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कामखेड़ा बालाजी मंदिर पहुंचीं वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह की पदयात्रा को दिखाई हरी झंडी और कई विकास कार्यों का किया उद्घाटन

  झालावाड़ राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुरुवार को झालावाड़ जिले के मनोहरथाना क्षेत्र पहुंचीं, जहां उन्होंने कामखेड़ा बालाजी मंदिर में पूजा-अर्चना की, पदयात्रा को हरी झंडी दिखाई और पर्यटन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके एक बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा भी तेज कर दी है। पदयात्रा को लेकर क्या बोलीं वसुंधरा राजे कामखेड़ा में आयोजित पदयात्रा को लेकर वसुंधरा राजे ने कहा कि लोग उनसे पूछ रहे हैं कि जब चुनाव नहीं है, तो पदयात्राएं क्यों की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पदयात्रा से आमजन के करीब जाने और उनकी छोटी-छोटी समस्याएं जानने का मौका मिलता है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी बस यात्राएं कर चुकी हैं और यह उनकी चौथे चरण की यात्रा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यात्रा के दौरान खान-पान का ध्यान रखें, कोई बीमार न पड़े और जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उनका समाधान प्रशासन के साथ मिलकर किया जाएगा। कामखेड़ा बालाजी मंदिर में पूजा, पदयात्रा को दिखाई हरी झंडी वसुंधरा राजे मनोहरथाना स्थित प्रसिद्ध कामखेड़ा बालाजी मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंदिर पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। पूजा के बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित किया और अपने सांसद पुत्र दुष्यंत सिंह की पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। विकास कार्यों का किया जिक्र, बदली क्षेत्र की तस्वीर अपने संबोधन में वसुंधरा राजे ने केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार का उल्लेख करते हुए क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि पहले मनोहरथाना पहुंचने में पूरा दिन लग जाता था, लेकिन अब सड़कों और सुविधाओं में सुधार के कारण क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि मनोहरथाना अब पिछड़ा क्षेत्र नहीं, बल्कि तेजी से विकास करने वाला इलाका बन गया है। कामखेड़ा बालाजी मंदिर के विकास पर जताई खुशी उन्होंने कहा कि जब वे पहली बार मंदिर आई थीं, तब केवल एक चबूतरे पर मूर्ति थी, लेकिन आज मंदिर भव्य स्वरूप ले चुका है और देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने मनोहरथाना क्षेत्र में कई विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में विधायक, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। बयान पर छिड़ी चर्चा दोपहर बाद पदयात्रा के दौरान दिए गए एक बयान को लेकर वसुंधरा राजे चर्चा में आ गईं। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे काम होते रहते हैं, किसी को घर नहीं मिल रहा, किसी को पेंशन या मुआवजा नहीं मिल रहा। लोग उनसे शिकायत करते हैं, तो उन्होंने कहा कि “मेरे साथ भी ऐसा हुआ, मैं अपने लिए कुछ नहीं कर सकी, तो तुम्हारे लिए क्या करूं।” उन्होंने कहा कि “मेरा चला गया, मैं अपने आप को नहीं बचा सकी और लोग कहते हैं कि आप हमें बचा लीजिए।” इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। गढ़ पैलेस में ‘गागरोन दुर्ग गैलरी’ और सेल्फी पॉइंट का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ के ऐतिहासिक गढ़ पैलेस स्थित राजकीय म्यूजियम में “गागरोन दुर्ग गैलरी” और गढ़ पैलेस के सामने बनाए गए आकर्षक “सेल्फी पॉइंट” का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने खुद बैठकर सेल्फी भी ली। उन्होंने कहा कि झालावाड़ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध जिला है और इसे पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना जरूरी है। पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर उन्होंने कहा कि “गागरोन दुर्ग गैलरी” जैसे प्रयास स्थानीय विरासत को संरक्षित करेंगे और देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय कला-संस्कृति को आधुनिक माध्यमों से प्रस्तुत करने पर काम कर रही है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी विरासत से जुड़ सके। पर्यटन से रोजगार बढ़ेगा, महिलाओं की अहम भूमिका वसुंधरा राजे ने कहा कि झालावाड़ में पर्यटन को आगे बढ़ाने में सभी लोग सहयोग कर रहे हैं, खासकर महिलाएं भी इसमें भागीदारी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन का मतलब सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि इससे रोजगार और नौकरी के अवसर भी बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि झालावाड़ की ऐतिहासिक धरोहरों को देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। गागरोन दुर्ग गैलरी: इतिहास को मिला नया रूप जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि पंच गौरव योजना के तहत राजकीय संग्रहालय में “गागरोन दुर्ग गैलरी” विकसित की गई है। इस गैलरी में गागरोन दुर्ग के प्रमुख स्थलों जैसे गणेश पोल, संत मिट्ठेशाह की दरगाह, नक्कारखाने का द्वार, लाल दरवाजा, जौहर कुंड, रानियों का महल, द्वारकाधीश मंदिर, भैरवपोल, कटार देव की छतरी, अचलदास खींची का खांडा, जल संरचनाएं, मधुसूदन मंदिर, खींची राजाओं का महल, कृष्ण द्वार, राम बुर्ज, अंधेरी बावड़ी और गणगौर घाट की जानकारी और चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। गैलरी का मुख्य आकर्षण बीच में बना गागरोन दुर्ग का भव्य मॉडल है, जो पर्यटकों को किले के अंदर होने जैसा अनुभव देता है।

