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भाजपा स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री साय ने फहराया झंडा, अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार करने का किया वचन

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भाजपा के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने विधिवत ध्वजारोहण किया और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री साय ने भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर प्रदेश के सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पार्टी की विचारधारा और संगठन की ताकत ही उसे लगातार आगे बढ़ा रही है। इस मौके पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद छत्तीसगढ़ पर हमेशा बना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस कल्पना और दृष्टि के साथ अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था, उनकी सरकार उसी दिशा में काम करते हुए उनके सपनों को पूरा करने का प्रयास करेगी। पत्रकारों से चर्चा के दौरान ही मुख्यमंत्री साय ने अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि “देर आए, दुरुस्त आए।” उन्होंने कहा कि इस मामले में अमित जोगी मुख्य आरोपी रहे हैं और न्यायालय का निर्णय उचित है। वहीं पश्चिम बंगाल के आगामी चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हाल ही में वे वहां से होकर आए हैं और प्रदेश में ममता बैनर्जी के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है और बहन-बेटियों को भी पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के पक्ष में अच्छा माहौल बन चुका है और वहां परिवर्तन की लहर चल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में भाजपा की सरकार बनेगी।

पनबस और पीआरटीसी के बेड़े में वृद्धि, मुख्यमंत्री मान ने 100 बसों को किया फ्लैग ऑफ

पटियाला. पंजाब में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की 100 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कार्यक्रम पटियाला में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने रैली स्थल पर पहुंचने से पहले पीआरटीसी मुख्यालय जाकर इन बसों को रवाना किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के लोगों को बेहतर, सस्ती और सुलभ परिवहन सुविधा प्रदान करना है। नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और दूरदराज के क्षेत्रों में भी आवाजाही आसान होगी। बिजली आपूर्ति को लेकर भी आश्वासन दिया मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बिजली आपूर्ति को लेकर भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के थर्मल प्लांटों में कोयले का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आने वाली गर्मियों में बिजली की आपूर्ति निर्बाध जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक बयान देते हुए विरोधी दलों के नेताओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ लोग बड़े स्कूलों में पढ़े हों, लेकिन असली पंजाबी संस्कृति गांवों से ही सीखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं गांव से जुड़े हैं और वहीं से उन्होंने अपनी संस्कृति और मूल्यों को सीखा है। जल्द और बसें भी होंगी शामिल सरकार की योजना के अनुसार पनबस के बेड़े में कुल 606 बसें शामिल की जाएंगी। इनमें 387 नई बसें सीधे तौर पर जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा किलोमीटर योजना के तहत 19 वोल्वो बसें, 100 वातानुकूलित बसें और 100 साधारण बसें भी शामिल की जाएंगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि पीआरटीसी और पनबस के बेड़े में एक हजार से अधिक नई और किलोमीटर योजना वाली बसों को शामिल कर राज्य की परिवहन व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी।

हरियाणा में बीएसएल से पानी की सप्लाई रुकी, सरकार ने BBMB से मांगा जवाब, गेज रीडिंग 4 मार्च से जीरो

