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जमीन की कीमतों में भारी उछाल, कहीं 70 तो कहीं 100 प्रतिशत बढ़े दाम, आम आदमी की जेब ढीली

अंबाला नारायणगढ़ में विभिन्न गांवों में कृषि, आवासीय और व्यावसायिक भूमि की कीमतों में औसतन 10 से 25 प्रतिशत तक का इजाफा किया है। अकबरपुर गांव में कृषि (चाही) भूमि की सामान्य दर 31,62,500 रुपये प्रति एकड़ से बढ़कर 35,00,000 रुपये कर दी गई है। वहीं, अहमदपुर में चाही भूमि का रेट 48.40 लाख से बढ़ाकर 55 लाख रुपये प्रति एकड़ हो गया है। डेरा इलाके में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखने को मिली है। यहां चाही भूमि का रेट 30.25 लाख से सीधे 38 लाख रुपये प्रति एकड़ पहुंच गया है, जो लगभग 25.6 प्रतिशत की वृद्धि है। शहर और उससे सटे इलाकों में घर बनाना अब जेब पर भारी पड़ेगा। गनोली में आवासीय भूमि के रेट में करीब 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो 3,630 रुपये से बढ़कर 4,500 रुपये प्रति वर्ग गज हो गई है। व्यावसायिक संपत्तियों के मामले में भी गनोली में भारी उछाल आया है, जहां रेट 9,680 रुपये से बढ़कर 12,000 रुपये प्रति वर्ग गज हो गया है। साहा में कृषि भूमि पर बंपर बढ़ोतरी साहा तहसील के विभिन्न गांवों में जमीन की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिल रही है। नई दरों में कृषि योग्य भूमि से लेकर आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों में बढ़ोतरी की गई है। विशेष रूप से तेपला और नगला जैसे गांवों में कृषि भूमि के दाम दोगुने तक हो गए हैं। कैंट से सटे तेपला में कृषि भूमि के वर्ष 2025 में जो रेट 43,68,000 रुपये प्रति एकड़ थे। इसे बढ़ाकर 2026 के लिए 87,36,000 रुपये कर दिया गया है। नगला गांव में कृषि भूमि के रेट 34,32,000 रुपये से बढ़कर 68,64,000 रुपये प्रति एकड़ पर पहुंच गया है। साथ ही, यहां आवासीय संपत्तियों में भी 70 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार दिनारपुर, खानपुर, छपरा में 70 प्रतिशत रेट बढ़ाए हैं। अकबरपुर में 10, केसरी में 30, घसीटपुर और चुड़ियाला में कृषि भूमि पर 30 प्रतिशत रेट बढ़ाए हैं। बराड़ा में प्रॉपर्टी खरीदना महंगा बराड़ा में कृषि भूमि से लेकर रिहायशी और कमर्शियल संपत्तियों के दामों में 5 से 12 प्रतिशत तक का इजाफा किया गया है। अंबाला-जगाधरी रोड पर सड़क के दोनों तरफ 200 मीटर तक की जमीन का रेट 80 लाख रुपये प्रति एकड़ तय किया गया है। दोसड़का से बराड़ा मार्ग पर 150 मीटर की गहराई तक जमीन का भाव 75 लाख रुपये प्रति एकड़ होगा। बराड़ा से अधोया चौक पर भी सड़क किनारे की जमीन 75 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से रजिस्टर्ड होगी। तहसील के गांवों में लिंक रोड के किनारे 100 मीटर तक की भूमि का रेट 45 लाख रुपये प्रति एकड़ रेट किए गए हैं। बराड़ा शहर में कृषि भूमि पर 6 प्रतिशत, रिहायशी पर 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। उगाला में कामर्शियल पर 10 प्रतिशत प्रति वर्ग गज बढ़ोतरी रहेगी। मुलाना में 10 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी मुलाना में कृषि, आवासीय और व्यावसायिक जमीनों की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। मुलाना के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में इजाफा हुआ है। मुलाना में सामान्य आवासीय संपत्ति की दर जो वर्तमान में 4392.3 रुपये प्रति वर्ग गज है, उसे बढ़ाकर 4900 रुपये कर दिया है। खेतीबाड़ी वाली जमीनों के रेट में भी वृद्धि है। मुलाना में कृषि (सिंचित) भूमि का रेट 33.45 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़कर अब 36.81 लाख रुपये हो गए हैं। वहीं बरानी भूमि की दरें भी 18.63 लाख रुपये से बढ़ाकर 20.50 लाख रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गई है।  