रायपुर : दो सिंचाई योजना के लिए 6.12 करोड़ रुपये स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बालोद जिले की दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 6 करोड़ 12 लाख 46 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत योजनाओं में विकासखण्ड-डौण्डीलोहारा की भंवरमरा जलाशय के शीर्ष कार्य नहर रिमाडलिंग, लाईनिंग एवं अन्य 05 पक्के कार्यों को कराने के लिए 2 करोड़ 51 लाख 12 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इस योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत, सिंचाई  क्षमता 120 हेक्टेयर के विरूद्ध 84.40 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति तथा बचत जल से 10.51 हेक्टेयर अतिरिक्त सहित कुल 130.51 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसी तरह से विकासखण्ड-गुण्डरदेही की भन्डेरानाला पर एनीकट का निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 61 लाख 34 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के निर्माण से निस्तारी, पेयजल, भू-जल संवर्धन की सुविधा उपलब्ध होगी।    

जरूरतमंदों को तुरंत मिल रहा छोटा सिलिंडर, रामगढ़ की तीनों बड़ी एजेंसियों पर गैस का पर्याप्त स्टॉक और सप्लाई जारी

 रामगढ़ झारखंड के रामगढ़ जिले में एलपीजी गैस की मांग में अचानक बढ़ोत्तरी के बाद भी स्थिति सामान्य है. शहर के तीन गैस एजेंसियों दूसरे शहरों की तरह उपभोक्ताओं की तरह लाइन नहीं लग रही है. गैस लेने को लेकर भागदौड़ और जद्दोजहद करते उपभोक्ता भी नहीं दिख रहे हैं. रामगढ़ शहर के गैस एजेंसी में मंगलवार के दोपहर 12 बजे से चार बजे के बीच स्थिति सामान्य दिखा. सभी गैस एजेंसी संचालक मौजूद उपभोक्ताओं को आपूर्ति देने के बाद आश्वस्त भी करते दिख रहे थे. शहर के तीन गैस एजेंसियों का हाल     माता रानी इंडेन गैस एजेंसी कैथा के कर्मी ने बताया कि दो दिनों में 342 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर दिया गया. अमेरिका ईरान के युद्ध से पहले एक सप्ताह में 342 गैस सिलिंडर उपभोक्ता ले जाते थे. अभी के आंकड़ो के अनुसार 4500 उपभोक्ताओं में 3800 उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर दिया गया है. 800 उपभोक्ताओं का गैस डिलीवरी बाकी है.      पद्मावती गैस एजेंसी शनिचरा बाजार में भी मंगलवार को स्थिति सामान्य दिखा. कई उपभोक्ता गैस सिलिंडर लेने आए थे. वहीं कई उपभोक्ता ओटीपी संबंधी समस्याओं के साथ केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करते हुए दिखाई दे रहे थे. मैनेजर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि इस गैस एजेंसी से 25 हजार गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं. एजेंसी द्वारा दो पिकअप और दस टेंपो के माध्यम से डोर-टू-डोर गैस आपूर्ति की जा रही है. शहरी क्षेत्र में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों 45 दिन में गैस आपूर्ति कर रहे हैं. जिससे कोई परेशानी नहीं है.     रामगढ़ गैस एजेंसी थाना चौक में भी मंगलवार को स्थिति सामान्य दिखा. एजेंसी के संचालक उज्जवल महतो ने बताया कि 29 हजार उपभोक्ता एजेंसी से जुड़े हुए हैं. 1700 उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराया गया है. 1200 उपभोक्ता बाकी हैं. रविवार को गैस प्लांट बंद रहने के कारण सोमवार को वितरण में थोड़ा कठिनाई हो रही है. जरूरतमंद उपभोक्ताओं को पांच किलोग्राम का छोटा सिलिंडर भी उपलब्ध कराया जा रहा है. गैस उपभोक्ताओं ने क्या कहा रामगढ़ शहर के तीन गैस एजेंसी में मंगलवार को मौजूद उपभोक्ताओं ने बताया कि जितना अफवाह है, उतनी परेशानी का सामना अभी तक नहीं किए हैं. कोठार निवासी सुनील सिन्हा ने बताया कि ओटीपी और अन्य प्रक्रिया में कोई परेशानी नहीं हो रही है. छोटकी मुर्राम निवासी विकास कुमार महतो ने बताया कि प्रक्रिया के तहत निर्धारित समय में बुकिंग के बाद गैस मिल रहा है. गैस एजेंसी संचालकों ने बताया शहर के पद्मावती गैस मैनेजर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गैस की बढ़ती मांग से इंकार नहीं कर रहे हैं. हमलोगों पर दबाव बहुत अधिक है, लेकिन अभी स्थिति समान्य बनाए हुए हैं.

