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राजमिस्त्री, किसान और शिक्षक परिवारों के बेटे-बेटियों की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात साधारण परिवारों के सपनों को मिल रही नई उड़ान, ट्राइबल यूथ हॉस्टल बन रहा प्रतिभाओं का सशक्त मंच राजमिस्त्री, किसान और शिक्षक परिवारों के बेटे-बेटियों की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री युवा शक्ति की सफलता विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान – मुख्यमंत्री साय मुख्य परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने दिया सफलता का मंत्र, कहा- अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम ही सबसे बड़ी पूंजी दूरस्थ जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कराई दमदार मौजूदगी नई दिल्ली मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए। उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वोच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।  इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उल्लेखनीय है कि  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, सुदीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं।

राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश नाकाम! संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, पाकिस्तानी नंबरों से संपर्क का खुलासा

अयोध्या  एनआईए और एटीएस ने अयोध्या के राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश भंड़ाफोड़ किया है। यूपी के संदिग्ध आतंकी को कर्नाटक के दावणगेरे से गिरफ्तार किया है। संदिग्ध आतंकी ने अयोध्या में राम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश कबूली है। आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान के नंबर, कुछ संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप और हथियारों के साथ लिए गए फोटो मिले हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज करके पूछताछ शुरू की गई है। आरोपी के संबंध में यूपी सरकार को भी सूचना भेजी गई है। इसके बाद सहारनपुर में भी छानबीन शुरू की गई है। इससे पहले दिनभर चर्चा रही कि आरोपी शाहजहांपुर का निवासी है। वहां भी कई टीमें दिनभर छानबीन में लगी रहीं। कर्नाटक के दावणगेरे जिले के हरिहर में एनआईए, एटीएस और पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र के लखनौती गांव के सुहैल को  गिरफ्तार किया। सुहैल फिलहाल हरिहर के पास औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में पेंटर के रूप में काम कर रहा था और सामान्य मजदूर की तरह रहकर अपनी पहचान छिपाए हुए था। आरोपी से एटीएस और पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो उसने खुलासा किया कि अयोध्या के राम मंदिर में बम विस्फोट करने की साजिश कर रहे थे। 20 साल के सुहैल के मोबाइल की जांच के दौरान पाकिस्तान का एक नंबर सेव मिला है, जिन्हें राणा बॉय के नाम से सुरक्षित किया गया था। इन नंबरों पर व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से बातचीत की पुष्टि हुई है। आरोपी के मोबाइल गैलरी में हथियारों के साथ खिचवाए गए कुछ फोटो भी मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। सहारनपुर के एसपी ग्रामीण मयंक पाठक ने बताया कि बुधवार शाम कर्नाटक से थाना गंगोह एक फोन कॉल आई थी। कॉल करने वाले अधिकारी ने बताया कि सहारनपुर निवासी सुहेल के संबंध में एक ई-मेल भेजी गई है और उसे कर्नाटक में गिरफ्तार किया गया है। मामले में विस्तृत जानकारी मिलने पर जांच-पड़ताल की जाएगी। सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि किसी एजेंसी की ओर से सहयोग मांगा जाता है तो स्थानीय पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी। ऐसे बनाई धमाकों की साजिश सुहैल ने खुलासा किया कि उसके साथ कई अन्य लोग भी साजिश में शामिल हैं। इन सभी लोगों को पाकिस्तान से ही निर्देश मिल रहे थे और अयोध्या के राम मंदिर में धमाकों की साजिश की जा रही थी। पता किया जा रहा है कि सुहैल के अलावा अन्य कौन कौन इस साजिश में शामिल है। माना जा रहा है कि स्लीपर सेल का इस्तेमाल इस काम के लिए किया जा रहा है। आरोपी के मोबाइल की जांच में ये भी खुलासा हुआ कि वह मैमन जट और राणा भाई संगठन का सक्रिय सदस्य है। दावणगेरे के पुलिस अधीक्षक शेखर एच. टेक्कनवार ने बताया कि आरोपी सुहैल व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी मूल के व्यक्तियों के संपर्क में था। ये भी बताया कि इससे पहले चार जून को भी तुमकुरु और दावणगेरे जिलों से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जो पाकिस्तानी मूल के संदिग्ध आरोपियों के संपर्क में थे। एडीजी भानु भास्कर के अनुसार कर्नाटक पुलिस ने एक संदिग्ध आतंकी सुहेल की गिरफ्तारी की सूचना भेजी है। सूचना के बाद यूपी एटीएस और एसटीएफ इस प्रकरण में स्थानीय स्तर पर कार्रवाई में लगी है। युवक के गांव और उससे संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।

