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फर्जी सिम रैकेट पर शिकंजा, ऑपरेशन फेस में आरोपी गिरफ्तार—455 सिम का खुलासा

नरसिंहपुर जिले में साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे ‘‘ऑपरेशन फेस’’ के तहत नरसिंहपुर पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। फर्जी सिम कार्डों के अवैध नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है, जिससे अब तक कुल 1232 फर्जी सिम कार्डों का खुलासा हो चुका है। इस कार्रवाई को साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया कि थाना गोटेगांव क्षेत्र निवासी विनय सिलावट पिता भगवानदास सिलावट (उम्र 28 वर्ष) इस नेटवर्क में सक्रिय था। आरोपित ने फर्जी दस्तावेजों और अपने चेहरे का उपयोग कर 455 सिम कार्ड अवैध रूप से एक्टिवेट कराए थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले में पूछताछ जारी है। इससे पहले थाना ठेमी क्षेत्र के ग्राम बढ़ैयाखेड़ा निवासी रंजीत पटेल को गिरफ्तार किया गया था, जिसने 777 सिम एक्टिवेट कराए थे। दोनों मामलों को जोड़कर अब तक कुल 1232 फर्जी सिम कार्डों का खुलासा हो चुका है, जिससे बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। ऐसे होता था फर्जीवाड़ा जांच में खुलासा हुआ कि आरोपित फर्जी या छलपूर्वक प्राप्त पहचान दस्तावेज एकत्रित कर सिम विक्रेताओं के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराते थे। फेशियल ऑथेंटिकेशन के दौरान अपने ही चेहरे का उपयोग कर सिम सक्रिय कर दिए जाते थे। इस तरह अलग-अलग फर्जी पहचान पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड चालू किए गए। मामला दर्ज, अन्य की तलाश जारी पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना के निर्देशन में गठित टीम ने आरोपित के खिलाफ धारा 419, 468, 471 भादवि एवं 66 (सी) आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। कार्रवाई में उनि गौरव नेमा, विजय द्विवेदी, श्रीराम रधुवंशी, जयवति कुरोपे, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र सिंह, हेमंत बाडिवा, भूपेन्द्र नवरेती, महिला आरक्षक कुमुद पाठक, आरक्षक जितेन्द्र ठाकुर, राकेश इनवाति एवं संकल्प ठाकुर की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की यह अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आधार, फोटो व अन्य दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें और अपने नाम पर जारी सिम कार्डों की समय-समय पर जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस को दें।  

सदर अस्पताल रांची में 10 और 11 अप्रैल को लगेगा मेगा हेल्थ कैंप, दिल की बीमारी से जूझ रहे बच्चों की स्क्रीनिंग और ऑपरेशन की सुविधा