कला और संस्कृति का महाजुटान होगा रांची का आड्रे हाउस, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगेंगे 100 से अधिक फ्री स्टॉल

रांची झारखंड के कलाकारों और स्वदेशी उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के लिए राजधानी में एक से तीन मई तक सांसद सांस्कृतिक महोत्सव व स्वदेशी मेला आयोजित किया जाएगा. इसमें झारखंड सहित देश के लोक कलाकारों का महाजुटान होगा. रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. पत्रकारों से बात करते हुए संजय सेठ ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि यह महोत्सव कला, संस्कृति और स्वदेशी का अनूठा संगम होगा. इन वर्गों की होगी भागीदारी इस आयोजन में रांची लोकसभा क्षेत्र के बच्चे, युवा, महिला और बुजुर्ग शामिल होंगे. राजधानी के आड्रे हाउस में होने वाले इस कार्यक्रम में लोकसभा क्षेत्र के 50 से अधिक स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र अपनी सहभागिता निभाएंगे. संवाददाता सम्मेलन में पद्मश्री मुकुंद नायक, पद्मश्री मधु मंसूरी, नाट्य कलाकार अजय  मलकानी, पूनम आनंद, मुकेश काबरा, एसडी सिंह, पवन बजाज, ऐश्वर सेठ, रमेंद्र कुमार, नीरज चौधरी मौजूद थे. इन प्रतियोगिताओं का किया जाएगा आयोजन महोत्सव में अलग-अलग आयु वर्ग के लिए नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी. महोत्सव में अर्धशास्त्रीय, लोकगीत, देशभक्ति गीत, वेस्टर्न, फ्यूजन म्यूजिक श्रेणी में गायन प्रतियोगिता होगी. महोत्सव में रंगारंग बैंड प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. झारखंडी उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि इस महोत्सव में रांची लोकसभा क्षेत्र के स्थानीय उत्पादकों और कारीगरों को विशेष अवसर दिया जाएगा. मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे. इस स्वदेशी मेले में झारखंडी स्वदेशी उत्पाद, झारखंड की पारंपरिक वेशभूषा, झारखंडी खानपान और मिलेट यानी मोटा अनाज को विशेष रूप से प्रदर्शित और प्रोत्साहित किया जाएगा. स्वदेशी उत्पाद के लिए स्टॉल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा.

