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महापौर पर समस्याओं की अनदेखी का आरोप, कांग्रेस ने 7 दिन में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी

मुरैना  शहर के वार्ड क्रमांक 24, 28 और 29 में गंदे पानी की निकासी और लगातार जलभराव की समस्या को लेकर रविवार को कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गजेंद्र जाटव ने मौके पर नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे को बुलाकर वार्डवासियों की समस्या से अवगत कराया। वार्डवासियों ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से जलभराव और गंदे पानी की निकासी की समस्या बनी हुई है। इसको लेकर कई बार महापौर शारदा सोलंकी से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। नागरिकों का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें निगम आयुक्त से संपर्क करने की बात कही गई। मौके पर पहुंचे निगम आयुक्त ने वार्डवासियों की समस्याएं सुनीं और निराकरण के लिए सात दिन का समय मांगा। आयुक्त के आश्वासन के बाद कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो शहर जिला कांग्रेस कमेटी आंदोलन करेगी। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजेंद्र जाटव ने कहा कि वार्डों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। यदि सात दिन में समस्या का स्थायी निराकरण नहीं किया गया तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर आंदोलन करेगी। इस दौरान पूर्व शहर जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा, संगठन महासचिव कुलदीप यादव, सेवादल अध्यक्ष प्रदीप रजक, ब्लॉक अध्यक्ष दक्षिण आसिफ कुरैशी, वार्ड 29 के पार्षद बलवीर दोनेरिया, पूर्व पार्षद नरेश यादव, पूर्व पार्षद नरेश कारखुर, अरुण प्रताप सिंह कुशवाह, ब्रजेश पिरोंजी, मदन मोहन कुलश्रेष्ठ, आकाश घनघोरिया, हमीद खां, ओमप्रकाश खस, शिव सिंह खटीक सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

रायपुर में दिल दहला देने वाली घटना, पति पर पत्नी और दो बच्चों की हत्या का आरोप

रायपुर. रायपुर में शनिवार देर रात ट्रिपल मर्डर की घटना सामने आई है। पति ने अपनी पत्नी और 2 नाबालिग बच्चों की धारदार चाकू से हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने खुद पर भी चाकू से वार कर लिया, जिससे वह घायल हो गया। आरोपी को इलाज के लिए मेकाहारा में भर्ती कराया गया है। मामला माना थाना क्षेत्र के डूमरतराई का है। आरोपी की पहचान भुनेश्वर साहू (34) के रूप में हुई है। वह जिला बालोद का रहने वाला है और डूमरतराई के साहू पारा में किराए के मकान में रहता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पत्नी के कैरेक्टर पर शक के चलते उसने हत्या की है। पत्नी और दोनों बच्चों की हत्या के बाद खुद पर किया वार जानकारी के मुताबिक, आरोपी भुनेश्वर साहू ने रात 1:30 बजे विवाद के बाद पहले पत्नी खिलेश्वरी साहू पर हमला किया। इसके बाद उसने दोनों बच्चों आशीष साहू (10) और ज्ञान साहू (8) पर हमला किया। तीनों की मौत के बाद उसने खुद पर भी चाकू से वार किए। पड़ोसियों को घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने पुलिस को सूचित किया। माना पुलिस रात में ही मौके पर पहुंची तो दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। महिला की हालत बेहद गंभीर थी। वहीं पति भी घायल हालत में पड़ा हुआ था। पत्नी को अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सब्जी मंडी में काम करते थे पति-पत्नी पुलिस ने बताया का परिवार करीब 2 साल पहले किराए के मकान में रहने आया था। पति और पत्नी सब्जी मंडी में काम करते थे। 2 महीने पहले पति ने काम छोड़ दिया था। पड़ोसियों के मुताबिक चरित्र शंका को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। शनिवार रात भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। अंबेडकर अस्पताल में आरोपी का इलाज जारी पुलिस ने घायल आरोपी को इलाज के लिए अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया है। उसका इलाज जारी है। जबकि पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मेकाहारा भेज दिया है और घटनास्थल को सील कर दिया गया है। फिलहाल, पुलिस घटना के कारणों और वारदात से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

केंद्रीय मंत्री बोले – उत्तर प्रदेश की सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास आज उसकी नई पहचान बन चुके हैं: पीयूष गोयल

