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बंगाल में ‘हजार करोड़ की डील’ के वीडियो के बाद ओवैसी की पार्टी ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन

कोलकाता पश्चिम बंगाल में बीच चुनाव भी गठबंधनों का गणित बदलने का सिलसिला जारी है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निकाले जाने के बाद हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी बना ली थी. हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन कर असदुद्दीन ओवैसी  की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अपनी सियासी जड़े जमाने की कोशिश में थी।  इस बार मिलकर चुनावी रणभूमि में उतरने का ऐलान करने वाली दोनों पार्टियों की राहें अब जुदा हो गई हैं. ओवैसी की अगुवाई वाली एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया है. एआईएमआईएम ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से पोस्ट कर कहा है कि पार्टी पश्चिम बंगाल चुनाव अकेले लड़ेगी. आगे किसी भी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा।  एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर के बयानों से किनारा करते हुए कहा है कि पार्टी किसी भी ऐसे बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिसमें मुस्लिमों की निष्ठा और ईमानदारी पर सवाल उठाए जाएं. एआईएमआईएम की ओर से कहा गया है कि आज के हालात में पार्टी ने हुमायूं कबीर के दल के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर दिया है।  एआईएमआईएम ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा है कि बंगाल के मुस्लिम देश के सबसे गरीब, उपेक्षित और उत्पीड़न का शिकार समुदायों में से एक हैं. पार्टी ने लेफ्ट और टीएमसी पर तंज करते हुए कहा कि दशकों तक तथाकथित धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों के लिए कुछ खास नहीं किया गया।  ओवैसी की पार्टी ने इसी पोस्ट में यह भी कहा है कि किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने को लेकर एआईएमआईएम की नीति यह है कि हाशिए पर मौजूद समुदायों को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिले. एआईएमआईएम की ओर से यह ऐलान हुमायूं कबीर का वीडियो वायरल होने के बाद आया है।  वायरल वीडियो में क्या था तृणमूल कांग्रेस ने एक वीडियो शेयर किया था. इस वीडियो में आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के बीजेपी के साथ मिलकर एक हजार करोड़ रुपये का खेल करने की बात थी. टीएमसी ने दावा किया था कि मुस्लिमों की भावनाओं का इस्तेमाल कर उनके वोट बीजेपी की ओर मोड़ने की कोशिशें हो रही हैं. फिरहाद हकीम ने टीएमसी नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीडियो जारी किया, जिसमें हुमायूं कबीर किसी से बात करते दिखाई दे रहे हैं।  हुमायूं कबीर इस वीडियो में कहते दिखाई दे रहे हैं कि बाबरी मस्जिद बनेगी या नहीं, ये छोड़ो. एक हजार करोड़ रुपये आएंगे. मुस्लिम बहुत भोले हैं, उनको बेवकूफ बनाना बहुत आसान है. टीएमसी ने हुमायूं कबीर और बीजेपी के बीच हजार करोड़ रुपये की डील का दावा किया था. इस वीडियो पर हुमायूं कबीर की सफाई भी आई थी. हुमायूं कबीर ने वीडियो को एआई जेनरेटेड बताते हुए कहा था कि टीएमसी की ओर से लगाए गए सभी आरोप गलत हैं।   हुमायूं कबीर ने क्या कहा था हुमायूं कबीर ने कहा था कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह हैं. साल 2019 के बाद इनमें से किसी से भी कोई संपर्क नहीं है. उन्होंने टीएमसी को चुनौती दी कि 2019 के बाद किसी बीजेपी नेता से मुलाकात की फोटो या सबूत हो, तो दिखाएं. हुमायूं कबीर ने इस मामले में फिरहाद हकीम और कुणाल घोष के साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भी मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही थी। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: बुनकरों की आय और सम्मान सुनिश्चित करना हमारी प्रमुख प्राथमिकता

