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मोहन यादव को धमकी से मचा हड़कंप, भोपाल से उज्जैन तक सुरक्षा कड़ी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। बुधवार को भोपाल के भदभदा स्थित रेडियो मुख्यालय में डायल-112 के हेल्पलाइन वाट्सएप नंबर पर एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी वाला मैसेज भेजा। मैसेज में मुख्यमंत्री का नाम लिखकर उन्हें जान से खत्म करने की बात कही गई थी। बाद में आरोपित ने मैसेज को दो बार एडिट किया और अंत में डिलीट कर दिया। पुलिसकर्मियों ने समय रहते उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया। जानकारी के अनुसार, 23 सितंबर की सुबह करीब 11.30 बजे डायल-112 के वाट्सएप नंबर पर यह धमकी भरा मैसेज आया। इसमें लिखा था कि वह मुख्यमंत्री को जान से मार देगा और वे ज्यादा दिन तक नहीं बच पाएंगे। मैसेज में मुख्यमंत्री के बारे में अन्य आपत्तिजनक बातें भी लिखी गई थीं। मैसेज देखने के बाद डायल-112 के कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेडियो मुख्यालय की ओर से भोपाल पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत क्राइम ब्रांच पहुंचने के बाद गुरुवार को पुलिस ने धमकी देने वाले के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। इसके बाद रेडियो मुख्यालय की ओर से भोपाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत को क्राइम ब्रांच भेजा गया। पुलिस ने गुरुवार को मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। क्राइम ब्रांच की टीम ने उस मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की, जिससे व्हाट्सऐप संदेश भेजा गया था। जांच में मोबाइल नंबर की लोकेशन मुंबई में सामने आई। इसके बाद पुलिस की एक टीम शुक्रवार को मुंबई पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी को भोपाल ला रही है। यहां उससे धमकी देने के पीछे की वजह, संदेश में किए गए दावों और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने धमकी भरे संदेश के स्क्रीनशॉट के साथ अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया है। आरोपित मुंबई से गिरफ्तार क्राइम ब्रांच ने वाट्सएप मैसेज भेजने वाले मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस को उसकी लोकेशन मुंबई में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने शुक्रवार को मुंबई पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार किया। पुलिस उसे भोपाल ला रही है। यहां उससे पूछताछ कर धमकी भेजने की वजह, मैसेज में किए गए दावों और उसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी। पुलिस ने धमकी वाले मैसेज का स्क्रीनशाट और अन्य तकनीकी साक्ष्य जांच में सुरक्षित रखे हैं। मामले की जांच जारी है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को दिए निर्देश – राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न हो

बाढ़ और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को दिए आवश्यक निर्देश मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को दिए निर्देश – राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न हो जरूरतमंदों तक तत्काल पहुंचाएं सहायता, निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतें : मुख्यमंत्री आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बारिश से उत्पन्न बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिला कलेक्टरों को पूरी सतर्कता के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हुए प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे। मुख्यमंत्री साय ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की सतत निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि निचले इलाकों तथा नदी-नालों के आसपास बसे गांवों और बस्तियों पर विशेष नजर रखी जाए। जलस्तर बढ़ने अथवा बाढ़ की आशंका की स्थिति में लोगों को समय रहते सचेत किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने आगामी दिनों में लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव दल आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहें। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय, पंचायत एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों के लिए आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षित आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जलभराव वाले मार्गों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में आवागमन को लेकर विशेष सावधानी बरती जाए तथा जोखिम वाले स्थानों पर लोगों को जाने से रोका जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने जिला कलेक्टरों से मैदानी अमले को सक्रिय रखने तथा स्थानीय स्तर पर मिलने वाली प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते नदी-नालों और तेज बहाव वाले स्थानों पर न जाएं तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों का पालन करें।

योगी सरकार का बड़ा कदम, लॉन्च हुआ ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ पोर्टल

