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फर्जी हस्ताक्षर मामले में अब कोर्ट में पेश होना होगा, सलमान खान की याचिका हुई खारिज

कोटा पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन के मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान को कोटा जिला कोर्ट से झटका लगा है। इस मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फैसला सुनाते हुए सलमान खान को मिली अंतरिम राहत खत्म कर दी है। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को रखी गई है। इस फैसले के बाद अब सलमान खान के लिए कोटा जिला कोर्ट के आदेशों का पालन अनिवार्य होगा। सलमान खान को होना होगा पेश आयोग ने निचली अदालत के उस आदेश पर लगी रोक भी हटा दी है, जिसमें सलमान खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए थे। जिला आयोग के इस आदेश के खिलाफ सलमान खान ने राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अपील की थी, जिसमें सर्किट बेंच में लंबी बहस हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की याचिकाओं को खारिज कर दिया गया। दस्तावेजों पर पाए गए थे सलमान के फर्जी हस्ताक्षर अधिवक्ता रिपुदमन सिंह ने बताया कि 26 दिसंबर 2025 को कोटा जिला उपभोक्ता आयोग ने सलमान खान को 20 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया था। साथ ही कहा गया था कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर एफिडेविट देना होगा और दस्तावेजों पर अपने हस्ताक्षर करने होंगे, क्योंकि दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर फर्जी पाए गए थे।   अधिवक्ता ने फैसले को बताया बड़ी जीत वहीं अधिवक्ता इंद्र मोहन सिंह हनी ने इस फैसले को बड़ी जीत बताया और कहा कि बड़े लोग अपने ओहदे और पैसे का गलत फायदा उठाकर कानून की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश करते हैं, लेकिन कभी सफल नहीं हो पाते।  

नीलामी वाहन मामले में झारखंड हाईकोर्ट की नाराजगी, भुगतान में देरी को बताया जानबूझकर की गई गड़बड़ी

रांची  झारखंड हाईकोर्ट ने लातेहार जिले में नीलामी के जरिये बेचे गये वाहन की राशि भुगतान से जुड़े मामले में कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) को इस मामले के याचिकाकर्ता को तत्काल 28 लाख रुपये भुगतान करने का निर्देश दिया है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए, भुगतान की प्रक्रिया में हुई तकनीकी देरी पर गहरी नाराजगी जताई. अदालत ने स्पष्ट रूप से टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि भुगतान में जानबूझकर गड़बड़ी की गई, ताकि राशि सही व्यक्ति तक समय पर न पहुंच सके. ब्याज चेक से तो मूल राशि एनईएफटी से क्यों? सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने इस बात पर हैरानी जताई कि जब ब्याज की राशि कंपनी के नाम से चेक द्वारा दी गई थी, तो मूल राशि के लिए अलग तरीका क्यों अपनाया गया. याचिकाकर्ता ‘जेके मिनरल एंड डेवलपर्स’ की ओर से बताया गया कि, मूल 28 लाख रुपये एनईएफटी के जरिये ट्रांसफर किए गए, लेकिन इस दौरान कंपनी के बजाय प्रोपराइटर का नाम दर्ज कर दिया गया, जिससे राशि प्राप्त नहीं हो सकी. कोर्ट ने डीएमओ के इस आचरण को अस्वीकार्य बताते हुए, इसे भुगतान लटकाने की एक साजिश के रूप में देखा है. लोन वाले वाहन की नीलामी और कोर्ट का डंडा यह पूरा विवाद लातेहार प्रशासन द्वारा अवैध ढुलाई के आरोप में जब्त किए गए एक वाहन की नीलामी से शुरू हुआ था. याचिकाकर्ता जाफर अली ने वाहन तो खरीद लिया, लेकिन रजिस्ट्रेशन के समय पता चला कि वह वाहन पहले से लोन पर है और एनओसी (NOC) के बिना उसका पंजीकरण संभव नहीं है. पूर्व में भी हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि यदि समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, तो नीलामी राशि लौटाकर वाहन वापस लिया जाए. अब कोर्ट ने 6 अप्रैल की अगली तारीख तय करते हुए निर्देश दिया है कि यदि भुगतान नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा.

