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मध्यप्रदेश 11.6 प्रतिशत विकास दर से कर रहा प्रगति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश 11.6 प्रतिशत विकास दर से कर रहा प्रगति जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए हमारे पास पर्याप्त धनराशि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा, जनता पसंद कर रही है सरकार के काम अब तक का सबसे सुव्यस्थित और भव्य होगा उज्जैन सिंहस्थ सिंहस्थ में आने वाले अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए की जा रही हैं तैयारियां भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय संसाधनों के समुचित प्रबंधन से अच्छे परिणाम देने का मॉडल तैयार किया है। हम कम संसाधनों में भी बेहतर से बेहतर रिजल्ट दे रहे हैं। आज हमारा मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले प्रदेश के रूप में पहचाना जा रहा है। मध्यप्रदेश 11.60 प्रतिशत की विकास दर से तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार के पास 106 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए समानुपातिक आवंटन के लिए पर्याप्त धनराशि है। जनकल्याण के साथ हम प्रदेश के औद्योगिक और अधोसंरचनात्मक विकास के लिए भी सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय मीडिया समूह की एनुअल समिट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने विकास के लिए हर क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है। हमारी कृषि विकास दर भी पहले से बेहतर हुई है। हमने बीते दो साल में औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान देकर जीआईएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कर मध्यप्रदेश में निवेश के लिए एक नया माहौल तैयार किया है। उन्होंने कहा कि बीते दो साल में प्रदेश में करीब 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। यह हमारे अपने राज्य की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। लाड़ली बहना योजना में हमारी 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार बहने हैं। इनके हित में हम हर महीने 1500-1500 रुपये खाते में डाल रहे हैं। किसानों को किसान सम्मान निधि भी दे रहे हैं। भारत सरकार के वित्तीय व्यवस्था के जो उच्चतम मापदंड है उसके दायरे में रहकर हम अपनी आय-व्यय को विनियमित कर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपने पद के अनुरूप आचरण नहीं कर रहे हैं। उन्हें कितना बड़ा मौका मिला है, लेकिन उन्होंने इस पद की गरिमा का पतन कर दिया है। भारत-पाकिस्तान में स्ट्राइक हो रही है और अपोजिशन लीडर सेना का मनोबल गिरा रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। वर्ष 1971 में बांग्लादेश के समय स्व. अटल बिहारी वाजपेई पूरी दृढ़ता से सरकार के साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा था हम सेना के साथ हैं। जब राष्ट्रीय संकट हो तो देश के साथ रहना चाहिए, यह विपक्ष को सीखना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल और वायु हमेशा सीमाओं से परे होती है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को दो राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात दी है। यह परियोजना राज्यों के हित में है। इस राष्ट्रीय परियोजना की 90 प्रतिशत लागत राशि भारत सरकार दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश तो नदियों का मायका है। यहां 250 से ज्यादा नदियां हैं। हमारे पड़ोसी राज्य राजस्थान के 15 जिले सालों से पीने के पानी, उद्योग और सिंचाई के लिए भारी कष्ट में थे। माननीय अटल जी की सरकार के वक्त नदी जोड़ो योजना बनी थी लेकिन राजस्थान और मध्यप्रदेश की सरकार के साथ तालमेल न होने से इस विषय को लटकाए रखा। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से मध्यप्रदेश और राजस्थान ने साथ आने का प्रयास किया और दोनों राज्यों की पश्चिमी भारत को सिंचाई की सुविधा से संपन्न करने के लिए पार्वती-कालीसिंध-चंबल योजना पर सहमति बनी। इस पर लगभग 70 हजार करोड़ रुपये की धनराशि प्रधानमंत्री मोदी ने मंजूर की। प्रधानमंत्री जी की मौजूदगी में ही इस परियोजना का शुभारंभ हुआ। इस गठबंधन का परिणाम यह हुआ कि दोनों राज्यों के लोगों का एक तरह से अब जीवन बदलने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध होने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे देश में प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली और हमारी सरकार पसंद बनी हुई है। इसलिए तो हमारी सरकार विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 21 से अधिक प्रदेशों में हमारी सरकार है। जहाँ आज भी जनता काम पसंद करती है। प्रधानमंत्री की कार्यनीति को भी जनता पसंद करती है। जनता जान रही है कि दुनिया के सामने भारत का मान बढ़ रहा है, सम्मान बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय अवधारणा पर काम कर रही है। आखिरी पंक्ति में खड़े हुए गरीब आदमी की जिंदगी में मदद हो जाए, उसके जीवन से कष्ट मिट जाए, हम इस आधार पर काम कर रहे हैं। हमारे राज्य की प्रोग्रेस भी पर्याप्त हो रही है और हम सभी योजनाओं के लिए धनराशि लेकर चल रहे हैं। लाड़ली बहना योजना से बेहतर नारी सशक्तिकरण की कौन सी योजना हो सकती है, जबकि विपक्ष के लोग कहते हैं कि महिलाओं को पैसे मत दीजिए, वे शराब पी जाती हैं। क्या उन्हें ऐसी भाषा बोलनी चाहिए। अपनी भाषा के कारण ही वे सरकार से बाहर हैं। हम पूरी श्रद्धा के साथ समाज के सभी वर्गों के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चला रहे हैं। गरीब आदमी की जिंदगी बेहतर करने के लिए भी पर्याप्त धनराशि दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बारे में कहा कि उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह केवल उज्जैन और मध्यप्रदेश का ही नहीं देश का भी सबसे गरिमापूर्ण आयोजन है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, पर सिंहस्थ के दौरान यहां दो महीनों के भीतर 40 करोड़ लोग आएंगे। इसके लिए हमें उज्जैन को तैयार करना है, जिससे किसी भी श्रद्धालु को बाल बराबर भी कष्ट न होने पाए, हमारी सरकार इसके लिए सारे प्रबंधन करके चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनारस जैसी पुण्य नगरी में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन कराने जा रही हैं। हमारे लिए सौभाग्य की बात है सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के … Read more