बुनकरों की आय, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करना प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क्लस्टर आधारित विकास से बुनकरों को बाजार, डिजाइन और तकनीक से जोड़ें: मुख्यमंत्री हथकरघा क्षेत्र को वैल्यू चेन मॉडल पर विकसित करें, केवल उत्पादन तक सीमित न रहें:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री का जोर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्रांडिंग से बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ा जाए पॉवरलूम बुनकरों के विद्युत बिल में कमी लाने के लिए बेहतर प्रयासों की जरूरत, तैयार करें व्यवहारिक कार्ययोजना: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुनकर केवल परंपरा के संवाहक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सशक्त आधार हैं। ऐसे में उनकी आय, सम्मान और आजीविका की स्थिरता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बुनकरों के सामने कच्चे माल की बढ़ती लागत, डिजाइन और आधुनिक तकनीक का अभाव तथा सीमित बाजार पहुंच जैसी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं का समाधान केवल योजनागत सहायता से नहीं, बल्कि एक सुदृढ़ एवं समन्वित तंत्र विकसित कर ही संभव है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में परिणामोन्मुख, क्लस्टर-आधारित नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। गुरुवार को हथकरघा विभाग की समीक्षा बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में लगभग 1.99 लाख बुनकर कार्यरत हैं और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश में छठवें स्थान पर है। कालीन, दरी एवं मैट के उत्पादन में प्रदेश अग्रणी है, जबकि बेडशीट, फर्निशिंग और ब्लैंकेट जैसे उत्पादों में भी राज्य की मजबूत उपस्थिति है। वर्ष 2024-25 में देश का कुल हथकरघा निर्यात ₹1178.93 करोड़ रहा, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान ₹109.40 करोड़ (लगभग 9.27 प्रतिशत) रहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बुनकर बहुल क्षेत्रों की पहचान कर वहां क्लस्टर विकसित किए जाएं, ताकि उत्पादन, गुणवत्ता और विपणन को एकीकृत किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये क्लस्टर केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर पूर्ण वैल्यू चेन के रूप में विकसित हों, जहां डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच एक ही ढांचे में सुनिश्चित हो। बैठक में क्लस्टर चयन, बेसलाइन सर्वे, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने, प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत अनुश्रवण जैसे पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्लस्टर में सीमित संख्या में बुनकरों को संगठित कर पंजीकृत इकाइयों के रूप में विकसित किया जाए, जिससे सामूहिक उत्पादन और विपणन को बढ़ावा मिले। साथ ही, इन क्लस्टरों को आधुनिक तकनीक, उन्नत उपकरणों और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाए, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हो। डिजाइन और विपणन को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पाद की सफलता बाजार की मांग के अनुरूप होने पर ही संभव है। उन्होंने ‘डिजाइनर-कम-मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव’ तथा ‘डिजाइन हाउस/सोर्सिंग-बाइंग एजेंसी/एक्सपोर्ट हाउस’ जैसे संस्थागत तंत्र को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए। इससे उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, बड़े बाजारों तक पहुंच और बुनकरों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स और ब्रांडिंग के विस्तार पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ा जा सके।  बैठक में मुख्यमंत्री ने पॉवरलूम बुनकरों के विद्युत बिल में कमी लाने के लिए बेहतर प्रयासों की जरूरत भी बताई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस संबंध में हतकरघा विभाग और पॉवर कॉर्पोरेशन मिलकर कार्ययोजना तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर विशेष बल देते हुए कहा कि इससे बुनकरों की विद्युत लागत में कमी आएगी और उन्हें दीर्घकालिक राहत मिलेगी। उन्होंने इस दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बुनकर समुदाय राज्य की समृद्ध परंपरा, रोजगार और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अतः ऐसी संतुलित, पारदर्शी और व्यावहारिक नीति तैयार की जाए, जिससे बुनकरों को वास्तविक राहत मिले, उद्योग को नई गति मिले और प्रदेश की पारंपरिक बुनकरी को सशक्त आधार प्राप्त हो सके। बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान जी की उपस्थिति रही।

बिहार में नई सरकार और सीएम का निर्णय दिल्ली में, बीजेपी बैठक में क्या होगा आज?