ग्रेटर नोएडा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई यात्रा तय की है। आज प्रदेश की सकारात्मक सोच, उद्यमियों का आत्मविश्वास और विकास के प्रति प्रतिबद्धता उसकी नई पहचान बन चुके हैं। उत्तर प्रदेश के विकास की गूंज अब देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। यूपीआईटीएस के तीसरे दिन आयोजित स्पेशल बिजनेस सेशन लीवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पीयूष गोयल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर शुरू हुआ यह आयोजन आने वाले वर्षों में और बड़ा तथा प्रभावी होता जाएगा। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को पूरी दुनिया एक उदाहरण के रूप में देखेगी। प्रदेश में निर्मित एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट, बड़े औद्योगिक पार्क तथा डिफेंस, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में हो रहा निवेश बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत करता है। उत्तर प्रदेश के स्थानीय ब्रांड और उत्पाद दुनिया के बाजारों में पहचान बना रहे पीयूष गोयल ने कहा कि नोएडा के निकट तेजी से विकसित हो रही रोबोटिक्स फैक्ट्री इस बात का उदाहरण है कि उत्तर प्रदेश अब आधुनिक और उभरते हुए क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। प्रदेश के विकास की अगली कड़ी अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निर्यात, विदेशी निवेश और पर्यटन से जुड़ रही है। उत्तर प्रदेश के स्थानीय ब्रांड और उत्पाद दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के निर्यात को वर्ष 2030 तक पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य प्रदेश के बढ़ते आत्मविश्वास और आर्थिक क्षमता को दर्शाता है। केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से प्रदेश को विकास के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े लोगों का आह्वान किया कि वे इन अवसरों को पहचानें और पूरी ऊर्जा के साथ उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाएं। 2017 से पहले के माहौल का किया उल्लेख केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2017 के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और कारोबारी माहौल को लेकर लोगों में चिंता थी। उद्यमियों में पर्याप्त विश्वास नहीं था और प्रदेश में नए बड़े उद्योग लगाने को लेकर उत्साह का अभाव था। देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से भी उत्तर प्रदेश की ओर निवेश के लिए देखने की स्थिति नहीं थी, जबकि अंतरराष्ट्रीय निवेश की कल्पना और भी दूर की बात थी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के कारण आम लोगों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग जगत में भी निराशा का माहौल था। बड़े पैमाने पर पलायन की चर्चा होती थी और उत्तर प्रदेश को पिछड़े राज्यों की श्रेणी में देखा जाता था। ऐसे वातावरण में रोबोटिक्स, डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश की कल्पना करना कठिन था। युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के सुझावों को संकलित कर संकल्प पत्र तैयार किया पीयूष गोयल ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र तैयार करने की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों से सुझाव लिए थे। युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों ने अपनी आकांक्षाएं और अपेक्षाएं सामने रखीं। इन सुझावों को संकलित कर संकल्प पत्र तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि उस समय सामने आई जन-आकांक्षाएं बहुत व्यापक थीं और उन्हें पूरा करने के लिए बड़ी वित्तीय आवश्यकता थी। उत्तर प्रदेश का बजट सीमित था और वित्तीय संसाधनों पर दबाव था। सरकारी कर्मचारियों के वेतन सहित नियमित दायित्वों के बाद विकास कार्यों के लिए सीमित संसाधन बचते थे। इसके बावजूद जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए हर वर्ष बड़ी अतिरिक्त राशि की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया था। ईमानदार और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा राजस्व पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास के साथ-साथ राजस्व संग्रह के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार की नीतियों और बेहतर प्रशासन के कारण विभिन्न स्रोतों से प्राप्त राजस्व में कई गुना वृद्धि हुई है और इसका उपयोग प्रदेश के विकास कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने आबकारी राजस्व का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2016-17 की तुलना में वर्तमान समय में प्रदेश के आबकारी राजस्व में लगभग पांच गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के विभिन्न राजस्व स्रोतों में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि भूमि वही है, लेकिन भूमि हस्तांतरण, रजिस्ट्रेशन फीस और स्टांप ड्यूटी से प्राप्त राजस्व में बड़ा बदलाव आया है। खनन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2016-17 में बालू, मौरंग, पत्थर और अन्य खनिजों से प्रदेश का खनन राजस्व लगभग 1,548 करोड़ रुपये था। आज इस क्षेत्र से प्राप्त राजस्व में कई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह में यह बदलाव सरकार की बेहतर व्यवस्था और संसाधनों के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राजस्व में वृद्धि का असर प्रदेश की विकास यात्रा में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बेहतर राजस्व संग्रह के कारण सरकार के पास सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास और अन्य विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हुए हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि जहां पहले प्रदेश को वित्तीय दबाव और राजस्व घाटे का सामना करना पड़ता था, वहीं आज उत्तर प्रदेश सरकार सरप्लस बजट प्रस्तुत करने की स्थिति में है। यह वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों पर अनावश्यक कर्ज का बोझ कम रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। यूपीआईटीएस ग्लोबल मार्केट एक्सेस की दिशा में बड़ा कदम केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल एक ट्रेड फेयर नहीं, बल्कि प्रदेश के व्यापार और उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को दुनिया के बाजारों तक पहुंच बनाने और भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का लाभ उठाने के नए … Read more

