंका पर गंभीर आरोप इधर अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद मृतक की मां लक्ष्मीबाई और बहन ज्योति सहित रिश्तेदार सदमें में हैं. मृतक की मां और बहन ने बताया कि, ''प्रियंका और देव कृष्ण का विवाह लगभग 11 वर्ष पूर्व हुआ था. बाद में 2021 में प्रियंका का गौना कर ससुराल ले आए थे, लेकिन शुरू से ही प्रियंका का व्यवहार पति और घरवालों के प्रति ठीक नहीं था. वह बात-बात पर विवाद करती थी और परेशान करती थी. साथ ही घर के लोगों से कई बार हाथापाई भी करती थी. यहां तक की प्रियंका द्वारा दिनभर मोबाइल फोन चलाने के चलते भी कई बार विवाद हुआ. वह रंग को लेकर भी भैया को ताने मारती थी।  रंग को लेकर मारती थी ताना पूछताछ में प्रियंका ने पुलिस को बताया कि, पति का रंग काला था, इसलिए वह मुझे अच्छा नहीं लगता था. पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि, प्रियंका और देवकृष्ण का 2011 में बाल विवाह हुआ था. लेकिन विदाई नहीं हुई थी. इसी बीच प्रियंका की जिंदगी में 2017 में कमलेश की एंट्री हो गई, कमलेश उसका दूर का जीजा बताया जा रहा है. जिसके बाद से वह पति देवकृष्ण से दूरी बनाने लगी थी. चूंकि शादी पहले हो चुकी थी, इसलिए 21 में ससुराल गौना कर प्रियंका को घर ले आए थे. लेकिन ससुराल वालों के साथ उसका व्यवहार अच्छा नहीं रहा।  गालियां देती थी, केस में फंसाने की धमकी भी देती थी देवकृष्ण की मां लक्ष्मीबाई ने बताया कि, ''रात में पड़ोसन का फोन आया था. कमरे में जाकर देखा तो बेटा औंधा पड़ा था. पलटाने पर वह खून से सना मिला. घर का दरवाजा खुला था और हमलावर भाग चुके थे.'' मां ने बताया कि, ''प्रियंका उन्हें बेटे से दूर रखती थी और धमकाती थी. वह गालियां देती थी और केस में फंसाने की धमकी भी देती थी. कमलेश से उसका अफेयर लंबे समय से चल रहा था और इसी वजह से घर में लगातार विवाद होता था।  धार में राजा राघुवंशी की तरह हत्याकांड धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के गोंदीखेड़ा चारण में हुए सनसनीखेज लूट और हत्या के मामले का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया है. इस पूरे हत्याकांड की साजिश मृतक की पत्नी प्रियंका ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी. पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं. 7 अप्रैल की रात मिर्ची व्यापारी देवकृष्ण पुरोहित की हत्या को पहले लूट की वारदात बताया गया था. पत्नी प्रियंका पुरोहित ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर पति की हत्या कर दी और उसे बंधक बनाकर सोने-चांदी के आभूषण व नगदी लूटकर फरार हो गए।  हत्या के बाद गढ़ी लूट की कहानी मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर विशेष टीमों का गठन किया. एसपी मयंक अवस्थी के निर्देशन में एएसपी पारुल बेलापुरकर और एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार के मार्गदर्शन में पुलिस ने जांच शुरू की. घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉड और साइबर टीम की मदद से बारीकी से जांच की गई. जांच के दौरान पुलिस को कई अहम तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य मिले, जिससे संदेह की दिशा मृतक की पत्नी प्रियंका की ओर गया. पूछताछ के दौरान प्रियंका ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह किया, लेकिन सख्ती और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।  सुपारी देकर करवाई पति की हत्या प्रियंका ने बताया कि, ''उसका राजगढ़ निवासी कमलेश पुरोहित से लंबे समय से प्रेम संबंध था और पति से परेशान होकर उसने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची. आरोपी कमलेश ने अपने साथी सुरेन्द्र भाटी निवासी छडावद को 1 लाख रुपये देकर देवकृष्ण की हत्या करवाई और पूरी घटना को लूट का रूप देने की योजना बनाई गई. हत्या के बाद घर में सामान बिखेरकर लूट की झूठी कहानी रची गई, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।  एसपी मयंक अवस्थी ने बताया कि, ''शुरू में लूट की कहानी सामने आई थी, लेकिन जांच में पत्नी पर शक हुआ. पूछताछ में प्रियंका ने कबूल किया कि कमलेश के साथ मिलकर उसने हत्या की साजिश रची थी. योजना के तहत दरवाजा खुला छोड़ा गया. कमलेश और सुरेंद्र घर में घुसे और सो रहे देवकृष्ण की धारदार हथियार से हत्या कर दी. बाद में इशारा मिलने पर प्रियंका ने 10-15 मिनट बाद शोर मचाया. पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।  