नई दिल्ली/ पटना  बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से सीएम बनने जा रहे नेता के नाम पर आपसी सहमति बनाने के लिए भाजपा ने आज दिल्ली में राज्य के प्रमुख नेताओं की बैठक रखी है। बीजेपी मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन इस बैठक को लेंगे, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, राज्य के मंत्री मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, सांसद संजय जायसवाल जैसे बड़े नेता शामिल होंगे। बीजेपी की आज की बैठक का मकसद बिहार में भाजपा के पहले सीएम के नाम पर आपसी सहमति हासिल करना है। पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के दौर में भाजपा में एक नाम पर सहमति बनाना मुश्किल काम नहीं है। बिहार में 14 या 15 अप्रैल को भाजपा के सीएम के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नई सरकार का गठन हो सकता है। सरकार में पहले की तरह भाजपा के साथ नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर), जीतनराम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) से मंत्री शामिल होंगे। नीतीश कुमार के मौजूदा कैबिनेट के कई मंत्री अगली सरकार में भी शामिल हो सकते हैं, लेकिन कम से कम भाजपा और जदयू में कुछ नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा है। अगर दोबारा मंत्री बने तो सबसे ज्यादा फायदा में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा रहेंगे। उनको 6 महीने के अंदर एमएलसी या एमएलए बनने का मौका दोबारा मिल जाएगा। इस समय उनके मंत्री बनने का 5वां महीने पूरा होने को है और नियमतः उन्हें छह महीने के अंदर किसी सदन में पहुंचना है। तकनीकी पेच ना हो तो नई सरकार में फिर से शपथ लेने के बाद उन्हें छह महीने की यह मियाद एक बार फिर मिल जाएगी। भाजपा में मुख्यमंत्री का चुनाव कैसे होता है? लिखा-पढ़ी में मुख्यमंत्री का चुनाव पार्टी के विधायक करते हैं, लेकिन भाजपा में विधायक दल की बैठक में नेता चुनने से पहले पार्टी का संसदीय बोर्ड इसका फैसला कर देता है। भाजपा के संसदीय बोर्ड में नितिन नवीन, नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा, बीएस येदियुरप्पा, सर्बानंद सोनोवाल, के लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यानारायण जाटिया और बीएल संतोष शामिल हैं। संसदीय बोर्ड से फैसले के बाद पार्टी विधायक दल के नेता का चुनाव कराने के लिए एक या दो पर्यवेक्षक भेजती है। पर्यवेक्षक पार्टी हाईकमान के फैसले की जानकारी विधायकों को देते हैं और फिर विधायक उस फैसले का अनुपालन करते हुए नेता चुनने की औपचारिकता पूरी करते हैं। विधायक दल का नेता मुख्यमंत्री बनता है। अभी सम्राट हैं बीजेपी विधायक दल के नेता, विजय सिन्हा उप-नेता, दोनों डिप्टी सीएम बिहार में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन उसके पास अकेले बहुमत नहीं है। इसलिए भाजपा के विधायक दल के नेता को एनडीए गठबंधन के विधायक दल का भी नेता चुना जाएगा। इस प्रक्रिया में कोई अड़चन नहीं है, लेकिन औपचारिकता पूरी करनी होगी। सबसे पहले एनडीए के पांचों दल का नेता चुना जाएगा और अंत में एनडीए के सभी विधायकों की एक साथ बैठक होगी, जिसमें भाजपा के विधायक दल के नेता को एनडीए विधायक दल का नेता यानी मुख्यमंत्री चुना जाएगा। बिहार में नई सरकार का सम्राट किसे बनाएगी भाजपा? बिहार में इस समय भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी और उप-नेता विजय कुमार सिन्हा हैं। दोनों नीतीश सरकार में उप-मुख्यमंत्री हैं, जिसमें सम्राट चौधरी को नंबर 2 का दर्जा हासिल है। सीएम के चयन में भाजपा फिर चौंकाती है या आम तौर पर जिन नेताओं के नाम की चर्चा चल रही है, उनमें ही किसी पर भरोसा जताती है, यह एक पहेली है, जिसे सिर्फ मोदी और शाह सुलझा सकते हैं। बिहार में हर जुबान पर अभी यही सवाल है कि भाजपा बिहार में सरकार का सम्राट किसे बनाएगी। 