जमीनी स्तर पर तैयार होंगे भविष्य के चैंपियन, अंबाला की खेल नर्सरियों में चयनित खिलाड़ियों ने संभाला मोर्चा

अंबाला  नए सत्र 2026 के तहत बुधवार से जिले में 26 खेल नर्सरियां विधिवत रूप से शुरू होने जा रही हैं। दो दिनों तक चले ट्रायलों के बाद चयनित हुए 650 खिलाड़ी अब खेल के मैदानों में पसीना बहाएंगे व कोचों की देखरेख में प्रतिभा को निखारेंगे। नए सत्र की इन नर्सरियों के लिए हाल ही में दो दिवसीय ट्रायल आयोजित किए गए थे। मंगलवार को जिले में वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल, ताइक्वांडो और वुशू जैसे खेलों के ट्रायलों में युवा खिलाड़ियों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। प्रत्येक खेल नर्सरी में 25-25 खिलाड़ी हर एक खेल नर्सरी के लिए 25-25 बेहतरीन खिलाड़ियों का चुनाव किया गया है जिससे जिलाभर में 650 खिलाड़ियों की पौध तैयार की जाएगी। जिला खेल अधिकारी राम स्वरूप ने बताया कि खेल विभाग के पास इस सत्र के लिए 111 आवेदन आए थे जिनमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र शामिल थे। खेल नर्सरियों का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। इन नर्सरियों में खिलाड़ियों को डाइट मनी और किट के साथ-साथ आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।

नई रेट लिस्ट जारी: महंगी शराब हुई सस्ती, बियर के बढ़े दाम से झटका

रायपुर. छत्तीसगढ़ में शराब के शौकीनों के लिए बड़ी खबर है। राज्य के आबकारी विभाग ने नई रेट लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें हाई रेंज विदेशी शराब की कीमतों में राहत दी गई है, वहीं बियर और कुछ अन्य ब्रांड्स के दाम बढ़ाए गए हैं। नई दरों के अनुसार, महंगी विदेशी शराब (इम्पोर्टेड/प्रीमियम ब्रांड्स) की कीमतों में 1000 रुपए तक की कमी की गई है। इससे प्रीमियम सेगमेंट के ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार के इस फैसले को शराब बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और उपभोक्ताओं को राहत देने के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर, बियर और कुछ मिड-रेंज ब्रांड्स की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे आम उपभोक्ताओं पर थोड़ा अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। सबसे अहम बात यह है कि देशी शराब (देशी मदिरा) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले साल की तरह ही इस साल भी देशी शराब पुराने रेट पर ही उपलब्ध रहेगी। आबकारी विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद नई दरें पूरे राज्य में लागू हो गई हैं। माना जा रहा है कि इस बदलाव का असर शराब की बिक्री और राजस्व दोनों पर देखने को मिलेगा।                   शराब के नए और पुराने रेट ब्रांड    पुराना रेट (₹)    नया रेट (₹) आइकॉन प्रीमियम व्हिस्की (750ML)    440    480 गोवा स्पेशल (180ML)    110    120 ऑफिसर्स चॉइस प्रेस्टिज (750ML)    580    640 मैकडॉवेल्स नं. 1 (750ML)    700    760 रॉयल स्टैग (750ML)    780    840 ब्लेंडर्स प्राइड (750ML)    1150    1240 जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल (750ML)    3800    4110                  बीयर ब्रांड    पुराना रेट (₹)    नया रेट (₹) किंगफिशर स्ट्रॉन्ग (650ML)    180    200 बडवाइजर मैग्नम (650ML)    220    240 हेवर्ड्स 5000 (650ML)    190    210 कोरोना (330ML)    160    180                 वाइन और रेडी टू ड्रिंक ब्रांड    पुराना रेट (₹)    नया रेट (₹) सुला ब्रूट (750ML)    1200    1320 बकार्डी ब्रीजर (275ML)    100    120