चंडीगढ़  हरियाणा को बीस-सतलुज लिंक (BSL) से 4 मार्च 2026 से लगातार पानी की सप्लाई नहीं मिल रही है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने इस संबंध में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) को लेटर लिखकर कारण बताने और तुरंत पानी छोड़ने की मांग की है। विभाग के अनुसार 4 मार्च से अब तक गेज रीडिंग शून्य दर्ज की गई है, जिससे स्पष्ट है कि हरियाणा को इस अवधि में BSL के माध्यम से कोई पानी नहीं मिला। लेटर में कहा गया है कि BSL सिस्टम से पानी का प्रवाह पूरी तरह बंद रहने के कारण हरियाणा को अपने हिस्से से कम पानी मिल रहा है। राज्य की जल आपूर्ति काफी हद तक ब्यास और सतलुज नदियों पर निर्भर है, इसलिए पानी की उपलब्धता में कमी का सीधा असर राज्य की जरूरतों और दिल्ली-एनसीआर की सप्लाई पर पड़ सकता है। बन सकती है गंभीर स्थिति विभाग ने यह भी उल्लेख किया है कि SYL के योगदान न होने के कारण हरियाणा मौजूदा सिस्टम से केवल 1.62 MAF पानी ही वहन कर पा रहा है। ऐसे में पानी की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कटौती राज्य के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। अंत में BBMB से आग्रह किया गया है कि हरियाणा को उसका निर्धारित हिस्सा तत्काल जारी किया जाए और BSL सुंदर नगर के माध्यम से पानी की सप्लाई शून्य स्तर तक कम न होने दी जाए। 4 मार्च से सप्लाई बंद लेटर में लिखा है कि 4 मार्च 2026 से BSL से हरियाणा को पानी की सप्लाई बंद है। लगातार गेज रीडिंग शून्य दर्ज की जा रही है। सिंचाई विभाग ने BBMB से इसको लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। राज्य को अपने हिस्से से कम पानी मिलने की आशंका जताई गई है। दरअसल, हरियाणा ब्यास और सतलुज के पानी पर काफी निर्भर है। SYL नहीं बनने से क्षमता पहले ही सीमित है। पानी की कमी का असर दिल्ली-NCR सप्लाई पर भी पड़ सकता है बीबीएमबी की ओर से ये दिया गया तर्क वहीं, सूत्रों के अनुसार, बीएसएल के माध्यम से कम जल प्रवाह का कारण डायवर्जन प्रणाली के एक महत्वपूर्ण कंपोनेंट, देहर पावर हाउस में तकनीकी दिक्कतें हैं। देहर परियोजना में छह टरबाइनों में से केवल दो ही वर्तमान में चालू हैं, जिससे ब्यास बेसिन से सतलुज में जल का स्थानांतरण काफी हद तक सीमित हो गया है। बीबीएमबी ने इस समस्या का कारण पुरानी अवसंरचना को बताया है और कहा कि चार दशक से अधिक पुराने देहर पावर हाउस को तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। CEA को लेटर लिख चुका बीबीएमबी अधिकारियों ने बताया कि बीबीएमबी ने टर्बाइनों के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के लिए परामर्श सेवाएं प्रदान करने हेतु केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) से पहले ही संपर्क कर लिया है। मरम्मत और जीर्णोद्धार प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है, जिसके दौरान विद्युत प्रवाह को मोड़ने की क्षमता सीमित रह सकती है।

आत्मसमर्पण से पुनर्वास तक-पवन कुमार ने हिंसा का रास्ता छोड़ जीवन की नई शुरुआत की

आत्मसमर्पण से पुनर्वास तक-पवन कुमार ने हिंसा का रास्ता छोड़ जीवन की नई शुरुआत की विशेष आवास परियोजना से मिला पक्का आशियाना रायपुर  छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार की सरकार ने माओवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 हिंसा छोड़ मुख्यधारा से जुड़ने वाले नक्सलियों को नई जिंदगी दे रही है। छत्तीसगढ सरकार ने माओवादी  आत्मसमर्पितों को 5 लाख तक की सहायता, कौशल प्रशिक्षण, और सम्मानजनक जीवन प्रदान कर नक्सल-मुक्त बस्तर के सपने को साकार कर रही है। कोण्डागांव जिले के फरसगांव के सुदेर पंचायत चिंगनार के श्री पवन कुमार को पुनर्वास नीति के तहत पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।          कोण्डागांव जिले के विकासखण्ड फरसगांव के दूरस्थ ग्राम पंचायत चिंगनार, जो मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, कभी इस क्षेत्र में माओवाद के प्रभाव के कारण भय और असुरक्षा का माहौल था। अब इन क्षेत्रों में राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत शांति और विकास स्थापित हो रहा हैं। इसी गांव में रहने वाले श्री पवन कुमार को पुनर्वास नीति के तहत पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पवन कुमार पूर्व में माओवादी संगठन से जुड़े हुए थे। उस दौर में उनका जीवन असुरक्षित और कठिनाइयों से भरा हुआ था। उनका परिवार जंगल किनारे एक झोपड़ी और जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था, जहां न तो पर्याप्त सुविधाएं थीं और न ही सुरक्षित भविष्य की कोई उम्मीद।        समय के साथ उन्होंने यह महसूस किया कि हिंसा का मार्ग केवल विनाश की ओर ले जाता है। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए माओवादी संगठन से नाता तोड़ लिया और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह निर्णय उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।         आत्मसमर्पण के बाद जिला प्रशासन द्वारा विशेष परियोजना आवास (आत्मसमर्पित परिवार) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में उन्हें आवास स्वीकृत किया गया। शासन की सहायता से उन्हें चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया, जिसमें प्रथम किश्त के रूप में 40 हजार रुपये, द्वितीय किश्त में 55 हजार रुपये तथा अंतिम किश्त के रूप में 25 हजार रुपये की राशि दी गई। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 90 दिनों की मजदूरी भी प्रदान की गई। इन सभी सहायता राशि और योजनाओं के समुचित उपयोग से पवन कुमार ने निर्धारित समय में अपना पक्का घर पूर्ण कर लिया। यह घर केवल एक आशियाना नहीं, बल्कि उनके नए जीवन की मजबूत नींव है। अब उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और भविष्य को लेकर आश्वस्त है।          इसके अतिरिक्त शासन द्वारा उनके घर में बिजली कनेक्शन, रसोई गैस, शौचालय और नल-जल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं ने उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। आज पवन कुमार अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण, सुरक्षित और खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। और बेहतर भविष्य के लिए भी नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