विधानसभा और सीवान कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट

पटना   बिहार विधानसभा को एक महीने के अंदर दूसरी बार बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। शुक्रवार दोपहर एक बजे ईमेल के जरिए यह धमकी दी गई। इसके बाद विधानसभा परिसर में हड़कंप मच गया। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के निर्देश पर फौरन सुरक्षाकर्मी बम निरोधक दस्ते के साथ विधानसभा पहुंचे और जांच में जुट गए। पुलिस ने हर जगह सघन जांच अभियान चलाया। काफी देर खोजबीन के बाद भी बम नहीं मिला। सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया इधर, पुलिस टीम ने पूरे विधानसभा परिसर को खंगाला। सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया। हर एक कार्यालय की जांच की गई। रेस्टोरेंट और कैंटीन की भी जांच की गई लेकिन कहीं कुछ नहीं बरामद हुआ। मामले में पटना एसएसपी ने बताया कि अज्ञात मेल के जरिए धमकी आई है। साइबर सेल की टीम मामले की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। बता दें कि 13 मार्च 2026 को बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इससे पहले ठीक इसी अंदाज में पटना सिविल कोर्ट समेत कुछ जिलों के कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। । किसने क्या लिखा धमकी भरे ईमेल में बिहार विधानसभा को शुक्रवार को जो ईमेल भेजा गया। उसमें धमकी देने वालों ने दावा किया गया है कि दोपहर करीब सवा दो बजे विधानसभा को साइनाइड गैस से निशाना बनाया जाएगा। धमकी भरे संदेश में बांग्लादेश के अब्दुल सईद समेत कई लोगों पर कथित अत्याचार का हवाला दिया गया है। ईमेल भेजने वाले ने खुद को “इस्लामिक फ्राइडे एंटी क्राइस्ट” नामक संगठन से जुड़ा बताया है। सीवान कोर्ट को भी उड़ाने को भी धमकी इतना ही नहीं, इस ईमेल में बिहार विधानसभा के अलावा सीवान सिविल कोर्ट को भी उड़ाने की धमकी दी गई है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। विधानसभा परिसर और सीवान सिविल कोर्ट के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और बम निरोधक दस्ता भी अलर्ट पर है। पुलिस और जांच एजेंसियां ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुट गई हैं।

विवाह कार्ड दिखाने पर तुरंत मिलेंगे कमर्शियल गैस सिलिंडर, रसद विभाग ने प्रवासियों के लिए भी शुरू की 5 किलो वाले छोटे सिलिंडर की सुविधा

सिरोही अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव के चलते उत्पन्न गैस संकट के बीच सिरोही जिले से राहत भरी खबर सामने आई है। रसद विभाग ने प्रवासी श्रमिकों और शादी वाले परिवारों को ध्यान में रखते हुए सिलिंडर उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रवासी श्रमिकों को मिलेगा 5 किलो एफटीएल सिलिंडर प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन सचिव (खाद्य) अंबरीष कुमार ने निर्देश जारी किए हैं कि प्रवासी श्रमिकों को 5 किलोग्राम एफटीएल सिलिंडर उपलब्ध कराया जाए। इसमें साफ कहा गया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां केवल प्रवासी श्रमिकों को ही यह 5 किलो एफटीएल सिलेंडर उपलब्ध कराएं और इसकी जानकारी नियमित रूप से विभाग को भेजें। शादी वाले परिवारों को मिलेंगे अतिरिक्त कामर्शियल सिलिंडर आगामी दिनों में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में आयोजक परिवारों को सिलिंडर की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए रसद विभाग ने विशेष योजना बनाई है। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में आयोजक परिवारों को 3 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2 वाणिज्यिक (कमर्शियल) सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। विवाह कार्ड दिखाना होगा जरूरी सिलिंडर प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को विवाह का कार्ड जिला रसद अधिकारी को दिखाना होगा। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार सिलिंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए जिला रसद अधिकारी संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के जिला नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय कर व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में एक बार बुकिंग के बाद दूसरी बुकिंग के लिए 21 दिन का इंतजार करना पड़ता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 35 दिन है। इसके बावजूद भी लोगों को सिलिंडर मिलने में कई दिन लग जाते हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच यह फैसला लोगों के लिए राहत लेकर आया है। खासकर प्रवासी श्रमिकों और शादी वाले परिवारों को इससे बड़ी सुविधा मिलेगी।  

अंधविश्वास के जाल में फंसा कैथल का परिवार, तांत्रिक महिला ने दो साल में ऐंठे एक करोड़ से ज्यादा रुपये और पुलिस ने दर्ज किया केस