मनौली की 54 एकड़ जमीन अब गोदाम क्षेत्र में शामिल, 30 दिन तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

मोहाली  पंजाब सरकार मोहाली के मास्टर प्लान में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके तहत मनौली गांव की 54 एकड़ जमीन को ‘इंस्टीट्यूशनल एरिया’ से बदलकर ‘इंडस्ट्रियल और वेयरहाउस एरिया’ के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव है। इस संबंध में प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार कर लिया गया। अंतिम निर्णय से पहले विभाग ने लोगों की राय जानने का फैसला लिया है। इसके लिए अगले 30 दिनों तक नागरिक अपने सुझाव दे सकेंगे। इसके बाद सरकार आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी। माना जा रहा है कि इस बदलाव से इलाके के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। लोगों की लंबे समय से थी मांग मनौली गांव के लोगों ने सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया था कि गांव में शिक्षा और संस्थागत गतिविधियों के लिए निर्धारित क्षेत्र चारों ओर से फैक्ट्रियों और गोदामों से घिरा हुआ है। इस वजह से वहां कोई बड़ा संस्थान या कॉलेज सही तरीके से विकसित नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस क्षेत्र को भी औद्योगिक और वेयरहाउस ज़ोन में शामिल कर दिया जाए, तो स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पूरे इलाके के विकास को गति मिलेगी। 54 एकड़ जमीन को लेकर ही विवाद था इस मांग के बाद जब टाउन प्लानिंग विभाग (DTP) ने जांच की, तो पाया गया कि मनौली गांव का अधिकांश हिस्सा पहले से ही औद्योगिक और वेयरहाउस गतिविधियों के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। केवल 54 एकड़ जमीन ही इंस्टीट्यूशनल एरिया के रूप में बची हुई है। पास के सेक्टर-81 और सेक्टर-83 में पहले से ही IISER और ISB जैसे बड़े संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा आईटी सिटी (सेक्टर-82 अल्फा) और मोहाली के अन्य सेक्टरों में भी विश्वविद्यालयों और अस्पतालों के लिए पर्याप्त भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसी को देखते हुए सरकार ने ग्रामीणों की मांग पर इस 54 एकड़ भूमि को भी औद्योगिक और वेयरहाउस क्षेत्र में बदलने का प्रस्ताव तैयार किया है। यहां डिस्प्ले होंगे नक्शे सरकार ने इस संबंध में तैयार किया गया नक्शा PUDA की आधिकारिक वेबसाइट www.puda.gov.in पर अपलोड कर दिया है। इसके अलावा इसे छह प्रमुख कार्यालयों में भी प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें मुख्य प्रशासक, GMADA, डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय, मुख्य टाउन प्लानर, PUDA भवन सेक्टर-62, वरिष्ठ टाउन प्लानर (STP), PUDA भवन तथा जिला टाउन प्लानर (DTP) का कार्यालय शामिल है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस पर सुझाव या आपत्तियां केवल लिखित रूप में ही स्वीकार की जाएंगी।  

आमसभा के दौरान उपसरपंच की पिटाई, सरपंच के बेटे सहित कई लोगों पर लगे गंभीर आरोप

अभनपुर. ग्राम पंचायत जौंदी में आयोजित आमसभा के दौरान उपसरपंच के साथ कथित रूप से मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। उपसरपंच पोखन लाल यदु ने थाना गोबरा नवापारा में शिकायत दर्ज कराते हुए सरपंच पुत्र सहित कई लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, 24 जून को ग्राम पंचायत जौंदी में आमसभा आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर चर्चा हो रही थी। बताया गया कि सूची में कुल 169 हितग्राहियों के नाम थे, जिनमें से 120 लोगों के नाम शामिल नहीं होने पर कुछ ग्रामीणों द्वारा उपसरपंच पर नाम कटवाने का आरोप लगाया गया। उपसरपंच का आरोप उपसरपंच का आरोप है कि इसी बात को लेकर टोमन लाल साहू ने सभा में लोगों को उनके खिलाफ भड़काया। बैठक समाप्त होने के दौरान कथित रूप से उनका कॉलर पकड़कर पंचायत भवन के बाहर ले जाया गया, जहां चिंतामणि, टोमन साहू, मिथलेश साहू, अलखराम साहू, बैतल साहू, लेखराम साहू, प्रहलाद साहू और एस कुमार सहित अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत में कहा गया है कि मारपीट के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए और उनकी मोटरसाइकिल को भी गिरा दिया गया। घटना का वीडियो ग्रामीण चेतन साहू द्वारा बनाए जाने की बात भी कही गई है। उपसरपंच ने बताया कि मारपीट के कारण उनके जबड़े में चोट आई है और दर्द बना हुआ है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पोखन लाल यदु ने यह भी आरोप लगाया है कि इससे पहले हुई पंचायत बैठकों में भी उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट का प्रयास किया जा चुका है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि पंचायत की आमसभा में हुई इस मारपीट की घटना पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

