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‘टाइम ऑफ डे टैरिफ’ लागू: अब समय के हिसाब से बदलेगा बिजली बिल

भागलपुर. बिजली विभाग ने टाइम ऑफ डे टैरिफ लागू कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक यानी आठ घंटे के लिए निर्धारित बिजली दर से 20 प्रतिशत सस्ती बिजली मिलेगी। फिर शाम पांच बजे से रात 11 बजे तक यानी छह घंटे बिजली महंगी होगी। जबकि रात 11 से सुबह नौ बजे तक सामान्य बिजली दर लागू होगा। बता दें कि इस नई व्यवस्था से कृषि फीडर वाले सभी उपभोक्ताओं को बाहर रखा गया है। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, भागलपुर आपूर्ति क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता (शहरी) पंकज कुमार के अनुसार इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं के खर्च कम होंगे। बिजली व्यवस्था पर दबाव कम होगा और सौर ऊर्जा के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले घरेलू व व्यवसायिक उपभोक्ताओं को निर्धारित बिजली दर से 10 प्रतिशत अधिक शुल्क लगेगा। जबकि एक किलोवाट या फिर इससे अधिक लोड वाले सिर्फ स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं पर ही यही नियम लागू होगा। समय के अनुसार आएगा बिल दिन को तीन भागों में बांटा गया है। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफ-पीक समय है। इस दौरान बिजली 20 प्रतिशत सस्ती रहेगी। घरेलू उपभोक्ताओं को सामान्य दर 7.42 रुपये प्रति यूनिट की जगह केवल 5.94 रुपये प्रति यूनिट देना होगा। जबकि शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक पीक आवर है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 10 प्रतिशत ज्यादा यानी 8.16 रुपये प्रति यूनिट लगेगा। व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत ज्यादा यानी 120 प्रतिशत दर चुकानी पड़ेगी। रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक सामान्य दर 7.42 रुपये प्रति यूनिट ही रहेगी।

हिमाचल के टैक्स फैसले पर तकरार तेज, भगवंत मान का सख्त संदेश

चंडीगढ़. हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पंजाब और हरियाणा की गाड़ियों पर लगाए गए एंट्री टैक्स को लेकर को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा हैं कि हम पंजाब में टोल टैक्स बंद करवा रहे हैं, जिसका फायदा हिमाचल की गाड़ियों को भी मिल रहा है। दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश हमारी गाड़ियों पर टैक्स लगा रहा है। सीएम ने कहा कि हमें भी टैक्स लगाना आता है। हालांकि इससे पहले उन्होंने एचपी सरकार द्वारा टैक्स कम करने को लेकर कहा कि सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाए तो भूला नहीं कहते। यह तो दोपहर में ही आ गए हैं। दरअसल, हिमाचल सरकार ने हरियाणा-पंजाब से आने वाली गाड़ियों पर 130 रुपये एंट्री टैक्स लगा दिया था, जिसे लेकर खासा विवाद हुआ। बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने टैक्स को 130 के स्थान पर 100 रुपये कर दिया। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के कांग्रेसी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, "हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। इस पर पंजाब कांग्रेस के नेता क्यों चुप हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में पंजाब सरकार भी हिमाचल की गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने का विचार कर सकती है।" ग्रामीण क्षेत्रों में होगा जातीय सर्वेक्षण पंजाब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में जातीय सर्वेक्षण करवा रही है। बुधवार को अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस सर्वेक्षण के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस वर्ग की कितनी आय हैं। क्योंकि इस सर्वे में ड्रग्स का डाटा भी एकत्रित किया जाएगा। सर्वे में नशा लेने वालों की जानकारी भी जुटाई जाएगी। जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत एससी वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये मासिक भत्ता दिया जाना है। इसका आंकड़ा भी इसी सर्वे से जुटाया जाएगा। वहीं, ड्रग्स को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि कई पंचायतों ने अपने गांवों को नशा मुक्त करार दिया हो। इस सर्वेक्षण के बाद यह तस्वीर भी स्पष्ट हो जाएगी की कितने गांव नशा मुक्त हो गए हैं। बता दें कि पंजाब में 13236 पंचायतें हैं। पंजाब में 1 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद सीजन से पहले ही आढ़तियों ने हड़ताल की चेतावनी दे दी है, जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़तियों की मांग केंद्र सरकार से जुड़ी हुई है। इसके बावजूद राज्य सरकार इस तरह की ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त नहीं करेगी। आज जब खरीद का सीजन शुरू हो रहा है तो वह हड़ताल पर जाने की बात कर रहे हैं। इससे सख्ती से निपटा जाएगा। खेतों को जाने वाली बिजली की लाइन होगी अंडरग्राउंड मुख्यमंत्री भगवान मान ने कहा कि खेतों को जाने वाली बिजली की लाइनें को अंडरग्राउंड करने का नया प्रयोग वह अपने गांव सतौज (संगरूर) में करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली की लाइनें से कई प्रकार के नुकसान होता है। लाइन शॉर्ट होने पर फसल जल जाती है। वहीं खंभों को लेकर के गांव वासियों के बीच आपस में विवाद होता है। इसलिए वह एक नया प्रयोग करने जा रहे हैं। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इस पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। 'फूलका ने बीच में छोड़ दी थी राजनीति' आप के पूर्व विधायक व विपक्षी दल के नेता रहे एचएस फूलका द्वारा भाजपा में शामिल होने पर मुख्यमंत्री ने कहा, पूर्व विधायक ने राजनीति से संन्यास ले लिया था। दाखा विधान सभा के लोगों को मझधार में छोड़ दिया था। ऐसे लोग पुन: राजनीति में सफल नहीं होते।