 कैथल कहावत है कि भ्रम का कोई इलाज नहीं। हरियाणा के कैथल में एक ऐसा ही मामला समाने आया है जहां एक परिवार जादू-टोनों के चक्र में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठा बुढ़ा खेड़ा गांव में जादू-टोना का प्रकोप बताकर एक परिवार से 1.07 करोड़ रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला तांत्रिक ने अपने पति, बेटे और एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर परिवार को करीब दो वर्षों तक तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर उलझाए रखा और उनसे बड़ी रकम ऐंठ ली। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उन्हें बलि के नाम पर चामुंडा देवी धाम भी ले जाया गया जहां इंजेक्शन के माध्यम से उनके शरीर से खून निकालकर मंदिर में चढ़ाया गया। इतना ही नहीं आरोपियों ने 32 तोले चांदी और 6 तोले सोने के जेवरात भी हड़प लिए। जब परिवार की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और लगातार पैसों की मांग बढ़ती गई, तब पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दी। गांव बुढ़ा खेड़ा निवासी अमनदीप ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय सुखबीर सिंह पिछले दो-तीन वर्षों से सिरदर्द और चक्कर की समस्या से जूझ रहे थे। कई प्रकार के उपचार करवाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। इसके साथ ही परिवार में आपसी कलह भी बनी रहती थी। इसी बीच किसी व्यक्ति ने उन्हें गांव की सुमन नामक महिला के बारे में बताया, जो झाड़-फूंक और तांत्रिक क्रियाएं करने का दावा करती थी। अमनदीप के मुताबिक, सुमन ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनके घर पर किसी ने जादू-टोना करवा रखा है और इससे मुक्ति पाने के लिए काली माता की बलि देनी होगी तथा बाबा भैरों नाथ का मंदिर बनवाना पड़ेगा। परिवार पहले से ही मानसिक रूप से परेशान था, इसलिए वे उसके झांसे में आ गए। जमीन बेचकर और एफडी तुड़वाकर दिए रुपये पीड़ित ने बताया कि सुमन के कहने पर उन्होंने अपनी जमीन बेच दी और बैंक की एफडी तुड़वाकर करीब 76 लाख रुपये नकद तथा लगभग 7 लाख रुपये ऑनलाइन उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि सुमन उन्हें चामुंडा देवी धाम भी ले गई, जहां उसने इंजेक्शन के जरिए उनका खून निकालकर मंदिर में चढ़ाया। आरोपी ने यह भी कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जमीन खरीदी जा चुकी है और जब मंदिर बनकर तैयार होगा तो उन्हें सोने का छत्र चढ़ाना होगा। जब परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए और पैसे देने में असमर्थता जताई और कहा कि वे पहले ही 80-90 लाख रुपये दे चुके हैं, तब भी आरोपियों ने पैसे की मांग जारी रखी। पीड़ित का कहना है कि उन्हें गुमराह कर सम्मोहन जैसी विधियों के माध्यम से उनसे 32 तोले चांदी और 6 तोले सोने के जेवरात तथा भारी रकम हड़प ली गई। जादू-टोना के नाम पर लोगों को बनाते हैं शिकार आरोप है कि सुमन, उसका पति बलराज, बेटा वंश और उचाना निवासी संजीव मिलकर लोगों को जादू-टोना के नाम पर झांसे में लेते हैं। ये लोग काली माता, भैरों बाबा और सबल सिंह बावरी के नाम का हवाला देकर लोगों से जेवर और पैसे ऐंठते हैं तथा बलि के नाम पर शरीर से खून निकालते हैं। इसके अलावा, ये आरोपित लोगों को हरिद्वार, कुरुक्षेत्र, पटियाला और बागड़ सहित विभिन्न स्थानों पर ले जाकर तांत्रिक क्रियाएं करवाते हैं। पीड़ितों का आरोप है कि यह गिरोह 100 से 150 लोगों से करीब 3-4 करोड़ रुपये तक की ठगी कर चुका है। सदर थाना के जांच अधिकारी मनु ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पश्चिमी विक्षोभ से हरियाणा के कई जिलों में बदला मौसम, रात के तापमान में आई 5 डिग्री तक की कमी

चंडीगढ़ पश्चिमी विक्षोभ के कारण वीरवार को यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, करनाल और कुरुक्षेत्र में बिखराव वाली बारिश दर्ज की गई। हवाओं की दिशा और गति में बदलाव, विशेषकर रात के समय उत्तरी हवाओं के सक्रिय होने से प्रदेश में रात्रि तापमान में गिरावट देखने को मिली। रात का तापमान 13 से 16 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। प्रदेश के सभी जिलों में तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के साथ मौसम साफ होने के कारण सूर्य की तपिश में बढ़ोतरी से दिन के तापमान में हल्की बढ़त दर्ज हुई। चंडीगढ़ में रात का तापमान 12.3, पानीपत 13.0, महेंद्रगढ़ 14.3 और हिसार में 14.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट रही। 15 अप्रैल के बाद मौसम होगा गर्म 11 अप्रैल से कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के साथ तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि शुरू होगी। सिरसा, फतेहाबाद, पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में छिटपुट बारिश की संभावना है। शेष हरियाणा में मौसम आमतौर पर शुष्क और आंशिक बादल वाला रहेगा। 15 अप्रैल के बाद पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में और तेजी से बढ़ोतरी की संभावना है जबकि रात्रि तापमान धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर लौटेगा।  