मृतक की मां ने बताया कि, ''प्रियंका तीन-चार दिन ही ससुराल में रहती थी और विवाद करके मायके चले जाती थी. अब घटना के बाद मां और बहन आरोपियों के खिलाफ फांसी की सजा की मांग कर न्याय दिलाने की बात कर रही हैं. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है, इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।  वो बयान, जिसने प्रियंका पर शक पैदा किया पुलिस जांच में प्रियंका के बयान विरोधाभासी पाए गए. उसने घुसपैठ के अलग-अलग तरीके बताए, जो सही नहीं थे. घटनास्थल की स्थिति भी उसकी कहानी से मेल नहीं खाती थी. जांच में सामने आया कि कमलेश शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता है. वह ढाबा चलाता था, प्रियंका से उसके संबंध 2017 से थे. साजिश के तहत सुरेंद्र को एक लाख रुपए में हत्या का जिम्मा दिया गया था. 50 … Read more

2200 करोड़ रुपये के मेगा प्रोजेक्ट से गाजियाबाद बनेगा यूपी का इंटीग्रेटेड अर्बन हब

2200 करोड़ रुपये के मेगा प्रोजेक्ट से यूपी का प्रवेश द्वार गाजियाबाद बनेगा इंटीग्रेटेड अर्बन हब पश्चिमी यूपी को पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की सौगात, जल्द हो सकता है शिलान्यास विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम के चारो तरफ बसेगी एरोसिटी, बढ़ेगा पर्यटन व रोजगार आधुनिक शॉपिंग मॉल, रिटेल जोन, हाईटेक बिजनेस हब और बनेंगे कमर्शियल कॉम्प्लेक्स अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर बनेगा प्रमुख आकर्षण, स्पोर्ट्स एकेडमी, स्मार्ट रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स और ग्रीन स्पेस की रहेगी सुविधा लखनऊ उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार गाजियाबाद अब एक ऐतिहासिक बदलाव की ओर बढ़ रहा है। करीब 2200 करोड़ रुपये की लागत से इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और एरोसिटी प्रोजेक्ट न केवल इस शहर की पहचान बदलने जा रहा है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की सौगात मिलने जा रही है। इसके साथ ही यह क्षेत्र इतने बड़े स्तर के इंटीग्रेटेड अर्बन डेवलपमेंट मॉडल का हिस्सा बनेगा, जिससे गाजियाबाद प्रदेश का बड़ा पर्यटन केंद्र बनकर उभरेगा। इसके साथ ही यहां लाखों की संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, जो उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिहाज से टर्निंग प्वाइंट साबित होंगे। सबसे अहम बात यह है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास जल्द ही होने की संभावना है, जिससे वर्षों से अटकी योजना अब जमीन पर उतरने के करीब पहुंच गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन पर आधारित यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद को स्पोर्ट्स, टूरिज्म और हाईटेक अर्बन डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र बनाएगा। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर प्रमुख आकर्षण रहेगा। 417 एकड़ में खेल, व्यापार, पर्यटन और आधुनिक जीवनशैली का होगा समेकित विकास गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के वीसी नंद किशोर कलाल ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन (मोर्टी क्षेत्र) में प्रस्तावित इस योजना के तहत 37 एकड़ में करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम विकसित किया जाएगा, जबकि इसके आसपास 380 एकड़ में लगभग 1800 करोड़ रुपये की लागत से एरोसिटी टाउनशिप बसाई जाएगी। दोनों को मिलाकर एक ऐसा इंटीग्रेटेड अर्बन हब तैयार किया जाएगा, जहां खेल, व्यापार, पर्यटन और आधुनिक जीवनशैली का समेकित विकास होगा। 2014-15 में बनी थी योजना, पहले की सरकार में नहीं हो सका कोई काम दरअसल, इस परियोजना की रूपरेखा 2014-15 में तैयार हुई थी, लेकिन लंबे समय तक यह आगे नहीं बढ़ सकी। उस दौर में विकास की गति अपेक्षित नहीं रही और गाजियाबाद को उसकी क्षमता के अनुरूप पहचान नहीं मिल पाई। पहले की सरकार के दौरान रही सुस्ती के कारण यह प्रोजेक्ट वर्षों तक ठहराव में रहा, लेकिन अब योगी सरकार में इसे प्राथमिकता में रखते हुए तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। पश्चिमी यूपी पहली बार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों की करेगा मेजबानी करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं वाला होगा। इसमें करीब 30,000 से अधिक दर्शकों की