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सांदीपनी विद्यालय सागर में आयोजित प्रवेश उत्सव में हुए शामिल मेधावी छात्राओं को किया सम्मानित

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि हर घर में शिक्षा का दीप जलना चाहिए और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। शिक्षा वह प्रकाश है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करती है। मंत्री  राजपूत सागर स्थित सांदीपनी विद्यालय (महारानी लक्ष्मीबाई कन्या विद्यालय) में आयोजित प्रवेश उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री  राजपूत ने कहा कि प्रवेश उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूकता, नए सपनों की शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य की ओर पहला कदम है। जब कोई बच्चा पहली बार विद्यालय की दहलीज पर कदम रखता है, तो वह केवल स्कूल में प्रवेश नहीं करता बल्कि ज्ञान, संस्कार और आत्मनिर्भरता की दुनिया में प्रवेश करता है। मंत्री  राजपूत ने कहा कि प्रवेश उत्सव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा विद्यालय से जुड़े, शिक्षा प्राप्त करे और अपने जीवन को सफल बनाए। आज भी कई बच्चे ऐसे हैं जो किसी न किसी कारण से शिक्षा से दूर रह जाते हैं। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि हर घर का हर बच्चा स्कूल जाए और अपने सपनों को पूरा करे। मंत्री  राजपूत ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें, क्योंकि आज की शिक्षा ही कल के सशक्त भारत का निर्माण करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्यार्थियों के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनके तहत निशुल्क पाठ्य पुस्तकें, साइकिल, स्कूटी, लैपटॉप सहित विभिन्न छात्रवृत्तियां प्रदान की जा रही हैं। मंत्री  राजपूत ने मेधावी एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र और मेडल देकर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक और छात्राएं उपस्थित रहीं। 

केंद्र का गेहूं अवशेष जलाने वालों पर कड़ा रुख, 10,500 अधिकारी और सैटेलाइट निगरानी के तहत होगा नियंत्रण

चंडीगढ़  पंजाब में गेहूं की कटाई के साथ अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए इस बार केंद्र सरकार सख्त रुख में है। केंद्र खुद इन मामलों की निगरानी करेगा। राज्य सरकार ने इसके लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान लागू किया है। आज से कटाई शुरू होने के साथ ही 10,500 अधिकारियों को तैनात किया गया है जो खेतों में नजर रखेंगे। साथ ही एक कंट्रोल रूम बनाया गया है जिससे सैटेलाइट के जरिए घटनाओं की निगरानी की जाएगी। 100 किसानों पर तैनात होगा एक नोडल अधिकारी  वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पहले ही दिशा-निर्देश जारी करते हुए 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी तैनात करने को कहा है। पंजाब में हर साल 1 अप्रैल से 31 मई तक गेहूं की कटाई होती है। राज्य में करीब 34 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती होती है जिससे लगभग 205 लाख टन भूसा निकलता है। कम समय में धान की रोपाई के दबाव के कारण किसान अवशेषों को आग लगा देते हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान होता है और दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ता है। सरकार की तैयारी अवशेष जलाने पर रोक के लिए सरकार ने कस्टम हायरिंग सेंटरों पर 31 हजार स्ट्रॉ रीपर उपलब्ध कराए हैं जो अवशेषों को काटकर चारे में बदलते हैं। इसके अलावा पेलेट निर्माण, इंडस्ट्रियल बॉयलर और सीबीजी प्लांट में भी अवशेषों के उपयोग की योजना बनाई गई है। हर ब्लॉक स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि किसानों को वैकल्पिक उपायों के बारे में जानकारी दी जा सके। विभागों की जिम्मेदारी तय सरकार ने विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी तय की है। खेत में अवशेष प्रबंधन का काम कृषि और सहकारिता विभाग को दिया गया है जबकि बाहरी निपटान का जिम्मा नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, उद्योग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपा गया है। अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लागू कराने की जिम्मेदारी विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग और जिला उपायुक्तों की होगी।  