कोटा में दिव्यांग पार्क का शिलान्यास, स्पीकर बिरला ने रेल, रोड और एयर कनेक्टिविटी को बताया वरदान

कोटा स्पीकर बिरला ने कहा- आमजन के सुझावों के आधार पर विकास की रूपरेखा तैयार की गई है। चंबल गार्डन, जो शहर की पहचान है, को देश-दुनिया का आकर्षण बनाया जाएगा। वहीं, दिव्यांगजनों के लिए देश का तीसरा दिव्यांग पार्क और युवाओं के लिए संविधान पार्क का निर्माण किया जाएगा। शहर की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए 350 करोड़ की परियोजना पर जल्द काम शुरू होगा। मेडिकल कॉलेज को अत्याधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है। "रामाश्रय" भवन के माध्यम से मरीजों के परिजनों को निशुल्क भोजन और ठहरने की सुविधा मिलेगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने श्रीनाथपुरम में सरस डेयरी से गोबरिया बावड़ी के बीच प्रस्तावित विकास पथ का शिलान्यास किया। कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा 30 करोड़ की लागत से इस विकास पथ का निर्माण किया जाएगा। लोगों को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोटा शहर के समग्र और संतुलित विकास के लिए जो व्यापक कार्ययोजना बनाई गई है, वह अब धरातल पर उतर रही है। आने वाले सालों में आधुनिक, स्मार्ट और समृद्ध शहर की झलक कोटा में दिखाई देगी। कनेक्टिविटी बनेगी वरदान बिरला ने कहा कि रेल, रोड और एयर कनेक्टिविटी कोटा के लिए वरदान बनेगी। कोटा शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यटन के मामले में अग्रणी होगा। जल-जंगल सफारी के लिए पर्यटक आएंगे। जेके पैवेलियन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के तौर पर विकसित किया जा रहा है, श्रीनाथपुरम, ध्यानचंद स्टेडियम सहित सभी स्टेडियम आधुनिक बनेंगे। केन्द्र-राज्य के सहयोग से ट्रिपल आईटी को भी देश के श्रेष्ठ संस्थानों में शामिल करने की दिशा में कार्य हो रहा है। हर गरीब को आवास उपलब्ध कराने के लिए 10 हजार मकानों का लक्ष्य रखा गया है। कोटा में फिर लौट रही रौनक विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि कोटा दक्षिण क्षेत्र में आमजन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हर वार्ड में स्मार्ट पार्क, गली-मोहल्लों में सीसी सड़कों और खेल मैदानों का विकास किया जा रहा है। पिछली कांग्रेस सरकार के समय इस क्षेत्र के साथ पक्षपात हुआ लेकिन अब विकास का दौर है। स्पीकर बिरला के प्रयासों से हवाई सेवा, मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर जैसे कार्य भी साकार हो रहे है। कोचिंग को लेकर चुनौतिया धीरे धीरे समाप्त हो रही है, कोटा में सकारात्मक माहौल बना है और बच्चों के आने से कोटा की रौनक लौटने लगी है। विकास पथ के साथ ही कोटा के सभी प्रमुख मार्गों को स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन, मंडल अध्यक्ष दीनू बांजरा, अक्षय चौधरी, विनय आजाद, पन्नालाल बंजारा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से अंधेरे रास्तों से लौटकर रोशनी तक- अरविंद हेमला की हिम्मत और बदलाव की कहानी