‘संविधान की आत्मा को कांग्रेस ने कुचला’ : CM साय का तीखा वार, राजनीति गरमाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संविधान हत्या दिवस पर कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने 25 जून 1975 को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ‘काला दिवस’ करार दिया। CM साय ने तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार पर आपातकाल थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा सत्ता के अहंकार में संविधान की आत्मा को कुचला गया। MISA के तहत हजारों लोकतंत्र सेनानी और पत्रकार जेल भेजे गए। PM मोदी के फैसले का किया स्वागत उन्होंने कहा कि 25 जून लोकतंत्र का काला दिवस है। आइए, हम सब मिलकर इस दिन संविधान की रक्षा करने का दृढ़ संकल्प लें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून को संविधान हत्या दिवस घोषित किए जाने के फैसले का स्वागत किया। 25 जून 1975 – भारतीय लोकतंत्र का वह काला दिवस, जब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के सत्ता के अहंकार ने संविधान की आत्मा को कुचलकर पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया।

जेपी नड्डा से मिले CM विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर /नई दिल्ली  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के देव मीणा का कमाल, राष्ट्रीय चैंपियनशिप में ऐतिहासिक उपलब्धि

65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के देव मीणा ने रचा इतिहास स्वर्ण पदक के साथ बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई भोपाल भुवनेश्वर में 24 से 28 जून 2026 तक आयोजित 65वीं राष्ट्रीय अंतर्राज्यीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के प्रथम दिवस सायंकालीन सत्र में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ी देव मीणा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पोल वॉल्ट स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। देव ने न केवल नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया, बल्कि आगामी एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर भारतीय एथलेटिक्स में मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी इस उपलब्धि ने प्रतियोगिता के पहले ही दिन प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव का अवसर प्रदान किया। देव मीणा ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड पोल वॉल्ट स्पर्धा में देव मीणा ने 5.46 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया। देव की इस उपलब्धि ने उन्हें देश के शीर्ष पोल वॉल्टरों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है। एशियाई खेल 2026 के लिए किया क्वालीफाई राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाले देव मीणा ने आगामी एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की बड़ी सफलता है, बल्कि मध्यप्रदेश और देश के लिए भी गर्व का विषय है। प्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन देव मीणा का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उनकी सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। खेल मंत्री श्री सारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने देव मीणा को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाना और एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करना प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देव आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा देव मीणा की यह उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रशिक्षण के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया जा सकता है।  