दूरस्थ क्षेत्रों में अब सही समय में मिलेगी त्वरित चिकित्सा सहायता

रायपुर दूरस्थ क्षेत्रों में अब सही समय में मिलेगी त्वरित चिकित्सा सहायता राज्य सरकार प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई। इसी कड़ी में बलरामपुर जिला अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने जिले को 9 नई एम्बुलेंस को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें 08 बेसिक लाइफ सपोर्ट और 01 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस शामिल हैं। इस सौगात के साथ ही जिले में 108 एम्बुलेंस की समस्त सेवाएं अब जिले के सभी विकासखंडों और दूरस्थ ग्रामीण वनांचलों तक त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी। मंत्री  रामविचार नेताम ने आयोेजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ये एम्बुलेंस केवल वाहन नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। मंत्री  नेताम ने बताया कि शासन का  उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली माताओं, बहनों और बच्चों को आपातकालीन स्थिति में समय पर उपचार मिल सके। मरीजों को ‘‘गोल्डन ऑवर’’ में चिकित्सा सहायता मिलना जीवन रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है और यह पहल इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। बलरामपुर जिले के कलेक्टर  राजेंद्र कटारा ने बताया कि आपातकालीन सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए एम्बुलेंस संचालन एजेंसी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इससे सेवाओं की गुणवत्ता और प्रतिक्रिया समय में निरंतर सुधार होगा, जिससे जरूरतमंदों को त्वरित सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को समय पर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सतत प्रयास किए जाएंगे। जिले को मिली 9 नई एम्बुलेंस को विभिन्न विकासखंडों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यकतानुसार तैनात किया गया है, ताकि पूरे जिले को कवर किया जा सके। नई व्यवस्था के तहत जिला चिकित्सालय बलरामपुर को 2 और वाड्रफनगर को 2 एम्बुलेंस आवंटित की गई हैं। राजपुर, शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सनावल में एक-एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई है। इस नई व्यवस्था से अब जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों में किसी भी स्वास्थ्य आपातकाल के समय मरीजों को त्वरित सहायता मिल सकेगी। इस कार्यक्रम अवसर पर पुलिस अधीक्षक  वैभव बेंकर, रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष  ओमप्रकाश जायसवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष सु सुमित्रा चेरवा, उपाध्यक्ष मती बबली देवी सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष  लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष  दिलीप सोनी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह, जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. शशांक गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