रांची झारखंड में जन्मजात हृदयरोग से ग्रसित बच्चों का मुफ्त उपचार किया जाएगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत पीड़ित बच्चों को राज्य के बाहर भेजकर ख्यात अस्पतालों में मुफ्त सर्जरी करायी जाएगी। सर्जरी के बाद फॉलोअप भी किया जाएगा। बच्चों को यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बीते फरवरी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने श्री सत्य साईं संजीवनी ट्रस्ट और अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि के साथ एमओयू किया है। दोनों संस्थानों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेवारी दी गयी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि 10 और 11 अप्रैल को सदर अस्पताल रांची में मेगा कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष शिविर में विशेषज्ञों द्वारा ईको व अन्य जांच के माध्यम से बच्चों के हृदय रोगों का परीक्षण किया जाएगा। जांच के उपरांत जिन बच्चों में सर्जरी की आवश्यकता पाई जाएगी, उनका निःशुल्क ऑपरेशन अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि में कराया जाएगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए राज्य स्तर पर आरबीएसके समन्यवक मुकेश कुमार (मोबाइल 7250364329) और अमृता हॉस्पिटल के प्रतिनिधि आदित्य कुमार (मो. 9162999702) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सर्जरी, फॉलोअप के साथ अभिभावक के आने-जाने की भी मुफ्त सुविधा अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि द्वारा चयनित बच्चों को अमृता हॉस्पिटल में ले जाकर मुफ्त सर्जरी की जाएगी। फॉलोअप भी किया जाएगा। जबकि, श्री सत्यसाईं संजीवनी ट्रस्ट के द्वारा सर्जरी के लिए योग्य पाए गए बच्चों को ट्रस्ट द्वारा संचालित अहमदाबाद, गुजरात, पलबेल, दिल्ली, गोवा समेत पांच अस्पतालों में ले जाकर मुफ्त सर्जरी की जाएगी। बच्चों के साथ उनके अभिभाविकों को भी जाने-आने ठहरने आदि की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, ऑपरेशन के बाद बच्चों का फॉलोअप भी मुफ्त किया जाएगा। इसके लिए जमशेदपुर में ट्रस्ट के द्वारा एक केंद्र संचालित है। 3 से 4 माह के अंतराल में जिलों में होगी स्क्रीनिंग एनएचएम के साथ किए गए एमओयू के तहत दोनों संस्थाओं को अलग-अलग जिलों का जिम्मेवारी सौंपी गयी है। श्री सत्य साईं संजीवनी ट्स्ट को जहां रांची, रामगढ़, धनबाद, बोकारो, चतरा, लातेहार, पलामू, हजारीबाग, गिरिडीह, सरायकेला एवं पूर्वी सिंहभूम की जिम्मेवारी सौंपी गयी है। वहीं, अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि को शेष जिले आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही रांची, जमशेदपुर, धनबाद व गिरिडीह में दोनों संस्थाओं के द्वारा कैंप लगाए जाएंगे। ये संस्थाएं 3-4 माह के अंतराल में अलग-अलग जिलों में स्क्रीनिंग कैंप लगागर बच्चों का चयन करेंगे। अपील: पीड़ित नवजात की सूचना साझा करें एनएचएम के आईईसी कोषांग के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ राहुल किशोर सिंह ने आमजनों से अपील की है कि इस शिविर का लाभ लेने हेतु यथाशीघ्र अपने नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा सदर अस्पताल में संपर्क करें। उन्होंने नगर निकाय और नगर पंचायत के सभी सम्मानित जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया है कि अपने आस-पड़ोस में हृदय रोग से ग्रसित नवजात या बच्चों के अभिभावकों से इस शिविर की जानकारी साझा करें।

गांधी स्टेडियम अंबिकापुर में मल्लखंभ का भव्य शुभारंभ, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पारंपरिक खेलों का दमदार प्रदर्शन

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के गांधी स्टेडियम अंबिकापुर में पारंपरिक भारतीय खेल मल्लखंभ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर खिलाड़ियों ने अपने अद्भुत संतुलन, शक्ति एवं लचीलापन का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।                  मल्लखंभ जो कि भारत की प्राचीन खेल परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, को इस प्रतियोगिता में डेमो खेल के रूप में शामिल किया गया है। इसके माध्यम से पारंपरिक खेलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतियोगिता में देश के 14 राज्यों की टीमें भाग ले रही हैं, जिससे आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की गरिमा प्राप्त हो रही है। मल्लखंभ प्रतियोगिता के अंतर्गत विभिन्न स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बालक एवं बालिका वर्ग में टीम चौंपियनशिप (पोल एवं रोप मल्लखंभ), पिरामिड चौंपियनशिप तथा पुरुष एवं महिला वर्ग में पिरामिड, पोल एवं रोप मल्लखंभ, हैंगिंग मल्लखंभ शामिल हैं। टीम स्पर्धाओं में अधिकतम 6 खिलाड़ियों की भागीदारी निर्धारित की गई है।              गांधी स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने पोल एवं रस्सी मल्लखंभ पर आकर्षक करतब प्रस्तुत किए। खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दर्शकों ने उत्साहपूर्वक तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना एवं युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना है। इस आयोजन से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।

