samacharsecretary.com

छोटू सिंह रावणा को धमकी मामले से समाज में आक्रोश, 5 अप्रैल को महापंचायत में तय होगी रणनीति

जयपुर राजस्थान में रावणा राजपूत समाज एक बार फिर संगठित शक्ति का प्रदर्शन करने जा रहा है। 5 अप्रैल को पुष्कर में आयोजित होने वाली महापंचायत में समाज कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन करेगा, जिसमें भजन गायक छोटू सिंह रावणा और शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी के बीच चल रहा विवाद प्रमुख रूप से शामिल है। छोटू सिंह रावणा को फोन पर दी गई धमकियां रावणा राजपूत समाज के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह सोडाला ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समाज के सम्मान से जुड़ा विषय बन चुका है। उन्होंने बताया कि छोटू सिंह रावणा ने उन्हें फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी और आरोप लगाया कि उन्हें तीन बार फोन पर धमकियां दी गईं। अपमानजनक व्यवहार ने स्थिति को बिगाड़ा रणजीत सिंह सोडाला के अनुसार, अगर संवाद सम्मानजनक तरीके से होता तो विवाद सुलझ सकता था, लेकिन लगातार अपमानजनक व्यवहार और दबाव ने स्थिति को बिगाड़ दिया। उन्होंने कहा कि पूरा समाज छोटू सिंह रावणा के साथ खड़ा है और इस मामले को महापंचायत में प्रमुखता से उठाया जाएगा। 'रावणा समाज के साथ किया जा रहा भेदभावपूर्ण' सोडाला ने यह भी आरोप लगाया कि रावणा राजपूत समाज के साथ आज भी भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 80 वर्ष बाद भी समाज को बराबरी और सम्मान नहीं मिला है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में इस समाज की संख्या 60 लाख से अधिक है और लगभग 60 विधानसभा सीटों पर इसका सीधा प्रभाव है, इसके बावजूद राजनीतिक दलों ने समाज को केवल 'उपयोग' तक सीमित रखा है। उन्होंने सीकर क्षेत्र की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां समाज के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के साथ सामाजिक बहिष्कार की बात सामने आई है, जो बेहद चिंताजनक है। इस तरह की घटनाएं समाज में आक्रोश बढ़ा रही हैं।   बड़ा कदम उठा सकता है समाज महापंचायत को लेकर सोडाला ने स्पष्ट किया कि इसमें केवल विवादित मुद्दा ही नहीं, बल्कि समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, सामाजिक सम्मान और भविष्य की रणनीति पर भी निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उपेक्षा और अपमान का सिलसिला जारी रहा, तो रावणा राजपूत समाज राजनीतिक रूप से भी बड़ा कदम उठा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज एकजुट है और एक आवाज पर निर्णय लेने की क्षमता रखता है। ऐसे में महापंचायत का फैसला आगामी राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों पर असर डाल सकता है।  

एलपीजी संकट की मार, रांची में चाय से लेकर समोसे तक सब कुछ हुआ महंगा, पीएनजी की बढ़ी डिमांड