पंजाब में मौसम का मिजाज बदला, गर्मी के बाद हुई जोरदार बारिश; आज का मौसम पूर्वानुमान

लुधियाना  पंजाब में मौसम के तेवर मंगलवार को सुबह से दोपहर तीन बजे तक गर्म रहे। दिन में तीखी धूप रही। जिससे कई जिलों में दिन का तापमान 34 से 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, लेकिन दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद से पंजाब में मौसम बदल गया। धूप की जगह बादलों की दस्तक हुई और फिर कई जिलों में बादल जमकर बरसे।जबकि कई जिलों में तेज हवाओं के बीच रात तक बादल छाएं रहे। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, फाजिल्का में 2.0 मिलीमीटर, फिरोजपुर में 8.0 मिलीमीटर वर्षा, बठिंडा में 0.5 मिलीमीटर, पठानकोट में 5.5 मिलीमीटर दर्ज की गई। जबकि अन्य जिलों में दोपहर बाद से रात तक बादल छा गए। जिससे गर्मी से राहत मिली। विभाग के अनुसार, पटियाला में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस, रूपनगर में 34.0 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना में 33.6 डिग्री सेल्सियस, फिरोजपुर में 33.2डिग्री सेल्सियस, फाजिल्का में 33.1 डिग्री सेल्सियस, चंडीगढ़ में 33.1 डिग्री सेल्सियस, फरीदकोट में 33.5 डिग्री सेल्सियस, मोहाली में 32.6 डिग्री सेल्सियस, पठानकोट में 32.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार व वीरवार केा मौसम साफ रहेगा। जबकि तीन व चार अप्रैल को कई जगहों पर बादल छाए रह सकते हैं और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। इसके बाद पांच से छह अप्रैल को मौसम साफ रहेगा। तीखी धूप से गर्मी बढ़ेगी।

बधाई के अधिकार को लेकर दादरी और नारनौल के मंगलामुखी गुटों में विवाद, तीन लोग हुए घायल

महेंद्रगढ़ हरियाणा में महेंद्रगढ़ के हट्टा बाजार में बधाई मांगने को लेकर किन्नर समुदाय के दो गुट आमने-सामने आ गए. कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें तीन लोग घायल हुए. इस दौरान गाड़ियों में तोड़फोड़ भी कर दी गई. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है. हरियाणा में महेंद्रगढ़ शहर के 11 हट्टा बाजार में दादरी और नारनौल के मंगलामुखी किन्नर गुटों में हिंसक झड़प हो गई. इस विवाद में दादरी से आए 3 किन्नरों को चोटें आई हैं. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. लोगों का कहना है कि दादरी से मंगलामुखी किन्नर महेंद्रगढ़ शहर पहुंचे थे. इसकी खबर नारनौल के मंगलामुखी किन्नर समाज को मिली. इसके बाद नारनौल के किन्नर भी मौके पर आ गए. दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई. झड़प के दौरान दादरी नंबर की एक गाड़ी और नारनौल नंबर की दूसरी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया. बाद में दोनों पक्ष शहर पुलिस थाने पहुंचे. शहरवासियों का कहना है कि दोनों गुटों के बीच यह विवाद क्षेत्र में बधाई के अधिकार को लेकर है. दादरी क्षेत्र से एक नया गुट महेंद्रगढ़ में सक्रिय हो गया है और इलाके पर अपना अधिकार जता रहा है, जिसका स्थानीय गुट विरोध कर रहा है. लोगों ने लगाए जबरन वसूली के आरोप शहरवासियों का कहना है कि कुछ किन्नर समूह अब लोगों से जबरदस्ती पैसे वसूल रहे हैं, जिससे आमजन में असंतोष बढ़ रहा है. उनका कहना है कि पहले किन्नर परंपरागत रूप से मांगलिक अवसरों पर आशीर्वाद देते थे और स्वेच्छा से मिलने वाली भेंट से अपना जीवन यापन करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है. इस मामले को लेकर शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने संयुक्त रूप से प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में दादरी से आए गुट की गतिविधियों पर रोक लगाने तथा जबरन वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है. संगठनों ने प्रशासन से शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन को राहत दिलाने की अपील की है.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए फरीदाबाद के यात्रियों को अभी करना होगा इंतजार, एक साल में तैयार होगा नया रास्ता