योगी सरकार ने लॉन्च किया ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ का आधिकारिक पोर्टल 75 जिलों के पारंपरिक स्वाद को मिलेगा वैश्विक मंच, पाक विरासत को पर्यटन, उद्यमिता और रोजगार से जोड़ने की पहल ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश की समृद्ध पाक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने और स्थानीय स्वाद को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ (ODOC) के आधिकारिक डिजिटल पोर्टल www.odoc-up.in का शुभारंभ किया गया। यह पोर्टल प्रदेश के सभी 75 जनपदों की विशिष्ट पाक परंपराओं, स्थानीय व्यंजनों, खाद्य उत्पादों और इससे जुड़े उद्यमियों को एक साझा डिजिटल मंच उपलब्ध कराएगा। योगी सरकार की ‘स्थानीय से वैश्विक’ की सोच के अनुरूप तैयार किए गए इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की खान-पान की विविधता को केवल सांस्कृतिक पहचान तक सीमित न रखते हुए उसे पर्यटन, उद्यमिता, रोजगार, खाद्य प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार से जोड़ना है। इससे प्रदेश के स्थानीय खाद्य उद्यमियों, फूड वेंडर्स, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। ओडीओपी की सफलता के बाद पाक विरासत को नई पहचान योगी सरकार की महत्वाकांक्षी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को देश और दुनिया में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए ओडीओसी के माध्यम से अब प्रदेश की पारंपरिक पाक विरासत को भी व्यवस्थित पहचान और बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट खान-पान परंपरा है। ब्रज, अवध, बुंदेलखंड, पूर्वांचल, रुहेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पाक विविधता प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है। ओडीओसी इन स्थानीय स्वादों को डिजिटल माध्यम से व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का काम करेगा। 75 जिलों के स्वाद की बनेगी डिजिटल पहचान ओडीओसी पोर्टल पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों की विशिष्ट पाक परंपराओं और व्यंजनों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है। नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटक, खाद्य प्रेमी, खरीदार और कारोबारी भी इस मंच के माध्यम से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक स्वाद से परिचित हो सकेंगे। पोर्टल पर डिस्ट्रिक्ट कुज़ीन, स्टेकहोल्डर डायरेक्टरी, स्कीम्स एंड पॉलिसीज, इवेंट्स, गैलरी, वीडियो, सक्सेस स्टोरीज, प्रोडक्ट वीडियो और प्रोडक्ट डीएसआर जैसे विभिन्न सेक्शन उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से ओडीओसी से जुड़े उद्यमियों और अन्य हितधारकों को एकीकृत डिजिटल मंच प्रदान किया गया है। स्थानीय स्वाद से वैश्विक बाजार तक योगी सरकार का जोर प्रदेश की पारंपरिक क्षमताओं को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ने पर है। इसी क्रम में ओडीओसी के तहत पारंपरिक व्यंजनों और खाद्य उत्पादों के ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता, मूल्यवर्धन और बाजार विस्तार पर ध्यान दिया जा रहा है। पाक विरासत को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने से स्थानीय स्तर पर खाद्य उद्यमिता को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना है। वहीं पर्यटकों के लिए भी स्थानीय व्यंजन प्रदेश के पर्यटन अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं। संस्कृति, पर्यटन और कारोबार का संगम उत्तर प्रदेश की पाक परंपरा यहां के इतिहास, संस्कृति, कृषि, स्थानीय संसाधनों और सामाजिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी है। ओडीओसी इसी विरासत को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नई पीढ़ी और वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास है। पोर्टल पर उपलब्ध सफलता की कहानियां, उत्पाद संबंधी वीडियो और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी स्थानीय खाद्य उद्यमियों को प्रेरित करने के साथ संभावित खरीदारों और निवेशकों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म से एक मंच पर आएगी जानकारी www.odoc-up.in को उत्तर प्रदेश की पाक विरासत के लिए एकीकृत डिजिटल मंच के रूप में विकसित किया गया है। पोर्टल पर ओडीओसी से संबंधित जानकारी, गतिविधियां, कार्यक्रम, सफलता की कहानियां और अन्य संसाधन एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश के स्थानीय स्वाद, पारंपरिक ज्ञान और खाद्य उद्यमिता को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ओडीओपी के बाद ओडीओसी के माध्यम से अब प्रदेश के उत्पादों के साथ-साथ उसके स्वाद की भी ब्रांडिंग करने की कोशिश की जा रही है।

