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MP में मौसम का बदलाव, आज से 4 दिन तक आंधी और बारिश, कई इलाकों में ओले गिरने का अनुमान

भोपाल  मध्य प्रदेश में रविवार से मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में अगले चार दिन तक आंधी-बारिश का दौर बने रहने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते यह बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 30 और 31 मार्च को इसका असर सबसे ज्यादा रहेगा, जब कई हिस्सों में तेज गतिविधि दर्ज की जाएगी। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इस दौरान ओले गिरने की भी संभावना है।शनिवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय रहे मौसम सिस्टम अब आगे बढ़ रहे हैं, जिससे रविवार से इसका प्रभाव व्यापक होगा। आने वाले 24 घंटे में ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।   IMD (मौसम केंद्र) के अनुसार, 30 और 31 मार्च को सिस्टम की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इस दौरान ग्वालियर और चंबल संभाग में ओले भी गिर सकते हैं। शनिवार को एमपी के पूर्वी हिस्से में दोनों सिस्टम सक्रिय रहे, जो रविवार को आगे बढ़ेंगे। इस वजह से बारिश का दौर शुरू होगा। अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश का अलर्ट है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 मार्च से सिस्टम का असर ज्यादा रहेगा। ग्वालियर, भिंड और दतिया में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर, रीवा संभाग के अधिकांश हिस्से में आंधी, बारिश और गरज-चमक वाला मौसम रहेगा। 31 मार्च को भी ऐसा ही अलर्ट है। 1 अप्रैल को सिस्टम कमजोर होने लगेगा। हालांकि, प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में बारिश होने का अनुमान है। दिनभर बादल छाए रहे शनिवार को मध्य प्रदेश में दिनभर बादल छाए रहे। मौसम विभाग का कहना है कि 30 मार्च से सिस्टम ज्यादा असर दिखाएगा। ग्वालियर, भिंड और दतिया में ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का असर रहेगा। 31 मार्च को भी हालात ऐसे ही बने रहेंगे। 1 अप्रैल से सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा, लेकिन इसके बावजूद 20 से ज्यादा जिलों में हल्की बारिश होने के संकेत हैं। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा एमपी में मौसम आंधी-बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट दर्ज होगी, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। फिलहाल अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बना हुआ है। नर्मदापुरम सबसे गर्म बना हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट का अनुमान जताया है। इससे पहले शनिवार को भी कई शहरों में तापमान में कमी दर्ज की गई। नर्मदापुरम में 1.5 डिग्री गिरावट के साथ पारा 38.5 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं खंडवा में भी इतना ही तापमान रहा। रतलाम में 38.2 डिग्री, खरगोन में 38 डिग्री, बैतूल में 37.7 डिग्री, नरसिंहपुर और खजुराहो में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, धार और सिवनी में 37.2 डिग्री तथा श्योपुर और सागर में 37 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री, भोपाल में 36.2 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, ग्वालियर में 35.3 डिग्री और उज्जैन में 36.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मार्च में चौथी बार बदला मौसम प्रदेश में मार्च के दौरान मौसम बार-बार बदल रहा है। महीने की शुरुआत में तेज गर्मी रही, जबकि दूसरे पखवाड़े में बारिश और आंधी का दौर शुरू हो गया। एक दौर तो लगातार चार दिन तक चला, जिसमें 45 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई और 17 जिलों में ओले गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद 26-27 मार्च को फिर मौसम बदला। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश दर्ज की गई। अब रविवार, 29 मार्च से मौसम चौथी बार बदलने जा रहा है। अप्रैल-मई में पड़ेगी भीषण गर्मी मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अप्रैल और मई में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ेगी। 