फरीदाबाद फरीदाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए फिलहाल यात्रियों को लंबा और समय लेने वाला सफर तय करना पड़ रहा है. ग्रीन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी भले ही 35 मिनट में सिमट जाएगी, लेकिन अभी इसके पूरा होने में करीब एक साल बाकी है. ग्रीन एक्सप्रेसवे पूरा होने के बाद आसान होगा रास्ता नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण शुरू हो चुका है, लेकिन फरीदाबाद के लोगों के लिए वहां तक पहुंचना अभी भी आसान नहीं है. बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सेक्टर-65 से एयरपोर्ट तक ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण जारी है, जिसे पूरा होने में अभी करीब एक साल का समय लगेगा. करीब 31 किलोमीटर लंबे इस ग्रीन एक्सप्रेसवे का 24 किमी हिस्सा फरीदाबाद और 7 किमी हिस्सा ग्रेटर नोएडा में आता है. जून 2023 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि 30 प्रतिशत हिस्सा अभी बाकी है. शुरुआत में इसकी लागत 1600 करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन हरियाणा सरकार की आपत्ति के बाद 11 किमी हिस्से को एलिवेटेड बनाने का फैसला लिया गया. दरअसल, एक्सप्रेसवे के कारण नए सेक्टर दो हिस्सों में बंटने का खतरा था, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया. इसके बाद परियोजना की लागत बढ़कर 3200 करोड़ रुपये हो गई. फिलहाल फरीदाबाद से एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए तीन मुख्य रास्ते हैं. पहला, यमुना पर बने पुराने पुल का रास्ता, जहां गांवों की संकरी गलियों से गुजरते हुए करीब 40 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है और लगभग 2 घंटे लगते हैं. दूसरा रास्ता कालिंदी कुंज के जरिए है, जहां दूरी करीब 85 किमी हो जाती है और कैब का किराया 1250 से 1400 रुपये तक आता है. तीसरा विकल्प पलवल का है, जहां करीब 70 किमी की दूरी तय करने में लगभग 2 घंटे लगते हैं और कैब का किराया करीब 1300 रुपये है. अभी तक हरियाणा रोडवेज की ओर से फरीदाबाद से एयरपोर्ट के लिए कोई सीधी बस सेवा शुरू नहीं की गई है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि फरीदाबाद से अलीगढ़ के लिए कुछ बसें संचालित होती हैं. ग्रीन एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद फरीदाबाद से एयरपोर्ट की दूरी महज 35 मिनट में तय की जा सकेगी. तब तक के लिए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा फरीदाबाद के यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प बना हुआ है, जहां करीब 42 किमी की दूरी डेढ़ घंटे में पूरी की जा सकती है.