हजारों शिक्षकों का भोपाल में प्रदर्शन, नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना शुरू

भोपाल. मध्य प्रदेश के शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश ने आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाने के लिए प्रदेश भर के करीब हजार की संख्या में शिक्षक भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। मोर्चे का कहना है कि मांगों के ठोस निराकरण तक संघर्ष जारी रहेगा। मोर्चा संयोजक एवं राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन के प्रतिनिधियों से कई बार चर्चा और संवाद हो चुका है, लेकिन अभी तक ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में संयुक्त मोर्चा अब चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। TET की अनिवार्यता समाप्त की जाए लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की जा रही है। मोर्चे की मांग है कि मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित किया जाए तथा केंद्र सरकार को भेजा जाए। प्रथम नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना हो शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि एवं वरिष्ठता की गणना की जाए, ताकि ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, पेंशन सहित अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में वास्तविक सेवा अवधि का लाभ मिल सके। ई-अटेंडेंस व्यवस्था स्वैच्छिक की जाए मोर्चे ने शिक्षकों के लिए लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक करने की मांग की है। मोर्चे का कहना है कि शिक्षकों के विभागीय एवं अन्य शासकीय दायित्वों को देखते हुए व्यवस्था में व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही हैं। शिक्षकों की आवाज अब भोपाल से उठेगी- जगदीश यादव जगदीश यादव ने कहा कि संयुक्त मोर्चा शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहा है। प्रदेश के विभिन्न संभागों से शिक्षक आंदोलन में शामिल होंगे तथा आगामी कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें मजबूती से पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक वर्षों से अपनी सेवा संबंधी मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ज्ञापन, संवाद और चर्चा के बाद भी ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाना शिक्षकों की मजबूरी है। संयुक्त मोर्चा के सभी पदाधिकारी एकजुट आंदोलन को सफल बनाने के लिए मोर्चा के संयोजक श्री राकेश दुबे, मनोहर दुबे, परमानंद डेहरिया, राकेश नायक, डी.के. सिंगौर, राकेश पटेल सहित समस्त शिक्षक संगठन के पदाधिकारी प्रदेशभर के शिक्षकों से आंदोलन में सक्रिय सहभागिता की अपील कर रहे हैं। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि 27 सितंबर से भोपाल में शुरू होने वाला अनिश्चितकालीन धरना शिक्षकों की तीनों मांगों के समाधान के लिए सामूहिक संघर्ष का मंच होगा। मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा। शिक्षक पीछे नहीं हटेंगे।

दिल्ली SIR की डेडलाइन बढ़ी, 4 दिसंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