राजस्थान लोक सेवा आयोग की परीक्षा के लिए दौसा प्रशासन अलर्ट, 17 हजार से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल

दौसा राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर प्रतियोगी परीक्षा 2025 (गृह विभाग) का आयोजन 5 और 6 अप्रैल को दौसा मुख्यालय में किया जाएगा। परीक्षा प्रतिदिन दो पारियों में आयोजित होगी, जिसमें सामान्य हिंदी का पेपर सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा सामान्य ज्ञान और सामान्य विज्ञान का पेपर दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। दो पारियों में होगी परीक्षा इस परीक्षा में प्रत्येक पारी में 8,832 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। एक अभ्यर्थी दो पारियों में परीक्षा देगा। इस प्रकार कुल 17,664 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। जिले में परीक्षा संचालन के लिए 24 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 8 सरकारी और 16 निजी केंद्र शामिल हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौंपी गई है समन्वयक की जिम्मेदारी परीक्षा समन्वयक के रूप में अतिरिक्त जिला कलेक्टर लालसोट और पुलिस समन्वयक के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौसा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत चार सतर्कता दल बनाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक दल में एक आरएएस, एक आरपीएस और शिक्षा विभाग का एक अधिकारी शामिल होंगे। ये दल विभिन्न परीक्षा केंद्रों की निगरानी करेंगे। बनाए गए आठ उप-समन्वयक दल इसके अलावा आठ उप-समन्वयक दल बनाए गए हैं, जो कोष कार्यालय से प्रश्नपत्र बॉक्स परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा समाप्ति के बाद सामग्री को वापस कोष कार्यालय में जमा कराने का कार्य करेंगे। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए 40 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। निजी केंद्रों पर दो-दो और सरकारी केंद्रों पर एक-एक प्रधानाचार्य स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे। वहीं प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दो वीक्षक और दो कक्षों पर एक रिलीवर/सुपरवाइजर नियुक्त किया जाएगा।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: ‘दावेदार की मौत से नहीं रुकता पीड़ित का मुआवजा दावा

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर वाहन दुर्घटना से जुड़े मुआवजा मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी दावेदार की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो केवल इसी आधार पर उसकी याचिका खारिज नहीं की जा सकती। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में मृतक के कानूनी वारिस दावा आगे बढ़ा सकते हैं। अदालत एक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसे मूल दावेदार के कानूनी प्रतिनिधियों ने दाखिल किया था। अपील में मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल के 20 मार्च 1999 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें दावेदार की मृत्यु के बाद यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी गई थी कि मुकदमा जारी रखने का अधिकार समाप्त हो गया है। मूल दावेदार एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थी और लंबे समय तक अस्पताल में इलाजरत रही। उसकी मृत्यु हो गई। ट्रिब्यूनल ने यह मानते हुए कि मृत्यु के बाद दावा जीवित नहीं रहता, याचिका को खारिज कर दिया। परिजनों ने हाईकोर्ट में दलील दी कि मौत दुर्घटना में लगी चोटों के कारण हुई और उन्हें साबित करने का अवसर दिया जाना चाहिए था। ट्रिब्यूनल ने केवल दावेदार की मृत्यु के आधार पर याचिका खारिज कर दी, जबकि उसे परिजनों को सबूत पेश करने का अवसर देना चाहिए था। अदालत ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम एक सामाजिक कल्याण कानून है, जिसका उद्देश्य पीड़ितों को न्यायसंगत और उचित मुआवजा देना है।

फरीदकोट और जुलाना में आढ़तियों की हड़ताल जारी, कमीशन की मांग; CM भगवंत मान से 6 अप्रैल को बैठक