क्षमता, आधुनिक मीडिया सेंटर और हाईटेक लाइटिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी, जो इसे अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाएंगी। इस स्टेडियम के बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पहली बार बड़े अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी का अवसर मिलेगा। काम करने, रहने और मनोरंजन के लिए बनेगा संपूर्ण डेस्टिनेशन गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के वीसी नंद किशोर कलाल ने बताया कि स्टेडियम के चारो ओर विकसित होने वाली एरोसिटी इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी ताकत होगी। इसमें बड़े होटल, लक्जरी रिजॉर्ट्स, आधुनिक शॉपिंग मॉल, रिटेल जोन, हाई-टेक बिजनेस हब, ऑफिस स्पेस और एंटरटेनमेंट सेंटर विकसित किए जाएंगे। एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण यह क्षेत्र देश-विदेश के पर्यटकों और निवेशकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनेगा। यह परियोजना सिर्फ स्टेडियम या टाउनशिप तक सीमित नहीं है, बल्कि एक नए अर्बन मॉडल के रूप में विकसित की जा रही है। इसमें स्पोर्ट्स एकेडमी, स्मार्ट रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स, ग्रीन स्पेस और आउटडोर खेल सुविधाएं भी शामिल होंगी, जिससे यह क्षेत्र रहने, काम करने और मनोरंजन के लिए एक संपूर्ण डेस्टिनेशन बनेगा। होटल, रिटेल और सर्विस सेक्टर तक बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, बढ़ेगा निवेश गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) बोर्ड से प्रस्ताव पारित होने के बाद अब इसे यूपी क्रिकेट एसोसिएशन के साथ जॉइंट वेंचर मॉडल पर विकसित किया जाएगा। सभी सुविधाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप डिजाइन किया जा रहा है, ताकि यह प्रोजेक्ट भविष्य में निवेश और विकास का बड़ा केंद्र बन सके। इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरा होने से गाजियाबाद और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को व्यापक आर्थिक लाभ मिलेगा। निर्माण से लेकर होटल, रिटेल और सर्विस सेक्टर तक बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, निवेश बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। यह परियोजना आने वाले समय में पश्चिमी यूपी के विकास की दिशा और गति दोनों तय करती नजर आएगी।

जल जीवन मिशन घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई, 5 दिन की रिमांड की मांग

जयपुर जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में बड़ी कार्रवाई के तहत शुक्रवार को पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कोर्ट से उनकी 5 दिन की पुलिस रिमांड की मांग करने की तैयारी की है, ताकि मामले में गहन पूछताछ की जा सके। इस पूरे मामले की जांच एसीबी डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में चल रही है। गिरफ्तारी के अगले दिन कोर्ट में पेशी एसीबी अधिकारियों के अनुसार, सुबोध अग्रवाल को एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ पहले से ही गिरफ्तारी वारंट जारी था। गुरुवार को उन्हें नई दिल्ली से हिरासत में लेकर जयपुर लाया गया, जहां औपचारिक गिरफ्तारी की गई। शुक्रवार को मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। टेंडर घोटाले और पद के दुरुपयोग के आरोप जांच में सामने आया है कि पूर्व आईएएस अधिकारी पर टेंडर प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी और पद के दुरुपयोग के आरोप हैं। एसीबी का दावा है कि फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर टेंडर जारी किए गए और शर्तों में हेरफेर कर करीब 50 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। इस घोटाले में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है। 10 गिरफ्तार, 3 आरोपी अभी भी फरार इस मामले में एसीबी पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों के खिलाफ स्टैंडिंग वारंट जारी किए गए हैं और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इन आरोपियों को भी गिरफ्तार करने के प्रयास तेज किए जाएंगे। 