नई दिल्ली  दिल्ली में चल रही एसआईआर के लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) द्वारा जारी ड्राफ्ट पर आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा एक माह के लिए बढ़ा दी गई है मतदाता एसआईआर पर अपने दावे और आपत्तियां 30 अक्टूबर तक दर्ज करा सकते हैं। जबकि 30 नंवबर तक ड्राफ्ट एसआईआर में आए नोटिस का निस्तारण किया जाएगा। जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को जारी करने की तारीख तय की गई है। जबकि पहले यह तारीख चार नवंबर थी। नागरिक उपरोक्त समयावधि में ड्राफ्ट सूची में नाम न होने पर फार्म 6 भर सकते हैं। साथ ही पता या आवास बदलने पर फार्म आठ भर सकते हैं। पोलिंग बूथों पर लगेंगे विशेष शिविर वहीं, सीईओ कार्यालय रविवार यानि 27 सितंबर को को एसआईआर के तहत दिल्ली भर के 14,947 पोलिंग बूथों पर विशेष शिविर लगाएगा। इन शिविरों का उद्देश्य उन पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना है, जिनका नाम अभी तक सूची में दर्ज नहीं हो पाया है। आयोग के अनुसार, दिल्ली में अब तक फार्म- 6 के करीब सवा तीन लाख आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। फार्म- 6 नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। नाम दर्ज कराने की अपील आयोग ने पात्र नागरिकों से विशेष शिविरों का लाभ उठाकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की अपील की है। शिविरों में मतदाता नाम जुड़वाने के साथ ही एसआईआर से संबंधित अन्य प्रक्रियाओं और दस्तावेजों को लेकर भी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। आयोग के मुताबिक, जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में छूट गए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म- 6 जमा कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर के दौरान प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जाएंगे। सीईओ ने 29 और 30 सितंबर को दिल्ली भर के कालेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में 18-25 वर्ष की आयु के युवा मतदाताओं के लिए विशेष शिविरों की भी घोषणा की है। SIR में गलती है तो ऐसे कराएं सुधार एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम की स्पेलिंग, उम्र, जन्मतिथि या पता गलत है या मतदाता को शिफ्टेड दिखाया गया है, तो दावा अवधि में सुधार कराया जा सकता है। दिल्ली के सीईओ कार्यालय के अनुसार, मौजूदा मतदाता के विवरण में सुधार और पता बदलने के लिए फार्म-8 तथा ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने पर नाम जुड़वाने के लिए फार्म- 6 भरना होगा। ऑफलाइन तरीका संबंधित बीएलओ, ईआरओ, एईआरओ से फार्म-6 या फार्म-8 लें। सही जानकारी भरकर दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रति लगाएं और बीएलओ या चुनाव कार्यालय में जमा करें। जमा करने की रसीद जरूर लें। ऑनलाइन तरीका voters.eci.gov.in पर जाएं – लॉगिन कर रजिस्ट्रेशन करें। संबंधित फार्म चुनें, विवरण भरें, दस्तावेज अपलोड करें, आवेदन जमा करें। आवेदन का रेफरेंस नंबर सुरक्षित रखें, इसी से स्थिति जांची जा सकती है। ऑनलाइन नोटिस कैसे जांचें सबसे पहले वोटर सर्विस पोर्टल पर जाएं। विकल्प चुनें, होमपेज या मेनू सेक्शन में ''Submit Document Against Notice Issued'' या ''List of persons to whom notices have been issued'' वाले विकल्प पर क्लिक करें। इसमें जिले का नाम डालें। अपने इलाके का नाम चुनें। पोलिंग स्टेशन चुनें। इसके बाद आपके पोलिंग स्टेशन की लिस्ट खुल जाएगी।  

आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बड़ी खबर, हरियाणा में 2337 छात्र होंगे चयनित

करनाल सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बड़ी खबर है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही राष्ट्रीय साधन-सह-पात्रता छात्रवृत्ति योजना के तहत हरियाणा में इस बार 2337 छात्रों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक चार साल तक प्रति माह 1000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। जो सीधा चयनित विद्यार्थी के खाते में जाएगी। एससीईआरटी गुरुग्राम की ओर से जारी पत्र अनुसार इस परीक्षा के लिए आनलाइन आवेदन 25 सितंबर 2026 से शुरू होंगे और अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। परीक्षा का आयोजन 29 नवंबर 2026 को किया जाएगा। कौन कर सकता आवेदन? इस परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थी का हरियाणा के किसी सरकारी या अनुदान प्राप्त विद्यालय में कक्षा आठवीं में पढ़ना अनिवार्य है। साथ ही उसने सातवीं कक्षा भी सरकारी या अनुदान प्राप्त स्कूल से ही पास की हो। परीक्षार्थी के माता-पिता की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय 3 लाख 50 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। विद्यार्थी का नाम और जन्मतिथि आधार कार्ड के अनुसार तथा आरक्षित श्रेणी का प्रमाण पत्र स्कूल रिकार्ड के अनुसार होना जरूरी है। आरक्षण और जिला-वार कोटा इस परीक्षा में जिला स्तर पर मेरिट के अनुसार कोटे के हिसाब से चयन होगा। इसमें बीसी-ए वर्ग को 16 प्रतिशत, बीसी-बी को 11 प्रतिशत, एससी को 20 प्रतिशत और दिव्यांग वर्ग को 3 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। शेष सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं। जिला-वार कोटे में यमुनानगर सबसे आगे है, जहां 271 छात्रों का चयन होगा। इसमें 136 सामान्य, 43 बीसी-ए, 30 बीसी-बी, 20 एससी के साथ अन्य वर्ग शामिल हैं। इसके बाद हिसार में 170, गुरुग्राम में 134, कैथल व कुरुक्षेत्र में 132-132 और करनाल में 127 का कोटा है। वहीं, सबसे कम कोटा फरीदाबाद में 32, पंचकूला में 54 और चरखी दादरी में 58 है। अंबाला में 104, भिवानी में 100, फतेहाबाद में 106, रोहतक में 100, सोनीपत में 105 और सिरसा में 107 छात्रों का चयन किया जाएगा। कुल 2337 में से 1167 सामान्य, 373 बीसी-ए, 260 बीसी-बी, 360 एससी, 467 पीएच और 70 दिव्यांग कोटे में चयनित होंगे। इच्छुक विद्यार्थी आनलाइन करें आवेदन डीएमएस सुमित मान ने बताया कि इच्छुक छात्र हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट बीएसईएच.ओआरजी.इन तथा एससीईआरटी की वेबसाइट एससीईआरटीएचएआरवाईएएनए.जीओवी.आइएन पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आरक्षित वर्ग के छात्रों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र की छायाप्रति भी अपलोड करनी होगी। विस्तृत जानकारी विवरण पुस्तिका में उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0124-4066243 पर संपर्क किया जा सकता है।

