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महाकुंभ वाले IIT बाबा अभय सिंह अब गृहस्थ बने, विज्ञान और सनातन के मेल से छाए थे

झज्जर. हरियाणा के जिला झज्जर के सासरौली गांव के रहने वाले और प्रयागराज महाकुंभ मेले में प्रसिद्ध हुए आईआईटी बाबा अभय ने शादी की। शादी के बंधन में बंधने के बाद आज (सोमवार) वे अपने झज्जर वाले घर पहुंचे। उन्होंने 15 फरवरी को शिवरात्रि शुभ अवसर पर शादी की। इसके बाद उन्होंने 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज भी की। आखिर महाकुंभ में क्यों चर्चा में आए अभय सिंह? देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने वैराग्य का मार्ग चुना। अपनी वेशभूषा, बल्कि अपनी तार्किक क्षमता और जीवन के प्रति नजरिये के कारण फेमस हुए। उन्होंने आईआईटी जैसे संस्थान से स्नातक करने के बाद विदेश में मिलने वाले करोड़ों के वेतन और ऐशो-आराम की जिंदगी को ठुकरा दिया।उनका यह निर्णय आज के उस युवा वर्ग को हैरान कर रहा है जो सफलता का पैमाना केवल आर्थिक समृद्धि को मानता है। प्रवचनों में केवल पौराणिक कथाएं नहीं होतीं, बल्कि वे धर्म को विज्ञान की कसौटी पर कसकर समझाते हैं। वे क्वांटम फिजिक्स से लेकर न्यूरोसाइंस तक के उदाहरणों के माध्यम से सनातन धर्म की वैज्ञानिकता को सिद्ध करते हैं, जो शिक्षित युवाओं को खासा प्रभावित कर रहा है। उनके पास न तो कोई बड़ा तामझाम था और न ही वीआईपी संस्कृति का दिखावा। उनकी सरलता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनकर उभरी। उन्होंने मानसिक शांति और अवसाद से मुक्ति के लिए आध्यात्मिक मार्ग को वैज्ञानिक तरीके से सुझाया

पेंशनर्स के हक में कोर्ट सख्त: भत्ता और यात्रा रियायत देने के निर्देश, कर्मचारियों को राहत

चंडीगढ़. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने रिटायर्ड कर्मचारियों के हित में महत्वपुर्ण फैसला सुनाते हुए पंजाब सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसके अधीन लटकी विभागी या न्यायिक कार्रवाई का हवाला देकर पेंशनर्स को बुढ़ापा भत्ता और यात्रा छूट से वंचित किया जा रहा था। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की सिंगल बेंच ने साफ किया कि किसी भी कानूनी प्रोविजन के बिना सिर्फ प्रशासनिक आदेशों के आधार पर रिटायरमेंट के लाभ रोके नहीं जा सकते। यह मामला पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के रिटायर्ड कर्मचारियों द्वारा दायर की गई अर्जी से संबंधित था। पिटीशनर्स ने साल 2022 के उस स्पष्टीकरण को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागी या न्यायिक कार्रवाई लटकी है और जो प्रोविजनल पेंशन ले रहे हैं, उन्हें बुढ़ापा भत्ता और यात्रा में छूट नहीं मिलेगी। हाईकोर्ट ने 22 दिसंबर, 2022 के आदेश को रद्द करते हुए राज्य सरकार को सभी एलिजिबल कर्मचारियों को बकाया बुढ़ापा भत्ता और यात्रा छूट 6 हफ्ते के अंदर जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यह फ़ैसला उन सभी कर्मचारियों पर लागू होगा जिनकी स्थिकी एक जैसी हैं, चाहे उन्होंने अर्जी दायर की हो या नहीं।