निरीक्षण में खुली लापरवाही: राज्य खाद्य आयोग का विभागों पर कड़ा रुख

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के निरीक्षण में 21 जिलों में संचालित शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कई कमियां सामने आई हैं. इन खामियों को लेकर आयोग ने सख्ती दिखाते हुए संबंधित विभागों को त्वरित सुधार के निर्देश दिए हैं. आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित कार्यालय में आयोजित अंर्तविभागीय बैठक में खाद्य, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई. निरीक्षण में उचित मूल्य दुकानों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों के मध्यान्ह भोजन और आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था का जायजा लिया गया था. बैठक में बालक छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और सामग्री आपूर्ति में सुधार की जरूरत बताई गई, जबकि कन्या छात्रावासों की स्थिति बेहतर पाई गई. 21 जिलों से निरीक्षण संबंधी अनुशंसाओं के पालन प्रतिवेदन समय पर नहीं मिलने पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. आयोग ने निर्देश दिए कि सभी आश्रम-छात्रावासों में दैनिक भोजन मैन्यू और कॉल सेंटर नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि शिकायत और सुझाव दर्ज किए जा सकें. आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति पोषण ट्रैकर में सही दर्ज करने और आकस्मिक निरीक्षण से उसका मिलान करने को कहा गया. उचित मूल्य दुकानों में अनियमितता पर भी सख्त रुख अपनाते हुए नियमित रूप से दुकान नहीं खोलने, सूचना प्रदर्शित नहीं करने और स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए. मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्रदेश में संचालित दो केंद्रीकृत किचनों की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई. आयोग ने इन किचनों से अधिक से अधिक स्कूलों को जोड़ने की अनुशंसा की है. इसके अलावा छात्रावासों और स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए किसी छात्र को मेस प्रभारी बनाने का सुझाव दिया गया. साथ ही सभी संस्थानों में चावल, दाल, सब्जी और खाद्य तेल की निर्धारित मात्रा का प्रदर्शन और उसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि अधिकांश जिलों में योजनाएं ठीक चल रही हैं, लेकिन जहां कमियां मिली हैं. वहां जल्द सुधार करना जरूरी है. बैठक में आयोग के सदस्य राजेंद्र महिलांग, कुलदीप शर्मा और सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.

पंजाब में स्मार्ट राशन कार्ड लॉन्च, 1.5 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा फायदा, पहचान प्रक्रिया होगी सरल