श्रमिकों के लिए बड़ी योजना, 125 दिन रोजगार के साथ बेरोजगारी भत्ता और मुआवजे का प्रावधान

 रांची  विकसित भारत जीरामजी योजना से रोजगार की गारंटी के साथ ही काम नहीं मिलने पर मुआवजे का भी प्रविधान किया गया है। आवेदन देने के बाद ऐसे श्रमिकों को पांच किमी के दायरे में ही काम देना होगा और इससे अधिक दूरी पर काम मिलने की स्थित में दस प्रतिशत अधिक मानदेय मिलेगा। केंद्र प्रायोजित इस योजना के तहत श्रमिकों को मुआवजा देने का भी प्रविधान है। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि कृषि कार्यों के वक्त लोगों को रोजगार नहीं मिलेगा ताकि कृषि क्षेत्र में श्रमिकों की कमी नहीं हो। फसल बुआई के दौरान अन्य योजनाओं के लिए श्रमिकों को रोजगार देने पर पाबंदी प्रभावी होगी। साल में कुल 60 दिनों की पाबंदी प्रभावी होगी। झारखंड में वीबी जीरामजी योजना की अधिसूचना के साथ ही यह योजना प्रभावी हो गई है। योजना के तहत अभी काम मिलना मुश्किल है। इसके पीछे का कारण यह है कि अभी धान बुआई का समय चल रहा है और केंद्र प्रायोजित इस योजना में कृषि मौसम के दौरान श्रमि योजनाओं पर पाबंदी रहेगी। हां, जिन इलाकों में कृषि कार्य नहीं हो रहे होंगे वहां श्रमिकों को रोजगार मिल सकता है। राज्य सरकार तय करेगी कब-कब बंद रहेगा काम इस योजना के तहत राज्यों को यह छूट दी गई है कि वह कृषि कार्यों के लिए कृषि मौसम में काम बंद करा सके। राज्य सरकार चाहे तो एक बार में 60 दिनों के लिए काम रोक सकती है अथवा 15-15 दिनों के लिए चार बार काम बंद करना होगा। इस प्रकार 60 दिन के लिए इस योजना के तहत काम बंद ही रहेगा। इसका निर्धारण होने के बाद अधिसूचना जारी होगी। विशेष श्रमिकों के लिए अलग रंग का होगा कार्ड वीबी जीरामजी योजना एकल महिला, दिव्यांग, 60 वर्ष से अधिक के व्यक्ति एवं बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए लोगों को विशेष रंग का ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड दिया जाएगा। इसका रंग और योजना का लोगो अभी फाइनल नहीं हुआ है। इसके फाइनल होने में अभी कम से कम 15 दिन और लगेंगे। श्रमिकों के लिए बनेगा स्मार्ट कार्ड वीबी जीरामजी योजना के तहत श्रमिकों के लिए स्मार्ट कार्ड बनाया जाएगा ताकि मजदूरों के काम करने को लेकर वास्तविक जानकारी मिल सके। स्मार्ट कार्ड में लगे चिप से इस योजना के तहत गड़बड़ियों पर नियंत्रण पाने में सफलता मिलेगी। योजना की मुख्य विशेषताएं परिवार के प्रत्येक वयस्क सदस्य को 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार मिलेगा। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर किया जाएगा और कार्य पूरा होने की तिथि से अधिकतम 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। यदि 15 दिनों के भीतर काम नहीं मिलता है, तो आवेदक बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। मजदूरी में देरी होने पर 16वें दिन से 0.05% प्रतिदिन की दर से मुआवजा दिया जाएगा। यह एक केंद्र प्रायोजित योजना होगी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में वित्त पोषण करेंगे।  