रांची एलपीजी सिलेंडर की किल्लत की मार अब घर से लेकर दुकानों और संस्थानों पर दिखाई देने लगी है. झारखंड की राजधानी रांची में लोग अब एक बार फिर कोयलायुग में वापस लौटने लगे हैं. घरेलू रसोई गैस से लेकर लेकर कॉमर्शियल सिलेंडर मिलने में दिक्कतें आ रही है. इसका असर हर जगहों पर दिखने लगा है. छोटे-बड़े होटलों से लेकर स्ट्रीट फूड दुकानों और कॉलेज कैंटीनों पर भी खासा असर दिखने लगा है. सबसे बड़ा असर यह है कि खाने-पीने की चीजों के दामों में बढ़ोत्तरी हो गयी है. ऐसे में खाद्य से संबंधित व्यावसायिक कार्य करने वाले मालिक डीजल भट्टी, व्यावसायिक इलेक्ट्राॅनिक इंडक्शन, लकड़ी के चूल्हे का प्रयोग कर रहे हैं, ताकि लोगों को आसानी से सभी खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराया जा सके.वहीं, कई होटल मालिकों ने ऐसे भोजन को परोसना बंद कर दिया है, जिसे पकाने में अधिक समय लग रहा है. इससे होटल व्यवसाय में भी फर्क पड़ गया है. कई होटलों, रेस्टूरेंटों और कैंटीन में वैकल्पिक के रुप में कोयला वाला चूल्हा अपना लिया है. कई जगहों पर सप्लाई हुई ठप गैस नहीं मिलने के कारण कई ठेले बंद हो गये हैं, तो कई लोकल ब्रेड, बिस्किट, नमकीन, सेव आदि बनाने वालों की सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गयी है. जबकि, कुछ वैकल्पिक उपाय से सामानों का निर्माण भी कर रहे हैं. वहीं, जो होटल और ठेले खुले हैं, उन्होंने अपने-अपने सामानों की कीमतें बढ़ा दी हैं. ठेले पर बिकने वाला एक प्लेट इडली 20 रुपये से बढ़ कर 25 रुपये प्रति प्लेट, चालू चाय पांच की जगह सात रुपये और स्पेशल चाय 10 रुपये की जगह 12 रुपये, आठ रुपये का समोसा 10 रुपये हो गया है. इसी प्रकार, धीरे-धीरे अन्य सामानों की कीमतें भी बढ़ रही है. होटलों के मेन्यू में कटौती कॉमर्शियल सिलेंडर की किल्लत के कारण होटलों के मेन्यू में कटौती हो गयी है. होटल प्रताप रेसीडेंसी के प्रोपराइटर त्रिलोचन सिंह ने कहा कि पहले पनीर और चिकन के 10-12 आइटम बनाते थे. गैस की किल्लत के कारण अब मात्र दो-दो आइटम बना रहे हैं. न्यू राजस्थान कलेवालय के प्रोपराइटर निरंजन शर्मा ने कहा कि कोयला और डीजल भट्ठियों से काम कर रहे हैं. इसमें बहुत परेशानी आ रही है. स्टाफ को काम करने में दिक्कतें आ रही हैं. सिलेंडर की दिक्कतों के कारण कई आइटमों की वेराइटी घटा दी गयी है. पहले मिठाइयों की 40-45 वेराइटी रहती थी, अभी 15-20 वेराइटी बना रहे हैं. इसी तरह , नमकीन के आइटम 50 प्रतिशत कम हो गये हैं. खाने में चुनिंदा आइटम बना रहे हैं. वहीं, चाइनीज आइटम पूरी तरह से बंद हो गया है. सिलेंडर की जगह कोयला से हो रहा काम सिलेंडर नहीं मिलने के कारण छोटे-छोटे दुकानदार जैसे फास्ट फूड, मोमो, चाय बनाने वालों को परेशानी हो रही है. इससे कईयों का रोजगार प्रभावित हो गया है. सिलेंडर की दिक्कतों के कारण वे कोयला का प्रयोग कर रहे हैं. दुकानदारों का कहना है कि पहले एक बाेरा कोयला 200 रुपये में मिल रहा था. अब यह 350 रुपये में मिल रहा है. इसे