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को सुविधाजनक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि पंजाब में अब पारंपरिक राशन कार्ड की जगह QR कोड आधारित स्मार्ट राशन कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिससे लाखों लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। क्यों जरूरी था यह बदलाव? पुरानी व्यवस्था में कई लाभार्थियों को राशन लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। खासतौर पर वे लोग जिनके बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) ठीक से मैच नहीं होते थे या ई-केवाईसी बार-बार फेल हो जाती थी, उन्हें राशन मिलने में देरी होती थी। नई QR कोड तकनीक इन समस्याओं का समाधान करने के लिए लाई गई है। कितने लोगों को मिलेगा लाभ? पंजाब में करीब 1.5 करोड़ लोग PDS प्रणाली के तहत राशन लेते हैं, जबकि राज्य में लगभग 39 लाख राशन कार्ड हैं। सरकार का लक्ष्य मई से पहले 80% लाभार्थियों तक नए QR कोड कार्ड पहुंचाने का है, ताकि गेहूं वितरण शुरू होने से पहले व्यवस्था पूरी तरह लागू हो सके। यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्यभर में हजारों पात्र परिवार E-KYC और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के दौरान लगातार समस्याओं का सामना कर रहे थे। खासकर अंगूठे के निशान का मेल न होना, बुजुर्गों के घिसे हुए फिंगरप्रिंट और EPoS मशीनों में तकनीकी खराबियां बड़ी वजह रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, नए स्मार्ट कार्ड अब राशन लाभार्थियों के लिए एक वैध पहचान माध्यम के रूप में काम करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल बायोमेट्रिक फेल होने के कारण किसी भी पात्र परिवार को गेहूं के हक से वंचित न होना पड़े। लुधियाना वेस्ट के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सरताज सिंह चीमा मीडिया ने बताया कि इस चरणबद्ध योजना का उद्देश्य डिपो नेटवर्क में लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को और सुगम बनाना है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कार्ड तैयार हैं और अगले 2-3 दिनों में डिपो होल्डरों के जरिए धीरे-धीरे लाभार्थियों तक पहुंचने शुरू हो जाएंगे। स्मार्ट कार्ड में लाभार्थियों की जरूरी जानकारी जैसे श्रेणी, राशन कार्ड नंबर, परिवार प्रमुख का विवरण और जारी करने की जानकारी शामिल होगी, जिससे गेहूं वितरण के दौरान तेज और विश्वसनीय पहचान संभव हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि यह सुधार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में मौजूद खामियों को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बार-बार अंगूठा सत्यापन की समस्या कम होगी और असली लाभार्थियों को समय पर उनका गेहूं मिल सकेगा। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को मुफ्त गेहूं दिया जाता है, ऐसे में उनकी पहचान में किसी भी प्रकार की रुकावट गरीब परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है। राज्य स्तर पर यह योजना बड़े पैमाने पर लागू की जा रही है, जिसमें करीब 39 लाख राशन कार्ड और 1.5 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू होने से डिपो पर विवाद कम होंगे, लाभार्थियों की पहचान बेहतर होगी और पूरे पंजाब में गेहूं वितरण प्रक्रिया अधिक सुगम हो जाएगी। राज्य सरकार इस पहल को एक बड़े कल्याणकारी और पारदर्शिता बढ़ाने वाले सुधार के रूप में देख रही है, जिससे कोई भी पात्र परिवार तकनीकी कारणों से वंचित न रह जाए। जिला स्तर पर वितरण शुरू होने के साथ ही आने वाले दिनों में पंजाब की राशन प्रणाली में स्मार्ट कार्ड आधारित पहचान का बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहले ही छप चुके हैं लाखों कार्ड सरकार ने QR कोड आधारित करीब 10 लाख प्लास्टिक राशन कार्ड पहले ही तैयार कर लिए हैं। इन्हें चरणबद्ध तरीके से जिलों और राशन डिपो तक पहुंचाया जा रहा है। शेष कार्डों की आपूर्ति भी तेजी से जारी है, ताकि कोई भी पात्र परिवार इस सुविधा से वंचित न रहे। अब नहीं ले जाना होगा आधार या अन्य दस्तावेज नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को सिर्फ QR कोड वाला राशन कार्ड दिखाना होगा। राशन डिपो पर अब आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे प्रक्रिया तेज और आसान होगी। कहीं भी मिलेगा राशन इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत पोर्टेबिलिटी है। यानी लाभार्थी अपने निर्धारित डिपो के अलावा किसी अन्य डिपो से भी राशन प्राप्त कर सकेंगे। QR कोड स्कैन होते ही उनकी जानकारी सामने आ जाएगी और उन्हें बिना किसी परेशानी के अनाज मिल सकेगा। नए स्मार्ट कार्ड से मिलेगी लाभार्थियों को वैध पहचान अधिकारियों के अनुसार, नए स्मार्ट कार्ड अब राशन लाभार्थियों के लिए एक वैध पहचान माध्यम के रूप में काम करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल बायोमेट्रिक फेल होने के कारण किसी भी पात्र परिवार को राशन के हक से वंचित न होना पड़े। डिपो होल्डरों के जरिए लाभार्थियों तक पहुंचेगे स्मार्ट कार्ड लुधियाना वेस्ट के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सरताज सिंह चीमा मीडिया ने बताया कि इस चरणबद्ध योजना का उद्देश्य डिपो नेटवर्क में लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को और सुगम बनाना है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कार्ड तैयार हैं और अगले 2-3 दिनों में डिपो होल्डरों के जरिए धीरे-धीरे लाभार्थियों तक पहुंचने शुरू हो जाएंगे। इससे खासकर उन मामलों में राहत मिलेगी, जहां अंगूठे के निशान के मेल न खाने से गेहूं वितरण में दिक्कत आ रही थी। यह वितरण पंजाब के राशन डिपो नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें जिला प्रशासन और डिपो धारक अंतिम स्तर तक पहुंच सुनिश्चित करेंगे। e-KYC से मिलेगी राहत स्मार्ट कार्ड में लाभार्थियों की जरूरी जानकारी जैसे श्रेणी, राशन कार्ड नंबर, परिवार प्रमुख का विवरण और जारी करने की जानकारी शामिल होगी। जिससे गेहूं वितरण के दौरान तेज और विश्वसनीय पहचान संभव हो सकेगी। इस पहल से खासकर बुजुर्गों, मजदूरों और उन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो बार-बार e-KYC में फेल हो रहे थे या बायोमेट्रिक गड़बड़ी के कारण उनका राशन अटक जाता था। पात्र लाभार्थियों को मुफ्त मिलता है राशन अधिकारियों का कहना है कि यह सुधार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में मौजूद खामियों को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बार-बार अंगूठा सत्यापन की समस्या कम होगी और असली लाभार्थियों को समय पर उनका गेहूं मिल सकेगा। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को मुफ्त गेहूं दिया जाता है, ऐसे में उनकी पहचान में किसी भी प्रकार की रुकावट … Read more