अमरोहा के मसालों की महक, अयोध्या की हर्बल चाय और कन्नौज के इत्र की खुशबू खींच रही लोगों का ध्यान

लखनऊ  आगरा की जरी-जरदोजी, अमरोहा के मसाले, अयोध्या की हर्बल चाय, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, कन्नौज का इत्र, गोरखपुर की टेराकोटा ज्वेलरी और बनारस के कालीन…। उत्तर प्रदेश के गांवों और कस्बों में महिलाओं के हाथों तैयार हो रहे उत्पाद अब स्थानीय हाट-बाजार की सीमा से निकलकर बड़े बाजार की ओर बढ़ रहे हैं। ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के 75 जिलों से पहुंची स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों ने अपने हुनर से उत्तर प्रदेश की ऐसी ही तस्वीर सामने रखी है। यहां सिर्फ उत्पाद नहीं बिक रहे, बल्कि हर स्टॉल के साथ किसी गांव, किसी परंपरागत कला और उसे रोजगार में बदलने वाली महिला की कहानी भी जुड़ी है। आगरा की रहनुमा जरी-जरदोजी लेकर पहुंची हैं तो अमरोहा की कौशल्या गौतम के पिसे मसाले अपनी महक बिखेर रहे हैं। अयोध्या की रेणु सिंह की हर्बल चाय और लेमन ग्रास के उत्पाद हैं तो आजमगढ़ की रीता प्रजापति ब्लैक पॉटरी को बड़े बाजार के सामने लेकर आई हैं। कन्नौज की तारावती के पास इत्र है, जबकि वाराणसी की सीता देवी कालीन, फुटमैट और रनर के जरिए बनारस के हुनर की नुमाइंदगी कर रही हैं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए यह भागीदारी महज प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है। यहां उन्हें अपने उत्पाद बेचने के साथ ग्राहक की पसंद समझने, पैकेजिंग और प्रस्तुति देखने तथा बड़े बाजार में अपने उत्पाद की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिल रहा है। हर जिले के साथ एक अलग हुनर प्रदेश के एक छोर से दूसरे छोर तक बदलते ही उत्पाद भी बदल रहे हैं। कहीं परंपरागत शिल्प बाजार में जगह बना रहा है तो कहीं गांव की महिलाओं ने रोजमर्रा की जरूरत के उत्पादों को अपने उद्यम का आधार बनाया है। गोरखपुर की सरोज पाल टेराकोटा ज्वेलरी लेकर आई हैं तो सहारनपुर की सुधा सैनी लकड़ी के हस्तशिल्प और खिलौनों के साथ ट्रेड शो में पहुंची हैं। प्रयागराज की तब्बसुम मकसूद मूंज से टोकरी, डलिया और सजावटी सामान तैयार कर रही हैं। प्रतापगढ़ की प्रज्ञा जायसवाल आंवला-मुरब्बा और आम का अचार लेकर आई हैं। महोबा की रानी के स्टॉल पर पीतल की मूर्तियां और दूसरे शिल्प उत्पाद हैं। सिद्धार्थनगर की सरोज देवी ने केले के रेशे को उद्यम में बदलकर बनाना फाइबर उत्पाद तैयार किए हैं। सोनभद्र की मधुबाला हर्बल साबुन, शहद, फिनाइल और जूट बैग के साथ पहुंची हैं, जबकि खीरी की शफीका जूते, चप्पल और बेल्ट जैसे उत्पाद लेकर आई हैं। चित्रकूट की प्रिया सिंह के लकड़ी के खिलौने, बुलंदशहर की शाहजहां की खुर्जा पॉटरी, कन्नौज की तारावती का इत्र, मथुरा की रेखा के टेराकोटा और मिट्टी के उत्पाद तथा ललितपुर की लीला देवी के गोमय उत्पाद इस विविधता को और विस्तार देते हैं। जूट से जरी, मूंज से बनाना फाइबर तक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि ट्रेड शो में महिला समूहों की उद्यमशीलता का दायरा केवल