जाम से मिलेगी छुटकारा: छत्तीसगढ़ में बनेंगे 9 बायपास, 448 करोड़ की योजना स्वीकृत

रायपुर. मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने तथा तेज व सुव्यवस्थित यातायात के लिए लोक निर्माण विभाग ने हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में नौ बायपास सड़कों के लिए कुल 448 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने स्थानीय लोगों की मांगों व जरूरतों को देखते हुए इन बायपास सड़कों के लिए प्राथमिकता से राशि मंजूर करने के निर्देश दिए थे। रायगढ़ जिले में 6 किमी का बायपास लोक निर्माण विभाग द्वारा रायगढ़ जिले में तमनार बायपास मार्ग के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से 6 किमी बायपास सड़क का निर्माण किया जाएगा। विभाग ने रायगढ़ शहर में रिंग रोड (बायपास मार्ग) के लिए 70 करोड़ 47 लाख रुपये मंजूर किए हैं। खरसिया के बायपास क्रमांक-3 कबीर चौक से डभरा रोड तक 2 किमी सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए भी 7 करोड़ 22 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। धमतरी जिले में 4 किमी का बायपास विभाग ने धमतरी जिले में 4 किमी लंबाई के भखारा बायपास के लिए 14 करोड़ 94 लाख रुपये तथा 1.50 किमी लंबाई के नारी बायपास मार्ग के लिए 7 करोड़ 97 लाख रुपये मंजूर किए हैं। बलौदाबाजार में लटुवा, पनगांव होते हुए 15 किमी लंबे बलौदाबाजार बायपास सड़क के लिए 88 करोड़ 68 लाख रुपये एवं 7 किमी लंबे रिसदा बायपास मार्ग के लिए 20 करोड़ 99 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। बिलासपुर में 13.40 किमी का बायपास लोक निर्माण विभाग ने बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख रुपये और बेमेतरा जिले में 1.20 किमी कांक्रीटीकृत छिरहा बायपास सड़क के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपये की भी मंजूरी दी है। ट्रैफिक का दबाव कम करने निर्माण उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि, “राज्य शासन शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध, तेज और सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए बायपास सड़कों, पुलों और ओवरब्रिजों का निर्माण प्राथमिकता से किया जा रहा है। इससे आवागमन और अधिक स्मूथ, तेज एवं व्यवस्थित होगा। हम प्रदेश के समग्र विकास के लिए आधुनिक और मजबूत सड़क अधोसंरचना लगातार विकसित कर रहे हैं।”