‘लव लाइफ’ के नाम पर बड़ा फ्रॉड, फर्जी मैरिज ब्यूरो से लाखों की ठगी का खुलासा

 राजनांदगांव  एक अनाम शिकायत की जांच पर शहर के सृष्टि कॉलोनी में मैरिज ब्यूरो की आड़ में चल रहा अंतरराज्यीय ठगी का रैकेट फूटा है। इस मामले में बसंतपुर पुलिस ने एक महिला सहित दो मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पूरे प्रकरण में देश के कई राज्यों के युवकों और उनके परिवारों से कुल 38 लाख की ठगी किए जाने का राजफाश हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपित शादी के रिश्तों के लिए युवतियों की फर्जी प्रोफाइल तैयार कर ठगी कर रहे थे। कुल 2286 युवतियों की फोटो सहित फर्जी प्रोफाइल पुलिस को मिली है जिन्हें युवकों को भेजा जाता था। इसके बाद युवतियों से उनकी बातचीत भी कराई जाती थी, जिसके बाद रकम की ठगी होती थी। नेहा और धर्मेंद्र चला रहे थे लव लाइफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो आईपीएस वैशाली जैन ने बताया कि आरोपित लेबर कॉलोनी निवासी नेहा पाठक (23) और कवर्धा के जंगलपुर निवासी धर्मेन्द्र मानिकपुरी (32) मिलकर ये रैकेट चला रहे थे। इनके अलावा भी और लोग इसमें शामिल हैं। उन्होंने बाकायदा 'लव लाइफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो' के नाम पर कंपनी भी रजिस्टर्ड करवाई थी, जो कि दो सालों से संचालित की जा रही थी। इस मैरिज ब्यूरो में ठगी के संबंध में पिछले दिनों एक अनाम शिकायत मिली थी, जिस पर जांच शुरू की गई तब जाकर ये फर्जीवाड़ा सामने आया। पुलिस के मुताबिक इस मामले में और भी आरोपित हैं जिन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन और मीटिंग के नाम पर बेचते थे महंगे पैकेज पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपितों के कब्जे से सात स्मार्टफोन, 14 नग की-पैड मोबाइल और नौ रजिस्टर बरामद किए गए हैं, जिसमें युवकों की जानकारी और फर्जी प्रोफाइल का ब्यौरा दर्ज है। आरोपित युवतियों के फर्जी फोटो का इस्तेमाल करते थे। इसके रजिस्ट्रेशन, मीटिंग, परिवार से मुलाकात के नाम पर अलग-अलग पैकेज बेचे जाते थे। इनकी कीमत 30 हजार से लेकर 40 हजार तक थी। जब युवक या स्वजन भुगतान कर देते थे, ऐन मुलाकात से पहले बहाने बना दिए जाते थे। जांच में पुलिस को सात अलग-अलग स्मार्टफोन के व्हाट्सएप में ऐसी सैकड़ों चैट्स मिली हैं। इनके बैंक खातों की जांच में पिछले एक साल में 37 लाख 69 हजार के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। हाईटेक तरीके से ऑपरेशन, भांडा फूटा तो बंद की वेबसाइट सीएसपी वैशाली जैन के मुताबिक आरोपित विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कॉर्पोरेट सिम का इस्तेमाल कर रहे थे। कंपनी की एक वेबसाइट भी मौजूद है, जिसे भांडा फूटने के बाद 'अंडर मेंटेनेंस' पर डाल दिया गया है। आरोपित इंटरनेट मीडिया पर मैरिज ब्यूरो का विज्ञापन भी कर रहे थे, जिसके सहारे इनके पास कस्टमर आते रहे। सोशल मीडिया की सार्वजनिक फोटो का हो रहा गलत इस्तेमाल इंटरनेट मीडिया का युग आने के बाद से ही इसमें फोटो सार्वजनिक किए जाने से जुड़े जोखिमों को लेकर बहस होती रही है। इस मामले ने भी इसकी गंभीरता उजागर की है। फर्जी प्रोफाइल तैयार करने के लिए आरोपित इंटरनेट मीडिया से ही युवतियों के फोटो निकालकर उनका इस्तेमाल झांसा देने और ठगी के लिए कर रहे थे। इस घटना से सबक लेने और युवतियों को सोशल मीडिया में फोटो के इस्तेमाल के लिए सतर्क रहने की जरुरत है। एआई (AI) से भी इसका गलत इस्तेमाल संभव है।

इंदौर में नगर निगम और पुलिस करेंगी बेसमेंट पार्किंग खाली, चार जोन में ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन होगा