फर्जी दुर्घटना क्लेम से ठगी का खेल उजागर, धार में संगठित गिरोह बेनकाब

धार  इंदौर जोन की पुलिस जांच में बीमा क्लेम के नाम पर चल रहे एक बड़े संगठित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। धार जिले से जुड़े इस मामले में दो वकीलों समेत पांच आरोपितों ने सुनियोजित तरीके से अज्ञात वाहन से होने वाली दुर्घटनाओं के मामलों में कहानी गढ़कर बीमा कंपनियों से लाखों रुपये का क्लेम हासिल करने की दावा कोर्ट में प्रस्तुत करते थे। धार के नौगांव थान पर चार आरोपितों व धरमपुरी थाने पर तीन आरोपितों पर कुल 12 बीमा दावे प्रस्तुत करने के मालमें दो प्रकरण दर्ज किए गए है। बीमा दावे के प्रकरण अधिक भी हो सकते है। कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक (ग्रामीण) इंदौर जोन को प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आवेदक रवि श्रीवास, श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, इंदौर द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया कि आरोपितों द्वारा फर्जी दुर्घटनाएं दिखाकर बीमा क्लेम का दाावा किया जा रहा था। धरमपुरी थाने पर दर्ज प्रकरण में आरोपित मुन्नालाल देवड़ा धरमपुरी और फिरोज खान धार है। से दोनों पेशे से वकील हैं। इस प्रकरण में प्रतीक गोस्वामी निवास धार भी आरोपित है। ये अज्ञात वाहन से हुई दुर्घटनाओं में मृतकों के परिजन से संपर्क करते थे। उन्हें मोटा मुआवजा दिलाने का झांसा देकर पूरा क्लेम प्रोसेस करते थे। जबकि धार के नौगांव थाने पर दर्ज प्रकरण में उक्त प्रतीक गोस्वामी निवासी धारेश्वर मार्ग धार उमेश पुत्र राकेश सांखला निवासी ग्राम धुलेट सरदारपुर, लोकेंद्र देवड़ा व फिरोज खान निवासीयान धार आरोपित बनाए गए है। प्रतीक गोस्वामी की भूमिका सबसे संदिग्ध     जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य प्रतीक गोस्वामी की भूमिका को लेकर सामने आया। वह अलग-अलग मामलों में कभी वाहन मालिक तो कभी ड्राइवर बन जाता था।   कई केसों में एक ही व्यक्ति का इस तरह अलग-अलग भूमिका में होना पुलिस के संदेह का बड़ा कारण बना। आरोपित फर्जी तरीके से यह दर्शाते थे कि उनके ही वाहन से व्यक्ति को टक्कर लगी है।    जबकि वास्तविकता में जो वाहन हादसा कारित कर जाता था उसकी कोई जानकारी नहीं होती थी। पूरे नेटवर्क के तहत झूठे दस्तावेज, मनगढ़ंत साक्ष्य और फर्जी गवाह तैयार किए जाते थे। इसके बाद इन मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत कर बीमा कंपनियों से क्लेम हासिल किया जाता था। करीब 12 मामले हुए थे प्रस्तुत धार, धरमपुरी और मनावर न्यायालय में ऐसे लगभग 12 मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें क्लेम के दावे किए गए। अन्य स्थानों के मामलों की भी जांच जारी है। पुलिस ने केस डायरी, चालान, वाहन स्वामित्व, ड्राइविंग लाइसेंस, ई-कोर्ट रिकॉर्ड और मोबाइल कॉल डिटेल (सीडीआर) का मिलान किया। तकनीकी साक्ष्यों ने आरोपितों के बीच आपसी तालमेल और साजिश की पुष्टि कर दी। प्रारंभिक जांच में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 229(1), 246 और 61(2) के तहत तीनों पर प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है।   धार के नौगांव थाने सहित धरमपुरी में आरोपित के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुए है। कंपनी के आवेदन की जांच के बाद मामला प्रकाश में आया है। विवेचना कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।  

मध्यप्रदेश में 5 अप्रैल तक ओले और आंधी-बारिश, 30 जिलों में बारिश का अलर्ट, निमाड़ में गिरेंगे ओले