योगी सरकार ने प्राप्त की एक और बड़ी सफलता, स्कॉच अवार्ड से हुई सम्मानित

योगी सरकार ने हासिल की एक और बड़ी उपलब्धि, फिर मिला प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड सिंचाई विभाग की ओर से महाकुम्भ-25 के दौरान गंगा चैनलाइजेशन और जल प्रबंधन में नवाचार को मिला अवार्ड  वैज्ञानिक प्रबंधन से करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सुगम हुआ था अमृत स्नान, ‘संगम नोज’ और विस्तृत सर्कुलेशन एरिया से सुरक्षा और व्यवस्था को मिला था नया आयाम लखनऊ योगी सरकार ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योगी सरकार ने जल संसाधन प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी साख को और मजबूत किया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को नई दिल्ली में आयोजित 106वें स्कॉच शिखर सम्मेलन (स्कॉच समिट) में प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। विभाग को यह सम्मान दो प्रमुख कार्यों महाकुम्भ-25 के दौरान गंगा की धाराओं के सफल चैनलाइजेशन और जल प्रबंधन में नवाचार के लिए प्रदान किया गया है। प्रतिष्ठित पुरस्कार सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह ने प्राप्त किया। महाकुम्भ-25 के दौरान किया गया गंगा की धाराओं का चैनलाइजेशन सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप महाकुम्भ- 25 में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को अमृत स्नान कराने के लिए गंगा की धाराओं के चैनलाइजेशन के निर्देश दिए गये थे। उन्होंने बताया कि गंगा की धाराओं का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे सिंचाई विभाग ने सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसने प्रदेश की कार्यकुशलता और बड़े आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की क्षमता का भी प्रदर्शन किया।  उन्होंने बताया कि गंगा नदी की तीन धाराओं को सफलतापूर्वक एक धारा में विलीन करना एक बड़ी तकनीकी और प्रशासनिक उपलब्धि रही। इसके साथ ही संगम क्षेत्र में ‘संगम नोज’ और विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया का निर्माण किया गया, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाया जा सका। यह कार्य न केवल भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इससे सुरक्षा और सुव्यवस्था के मानकों को भी नया आयाम मिला। रामपुर स्थित भाखड़ा वियर (डैम) पर स्थापित ऑटोमैटिक गेट के लिए भी मिली सराहना  मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह ने बताया कि रामपुर स्थित भाखड़ा वियर (डैम) पर ऑटोमैटिक गेट की स्थापना को भी विशेष सराहना मिली है। इस अत्याधुनिक व्यवस्था से जल वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और नियंत्रित बनाया गया है। इससे सिंचाई व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य टिकाऊ और प्रभावी जल प्रबंधन के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है, जिससे प्रदेश के किसानों को अधिक लाभ मिल सके। बता दें कि स्कॉच अवार्ड को देश के प्रमुख स्वतंत्र सम्मानों में गिना जाता है, जिसके लिए देशभर से हजारों प्रविष्टियां आती हैं। इनमें से चयन एक कठोर और बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के कार्यों को तकनीकी दक्षता, नवाचार और प्रभावशीलता के आधार पर चुना गया, जो प्रदेश की बढ़ती प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है।

हरियाणा में एलपीजी संकट और लॉकडाउन की अफवाहों ने बढ़ाई उद्योगपतियों की टेंशन

 हरियाणा अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग का असर अब भारत की फैक्ट्रियों पर दिखने लगा है. हरियाणा के फरीदाबाद में भी हाल वही है. यहां उद्योगपतियों की परेशानी बढ़ गई है वजह है लागत में गिरावट, कच्चे माल की कमी और सबसे बड़ी टेंशन, मजदूरों का पलायन. कुछ मजदूर तो शहर छोड़ चुके हैं बाकी भी अपने गांवों की ओर जा रहे हैं. असल में, गैस का संकट बड़ा सिरदर्द बन गया है. मजदूरों को एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल रहे और जो मिल रहे हैं वो काफी महंगे हैं. कई मजदूर तो छुट्टी लेकर गए थे अब वापस ही नहीं आ रहे. गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें हैं लोगों के चेहरे पर मायूसी साफ दिखती है. बेसिक चीजें महंगी हो गई हैं फरीदाबाद आईएमटी इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान हेमंत शर्मा ने कहा युद्ध का जीता-जागता असर डायरेक्ट तो ज्यादा नहीं है, लेकिन इनडायरेक्ट इम्पैक्ट बहुत है. खाड़ी देशों से क्रूड ऑयल आयात करते हैं और वह महंगा हो गया है. लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ चुकी है प्लास्टिक दाना समेत तमाम बेसिक चीजें महंगी हो गई हैं. हमारी सबसे बड़ी समस्या यहां एलपीजी गैस की है कीमत आसमान छू रही है. कर्मचारियों को किचन गैस नहीं मिल रही किराए के मकानों में रहते हैं अब मजबूर होकर वापस गांव जा रहे हैं. लेबर की कमी हो गई है. फैक्ट्री चलाना भारी मुश्किल हो गया है राजेश शर्मा जो मारुति के टीयर टू सप्लायर हैं, बताते हैं हमारे यहां कच्चा माल मिलना ही मुश्किल हो चुका है. कस्टमर डबल शेड्यूल मांग रहे हैं सब अपने पास स्टॉक करना चाहते हैं पर कच्चा माल नहीं मिल रहा. दूसरी परेशानी लेबर की है. कर्मचारी कम होते जा रहे हैं. लॉकडाउन को लेकर मजदूरों की बीच अफवाहें फैली हैं उन्हें लगता है कहीं फिर लॉकडाउन लग गया तो फंस जाएंगे जैसे 2020 में हुआ था. सिलेंडर की असली दिक्कत नहीं है मिल तो रहे हैं पहले 100 से 200 रुपये में मिल जाते थे, लेकिन अब सिलेंडर ढाई हजार में भी नहीं मिल रहे अफवाहें फैल चुकी हैं. मेरे यहां से करीब 20 लोग जा चुके हैं कोई बीमारी का बहाना, कोई दूसरी प्रॉब्लम बता रहे हैं असल में सब डर के मारे गांव निकल गए हैं. इधर ना कच्चा माल है ना लेबर फैक्ट्री चलाना भारी मुश्किल हो गया है. हिसाब से इस्तेमाल करें प्रधान हेमंत शर्मा बताया इस समय संयम रखने की जरूरत है. चाहे पेट्रोल हो, डीजल हो, गैस हो उसे जमा ना करें बस जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करें. देश की जनता को संयमित रहना चाहिए ताकि सब मिलकर हालात का सामना कर सकें. हमें अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करना है पर अफवाहों में बहना ठीक नहीं.