फरीदकोट / जुलाना  रीदकोट में आढ़ती एसोसिएशन पंजाब के आह्वान पर नई अनाज मंडी के समूह आढ़तियों की हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी है। आढ़तियों की तरफ गेहूं व धान की फसल पर ढाई प्रतिशत कमीशन की मांग को लेकर संघर्ष किया जा रहा है।  इस मौके आढ़ती एसोसिएशन ने कहा कि जब तक उन्हें उनका बनता कमीशन नहीं दिया जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। वह गेहूं की फसल की खरीद के कार्य में सहयोग नहीं करेंगे। हालांकि अभी तक मंडियों में गेहूं नहीं पहुंची है। बैठक में आढ़ती नेताओं ने कहा कि उनके द्वारा पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से कोई अतिरिक्त मांग नहीं की जा रही है। अभी तक पूरा नहीं किया वादा उनकी सिर्फ यही मांग है कि लॉकडाउन के समय फ्रीज की गई कमीशन को बहाल कर ढाई प्रतिशत का भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले सीजन के समय पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने भरोसा दिलाया था कि अगर केंद्र सरकार कमीशन नहीं बढ़ाती तो राज्य सरकार अपने स्तर पर हरियाणा की तर्ज पर कमीशन के अंतर का भुगतान करेगी, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। गेहूं पर 50 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन तय उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में आढ़तियों को गेहूं पर करीब 50 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन तय किया गया है जबकि एमएसपी पर ढाई प्रतिशत के हिसाब से उन्हें 65 रुपये प्रति क्विंटल मिलना चाहिए। हरियाणा में इस अंतर का भुगतान राज्य सरकार करती है। ऐसे में पंजाब सरकार को फैसला लेना चाहिए। जुलाना में आढ़तियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी कस्बे की नई अनाज मंडी में आढ़तियों और किसानों द्वारा सरकार के नए नियमों के विरोध में शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। मंडी में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा और आढ़तियों के साथ-साथ किसानों ने भी धरने में भाग लेकर अपना रोष प्रकट किया। धरने की अध्यक्षता आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान पवन लाठर ने की। धरने को संबोधित करते हुए पवन लाठर ने कहा कि सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जो किसानों और आढ़तियों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जमीनी हकीकत को समझे नए-नए नियम थोपे जा रहे हैं, जिससे मंडी व्यवस्था चरमरा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अनिवार्य करना और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करना पूरी तरह अव्यवहारिक है। इससे किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि मंडी का समय सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक सीमित करना भी गलत फैसला है। अधिकांश किसान रात के समय कंबाइन से फसल कटवाते हैं और उसी अनुसार मंडी में फसल लेकर आते हैं। ऐसे में समय सीमा तय करने से उन्हें भारी दिक्कतें आएंगी। आढ़तियों ने इन फैसलों को तुगलकी फरमान बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की। धरने के दौरान किसान नेता और ढांडा खाप के पूर्व प्रधान नरेश ढांडा ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर बायोमेट्रिक नियम वापस नहीं लिया गया तो वह अपना अंगूठा काटकर मुख्यमंत्री को भेजेंगे। मांग को केंद्र तक पहुंचाने को सीएम सैनी से मिले: एसोसिएशन आढ़ती नेता बंटी गुप्ता व गिरीश छाबड़ा ने बताया कि उनके पंजाब प्रधान ने आढ़तियों की मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात की है। मंडियों में आढ़तियों के खर्चे बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार उनका बनता कमीशन नहीं दे रही। उन्होंने बताया कि 6 अप्रैल को आढ़तियों की मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बैठक तय है, जिसके बाद ही आगे की रणनीति और निर्णय लिया जाएगा।