क्षति का तुरंत आकलन करें, पीड़ित परिवारों को मिले हरसंभव सहायता: CM

क्षति का आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता कराएं उपलब्ध: मुख्यमंत्री मौसम को लेकर योगी सरकार सतर्क, रेड अलर्ट-आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश सीएम की आमजन से अपील, आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें डीएम व अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश, 27 सितंबर तक मौसम को लेकर यूपी में विशेष सतर्कता मौसम की हर चेतावनी पर होगी त्वरित कार्रवाई, रेड-ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में बढ़ाई सतर्कता लखनऊ,  उत्तर प्रदेश प्रदेश में बदलते मौसम, भारी बारिश और आंधी-वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए योगी सरकार पूरी तरह अलर्ट हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में भारी बारिश और आकस्मिक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और क्षेत्र में जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने रेड अलर्ट और आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने को कहा है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने व आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि से हुई क्षति का तत्काल आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सभी से अपील की गई है कि आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदियों एवं जलाशयों में स्नान करने से बचें और विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश वासियों के साथ खड़ी है। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनमानस की सुरक्षा के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी कदम उठाएं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जाए। लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं अधिकारी मुख्यमंत्री ने जीर्ण-शीर्ण मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे लोगों को आवश्यकता के अनुसार निकटतम राहत शरणालय में पहुंचाया जाए, ताकि भारी बारिश या आकस्मिक बाढ़ की स्थिति में उनके जीवन को खतरा न हो। राहत आयुक्त ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक वहीं इससे पहले राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। राहत आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जान-माल की सुरक्षा प्रशासन का दायित्व है। जिलाधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का निरीक्षण करें और आमजन से लगातार संवाद बनाए रखें। मौसम संबंधी चेतावनियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्थानीय संचार माध्यमों और अन्य उपलब्ध संसाधनों के जरिए व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। रेड अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारी सक्रिय रहेंगे। बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में तैयारी आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और राहत एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। आंधी-वज्रपात से बचाव पर जोर राहत आयुक्त ने निर्देश दिए कि तेज आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थान, पेड़, बाग और पार्क में जाने से रोका जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो। राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएं तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

आजमगढ़ पुलिस ने संवेदनशील मिशन में बचाई दो बच्चियों की जान, मदद के लिए सामने आया पूरा विभाग