आईटीआई पास से लेकर बीटेक डिग्री धारकों तक के लिए खुले नौकरी के द्वार और हजारों युवा पहुंचे

 फरीदाबाद जिले के जेसी बोस यूनिवर्सिटी में जॉब फेयर लगा हुआ है और इस बार 100 से ज्यादा कंपनियां आई हैं. इंटरव्यू देने के लिए करीब हजारों युवा पहुंचे हैं. अलग-अलग जगह से छात्र आए और सब में फुल एनर्जी थी और चाहते थे कि कैसे सही मौका मिल जाए. कंपनियां लगातार इंटरव्यू ले रही हैं, रिज्यूम जमा हो रहे हैं. साथ ही कई जगहों पर अच्छा पैकेज भी ऑफर किया जा रहा था. कुछ बड़े स्कूल भी यहां आए हैं, वो भी बच्चों को अच्छी सैलरी पर नौकरी दे रहे हैं.  बात करते हुए प्रिंसिपल भगत सिंह ने बताया कि मैं फरीदाबाद के सरकारी आईटीआई पांच नंबर में प्रिंसिपल हूं. इस रोजगार मेले में लगभग 110 कंपनियां आई हैं. ITI, MBA, BTech वाले बच्चों की मांग है, लेकिन 10वीं या 12वीं पास लोगों के लिए भी बेहतरीन मौके हैं. हिंदुस्तान सीरीज जैसी कंपनियां 10वीं-12वीं पास बच्चों को चुन रही हैं. इंटरव्यू और रिज्यूम जमा करने के बाद दूसरे राउंड में कंपनी के अंदर फिर से इंटरव्यू होगा. आखिर में कंपनी से चयन सूची आएगी और फिर बच्चों को इंडस्ट्री भेजेंगे. ITI पास वालों को 14 से 15 हजार रुपये महीना प्रिंसिपल भगत सिंह ने बताया कि ITI पास वालों को 14 से 15 हजार रुपये महीना मिल जाता है. अगर डिप्लोमा है, तो 18 से 20 हजार रुपये तक पहुंच जाता है. एक्सपीरियंस वालों की सैलरी इससे भी ज्यादा होती है. रोजगार मेला करवाने में हमारी बड़ी भूमिका रही है. इंडस्ट्री को यहां बुलाने के लिए हम लगातार कोशिश करते हैं. टीचर ईशा गुप्ता ने बताया कि मैं दिल्ली इंटरनेशनल स्कूल की टीचर हूं. हमारे स्कूल में कई पोस्ट खाली हैं. जो अप्लाई कर रहा है, उसमें कॉन्फिडेंस है, डिग्री है और उसे यहां जॉब मिल जाएगी. ग्रेजुएट और B.Ed होना जरूरी है, खासतौर पर टीचिंग के लिए. लाइब्रेरी जैसे दूसरे रोल भी अवेलेबल हैं. इंटरव्यू के बाद फाइनल राउंड स्कूल में होगा. इतने लाख पैकेज से शुरुआत  कैंडिडेट्स की पर्सनालिटी और क्वालिफिकेशन देख रहे हैं. किस पोस्ट के लिए कौन फिट है, ये हम तय कर रहे हैं. टीचिंग, एडमिन, HR, लाइब्रेरी सबमें नौकरियां हैं. B.Ed जरूरी है और पैकेज बच्चों के इंटरव्यू पर डिपेंड करता है. पहला राउंड यहीं लिया, दूसरा राउंड स्कूल में होगा. शुरुआत कम से कम 4 से 5 लाख सालाना पैकेज से होगी. कैंटीन और रहने की भी सुविधा शशि कुमार ने बताया कि मैं हिंदुस्तान सीरीज कम्पनी में असिस्टेंट मैनेजर हूं. हम यहां मैट्रिक, 12वीं, ग्रेजुएशन, ITI सबको रोजगार दे रहे हैं. हमारी कंपनी मेडिकल फील्ड की है. 10वीं-12वीं वालों को ग्रोथ सैलरी 14,903 रुपये देते हैं. ESI, PF, बोनस जैसी फुल फैसिलिटी है. कैंटीन की सुविधा भी मौजूद है. सैलरी काटने के बाद 13,408 रुपये रह जाते हैं. हाउस रेंट 2,500 रुपये देते हैं और एक साल बाद बढ़ाते हैं. उन्होंने कहा कि शिफ्ट के हिसाब से एक्स्ट्रा पेमेंट रात के 12 बजे तक काम करने वाले B शिफ्ट वालों को 100 रुपये रोज, रात 11:30 से सुबह 8:00 तक काम करने वालों को 125 रुपये रोज देते हैं. बोनस, ग्रेजुएटी, सारी सुविधाएं टाइम से मिलती हैं. ITI और एक्सपीरियंस वालों को ग्रॉस सैलरी 16,022 रुपये मिलती है. सब काटने के बाद 14,449 रुपए मिलते हैं. हमने काफी लोगों की लिस्ट तैयार कर ली है. फिलहाल यहां ज्यादा बात नहीं कर रहे, इंटरव्यू के लिए बाद में कंपनी में बुलाएंगे.

केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंचा यूपी

सीएम योगी के नेतृत्व में सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला राज्य बना उत्तर प्रदेश  केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंचा यूपी  उत्तर प्रदेश में जेवर, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या व कुशीनगर की शान बने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट  जेवर समेत यूपी में कुल 17 एयरपोर्ट संचालित, अब 24 एयरपोर्ट वाला राज्य बनने की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश लखनऊ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के उद्घाटन के साथ ही उत्तर प्रदेश के खाते में बड़ी उपलब्धि शामिल हो गई। अब उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की संख्या 05 हो गई है। जेवर एयरपोर्ट के शुरू होते ही अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के मामले में उत्तर प्रदेश ने केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु को पीछे छोड़ दिया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में कुल एयरपोर्ट की बात करें तो अब यह संख्या बढ़कर 17 हो गई है।  बजट में कई गुना बढ़ोतरी एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने खजाना खोल दिया है। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 से 2025-26 के बीच नागरिक उड्डयन का बजट उत्तर प्रदेश में कई गुना बढ़ चुका है। यही वजह है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही यूपी एयर-कनेक्टिविटी के मामले में देश का सिरमौर बन गया। योगी सरकार ने हालिया बजट में नागरिक उड्ड्यन के लिए 2111 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है।  24 एयरपोर्ट वाला राज्य बनने की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश प्रदेश में संचालित एयरपोर्ट – 17 *घरेलू एयरपोर्ट 12 – आगरा, त्रिशूल (बरेली), गोरखपुर, हिंडन (गाजियाबाद), प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती, चित्रकूट, सहारनपुर *अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट 05 – नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर, चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट लखनऊ, लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा वाराणसी, महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट अयोध्या, कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कुशीनगर *प्रक्रियाधीन एयरपोर्ट परियोजनाएं 07 – म्योरपुर (सोनभद्र), ललितपुर, मेरठ, पलिया (लखीमपुर) फुरसतगंज (अमेठी), गाजीपुर व झांसी।

गर्मी के सीजन में महिलाओं की पहली पसंद बने फ्लोरल प्रिंट और जयपुरी डिजाइन के कॉटन सूट