 इंदौर  शहर की प्रमुख इमारतों की बेसमेंट में पार्किंग के उपयोग की जगह पर व्यावसायिक उपयोग पर अब रोक लगाई जाएगी। नगर निगम बेसमेंट से दुकानों व गोदाम को खाली करवाएगा। बेसमेंट में पार्किंग के अलावा अन्य उपयोग पाए जाने पर भवन को सील किया जाएगा। पुलिस के साथ मिलकर नगर निगम की टीम आगामी दिनों में कार्रवाई शुरू करेगी। यह निर्णय सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि चार जोन में बांटे गए ई-रिक्शाओं के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। वर्तमान में शहर में अभी तक तीन हजार ई-रिक्शाओं के रजिस्ट्रेशन हुए हैं और एक आकलन के मुताबिक फिलहाल शहर में 11 हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं। ऐसे में जो ई-रिक्शा चालक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। ई-रिक्शाओं को कलर कोड से रंगा जाएगा आठ एसीपी जोन के माध्यम से चार सेक्टर में बांटे गए ई-रिक्शाओं को उस क्षेत्र के विशेष कलर कोड से रंगा जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस कार्रवाई भी करेगी। इसके अलावा इंदौर में निर्धारित 16 ब्लैक स्पाट पर आईडीए, एनएचएआई, एमपीआईडीसी और नगर निगम सहित अन्य एजेंसियों सुधार के लिए जल्द से जल्द काम करेगी। शहर के कई रहवासी व व्यावसायिक इलाकों से सड़कों में स्पीड ब्रेकर के लिए मांग के प्रस्ताव समिति के पास पहुंचे हैं। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस उस क्षेत्र का निरीक्षण कर वहां के ट्रैफिक स्थिति का आकलन कर स्पीड ब्रेकर निर्माण के लिए अनुमति देगी। बैठक में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, एसपी ग्रामीण यांगचेन भूटिया, डीसीपी ट्रैफिक राजेश त्रिपाठी, अपर आयुक्त आकाश सिंह, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन, अपर कलेक्टर रोशन राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। बसों के रूट में परिवर्तन किया गया बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और जनहानि को रोकना है। इसके लिए इंजीनियरिंग सुधारों के साथ-साथ सतत मानिटरिंग की जा रही है। संबंधित विभागों को दिए गए निर्देशों के पालन की नियमित समीक्षा भी की जा रही है तथा आवश्यकतानुसार कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया राजवाड़ा क्षेत्र में सिटी बसों के खड़े होने से यातायात बाधित हो रहा था। इसलिए बसों के रूट में परिवर्तन किया गया है, जिससे ट्रैफिक में सुधार देखने को मिला है। हालांकि यात्रियों को हो रही असुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आठ मार्गों पर किया जा रहा सुधार यातायात व्यवस्था सुधार के लिए शहर के आठ प्रमुख मार्गों को चिन्हित किया गया है, जहां अतिक्रमण और अव्यवस्थित संरचना के कारण जाम की स्थिति बनती थी। इन मार्गों पर अतिक्रमण हटाने, लेफ्ट टर्न व्यवस्थित करने तथा विद्युत खंभों एवं डीपी शिफ्टिंग की कार्रवाई जारी है, जिससे यातायात सुगम बनाया जा सके। ट्रैफिक सुधार के लिए दिए गए ये निर्देश     सड़क किनारे खड़े वाहनों पर चालानी कार्रवाई होगी, वाहनों पर लाक लगाया जाएगा।     एयरपोर्ट के सामने बन रहे मेट्रो स्टेशन व बिजासन माता मंदिर के बीच रिक्त भूमि पर एयरपोर्ट टर्मिनल के सामने से सर्विस रोड बनाई जाएगी।     बायपास एवं अन्य प्रमुख मार्गों जहां पर दुर्घटनाएं संभावित रहती हैं उन क्षेत्रों के चिह्नित रहवासियों को सीपीआर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे आवश्यकता पड़ने पर वे पीड़ितों को तुरंत सीपीआर दे सकेंगे।     निर्माणाधीन पुल-पुलियाओं और सड़कों के वैकल्पिक मार्गों की मरम्मत जल्द की जाए।  

3029 एलपीजी सिलेण्डर जब्त और 9 मामलों में एफआईआर की गई दर्ज

भोपाल  प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने के कारण देश और प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। मध्यप्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई में किसी प्रकार की रुकावट नहीं है।  राजपूत ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) से बचें। कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2215 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 3029 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 9 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा 544 पेट्रोल पंपों की जांच भी की गई, जिनमें 2 मामलों में प्रकरण दर्ज कर एफआईआर दर्ज की गई है। जिला आपूर्ति अधिकारियों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को पेट्रोल पंपों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को भी शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता क्रम के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सतत आपूर्ति की जा रही है। उपभोक्ताओं की मांग को देखते हुए गैस बॉटलिंग प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित प्लांट और वितरकों के स्टॉक की निरंतर समीक्षा की जा रही है। पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारु प्रदेश में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की कमी नहीं है और कंपनियों के डिपो से नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। बढ़ती मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के डिपो को भी अधिक समय तक संचालित किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखा जा सके। पीएनजी कनेक्शन विस्तार पर जोर सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) के अंतर्गत प्रदेश में कार्यरत 10 संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग और शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां आवासीय परिसर, स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज, कम्युनिटी किचन और आंगनवाड़ी केंद्रों को आवेदन प्राप्त होने के पांच दिन के भीतर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पीएनजी कनेक्शन की प्रगति की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर, एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी और संबंधित सीजीडी संस्थाओं के अधिकारी समीक्षा करेंगे। 