लखनऊ कोर्ट ने रोहिंग्या-बांग्लादेशी मानव तस्करी केस में 9 आरोपियों को दोषी करार, 7-8 साल की सजा

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मानव तस्करी के एक बड़े मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है. NIA और यूपी एटीएस से जुड़े इस केस में विशेष न्यायाधीश जैनेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने नौ लोगों को दोषी करार देते हुए उन्हें सजा सुनाई है।  अदालत ने जिन्हें सजा सुनाई है, उनमें मोहम्मद नूर समेत रहमतुल्ला, शबीउररहमान, इस्माइल, अब्दुल शकूर, आले मियां, मोहम्मद रफीक, बप्पन और मोहम्मद हुसैन शामिल हैं. इन सभी को मानव तस्करी का दोषी पाया गया है. इनमें से मोहम्मद नूर सहित कई को 8 साल की सजा सुनाई गई, जबकि अन्य को 7 साल की कैद हुई है. सभी दोषियों पर अलग-अलग राशि का जुर्माना भी लगाया गया है।  जांच एजेंसियों के अनुसार, यह एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह था, जो भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के जरिए रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में एंट्री दिलाता था. इस गैंग का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था और यह लंबे समय से एक्टिव था।  गैंग का तरीका बेहद संगठित और सुनियोजित था. महिलाओं को शादी का झांसा देकर उन्हें बेच दिया जाता था, जबकि पुरुषों और बच्चों को फैक्ट्रियों में काम दिलाने के नाम पर शोषण का शिकार बनाया जाता था. इस तरह यह गिरोह मानव तस्करी कर रहा था।  इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब यूपी एटीएस ने मोहम्मद नूर को सर्विलांस पर लिया. इसके बाद 26 जुलाई 2021 को उसे गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया. उसकी गिरफ्तारी के बाद कई पीड़ितों को मुक्त कराया गया और गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंच बनाई गई।  जांच के दौरान दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर छापेमारी की गई और गैंग के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में यह भी सामने आया कि त्रिपुरा बॉर्डर के जरिए पैसों लेकर अवैध तरीके से घुसपैठ कराई जाती थी, जिसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में भेज दिया जाता था. इस पूरे ऑपरेशन के जरिए सुरक्षा एजेंसियों ने एक नेटवर्क का पर्दाफाश किया। 

रिंग रेस्क्यू नाकाम, भागीरथ की मदद से रिंग फंसी; सुरंग की खुदाई जारी, बोरवेल पर नजरें