PMO ने मांगा राम मंदिर चंदे का ब्योरा, ट्रस्ट ने कहा- मामला जांच के दायरे में

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे में हेराफेरी व चोरी मामले अब नया खुलासा हुआ है.  श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से जिला प्रशासन को संदर्भित पत्र पर एसआइटी जांच का हवाला देते हुए वित्तीय जानकारी देने से इन्कार कर दिया है।  प्रधानमंत्री कार्यालय ने अयोध्या के स्थानीय बीजेपी नेता रजनीश सिंह के द्वारा लिखे गए पत्र पर जब जिला प्रशासन ने राममंदिर ट्रस्ट से आय-व्यय, दान, बैंक खातों, जमीन के लेन-देन और संपत्ति के बारे में जानकारी मांगी तो  जांच का हवाला देकर ट्रस्ट ने आए हुए संपत्ति का विवरण देने से मना कर दिया।  बीजेपी नेता रजनीश सिंह ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन चंदा चढ़ना और जमीन खरीद फरोख्त में गड़बड़ियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. रजनीश सिंह ने पीएमओ से मांग की थी कि मंदिर ट्रस्ट को निर्देश दिया जाए कि वह अब तक के वित्तीय लेनदेन और संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक करे।   बीजेपी नेता ने पीएमओ से की शिकायत राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बीजेपी के स्थानीय नेता डा. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यलय को दो बार पत्र लिखा. रजनीश सिंह ने पहली बार नौ जून को प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था।  उन्होंने मांग की थी कि मंदिर ट्रस्ट को निर्देश दिया जाए कि वह अपनी शुरुआत से लेकर अब तक के वित्तीय लेनदेन और संपत्ति की पूरी जानकारी सार्वजनिक करे. इसके बाद दूसरी बार उन्होंने 12 जून को एक और पत्र लिखकर राम मंदिर के चढ़ावा को सार्वजनिक करने की मांगी की. 13 जून को एसआईटी गठित कर दी गई थी।  पीएमओ ने मांगा ट्रस्ट के चंदे का हिसाब बीजेपी नेता के पत्र को संज्ञान में लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यलय (पीएमओ) ने जिला प्रशासन को संदर्भित किया.  पीएमओ को मिली शिकायत के लिए अयोध्या जिला प्रशासन को भेजा गया था. जिला प्रशासन ने इस मामले को लेकर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट से संपर्क किया।   सूत्रों की मुताबिक 23 जून को अयोध्या के एडीएम (प्रशासन) विशु राजा को लिखे एक पत्र में एडीएम (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने पीएमओ द्वारा शिकायत में मांगी गई जानकारी के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के चंपतराय से संपर्क किया था।  चंपत राय ने नहीं दिया चंदे का हिसाब  अयोध्या एडीएम (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी के मुताबिक चंपत राय ने यह कहकर कुछ भी जानकारी देने से मना कर दिया कि फिलहाल एसआईटी जांच चल रही है  और जांच पैनल सभी जरूरी रिकार्ड और जानकारी इकट्ठा कर रहा है.  इसीलिए अभी मांगी गई जानकारी नहीं दी जा सकती।  पीएमओ को बीजेपीके  नेता रजनीश सिंह के द्वारा भेजी गई शिकायत में कई जानकारियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई थी. इनमें 'समर्पण निधि' अभियान के जरिए इकट्ठा किए गए कोष, अलग-अलग तरीकों से मिले दान, सोना, चांदी और गहनों के रूप में मिले योगदान, बैंक खाते और वित्तीय लेन-देन, जमीन की खरीद-बिक्री, मंदिर निर्माण और प्रशासन पर खर्च, और आडिट व निरीक्षण रिपोर्ट शामिल हैं।   

NEP-2020 को लेकर मंत्री परमार का बड़ा बयान, बोले- शोध और नवाचार में महाविद्यालयों की भूमिका अहम

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने में महाविद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण : मंत्री परमार मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल की शोध पत्रिका एवं जर्नल का विमोचन भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करती है। उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध की सशक्त संस्कृति विकसित होने से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता प्राप्त होगी तथा देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। उच्च शिक्षा मंत्री परमार बुधवार को भोपाल स्थित अपने निवास कार्यालय में शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल द्वारा प्रकाशित शोध पत्रिका एवं जर्नल का विमोचन कर अपने विचार साझा कर रहे थे। मंत्री परमार ने कहा कि शोध पत्रिकाएं एवं जर्नल ज्ञान के सृजन, संरक्षण एवं प्रसार के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे प्रकाशनों से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने शोध कार्यों को व्यापक मंच प्रदान करने का अवसर मिलता है तथा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने महाविद्यालय द्वारा शोध, नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल उद्देश्य शिक्षा को रोजगारपरक, शोधोन्मुख एवं समाजोपयोगी बनाना है। मंत्री परमार ने महाविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में ऐसे प्रयास प्रदेश की उच्च शिक्षा को नई दिशा प्रदान करेंगे तथा विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होंगे। उल्लेखनीय है कि शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल द्वारा "रोजगारपरक शिक्षा के विविध आयाम" विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया था। इस वेबिनार का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा को रोजगारपरक बनाने, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जागरूक करने तथा शिक्षण संस्थानों, शोध एवं उद्योग जगत के मध्य समन्वय स्थापित करना था। वेबिनार में देशभर के विभिन्न शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विशेषज्ञों की सहभागिता रही तथा 54 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिन्हें समीक्षित एवं संकलित कर शोध जर्नल के रूप में प्रकाशित किया गया। इस अवसर पर शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. गीता मोदी, समन्वयक डॉ. अलका प्रधान, डॉ. आर. एस. रघुवंशी, शोध एवं प्रकाशन समिति के सदस्य डॉ. चन्द्रभान माकोड़े, डॉ. उमाशंकर पटेल, डॉ. नीतू शर्मा तथा डॉ. एल.एन. गौड़ सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित थे।  

अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस पर 27 जून को होगा ‘सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश’ समिट

अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 27 जून को सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट रवीन्द्र भवन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे शामिल 2000 प्रतिभागी-विभागों की प्रगति की प्रदर्शनी और 3 विशेष सत्र होंगे आकर्षण भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 पर 'सशक्त उ‌द्यमी समृद्ध मध्यप्रदेश समिट' शनिवार 27 जून  को रविन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्‌यम विभाग द्वारा किया जा रहा है। सू्क्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन समिट में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव भूमि आवंटन, भूमिपूजन, लोकार्पण तथा एमएसएमई, स्टार्टअप एवं स्वरोजगार लाभार्थियों को चेक प्रदान करेंगे। समिट में खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र एवं परिधान तथा अभियांत्रिकी क्षेत्रों के एमएसएमई के लिए बायर-सेलर मीट आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एमएसएमई प्रदर्शनी एवं ईज़ ऑफ डूइंग क्लिनिक का उ‌द्घाटन करेंगे। प्रदर्शनी में लगभग 50 स्टॉल होंगे, जिनमें एमएसएमई, स्टार्टअप, विभागीय स्टॉल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ओ.डी.ओ.पी, योजना लाभार्थी, महिला स्व-सहायता समूह, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी भोपाल, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर भोपाल, भारतीय मानक ब्यूरो, GeM, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एन.आइ.टी.टी.आर) तथा बैंकों के प्रतिनिधि सम्मिलित रहेंगे, जो प्रतिभागियों को संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करेंगे। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पी.एफ.आर.डी.ए) भी समिट में भाग लेंगे। मुख्य सत्र में प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेन्द्र कुमार सिंह स्वागत उद्‌बोधन देंगे। इस दौरान एमएसएमई, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण एवं कुटीर उद्‌योग, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्‌योगिकी, एसआरएलएम (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) तथा आईपीआईपी विभागों की विगत ढाई वर्ष की उपलब्धियों एवं आगामी ढाई वर्ष की कार्ययोजना पर आधारित लघु वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स के समर्थन के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिनमें आरएजेडओआरपीएवाय (आरजीपीएक्स प्रा. लि.). प्लग एण्ड प्ले इंडिया प्रा. लि. तथा बीआईसीसीआई (बैकवर्ड क्लासेज़ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) सम्मिलित है। एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन भी समिट को संबांधित करेंगे। समिट में राज्य के उद्‌यमशील पारिस्थितिकी तंत्र के 2000 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें एमएसएमई, उ‌द्यमी, स्टार्टअप, वित्तीय संस्थान, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म एवं महिला स्व-सहायता को एक ही सशक्त मंच दिया गया है। समिट में विगत ढाई वर्षों की समस्त संबद्ध विभागीय उपलब्धियों तथा आगामी ढाई वर्षों की कार्ययोजना प्रदर्शित होगी। एमओयू का आदान-प्रदान, राज्य में एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध संस्थागत सहयोग को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम होंगे।  3 विषयगत सत्र भी होंगे समिट में तीन विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रथम सत्र, ' नये बाजार, नई उडान' (एमएसएमई एवं एसएचजी के लिए नए बाजार अवसर) में एफआईईओ, सीएसआईआर-एएमपीआरआई ओएनडीसी, ईसीजीसी एवं इंडिया पोस्ट के पैनलिस्ट भाग लेंगे। दवितीय सत्र 'पूंजी तक पहुँच' (फंडिंग द नेक्स्ट जनरेशन एमएसएमई), में एनपीसीएल, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आरएक्सआईएल ट्रेन्ड्स प्लेटफॉर्म, आरएजेडओआरपीएवाय एवं नाबार्ड के पैनलिस्ट सम्मिलित हैं। तृतीय सत्र 'ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेण्डर्ड' (बीआईएस) के सहयोग से उत्पाद गुणवत्ता पर होगा। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ‌द्वारा अप्रैल 2017 में पारित संकल्प के माध्यम से प्रत्येक वर्ष 27 जून को 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्‌यम दिवस" के रूप में घोषित किया गया है। यह दिवस सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) की प्राप्ति में एमएसएमई की अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह वर्ष अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के आयोजन का दसवां वर्ष है।