योगी कैबिनेट के 22 फैसले: स्टूडेंट्स को टैबलेट, शिक्षामित्रों को मिलेगा डबल मानदेय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार (7 अप्रैल) को कैबिनेट की बैठक हुई. इस दौरान मंत्रिपरिषद द्वारा 22 प्रस्ताव पेश किए गए, इन सभी 22 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई. बैठक में शिक्षामित्रों का मानदेय 18 हजार रुपए और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपए करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।  उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का बढ़ा हुआ मानदेय 1 मई से दिया जाएगा.पिछले लंबे समय से यूपी के लाखों शिक्षा मित्र इस फैसले का इंतजार कर रहे थे. 1,42,929 शिक्षा मित्र राज्य में हैं, वहीं 24,717 अनुदेशक वर्तमान में राज्य में कार्यरत हैं।  49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी कैबिनेट बैठक में पीपीपी मॉडल पर 49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी दी गई है. बताया जा रहा है कि ये बस अड्डे पूरी तरह एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे. योगी सरकार के इस फैसले से राज्य के 52 जिले सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे, वहीं यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।  25 लाख टैबलेट की खरीदे जाएंगे जानकारी के मुताबिक स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजनांतर्गत निःशुल्क टैबलेट हेतु अंतिम बिड हेतु प्रस्ताव को मंजूरी मंजूरी दी गई है. छात्रों को वितरित करने के लिए 25 लाख टैबलेट की खरीदे जाएंगे. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अभी तक प्रदेश में 60 लाख स्मार्ट फोन और टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं, वहीं अब 25 लाख टैबलेट और खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिली है।  बैठक में औद्योगिक विकास विभाग की हाई पावर कमेटी की संस्तुतियों को मंजूरी दे दी गई है. इसके तहत राज्य के 9 जिलों में ₹15,189 करोड़ से अधिक के निवेश से 12 औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी. निवेश के लिए 8 प्रस्ताव पेश किए गए।  कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में 10,000 रुपए निर्धारित किए गए शिक्षामित्रों के मानदेय को बढ़ाकर अब 18,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है। इसी प्रकार अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रूपए से बढ़ाकर 17,000 रुपए प्रतिमाह किया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और मई माह में दिए जाने वाले भुगतान में सम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का मानदेय अब तक समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत केंद्र व राज्य सरकार के 60:40 अनुपात में प्राप्त होता रहा है। मानदेय वृद्धि के फलस्वरूप इन पर आने वाला 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। शेष 13,597 शिक्षामित्र, जिनका भुगतान पूर्णतः राज्य सरकार द्वारा किया जाता है, उनके लिए 119.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार भी राज्य सरकार वहन करेगी। संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्तमान में 24,717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। मानदेय वृद्धि के इस निर्णय से इन अनुदेशकों को भी बड़ी राहत मिलेगी तथा इस पर 217.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह निर्णय न केवल शिक्षामित्रों एवं अंशकालिक अनुदेशकों के जीवन स्तर में सुधार लाएगा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएगा। 6 नए प्रस्ताव     ओएफबी टेक प्रा.लिम. 589 करोड़ के निवेश के साथ शाहजहांपुर में एग्रो केमिकल्स बनाएगी.     इंडिया ग्लाइकॉन्स लिमिटेड गोरखपुर (गीडा) में एथेनाल प्रोडक्शन के लिए क्षमता विस्तार करेगी,669 करोड़ का निवेश.     सोलर सेल व मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट निर्माण हेतु 3805 करोड़ का निवेश,बुंदेलखंड व यमुना अथॉरिटी परिसर में.     बिसलेरी इंटरनेशनल प्रा.लिमिटेड,प्रयागराज में स्थापित होगा,269.31 करोड़ का निवेश.     ए.जी.आई. कैन मैन्युफैक्चरिंग के लिए हाथरस में यूपीसीडा क्षेत्र में 1128.72 करोड़ का निवेश करेगा.     इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्रा.लिमिटेड का सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट 1146 करोड़ का निवेश, यमुना अथॉरिटी परिसर में. कैबिनेट के अन्य फैसले     जनपद पीलीभीत व लखीमपुर खीरी,रामपुर व बिजनौर में भारत पाकिस्तान विभाजन के समय विस्थापित होकर आए परिवारों को भारतीय नागरिकता के लिए पात्रता के सम्बंध में प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है।      इनकी संख्या लखीमपुर खीरी में 2350 परिवार,पीलीभीत में 4 हजार परिवार,बिजनौर में 18 ग्रामों में 3856 परिवार,रामपुर में 16 ग्रामों में 2174 परिवार हैं.     डॉ अंबेडकर मूर्ति विकास योजना को मंजूरी. योजना के तहत अंबेडकर समेत तमाम महापुरुषों से संबंधित स्थानों पर स्थापित मूर्तियों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।      स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, हर स्थान के लिए 10 लाख खर्च किये जाएंगे.     हर विधानसभा के लिए 1 करोड़, कुल 403 करोड़ दिए जाएंगे।      सभी विधानसभा क्षेत्र में 14 अप्रैल को कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और योजना की जानकरी दी जाएगी।  शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की बड़ी जीत लंबे समय से सड़क से सदन तक संघर्ष कर रहे शिक्षामित्रों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। कैबिनेट ने उनके मानदेय को 10,000 रुपये से बढ़ाकर सीधा 18,000 रुपये प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वहीं, अनुदेशकों का मानदेय भी 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 2 लाख परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को एक अप्रैल से बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। मई के वेतन में जुड़कर आएगा। 25 लाख युवाओं को डिजिटल सौगात 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना' के तहत सरकार ने अपना अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2026-27 के लिए 25 लाख छात्र-छात्राओं को टैबलेट देने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। इसके लिए बिड की सेवा-शर्तों और खरीद प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दे दिया गया है। विस्थापितों को मिला 'भूमिधर' का हक कैबिनेट ने एक मानवीय फैसला लेते हुए भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय आए विस्थापितों और CAA (नागरिक संशोधन अधिनियम) के तहत पात्र परिवारों को बड़ी राहत दी है। इन परिवारों को अब उनकी काबिज भूमि पर 'भूमिधर' (मालिकाना) अधिकार देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही 'उत्तर … Read more

मध्य प्रदेश में 30 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि, 3 दिन बाद हीटवेव का रहेगा असर