परीक्षा में हाईटेक नकल का प्रयास फेल! चप्पल में मोबाइल लेकर आया छात्र धराया

दुर्ग. जेईई मेंस की परीक्षा में नकल कर रहे मुन्नाभाई को दुर्ग पुलिस ने पकड़ा है। पुरानी भिलाई क्षेत्र स्थित पार्थिवी इंजीनियरिंग मैनेजमेंट कॉलेज का मामला है। यहां एग्जाम के दौरान एक छात्र अपनी चप्पल के अंदर मोबाइल छिपाकर परीक्षा केंद्र के अंदर ले गया था। गार्ड की सावधानी से आरोपी पकड़ा गया। परीक्षा प्रबंधक ने आरोपी छात्र को पुलिस के हवाले कर दिया। दरअसल गुरुवार को जेईई मेंस की परीक्षा 9 बजे से आयोजित की गई थी। पहली पाली की परीक्षा में आरोपी परीक्षार्थी आदित्य परीक्षा केन्द्र पहुंचा। मुख्य गेट पर चेकिंग के दौरान उसने चालाकी दिखाते हुए अपनी चप्पलें पहले ही उतार दीं, ताकि मेटल डिटेक्टर की जांच में वह न पकड़ा जाए। इसके बाद वह लैब में जाकर अपनी सीट पर बैठ गया। परीक्षा के दौरान सुबह करीब 11:08 बजे आदित्य ने वॉशरूम जाने की अनुमति मांगी। वह लगभग 20 मिनट तक बाहर रहा। जब वह वॉशरूम से वापस आया तो सुरक्षा गार्ड ओमेंद्र कुमार ने उसकी दोबारा जांच की। इस बार भी आदित्य ने चालाकी दिखाई और जांच से पहले ही अपनी चप्पलें दूर उतार दीं। गार्ड की पैनी नजर से पकड़ा गया आरोपी छात्र जांच के बाद जैसे ही आदित्य ने चप्पल पहनी और लैब की तरफ बढ़ने लगा तो गार्ड की नजर उसकी चाल पर पड़ी। वह अपनी चप्पलों को जमीन पर घसीटकर अजीब तरीके से चल रहा था। गार्ड को उसकी हरकत संदिग्ध लगी, जिसके बाद उसने छात्र को रोककर उसकी चप्पलों की बारीकी से जांच की तो चप्पल के अंदर मोबाइल मिला। मोबाइल रखने चप्पल में बनाई थी खास जगह छात्र ने चप्पल के तलवे को बीच से काटकर उसमें मोबाइल रखने के लिए एक खास जगह बनाई थी। चप्पल के अंदर मोबाइल फोन पूरी तरह छिपा हुआ था। इसकी सूचना तुरंत कॉलेज के वेन्यू कमांडिंग ऑफिसर अजीत वर्मा और एनटीए के अधिकारियों को सूचना दी गई और आरोपी छात्र को पुलिस के हवाले किया गया। उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई।

SI भर्ती 2021 रद्द रहेगी, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सिंगल बेंच के फैसले पर लगाई मुहर