आजमगढ़: योगी सरकार की पुलिस की संवेदनशील पहल, अनाथ हुए बच्चों को जिले के सभी पुलिसकर्मी अपने वेतन से देंगे सहायता एसएसपी डॉ. अनिल कुमार एक महीने का और सभी पुलिसकर्मी एक दिन का वेतन सहायता के रूप में देंगे   आजमगढ़ पुलिस ने संवेदनशील मिशन में बचाई दो बच्चियों की जान, मदद के लिए सामने आया पूरा विभाग डीजीपी राजीव कृष्ण बोले- आजमगढ़ पुलिस ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य, साहस के साथ दिखाई संवेदनशीलता लखनऊ/आजमगढ़ योगी सरकार में उत्तर प्रदेश पुलिस की पेशेवर दक्षता के साथ उसका मानवीय चेहरा भी सामने आया। आजमगढ़ के बड़े रेस्क्यू मिशन में पुलिस ने करीब 7-8 घंटे चले संवेदनशील ऑपरेशन के बाद दो मासूम बच्चियों की जान बचाई। अब पुलिस परिवार उनके सुरक्षित भविष्य के लिए भी आगे आया है। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने अपने एक महीने और पुलिसकर्मी ने एक दिन का वेतन बच्चियों के भविष्य के लिए देने का एलान किया है। यह राशि दोनों बच्चियों के नाम एफडी के रूप में जमा कराई जाएगी। वहीं डीजीपी राजीव कृष्ण ने आजमगढ़ पुलिस की सूझबूझ भरी कार्रवाई और मानवीय पहलू की सराहना की है। शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य में भी सहयोग यूपी पुलिस के मुताबिक, घटना में अरविंद, उनकी पत्नी और 9 वर्षीय पुत्र की मृत्यु के बाद परिवार में वृद्ध माता और दो बच्चियां रह गई हैं। दोनों बच्चियां फिलहाल अपने परिजनों के साथ स्वस्थ और सकुशल हैं। पुलिस उनके शिक्षा और पालन-पोषण में हरसंभव सहयोग कर रही है। घटना से हुए मानसिक आघात को देखते हुए 11 वर्षीय बच्ची के लिए चाइल्ड साइकेट्रिस्ट से परामर्श और आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहयोग की व्यवस्था भी की जा रही है। मृतकों के परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ पुलिस के मुताबिक घटना में जान गंवाने वाले धर्मेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा के परिजनों को पात्रतानुसार सरकारी सहायता दिलाने के लिए एसएसपी ने जिलाधिकारी से बात की। पुलिस आवश्यक जानकारी और बैंक खातों का विवरण लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से सहायता दिलाने में सहयोग करेगी। दोनों परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत पात्रतानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसके साथ ही दोनों बच्चियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत पात्रतानुसार सहायता दिलाने व वृद्ध माता को वृद्धावस्था पेंशन और अन्य पात्र सदस्यों को संबंधित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन से समन्वय किया गया है। हत्याओं के बाद करीब 8 घंटे तक बच्चों के कैद कर बैठा था अरविंद यूपी पुलिस के मुताबिक 22/23 सितंबर 2026 की रात आजमगढ़ के थाना आहरौला क्षेत्रांतर्गत ग्राम शम्भूपुर में तीन व्यक्तियों की हत्या के बाद आरोपी अरविंद अपने तीन बच्चों एवं लाइसेंसी रिवॉल्वर के साथ एक कमरे में बंद हो गया था। बच्चों की जान को खतरा देखते हुए पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन की रणनीति तैयार की। करीब 7–8 घंटे तक लगातार बातचीत के बाद आरोपी को आत्मसमर्पण करने व बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने के लिए कहा गया। इस दौरान आपात स्थिति के लिए एटीएस भी मौके पर मौजूद थी। इसी बीच देर रात कमरे के अंदर गोली चलने की आवाज आई, जिसे सुनते ही बच्चों की जान पर बचाने के लिए एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार, एसओजी प्रभारी संजय सिंह एवं आरक्षी प्रदीप दरवाजा तोड़कर कमरे में गए। पुलिस को देखते ही आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने दोनों बच्चियों को किसी तरह सकुशल बाहर निकाला। हालांकि 9 वर्षीय शौर्य को उसके पिता द्वारा चलाई गई गोली गई थी। पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम एवं बैलिस्टिक रिपोर्ट से भी पुष्टि हुई कि बच्चे को उसके पिता की रिवॉल्वर से चलाई गई गोली लगी थी। डीजीपी ने की आजमगढ़ पुलिस की सराहना डीजीपी राजीव कृष्ण ने आजमगढ़ पुलिस द्वारा दो मासूम बच्चियों को सुरक्षित बचाने और घटना के बाद प्रभावित परिवारों को मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की सराहना की है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ पुलिस ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य, साहस और कुशल फील्ड क्राफ्ट का परिचय देने के साथ प्रभावित परिवारों के प्रति मानवीय संवेदनशीलता भी दिखाई है। पुलिस का दायित्व केवल अपराध पर नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट के समय में जरूरतमंदों के साथ खड़े रहना और उन्हें दोबारा सामान्य जीवन की ओर बढ़ने में सहयोग देना भी है।