मच्छरदानी, बिछावन और गैस की लाइन: यूपी के बस्ती में रसोई गैस की भारी किल्लत, महिलाओं और बुजुर्गों की फजीहत

बस्ती उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में गैस की भारी किल्लत ने लोगों को सड़कों पर सोने को मजबूर कर दिया है. सिलेंडर पाने की जद्दोजहद में ग्राहक रात 10 बजे से ही गैस एजेंसी के बाहर मच्छरदानी लगाकर अपना नंबर सुरक्षित कर रहे हैं. प्रशासन की अनदेखी और सप्लाई में कमी के कारण यह अजीबोगरीब वीडियो वायरल हो रहा है. बस्ती जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत स्टेशन रोड पर स्थित रत्नाकर गैस एजेंसी के बाहर ग्राहकों ने गैस किल्लत के कारण डेरा डाल दिया है. लोग सिलेंडर प्राप्त करने हेतु रात 10 बजे से ही कतारों में लगकर अपना नंबर सुरक्षित कर रहे हैं. भीषण किल्लत की वजह से एक युवक ने एजेंसी के सामने ही मच्छरदानी लगा ली ताकि वह रात भर सो सके और सुबह सबसे पहले गैस पा सके. नियमित आपूर्ति न होने के कारण स्थानीय निवासियों, बुजुर्गों और महिलाओं को पूरी रात फुटपाथ पर पहरा देना पड़ रहा है. प्रशासन से त्वरित समाधान की मांग के बीच लोग रात भर जागने को मजबूर हैं. मच्छरदानी लगाकर रात भर पहरा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने गैस वितरण व्यवस्था की पोल खोल दी है. रत्नाकर गैस एजेंसी के सामने लोग बिछावन और मच्छरदानी लेकर पहुंच रहे हैं. गैस सिलेंडर न मिलने के डर से उपभोक्ता घर जाने के बजाय फुटपाथ को ही अपना बसेरा बना चुके हैं. भीषण मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए लोग मच्छरदानी लगाकर वहीं सोने को मजबूर हैं ताकि सुबह एजेंसी खुलते ही उन्हें खाली हाथ न लौटना पड़े. बुजुर्ग और महिलाएं भी बेहाल इस किल्लत की सबसे ज्यादा मार बुजुर्गों और महिलाओं पर पड़ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस की सप्लाई नियमित न होने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है. घंटों लाइन में लगने के बाद भी गैस न मिलने की हताशा अब नाराजगी में बदल रही है. नाराज ग्राहकों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि आमजन को इस अमानवीय स्थिति और असुरक्षित रातों से निजात मिल सके.