टाटा मोटर्स यूनियन की तीन सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार, 13 अप्रैल को मिलेंगे नामांकन फॉर्म और बढ़ी चुनावी सरगर्मी

  जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर में टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के तीन रिक्त कमेटी मेंबर पदों पर उपचुनाव के लिए मतदान 17 अप्रैल को होगा. चुनाव पदाधिकारी चिदानंद खंडई ने गुरुवार को अधिसूचना जारी कर चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी. जिसके साथ ही कंपनी परिसर में चुनावी सरगर्मी तेज हो गयी है. 13 अप्रैल को मिलेगा नामांकन फॉर्म घोषित कार्यक्रम के अनुसार इन पदों के लिए नामांकन पत्रों का वितरण 13 अप्रैल को होगा. इसके बाद 17 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा और इसी दिन शाम को मतगणना के बाद देर रात तक नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी. कमेटी मेंबरों का चुनाव पूरा होते ही यूनियन की कमेटी मीटिंग बुलाई जाएगी. इसके बाद ही खाली उपाध्यक्ष और सहायक सचिव के एक-एक पदों पर भरा जाएगा. त्रिकोणीय मुकाबले के आसार एक्सल डिवीजन की दो सीटों के लिए जहां विजय कुमार शर्मा, रवींद्र कुमार, अश्विनी तिवारी और विजय कुमार सिंह जैसे पुराने चेहरे आमने-सामने हैं. वहीं इआरसी की एक सीट पर दो से अधिक दावेदारों के कूदने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है. संभावित प्रत्याशी अपने-अपने विभागों में छोटी-छोटी बैठकें कर रहे हैं और मतदाताओं को रिझाने के लिए पार्टियों का दौर भी शुरू हो चुका है. रिटाइरमेंट के कारण खाली हुए पद एक्सल डिवीजन से कमेटी मेंबर सैयद मुनव्वर और उपाध्यक्ष शिव नारायण सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद दो सीटें खाली हुई थीं. वहीं, इआरसी विभाग से सहायक सचिव मनोज कुमार शर्मा के रिटायर होने से एक पद खाली हुआ था. इन तीनों सीटों पर कब्जा जमाने के लिए प्रत्याशियों ने अभी से फील्डिंग सजानी शुरू कर दी है.

झारखंड के सभी जिलों में खुलेंगे कैंसर डे-केयर यूनिट, इलाज के लिए अब दूसरे राज्यों में नहीं भटकेंगे मरीज

 रांची  राजधानी रांची के सदर अस्पताल में मरीजों को अब विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू हो गया है. स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना की समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि सदर अस्पताल में 200 बेड का नया सुपर स्पेशियलिटी विंग स्थापित किया जाएगा. इसके लिए जमीन का चयन कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया जल्द आरंभ करने का निर्देश दिया गया है. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य के सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना और मरीजों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराना रहा. कैंसर मरीजों के लिए विशेष सुविधाएं और रेडिएशन बंकर झारखंड में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. स्वास्थ्य सचिव ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी जिलों के सदर अस्पतालों में कैंसर मरीजों के लिए समर्पित ‘डे-केयर यूनिट’ बनाई जाए. इसके साथ ही, रेडिएशन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष बंकरों का निर्माण भी किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मरीजों को राज्य से बाहर या महंगे निजी अस्पतालों में न जाना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में उचित चिकित्सा और देखभाल मिल सके. आईपीएचएस मानकों के आधार पर अस्पतालों का उन्नयन बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सभी सदर अस्पतालों का विकास इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप किया जाएगा. इसके तहत अस्पतालों की बेड क्षमता बढ़ाई जाएगी और वहां अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. स्वास्थ्य सचिव ने बोकारो, धनबाद, सरायकेला, चाईबासा, गोड्डा और रामगढ़ के लिए पूर्व में तैयार डीपीआर में संशोधन कर उन्हें पुन: प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, धनबाद, साहिबगंज, गिरिडीह, दुमका, पाकुड़ और गढ़वा के अस्पतालों के जीर्णोद्धार (Renovation) प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई है. मानव संसाधन विकास और नामकुम में प्रशिक्षण केंद्र अस्पतालों के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. रांची के नामकुम में 500 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना पर चर्चा की गई है. स्वास्थ्य सचिव ने एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी और गहन चिकित्सा (ICU) सेवाओं में प्रशिक्षित कर्मियों की कमी पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने निर्देश दिया है कि इन सेवाओं के लिए विशेषज्ञ कर्मियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि जीवन रक्षक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके.