चाय, पकौड़ी, धुसका, पकौड़ी आदि के दाम बढ़ गये है. स्ट्रीट फूड वालों से बातचीत डोरंडा निवासी सुनिता तिग्गा घाघरा बस्ती में चाय पकौड़ी , धुसका, चिकन पकौड़ा का ढेला लगाती थी. कहती हैं कि गैस नहीं मिलने के कारण दुकानें बंद करनी पड़ी. जो अब बंद करना पड़ा. कहती हैं कि गैस की एलपीजी समस्या के कारण दुकान बंद करनी पड़ी. इडली-डोसा में पांच से 10 रुपये की बढ़ोतरी दीपाटोली स्थित साउथ इंडियन स्टॉल में इडली में पांच रुपये की बढ़ोतरी कर दी गयी है. एक प्लेट इडली के दाम 20 रुपये से बढ़ कर 25 रुपये प्लेट हो गये हैं. वहीं, डोसा की कीमत 10 रुपये बढ़ा दी गयी है. प्रोपराइटर परमेश्वर प्रसाद ने कहा कि कोयले की बढ़ी कीमत के कारण व्यंजनों के दर में बढ़ोत्तरी हो गयी है. अब कोयले का प्रयोग अधिक करना पड़ रहा है. चाय की कीमतों में बढ़ोतरी क्यूरेस्टा अस्पताल, कोकर चौक के निकट चाय का स्टॉल लगाने वाले कनक हल्दर ने कहा कि गैस की कमी के कारण चाय की कीमत दो रुपये बढ़ानी पड़ी. चालू चाय पांच की जगह सात रुपये और स्पेशल चाय 10 रुपये की जगह 12 रुपये में बिक्री करनी पड़ रही है. पीएनजी की बढ़ गयी डिमांड वर्तमान में पीएनजी कनेक्शन की डिमांड बढ़ गयी है. हर दिन औसतन लगभग 100 नये उपभोक्ताओं द्वारा रजिस्ट्रेशन एवं सिक्योरिटी डिपोजिट जमा कराया जा रहा है. शहर में लोगों तक पीएनजी का कनेक्शन देने में मैनपावर के रुप में लगभग 50 लोग लगे हुए हैं. इससे हर दिन लगभग 60-75 कनेक्शन हो रहा है. वहीं, वर्तमान में कनेक्शन की संख्या बढ़ाने के लिए काम चल रहा है. इसके लिए मैनपावर को 150 किया जा रहा है. कनेक्शन की संख्या को बढ़ा कर हर दिन लगभग 200 से अधिक करने का लक्ष्य है. कॉलेज के हॉस्टल में विकल्प तैयार रांची के विभिन्न रेसिडेंशियल कॉलेज के हॉस्टल में हजारों छात्र-छात्रायें रहते हैं. जिनका खाना-पीना कॉलेज मेस और कैंटीन के माध्यम से होता है. फिलहाल सभी संस्थानों के हॉस्टल में पर्याप्त गैस सिलेंडर की व्यवस्था है. वर्तमान स्थिति को देखते हुए गैस संकट से निपटने के लिए विकल्प तैयार किये जा रहे हैं. बीआईटी मेसरा में तैयार हो रहा कोयला चूल्हा बीआईटी मेसरा में कुल 14 हॉस्टल हैं, जिनमें लगभग पांच हजार छात्र-छात्राएं रहते हैं. बीआइटी मेसरा के हॉस्टल मेस के लिए वैकल्पिक तैयारी करते हुए 25 टन कोयला मंगाया गया है. साथ ही चूल्हा भी बनाया जा रहा है. हालांकि, सभी हॉस्टल के मेस में पर्याप्त गैस सिलिंडर की सप्लाई हो रही है. संस्थान से मिली जानकारी के अनुसार सभी हॉस्टल में गैस सिलिंडर उपलब्ध हैं और मांग के अनुसार सप्लाई भी हो रही है. लेकिन भविष्य में किसी प्रकार के गैस संकट होने पर मेस पर असर न पड़े और मेस व्यवस्थित चले, इसकी तैयारी की गयी है. एनआईएएमटी रांची में लगाया गया कोयला के चूल्हा एनआईएएमटी रांची के छह हॉस्टल के लिए तीन मेस की व्यवस्था है. जिसमें लगभग 1,000 छात्र- छात्रायें खाना खाते हैं. यहां पर कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद हो गयी है. घरेलू सि