जनगणना अपडेट: रायपुर जिले में आज से मैपिंग, 5700 कर्मचारी करेंगे सर्वे

रायपुर. आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार जनगणना कई मायनों में अलग होगी, क्योंकि पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल मॉडल पर आधारित होगी। सभी प्रकार का डेटा मोबाइल एप के माध्यम से जुटाया जाएगा और नागरिकों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। लोगों को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने का विकल्प भी दिया जाएगा। जिले में जनगणना का काम शुरू हुआ। इसके लिए पहले जिले की ऑनलाइन मैपिंग की जाएगी। सभी एरिया को कोर सेक्टरों में बांटा जाएगा। कोर सेक्टरों के अनुसार ही पहले घरों की गणना की जाएगी। 1 मई से इसी लिस्ट को लेकर जनगणना में लगे कर्मचारी लोगों के घरों में जाएंगे। इसके बाद 16 अप्रैल से जनगणना की वेबसाइट se.census.gov.in में ऑनलाइन जानकारी अपलोड कर सकते हैं। जानकारी का सत्यापन कर्मचारी 1 मई से घरों में आकर करेंगे। छत्तीसगढ़ में जनगणना के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग का काम शुरू किया जाएगा। इसके तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम शुरू किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से दो बड़े काम होंगे। छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए 16 अप्रैल से ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप खुलेगा। इसके बाद लोग खुद अपनी और अपने घर की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भर सकेंगे। इसके लिए ओटीपी आधारित वेरिफिकेशन भी होगा। जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में मई महीने से मकान सूचीकरण का काम शुरू होगा। इसमें भवन, उसमें मौजूद मकानों की संख्या और उनका उपयोग- आवासीय या कार्यालय- की जानकारी दर्ज की जाएगी। प्रत्येक 180 से 200 भवनों पर एक प्रगणक नियुक्त किया जाएगा। प्रगणक घरों की संख्या, आवास की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र करेगा। साथ ही सामान्य परिवार, संस्थागत परिवार और बेघर परिवारों की भी गणना की जाएगी। इसी को देखते हुए नगर निगम ने अभी से शहर में मकानों की नंबरिंग शुरू कर दी है। जनगणना से पहले ट्रेनिंग राजधानी में जिन लोगों की ड्यूटी जनगणना करने में लगाई गई है उन्हें प्रशिक्षित करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। कलेक्टोरेट के रेडक्रॉस सभाकक्ष में जनगणना 2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन ने इस मौके पर अफसर-कर्मचारियों से बात भी की। ट्रेनिंग लेने वालों को जनगणना की प्रक्रिया, सर्वेक्षण का तरीका, डेटा संकलन और दायित्वों की जानकारी विस्तार से दी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर मनीष मिश्रा, सभी एसडीएम, निगम के सभी जोन कमिश्नर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सीएमओ सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। इस तरह के सवाल पूछे जाएंगे जनगणना के दौरान लोगों से करीब 33 सवाल पूछे जाएंगे। लोगों को बताना होगा कि उनके मकान की छत, फर्श, दीवार में किस सामग्री से बनी है, रेडियो, टीवी और इंटरनेट जैसी सुविधाएं हैं या नहीं, घर में कितने लोग रहते हैं, कौन-कौन सी गाड़ियों का उपयोग करते हैं, बिजली-पानी की सुविधा है या नहीं, किचन में खाना बनाने के लिए क्या यूज करते हैं, लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल, स्मार्टफोन क्या चलाते हैं इस तरह के सवाल रहेंगे। इसके अलावा घरों में रहने वाले विवाहित जोड़ों के नाम और मोबाइल नंबर भी नोट किए जाएंगे। आम लोगों से ली गई यह जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रहेगी। अफसरों के अनुसार पहली बार डिजिटल गणना की जा रही है। इसलिए जनगणना करने वालों के पास इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी होंगे। घट-बढ़ सकती है प्रगणकों की संख्या – रायपुर जिले में 5700 प्रगणक और सुपरवाइजर की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि इनकी संख्या बढ़ या घट भी सकती है। हालांकि पूरे जिले के लिए 30 चार्ज ऑफिसर जनगणना के लिए नियुक्त होंगे। इस बार जनगणना एप के माध्यम से होगी और इसमें दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह से गोपनीय रहेंगी। इस डाटा का उ‌पयोग केंद्र सरकार अपनी योजनाओं को बनाने के लिए करेगी। इसलिए हर नागरिक अपनी सही जानकारी दें, ताकि देशवासियों के लिए सही योजना बन सके। – मनीष मिश्रा, अपर कलेक्टर, जिला नोडल अधिकारी जनगणना 2027 की तैयारी: निगम ने शुरू किया मकानों की नंबरिंग 2027 में होने वाले जनगणना के लिए राजधानी में निगम ने पहले चरण की प्रक्रिया के लिए तैयारी शुरू कर दी है। जनगणना निदेशालय के निर्देश पर निगम की जोन क्रं. 3 की टीम ने वार्ड क्रं. 30 शंकर नगर क्षेत्र के मकानों की नंबरिंग कार्य शुरू कर दिया है। इसमें मकान के दीवारों पर पेंट से वार्ड और मकान संख्या लिखा जा रहा है, ताकी आगामी मकानों की सूचीकरण कार्य आसानी से किया जा सके। जल्द ही अन्य वार्डों में भी मकान की नंबरिंग का कार्य जोन टीम द्वारा शुरू किया जाएगा।