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील के झलारिया गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गुरुवार शाम करीब 7 बजे, 3 वर्षीय मासूम भागीरथ खेलते समय अचानक एक खुले बोरवेल में जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मुस्तैद हो गया है और युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी है। संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन और चुनौतियां भागीरथ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। भोपाल से आई NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम के साथ हरदा, इंदौर और उज्जैन की SDRF टीमें मिलकर जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। घटनास्थल पर पुलिस और रेस्क्यू एजेंसियों की टीमें तैनात हैं। पूरे इलाके को कॉर्डन ऑफ कर दिया गया है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे यहां भीड़ न लगाएं। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ से रेस्क्यू कार्य में बाधा आ सकती है। फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने पर है और ऑपरेशन लगातार जारी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भागीरथ को रिंग रेस्क्यू के जरिए बाहर निकालने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर अब बोरवेल के पास समानांतर सुरंग खोदने का काम फिर से शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि बीती रात से ही रेस्क्यू टीम रोप रिंग और समानांतर सुरंग दोनों तरीकों से बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, रोप रिंग के जरिए बार-बार असफलता मिलने के बाद अब सुरंग बनाकर बच्चे तक पहुंचने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास में जुटी हुई है और हर संभव तरीके से भागीरथ को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।     समानांतर खुदाई: जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से बोरवेल के बगल में एक गड्ढा खोदा जा रहा है।     मौजूदा स्थिति: बच्चा लगभग 70 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है। राहत की बात यह है कि उसे लगातार ऑक्सीजन सप्लाई दी जा रही है।     कठिन राह: रेस्क्यू टीमें अब तक करीब 40 फीट की खुदाई कर चुकी हैं, लेकिन नीचे कठोर चट्टानें आने की वजह से अभियान की गति थोड़ी धीमी हुई है। कैमरे के जरिए बच्चे की हर हलचल पर पैनी नजर रखी जा रही है। कैसे हुआ हादसा? भागीरथ का परिवार मूल रूप से राजस्थान के पाली जिले का रहने वाला है। वे भेड़ चराने के सिलसिले में पिछले तीन दिनों से झलारिया इलाके में ठहरे हुए थे। पिता प्रवीण देवासी के अनुसार, भागीरथ दीवार के पास खेल रहा था। मासूम ने जिज्ञासावश बोरवेल का ढक्कन हटाया और उसे बाल्टी समझकर उसमें पैर डाल दिया। मां ने उसे बचाने के लिए हाथ भी बढ़ाया, लेकिन पलक झपकते ही बच्चा गहराई में ओझल हो गया। सुरक्षा के लिहाज से मौके पर दो एंबुलेंस और मेडिकल टीम को तैनात रखा गया है, ताकि रेस्क्यू होते ही बच्चे को तुरंत उपचार मिल सके। उज्जैन में राजस्थान में होने वाले विवाह समारोह को लेकर भागीरथ के घर में उत्साह का माहौल था। मासूम भागीरथ सबसे ज्यादा खुश था, क्योंकि उसे शादी में पहनने के लिए नए कपड़े दिलाए गए थे। कल तक वह उन नए कपड़ों को पहनकर पूरे घर में चहक रहा था और उसकी हंसी से आंगन गूंज रहा था। भागीरथ की मौसी ने भारी मन से बताया कि घर के अधिकांश लोग राजस्थान पहुंच चुके थे और भागीरथ का परिवार भी निकलने ही वाला था। शाम को नए कपड़ों में खेलते हुए वह अचानक 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। अब घर के एक कोने में वह नई पोशाक रखी है और दूसरी ओर उसकी मां की पथराई आंखें बस बोरवेल के मुहाने की ओर टिकी हैं।  उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बीती रात से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। उन्होंने बताया कि भागीरथ को बचाने के प्रयास लगातार जारी हैं। कैमरे के माध्यम से उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। घटनास्थल पर पहुंचे बड़नगर विधायक जितेंद्र पंड्या ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन और सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भागीरथ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। विधायक पंड्या ने कहा कि सभी का यही प्रयास है कि मासूम भागीरथ को सकुशल बाहर निकाला जा सके।  एसडीआरएफ के कमांडेंट संतोष जाट ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि बच्चे के हाथों में रेस्क्यू रोप की रिंग पहनाकर उसे बाहर निकाल लिया जाए। उन्होंने बताया कि इस प्रयास में भोपाल से पहुंची एनडीआरएफ की टीम, हरदा, इंदौर और उज्जैन की एसडीआरएफ टीमों के साथ संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। बोरवेल में कैमरा डालकर बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उसे ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा रहा है। मौके पर दो एंबुलेंस भी तैनात हैं। रेस्क्यू के दौरान भागीरथ की शर्ट निकाली गई है।