भोपाल   मध्य प्रदेश में अप्रैल में आमतौर पर तेज गर्मी का दौर शुरू हो जाता है. इस बार आंधी और बारिश ने तापमान को नीचे ला दिया है. मौसम विभाग ने प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. अगले 72 घंटे तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का अलर्ट है. मौसम साफ होते ही तापमान तेजी से बढ़ेगा और अगले सप्ताह तक पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है।  तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान तापमान में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. बादल और हल्की बारिश के कारण प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा. बीते 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके बाद खरगोन और रतलाम में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा. राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 3.8 डिग्री सेल्सियस कम है।  मध्य प्रदेश में अगले 3 दिन आंधी-बारिश के साथ ओले गिरेंगे  इंदौर में 34.2 डिग्री और जबलपुर में 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके साथ ही रात के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है. हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. कई जिलों के न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।  इन जिलों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा मौसम विभाग ने 7 अप्रैल के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है. भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. ग्वालियर-चंबल संभाग में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा बताया गया है।  ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी और गुना जिलों में वज्रपात को लेकर लोगों को सावधान रहने को कहा गया है. इसके अलावा बुंदेलखंड के छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और सागर जिलों में भी तेज हवा और हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।  पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया "पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है. रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, पन्ना और दमोह में आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. रीवा और मऊगंज क्षेत्र में हवाओं की रफ्तार तेज रहने की संभावना है. वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।  एक साथ कई वेदर सिस्टम सक्रिय मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार "प्रदेश में मौसम के अचानक बदलने की मुख्य वजह एक साथ कई मौसमी प्रणालियों का सक्रिय होना है. जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है. इसके साथ ही दक्षिण कैस्पियन सागर क्षेत्र से एक और पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ रहा है. उत्तर-पूर्व उत्तरप्रदेश से लेकर पूर्वी मध्यप्रदेश होते हुए विदर्भ तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है. इन सभी प्रणालियों के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है।  8 से 10 अप्रैल तक ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार "अगले तीन दिन तक प्रदेश में मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी, हालांकि धीरे-धीरे इसका असर कम होने लगेगा. 8 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. 9 अप्रैल तक बारिश का क्षेत्र सिमटकर मुख्य रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश तक रह जाएगा. इस दिन रीवा, सीधी और सिंगरौली जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. जबकि 10 अप्रैल से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ होने लगेगा. विभाग ने इस दिन के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।  अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तेज गर्मी मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही बादल छंटेंगे और आसमान साफ होगा, तापमान तेजी से बढ़ने लगेगा. 10 अप्रैल के बाद दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है. वर्तमान में जहां अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच है, वहीं, अगले सप्ताह की शुरुआत तक कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है. इसके साथ ही प्रदेश में हीट वेव यानी लू का असर भी शुरू होने की संभावना जताई गई है। 

MP के इस गांव में गाली-मुक्त अभियान, जुबान से गलती होने पर तुरंत एक्शन

बुरहानपुर बुरहानपुर का बोरसर गांव इस बार किसी त्योहार से नहीं, संस्कारों की सुनामी से सुर्खियों में है! एमपी का पहला गाली-मुक्त मॉडल गांव बनने के बाद यहां की हवा में अब गालियां नहीं, संस्कारों की खुशबू बह रही है. यहां सड़कों पर कदम रखते ही साफ लिखा मिलता है, गाली की एंट्री बैन… यदि कोई व्यक्ति गाली देता पकड़ा जाता है, तो उस पर ₹500 का जुर्माना लगाया जाता है और साथ ही एक घंटे तक गांव की सफाई करने की सजा भी दी जाती है. इसका मतलब एकदम ऑन-द-स्पॉट एक्शन होता है. चाहे आम आदमी हो या कोई प्रभावशाली रसूखदार गाली दी तो कार्रवाई होना तय है।  क्या बोले गांव वाले? गांव वासियों ने बताया कि इससे बहुत लाभ मिल रहा है, अगर ये सब रुक जाए तो अच्छा है. गाली गलौच से तो बहुत से झगड़े भी होते हैं, लड़ाई होती है उसको अगर रुकवा देंगे तो अपना गांव देश अच्छा बन जाएगा. हम बिलकुल इस नियम के साथ हैं, जब ये मुद्दा उठाया गया था तो हमने तभी से इसे मानने का मन बना लिया था।  स्पेशल फोर्स भी बनाई गई गांव के युवा अब ‘गाली पकड़ो स्पेशल फोर्स’ की विशेष टीम का हिस्सा बन गए हैं. यह टीम निगरानी रखती है और नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई करती है. किसी ने गलती की, तो ये टीम वैसे ही पकड़ेगी जैसे पुलिस मोस्ट वांटेड को पकड़ती है. ग्राम पंचायत और समाजसेवी अश्विन पाटिल के इस नवाचार ने गांव की सोच का असली अपग्रेशन कर दिया है. बच्चों की जुबान से गालियां गायब और उनकी जगह किताबों की खुशबू महक रही है।  गांव की इस पहल से शहर भी शर्मिंदा गांव वालों का कहना है कि गांव में खुला नया पुस्तकालय अब संस्कारों की ऊर्जा फैला रहा है. आज बोरसर सिर्फ गांव नहीं, सचमुच संस्कारों की प्रयोगशाला बन चुका है, जहां से उठी यह क्रांति बड़े शहरों को भी शर्मिंदा कर रही है। 