भोपाल  मध्यप्रदेश में इन दिनों आंधी-बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय है। इसके चलते पिछले 72 घंटों से कई इलाकों में तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। बुधवार को प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में मौसम बदला रहा, वहीं गुरुवार को भोपाल और इंदौर समेत 30 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। खासतौर पर निमाड़ क्षेत्र के धार, बड़वानी और झाबुआ में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। भोपाल-इंदौर सहित 30 जिलों में अलर्ट अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में बारिश होने की संभावना है, उनमें ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास और शाजापुर शामिल हैं। 50 किमी प्रति घंटे तक चलेगी आंधी मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में तेज आंधी चल सकती है, जिसकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। अन्य जिलों में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। बुधवार को भी कई जिलों में मौसम ने करवट ली। भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि सीहोर में आंधी और बारिश के साथ ओले गिरे। इसके अलावा इंदौर, देवास, उज्जैन, खंडवा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, विदिशा, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, शहडोल, शाजापुर और बालाघाट समेत कई जिलों में मौसम बदला रहा। बारिश के साथ गर्मी भी बरकरार अजीब मौसम के बीच गर्मी का असर भी बना हुआ है। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रतलाम, मंडला, खजुराहो, रायसेन, दमोह और सागर में भी पारा 38-39 डिग्री के बीच रहा। बड़े शहरों में जबलपुर 38.4°C, भोपाल 37.4°C, इंदौर 36.5°C, ग्वालियर 36.1°C और उज्जैन 35.6°C दर्ज किया गया। क्यों बदल रहा मौसम? प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय है, वहीं उत्तर-पश्चिमी हिस्से में भी दो सिस्टम काम कर रहे हैं। 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव होगा, जिससे 10 अप्रैल तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। अप्रैल के दूसरे हफ्ते से सिस्टम कमजोर पड़ते ही तेज गर्मी का दौर शुरू होगा। महीने के आखिरी तक ग्वालियर, धार, खरगोन और बड़वानी जैसे जिलों में तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंच सकता है।    

धार भोजशाला केस: हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से शुरू होगी लगातार सुनवाई, मुस्लिम पक्ष ने पेश किए मस्जिद होने के प्रमाण

धार  मध्य प्रदेश की इंदौर हाईकोर्ट डिवीजन बेंच में आज (गुरुवार) धार स्थित भोजशाला मामले में सुनवाई हुई. इस मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी. 6 अप्रैल दिन सोमवार को दोपहर ढाई बजे से इंदौर हाईकोर्ट में रोज सुनवाई होगी. मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में मस्जिद होने के दस्तावेज पेश किए, जिसपर अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी. मुस्लिम पक्ष ने कहा कि यह सिविल सूट का मामला है. हाईकोर्ट ने इसपर कहा कि सिविल सूट की सुनवाई 10 अप्रैल को धार स्थित जिला कोर्ट में होगी. कोर्ट ने सभी पार्टी को 10 तारीख को धार कोर्ट में मौजूद होने के आदेश दिए. कोर्ट ने बिल्कुल स्पष्ट किया कि 10 अप्रैल को धार जिले की कोर्ट में सिर्फ सिविल सूट पर सुनवाई होगी, बाकी पांच याचिका जो धार भोजशाला विवाद को लेकर लगी हुई हैं, उनपर इंदौर हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से लगातार सुनवाई होगी. हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद भी जुड़े थे।  हिंदू पक्ष के वकील श्रीश दुबे ने कहा कि मुस्लिम पक्ष वीडियो-फोटो के लिए सुप्रीम कोर्ट गया था. उस याचिका में जो आदेश हुआ था, उससे माननीय न्यायालय को अवगत कराया है. हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई की तारीख 6 अप्रैल तय की है. अदालत सभी एप्लिकेशन को क्रमवार सुनेगी।  आपको बता दें कि एएसआई ने 98 दिनों तक भोजशाला का सर्वे किया और दो हजार से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश की थी। इसके बाद दो जजों ने भी धार जाकर भोजशाला व मस्जिद परिसर का निरीक्षण किया। पिछली सुनवाई में मुस्लिम पक्ष ने एएसआई द्वारा किए गए सर्वे पर सवाल उठाए थे और उसके तथ्यों को खारिज किया। उनका कहना था कि सर्वे ठीक तरीके से नहीं किया गया। इसके साथ ही कोर्ट से सर्वे के दौरान की गई वीडियोग्राफी के डेटा की मांग भी की गई थी। कोर्ट में सौंपे सभी दस्तावेज मुस्लिम पक्ष के वकील अरशद वारसी ने कहा कि हमारे द्वारा कोर्ट को पहले ही बताया जा चुका था कि यह जो मामला है, चूंकि मल्टीपल डिस्प्यूटेड पार्ट्स इसमें शामिल हैं, तो इसलिए इसको सभी सूट में सुना जाना आवश्यक है. हमने कोर्ट से अपील की थी कि इसमें सभी पार्टी को सिविल सूट में भेजा जाए. हमने कोर्ट में सभी दस्तावेज दिए हैं. उसमें सुनवाई की अगली तारीख 10 अप्रैल है. कोर्ट ने सभी पार्टी को अपने-अपने जवाबों के साथ हाजिर होने के लिए कहा है. वहीं इस मामले में इंदौर हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से लगातार सुनवाई की जाएगी।  क्या है भोजशाला विवाद? मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला विवाद दशकों पुराना है. यह जिले के एक ऐतिहासिक परिसर को लेकर है. हिंदुओं का मानना है कि यह वाग्देवी (सरस्वती माता) का मंदिर है, जिसे 11वीं सदी में राजा भोज ने बनवाया था. हिंदू इसे मंदिर और प्राचीन संस्कृत अध्ययन केंद्र मानते हैं. वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता है. उनका दावा है कि यह एक इस्लामिक स्थल है और यहां सदियों से नमाज अदा की जाती रही है. हालांकि भोजशाला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के कब्जे में है। 