पारंपरिक हस्तशिल्प तक सीमित नहीं है। यहां जूट बैग और जरी साड़ी से लेकर चिकनकारी, हैंडलूम, कालीन, लकड़ी के खिलौने, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, शहद, मसाले, अचार-मुरब्बा, हर्बल उत्पाद और घरेलू उपयोग के सामान तक मौजूद हैं। चंदौली की अंजू जरी-जरदोजी सिल्क, बनारसी साड़ी, सूट और दुपट्टे लेकर आई हैं। बाराबंकी की शशि माला चिकनकारी और आर्टिफिशियल आभूषण, रायबरेली की रूबी बानो हैंड ब्लॉक प्रिंट के सूट, साड़ी और दुपट्टे तथा मऊ की माधुरी देवी सिल्क साड़ी प्रदर्शित कर रही हैं। दूसरी तरफ बलिया की रंजना देवी फिनाइल, टॉयलेट क्लीनर, डिशवॉश और हैंडवॉश लेकर आई हैं। जौनपुर की सुषमा सिंह भी क्लीनिंग उत्पादों के साथ मौजूद हैं। मुजफ्फरनगर की दीपिका साबुन, सर्फ और हर्बल तेल तथा कौशाम्बी की शिमला देवी कुशवाहा अचार और देसी घी के साथ क्लीनर व हैंडवॉश जैसे उत्पाद लेकर पहुंची हैं। इस विविधता में गांव की परंपरा भी है और बदलते बाजार के साथ कदम मिलाता ग्रामीण उद्यम भी। बिक्री से आगे, बाजार समझने का मौका : अरुण कुमार स्वयं सहायता समूहों के लिए किसी उत्पाद को तैयार करना कारोबार की पहली सीढ़ी है। उसके बाद सबसे बड़ी चुनौती ग्राहक और बाजार तक पहुंचने की होती है। इंटरनेशनल ट्रेड शो इस दूरी को कम करने का माध्यम बन रहा है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के मुताबिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए उत्पाद तैयार करना ही पूरी प्रक्रिया नहीं है, उन्हें बाजार तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इंटरनेशनल ट्रेड शो में अलग-अलग जिलों के उत्पादों को एक मंच पर रखने से महिला उद्यमियों की खरीदारों और ग्राहकों तक पहुंच बढ़ रही है। बड़े आयोजन में सीधे ग्राहकों के बीच पहुंचने से महिला उद्यमियों को यह देखने-समझने का अवसर भी मिल रहा है कि बाजार किस तरह के उत्पाद पसंद कर रहा है, पैकेजिंग और प्रस्तुति में क्या बदलाव किए जा सकते हैं और स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार के अनुरूप किस तरह आगे बढ़ाया जा सकता है। यही वह कड़ी है जो गांव में तैयार उत्पाद को स्थानीय बाजार से प्रदेश, देश और आगे बड़े बाजार की ओर ले जा सकती है। प्रदेश के 75 जिलों से महिला उद्यमियों की मौजूदगी इस आयोजन को महज 75 स्टॉल की कतार से आगे ले जाती है। इनके जरिए गांवों में तैयार हो रहा हुनर, स्थानीय शिल्प, खानपान और महिलाओं की उद्यमशीलता एक ही मंच पर बड़े बाजार के सामने आई है। बॉक्स : यूपी के चार कोनों का हुनर पश्चिमी यूपी : बागपत की दरी और हैंडलूम चादर, बुलंदशहर की खुर्जा पॉटरी, सहारनपुर का लकड़ी हस्तशिल्प, मेरठ का नेचुरल फूड। अवध : अयोध्या की हर्बल चाय और लेमन ग्रास उत्पाद, लखनऊ का हैंडलूम, बाराबंकी की चिकनकारी और आर्टिफिशियल आभूषण। पूर्वांचल : आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, गोरखपुर की टेराकोटा ज्वेलरी, वाराणसी का कालीन और मऊ की सिल्क साड़ी। बुंदेलखंड : चित्रकूट के लकड़ी के खिलौने, महोबा की पीतल मूर्तियां और झांसी का हस्तनिर्मित सजावटी सामान।