मोनालिसा की शादी में फर्जीवाड़ा: पति फरमान पर पॉक्सो एक्ट में मामला, छिपाई गई कुंभ गर्ल की उम्र, MP-केरल के DGP को दिल्ली तलब

 महेश्वर कुंभ मेले में वायरल हुई मोनालिसा की शादी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। जांच में सामने आया है कि जिस लड़की को बालिग बताकर शादी कराई गई थी, वह वास्तव में नाबालिग है। इसके बाद पति फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय जनजाति आयोग (NCST) की जांच में यह खुलासा हुआ कि शादी के समय मोनालिसा की उम्र महज 16 वर्ष 2 माह थी। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच में संबंधित दस्तावेज और स्थानीय रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच में महेश्वर अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले गए। NCST ने मामले में केरलम और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिल्ली तलब किया है। महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी का मामला अब बड़ा विवाद बन गया है. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में खुलासा हुआ है कि मोनालिसा नाबालिग है. महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. आयोग के अध्यक्ष के नेतृत्व में टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें लड़की की जन्म तारीख 30 दिसंबर 2009 पाई गई. इस हिसाब से मार्च 2026 में हुई शादी के समय उसकी उम्र कानूनी रूप से कम थी।  जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि निकाह के समय लड़की की उम्र करीब 16 साल 2 महीने थी. मिली जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका से जारी एक गलत जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर केरल के एक गांव में शादी का रजिस्ट्रेशन कराया गया. अब इस रजिस्ट्रेशन को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस खुलासे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है और पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी तरह की लापरवाही सामने आ सके।  मामले में एक और बड़ा खुलासा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें पता चला है कि कुछ संगठनों और राजनीतिक कनेक्शन की आशंका जताई गई है. वहीं आयोग के सामने केरल के कुछ नेताओं और संगठनों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं. साथ ही यह भी जानकारी सामने आई है कि पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या एजेंडा हो सकता है. जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी और लड़की पिछले तीन महीनों से अलग-अलग वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे. इसके बाद शक और गहराता गया है।  दोनों राज्यों के DGP को तलब वहीं इस मामले को गंभीरता से देखते हुए, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केरल और मध्य प्रदेश के डीजीपी को भी दिल्ली तलब किया है और नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं. पुलिस अब फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क और इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है. साथ ही यह भी जांच हो रही है कि कहीं इसमें मानव तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों का कनेक्शन तो नहीं है. प्रशासन का कहना है कि पीड़ित आदिवासी लड़की को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  PFI कनेक्शन और विदेशी फंडिंग की आशंका मामले में अधिवक्ता प्रथम दुबे ने आयोग के समक्ष केरल के सीपीआई-एम नेताओं और पीएफआई जैसे संगठनों की संभावित संलिप्तता का मुद्दा उठाया है। आरोप है कि यह निकाह किसी बड़े एजेंडे का हिस्सा हो सकता है। इसके पीछे विदेशी फंडिंग की भी आशंका जताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी और पीड़िता पिछले तीन महीनों से वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे। आयोग इस मामले की जांच आदिवासी बच्चों की तस्करी के एंगल से भी कर रहा है। 2 राज्यों के डीजीपी दिल्ली तलब मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने 22 अप्रैल 2026 को केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिल्ली मुख्यालय तलब किया है। आयोग ने दोनों राज्यों की पुलिस को हर तीन दिन में जांच की प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि पीड़ित आदिवासी बेटी को न्याय दिलाने के लिए मामले की लगातार निगरानी की जाएगी। पीड़िता के पिता की शिकायत पर FIR महेश्वर पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर फरमान खान के खिलाफ FIR दर्ज की है। युवक पर नाबालिग लड़की को फिल्म स्टार बनाने का लालच देकर केरल ले जाने का आरोप है। वहां नाबालिग को बहलाकर शादी कर ली। पीड़िता के पिता के मुताबिक, शूटिंग के दौरान ही फरमान खान से संपर्क हुआ था। आरोपी ने फिल्म में 'कर्नल' का रोल दिलाने और बेटी को करोड़ों रुपए कमाने का झांसा देकर केरल बुलाया। फरमान ने खुद ही इंदौर से केरल के लिए फ्लाइट के टिकट बुक कराए थे। फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की तलाश महेश्वर पुलिस शादी के पीछे सक्रिय सिंडिकेट और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की तलाश में जुटी है। साथ ही केरल पुलिस और स्थानीय राजनेताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