मुख्यमंत्री का बड़ा बयान: जरूरतमंदों को आवास और बीमारों के इलाज की होगी व्यवस्था

जरूरतमंद को आवास और बीमार के इलाज की होगी व्यवस्था: मुख्यमंत्री जनता दर्शन: गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की करीब 100 लोगों से मुलाकात लोगों की समस्याएं सुनकर दिया भरोसा, हर समस्या का कराएंगे सन्तुष्टिपरक निस्तारण गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। सीएम ने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है।  गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 100 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए। उन्होंने पुलिस से जुड़े मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जनता दर्शन में एक महिला ने आवास की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की आवास योजना के तहत आवास दिलाया जाएगा। गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद मांगने आए लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। जनता दर्शन में कुछ महिलाओं के साथ आए बच्चों को चॉकलेट देकर सीएम योगी ने उन्हें खूब पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया।

मारकंडेय यादव को सीएम योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मारकंडेय यादव को सीएम योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त थे मारकंडेय यादव, श्रद्धांजलि देने उनके गांव पहुंचे मुख्यमंत्री वरिष्ठ समाजसेवी के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए मुख्यमंत्री ने, परिजनों को बंधाया ढांढस गोरखपुर  गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त, वरिष्ठ समाजसेवी, पिपराइच के लुहसी गांव निवासी मारकंडेय यादव के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार सुबह लुहसी स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मारकंडेय यादव का बुधवार सुबह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। उनकी गोरक्षपीठ के प्रति अगाध श्रद्धा थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार सुबह करीब सवा दस बजे लुहसी स्थित मारकंडेय यादव के आवास पर पहुंचे। उन्होंने स्मृतिशेष के पार्थिव शरीर व चित्र पर पुष्प अर्पित किए और भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिए महायोगी गुरु गोरखनाथ से प्रार्थना की। सीएम योगी ने स्वर्गीय मारकंडेय यादव के परिजनों, पत्नी गुड्डी यादव, पुत्रद्वय संजीव यादव व विशाल यादव, भाई हरेंद्र यादव, पुत्री वंदना यादव, दामाद हिमांशु यादव आदि से आत्मीयता से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति संतराज यादव, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, पिपराइच नगर पंचायत के चेयरमैन संजय मद्धेशिया, वरिष्ठ नेता राधेश्याम सिंह, आनंद शाही, रणविजय सिंह मुन्ना आदि भी मौजूद रहे।