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से तेलंगाना एवं अन्य प्रांतो में प्रवासित परिवारों के लिए पुर्नवास के लिए बनेगी कार्ययोजना

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग के ऐसे विस्थापित परिवार जो किन्ही कारणों बस्तर संभाग के सीमावर्ती तेलंगाना एवं आन्ध्रप्रदेश में प्रवासित है, ऐसे परिवारों के पुनर्वास की कार्ययोजना बनायी जा रही है। मंत्रालय महानदी भवन में आज अपर मुख्य सचिव गृह  मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में पुनर्वास हेतु गठित राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समिति की प्रथम बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के संबंध में कार्ययोजना तैयार करने विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।               बैठक में बताया गया कि जिला दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के लोग तेलंगाना एवं आन्ध्रप्रदेश राज्य में प्रवासित हो गए है। इसके लिए प्रवासित परिवारों की ओर से राष्ट्रीय जनजातीय आयोग में याचिका दायर किया गया है। इसके तहत माननीय आयोग द्वारा एक माह के भीतर सर्वे कर प्रवासित परिवारों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके परिपालन में बस्तर संभाग के संभागायुक्त द्वारा एक समयबद्ध कार्यक्रम के तहत कलेक्टर दंतेवाड़ा, सुकमा एवं जिला बीजापुर को प्रवासित परिवारों के सर्वे किया जाकर 15 दिन के भीतर प्रतिवेदन प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सर्वे अनुसार जिला दंतेवाड़ा से तेलंगाना प्रदेश के 60 ग्राम में 618 परिवार के 2654 व्यक्ति एवं जिला सुकमा से तेलंगाना प्रदेश के 293 ग्राम में 2733 परिवार के 12026 व्यक्ति तथा जिला बीजापुर से तेलंगाना प्रदेश के 114 ग्राम में 994 परिवार के 5029 व्यक्ति प्रवासित है। इस तरह छत्तीसगढ़ राज्य के उक्त तीनो जिला से तेलंगाना राज्य के 467 ग्राम में 4345 परिवार के 19709 व्यक्ति प्रवासित है।               इसी तरह जिला दंतेवाड़ा से आंध्रप्रदेश के 25 ग्राम में 125 परिवार के 568 व्यक्ति एवं जिला सुकमा से आंध्रप्रदेश के 155 ग्राम में 2462 परिवार के 10787 व्यक्ति तथा जिला बीजापुर से आंध्रप्रदेश के 04 ग्राम में 07 परिवार के 34 व्यक्ति प्रवासित है। इस तरह से छत्तीसगढ़ राज्य के उक्त तीनो जिला से आंध्रप्रदेश राज्य के 184 ग्राम में 2594 परिवार के 11389 व्यक्ति प्रवासित है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य के जिला दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के 667 ग्राम से तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश राज्य के 651 ग्राम में 6939 परिवार के 31098 व्यक्ति प्रवासित है। बैठक में अपर मुख्य सचिव  पिंगुआ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बस्तर संभाग  डोमन सिंह एवं पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज  सुन्दरराज से चर्चा कर अन्य प्रांतों में प्रवासित परिवारों के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए एक बार और सीमावर्ती राज्यों के अधिकारियों से सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त कर लें।               अपर मुख्य सचिव गृह  पिंगुआ ने कलेक्टर दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों से अन्य प्रांतों में प्रवासित लोगों के बारे में उनके मूल ग्राम एवं निवास स्थान से आवश्यक जानकारी तैयार कर लें। जिससे पुनर्वास योजना बनाने आसानी होगी। इसी तरह से पुनर्वास योजना बनाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित दिए गए है कि वे शीघ्र ही अपने-अपने विभागों के नोडल अधिकारी नियुक्त कर दें, जिससे शीघ्र पुनर्वास योजना बनाने में आसानी होगी।                वीडियो कॉन्फ्रेंस में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋर्चा शर्मा, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव मती शहला निगार, गृह विभाग की सचिव मती नेहा चम्पावत, आईजी बस्तर  सुन्दरराज, कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह सहित कलेक्टर दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा शामिल हुए। इसी तरह से बैठक में सामान्य प्रशासन, वित्त विभाग, राजस्व, स्कूल शिक्षा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, वाणिज्य एवं उद्योग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