झारखंड हाईकोर्ट का कड़ा संदेश: ड्रग्स माफिया के खिलाफ सख्ती, बड़े गिरोहों पर कसें शिकंजा

रांची. झारखंड में नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर सख्त एक्शन दिखना चाहिए। NCB और CID मिलकर तोड़ें तस्करों का नेटवर्क अदालत ने सोमवार को स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), सीआइडी और झारखंड पुलिस को आपसी तालमेल (Coordination) के साथ काम करने की हिदायत दी। कोर्ट ने कहा कि जब तक ये एजेंसियां एक साथ मिलकर कार्रवाई नहीं करेंगी, तब तक अंतरराज्यीय सिंडिकेट को तोड़ना मुश्किल होगा। सिर्फ छोटे मामलों से नहीं चलेगा काम, वित्तीय स्रोतों की हो जांच। खंडपीठ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ड्रग्स के छोटे-मोटे मामलों तक सीमित रहने से इस समस्या का समाधान नहीं होगा। अदालत ने निर्देश दिया कि:- ड्रग्स नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों (Financial Sources) की गहन जांच हो। अवैध कारोबार के असली सरगनाओं (Kingpins) को गिरफ्तार किया जाए। बाहरी राज्यों से हो रही ड्रग्स सप्लाई की कड़ी से कड़ी जोड़ी जाए। स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता और SOP पर जोर सुनवाई के दौरान सीआइडी ने कोर्ट में दो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) पेश किए। अदालत ने सरकार को इन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने का आदेश दिया। साथ ही, युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान को तेज करने की जरूरत बताई। इसके साथ ही कोर्ट ने इस याचिका को निष्पादित कर दिया है। बता दें कि रांची और जमशेदपुर में तेजी से युवा पीढ़ी को ड्रग्स के कारोबारी अपने शिकंजे में ले रहे हैं। फौरी तौर पर पुलिस कार्रवाई करती है और सिंडिकेट अपना काम बदस्तूर करता रहता है।

ऑरेंज अलर्ट जारी: पंजाब में ओलावृष्टि और तूफानी बारिश का खतरा, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

लुधियाना. पंजाब के कई जिलों में  सोमवार को भी जहां बादल छाए रहे, वहीं कई जिलों में दिनभर तीखी धूप रही। जबकि फाजिल्का व चंडीगढ़ में वर्षा हुई। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार फाजिल्का में 12.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि चंडीगढ़ में 1.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। जबकि अन्य जिलों में मौसम साफ रहा। इसके चलते दिन में गर्मी रही और तापमान बढ़ा। बठिंडा में दिन का तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पटियाला में 32.5 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना में 31.6 डिग्री सेल्सियस, मोहाली में 31.4 डिग्री सेल्सियस, रूपनगर में 31.3 डिग्री सेल्सियस, फिरोजपुर में 30.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। दूसरी तरफ मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार और बुधवार को पंजाब के कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान कई जगहों पर वर्षा के बीच ओलावृष्टि हो सकती है। जिसे लेकर विभाग ने ओरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके बाद नौ अप्रैल से मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है। 13 जिलों में आंधी और ओलावृष्टि मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के पहाड़ों पर पहुंचने के बाद मौसम बदला है। लगभग सभी जिलों का मौसम इस दौरान प्रभावित होगा। 13 जिलों में ओलावृष्टि और आंधी, जबकि अन्य जिलों में सिर्फ आंधी और बिजली की संभावना है। इस दौरान नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में आंधी चलेगी। जबकि पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना भी है। इस तरह की मौसम की स्थिति बनी जम्मू-कश्मीर के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो ऊपर हवा में चक्रवात की तरह काम कर रहा है और मौसम बदल रहा है। 1.5 किमी ऊंचाई पर एक ट्रफ भी बना हुआ है, जिससे मौसम और प्रभावित हो रहा है। 11 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ आएगा, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत में फिर से बारिश, आंधी और बादल बढ़ सकते हैं। इस दौरान फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि सीएम भगवंत मान पहले कह चुके है कि मौसम खराब होने की कई जगह फसलों का नुकसान हुआ है। इसके लिए हम गिरदावरी करवाएंगे। किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। दो दिन इस तरह का मौसम रहेगा मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने कहा कि राज्य में आज और कल कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। दोनों दिन 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। 7 को कई और 8 को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, इसके बाद मौसम सूखा रहेगा। तापमान अगले 24 घंटे स्थिर रहेगा, फिर 48 घंटों में 4–5 डिग्री गिरावट और बाद में बढ़ोतरी होगी।