गैस की कालाबाजारी, फरीदाबाद में 4 हजार रुपये तक पहुंचा सिलेंडर का दाम

फरीदाबाद केंद्र सरकार के निर्देशों के बावजूद शहर में अब तक पेट्रोल पंपों पर केरोसीन (मिट्टी तेल) की बिक्री शुरू नहीं हो सकी है। इसके चलते वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की किल्लत झेल रहे लोगों, खासकर दिहाड़ी मजदूरों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि सरकारी फैसले का जमीनी स्तर पर कोई असर नजर नहीं आ रहा और जिम्मेदार अधिकारी ऊपर से आदेश नहीं आने का हवाला देकर स्थिति स्पष्ट करने से बच रहे हैं, जिससे लोग काफी परेशान है। शहर करीब 80 पेट्रोल पंप है। केंद्र सरकार के नए आदेश अनुसार केरोसीन तेल का वितरण पुराने पेट्रोल पंपों के माध्यम से किया जाना है, जहां पहले से केरोसीन तेल भंडारण के इंतजाम हैं। पेट्रोप पंप एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार शहर में ऐसे दो पेट्रोल पंप हैं, जिन पर केरोसीन बिक्री की व्यवस्था शुरू की जानी थी, लेकिन अभी तक यह योजना कागजों से बाहर नहीं निकल सकी है। ऐसे में मजदूर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोग वैकल्पिक ईंधन के लिए परेशान हैं।छोटे सिलेंडरों को लेकर मजदूरों की परेशानी बढ़ीशहर में रसोई गैस की कमी का सीधा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। गैस एजेंसियों पर आपूर्ति प्रभावित होने के कारण लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है, जिनकी आय सीमित है और जो महंगे सिलेंडर खरीदने में सक्षम नहीं हैं। कई इलाकों में मजदूर पांच किलो के छोटे सिलेंडर ब्लैक में भरवाकर खाना बनाने को मजबूर हैं। संजय कॉलोनी निवासी रवि सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ यहां किराये पर रहते हैं और एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। पहले किसी प्रकार पांच किलो का छोटा सिलेंडर भरवा कर काम चल जाता है और 100 रुपये किलो गैस भरी जाती थी। पांच किलो गैस 10 से 15 दिन चल जाती थी। अब गैस भरने वालों ने प्रति किलो 250 से 300 रुपये दाम कर दिए है। उन्हें मजबूरी में यह विकल्प अपनाना पड़ रहा है। यदि पेट्रोल पंपों पर केरोसीन की बिक्री शुरू हो जाती, तो उनके जैसे अनेक लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।ब्लैक में घरेलू सिलेंडर तीन से चार हजार में बिक रहाशहर में प्रशासन की छापेमारी कार्रवाई के बावजूद गैस की कालाबारी जोरशोर से जारी है। सूत्रों के अनुसार गैस सिलेंडरों की कालाबाजी कर धंधा खूब फल-फूल रहा है। एक व्यक्ति ने बताया कि ब्लैक में एक सिलेंडर तीन हजार से चार हजार रुपये का मिल रहा है।अधिकांश मजदूरों के पास नहीं है गैस कनेक्शनशहर के एनआईटी, नहर पार और बल्लभगढ़ क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूर रहते हैं, जो आसपास के निर्माण कार्यों में लगे हैं। इनमें से अधिकांश के पास घरेलू रसोई गैस कनेक्शन तक नहीं है। ऐसे लोग अब तक छोटे सिलेंडरों या वैकल्पिक साधनों के जरिए काम चला रहे थे, लेकिन गैस की कमी और सख्ती बढ़ने से उनकी परेशानी और गहरा गई है। मजदूरों का कहना है कि अगर सस्ती दर पर केरोसीन उपलब्ध हो जाए, तो उनकी रसोई फिर से सुचारु हो सकती है।पेट्रोल पंपों पर केरोसीन बिक्री को लेकर मुख्यालय से अभी तक कोई स्पष्ट आदेश या दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश मिलते ही व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।-कविता सिंह परिहार, नियंत्रक, जिला खाद्य एवं आपूर्ति

पूर्व विधायक शीतल पांडेय के पुत्र को मुख्यमंत्री योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