PSEB Class 8th Result 2026: जानें कब आएगा पंजाब बोर्ड का रिजल्ट और कैसे करें चेक

चंडीगढ़  पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) के छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है. कक्षा 8वीं के बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट इस महीने के आखिर तक जारी हो सकता है. एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है PSEB के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि क्लास 8वीं का रिजल्ट जल्‍द ही घोषित किया जाएगा.वहीं क्लास 5वीं की बोर्ड परीक्षा पिछले दो साल से नहीं हो रही है इसलिए इस बार भी 5वीं का रिजल्ट नहीं आएगा।  8वीं की परीक्षा कब हुई थी? पंजाब बोर्ड कक्षा 8वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक पेन-पेपर मोड में पूरे पंजाब में आयोजित की गई थी. अब छात्र अपने स्कोरकार्ड का इंतजार कर रहे हैं।  क्‍या कहता है पिछले पांच सालों का ट्रेंड? हालांकि PSEB ने अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन पिछले सालों के ट्रेंड को देखें तो रिजल्ट अप्रैल के पहले हफ्ते में आ सकता है. पिछले कुछ सालों में रिजल्ट की तारीखों की बात करें तो वर्ष 2025 में 4 अप्रैल को रिजल्‍ट आया था इसी तरह 2024 में आठवीं का रिजल्‍ट 30 अप्रैल को और 2023 में 28 अप्रैल को रिजल्‍ट घोषित किया गया था. 2022 में 2 जून और 2021 में 17 मई को रिजल्‍ट जारी किया गया था. इन आंकड़ों से साफ है कि ज्यादातर बार अप्रैल के पहले या आखिरी हफ्ते में नतीजे आ जाते हैं इसलिए इस बार भी अप्रैल के पहले सप्ताह में रिजल्ट आने की मजबूत संभावना है।  रिजल्ट कैसे चेक करें? रिजल्ट जारी होते ही छात्र इसे आसानी से ऑनलाइन देख सकेंगे. 1. PSEB की आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in पर जाएं. 2. होमपेज पर Results सेक्शन में जाएं. 3. PSEB Class 8th Result 2026 लिंक पर क्लिक करें. 4. अपना रोल नंबर या पूरा नाम दर्ज करें. 5. सबमिट करने के बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा. रिजल्ट DigiLocker पर भी उपलब्ध होगा जहां छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट आसानी से डाउनलोड कर सकेंगे. मार्कशीट में क्या-क्या जानकारी होगी? डिजिटल मार्कशीट में निम्नलिखित डिटेल्स होंगी: – विषय-वार अंक – कुल अंक – पास/फेल स्टेटस – छात्र का नाम, रोल नंबर आदि पिछले साल का प्रदर्शन कैसा रहा? पिछले साल 2025 में कक्षा 8वीं का पास प्रतिशत 97.30% रहा जो 2024 के 98.31% से थोड़ा कम था.लड़कियों का पास प्रतिशत 98.9% और लड़कों का पास प्रतिशत 96.49% रहा.2025 के रिजल्‍ट में पहले स्‍थान पर 600 में 600 अंकों के साथ पुनीत वर्मा रहे और दूसरे स्‍थान पर नवजोत कौर रहे दोनों के बराबर अंक थे लेकिन उम्र और टाई नियमों के आधार पर उन्‍हें दूसरी रैंक दी गई वहीं तीसरे स्‍थान पर नवजोत कौर रहीं उन्‍होंने 600 में से 599 अंक हासिल किया था. 2024 में कुल 2,91,917 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे जिनमें से 2,86,987 पास हुए थे .PSEB की आधिकारिक वेबसाइट पर ही रिजल्ट चेक करें. फर्जी वेबसाइटों या लिंक्स से बचें। .