MP के 7 जिलों में बारिश का अलर्ट: ग्वालियर सहित अगले 3 दिन रहेगा मौसम में बदलाव

भोपाल मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है. वेस्टर्न डिस्टरबेंस और सक्रिय चक्रवातीय सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तेज आंधी के आसार बन रहे हैं. जहां मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के भीतर ग्वालियर समेत प्रदेश के 7 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।  मार्च के महीने में यह तीसरी बार है जब प्रदेश में बारिश की स्थिति बन रही है. प्रदेश में पिछले 24 घंटे में भीषण गर्मी का असर देखा गया, जहां दिन का पारा 38.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा और नर्मदापुरम सीजन का सबसे गर्म इलाका रहा. हालांकि अब सक्रिय हुए नए वेदर सिस्टम से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आज शुक्रवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इस दौरान इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है।  अगले 3 दिन रहेगा भारी मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है। इन जिलों में हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और अन्य संभागों में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। यह मौसम परिवर्तन 30 मार्च तक जारी रहने की संभावना है। प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस और चक्रवात मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में दो चक्रवात सक्रिय हैं। इन सिस्टम्स की वजह से मार्च के इस महीने में गर्मी और बारिश का असंतुलित मौसम देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों में दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, और नर्मदापुरम इस सीजन का सबसे गर्म शहर रहा। मार्च में तीसरी बार बदलेगा मौसम का मिजाज मार्च महीने में अब तक दो बार आंधी और बारिश का दौर देखा गया है। पहले दौर में लगभग 45 जिलों में तेज हवाओं और बारिश की वजह से फसलें प्रभावित हुई थीं। 17 जिलों में ओले भी गिरे थे, जिससे गेहूं, पपीता और केला की फसलें बर्बाद हुईं। अब तीसरे दौर के तहत 27 मार्च से 30 मार्च तक बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। अप्रैल-मई में तेज गर्मी का अनुमान मौसम विभाग ने चेताया है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में तापमान अधिक रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज होने की संभावना है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। इस बार मार्च में मौसम तीनों प्रकार के बदलावों का असर दिखा रहा है: दिन गर्म, रातें ठंडी और बीच-बीच में बारिश और आंधी। 30 मार्च तक बना रहेगा सिस्टम का असर मौसम विभाग की मानें तो यह वेदर सिस्टम 30 मार्च तक सक्रिय रहेगा. राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 28 जिलों में पानी गिरने का अनुमान है. 28 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि 30 मार्च को इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।  27 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट… ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना. 29 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट… ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी टीकमगढ़, छतरपुर, राजगढ़ आगर मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम. 30 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट… इंदौर, उज्जैन, भोपाल ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, शिवपुरी गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, आगर मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम झाबुआ और धार।  इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 37.4°C इंदौर में 37.2°C जबलपुर में 37.5°C ग्वालियर में 36.8°C उज्जैन में 37.7°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में 17.8°C इंदौर में 18.8°C जबलपुर में 19.0°C ग्वालियर में 18.3°C उज्जैन में 17.8°C  