रायपुर  अंधेरे रास्तों से लौटकर रोशनी तक का सफर निराशा, संघर्ष और कठिनाइयों से निकलकर आशा, सफलता और ज्ञान की ओर जाने का प्रतीक है। यह एक ऐसी यात्रा है जो दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से पूरी की जा सकती है। 22 वर्षीय अरविंद हेमला का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। बीजापुर जिले के एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मे अरविंद बचपन से ही आर्थिक तंगी, अशिक्षा और सामाजिक चुनौतियों से जूझते रहे। परिवार की आजीविका कृषि मजदूरी पर निर्भर थी, जिससे दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता था।                कम उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा आघात था, पिता का निधन 2009 में और माता का 2016 में हो गया। इस घटना ने अरविंद को पूरी तरह अकेला और असहाय बना दिया।  युवावस्था में गलत संगति, क्षेत्रीय परिस्थितियों और आर्थिक मजबूरियों के कारण अरविंद नक्सली गतिविधियों की ओर आकर्षित हो गए। धीरे-धीरे वे इस रास्ते में उलझते चले गए, जिससे उनका सामाजिक और पारिवारिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लेकिन समय के साथ अरविंद को एहसास हुआ कि यह रास्ता उन्हें केवल भय और अनिश्चित भविष्य की ओर ले जा रहा है। उन्होंने अपने जीवन को बदलने का दृढ़ संकल्प लिया। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने मार्च 2025 में स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया।          आत्मसमर्पण के बाद शासन द्वारा उन्हें पुनर्वास केंद्र बीजापुर में आवश्यक मार्गदर्शन, सहयोग और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया। राज मिस्त्री कार्य का प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने निर्माण कार्य में तकनीकी दक्षता हासिल की। आज अरविंद तेलंगाना राज्य के मंचेरियल जिले में एक निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं और प्रतिदिन 600 रूपए की मजदूरी अर्जित कर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। अपने परिश्रम और लगन से उन्होंने न केवल आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि समाज की मुख्यधारा में भी सफलतापूर्वक वापसी की है। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति हिंसा की राह छोड़ने वाले नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने और समाज के साथ फिर से जुड़ने में मदद करना है। यह कहानी हमें सिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सही निर्णय, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से जीवन को नई दिशा दी जा सकती है।

मौसम विभाग ने जारी किया चेतावनी, हरियाणा के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि, सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिसार. हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में एक के बाद एक सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के चलते पिछले 15-20 दिनों से मौसम लगातार परिवर्तनशील बना हुआ है। बादलों की आवाजाही, हल्की वर्षा, अंधड़ और ओलावृष्टि की गतिविधियों से पूरे क्षेत्र में दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। इससे किसानों को बार-बार मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। शनिवार रात से लेकर रविवार को 11 जिलों में वर्षा और तीन जिलों में ओलावृष्टि हुई। शनिवार रात को हिसार के उकलाना व बरवाला और फतेहाबाद के टोहाना में वर्षा हुई। वहीं जींद के नरवाना, कैथल और गुरुग्राम के पटौदी क्षेत्र में हल्की वर्षा के साथ ओले गिरे। रविवार को भी हिसार, कुरुक्षेत्र, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक और यमुनानगर सहित कई जिलों में हल्की वर्ष दर्ज की गई। यह मौजूदा मौसम प्रणाली रविवार शाम तक आगे निकल जाएगी। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के बीच जिसके बाद उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट आएगी। रविवार को प्रदेश में सोनीपत का न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस सबसे कम रहा। वहीं गुरुग्राम का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस सबसे अधिक रहा। सभी जिलों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से लेकर 22 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पिछले दो दिनों में तेज हवाओं के साथ हल्की वर्षा, बूंदाबांदी और कई स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई। छह अप्रैल की रात से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक नया मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके चलते दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान के आसपास चक्रवाती परिसंचरण तंत्र विकसित होगा, जिससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण 7-8 अप्रैल को फिर से मौसम बिगड़ने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं, आंधी-अंधड़, हल्की से मध्यम वर्षा, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि व आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। नौ अप्रैल को इसका असर केवल उत्तरी जिलों तक सीमित रहेगा, जबकि 10 अप्रैल से तापमान में गिरावट के साथ हल्की ठंड का अहसास होगा। 11 जिलों में आरेंज अलर्ट जारी भारतीय मौसम विभाग ने सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, जींद, कैथल, रोहतक, झज्जर, सोनीपत और पानीपत में आरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है। इस मौसम प्रणाली का असर हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली के 70 से 90 प्रतिशत क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखना चाहिए। मंडियों में अनाज को तिरपाल या वेयरहाउस में ढककर सुरक्षित करें और कृषि कार्य मौसम के अनुसार ही करें। तापमान (डिग्री सेल्सियस में) जिला – न्यूनतम – अधिकतम     अंबाला 19.8 – 31.7     हिसार 16.6 – 32.4     करनाल 16.3 – 32.2     सोनीपत 14.7 – 33.1     जींद 15.9 – 32.2     यमुनानगर 17.3 – 30.6     मेवात 18.7 – 31.6     पानीपत 16.8 – 31.5     गुरुग्राम 19.2 – 33.3