बीजापुर के सुदूर वनांचल में नई उम्मीद, आरोग्य मंदिर से मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं

बीजापुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पहल पर बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए संचालित 'नियद नेल्लानार' (आपका अच्छा गाँव) योजना अब धरातल पर सार्थक परिणाम दे रही है। जिला बीजापुर के दुर्गम क्षेत्र ग्राम पालनार में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के खुलने से 28 जनवरी 2026 से अब तक सैकड़ों ग्रामीणों को उनके घर के समीप ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। रिकॉर्ड ओपीडी और इनडोर सुविधाएं पालनार और आस-पास के गांवों में स्वास्थ्य के प्रति आई इस जागरूकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस अल्प अवधि में ही कुल 747 मरीजों ने ओपीडी (OPD) सेवाओं का लाभ उठाया है। इसके अलावा, आवश्यकतानुसार 16 मरीजों को भर्ती कर उनका सफलतापूर्वक उपचार किया गया। पहले जिन ग्रामीणों को छोटी बीमारियों के लिए भी मीलों पैदल चलना पड़ता था, उन्हें अब विशेषज्ञ परामर्श और निःशुल्क दवाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल रही हैं। मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षित प्रसव और त्वरित सेवाएं संवेदनशील क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस केंद्र में अब तक 5 सुरक्षित प्रसव कराए गए हैं। शासन की मंशा के अनुरूप, नागरिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु नवजातों के जन्म प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। साथ ही, क्षेत्र की 15 गर्भवती महिलाओं (ANC) और 18 धात्री माताओं (PNC) की नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण सुनिश्चित किया गया है। गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान (NCD स्क्रीनिंग) योजना के तहत गैर-संचारी रोगों (NCD) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पालनार केंद्र में अब तक 250 ग्रामीणों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई, जिसमे 25 मरीज उच्च रक्तचाप (Hypertension) से ग्रसित पाए गए।  12 मरीज मधुमेह (Diabetes) से पीड़ित मिले। 1 ग्रामीण में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण मिलने पर तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र हेतु रेफर किया गया।  पालनार में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सफलता यह दर्शाती है कि शासन की योजनाएं अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। इससे न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है, बल्कि ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।

महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम कोटा में खेले गए महिला फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिली। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने मजबूत खेल का प्रदर्शन किया। पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर रहीं। दोनों पक्षों के खिलाड़ियों ने शानदार रक्षा और आक्रमण का प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को बेहद रोमांचक बनाए रखा।                दूसरे हाफ में छत्तीसगढ़ की टीम ने आक्रामक खेल दिखाते हुए छत्तीसगढ़ की कप्तान किरण पिस्दा ने एक महत्वपूर्ण गोल किया और 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद टीम ने अपनी इस बढ़त को अंत तक बनाए रखा। अंततः छत्तीसगढ़ ने झारखंड को 1-0 से हराकर महिला फुटबॉल प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार खेल कौशल और टीमवर्क का परिचय दिया। यह मुकाबला पूरे समय दर्शकों के लिए रोमांच से भरपूर रहा और खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया।  इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्रीमती तनुजा सलाम, खेल विभाग के अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य, बड़ी संख्या में खिलाड़ी तथा खेल प्रेमी उपस्थित रहे।