ईमानदार है आम उपभोक्ता, बिना गलती किसी का बिजली कनेक्शन न काटा जाए: मुख्यमंत्री

विशेषज्ञ समिति बनाकर स्मार्ट मीटर शिकायतों की जांच कराएं:मुख्यमंत्री ईमानदार है आम उपभोक्ता, बिना गलती किसी का बिजली कनेक्शन न काटा जाए: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, ऊर्जा मंत्री और पॉवर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक फील्ड में दौरा कर उपभोक्ताओं की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित कराएं हेल्पलाइन नम्बर एक्टिव रहे, सनस्याओं का करायें समुचित समाधान: मुख्यमंत्री निर्बाध और पारदर्शी बिजली हमारी प्राथमिकता, कृषि फीडरों का पृथक्करण का काम समय से पूरा कराएं: मुख्यमंत्री बेहतर हुई डिस्कॉम्स की राष्ट्रीय रेटिंग, मुख्यमंत्री योगी ने कहा रिफॉर्म जारी रखें  मुख्यमंत्री योगी का निर्देश, गर्मी में पीक डिमांड पूरी करने में कमी न हो, तैयारी पूरी रखें न्यूनतम 05 आवास वाले मजरों में भी विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाए, पीएम कुसुम योजनाओं से अधिकाधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश विजिलेंस को मुख्यमंत्री योगी का निर्देश, ऐसी कार्रवाई न करें कि आम आदमी परेशान हो मुख्यमंत्री का निर्देश, ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए आम आदमी को न होना पड़े परेशान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त उपभोक्ताओं की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए इसकी गहन जांच के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ता स्वाभाविक रूप से ईमानदार होता है और यदि उसे समय पर सही बिल प्राप्त हो, तो वह भुगतान करने में कोई हिचक नहीं करता। मुख्यमंत्री ने ओवरबिलिंग की समस्या की वास्तविक स्थिति का पता लगाने हेतु विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है, तो उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों का वास्तविक लाभ अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचे, इसके लिए विश्वसनीय आपूर्ति, तकनीकी दक्षता और जवाबदेही को आधार बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग, लाइन लॉस में कमी, उपभोक्ता सेवाओं के डिजिटलीकरण तथा राजस्व संग्रह में सुधार को तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बिलिंग और भुगतान प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को समय पर और सटीक बिल उपलब्ध कराने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को उपभोक्ता विश्वास के अनुरूप बनाने तथा शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऊर्जा मंत्री एवं पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित व प्रभावी निराकरण सुनिश्चित कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर पूरी तरह सक्रिय रहें तथा प्राप्त शिकायतों का समुचित और समयबद्ध समाधान किया जाए, ताकि आम उपभोक्ता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या वर्ष 2017 के 1.65 करोड़ से बढ़कर 2026 में 3.71 करोड़ से अधिक हो गई है, जो लगभग 126 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। इसी अवधि में विद्युत भार में लगभग 80 प्रतिशत तथा ऊर्जा बिक्री में 63 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में कुल ऊर्जा बिक्री 1.27 लाख मिलियन यूनिट तथा कनेक्टेड लोड 84,000 मेगावाट से अधिक है। घरेलू उपभोक्ता कुल कनेक्शनों का 87 प्रतिशत हैं, जबकि राजस्व में वाणिज्यिक एवं औद्योगिक वर्ग का योगदान सर्वाधिक है। डिस्कॉम्स के प्रदर्शन में सुधार पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि राष्ट्रीय रेटिंग में और सुधार सुनिश्चित किया जाए तथा वितरण अवसंरचना को और सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया को और तेज किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जहां नए विद्युत पोल लगाए जा रहे हैं, वहां उनकी गहराई, केबल की गुणवत्ता एवं अन्य तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बिजली लाइनों को चरणबद्ध रूप से भूमिगत किए जाने की प्रक्रिया को और व्यवस्थित एवं गति देने के निर्देश दिए। प्रिवेंटिव मेंटेनेंस को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फॉल्ट-फ्री सप्लाई के लिए नियमित रखरखाव अनिवार्य है। बैठक में बताया गया कि प्री एवं पोस्ट मानसून अभियानों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 में पावर ट्रांसफॉर्मर क्षति में लगभग 80 प्रतिशत तथा बड़े वितरण ट्रांसफॉर्मरों की क्षति में लगभग 48 प्रतिशत की कमी आई है। स्मार्ट मीटरिंग एवं राजस्व सुधार की समीक्षा में बताया गया कि 84 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं तथा फीडर मीटरिंग में लगभग 95 प्रतिशत प्रगति हुई है।  ग्रामीण क्षेत्रों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि न्यूनतम 05 आवास वाले मजरों में भी विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही डबल ग्रुप सप्लाई एवं कृषि फीडर पृथक्करण के कार्यों को समयबद्ध पूर्ण किया जाए, ताकि ओवरलोडिंग की समस्या का समाधान हो सके। उपभोक्ता सेवाओं के अंतर्गत 1912 कॉल सेंटर, ऑनलाइन पोर्टल, सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा सिंगल विंडो मॉडल को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए गए। उत्पादन क्षमता के संतुलित विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी तापीय इकाइयों को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित रखा जाए तथा ग्रीष्मकालीन मांग के दृष्टिगत आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि उत्पादन से जुड़े सभी मुद्दों का समयबद्ध समाधान किया जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 12,247 मेगावाट तापीय तथा 526.4 मेगावाट जल विद्युत क्षमता उपलब्ध है तथा वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच ₹3,143 करोड़ का संचयी लाभ अर्जित किया गया है। घाटमपुर की 660 मेगावाट इकाई अप्रैल में संचालन प्रारंभ करेगी। मुख्यमंत्री ने 5,600 मेगावाट की नई परियोजनाओं; मेजा, ओबरा-डी एवं अनपरा-ई को शीघ्र स्वीकृति देकर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही 500 मेगावाट सौर एवं 50 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने तथा न्यूक्लियर पावर के लिए चल रहे सर्वेक्षण को शीघ्र पूर्ण करने को कहा। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के अंतर्गत 4.60 लाख से अधिक रूफटॉप (1560 मेगावाट) स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने निर्देश … Read more