चंडीगढ़ में 257 क्लर्क और स्टेनो पदों पर सरकारी भर्ती, करिए आवेदन अब

चंडीगढ़ चंडीगढ़ प्रशासन में रेगुलर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। प्रशासन की ओर से सबसे पहले 234 क्लर्क और 23 स्टेनो टाइपिस्ट की भर्ती को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। 6 अप्रैल से इन रेगुलर पदों पर भारती को लेकर योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से इन पदों पर 4 से 6 महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। चंडीगढ़ प्रशासन में सेंट्रल सर्विस रूल्स लागू होने के बाद पहली बार इतने पदों पर क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट की रेगुलर भर्ती होने जा रही है। युवाओं के लिए चंडीगढ़ में नौकरी का यह सुनहरा अवसर होगा। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया गया है। इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के एक से डेढ़ महीने के भीतर लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल उम्मीदवारों का टाइपिंग टेस्ट और स्टेनो टेस्ट आयोजित किया जाएगा। जानकारी अनुसार पूरी भर्ती प्रक्रिया को किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराया जाएगा। चंडीगढ़ के चीफ सेक्रेटरी हा राजेश प्रसाद की ओर से पर्सनल विभाग को रिक्त पदों पर जल्द से जल्द भर्ती करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस समय चंडीगढ़ प्रशासन में क्लार्क और स्टेनो टाइपिस्ट के कुल 1100 के करीब पद मंजूर है जिसमें से 500 से 600 पद अभी खाली है। अधिकतर पदों पर कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स से ही कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। जानकारी अनुसार इन पदों पर आवेदन के लिए चंडीगढ़ के साथ ही देश के अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। भर्ती संबंधित सभी तरह की जानकारी प्रशासन की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी। इन पदों पर नियुक्ति कॉमन कैडर रिक्रूटमेंट रूल्स 2026 के तहत की जाएगी। प्रशासन की ओर से बीते करीब 2 वर्षों से भर्ती प्रक्रिया को लेकर रिक्रूटमेंट रूल्स तैयार किया जा रहे थे। केंद्र सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने अब रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। उच्च अधिकारी अनुसार चंडीगढ़ पुलिस और शिक्षा विभाग में भी आने वाले समय में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। 2026 में चंडीगढ़ प्रशासन में 2000 के करीब विभिन्न विभागों में रेगुलर कर्मचारियों की भर्ती करने का टारगेट रखा गया है। सभी 234 क्लर्क और 23 स्टेनो टाइपिस्ट पदों की भर्ती ग्रुप सी के तहत की जाएगी। नियुक्ति होने पर प्रारंभिक वेतन कर्मचारियों को 50000 के करीब मिलेगा। आठवां वेतनमान लागू होने के बाद वेतन में और बढ़ोतरी होगी। देशभर के युवाओं में चंडीगढ़ प्रशासन में नौकरी को लेकर सबसे अधिक क्रेज रहता है।

समर वेकेशन में नई जिम्मेदारी: शिक्षकों को सौंपी गई जनगणना ड्यूटी

बिलासपुर. शिक्षा के मंदिर से निकलकर अब शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण के सबसे बड़े अभियान यानी ‘जनगणना’ के मैदान में उतरने जा रहे हैं. भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच, जब स्कूल बंद रहेंगे, तब प्रदेश के हजारों सहायक शिक्षक और शिक्षक घर-घर जाकर डेटा जुटाने का काम करेंगे. शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों की सूची तहसीलदारों को सौंप दी है, जिसके बाद अब ड्यूटी और ट्रेनिंग का चार्ट तैयार हो गया है. शिक्षक 1 मई से जनगणना के कार्य में लग जाएंगे. आगामी जनगणना को लेकर शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है. इस बार सहायक शिक्षकों और शिक्षकों को प्रगणक के रूप में तैनात करने की तैयारी पूरी हो चुकी है. शिक्षा विभाग ने अपने अंतर्गत आने वाले सभी सहायक शिक्षकों और शिक्षकों का डेटा संकलित कर तहसील कार्यालयों को भेज दिया है. अब तहसीलदार और स्थानीय प्रशासन इन सूचियों के आधार पर शिक्षकों की ड्यूटी अलग- अलग वार्डों और ग्राम पंचायतों में तय करेंगे. जनगणना का कार्य तकनीकी और संवेदनशील होता है, इसलिए इसे चरणों में पूरा किया जा रहा है. मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग शुरू हो गई है. जो अप्रैल माह में जनगणना का कार्य करने वाले शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे. इसमें उन्हें मोबाइल ऐप और रजिस्टर में डेटा एंट्री के तरीके सिखाए जाएंगे. शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में एक मई से लगेगी. उसी दिन अवकाश से स्कूलों में ग्रीष्मकालीन शुरू होती है. उस दौरान शिक्षकों को भीषण गर्मी में आबंटित इलाके में घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों की जानकारी इक्कठा करनी होगी. जहां एक ओर छात्र गर्मियों की छुट्टियों का आनंद लेंगे, वहीं शिक्षक 1 मई से हाथ में मोबाइल और रजिस्टर लेकर प्रगणना के काम में जुट जाएंगे. इस बार की जनगणना कागज पेन तक सीमित नहीं है. शिक्षकों को विशेष मोबाइल ऐप की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे डेटा सीधा सर्वर पर अपलोड होगा.