IAS 2025 बैच की पहली पोस्टिंग: अलग-अलग जिलों में बने सहायक कलेक्टर

रायपुर मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रथम दौर के प्रशिक्षण के बाद परिवीक्षाधीन 2025 बैच के आईएएस अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में बतौर सहायक कलेक्टर पदस्थ किया गया है. छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय द्वारा संबंधित जिला कलेक्टरों जारी किया गया है. इसमें गोकुल आरके को रायगढ़, इशांत जयसवाल को कोरबा और वाध्यावथ यशवंत नायक को बस्तर जिले में पदस्थ किया गया है. अधिकारी अपने संबंधित जिलों में कार्यभार ग्रहण न कर निमोरा स्थित छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी में अपनी उपस्थिति देंगे. इनकी अकादमी में उपस्थिति तिथि को ही जिलों में उनका कार्यभार ग्रहण तिथि मानते हुए आगामी कार्यवाही की जाएगी.

पंजाब सरकार ने लिया वापस फैसला, एफआईआर डाउनलोड पर 80 रुपये का शुल्क अब नहीं होगा

चंडीगढ़ पंजाब सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड करने के लिए अब लोगों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। पंजाब सरकार ने अपना फैसला वापिस ले लिया है। पहले एफआईआर डाउनलोड करने के लिए सरकार ने 80 रुपये शुल्क लगाने का फैसला लिया था। इसके बाद यह मामले हाईकोर्ट भी चला गया था।   काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य एवं नेशनल कोऑर्डिनेटर एडवोकेट अभिषेक मल्होत्रा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए सांझ पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड पर शुल्क लगाने को चुनौती दी थी। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि इस प्रकार शुल्क लगाना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173(2) का स्पष्ट उल्लंघन है जिसमें एफआईआर की प्रति नि:शुल्क प्रदान करने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त यह पंजाब पुलिस नियम एफआईआर की कॉपी बिना किसी शुल्क के देने की व्यवस्था करता है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय का भी हवाला दिया है, जिसमें एफआईआर की मुफ्त और आसान उपलब्धता पर जोर दिया गया था ताकि आपराधिक न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि एफआईआर तक पहुंच के लिए शुल्क लेना आम जनता के लिए एक अनुचित बाधा है और यह संविधान के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में नीति को रद्द करने, एफआईआर व डीडीआर की मुफ्त डिजिटल पहुंच बहाल करने और याचिकाकर्ता से अवैध रूप से वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने की मांग की गई थी।

हाई कोर्ट का अहम फैसला: पादरी को अपने धर्म को सच बताने पर दी फटकार, संविधान के खिलाफ ठहराया