अंबाला गर्मी की आहट के साथ ही बाजारों का मिज़ाज भी बदलने लगा है और इसी के साथ हरियाणा के अंबाला की एशिया की सबसे बड़ी कपड़ा मार्केट इन दिनों समर फैशन का सबसे बड़ा ट्रेंडिंग हब बनकर उभर रही है. दरअसल, इस बार महिलाओं के लिए शानदार समर कलेक्शन की भरमार कपड़ा मार्केट में देखने को मिल रही है, जिसके चलते हर दुकान पर ग्राहकों की भारी भीड़ नजर आ रही है. हल्के और कूल फैब्रिक जैसे कॉटन, रेयॉन और फ्लोरल प्रिंट वाले सूट इस सीजन में खास पसंद किए जा रहे हैं. एशिया की सबसे बड़ी मार्केट वहीं, इस बारे में  अंबाला शहर की कपड़ा मार्केट में जाकर ट्रेंडिंग कपड़ों की जानकारी ली, तो दुकानदार प्रिंस सिंह ने बताया कि अंबाला शहर की कपड़ा मार्केट एशिया की सबसे बड़ी मार्केट है और इस बार गर्मी के मौसम को लेकर कई ट्रेंडिंग कपड़े आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. उन्होंने बताया कि यहां 250 रुपये से लेकर पार्टी वियर कपड़े 2500 रुपये तक की रेंज में आसानी से मिल रहे हैं. क्या है ट्रेंड उन्होंने कहा कि कॉटन के सूट में प्रिंटिंग डिजाइन काफी ज्यादा ट्रेंड में है और रोजमर्रा में पहने जाने वाले सूट 250 रुपये से लेकर 495 रुपये तक की रेंज में ग्राहकों को मिल रहे हैं. उन्होंने बताया कि बॉटल ग्रीन कपड़े में फूल-पत्तियों के डिजाइन इस बार महिलाओं को काफी पसंद आ रहे हैं. कॉटन के सूट पर मशीन डिजाइन की मदद से सीपियों और बिंदियों का काम किया गया है. खास तौर पर इस बार दुल्हन डिजाइन का वर्क भी कॉटन सूट पर देखने को मिल रहा है. फिगर प्रिंट के दुपट्टे के साथ 3 मीटर कपड़े का सूट लगभग 600 रुपये तक आसानी से बिक रहा है. क्या है कीमत उन्होंने बताया कि जयपुरी सूट भी गर्मियों में महिलाओं द्वारा खूब पसंद किए जा रहे हैं. इनमें मोरपंखी डिजाइन के साथ 4 मीटर कपड़े के सूट 900 रुपये से लेकर 1050 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध हैं. सूट के साथ दुपट्टे पर भी कारीगरों द्वारा शानदार वर्क किया गया है, जिसमें 2.5 मीटर का दुपट्टा फुल वर्क के साथ तैयार किया जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि रेडीमेड कुर्तियां भी लड़कियों में काफी ट्रेंड में हैं, जिनकी कीमत 270 रुपये से लेकर 500 रुपये तक है. इन्हें जींस के साथ पहनने का ट्रेंड काफी लोकप्रिय हो रहा है. इसके अलावा को-ऑर्ड सेट भी इस समय ट्रेंड में हैं, जिनकी कीमत 800 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक है. इनमें बैलून फैब्रिक के प्लाजो और डेनिम (जींस कपड़ा) के साथ को-ऑर्ड सेट काफी पसंद किए जा रहे हैं. इन सेट्स में हैंडवर्क की भी काफी डिमांड है और प्लाजो पर भी हल्का वर्क किया गया है. उन्होंने बताया कि पार्टी वियर में सी-कट सूट फोर पीस के साथ काफी ट्रेंड में हैं, जिनकी कीमत 1500 रुपये से शुरू होती है. इनमें चोली पर खासतौर पर सीपियों और मोतियों का खूबसूरत काम किया गया है. दूर-दूर से आते हैं लोग वहीं, दुकानदार जसविंदर सिंह ने बताया कि यह कपड़ा मार्केट 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है और यहां हर तरह के ट्रेंडिंग सूट बहुत ही किफायती दामों में मिल जाते हैं. उन्होंने कहा कि हिमाचल, पंजाब और उत्तराखंड से लोग होलसेल रेट पर कपड़े खरीदने के लिए यहां आते हैं और सस्ते दामों पर कपड़ा लेकर अपने-अपने शहरों में बेचते हैं. उन्होंने बताया कि इस बार कॉटन में कई नई वैरायटी की मांग बढ़ी है, जिसमें पाकिस्तानी प्रिंट और सूरत का हैंडवर्क काफी ट्रेंड में है. उन्होंने कहा कि पहले यही कॉटन 800 से 1000 रुपये तक बिकता था, लेकिन इस बार होलसेल मार्केट में ही इसकी कीमत 500 रुपये से शुरू हो गई है. उन्होंने बताया कि पार्टी वियर सूट में कांच के शीशों से बना डिजाइन भी काफी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जिसमें फूल-पत्तियों के पैटर्न खास पसंद किए जा रहे हैं.

कैंसर इलाज में बड़ा कदम: बालको मेडिकल सेंटर में रोबोटिक सिस्टम से उन्नत सर्जरी संभव