मारुति नगर से गायब दो नाबालिग छात्राएं, फेल होने के बाद उठाया कदम; सर्किट हाउस तक पहुंची पुलिस

सतना शहर के मारुति नगर क्षेत्र से दो नाबालिग बच्चियों के अचानक लापता हो जाने से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। परिजनों की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों लड़कियां लगभग 24 घंटे से लापता हैं। शुरुआत की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि दोनों दो-दो विषय में फेल हुई थीं। फिलहाल पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों पैदल चलती दिखाई दे रही हैं। क्या है मामला प्राप्त जानकारी के अनुसार लापता छात्राओं में से एक रामशिरोमणि शुक्ला निवासी सितपुरा नागौद हाल निवास शारदा कॉलोनी मारुति नगर की पुत्री अंजली शुक्ला (14 वर्ष) और पड़ोसी दिनेश सिंह परिहार की पुत्री अदिति सिंह परिहार (14 वर्ष) निवासी अकौना साठिया हाल मारुति नगर शारदा कॉलोनी शुक्रवार की सुबह 10:30 बजे से लापता हैं। कक्षा आठवीं में खराब हुआ है रिजल्ट कोतवाली थाना में दर्ज एफआईआर के अनुसार अंजली शुक्ला कक्षा 8वीं की छात्रा है और संत कुंज आदर्श विद्यापीठ बरदाडीह में पढ़ती है। अदिति सिंह परिहार (14 वर्ष) क्राइस्ट ज्योति स्कूल सतना की छात्रा है। दोनों का रिजल्ट खराब हुआ है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि फेल होने से दोनों ने यह कदम उठाया, वहीं परिजनों ने अज्ञात व्यक्ति पर बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका भी जताई है। सीसीटीवी में पैदल चलती दिखीं दोनों छात्राओं के लापता होने की सूचना के बाद सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किए। घर के पास लगे फुटेज में दोनों पैदल चलती हुई नजर आ रही हैं। बताया गया है कि पुलिस को सर्किट हाउस तक की लोकेशन मिली है।  

प्रदेश के 25 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, जयपुर समेत कई इलाकों में आज भी ओलावृष्टि के आसार

जयपुर राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से शुक्रवार देर शाम को राजस्थान के कई इलाकों में जबरदस्त तूफान और बारिश देखने को मिली। खास तौर पर पूर्वी राजस्थान के भरतपुर से दौसा तक की बेस्ट में आंधी के साथ तेज बारिश आई। यहां अभी गेहूं की फसलों की कटाई चल रही है और बारिश के चलते किसानों को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की चमक खत्म होने के साथ ही पशुओं के लिए चारा भी खराब हो रहा है।  वहीं मंडियों में खुले में रखी गेहूं और सरसों की उपज भी भीग गई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि का असर 4 अप्रैल को भी जारी रह सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को 10 से ज्यादा जिलों में तूफानी बारिश हुई, जबकि बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर में ओलावृष्टि दर्ज की गई। राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम आए तेज अंधड़ और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। जवाहर नगर में एक व्यक्ति पर बिजली का पोल गिरने से उसकी जान चली गई, वहीं जवाहर सर्किल इलाके में तेज हवा के कारण पत्थर गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेश के तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन में हल्की ठंडक महसूस की गई। आज इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 4 अप्रैल को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है। 5 और 6 अप्रैल को गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 7 अप्रैल से एक नया मजबूत सिस्टम फिर सक्रिय हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मार्च के बाद भी लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बने हुए हैं, जो सामान्य से अलग स्थिति है। इसका सीधा असर मौसम के पैटर्न और कृषि पर पड़ा है। पिछले 24 घंटे में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, जैसलमेर, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, बाड़मेर, जोधपुर, जालोर, जयपुर, अजमेर, अलवर और टोंक सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। अजमेर में सबसे अधिक 17.6 मिमी वर्षा हुई, जबकि हनुमानगढ़ में 11.5 और झुंझुनूं में 12.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। तापमान में गिरावट के बीच शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ और अलवर में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो दिन का सबसे अधिक रहा। कुल मिलाकर प्रदेश में मौसम का यह बदला मिजाज फिलहाल कुछ दिन और जारी रहने के आसार हैं।

अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी का पर्दाफाश: तलाशी में मिला भारी जखीरा, तीन आरोपी गिरफ्तार

राजनांदगांव अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बसंतपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।। पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्तर पर गांजा तस्करी करने वाले तीन आरोपितों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 9.114 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब एक लाख रुपये बताई गई है। पुलिस टीम को तीन अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली कि मुंदड़ा कुंज जी.ई. रोड के पास तीन व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में गांजा बिक्री के उद्देश्य से बस का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम शिव कुमार राय 31 वर्ष, सालिक राम 24 वर्ष और शपुष्पा बर्मन 28 वर्ष बताए, जो मध्यप्रदेश के पन्ना और जबलपुर क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस को देखते ही हड़बड़ा गए पुलिस द्वारा विधिवत तलाशी लेने पर आरोपितों के पास रखे बैगों से कुल 9.114 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। मौके पर ही गांजा को जब्त कर लिया गया। आरोपितों के खिलाफ थाना बसंतपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद तीनों आरोपितों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।  

ब्लू रिवोल्यूशन की ओर बढ़ते कदम: मछली उत्पादन बढ़ा, झींगा पालन पर फोकस

रोहतास. रोहतास जिले में मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में एक नए नीली क्रांति की ओर अग्रसर है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में मछली उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिला मत्स्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्पादन का ग्राफ 10.65 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर अब 15.5 हजार मीट्रिक टन के करीब पहुंच रहा है। जिला मत्स्य पदाधिकारी सतेन्द्र राम ने बताया कि जिले में वर्तमान में कुल 1,265 तालाब हैं। विभाग की सक्रियता के कारण इनमें से लगभग 1,150 तालाबों की बंदोबस्ती सफलतापूर्वक की जा चुकी है। इन जल निकायों के प्रबंधन के लिए जिले के सभी प्रखंडों में कुल 19 मत्स्यजीवी सहयोग समितियां सक्रिय हैं। ये समितियां न केवल सरकारी जलकर की बंदोबस्ती कर रही हैं, बल्कि राजस्व प्रबंधन और स्थानीय मछुआरों के हितों की रक्षा भी कर रही हैं। उत्पादन के बढ़ते कदम: एक नजर में जिले में मछली उत्पादन का सालाना डेटा यह दर्शाता है कि आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंच रहा है:- वित्तीय वर्ष     उत्पादन (हजार मीट्रिक टन) 2021-22     10.65 2022-23     12.85 2023-24     13.50 2024-25     14.65 2025-26 (अनुमानित)     15.50 झींगा पालन की नई राह: भुवनेश्वर में प्रशिक्षित हुए किसान मछली के साथ-साथ अब जिले में झींगा पालन की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। इसके लिए प्रायोगिक तौर पर करहगर प्रखंड के सोनवर्षा निवासी किसान गोपाल सिंह का चयन किया गया। उन्हें भुवनेश्वर स्थित केंद्रीय मीठा जल जीवपालन संस्थान में विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया है। विभाग की योजना है कि गोपाल सिंह की सफलता के बाद जिले के अन्य प्रगतिशील किसानों को भी झींगा पालन के लिए प्रोत्साहित और प्रशिक्षित किया जाए। सरकारी योजनाओं का मिल रहा लाभ – मत्स्यपालकों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत विभिन्न प्रकार की सहायता दी जा रही है। बताया कि मछली विक्रेताओं और पालकों के बीच किट का वितरण किया जा रहा है व बाजार तक पहुंच आसान बनाने के लिए रियायती दरों पर वाहनों का वितरण हुआ है। वहीं आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों के लिए समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। किसानों की आय में काफी वृद्धि होगी – जिले में मत्स्य पालन को एक लाभदायक उद्योग के रूप में विकसित करना हमारा लक्ष्य है। तालाबों की समय पर बंदोबस्ती और झींगा पालन जैसे नए प्रयोगों से किसानों की आय में काफी वृद्धि होगी। – सतेन्द्र राम, जिला मत्स्य पदाधिकारी, सासाराम रोहतास