 इलाहाबाद धर्मों को लेकर बड़ी टिप्पणी करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि कई भी धर्म यह दावा नहीं कर सकता कि केवल वही सच है। हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए एक पादरी की याचिका खारिज कर दी। पादरी पर जान-बूझकर धार्मिक भावनओं को आहत करने के आरोप लगे थे। पादरी ने खुद के खिलाफ फाइल की गई चार्जशीट के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया था। यूपी के मऊ जिले में मुहम्मदाबाद थाने में 2023 में पादरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। उनपर आरोप था कि प्रार्थना सभा के दौरान वह कहते थे कि इस संसार में केवल एक ही धर्म सत्य है और वह है ईसाई धर्म। जस्टिस सौर्भ श्रीवास्तव की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा, भारत ऐसा देश है जहां हर धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं। भारत का संविधान कहता है कि भारत के सेक्युलर देश है। ऐसे में यह दावा कतई नहीं किया जा सकता कि कोई एक धर्म ही श्रेष्ठ और सत्य है। बेंच ने कहा कि आईपीसी की धारा 295-ए के तहत अगर किसी भी धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की जाती है तो इसे अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे में पादरी ने जो कुछ कहा उसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है। इसलिए यह भी नहीं कहा जा सकता कि पादरी के बयानों पर कोई केस नहीं बनता है। पादरी के वकील ने कहा कि केवल उन्हें परेशान करने के लिए यह केस बनाया जा रहा है। उनपर आरोप लगाया गया है कि वह दूसरे धर्मों को नीचा दिखाते हैं और फिर पिछड़े लोगों का धर्मांतरण करने का प्रयास करते हैं जो कि निराधार है। उन्होंने दावा किया कि जांच अधिकारी ने भी यही पाया था कि वह किसी का धर्मांतरण नही करवाते हैं। वकील ने कहा कि बिना निष्पक्ष जांच के ही जांच अधिकारी ने रिपोर्ट फाइल करदी। ऐसे में कानून के साथ भी खिलवाड़ किया गया है। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज केस को रद्द कर दिया जाना चाहिए। वहीं सरकारी वकील ने उनका विरोध किया। जस्टिस श्रीवास्तव की बेंच ने कहा, समन या फिर संज्ञान के लिए प्रथम दृष्ट्या जानकारी की जरूरत होती है और इसपर मैजिट्रेट विचार कर सकते हैं। वर्तमान परिस्थितियों और सबूतों को देखते हुए यह याचिका खारिज की जाती है।

वर्दी पर दाग, भरोसे पर सवाल

रायपुर छत्तीसगढ़ की धरती पर एक बार फिर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस वर्दी की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल सिर्फ एक घटना का नहीं है, बल्कि उस भरोसे का है जो आम नागरिक इस वर्दी से जोड़कर देखता है। जब कानून की रक्षा का दायित्व निभाने वाले ही विवादों में घिरते हैं, तो यह मामला व्यक्तिगत दायरे से निकलकर व्यवस्था की विश्वसनीयता तक पहुंच जाता है। हालिया घटनाक्रम में पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी का नाम आना और निलंबन की कार्रवाई होना इस बात की ओर इशारा करते हैं कि समस्या सतही नहीं है। यह उन दरारों की ओर संकेत है, जो धीरे-धीरे सिस्टम के भीतर बनती जा रही हैं और समय-समय पर उजागर हो जाती हैं। पुलिस की वर्दी केवल एक पहचान नहीं, बल्कि भरोसे की सबसे मजबूत कड़ी मानी जाती है। यही वजह है कि जब इस पर दाग लगता है, तो असर दूर तक जाता है। आम आदमी के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर वह किस पर भरोसा करे। सुरक्षा देने वाली संस्था पर ही संदेह की स्थिति बनना किसी भी समाज के लिए चिंताजनक संकेत है। यह मानने में हिचक नहीं होनी चाहिए कि पुलिस सेवा की चुनौतियां असाधारण हैं। लगातार दबाव, लंबी ड्यूटी, निजी जीवन का अभाव—ये सभी कारक व्यक्ति को भीतर से प्रभावित करते हैं। लेकिन यह भी उतना ही स्पष्ट है कि जिम्मेदारी के इस पद पर रहते हुए आचरण की मर्यादा और अधिक सख्त हो जाती है। चूक की गुंजाइश न्यूनतम होनी चाहिए, क्योंकि इसका असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। मामलों के सामने आने के बाद जिस तरह की शुरुआती चुप्पी अक्सर देखने को मिलती है, वह भी चिंता का विषय है। कार्रवाई तब तेज होती है, जब मामला सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन जाता है। इससे यह संदेश जाता है कि व्यवस्था दबाव में प्रतिक्रिया देती है, स्वप्रेरणा से नहीं। यह प्रवृत्ति भरोसे को और कमजोर करती है। जरूरत इस बात की है कि पुलिस तंत्र अपने भीतर जवाबदेही की संस्कृति को और मजबूत करे। जांच प्रक्रियाएं पारदर्शी हों, समयबद्ध हों और निष्पक्ष भी। दोषी को दंड और निर्दोष को संरक्षण—दोनों ही समान रूप से जरूरी हैं। आधे-अधूरे कदम केवल समस्या को टालते हैं, सुलझाते नहीं। मीडिया और समाज की भूमिका भी इस पूरे परिदृश्य में अहम है। तथ्यों से परे जाकर बनाई गई धारणा कई बार स्थिति को और उलझा देती है। ऐसे मामलों में संयमित और जिम्मेदार दृष्टिकोण ही न्याय प्रक्रिया को सही दिशा दे सकता है। पुलिस सुधार की चर्चा नयी नहीं है, लेकिन अब इसे प्राथमिकता में लाने का समय है। प्रशिक्षण में नैतिकता, मानसिक संतुलन और व्यवहारिक अनुशासन पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। साथ ही, आंतरिक निगरानी तंत्र को मजबूत बनाना भी अनिवार्य है। वर्दी की गरिमा केवल कानून से नहीं, बल्कि उसे पहनने वाले के चरित्र से तय होती है। कुछ घटनाएं पूरी व्यवस्था का चेहरा नहीं होतीं, लेकिन वे यह जरूर बताती हैं कि भीतर कहीं सुधार की गुंजाइश बाकी है। सवाल यह है कि क्या हम इन संकेतों को समय रहते समझ पाएंगे, या फिर हर बार नई घटना के बाद वही चिंता दोहराते रहेंगे।