फिरोजाबाद में युवाओं की गूंज, नीति संवाद में 800 से ज्यादा युवा जुटे

फिरोजाबाद में गूंजी युवाओं की आवाज़, 'युवा नीति संवाद' में 800 से अधिक युवाओं ने की सशक्त भागीदारी – होप संस्था के आयोजन में शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास पर हुआ गहरा मंथन – युवाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान – मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और राज्य युवा आयोग के जरिए युवाओं को सशक्त बनाने पर जोर – संवाद में युवाओं ने बेबाकी से रखी राय, कहा- लोकतंत्र में हमारी आवाज़ भी है अहम फिरोजाबाद  'होप संस्था' (हाउस ऑफ पॉलिटिकल एम्पावरमेंट) के द्वारा शिकोहाबाद स्थित आराध्या गार्डन में "युवा नीति संवाद- उत्तर प्रदेश (डिकोडिंग द ग्रासरूट्स)" का भव्य आयोजन किया गया। 'चर्चा, विचार-विमर्श और विकास' की थीम पर आधारित इस महासंवाद में 800 से अधिक युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। "ज़मीनी स्तर की बातचीत से एक मज़बूत उत्तर प्रदेश की ओर" की मूल भावना के साथ आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नीति, विकास और लोकतांत्रिक चर्चा के केंद्र में लाना था। संवाद के दौरान शिक्षा, रोज़गार, कौशल विकास, उद्यमिता, तकनीक, सामाजिक सुरक्षा और स्थानीय विकास जैसे अहम विषयों पर युवाओं ने अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं पर खुलकर मंथन किया। युवा केवल लाभार्थी नहीं, लोकतंत्र के सक्रिय भागीदार कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवक्ता होप संस्था के संस्थापक डॉ. दिग्विजय सिंह, हंसराज कॉलेज दिल्ली में प्रवक्ता डॉ. प्रभांशु ओझा, आदर्श कृष्ण कॉलेज, शिकोहाबाद के पूर्व प्राचार्य प्रो. मौकम सिंह, शिकोहाबाद के पालीवाल कॉलेज में प्रवक्ता डॉ. एमपी सिंह, अधिवक्ता राहुल यादव और पर्यावरणविद् दीपक गौरी ने शिरकत की।वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नीति-निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। विविध सामाजिक- आर्थिक पृष्ठभूमि से आए युवाओं को विभिन्न सरकारी नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही इन योजनाओं के प्रभाव और जमीनी स्तर पर इन्हें लागू करने में आ रही चुनौतियों की पहचान की गई। आयोजकों ने आश्वस्त किया कि इस संवाद से प्राप्त सुझावों को नीति-निर्माण से जुड़े संबंधित मंचों और सरकार तक पहुंचाया जाएगा। नए भारत के निर्माण के सपने में युवाओं की अहम भूमिका प्रवक्ता डॉ. प्रभांशु ओझा ने कहा कि समाज में कोई भी नई क्रांति और रचनात्मकता युवाओं की ही देन है। राजनैतिक जागरूकता के बिना अन्य सभी जागरूकताएं अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के निर्माण के सपने में युवाओं की अहम भूमिका है। सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का लाभ उठाकर गांव- देहात के युवा भी यूपीएससी जैसी परीक्षाएं पास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में राज्य युवा आयोग की स्थापना की घोषणा की है, जो युवाओं की दिशा बदलने में एक बड़ा कदम साबित होगा। सकारात्मक बदलाव और नीतियों पर संवाद जरूरी होप संस्था के संस्थापक डॉ. दिग्विजय सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का सीधा प्रयास उत्तर प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि समाज में दो तरह की विचारधाराएं हैं- एक सकारात्मक जो अवसर खोजकर निर्माण कर रही है, और दूसरी नकारात्मक जो युवाओं को भटकाकर सड़क पर लाना चाहती है। बदलाव प्रकृति का नियम है। बिना नीतिगत बहस के किसी भी समाधान का निकलना संभव नहीं है। कृषि चौपाल के बाद अब अगले तीन महीनों तक पूरे प्रदेश में युवाओं की बात सरकार तक पहुंचाने का यह अभियान जारी रहेगा। वर्तमान में जिएं और पहले इच्छाशक्ति जगाएं आदर्श कृष्ण कॉलेज, शिकोहाबाद के पूर्व प्राचार्य प्रो. मौकम सिंह ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आज का युवा असमंजस की स्थिति में है। सफलता उसे मिलती है जो भूत या भविष्य को छोड़कर वर्तमान में जीकर मेहनत करता है। उन्होंने युवाओं को 'डिजायर एंड देन डिजर्व' का मंत्र देते हुए कहा कि पहले अपने अंदर लक्ष्य का बीज बोएं, फिर उसके अनुरूप कर्म करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे बड़ी सफलता अभाव से ही निकलती है; देश में सबसे ज्यादा आईएएस और आईपीएस ग्रामीण और अभावग्रस्त पृष्ठभूमि से ही आते हैं। युवाओं की बेबाक राय: संवाद से मिला नया मार्ग इस सार्थक पहल पर कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने बेबाकी से अपनी राय रखी। स्थानीय युवा विशाल यादव ने कहा कि इस संवाद ने ज़मीनी हकीकत और राष्ट्रीय नीतियों के बीच सीधा सेतु बनाने का काम किया है, जिससे हमारी सोच को सही दिशा मिली है। विनय यादव ने बताया कि इस कार्यक्रम से हमने समझा कि नीतियां कैसे काम करती हैं। आज हमें अपनी शिक्षा और रोजगार से जुड़ी ज़मीनी समस्याओं को खुलकर रखने का एक बेहतरीन मंच मिला। यश यादव ने कहा कि मुझे यहां स्वरोजगार और कौशल विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं की गहराई से जानकारी मिली। ऐसे संवाद से आगे बढ़ने का सही रास्ता मिलता है। वहीं मयंक यादव ने कहा कि हमेशा हम सिर्फ सुनते थे, लेकिन आज हमें अपनी चुनौतियां बताने का अवसर मिला। यह साबित करता है कि हमारी आवाज़ भी नीति-निर्माण का हिस्सा होनी चाहिए। शीलेंद्र यादव ने कहा कि 'युवा सोच, मज़बूत लोकतंत्र' का नारा आज सच होता दिखा। लोकतंत्र में हमारी भागीदारी सिर्फ वोट देने तक सीमित नहीं है, नीतियों पर चर्चा करना भी उतना ही जरूरी है। कार्यक्रम में मंच संचालन आशुतोष यादव, हिमांशु द्विवेदी ने किया। उत्सव कुमार राय, नयन, आर्यन आदि का सफल आयोजन में विशेष सहयोग रहा।