रायपुर. वेदांता के बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मध्य भारत का पहला निजी अस्पताल बनते हुए बीएमसी ने दा विंची Xi रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की स्थापना कर दी है। इस उन्नत रोबोटिक तकनीक के साथ अब छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के कैंसर मरीजों को जटिल सर्जरी के लिए दिल्ली, मुंबई या हैदराबाद जैसे बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। दा विंची Xi सिस्टम छोटे-छोटे इंसीजन (चीरे), न्यूनतम रक्तस्राव, कम दर्द, कम अस्पताल में रहने की अवधि और तेज रिकवरी सुनिश्चित करता है। इस तकनीक में सर्जन एक कंसोल पर बैठकर उच्च-परिभाषा 3D विजन और रोबोटिक आर्म्स की मदद से सर्जरी करते हैं। रोबोटिक उपकरण मानव कलाई से भी ज्यादा लचीलापन देते हैं, कंपन को फिल्टर करते हैं और बेहद सटीक मूवमेंट्स की अनुमति देते हैं। इससे जटिल कैंसर सर्जरी जैसे प्रोस्टेट, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, हेड एंड नेक, ब्रेस्ट और स्त्री रोग संबंधी कैंसर और भी सुरक्षित तथा प्रभावी हो जाती हैं। छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए अब उन्नत कैंसर सर्जरी अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होगी। यह तकनीक छोटी चीरे (इंसीज़न), कम रक्तस्राव, कम अस्पताल में रहने की अवधि और तेज रिकवरी सुनिश्चित करती है, जिससे उपचार के परिणाम और मरीज का अनुभव दोनों बेहतर होते हैं। दा विंची xi एक रोबोटिक सहायता प्राप्त सर्जिकल सिस्टम है, जो सर्जनों को अधिक सटीकता और नियंत्रण के साथ जटिल कैंसर सर्जरी करने में सक्षम बनाता है। सर्जन एक कंसोल से छोटे-छोटे उपकरणों को नियंत्रित करते हैं। जो उनके हाथों की गतिविधियों को वास्तविक समय में दोहराते हैं। इसमें हाई-डेफिनिशन 3D विज़न मिलता है, और इसके उपकरण मानव कलाई की प्राकृतिक सीमा से अधिक लचीलापन प्रदान करते हैं। साथ ही इसमें कंपन (ट्रेमर) को नियंत्रित करने की सुविधा होती है, जिससे सर्जरी अधिक स्थिर और सटीक होती है। यह सिस्टम शरीर के विभिन्न हिस्सों तक बिना मरीज की स्थिति बदले पहुंचने में सक्षम है, जिससे जटिल सर्जरी और भी प्रभावी हो जाती है। लॉन्च के अवसर पर डॉ. दिवाकर पांडेय, हेड सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, बीएमसी ने कहाः “बीएमसी की सर्जिकल टीम देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षित है और लगातार उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान कर रही है। हर साल बीएमसी में 3,000 से अधिक सर्जरी की जाती हैं, जिनमें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, प्रोस्टेट ग्रंथि का कैंसर, हेड एंड नेक, ब्रेस्ट, स्त्री रोग और पेरिटोनियल कैंसर जैसी जटिल सर्जरी शामिल हैं। इस तकनीक के आने से हम जटिल शरीर संरचनाओं में बेहतर तरीके से सर्जरी कर पाएंगे, साथ ही अंगों को सुरक्षित रखने और उनकी कार्यक्षमता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दे सकेंगे।” डॉ. भावना सिरोही, मेडिकल डायरेक्टर, वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन ने कहा: “यह कदम बीएमसी को कैंसर उपचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। हम वैश्विक स्तर के संस्थानों से प्रेरित हैं और इस क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रोबोटिक सर्जरी और एक नए ऑपरेशन थिएटर के जुड़ने से अब बीएमसी के पास जटिल कैंसर मामलों के लिए आधुनिक सर्जिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, हम क्षेत्र के अन्य संस्थानों और डॉक्टरों के साथ मिलकर ज्ञान साझा करने और उन्नत सर्जिकल तकनीकों में क्षमता निर्माण की दिशा में भी काम करेंगे। आने वाली पीढ़ी के ऑन्कोलॉजिस्ट्स को प्रशिक्षित करना कैंसर उपचार को बेहतर बनाने के लिए बेहद जरूरी है।” बालको के सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि “बालको में हमारा हमेशा से प्रयास रहा है कि हम जिन समुदायों के साथ काम करते हैं, उनके लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करें। अब तक उन्नत कैंसर उपचार के लिए मरीजों को बड़े शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे परिवारों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ता था। इस पहल के साथ अब मरीज अपने ही क्षेत्र में बेहतर इलाज प्राप्त कर सकेंगे, जिससे यात्रा की आवश्यकता और कुल उपचार लागत दोनों कम होंगी। वेदांता के बालको छत्तीसगढ़ के सतत विकास और प्रगति के लिए दृढ़तापूर्वक प्रतिबद्ध है।” बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) के बारे में बालको मेडिकल सेंटर, नया रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्थित 170-बेड का तृतीयक कैंसर अस्पताल है और वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन (VMRF) की प्रमुख पहल है। वेदांता रिसोर्सेज और भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में स्थापित, बीएमसी मेडिकल, सर्जिकल, रेडिएशन, हीमैटोलॉजी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और पेलिएटिव केयर सहित व्यापक कैंसर उपचार सेवाएं प्रदान करता है। अब तक बीएमसी 66,000 से अधिक मरीजों का इलाज कर चुका है और 4.20 लाख से अधिक ओपीडी विज़िट दर्ज कर चुका है, जो छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों की सेवा कर रहा है।