जयपुर राजस्थान हाइकोर्ट ने शनिवार को एसआई भर्ती 2021 भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला दिया है. हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 पर दिए गए सिंगल बेंच के फैसले को बरकरार रखा है. मतलब एसआई भर्ती 2021 रद्द रहेगी. हाईकोर्ट में एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की खंडपीठ ने यह फैसला दिया है. हाई कोर्ट ने एकलपीठ के भर्ती रद्द रखने फैसले को बरकरार रखा है, लेकिन एकलपीठ द्वारा आरपीएससी के सदस्यों के ख़िलाफ़ लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान को रद्द कर दिया है.   रद्द रहेगी SI भर्ती परीक्षा मामले में पर भी कर रहे एडवोकेट हरेंद्र नील बताया कि कोर्ट ने एकलपीठ (सिंगल बेंच) के फैसले को बरकरार रखा है. खंडपीठ ने यह भी माना है कि आरपीएससी सदस्यों के खिलाफ एकलपीठ की टिप्पणी सही है. भर्ती परीक्षा में अब छंटनी कर पाना संभव नहीं है. इसलिए परीक्षा रद्द रहेगी. एसआई भर्ती 2021 परीक्षा के लिए 3 फरवरी 2021 को नोटिफिकेशन जारी हुआ. 859 पदों के लिए 13 से 15 सितंबर 2021 को भर्ती परीक्षा आयोजित हुई. इसमें करीब 7 लाख 97 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया. SI भर्ती परीक्षा में 3 लाख 80 हजार अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल हुए. 20 हजार 359 अभ्यर्थी फिजिकल टेस्ट के लिए पास हुए. 3 हजार 291 अभ्यर्थी इंटरव्यू में शामिल हुए थे. जिसके बाद 1 जून 2023 को फाइनल रिजल्ट जारी किया गया. परीक्षा में लगे थे धांधली के आरोप परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली के आरोप लगे. जांच एसओजी को सौंपी गई. मामले में आरपीएससी के मेंबर तक के नाम सामने आए. इसके बाद मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ा. आरपीएससी सदस्य रामूराम राईका और बाबूलाल कटरा की गिरफ्तारी हुई. इसके बाद  13 अगस्त 2024 को भर्ती परीक्षा रद्द करने को लेकर याचिका दायर हुई. इस याचिका की लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 28 अगस्त 2025 को भर्ती परीक्षा को रद्द करने का फैसला दिया था, लेकिन चयनित एसआई अभ्यर्थियों ने इस फैसले को हाईकोर्ट की खंडपीठ में चुनौती दी. खंडपीठ ने 8 सितंबर को एकल पीठ के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी. इसके बाद वे अभ्यर्थी जो भर्ती परीक्षा को रद्द करवाना चाहते थे याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. सुप्रीम कोर्ट ने 24 सितंबर को एकल पीठ के फैसले को बहाल करते हुए हाई कोर्ट की खंडपीठ को 3 महीने में फैसला लेने का आदेश दिया. इसके साथ ही चयनित एसआई अभ्यर्थियों की फील्ड पोस्टिंग पर रोक लगा दी थी.

पानीपत सहित 2113 छात्र देंगे सुपर-100 की परीक्षा, 5 अप्रैल से डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

 पानीपत  सुपर-100 कार्यक्रम के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए लेवल-2 प्रवेश परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है। यह परीक्षा 19 अप्रैल से 27 अप्रैल को तीन बैच में कराई जाएगी। विद्यार्थी एडमिट कार्ड पांच अप्रैल से ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। जिले के 151 विद्यार्थियों ने सुपर-100 लेवल-1 की परीक्षा पास की है। दूसरे बैच में पानीपत सहित सात जिलों के 738 विद्यार्थी शामिल होंगे। दूसरा बैच 22 से 24 अप्रैल के दौरान आयोजित किया जाएगा। शिक्षा विभाग के जारी आदेश में लेवल-2 परीक्षा के लिए चयनित विद्यार्थियों को कुरुक्षेत्र स्थित सुपर-100 कैंपस में तीन दिनों तक रहना होगा। विद्यार्थियों को सुबह 9 बजे रिपोर्ट करना अनिवार्य है, जबकि पंजीकरण प्रक्रिया दोपहर 12 बजे तक ही चलेगी। परीक्षा के दौरान छात्रों के रहने, खाने एवं अन्य सभी सुविधाओं की व्यवस्था विभाग द्वारा निःशुल्क की जाएगी। अभिभावकों को केवल बच्चों को छोड़ने और लेने की अनुमति होगी, कैंपस में रुकने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए विभाग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। किसी भी प्रकार के मोबाइल फोन, डिजिटल घड़ी, कैलकुलेटर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने या अनुशासनहीनता पाए जाने पर छात्र को तुरंत कार्यक्रम से बाहर कर दिया जाएगा। यह परीक्षा केवल हरियाणा सरकारी स्कूलों के 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए ही मान्य है। परीक्षा शेड्यूल– बैच 1 (19 अप्रैल – 21 अप्रैल 2026) जिले: हिसार, भिवानी, रेवाड़ी, फरीदाबाद, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, पलवल, नूंह (मेवात) कुल विद्यार्थी: 749 बैच 2 (22 अप्रैल – 24 अप्रैल 2026) जिले: जींद, पानीपत, सिरसा, फतेहाबाद, सोनीपत, रोहतक, झज्जर कुल विद्यार्थी: 738 बैच 3 (25 अप्रैल – 27 अप्रैल 2026) जिले: गुरुग्राम, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पंचकूला, अंबाला कुल विद्यार्थी: 626 सभी बैच के कुल विद्यार्थी: 2113 विद्यार्थी वर्जन- सुपर-100 कार्यक्रम में लेवल-2 परीक्षा के माध्यम से चयनित छात्रों को उच्च गुणवत्ता की कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। विद्यार्थी समय पर एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि पर परीक्षा केंद्र पर पहुंचे।