मौसम का कहर! अगले दो दिन भारी, तेज बारिश और तूफान की चेतावनी

पटना  बिहार में मौसम ने करवट बदल ली है और अगले 48 घंटे राज्य के लिए भारी पड़ सकते हैं। भीषण गर्मी के बीच बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन ने राज्य में 'प्री-मानसून' हलचल तेज कर दी है। मौसम विभाग ने आज राज्य के सभी 38 जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है, जिसमें वज्रपात (आकाशीय बिजली) और तेज आंधी की विशेष चेतावनी दी गई है। प्रमुख जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य को दो श्रेणियों में बांटा गया है: ऑरेंज अलर्ट (12 जिले): पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली और समस्तीपुर जिले में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। येलो अलर्ट (26 जिले): नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, नवादा, जहानाबाद, अरवल, लखीसराय, शेखपुरा, बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई में यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघगर्जन और बिजली गिरने की आशंका है। क्यों बदला मौसम का मिजाज? मौसम वैज्ञानिकों ने इस अचानक बदलाव के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं: नमी और ऊष्मा का टकराव: बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाएं और दिन के बढ़ते तापमान के कारण वायुमंडल में अस्थिरता पैदा हुई है। पश्चिमी विक्षोभ : उत्तर-पश्चिम भारत से आ रहे विक्षोभ का असर बिहार के आसमान पर साफ दिख रहा है। दबाव क्षेत्र: हवा की दिशा में लगातार बदलाव और स्थानीय स्तर पर कम दबाव का क्षेत्र बनने से ओलावृष्टि (Hailstorm) की स्थिति बन रही है। राजधानी पटना का हाल पटना में आज दोपहर बाद मौसम के बिगड़ने के आसार हैं। अगले दो दिनों तक आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 28 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश होने से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे स्थानीय लोगों को तपती गर्मी से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

गोमो रेलवे स्टेशन पर ट्रेन मैनेजर की मौत, ड्यूटी के बीच गिरे; ओवरटाइम जांच के घेरे में