गैस कंपनी का बड़ा फैसला: अब बिना कार्ड भी मिल सकेगा LPG सिलेंडर, लाखों को फायदा

बिलासपुर. एफटीएल, प्रवासी, श्रमिकों और विद्यार्थियों को गैस कंपनी ने बड़ी राहत देते हुए बिना कार्ड 5 किलो गैस सिलेंडर 564 रुपए में उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू की है. इस व्यवस्था का उद्देश्य इन वर्गों को ईंधन संकट से बचाना और सुचारू गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना है. शहर में गैस आपूर्ति को लेकर सामने आ रही दिक्कतों के बीच शुक्रवार को प्रशासन और गैस कंपनियों ने एक अहम कदम उठाया है. अब एफटीएल, प्रवासी, श्रमिकों और विद्यार्थियों को बिना कार्ड भी सस्ती दर पर गैस उपलब्ध कराई जाएगी. इस नई व्यवस्था के तहत 5 किलो का गैस 112 रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाएगा. सोमवार को कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में गैस वितरकों और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में यह निर्णय लिया गया कि इन वर्गों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े. खासतौर पर छात्र और माइग्रेट उपभोक्ता यानी जो अस्थायी तौर पर रहता है उसको इसका लाभ मिलेगा ऐसे अवसर यानी देश भर में गैस की किल्लत की बात चल रही है. तो वे दस्तावेजों के अभाव में गैस सुविधा से वंचित रह जाते हैं, उन्हें इस पहल से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. इसके लिए गैस कम्पनी ने संबंधित या निकट के गैस एजेंसी में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर गैस पा सकेंगे. कालाबाजारी और किल्लत से मुक्ति प्रशासन ने गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस योजना का लाभ पात्र उपभोक्ताओं तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी प्रकार की कालाबाजारी या अतिरिक्त वसूली न हो. अधिकारियों ने कहा इस पहल को आम लोगों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है. इससे न केवल गैस की किल्लत कम होगी, बल्कि जरूरतमंद उपभोक्ताओं को आसानी से ईंधन उपलब्ध हो सकेगा. छोटा सिलेंडर, बड़ा झटका गैस उपभोक्ताओं को राहत के नाम पर 5 किलो सिलेंडर की उपलब्धता तो आसान हुई है, लेकिन कीमत के मामले में यह सबसे महंगा साबित हो रहा है. जानकारी के अनुसार 14 किलो घरेलू गैस करीब 71 रुपये प्रति किलो और 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर 111 रुपए प्रति किलो के आसपास मिल रहा है, जबकि 5 किलो सिलेंडर की दर इससे अधिक पड़ रही है. ऐसे में सुविधा के साथ महंगाई की मार भी झेलनी पड़ेगी.

डॉ. मोहन यादव ने बच्चों पर की पुष्प वर्षा, हजारों बच्चों का हुआ प्रदेश के स्कूलों में प्रवेश