पंचकूला एजेएल मामल,हाईकोर्ट के फैसले के बाद विशेष अदालत ने हुड्डा और मोतीलाल वोरा को दी क्लीन चिट

चंडीगढ सीबीआई की विशेष अदालत ने पंचकूला में प्रकाशन समूह एसोसिएटिड जनरल्स लिमिटेड (एजेएल) को प्लॉट आवंटित करने के मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को शुक्रवार को आरोप मुक्त कर दिया । मामला पंचकूला के सेक्टर-6 में करीब 3,360 वर्ग मीटर के सरकारी भूखंड आवंटित करने से संबंधित है। सीबीआई ने हुड्डा समेत एचएसवीपी के चार वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया था। हुड्डा पर आरोप था कि 64.93 करोड़ रुपये का प्लॉट एजेएल को 69 लाख 39 हजार रुपये में दिया। मोतीलाल वोरा को भी आरोप मुक्त करार दिया इस मामले में पूर्व कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा को भी आरोप मुक्त करार दिया गया है। वोहरा का करीब छह साल पहले निधन हो चुका है। इस मामले में सुनवाई के दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा शुक्रवार को अदालत में पेश हुए। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सीबीआई कोर्ट की ओर से आरोप तय किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इसमें स्पेशल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। जस्टिस त्रिभुवन दहिया की एकल पीठ ने कहा था कि बिना पर्याप्त आधार के आपराधिक मुकदमा जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। प्रथम दृष्टया आरोप साबित नहीं हो रहे। ऐसे में कोर्ट ने आरोप तय करने के आदेशों को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद सीबीआई कोर्ट के विशेष जज राजीव गोयल ने भी इस मामले में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को आरोप मुक्त कर दिया है। क्या है पूरा मामला एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को पंचकूला में अखबार शुरू करने के लिए 1982 में जमीन आवंटित की गई, तब कांग्रेस के कई नेता एजेएल के पदाधिकारी थे। इनमें मोतीलाल वोरा चेयरमैन थे। जब जमीन आवंटित हुई, तब कांग्रेस की सरकार थी और भजनलाल मुख्यमंत्री थे। 1992 में भजनलाल सरकार ने ये प्लॉट रिज्यूम कर लिया था। इसमें तर्क दिया गया था कि छह महीने में निर्माण कार्य शुरू करना था, जो 10 साल में पूरा नहीं हो सका। एजेएल ने प्लॉट रिज्यूम करने के आदेश को चैलेंज किया था। 2005 में हरियाणा में कांग्रेस सरकार वापस आने पर हुड्डा ने यह प्लॉट फिर से एजेएल को आवंटित कर दिया। सीबीआई ने दर्ज किया था केस सीबीआई ने 27 जनवरी 2017 को मामले में केस दर्ज किया था। इसके बाद 1 दिसंबर 2018 को चार्जशीट दायर की। 2021 से लेकर 2025 तक हाईकोर्ट ने इस केस में सुनवाई पर स्टे लगाए रखा। प्रदेश में 10 साल हुड्डा सरकार रही। इसके बाद 2014 में भाजपा की सरकार बनी। 5 मई 2016 को हरियाणा राज्य की विजिलेंस ब्यूरो ने इस विषय में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। इसके बाद जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को 4 अप्रैल 2017 में सौंप दी गई। CBI ने भी अपना केस रजिस्टर्ड किया था। राहुल महाजन

पंजाब में युवाओं की उम्मीदें डिपो से जुड़ी, मिलेगा रोजगार और लोगों को बेहतर सुविधा