अदालत का फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद, पीड़िता को मिला 4 लाख का मुआवजा

बिलासपुर. नाबालिक को भागकर दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक को पास्को एक्ट के तहत 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई है. तखतपुर थाना क्षेत्र के इस मामले में जिला एवं जिला न्यायालय में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एफटीसी पास्को अधिनियम पीठासीन अधिकारी पूजा जायसवाल की अदालत ने आरोपी जयकुमार लहरे उर्फ कलुआ को 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने 4 लाख पीड़िता को देने का आदेश भी दिया है. न्यायालय ने इस घटना को अपराधिकृत मानते हुए टिप्पणी की है कि जिस समय नाबालिक पीडि़ता को भगा कर ले गया. अपराधी घटना की गई उसमें पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम थी. पीड़ित बच्चों के मन में उसके स्वास्थ्य विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है. न्यायालय ने कहा है कि आरोपी युवक का यह कृत्य पीड़ित बच्चों के मन पर घृणित कृत्य का प्रभाव आजीवन रहेगा. स्वास्थ्य विकास पर भी पड़ेगा. घटना के समय पीड़िता की आयु 18 वर्षों से कम थी. इसलिए हमारे पास उच्च न्यायालय के विवादित निर्णय को रद्द करने और ट्रायल कोर्ट के निर्णय को बहाल करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है. न्यायाधीश पूजा जायसवाल ने दोनों पक्षों की गवाही के बाद आरोपी जय कुमार लहरें को 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई. साथ ही शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनीषा नंदी ने पैरवी की है. ये है पूरी घटना  तखतपुर थाना क्षेत्र के पीड़िता के पिता ने 2024 को थाना तखतपुर में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिक पुत्री को 8 नवंबर 2024 की सुबह 11 बजे बिना बताए कहीं चली गई है और आज तक वापस नहीं आई है. पूछताछ के दौरान पतासाजी में रिश्तेदारी में पता चला कि किसी ने बहला-फुसलाकर कर उनकी नाबालिक बेटी को अपहरण करके ले गया है. पुलिस ने अपनी विवेचना में पाया कि आरोपी ने हीं नाबालिक को भगा कर ले गया है. मौका नक्शा तैयार कर घटनास्थल का निरीक्षण व नक्शा तैयार कर पीडि़ता के माता-पिता के बयान दर्ज करने के बाद विवेचना के दौरान पता चला कि आरोपी जयकुमार लहरे ने 22 नवंबर 2024 को ईंट भट्टा उत्तर प्रदेश में इसे बहला फुसलाकर कर भगाकर ले गया था. पुलिस ने उत्तर प्रदेश के ईंट भट्टा से नाबालिक को बरामद किया. पीड़िता का बयान दर्ज कर 13 नवंबर 2024 को आरोपी जयकुमार लहरे को धारा 180 बीएनएस से महिला थाना को प्रतिवेदन प्रेषित कर गिरफ्तार किया गया.