पूर्व विधायक शीतल पांडेय के पुत्र को मुख्यमंत्री योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि मनु पांडेय के चित्र पर पुष्प चढ़ाये सीएम ने, परिजनों को बंधाया ढांढस  गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  सहजनवा के पूर्व विधायक शीतल पांडेय के रामगढ़ताल/तारामंडल क्षेत्र स्थित आवास पर जाकर उनके पुत्र मानवेंद्र पांडेय ‘मनु’ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मानवेंद्र का मंगलवार को आकस्मिक निधन हो गया था।  बुधवार शाम मुख्यमंत्री लखनऊ से गोरखपुर आए। एयरपोर्ट से वह सीधे पूर्व विधायक शीतल पांडेय के आवास पर पहुंचे। उन्होंने पूर्व विधायक के पुत्र मानवेंद्र पांडेय के चित्र पर पुष्पांजलि और भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए महायोगी गुरु गोरखनाथ से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक शीतल पांडेय और अन्य परिजनों से आत्मीयता से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, भाजपा नेता अश्विनी त्रिपाठी, डॉ. विभ्राट चंद कौशिक, पुष्पदंत जैन आदि भी मौजूद रहे।  गुरुवार सुबह पिपराइच के लुहसी जाएंगे सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार सुबह पिपराइच क्षेत्र के लुहसी गांव जाएंगे। वह यहां के निवासी और गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त मारकंडेय यादव के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। मारकंडेय यादव का बुधवार को निधन हो गया।

किसानों के लिए नई बिजली कंपन,हरियाणा में 7 लाख किसानों को मिलेगा लाभ, भंडारण के लिए ₹550 करोड़ मंजूर

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार की ओर से प्रदेश में किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। इस कड़ी में अब किसानों को बिजली पर करोड़ों रुपए की सब्सिडी मिलेगी। किसानों को इसी वित्तीय वर्ष में 138.2 करोड़ यूनिट अतिरिक्त बिजली दी जाएगी। किसानों को यह बिजली 10 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से दी जाएगी। खास बात यह है कि सरकार की ओर से 10686.64 मिलियन यूनिट बिजली दी जाएगी और कुल 7870.32 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार से गेहूं भंडारण के लिए भी किसानों को बड़ी सहायता दी जाएगी। जूट बैग खरीद से किसानों को सुरक्षित भंडारण का लाभ मिलेगा। सरकार की ओर से 550 करोड़ रुपए की लागत से जूट एवं अन्य स्टोरेज बैग खरीद को मंजूरी दी गई है। गौरतलब है कि हरियाणा में भाजपा सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में किसानों को कृषि के लिए बिजली का जल्दी कनैक्शन व निर्बाध बिजली देने के लिए हरियाणा एग्री डिस्कॉम नाम से तीसरी बिजली कंपनी बनाई जाएगी। यह कंपनी 5084 कृषि फीडरों के अंतर्गत आने वाले करीब 7 लाख 12 हजार किसानों को सेवाएं देगी। किसानों को सीधा बाजार देने के लिए प्रदेशभर में ग्रामीण हॉट मंडियां स्थापित की जाएंगी। सरकार की ओर से इस वित्तीय वर्ष में मशरूम, स्ट्राबेरी, चीकू की खेती को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केंद्र बनाए जाएंगे और मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सिरसा में एक्वा केंद्र बनेगा तो ज्योतिसर और सांपला के मछली बीज फार्मों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार की ओर से पशुपालन को बढ़ावा देने के मकसद से 10 करोड़ की लागत से 100 पशुओं वाले आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित किए जाएंगे। दूध प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से ही रेवाड़ी एवं अंबाला में 300-300 करोड़ रुपए की लागत से 5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले 2 नए मिल्क प्लांट बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिसार व फरीदाबाद में 100 करोड़ रुपए की लागत से मछली मंडियां एवं करनाल में 50 करोड़ रुपए की लागत से मछली प्रसंस्करण स्थापित की जाएगी। इन योजनाओं से बदला किसानों का जीवन स्तर : हरियाणा में पिछले 11 वर्षों में भाजपा सरकार की ओर से लागू की गई कई योजनाओं से किसानों का जीवन स्तर बदला है। विशेष बात यह है कि मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत किसानों को धान की बजाय दूसरी वैकल्पिक फसल बोने पर 8 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान दिया जा रहा है। पिछले खरीफ सीजन में इस योजना के चलते ही धान के रकबे में 70 हजार एकड़ की कमी दर्ज की गई। अब किसान व्यापक पैमाने पर बागवानी एवं सब्जियों की खेती के अलावा प्राकृतिक खेती भी करने लगे हैं। सरकार की ओर से बागवानी एवं प्राकृतिक खेती पर अनुदान भी दिया जा रहा है। किसानों को सोलर पम्प पर दिया जा रहा है अनुदान उल्लेखनीय सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार की ओर से किसानों को सोलर पम्प लगाने पर भी 75 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। इससे किसानों की खेती की लागत कम हुई है तो बिजली की भी बचत होने लगी है। सरकार की ओर से सफेदा एवं पॉपुलर लगाने पर भी 7 हजार रुपए प्रति एकड़ राशि किसानों को दी जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत साल 2016-17 में हरियाणा के 2 लाख 20 हजार किसानों को 296 करोड़ रुपए का क्लेम दिया गया जबकि साल 2017-18 में कुल 13 लाख किसानों को इस योजना के तहत कवर किया गया और करीब 3 लाख 24 हजार किसानों को 895 करोड़ रुपए की राशि क्लेम के रूप में दी गई। इसी प्रकार से 2018-19 में 14 लाख किसानों को योजना में शामिल करते हुए करीब 20 लाख हैक्टेयर रकबा कवर किया गया और 941.60 करोड़ रुपए की राशि क्लेम के रूप में दी गई। साल 2019-20 में करीब 927 करोड़ रुपए का क्लेम किसानों को दिया गया। ऐसे ही 2020-21 में 880 करोड़, 2021-22 में 720 करोड़ रुपए, 2022-23 में 930 करोड़, 2023-24 में 770 एवं 2024-25 में 890 करोड़ रुपए का क्लेम किसानों को दिया गया। किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है सरकार : नायब सैनी मुख्यमंत्री नायब सैनी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में कृषि क्षेत्र की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। सरकार भी किसानों के कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही है। प्रदेश में किसानों की 24 फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही है। किसानों को पशुपालन से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री सैनी का कहना है कि सरकार का पशुपालकों की आय को बढ़ाना, जोखिम घाटे को कम करना और बाजार तक सीधी पहुंच बनाना प्राथमिकता है। सरकार की ओर से सोनीपत में आधुनिक फल मंडी बनाई गई है। बागवानी व सब्जियों के अलावा प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