इंटरनेशनल ट्रेड शो की सुरक्षा चाक-चौबंद, 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात

सुरक्षा पर योगी सरकार का पूरा फोकस, अभेद्य दुर्ग बना इंटरनेशनल ट्रेड शो पीएसी की सात कंपनियां और 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी के आगमन पर सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम रूट, हेलीपैड, प्रवेश द्वार, गैलरी और हॉल के साथ आसपास के प्रमुख मार्गों, ऊंची इमारतों और संवेदनशील स्थानों पर भी सख्त पहरा आउटर-इनर कॉर्डन से लेकर एंटी-ड्रोन और ट्रैफिक व्यवस्था तक रही सक्रिय ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को देखते हुए इंटरनेशनल ट्रेड शो परिसर और उसके आसपास सुरक्षा का अभेद्य दुर्ग बना रहा। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी की सात कंपनियां तैनात रहीं। रूट से लेकर हेलीपैड, प्रवेश द्वार, गैलरी और हॉल तक पुलिस की नजर रही। आसपास के प्रमुख मार्गों, ऊंची इमारतों और संवेदनशील स्थानों को भी सुरक्षा घेरे में रखा गया। आउटर-इनर कॉर्डन से लेकर एंटी-ड्रोन, एंटी-डेमो और ट्रैफिक व्यवस्था तक सुरक्षा का पूरा तंत्र सक्रिय रहा। यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित हो रहा है, जिसे लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बाहर से भीतर तक सुरक्षा की कई परतें ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सुरक्षा व्यवस्था की पहली परत आउटर कॉर्डन रही। इसके तहत कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों के साथ रिंग रोड, अंडरपास, वेंडिंग जोन और मेट्रो स्टेशन जैसे स्थानों पर पुलिस की ड्यूटी रही। हाईराइज इमारतों पर रूफटॉप निगरानी के साथ मॉल, ओवरब्रिज पर भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही। कार्यक्रम स्थल के आसपास बाहर से आने वाले प्रमुख रास्तों और ऊंची जगहों पर पुलिस की नजर रही। प्रवेश द्वार से हॉल तक कड़ा पहरा सुरक्षा की दूसरी परत इनर कॉर्डन रही। इसके तहत इंटरनेशनल ट्रेड शो के आंतरिक प्रवेश द्वार, गैलरी और हॉल को सुरक्षा घेरे में रखा गया। गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवागमन वाले मार्गों पर भी विशेष पुलिस ड्यूटी रही। कार्यक्रम स्थल के भीतर प्रवेश व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी गई। हेलीपैड और कार्यक्रम स्थल अलग सुरक्षा घेरे में आइसोलेशन कॉर्डन के तहत हेलीपैड और मुख्य कार्यक्रम स्थल को अलग सुरक्षा घेरे में रखा गया। यहां आवागमन और प्रवेश व्यवस्था की निगरानी के साथ सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। इस तरह वीआईपी मूवमेंट वाले प्रमुख हिस्सों को सुरक्षा की अलग परत में रखा गया। बॉर्डर चेकिंग से एंटी-ड्रोन तक रही निगरानी जिला स्तरीय आंतरिक सुरक्षा प्लान के तहत बॉर्डर चेकिंग, रूट ड्यूटी, रूफटॉप निगरानी और एंटी-ड्रोन ड्यूटी भी रही। किसी संभावित प्रदर्शन या व्यवधान से निपटने के लिए एंटी-डेमो टीमों को भी जिम्मेदारी दी गई। वहीं वीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था भी सुरक्षा प्लान के साथ सक्रिय रही। परी चौक से सेक्टर-14 तक एंटी-डेमो टीमें एंटी-डेमो व्यवस्था के तहत परी चौक, सूरजपुर, महामाया फ्लाईओवर और सेक्टर-14 समेत चिन्हित स्थानों पर टीमों की ड्यूटी रही। इन टीमों को किसी संभावित प्रदर्शन या अप्रत्याशित स्थिति में तत्काल पुलिस प्रतिक्रिया के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई। सेफ हाउस और सेफ हॉस्पिटल की भी व्यवस्था सुरक्षा प्लान में सेफ हाउस और सेफ हॉस्पिटल की व्यवस्था भी शामिल रही। आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित व्यवस्थाएं रहीं। ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम स्थल के आसपास बाहर से आने वाले हर संभावित रास्ते और ऊंची जगहों पर सुरक्षा कड़ी रखी गई। सुरक्षा व्यवस्था का फोकस केवल आयोजन स्थल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों और वीआईपी मूवमेंट वाले मार्गों तक इसका विस्तार रहा। यूपीआईटीएस जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के साथ यातायात प्रबंधन भी अहम रहा। योगी सरकार की ओर से आयोजन से पहले सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन को लेकर व्यापक इंतजाम किया गया।