थाने जाने की जरूरत खत्म! बिहार में डिजिटल पुलिसिंग, घर बैठे मिलेंगी सभी सेवाएं

पटना. किराएदार, घरेलू सेवक या वाहन चालक का सत्यापन कराना हो, लापता-अपहृत या अज्ञात व्यक्ति का विवरण देना हो अथवा खोई-पाई संपत्ति की जानकारी देनी हो, अब थाने का चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। आम लोगों से जुड़ी ऐसी तमाम सुविधाएं अब घर बैठे नागरिक सेवा पोर्टल पर एक क्लिक में उपलब्ध होंगी। इसके लिए सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस के तहत बिहार पुलिस को और भी स्मार्ट बना दिया है। सरकार ने इसके लिए स्मार्ट नागरिक सेवा पोर्टल जारी किया है। इस स्मार्ट पोर्टल https://citizenservices.bihar.gov.in की खासियत यह है कि इसमें लॉग इन किए बिना भी प्राथमिकी की प्रति प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा कोई भी गुप्त जानकारी दे सकता है। साथ ही उद्घोषित या इनामी अपराधी की जानकारी देख सकते हैं। यह सेवा पारदर्शिता बढ़ाने व नागरिकों को त्वरित सूचना देने के लिए शुरू की गई है। लॉग इन करने पर मिलेंगी दो तरह की सेवाएं ऑनलाइन प्राथमिकी की सुविधा देने वाला स्मार्ट नागरिक पोर्टल पुलिस व जनता के बीच दूरी कम करने में काफी कारगर साबित हुआ है। अब इसमें नई सेवाएं जुड़ने से यह पोर्टल और भी अधिक उपयोगी हो जाएगा। इसका विस्तार कर दिया गया है। citizenservices.bihar.gov.in वेबसाइट पर लॉग इन करने के बाद लोगों को 11 तरह की अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। अभी तक तमाम मामलों में लोगों को थाने का चक्कर लगाना पड़ता था। इस बात की लगातार शिकायते मिलती रहती हैं कि पीड़ित को थाने से लौटा दिया गया। उसकी शिकायत नहीं सुनी गई। छोटे-छोटे मामलों में अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही कार्रवाई की उम्मीद जगती थी। अब इस पोर्टल लॉग इन करने के बाद लापता या अपहृत व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज करना, खोई वस्तु की जानकारी देना, अज्ञात व्यक्ति या शव की पहचान से जुड़ी जानकारी देखना, वांछित या गिरफ्तार अपराधियों का विवरण प्राप्त करना और ई-शिकायत दर्ज करना जैसी सेवाएं काफी सहज हो जाएंगी। ऐसी सूचनाएं हासिल करने मे स्थानीय पुलिस का हस्तक्षेप न्यूनतम होगा। सत्यापन व पंजीकरण से जुड़ी सेवाएं भी इस पोर्टल पर उपलब्ध हैं। आमजन चालक का चरित्र सत्यापन, किराएदार या घरेलू सहायक के चरित्र का सत्यापन, वरिष्ठ नागरिकों का ऑनलाइन पंजीकरण, खोई या बरामद संपत्ति की जानकारी प्राप्त करना आदि सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। इससे आमजन को अब छोटी-छोटी जरूरतों के लिए थाने जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पंजाब के 4 जिलों में बारिश का कहर, लुधियाना समेत ओले गिरने और आंधी का अलर्ट, चंडीगढ़ में बूंदाबांदी