एक दूसरे के राज्य के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करने का है यह महत्वपूर्ण अवसर – राज्यपाल डेका

लोकभवन में मनाया गया विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस एक दूसरे के राज्य के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करने का है यह महत्वपूर्ण अवसर – राज्यपाल डेका 140 करोड़ देशवासियों को जोड़ रहा है एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान – मुख्यमंत्री साय रायपु  राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में लोकभवन में 7 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशेष रूप से उपस्थित थे।  एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में राज्यपाल डेका ने मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली एवं दमन दीव, बिहार, राजस्थान और ओडिशा राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।  राज्यपाल ने कहा कि यह अवसर इन राज्यों की समृद्ध विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और विकास यात्रा को स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति और परंपराओं के माध्यम से आपसी समझ और जुड़ाव को बढ़ाना है जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होती है।  राज्यपाल ने मिजोरम और अरूणाचल प्रदेश की प्राकृतिक संुदरता और जनजातीय संस्कृति, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन-दीव की पर्यटन एवं औद्योगिक विशेषताओं, बिहार के लोगों का अर्थव्यवस्था एवं विकास में योगदान,  ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत, राजस्थान के लोगों के व्यापारिक उन्नति और शौर्य परंपरा तथा ओडिशा के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बहुत समानताएं हैं। राज्यपाल ने कहा कि भारत की विविधता की उसकी सबसे बड़ी ताकत है और ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत बनाते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत 140 करोड़ देशवासियों को जोड़ रहा है। भाषा, वेशभूषा, खान-पान में भले ही हम अलग अलग है लेकिन अनेकता में एकता हमारी देश की विशेषता हैं। एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम इसी भावना को दर्शाता है।  छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच रोटी बेटी के संबंध, राजस्थान के व्यापारियों का छत्तीसगढ़ के व्यापार एवं उद्योग की उन्नति में योगदान सहित अन्य राज्यों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत हम लोग विभिन्न राज्यों में जाकर वहां की संस्कृति से परिचित हो रहे हैं।   समारोह में राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।  कार्यक्रम में राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर राज्यपाल ने उनका सम्मान किया। इसी तरह राज्यपाल की उप सचिव सुनिधि साहू ने देहदान का निर्णय लिया है जिसकी सराहना करते हुए डेका ने उन्हें भी सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, अन्य जनप्रतिनिधि, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना, अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।