गैस एजेंसियों के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर, राजधानी के कई इलाकों में छोटे सिलिंडर के लिए लोग काट रहे चक्कर

नई दिल्ली राजधानी में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण आम लोग परेशान हैं। दिल्ली सरकार के निर्देशों के बावजूद 5 किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। अब बड़े सिलिंडरों के साथ साथ छोटे सिलिंडरों की कमी भी लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। कम खपत वाले परिवारों और छोटे कारोबारियों को खासतौर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर या तो उपलब्ध नहीं हैं या बेहद सीमित संख्या में मिल रहे हैं, जो जल्दी खत्म हो जाते हैं। ठेला चालकों, छोटे दुकानदारों और किराए पर रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है, क्योंकि वह बड़े सिलिंडर का खर्च नहीं उठा सकते। मजबूरी में उन्हें महंगे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं। छोटे सिलिंडर न मिलने से लोग परेशान : जंगपुरा, भाई वीर सिंह मार्ग, पंचकुइयां रोड, गोल मार्केट, और मुनिरका स्थित एजेंसियों और पंपों पर छोटे सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। कई उपभोक्ताओं के अनुसार, वह पिछले कई दिनों से गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिल रहा है। गोल मार्केट निवासी हिमानी ने बताया कि एजेंसी कर्मचारी स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज देते हैं, जबकि कुछ जगहों पर सीमित संख्या में सिलिंडर आते हैं, जो कुछ ही समय में खत्म हो जाते हैं। जंगपुरा निवासी अशोक ने बताया कि वह पिछले 4 से 5 दिनों से एजेंसी जा रहे हैं, लेकिन हर बार यही कहा जाता है कि स्टॉक नहीं आया। इससे घर में खाना बनाने में काफी दिक्कत हो रही है। एजेंसियों के दावों और हकीकत में अंतर : जंगपुरा, आरके पुरम और गोल मार्केट स्थित गैस एजेंसियों के अनुसार, सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जो लोग सिलिंडर लेने आ रहे हैं उन्हें दिया जा रहा है। अधिकतर गैस एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि राजधानी में सिलिंडर की किसी तरह की कोई कमी नहीं है। ज्यादातर उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर दिया जा रहा है। कुछ मामलों में ट्रांसपोर्ट या तकनीकी कारणों से देरी हो सकती है, लेकिन इसे बड़ी समस्या नहीं माना जाना चाहिए। एजेंसी संचालकों ने कहा कि सप्लाई सामान्य है और अनावश्यक रूप से इसे बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। वहीं, जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है। राजधानी नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम धारीवाल ने बताया कि अभी तक गैस एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। छोटी सिलिंडरों की कमी से आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ी मार गैस की कमी के साथ साथ बढ़ती कीमतों ने भी गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मजदूरों का कहना है कि पहले जितने पैसे में कई दिनों तक गैस चल जाती थी, अब उतने में मुश्किल से कुछ दिन ही काम चलता है। आर्थिक तंगी के कारण कई परिवारों ने गैस का उपयोग कम कर दिया है। कुछ घरों में दिन में केवल एक बार ही खाना बन रहा है, जबकि कई लोग अब लकड़ी और कोयले का सहारा लेने लगे हैं। ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने बताया कि उनकी समस्याएं अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती हैं। उनके लिए गैस की यह कमी सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन का गंभीर संकट बन चुकी है, क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।  

पंजाब में 15 अप्रैल तक मौसम रहेगा सूखा, तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री कम, अप्रैल में 525% अधिक बारिश की संभावना