लुधियाना. पंजाब सरकार द्वारा 3 साल पहले नए राशन डिपो अलॉट करने का वादा किया गया था। उसके आज पूरा होने की उम्मीद में लोग सरकार की तरफ आस लगाए बैठे हैं। असल में पूरा मामला सरकार द्वारा पंजाब भर में 9422 नए राशन डिपो अलॉट करने संबंधी चाहवान परिवारों से मांगे गए आवेदन पत्रों के साथ जुड़ा हुआ है। याद रहे कि गत दिनों पंजाब सरकार द्वारा पारित किए गए बजट सैशन 2026 के दौरान भी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पंजाब वासियों को नए राशन डिपुओं के लाइसैंस जल्द जारी करने का बड़ा ऐलान किया गया है। बावजूद फिलहाल किसी भी परिवार को राशन डिपो नहीं मिल पाया है। काबिले गौर कि सरकार द्वारा पंजाब भर के 23 जिलों में तीन विभिन्न पड़ाव में राशन डिपो अलॉट करने संबंधी चाहवान परिवारों से आवेदन पत्र मांगे गए थे। पहले चरण दौरान राशन डिपुओं की संख्या 1201 निर्धारित की गई थी। जबकि दूसरे चरण में 22 अप्रैल, 2023 में राशन डिपो की संख्या को बढ़ाकर 6061 कर दिया गया। तीसरी बार यानी कि अंतिम पड़ाव में 7 मई, 2025 को सरकार द्वारा एक बार फिर से राशन डिपो की संख्या को बढ़ाकर 9422 कर दिया गया था। जिसमें सरकार द्वारा विभिन्न कैटेगरी और वर्गों के साथ जुड़े हुए परिवारों को नए राशन डिपो अलॉट करने संबंधी नोटिफिकेशन जारी किया गया। बाकायदा उक्त सभी परिवारों द्वारा सारी प्रक्रिया संपन्न करने के उपरांत अपनी फाइलें कंप्लीट कर पहले ही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय में जमा करवाई गई हैं। आवेदनकर्त्ताओं की आंखें नए राशन डिपो मिलने की राह देख रही हैं। जिन्हें राशन डिपो मिलने के रूप में अपने परिवारों और बच्चों के लिए रोजगार के साधन पैदा होने की उम्मीद और सपने बंधे हुए हैं। किस कैटेगरी के लिए कितने राशन डिपो तय किए गए – कैटेगरी               संख्या जनरल              3848 एस.सी.              792 बी.सी.                231 स्वतंत्रता सेनानी  898 दिव्यांग वर्ग        402 पूर्व सैनिक         1174 महिलाएं             322 आतंकवाद/दंगा पीड़ित  1755 किस जिले के हिस्से में आने थे कितने डिपो – जिला             संख्या जालंधर          1026 पटियाला         996  लुधियाना         757  अमृतसर          692 होशियारपुर      645 कपूरथला         567  गुरदासपुर        563 रोपड़               480 मोहाली            464 फाजिल्का        403 फतेहगढ़ साहिब  338 मोगा                325 पठानकोट        308 फिरोजपुर         304  एस.बी.एस.नगर  291 तरनतारन         236 संगरूर            224 मानसा             220 श्री मुक्तसर साहिब 171 बरनाला          165 फरीदकोट      135 मालेरकोटला   112 बठिंडा            000 कुल संख्या      9422 जिला वाइज महिलाओं के लिए राशन डिपुओं का आंकड़ा जिला          आंकड़ा जालंधर             35 गुरदासपुर         34 पटियाला           30  होशियारपुर       23 फाजिल्का         18 फिरोजपुर         17  पठानकोट         17 श्री मुक्तसर साहिब 17 बरनाला              16 रोपड़                 16 कपूरथला           16 लुधियाना            15 तरनतारन          15 मोगा                 15 फतेहगढ़ साहिब 12 अमृतसर           10  मोहाली              08  एस.बी.एस.नगर  06 संगरूर             05 मानसा              02 मालेरकोटला     02  फरीदकोट        01 बठिंडा             00 कुल आंकड़ा   322