ISI द्वारा भेजी गई IED के साथ युवक की गिरफ्तारी, पुलिस इमारत को निशाना बनाने की थी साजिश

अमृतसर अमृतसर देहात पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा भारत में धमाका करने के लिए भेजी गई इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) सहित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पता चला है कि इस आईईडी के जरिए पुलिस इमारत को निशाना बनाया जाना था, लेकिन समय रहते पुलिस ने आईईडी सहित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।  पकड़े गए आरोपी की पहचान भारत-पाकिस्तान सीमा के थाना अजनाला के अधीन पड़ते गांव उनावपुरा निवासी हरमन सिंह के रूप में हुई है। बम निरोधक दस्ते ने जब आईईडी को निष्क्रिय किया तो पता चला कि उसमें आधा किलो से अधिक आरडीएक्स, आधा किलो लोहे के छोटे बाल, एक टिफिन बॉक्स, डेटोनेटर, रिमोट, तार आदि लगे थे। सुरक्षा एजेंसियों से पूछताछ में हरमन ने स्वीकार किया है कि उक्त आईईडी उसने रमदास इलाके के खेतों से बरामद की थी, जहां पाकिस्तानी तस्करों ने ड्रोन से इसे गिराया था। उसे यह आईईडी लेकर आगे सप्लाई करनी थी। जांच एजेंसियों को हरमन के कब्जे से मिले मोबाइल से पाकिस्तानी कांटेक्ट्स के नंबर भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पता चला है कि पिछले एक सप्ताह में हरमन उन संपर्कों पर दो दर्जन से अधिक बार कॉल कर चुका है। आशंका जताई जा रही है कि हरमन के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ सीधे संबंध भी हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हरमन के गिरोह के अन्य सदस्य कहां-कहां हैं, ताकि उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके। 

बिहारशरीफ शीतला मंदिर में बड़ा बदलाव, भगदड़ रोकने के लिए हटा अतिक्रमण और बनाई जा रही ढलान

 नालंदा बिहार के बिहारशरीफ के मघड़ा में मां शीतला मंदिर में 31 मार्च को हुई दर्दनाक भगदड़ के बाद अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन में आ गया है. इस हादसे में 8 महिलाओं की जान चली गई थी. इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर प्रबंधन पर कई सवाल उठे थे. अब ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए बड़े स्तर पर बदलाव शुरू किए गए हैं. सुधार काम शुरू शनिवार को नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने मंदिर परिसर में सुधार काम की शुरुआत कर दी. सबसे पहले उन कारणों को ठीक करने पर ध्यान दिया जा रहा है, जिनकी वजह से हादसा हुआ था. जांच में पाया गया कि भीड़ ज्यादा थी और रास्ते बहुत संकरे थे. इससे भगदड़ मच गई. इसी को देखते हुए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया. मंदिर के आसपास बने अवैध कब्जों को बुलडोजर से हटाया गया ताकि आने-जाने का रास्ता खुला और चौड़ा हो सके. अधिकारियों का कहना है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा और मंदिर तक जाने वाली सड़कों को चौड़ा किया जाएगा. बनाया जा स्लोप जिस जगह पर भगदड़ हुई थी, वहां की सीढ़ियां भी खतरे का कारण बनी थीं. अब उन संकरी और फिसलन भरी सीढ़ियों को तोड़कर उनकी जगह ढलान यानी स्लोप बनाया जा रहा है. इससे भीड़ आसानी से आ-जा सकेगी और गिरने या दबने का खतरा कम होगा. लाइन में लगने के लिए अब मजबूत स्टील बैरिकेड लगाए जा रहे हैं. इससे भीड़ को व्यवस्थित रखा जा सकेगा. साफ सफाई का रखा जा रहा ध्यान मंदिर परिसर में साफ-सफाई पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है. पहले जहां गंदगी और पानी जमा रहता था, अब उसे हटाया जा रहा है. तालाब और आसपास के इलाके की सफाई कर साफ पानी भरने का काम शुरू हो चुका है. प्रशासन अब पूरी कोशिश कर रहा है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और साफ माहौल मिले और भविष्य में ऐसी कोई दुखद घटना दोबारा न हो.