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, कृषि, मशीनरी और वुड टेक्नोलॉजी में निवेश का दिया न्योता

पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों से सीएम योगी ने की राउंड टेबल मीटिंग मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, कृषि, मशीनरी और वुड टेक्नोलॉजी में निवेश का दिया न्योता पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर कि विस्तार से चर्चा उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश: सीएम योगी ग्रेटर नोएडा,  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पार्टनर कंट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग कर उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। पार्टनर कंट्रीज सिंगापुर, वियतनाम, रूस, बेलारूस, जापान और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसर और विभिन्न सेक्टरों में उपलब्ध संभावनाओं को साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला प्रदेश है। ऐसे में पार्टनर देशों की कंपनियों के लिए यहां निवेश और कारोबार विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं। वियतनाम की कंपनियों को एविएशन सेक्टर में निवेश का अवसर वियतनाम के डेलिगेशन के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वियतनामी कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने वियतनाम की कंपनियों को यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट फंक्शनल करने में सफलता मिली है और शीघ्र ही यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि लखनऊ, वाराणसी और नोएडा से हनोई तथा वियतनाम के अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए वियतनाम के प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया। रूस की कंपनियों को डिफेंस, फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में निवेश का न्योता रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ राउंड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने रूसी संघ के बिजनेस कमिश्नर को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से जिन मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है, उत्तर प्रदेश सरकार उन सुझावों से सहमत है और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां करीब 25 करोड़ की आबादी निवास करती है। प्रदेश में भारत का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित हो रहा है। रूस की कंपनियां पहले से ही उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। लखनऊ नोड में ब्रह्मोस की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में भी रूसी डिफेंस कंपनियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि रूस की एके-203 राइफल का निर्माण भी उत्तर प्रदेश में हो रहा है। यह रूस की कंपनियों के लिए प्रदेश में उपलब्ध अवसरों का उदाहरण है और उन्हें इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी रूस के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट के पास मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां रूसी निवेशक निवेश के साथ अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित कर सकते हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में भी फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। ललितपुर में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में भी रूस की कंपनियों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया। कृषि और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन में सहयोग की बड़ी संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि रूसी कंपनियों के लिए कृषि और फर्टिलाइजर की सप्लाई चेन भी महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकता है। उत्तर प्रदेश को भारत का फूड बास्केट बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। कृषि आधारित उद्योग और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में एमएसएमई का बड़ा केंद्र है। प्रदेश में ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित किए जा सकते हैं, जहां यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन से जुड़े देशों के साथ आर्थिक एवं व्यापारिक संवाद को आगे बढ़ाया जा सके। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, जहां विभिन्न देशों को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात क्षमता को देखने-समझने का अवसर मिल रहा है। बेलारूस की एडवांस मशीनरी और ट्रैक्टर कंपनियों को यूपी में निवेश का न्योता बेलारूस के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उनकी सहभागिता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चार वर्ष पहले शुरू की गई पहल के क्रम में बेलारूस ने इस बार भी अपने पवेलियन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक एवं विनिर्माण क्षमता को समझने का अवसर प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेलारूस के लिए निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन इसे कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। उन्होंने बेलारूस की एडवांस और हेवी मशीनरी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। विशेष रूप से बेलारूस की ट्रैक्टर कंपनियों को यहां असेंबलिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। वुड टेक्नोलॉजी और ओडीओपी के बीच सहयोग की संभावनाएं मुख्यमंत्री ने बेलारूस के प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) की ताकत से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर और बिजनौर जैसे जिलों में लकड़ी एवं उससे जुड़े उत्पादों की प्रोसेसिंग का बेहतरीन कार्य हो रहा है। यदि बेलारूस की आधुनिक वुड टेक्नोलॉजी को उत्तर प्रदेश के इन क्लस्टर्स से जोड़ा जाता है तो यहां के उत्पादों को वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान दिलाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की करीब 56 प्रतिशत आबादी युवा है। प्रदेश सरकार युवाओं की शिक्षा, कौशल … Read more