51 दिन की तलाश, 260 ठिकानों पर छापेमारी सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी एसीबी के लिए आसान नहीं रही। उन्हें पकड़ने के लिए एजेंसी ने 51 दिनों तक लगातार अभियान चलाया। इस दौरान 18 टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने देशभर में 260 ठिकानों पर छापेमारी की। बावजूद इसके, अग्रवाल लगातार एजेंसियों से बचते रहे और फरारी के दौरान 10 से अधिक ठिकाने बदलते रहे। दिल्ली से मुंबई तक छिपने की कोशिश जांच के दौरान एसीबी को इनपुट मिले थे कि सुबोध अग्रवाल दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और मुंबई में छिपते रहे। इन सभी स्थानों पर लगातार दबिश दी गई, लेकिन वे पकड़ में नहीं आए। आखिरकार जब एसीबी ने कोर्ट में संदिग्ध संपत्तियों की सूची पेश की और स्थायी वारंट जारी करवाए, साथ ही कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया, तो अगले ही दिन वे सामने आ गए। भगोड़ा घोषित, संपत्ति कुर्की की तैयारी एसीबी की कार्रवाई के तहत रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल के साथ एसई मुकेश गोयल, जितेन्द्र शर्मा और निजी व्यक्ति संजीव गुप्ता को भी भगोड़ा घोषित किया गया था। हालांकि, सुबोध अग्रवाल अब गिरफ्त में आ चुके हैं, लेकिन बाकी तीन आरोपी अब भी फरार हैं। कोर्ट के आदेश के बाद इन सभी की संदिग्ध संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्क करने की प्रक्रिया जारी है। रिमांड मिलने पर बड़े खुलासों की उम्मीद एसीबी अधिकारियों का कहना है कि यदि कोर्ट से रिमांड मिलती है तो पूछताछ के दौरान न केवल जेजेएम घोटाले की परतें खोली जाएंगी, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि फरारी के दौरान सुबोध अग्रवाल को किन लोगों ने मदद पहुंचाई। इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया में शामिल अन्य अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जाएगी। लुक आउट नोटिस जारी, विदेश भागने का खतरा गौरतलब है कि एसीबी ने फरार आरोपियों के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी करवा दिए थे। एजेंसी का मानना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें फिलहाल, सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। यदि एसीबी को रिमांड मिलती है, तो आने वाले दिनों में जेजेएम घोटाले से जुड़े कई अहम राज खुलने की संभावना है।

पान महासम्मेलन से विपक्षी एकजुटता का शक्ति प्रदर्शन

पटना 12 अप्रैल को कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी का पटना दौरा इस हलचल को और तेज करने वाला है. नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज है और इसी बीच राहुल गांधी का आना महज संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी सियासी बिसात का हिस्सा माना जा रहा है. पान महासम्मेलन के मंच से सजेगी चुनावी बिसात इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के अध्यक्ष आईपी गुप्ता के अनुसार, राहुल गांधी 12 अप्रैल को पटना के ऐतिहासिक बापू सभागार में आयोजित होने वाले “पान महासम्मेलन” का उद्घाटन करेंगे. कहने को तो यह पान व्यवसाय से जुड़े समाज का एक सम्मेलन है, लेकिन जिस तरह से इसमें बड़े सियासी दिग्गजों का जमावड़ा होने वाला है, उसने साफ कर दिया है कि असली मकसद 2024 के चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता की धार को और तेज करना है. पटना की सड़कों पर राहुल गांधी की मौजूदगी उस वक्त होगी जब सत्ता पक्ष (एनडीए) नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन कर रहा होगा. तेजस्वी और दीपंकर के साथ ‘पावर शो’ की तैयारी इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी हाईलाइट राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य का एक साथ मंच साझा करना होगा. नीतीश कुमार के संभावित विदाई के बाद पैदा हुए ‘पॉलिटिकल वैक्यूम’ को भरने के लिए विपक्ष इस मौके का भरपूर इस्तेमाल करना चाहता है. यह एक ऐसा मंच होगा जहां से महागठबंधन के नेता न केवल सामाजिक संदेश देंगे, बल्कि राज्य में बदलते समीकरणों के बीच अपनी मजबूती का अहसास भी कराएंगे. नीतीश की विदाई और विपक्ष की नई रणनीति बिहार में इस वक्त एनडीए के भीतर नए मुखिया को लेकर खींचतान और मंथन का दौर जारी है. ऐसे में राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का काम करेगा. नीतीश कुमार के राज्यसभा की राह पकड़ने के बाद बिहार की राजनीति में जो नया समीकरण उभर रहा है, उसमें राहुल और तेजस्वी की जुगलबंदी काफी निर्णायक साबित हो सकती है. अब सबकी निगाहें 12 अप्रैल के उस संबोधन पर टिकी हैं, जो बापू सभागार से गूंजेगा और आने वाले दिनों में बिहार की सत्ता की दिशा तय करेगा.