सरकारी स्कूलों में बदलेगी पढ़ाई की तस्वीर, अगले साल से कंप्यूटर शिक्षा होगी जरूरी

पटना बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों में अगले वर्ष से कम्प्यूटर की शिक्षा अनिवार्य होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को दानापुर स्थित एक स्कूल में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को पढ़ाई की अत्याधुनिक सुविधाएं देकर हम उन्हें निजी विद्यालयों के समकक्ष बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने दानापुर के बाटागंज स्थित राजकीय मध्य विद्यालय रामजीचक में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। शिक्षा विभाग को अगले वर्ष से सभी सरकारी विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा को अनिवार्य बनाने की दिशा में आवश्यक योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए दो-तीन स्कूलों पर एक इंस्ट्रक्टर की व्यवस्था होगी, ताकि विद्यार्थियों को कम्प्यूटर की शिक्षा नियमित रूप से मिल सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर ढंग से तैयार हो सकें। सुविधाओं पर मांगा सुझाव मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों अभिभावकों से स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था या सुविधाओं में सुधार के संबंध में सुझाव मांगा। सीएम ने कहा कि उनके सुझावों से न केवल संबंधित विद्यालय बल्कि पूरे राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मौके पर अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों को पेरेंट्स ऑफ द मंथ के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मेरे सपनों का भारत-सेवा चित्र अभियान’ के अंतर्गत आयोजित सेवा चित्र प्रतियोगिता का अवलोकन किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए विकसित भारत-2047, सोलर एनर्जी, मेट्रो ट्रेन, रोबोट एवं सपनों का भारत आदि विषयों पर आधारित चित्रों के संबंध में जानकारी ली तथा उनकी कल्पनाशीलता की सराहना की। मुख्यमंत्री ने मन लगाकर पढ़ाई करने, नियमित रूप से स्कूल आने और 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने की सलाह भी दी। पढ़ाई पर नजर रखें : मंत्री शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अभिभावकों से कहा कि सिर्फ बच्चों को स्कूल भेज देने से आपकी ड्यूटी खत्म नहीं हो जाती। बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में अभिभावकों की नियमित भागीदारी जरूरी है। अभिभावक बच्चों की पढ़ाई पर नजर रखें, उनसे संवाद करें और उनकी समस्याओं को समझें।

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी का दावा- यौन उत्पीड़न की खबरें अफवाह, बदनाम करने की साजिश

जालंधर. पंजाब के फगवाडा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के गर्ल्स हॉस्टल जीएच3 के पास एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आने के बाद से छात्रों का गुस्सा सातंवे आसमान पर है। रात को परिसर में छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया औलवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी र सुबह फिर से चंडीगढ़-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया है। इसके वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। इसी बीच (LPU) ने इन सभी बातों का खंडन किया है। दुष्कर्म की सूचना पर भड़के छात्रों ने की तोड़फोड़-आगजनीम जालंधर की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के कैंपस में शनिवार देर रात छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के मुताबिक गर्ल्स हॉस्टल में दुष्कर्म का एक मैसेज वायरल हुआ था इसके बाद बवाल मचा। छात्रों में भारी गुस्सा देखा गया। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा कीं। इन पोस्ट के अनुसार, यह गुस्सा गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े एक गंभीर मामले को लेकर बढ़ रहा था। विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने तोड़फोड़ और आगजनी भी की। छात्रों के हंगामे के कारण अमृतसर दिल्ली हाईवे जाम हो गया। माैके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को शांत करवाया। अज्ञात पर दुष्कर्म का केस इसके बाद छात्रों की शिकायत पर जी 3 हाॅस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोप में अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं मामले में सात सदस्यीय एसआईटी का भी गठन किया गया है। इसमें विद्यार्थी और यूनिवर्सिटी प्रशासन के लोग होंगे। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने कहा कि छात्रों की कुछ मांगें हैं। अभी यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक चल रही है। हॉस्टल और आम मुद्दों को लेकर मांगें हैं, उन पर चर्चा हो रही है। हमने एफआईआर दर्ज कर ली है और एसआईटी बना दी है। हम उनके प्रतिनिधियों के साथ मिलकर जांच करेंगे, जिसमें साइंटिफिक जांच भी शामिल होगी, और अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो हम उसे जरूर पकड़ेंगे। हमारी टीम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, और अगर कोई सुराग मिलता है, तो हम जरूर कार्रवाई करेंगे। लवली यूनिवर्सिटी घटनाक्रम पर मैनेजमेंट आई सामने पूरे मामले पर मैनेजमेंट का कहना है कि दुष्कर्म जैसी कोई घटना नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर यूनिवर्सिटी को बदनाम करने के लिए गलत जानकारी फैलाई गई है। वह सभी तरह का सहयोग करने को तैयार है। पुलिस को या छात्रों को, किसी को भी सीसीटीवी फुटेज या अन्य डॉक्यूमेंट चाहिए, हम प्रोवाइड करवाने को तैयार हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। अब छात्र क्या निर्णय लेते हैं, यह तो छात्रों पर ही निर्भर करता है। वह तो चाहेंगे कि सब कुछ सामान्य हो जाए। यूनिवर्सिटी के वीसी ने कहा कि मामले की पूरी जांच की जाएगी।