गोमो  झारखंड के नेताजी सुभाष चंद्र बोस गोमो रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान एक ट्रेन मैनेजर की अचानक मौत से रेलवे विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। गोमो रेलवे स्टेशन पर 42 वर्षीय ट्रेन मैनेजर (गार्ड) दीपक कुमार पासवान की ड्यूटी के दौरान अचानक मौत हो गई। दर्दनाक दृश्य को देखकर भावुक हुए लोग घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रेलकर्मी मौके पर पहुंचे और डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। रेल थाना पुलिस और आरपीएफ के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर थाना लाया गया। दीपक पासवान बिहार के गया जिले के रहने वाले थे। घटना की खबर मिलते ही उनकी पत्नी प्रीति देवी अपने परिजनों के साथ सुबह गोमो पहुंचीं। थाना में शव देखते ही परिवार के लोग रोने लगे। पत्नी अपने पति के शव से लिपटकर बार-बार बेहोश हो रही थीं। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। दीपक पासवान करीब 15 साल से रेलवे में काम कर रहे थे। गार्ड एसोसिएशन और लोको रनिंग स्टाफ के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेज दिया है। मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा जानकारी के मुताबिक, दीपक पासवान की ड्यूटी देर रात 2:15 बजे लगी थी। उन्हें गोमो से मालगाड़ी लेकर गया जाना था। लेकिन ट्रेन पर चढ़ने से पहले ही वे प्लेटफॉर्म नंबर 4 के पास गिरे हुए मिले। ट्रेन चालक ने उनसे कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जब वह पास पहुंचा, तो दीपक पासवान मृत पाए गए। प्राथमिक जांच में उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है। रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि लगातार ओवरटाइम ड्यूटी की वजह से रनिंग स्टाफ में दिल की बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। हाल ही में एक अन्य ट्रेन मैनेजर की भी ड्यूटी के दौरान मौत हो चुकी है। सहकर्मियों ने दीपक पासवान को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।  

मंडी में पूरी तैयारी: गेहूं खरीद शुरू, किसानों को मिलेगा समय पर पैसा

कैथल. कैथल की अनाज मंडी में गेहूं व सरसों की खरीद को लेकर मंडी प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडी परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है। मंडी का निरीक्षण करने पर साफ दिखाई दिया कि प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। मार्केट कमेटी सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि गेहूं की खरीद निर्धारित समय पर शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले सरसों की खरीद के लिए भी मंडी में अलग से सेंटर स्थापित किया गया है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि इस बार मौसम के कारण गेहूं की फसल मंडी में थोड़ी देरी से आने की संभावना है, लेकिन खरीद प्रक्रिया को लेकर सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। मंडी में पानी, बिजली, शेड और सफाई व्यवस्था को विशेष रूप से बेहतर बनाया गया है। सचिव ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी गेहूं व सरसों की फसल को अच्छी तरह साफ व सुखाकर ही मंडी में लाएं, ताकि खरीद के दौरान किसी प्रकार की कटौती या परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को खरीद के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी और उनकी उपज का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

रांची के तपोवन मंदिर पहुंचे सीएम हेमन्त सोरेन, पत्नी के साथ की विशेष पूजा-अर्चना

रांची झारखंड के हेमन्त सोरेन ने रामनवमी के पावन अवसर पर रांची के प्रसिद्ध तपोवन मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन के साथ रामनवमी के मौके पर रांची के श्री राम जानकी तपोवन मंदिर, निवारणपुर में विधि-विधान से पूजा की। भगवान श्रीराम सभी की मनोकामनाएं पूरी करें मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के चरणों में नमन करते हुए राज्य की उन्नति, सुख-शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम सभी की मनोकामनाएं पूरी करें। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी उन्हें तपोवन मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है। मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और विभिन्न अखाड़ों की शोभायात्रा भी यहां आ रही है। तपोवन मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है मुख्यमंत्री हेमन्त ने लोगों से अपील की कि वे इस पर्व को श्रद्धा, उत्साह और खुशी के साथ मनाएं और भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। साथ ही सामाजिक सद्भाव और भाईचारे के साथ इस पर्व को खास बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तपोवन मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है और इसकी अलग पहचान है। सरकार मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम तेजी से कर रही है, ताकि इसे और भव्य बनाया जा सके। उन्होंने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की कि यह कार्य जल्द पूरा हो।