बाबा विश्वनाथ को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी करेंगे अर्पित सम्राट विक्रमादित्य: शौर्य और न्याय के शाश्वत प्रतीक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय काल-गणना के प्रणेता और न्यायप्रियता के प्रतीक चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य की गाथा अब बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी की गलियों में प्रतिध्वनित होगी। धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी के बी.एल.डब्ल्यू. मैदान में आगामी 3 से 5 अप्रैल, 2026 (विक्रम संवत् 2083, वैशाख कृष्ण पक्ष) तक भारत के स्वाभिमान और विकास की गाथा का भव्य उत्सव मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस त्रि-दिवसीय कार्यक्रम में महानाट्य 'सम्राट विक्रमादित्य' का ऐतिहासिक मंचन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में यह आयोजन भारतीय इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों को जीवंत करेगा। इस गरिमामय समारोह का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में होगा। इस वृहद आयोजन का उद्देश्य देश के गौरवशाली इतिहास, विक्रम संवत् की वैज्ञानिकता और उस युग के अनुपम योगदान से जन-मानस को परिचित कराना है। बाबा विश्वनाथ को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी करेंगे अर्पित प्राचीन भारतीय कालगणना के ऐतिहासिक केंद्र उज्जैन में पिछले वर्ष विश्व की पहली 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' की सफल स्थापना के बाद, अब इसे देश के अन्य ज्योतिर्लिंगों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारतीय काल गणना की समृद्ध विरासत को पुनर्जीवित करने के इस प्रयास अन्तर्गत वाराणसी में सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को यह वैदिक घड़ी समर्पित की जा रही है। इस घड़ी की विशेषता न केवल इसकी पारंपरिक गणना पद्धति है, बल्कि इसका डिजिटल विस्तार भी है। इसके लिए एक विशेष ऐप भी लॉन्च किया गया है जो विश्व की 180 से अधिक भाषाओं में समय और पंचांग की जानकारी उपलब्ध करा रहा है। उज्जैन से शुरू होकर काशी के गलियारों तक पहुँचने वाली यह पहल न केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध कर रही है, बल्कि भारतीय वैज्ञानिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर पुनः स्थापित करने का कार्य भी कर रही है। महानाट्य के सांस्कृतिक गौरव की निरंतर यात्रा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की यात्रा वर्ष 2007 में प्रारंभ हुई थी। सफलता के सोपान चढ़ते हुए इस नाटक का मंचन अब तक उज्जैन, भोपाल, आगरा और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में किया जा चुका है, जहाँ हज़ारों दर्शकों ने इसे सराहा है। अप्रैल 2025 में दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित इसके मंचन को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने भी विशेष रूप से सराहा था। उन्होंने इस प्रस्तुति को सम्राट विक्रमादित्य के वैभव और भारतीय गौरव को जन-जन तक पहुँचाने का एक अनुकरणीय प्रयास बताया। महानाट्य विक्रमादित्य: शौर्य और न्याय का संगम सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य उज्जैनी के महान सम्राट के जीवन, उनके अदम्य साहस और न्यायप्रियता को जीवंत करता है। नाटक के माध्यम से 57 ईसा पूर्व प्रारंभ हुए 'विक्रम संवत्' के ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्त्व को सशक्त संवादों द्वारा प्रस्तुत किया गया है। दर्शकों को इसमें जहाँ 'सिंहासन बत्तीसी' और 'बेताल पच्चीसी' के रोचक प्रसंग देखने को मिलेंगे, वहीं भविष्य पुराण के गंभीर संदर्भों से भी परिचय होगा। महानाट्य प्रस्तुति का एक मार्मिक पक्ष विदेशी आक्रांताओं द्वारा भारतीय ज्ञान, विज्ञान और सांस्कृतिक धरोहर को पहुँचाई गई क्षति को भी दर्शाना है। इसके साथ ही सम्राट विक्रमादित्य के दरबार के 'नवरत्नों'—महाकवि कालिदास और महान खगोलशास्त्री वराहमिहिर—की विद्वता को भी बड़े प्रभावशाली ढंग से मंच पर उतारा गया है। अत्याधुनिक तकनीक और भव्यता का मेल सम्राट विक्रमादित्य आधारित महानाट्य की लगभग 1 घंटे 45 मिनट