जालंधर  वीरवार को दिनभर मौसम साफ रहा और तेज धूप भी खिली रही। हालांकि दो दिनों तक रुक रुक कर होती रही वर्षा का असर भी दिखाई दिया। कारण, तेज धूप होने के बावजूद ज्यादा गर्मी का अहसास नहीं हुआ। मगर दिन ढलने के बाद ही कुछ हद तक ठंडक महसूस हुई क्योंकि हवाएं चलने का क्रम जारी रहा। जिसके चलते ही अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। 33 डिग्री पार जा सकता है तापमान बुधवार को अधिकतम 19.1 और न्यूनतम 14.4 दर्ज हुआ था। इस हिसाब से देखें तो अधिकतम में लगभग सात डिग्री की बढ़ौतरी हुई है, वहीं न्यूनतम में एक डिग्री की गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तेज धूप खिलेगी और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। यही नहीं छह दिनों के भीतर तापमान 33 डिग्री व उससे पार तक भी जा सकता है। मौसम विशेषज्ञ डा. दलजीत सिंह का कहना है कि मौसम विभाग की तरफ से जारी किए गए पूर्वानुमान से क्लियर है कि आने वाले दिनों में तेज धूप खिलेगी और बढ़ती हुई गर्मी सताएगी भी। 15 से पश्चिमी विक्षोभ होगा एक्टिव उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस समय जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है, जिससे पहाड़ी इलाकों में बादल छाने, हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। ऊंचाई पर तेज गति से चल रही हवाएं (जेट स्ट्रीम) इन मौसम प्रणालियों को और सक्रिय कर रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे वहां मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। फाजिल्का में सबसे ज्यादा 56.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड पंजाब में 1 से 9 अप्रैल 2026 के बीच सामान्य से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में औसतन 25.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य रूप से यह आंकड़ा 4.1 मिमी रहता है। इस प्रकार, राज्य में 525 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 56.8 मिमी बारिश फाजिल्का में और सबसे कम 4.4 मिमी होशियारपुर में दर्ज की गई। पांच दिनों में 8 डिग्री तक तापमान बढ़ेगा मौसम विभाग चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। साथ ही, अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है, जिससे लोगों को फिर से गर्मी का एहसास होने लगेगा। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी मरीजों की संख्या 15 प्रतिशत के करीब बढ़ी अप्रैल माह में भी फरवरी जैसा मौसम। फरवरी में तापमान बढ़ने से गर्मी समय से पहले शुरू होने के साथ मार्च और उसके बाद अप्रैल में में वर्षा से मौसम में ठंडक । मौसम में उतार चढ़ाव के साथ ही शुरू हुआ वायरल मरीजों के लिए परेशानियां पैदा कर रहा है। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में पिछले एक सप्ताह से ओपीडी में आने वाले मरीजों में बुखार, खांसी, जुकाम और गला खराब के मरीजों की संख्या में 15 प्रतिशत के करीब बढ़ोतरी दर्ज हुई है। 

हाथियों की शाही दावत और महावतों का सम्मान, जयपुर में अनंत अंबानी के जन्मदिन पर पशु प्रेम का दिखा अनोखा नजारा

जयपुर जयपुर में हाथी गांव में उद्योगपति अनंत अंबानी का जन्मदिन इस बार बेहद अनोखे अंदाज में मनाया गया। इस खास मौके पर हाथियों ने 2.5 फीट ऊंचा केक काटा और 3000 किलो फलों की भव्य दावत का आनंद लिया। कार्यक्रम ने न केवल उत्साह फैलाया बल्कि पशु प्रेम और संवेदनशीलता का संदेश भी दिया। हाथियों ने फलों से बने केक काटे जन्मदिन समारोह में हाथी बाबू, हथिनी पुष्पा और चंदा ने मिलकर फलों से बने केक को काटा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग और पशु प्रेमी उपस्थित थे। इस केक को विशेष रूप से हाथियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए तैयार किया गया था। 3 हजार किलो फल की भव्य दावत कार्यक्रम में हाथियों के लिए विशेष बुफे भी सजाया गया, जिसमें केले, सेब, पपीता, गन्ना, गुड़ और हरा चारा शामिल था। लगभग 3000 किलो फल और पोषक आहार का आनंद हाथियों ने भरपूर लिया। हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष शफीक बल्लू खान ने बताया कि अनंत अंबानी पशुओं के प्रति बेहद संवेदनशील हैं और उनका हाथी गांव से जुड़ाव इस आयोजन को और भी खास बनाता है। महावतों का भी हुआ सम्मान साथ ही हाथी महावतों का भी सम्मान किया गया। उन्हें राशन किट, जूते, कैप और अन्य उपयोगी वस्तुएं भेंट की गईं, जो उनके योगदान को सराहने का प्रतीक हैं। उपस्थित पशु प्रेमियों ने इस आयोजन को प्रेरणादायक बताया और कहा कि बेजुबान जानवरों के साथ खुशियां साझा करना समाज में सकारात्मक संदेश फैलाता है और पशु संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाता है। कुल मिलाकर यह समारोह केवल जन्मदिन नहीं बल्कि पशु प्रेम, सेवा और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।