पुलिस थाने के सभी कर्मचारियों का अचानक ट्रांसफर, नशे के खिलाफ कार्रवाई में मिली कमी के कारण

बठिंडा. जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की ढीली कारगुजारी का मुद्दा एक मीटिंग में स्थानीय निवासियों और गांव की पंचायत ने उठाया, जिस पर सख्त एक्शन लेते हुए डी.आई.जी. जोन बठिंडा हरजीत सिंह ने सरकार के निर्देशों पर थाना सदर के अधीन कोटशमीर पुलिस चौकी का पूरा स्टाफ ट्रांसफर कर दिया। इस दौरान डी.आई.जी. हरजीत सिंह वे तत्काल प्रभाव से कोटशमीर पुलिस चौकी के इंचार्ज सहित 11 मुलाजिमों को मानसा जिले में ट्रांसफर करने के आदेश जारी कर दिए और चौकी में नया स्टाफ नियुक्त करने के लिए एस.एस.पी. को कहा गया। बलवंत गार्गी आर्डिटोरियम में हुई मीटिंग में संगठनों के पदाधिकारियों और चेयरमैनों से आगामी चुनाव की तैयारियों संबंधी फीडबैक लिया, जिसमें बठिंडा के गांव गुलाबगढ़ के सरपंच व पंचायत मैंबर्स ने अपने इलाके में बिक रहे नशे व इससे हो रही नौजवानों की मौत का मुद्दा उठाया। सरपंच लक्खा सिंह ने कहा कि गुलाबगढ़ व आसपास के ग्रामीण इलाकों में नशा सरेआम बिक रहा है। नशे के चलते कई नौजवानों की मौत हो चुकी है। हाल ही में गुलाबगढ़ में ही 2 मौतें हुई है। उन्होंने सदर पुलिस स्टेशन और कोटशमीर चौकी में लिखित शिकायत दर्ज करवाई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मीटिंग में डी.आई.जी. से बात की गई और उन्होंने इस मामले में तुरंत प्रभाव से पूरी चौकी में तैनात सभी 11 अधिकारियों व कर्मचारियों का तबादला करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे को जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार अभियान जारी है, इसके बावजूद पुलिस कर्मी व अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जो चिंता का विषय है व इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जा सकता।

विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी की वारदात, प्रशस्ति पत्र और मेडल हुए लापता

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी आवास में चोरों ने सेंध लगा दी। चोरों ने आवास के स्टोर रूम का ताला तोड़कर अंदर रखे मेडल और प्रशस्ति-पत्र उठा ले गए। यह घटना 3 अप्रैल की बताई जा रही है। खुलासा होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।  जानकारी के अनुसार, मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले पर यह वारदात हुई। टीटी नगर पुलिस ने बंगले के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि साफ-सफाई या अन्य काम के बहाने बंगले में आने-जाने वाले किसी बाहरी व्यक्ति का इस चोरी में हाथ हो सकता है। सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। यह घटना इसलिए भी संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि यह एक वीआईपी इलाके में हुई, जहां सुरक्षा व्यवस्था अन्य क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक कड़ी रहती है। मंत्री आवास में इस तरह की चोरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि चोर बेखौफ अंदाज़ में वारदात को अंजाम देकर निकल गए और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. जिस बंगले की सुरक्षा में गार्ड तैनात हों, वहां इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है. यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी सेंध का संकेत माना जा रहा है।  घटना के बाद सुरक्षा गार्ड ने टीटी. नगर थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके. पुलिस संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और हर एंगल से जांच की जा रही है।  पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की इस घटना के बाद आम लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है. जब एक मंत्री का बंगला सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजमी है. फिलहाल पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा. इस घटना ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।  पुलिस के अनुसार, मंत्री विश्वास सारंग के बंगले से ट्रॉफियां, मोमेंटो, शील्ड और प्रशस्ति-पत्र चोरी हुए हैं। स्टोर रूम में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने के कारण पुलिस को आरोपियों की शिनाख्त में परेशानी हो रही है।