किसानों को राहत का भरोसा: 24 घंटे में पेमेंट और पुख्ता इंतजाम के आदेश

जालंधर. पंजाब में गेहूं खरीद सीजन को लेकर सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जालंधर के जिला प्रशासकीय परिसर स्थित कांफ्रेंस हॉल में पहुंचे खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद काटारुचक ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि राज्य की सभी मंडियों में व्यापक स्तर पर प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंत्री ने कहा कि इस बार गेहूं खरीद के दौरान किसानों को सबसे बड़ी राहत समय पर भुगतान को लेकर मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों द्वारा अपनी फसल बेचने के बाद 24 घंटे के भीतर उनके खातों में राशि भेज दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने पहले ही 30,973 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर ली है, जिससे भुगतान प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। मंडियों में उपलब्ध करवाई गई सुविधाएं उन्होंने बताया कि मंडियों में साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और तौल की उचित सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। इसके अलावा किसानों की फसल की सुचारु खरीद के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी तय कर दी गई है। सरकार का प्रयास है कि खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो, ताकि किसानों को अधिक समय तक इंतजार न करना पड़े। गेहूं की लिफ्टिंग को लेकर भी मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस बार किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गोदामों को पहले से खाली कराया जा रहा है, ताकि खरीदी गई फसल को तुरंत उठाया जा सके और मंडियों में अनावश्यक जाम की स्थिति न बने। अधिकारियों को दिए समस्याएं हल करने के निर्देश मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। यदि कहीं कोई कमी सामने आती है तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीद प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने मंत्री को मंडियों में किए गए इंतजामों की जानकारी दी। सरकार को उम्मीद है कि इस बार खरीद सीजन सुचारु तरीके से पूरा होगा और किसानों को समय पर उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा।

बलरामपुर में फोन कॉल से टकराव: CMO की कथित अभद्र भाषा, पार्षद संग विवाद सुर्खियों में

बलरामपुर. बलरामपुर नगरपालिका में इन दिनों सियासी और प्रशासनिक टकराव खुलकर सामने आ गया है। पार्षद ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रवण राय के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक कथित कॉल रिकॉर्डिंग वायरल की है, जिसमें अभद्र भाषा और धमकी देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बलरामपुर नगरपालिका के एक भाजपा पार्षद ने CMO प्रणव राय पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों से अभद्र व्यवहार करते हैं, और दबाव की भाषा में बात करते हैं। पार्षद द्वारा वायरल की गई कॉल रिकॉर्डिंग में कथित रूप से धमकी और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल सुनाई दे रहा है। वार्ड 14 पार्षद गौतम सिंह का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। वे पहले भी कई बार CMO के खिलाफ शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज पार्षदों का कहना है कि अपने ही सरकार में उनकी सुनवाई नहीं हो रही और अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं। वहीं, इस पूरे मामले में CMO राय ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वायरल ऑडियो उनका नहीं है, बल्कि AI तकनीक के जरिए उसमें छेड़छाड़ (टेंपरिंग) की गई है। CMO ने स्पष्ट किया कि वे केवल नियमों के तहत काम करते हैं और किसी भी प्रकार के अवैध दबाव में आकर कार्य नहीं करेंगे। CMO के मुताबिक, कुछ लोग गलत तरीके से काम करवाने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य केवल नगर का विकास है। अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और भाजपा पार्षद कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। एक तरफ वायरल ऑडियो से उठे सवाल हैं, तो दूसरी ओर AI टेंपरिंग का दावा- ऐसे में सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, यह विवाद सुशासन के दावों के बीच प्रशासनिक कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है।