की इस भव्य प्रस्तुति में कला और तकनीक का अद्भुत समन्वय देखने को मिलेगा। मंच पर 175 से अधिक कलाकार और सहयोगी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। नाटक को सजीव बनाने के लिए मंच पर रथ, अश्व (घोड़े), पालकी और ऊँटों का प्रयोग किया जाएगा। तीन अलग-अलग मंचों और अत्याधुनिक ग्राफिक्स व स्पेशल इफेक्ट्स से अलौकिक दृश्य प्रस्तुत किये जाएंगे। विविध प्रदर्शनियाँ और सामाजिक संकल्प महानाट्य के साथ-साथ आयोजन स्थल पर विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रदर्शनियाँ भी लगाई जा रही हैं। इनमें सम्राट विक्रमादित्य व अयोध्या, भारतीय ऋषि-वैज्ञानिक परंपरा पर केंद्रित 'आर्ष भारत', शिव पुराण, चौरासी महादेव,  हनुमान और मध्यप्रदेश के पवित्र स्थानों की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव मात्र नहीं है, बल्कि 'स्वच्छ और समृद्ध मध्यप्रदेश' के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जनसंपर्क विभाग मध्यप्रदेश इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का आह्वान करता है, ताकि हम अपनी जड़ों से जुड़कर एक उज्ज्वल भविष्य की नींव रख सकें। महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य: एक गौरवशाली प्रस्तुति उज्जैन की पावन धरा और न्यायप्रिय राजा विक्रमादित्य के स्वर्णिम इतिहास को जीवंत करने के लिए 'महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य' का मंचन एक ऐतिहासिक पहल है। इस भव्य नाटक की परिकल्पना मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई है, जो भारतीय संस्कृति और विरासत के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को दर्शाती है। इस कालजयी कृति का लेखन पद्म डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित ने किया है, जिनकी लेखनी ने इतिहास के पन्नों को सजीव कर दिया है। नाटक का कुशल निर्देशन संजीव मालवीय द्वारा किया गया है, जबकि प्रस्तुति संयोजक के रूप में राजेश सिंह कुशवाहा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस गौरवशाली कलाकृति की प्रस्तुति ' विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति, उज्जैन' द्वारा की जा रही है। यह महानाट्य मनोरंजन के साथ नई पीढ़ी को सम्राट विक्रमादित्य के साहस, न्याय और सुशासन के आदर्शों से परिचित कराने का एक सशक्त माध्यम भी है। ऐसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हमारी गौरवशाली विरासत को अक्षुण्ण रखने में सहायक सिद्ध होती हैं। ऐतिहासिक नाटक 'सम्राट विक्रमादित्य' का मुख्य आकर्षण: दिग्गज कलाकारों का सशक्त अभिनय सम्राट विक्रमादित्य के अदम्य साहस, त्याग और उनके नवरत्नों की विद्वता अब रंगमंच पर अपने अभिनव से रंग बिखेरने को तैयार है। ऐतिहासिक नाटक 'सम्राट विक्रमादित्य' का मुख्य आकर्षण दिग्गज कलाकारों का अभिनय है।नाटक के केंद्रीय पात्र सम्राट विक्रमादित्य की गरिमामयी भूमिका में विक्रम सिंह चौहान और डॉ. राहत पटेल नज़र आएंगे। वहीं, उनके बचपन के संघर्षों को कृष्णा राठौर (बाल विक्रमादित्य) जीवंत करेंगे। कथा को सूत्र में पिरोने का कार्य प्रख्यात सूत्रधार दुर्गेश बाली करेंगे। राजा गर्दभिल्ल की चुनौतीपूर्ण भूमिका में चेतन शाह और शंकर राव साठे अपने अभियान का प्रदर्शन करेंगे। महारानी वीरमति के रूप में रेणुका देशपांडे और भर्तृहरि के किरदार में सूरज चौधरी दर्शकों को उस कालखंड … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ के राजापारा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान राजापारा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री  साय उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति, रायगढ़ द्वारा आयोजित ‘उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन’ में शामिल होने के क्रम में मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने उत्कल समाज द्वारा निर्मित प्रभु जगन्नाथ मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर झारसुगुड़ा विधायक  टंकाधर त्रिपाठी, विधायक  पुरंदर मिश्रा, महापौर  जीवर्धन चौहान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं उत्कल समाज के प्रमुखजन उपस्थित थे।