बस्तर के विकास पर फोकस: CM साय आज PM और गृह मंत्री से करेंगे मुलाकात, पेश करेंगे रोडमैप

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार की रात नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। यह दौरा महज एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि बस्तर के भविष्य की नींव रखने वाली बैठक के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री साय 7 अप्रैल की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इसी दिन वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी भेंट करेंगे। दोनों बैठकों में बस्तर के व्यापक विकास का खाका पेश किया जाएगा। इस बार की बैठक का केंद्रबिंदु ‘पोस्ट-माओइस्ट सीनारियो’ है। वर्षों की सुरक्षा कार्रवाइयों के बाद बस्तर में माओवाद का प्रभाव काफी हद तक सिमट चुका है और अब सरकार की नजर इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर टिकी है। मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के समक्ष बस्तर के विकास का एक विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करेंगे, जिसमें बुनियादी ढांचे के विस्तार से लेकर निवेश, रोजगार और आदिवासी समाज के समावेशी विकास तक की पूरी रूपरेखा शामिल होगी। क्या होगा प्रेजेंटेशन में? मुख्यमंत्री अपनी प्रस्तुति में इन बिंदुओं पर केंद्र सरकार का ध्यान खींचेंगे – बस्तर में सड़क, बिजली और संचार जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार  नए उद्योगों की स्थापना और निवेशकों को आकर्षित करने की योजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के ठोस अवसर आदिवासी क्षेत्रों का समावेशी और संतुलित विकास केंद्र की नजर बस्तर पर गौरतलब है कि अब केंद्र सरकार का पूरा ध्यान बस्तर की ओर मुड़ चुका है। सुरक्षा मोर्चे पर मिली सफलताओं के बाद यह माना जा रहा है कि बस्तर अब बदलाव के एक नए दौर में प्रवेश करने को तैयार है। मुख्यमंत्री साय के इस दौरे को उस बदलाव की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को बस्तर 2.0 का विकास ब्लूप्रिंट सौंपा, दी आमंत्रण

बस्तर 2.0 की शुरुआत: मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा बस्तर के लिए 360° प्लान-टूरिज्म, स्टार्टअप, इंफ्रा और इनोवेशन पर फोकस पीएम का बस्तर दौरा बनेगा टर्निंग पॉइंट, बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात रायपुर /नई दिल्ली छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट भी सौंपा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण दिया, जहां उनकी मौजूदगी में कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित है। शिक्षा व स्वास्थ्य सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ब्लूप्रिंट के जरिए बस्तर में अब विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया दौर शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने अपने विकास दस्तावेज़ में उल्लेख किया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर के लिए देखा गया शांति और विकास का सपना अब जमीन पर साकार हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई चमक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा। मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के व्यापक जाल के माध्यम से दूर-दराज के गांवों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ नई 228 सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग भी की गई है। ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट देउरगांव और मटनार में स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह परियोजनाएं बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी। आजीविका और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है।  ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है। पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है। नक्सलवाद से मुक्त बस्तर के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री के सामने जो कार्ययोजना प्रस्तुत की, उसमें ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक अहम पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा, जरूरी दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएँ आसानी से पहुँचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।