लुधियाना पंजाब सहित राजधानी चंडीगढ़ में मार्च महीने के अंतिम दिनों में मौसम ने यू-टर्न ले लिया है। रविवार की शुरुआत बादलों और हल्क बारिश के साथ हुई है। चंडीगढ़ में सुबह ही बारिश ही हल्की बौछारों ने मौसम को सुहावना बना दिया है। वहीं पंजाब के कई जिलों में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं।   मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से रविवार से मौसम का मिजाज बदला है। रविवार व सोमवार के लिए पंजाब में बारिश के साथ ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके तहत पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ ओलावृष्टि होगी व बारिश पड़ेगी। इससे तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जाने से मौसम में आई तल्खी से राहत मिलेगी लेकिन मौसम विभाग की इस भविष्यवाणी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कारण यह है कि इस समय गेहूं की फसलें लगभग तैयार खड़ी हैं। ऐसे में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से फसलों के गिरने का खतरा है। इसके मद्देनजर मौसम विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। इसमें किसानों को सिंचाई न करने के साथ-साथ फसलों में खाद डालने व कीटनाशक का स्प्रे करने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को खराब मौसम के दौरान किसी भी खेतीबाड़ी संबंधित काम को न करने की सलाह देते हुए सुरक्षित जगह रहने को कहा गया है। किसानों के साथ-साथ आम लोगों को तेज हवाएं चलने व बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है। शनिवार को पंजाब में कुछ जगहों पर बेहद हल्की बारिश दर्ज हुई। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे अब यह सामान्य के नजदीक हो गया है। सबसे कम 15 डिग्री का न्यूनतम पारा बठिंडा व अबोहर का दर्ज किया गया। पंजाब के अधिकतम तापमान में 1.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज हुई। यह सामान्य के नजदीक बना हुआ है। सबसे अधिक 33.3 डिग्री का पारा पटियाला का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री, लुधियाना का 32.0 डिग्री, पठानकोट का 28.9 डिग्री, बठिंडा का 33.2 डिग्री, होशियारपुर का 29.5 डिग्री, फाजिल्का का 32.6 डिग्री. फिरोजपुर का भी 32.6 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 16.0 डिग्री, लुधियाना का 16.6 डिग्री, पटियाला का 17.6 डिग्री, पठानकोट का 15.5 डिग्री, फरीदकोट का 18.8 डिग्री और रूपनगर का 15.5 डिग्री दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने किसानों को दी सिंचाई रोकने की सलाह और 30 मार्च तक तेज हवाओं की चेतावनी

हरियाणा हरियाणा में मार्च के आखिर में मौसम ने अचानक पलटा खाया है ओर अब फिर लोगों को गर्मी से राहत मिली हैं.लेकिन किसानों की परेशानी बढ़ गई. कुछ दिन पहले तक तापमान बढ़ता जा रहा था, लेकिन अब पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम पूरी तरह बदल गया है. IMD चंडीगढ़ की मानें तो हरियाणा के नूंह मेवात जिले में 28 मार्च को अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था,जबकि भिवानी जिले में 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान देखने को मिला. चरखी दादरी 34.0 डिग्री तापमान देखने को मिला था. इसी तरह 28 मार्च को सुबह के समय सबसे कम तापमान यमुनानगर जिले में 16.0 डिग्री सेल्सियस देखने को मिला. हरियाणा में आज सुबह का तापमान 20°C है,जबकि अंबाला जिले में सुबह के समय तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. प्रदेश के कई जिलों में आज और कल बारिश का अलर्ट वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानि 29 मार्च और 30 मार्च के लिए अलर्ट जारी किया है. इसमें आज पूरे हरियाणा में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है,जबकि 30 मार्च को हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश होगी. 30 मार्च को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है.आज प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं. किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी और फसलों पर संक मौसम विभाग ने 29-30 मार्च के दौरान तेज हवाओं और बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों से सिंचाई और कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल न करने की सलाह दी है.इसी तरह 31 मार्च को हरियाणा में आंशिक बादल और धूप का मिश्रण देखने को मिलेगा. गर्मी का असर बढ़ेगा और तापमान 34-35°C तक जा सकता है. 1 अप्रैल को नए महीने की शुरुआत गर्म रहेगी. तेज धूप के साथ लू जैसे हालात बन सकते हैं. तापमान 35°C के पार जा सकता है.जबकि 2 अप्रैल को हरियाणा के कुछ क्षेत्रों में हल्की धूल भरी हवाएं चल सकती हैं. मौसम शुष्क रहेगा और गर्मी बनी रहेगी. 3 अप्रैल को दिन में तेज गर्मी रहेगी, हालांकि शाम के समय हवा चलने से थोड़ी राहत मिल सकती है.वही 4 अप्रैल को सप्ताह के अंत में तापमान 36°C तक पहुंच सकता है ओर मौसम पूरी तरह शुष्क और गर्म रहेगा. AQI लेवल में हुआ बदलाव हरियाणा में एक तरफ जहां गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी, तो वहीं AQI लेवल भी लगातार बदलता हुआ दिखाई दे रहा है. दरअसल aqi.in की मानें तो हरियाणा के फरीदाबाद जिले में सुबह AQI  लेवल 214 देखने को मिला है, जबकि राजधानी दिल्ली में AQI लेवल 179 दर्ज किया गया है. इसी तरह गुरुग्राम जिले में सुबह AQI लेवल 202 देखने को मिला है, जबकि अंबाला जिले में सुबह AQI लेवल 122 दर्ज किया गया है.