MPPSC लेट फीस पर बड़ा फैसला, ₹25 हजार शुल्क रहेगा लागू

इंदौर  मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा ली जा रही 25 हजार रुपये लेट फीस को मप्र हाई कोर्ट ने सही ठहराया है। परीक्षा आवेदन में ली जाने वाली इस लेट फीस को चुनौती देने वाली याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी। यह याचिका मोहम्मद रिजवान ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि 10 मार्च 2026 को सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पद के लिए विज्ञापन जारी हुआ था। इसमें फार्म भरने की अंतिम तिथि आठ मई और शुल्क 500 रुपये तय था। नौ से 15 मई तक लेट फीस तीन हजार रुपये रखी गई और 16 मई से 23 सितंबर तक इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया। याचिकाकर्ता का तर्क था कि इतनी अधिक लेट फीस आर्थिक आधार पर भेदभाव करती है। अत्यधिक शुल्क की वजह से वह फार्म नहीं भर पा रहा है। उम्मीदवार देर से आवेदन जमा करने से बचे याचिका के साथ राजस्थान, केरल और उप्र सहित अन्य आयोगों द्वारा ली जाने वाली अधिकतम फीस के नोटिफिकेशन भी प्रस्तुत किए गए। पीएससी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने याचिका निरस्त करने की मांग की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आयोग ने जानबूझकर तीन हजार और 25 हजार रुपये की लेट फीस का प्रविधान किया है, ताकि उम्मीदवार देर से आवेदन जमा करने से बचें। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के पक्ष में कोई उचित आधार नहीं मिला। तय समय में आवेदन फार्म नहीं भरने का कोई ठोस कारण भी नहीं बताया गया। इसलिए बिना किसी ठोस आधार वाली इस याचिका को निरस्त किया जाता है।  

चंडीगढ़ से UP-बिहार जाने वाली ट्रेनों में भारी वेटिंग, बढ़ी परेशानी

चंडीगढ़  दीपावली और छठ पर घर जाने की तैयारी कर रहे यूपी-बिहार के लोगों के लिए ट्रेन का टिकट मिलना अभी से चुनौती बन गया है। त्योहार में करीब एक महीने का समय बाकी है, लेकिन चंडीगढ़ और अंबाला से उत्तर प्रदेश-बिहार जाने वाली कई ट्रेनों में सीटें भर चुकी हैं।  चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली और आसपास रहने वाले बड़ी संख्या में लोग हर साल त्योहार पर अपने पैतृक गांव और शहर जाते हैं। इस बार नियमित ट्रेनों में सीट नहीं मिलने से यात्रियों को तत्काल टिकट, स्पेशल ट्रेन, बस या फ्लाइट का विकल्प तलाशना पड़ सकता है। चंडीगढ़ और अंबाला से यूपी-बिहार जाने वाली कई ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। गाड़ी संख्या 13152 में 12 नवंबर तक वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है। चंडीगढ़ से वाराणसी जाने वाली गाड़ी संख्या 22356 में वेटिंग 135 तक पहुंच गई है। चंडीगढ़ से गोरखपुर और डिब्रूगढ़ जाने वाली गाड़ी संख्या 15904 में 353 की वेटिंग चल रही है। अंबाला से गोरखपुर होते हुए बिहार जाने वाली गाड़ी संख्या 13042 में भी 10 नवंबर तक वेटिंग टिकट उपलब्ध नहीं होने की जानकारी है। तत्काल टिकट पर निर्भर होने की नौबत त्योहार नजदीक आने के साथ ट्रेनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। नियमित ट्रेनों में सीट नहीं मिलने पर यात्रियों को तत्काल टिकट या स्पेशल ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। वहीं, टिकट नहीं मिलने पर सड़क या हवाई यात्रा का विकल्प भी चुनना पड़ सकता है। प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाएं पूर्वांचल चंडीगढ़ विकास मंच ने रेलवे से मांग की है कि त्योहारों से पहले चंडीगढ़ और अंबाला से यूपी-बिहार जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाएं। साथ ही यात्रियों की मांग को देखते हुए और स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं, ताकि आखिरी समय में टिकट के लिए मारामारी न हो।