भोपाल मध्यप्रदेश के बच्चों के लिए 1 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। एक तरफ उन्हें नि:शुल्क साइकिल मिली, तो दूसरी ओर वे स्कूल जाने के लिए भी प्रेरित हुए। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 'स्कूल चलें हम' राज्य स्तरीय प्रवशोत्सव कार्यक्रम-2026 का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल का वितरण भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत में सीएम डॉ. यादव ने बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान बच्चों ने उनके साथ सेल्फी भी ली।   गौरतलब है कि सीएम डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उसके बाद उन्होंने बच्चों पर पुष्प वर्षा की। उन्होंने दोबारा स्कूल जाने का निर्णय लेने वाले बच्चों को किताबें भेंट कीं और उनके माता-पिता का अभिनंदन किया। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन अद्भुत है। एक साथ हजारों बच्चे स्कूल में प्रवेश कर रहे हैं। जिनका स्कूल दूर है उन्हें साइकिल मिल रही है। आज समय बदल रहा है। कांग्रेस के शासनकाल में संभव नहीं था कि साइकिल मिल जाए। आप भाग्यशाली हैं कि आपको किताबें मिल रही हैं, साइकिल मिल रही है, यूनिफॉर्म के लिए राशि मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है, देश बदल रहा है। हमारी सरकार भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है।   नामांकन में बढ़ोत्तरी पर गर्व-मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार और शिक्षा विभाग ने माता-पिता का दिल जीता है। आज ड्रॉप आउट जीरो हो गया है। यह बहुत बड़ी बात है। आज हम गर्व से कह सकते हैं कि नामांकन में 19.6 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह छोटी बात नहीं। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों में बच्चों की प्रगति 32.4 फीसदी से हुई है। सरकारी स्कूलों पर भरोसा बढ़ रहा है। सांदीपनि स्कूलों और पीएम श्री स्कूलों में बच्चों के लिए सारी सुविधाएं मौजूद हैं। बच्चे सांदीपनि स्कूलों में पढ़ने के लिए प्राइवेट स्कूल तक छोड़ रहे हैं। इन स्कूलों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सारी सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत किताबों को स्थानीय भाषाओं में आदिवासी क्षेत्रों में वितरित की जा रही हैं। हर बच्चा स्कूल जाने के लिए उत्साहित-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज हर बच्चा स्कूल जाने के लिए उत्साहित है। अनुसूचित जनजाति के लिए 95 हजार क्षमता वाले 1 हजार 913 छात्रावासों का संचालन हो रहा है। अनुसूचित कार्य विभाग के 25 हजार से ज्यादा विद्यालयों में 20 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। हमारी सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। आज हमने 1-6-9वीं क्लास में एडमिशन की प्रक्रिया आसान की है। हमारी सरकार ने करीब एक लाख प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए। हमने इसके लिए बजट में इस बार ढाई सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जो बच्चे स्कूलों में टॉप कर रहे हैं, उन्हें स्कूली दी जा रही है। 55 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म दिया जा चुका है। 76 हजार से ज्यादा शिक्षकों को नियुक्ति दी है। मेरी शुभकामना है कि हमारे बच्चे हर क्षेत्र में जाएं और नाम रोशन करें।  आज हमारे लिए उत्सव का दिन-स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा आज का दिन स्कूली शिक्षा विभाग के लिए दीपावली का दिन है। आज प्रदेश के बच्चे स्कूलों में प्रवेश कर रहे हैं। हमारा इनरॉलमेंट बढ़ रहा है। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि आज हमने एक करोड़ बच्चों को इनरॉल किया है। हमारा पूरा विभाग ड्रॉप आउट को रोकने का प्रयास कर रहा है। हमारी सरकार बच्चों की बेहतरी के लिए काम कर रही है। हम किताबों को निशुल्क देने में सफल हुए हैं। सरकार का प्रयास है कि विकासखंड स्तर पर बुक फेयर लगाए जाएं, जहां शासकीय के साथ निजी स्कूलों के बच्चों को भी पाठ्यपुस्तक निगम की सस्ती किताबों का लाभ मिल सके। मैं बच्चों को स्कूल प्रवेशोत्सव की शुभकामनाएं देता हूं। हम बच्चों का भविष्य सुनहरा बनाने के लिए संकल्पित हैं। जनजातीय कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। शासकीय स्कूलों में बच्चों को मध्यान भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, साइकिलें, स्कूटी, लैपटॉप तक वितरित किए जा रहे हैं।