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शीघ्र ही लांच करेंगे स्टेट एआई मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सुशासन और विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से औपचारिक चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सुशासन के जरिए नागरिक सेवाओं और सुविधाओं को और भी सिविक-फ्रेंडली बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नई-नई तकनीकों से जुड़कर प्रदेश में नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात् आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के दौर का सर्वाधिक संभावनाशील सेक्टर है। शासन-प्रशासन व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार भी आगे बढ़ रही है। अब इस दिशा में एआई की मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम बहुत जल्द मध्यप्रदेश का अपना 'स्टेट एआई मिशन' लांच करने जा रहे हैं। यह एक लक्ष्य केंद्रित मिशन होगा। इस मिशन से शासन प्रणाली में कसावट और सुप्रबंधन लाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। स्टेट एआई मिशन में कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 में एआई तकनीक के लिए ढांचागत विकास किया जाएगा। वर्तमान एआई पहलों को एकीकृत कर आधारभूत तैयारी सुदृढ़ की जाएगी। वित्त वर्ष 2027-28 में सफल यूज़ केसेस को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा तथा वित्त वर्ष 2028-29 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से अनौपचारिक रूप से चर्चा कर रहे थे। जयपुर में निवेशकों से मिले 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते शनिवार को जयपुर प्रवास के दौरान वहां निवेशकों से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि निवेशकों ने मध्यप्रदेश के प्रति अगाध स्नेह और अपनत्व जताया। विभिन्न औद्योगिक समूहों, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, फूड-प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी रही। सीआईआई राजस्थान के अध्यक्ष एवं न्यूरोइक्विलिब्रियम के एमडी श्री रजनीश भंडारी ने स्वागत भाषण में मध्यप्रदेश की नीतियों एवं उसके क्रियान्वयन की तारीफ की। प्रमुख उद्योगपतियों श्री मनीष गुप्ता (चेयरमैन, इनसोलेशन एनर्जी), श्री महावीर प्रताप शर्मा (चेयरमैन, राजस्थान एंजेल्स) और श्री के एल जैन (अध्यक्ष, राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस इन्टरैक्टिव सेशन में बेहद सकारात्मक संवाद के बाद सरकार को वहां के निवेशकों से 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे लगभग 3,530 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जयपुर में मिले निवेश प्रस्ताव के यह आंकड़े बताते हैं कि देश-विदेश के निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश की साख और हमारी औद्योगिक नीतियों के प्रति विश्वास कितनी तेजी से बढ़ रहा है। 139 दिन लगातार चलेगा तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान गत 19 मार्च से प्रारंभ हो चुका है। बीते दो अभियानों को अच्छा प्रतिसाद मिला। इस दौरान प्रदेश में नये कुंए, बावड़ियों, अमृत सरोवरों, तालाबों के साथ-साथ पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्भरण और सूखी नदियों के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये। बीते साल खंडवा जिले में जल संचयन के लिए अभूतपूर्व काम हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीसरे अभियान में करीब 2500 करोड़ रुपए से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचयन कार्य किए जाएंगे। बीते सालों की तरह इस वर्ष भी जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्य किये जायेंगे। साथ-साथ नदियों, तालाबों, बावडियों और कुओं का जीर्णोद्धार भी मिशन मोड में किया जायेगा। नदियों के उद्गम क्षेत्रों में हरित विकास के लिये गंगोत्री हरित योजना में कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे जल गंगा संवर्धन अभियान को केंद्र सरकार से भी सराहना और समर्थन मिला है। जल बचाने के लिए देशभर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों में मध्यप्रदेश का जल गंगा संवर्धन अभियान अव्वल श्रेणी में आया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले वर्ष 2024 में करीब 30 दिन, दूसरे वर्ष 2025 में 120 दिन यह अभियान चलाया। मौजूदा साल में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक कुल 139 दिन तक लगातार यह अभियान चलाया जाएगा। 3 से 5 अप्रैल तक बनारस में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भगवान काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (बनारस) में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन किया जायेगा। यह वीर विक्रमादित्य के महात्म्य के दिनों-दिन बढ़ता प्रभाव है।  

राजस्व संहिता में संशोधन, नक्शा पास होते ही लैंड यूज परिवर्तन होगा वैध

राजस्व संहिता में बड़ा बदलाव, नक्शा पास होते ही माना जाएगा लैंड यूज परिवर्तन कैबिनेट ने धारा-80 संशोधन अध्यादेश 2026 को दी मंजूरी दोहरी प्रक्रिया खत्म, निवेश और उद्योग स्थापना को मिलेगी रफ्तार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में उ0प्र0 राजस्व संहिता, 2006 की धारा-80 में संशोधन हेतु अध्यादेश 2026 को मंजूरी दे दी गई। इस अहम फैसले के तहत विकास प्राधिकरणों, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों, विनियमित क्षेत्रों तथा उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधीन क्षेत्रों में गैर-कृषि उपयोग (लैंड यूज़) परिवर्तन की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया गया है। अब इन क्षेत्रों में अलग से लैंड यूज बदलवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि किसी भूखंड का नक्शा प्राधिकरण द्वारा पास हो जाता है, तो उसी को भूमि उपयोग परिवर्तन माना जाएगा। इससे पहले लोगों को दोहरी प्रक्रिया (पहले लैंड यूज परिवर्तन और फिर नक्शा पास कराने) से गुजरना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की अधिक खपत होती थी। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि नई व्यवस्था में नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में ही सभी औपचारिकताएं समाहित कर दी गई हैं। इससे न केवल आमजन को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी। इस सुधार से प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, उद्योग स्थापना में तेजी आएगी और उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

नालंदा परिसर के निर्माण से बस्तर के छात्रों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं : वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नालंदा परिसर के निर्माण से बस्तर के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगम क्षेत्रों में ऐसे परिसर बनाए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। केदार कश्यप ने आज शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर जगदलपुर में प्रस्तावित ‘नालंदा परिसर’ का विधिवत भूमिपूजन किया। इस नालंदा परिसर का निर्माण लगभग 11 करोड़ 59 लाख की लागत से किया जाएगा, जिसमें 500 सीटर बैठक व्यवस्था, 24 घंटे सातों दिन पढ़ने की सुविधा, वाई फाई, पार्किंग और गार्डन की सुविधा रहेगी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि युवाओं से समय का सदुपयोग करते हुए लक्ष्य को प्राप्त करने का आह्वान किया। महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर में नालंदा परिसर के निर्माण से विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों को भी काफी सुविधा होगी। नालंदा परिसर में स्मार्ट लाइब्रेरी व स्टडी जोन होगा। हजारों किताबों के संग्रह के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ई-बुक एक्सेस करने की भी सुविधा होगी। स्मार्ट लर्निंग पर फोकस होगा। 24X7 वाईफाई और इंटरनेट की सुविधा भी छात्रों को यहां मिलेगी। सिविल सर्विसेज के साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, क्लैट की तैयारी के साथ मैथ्स ओलिंपियाड के लिए भी किताबें यहां होगी। नालंदा परिसर का निर्माण धरमपुरा क्षेत्र में हो आपके विधायक किरण देव लगातार प्रयासरत रहे। नालंदा परिसर के निर्माण से हमारे आने वाली पीढ़ी को शिक्षा क्षेत्र में लाभ होगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार की मंशा है कि शिक्षा का स्तर बढ़ाना है।           इस अवसर पर स्थनीय विधायक किरण देव ने कहा कि आज के हमारे युवा साथी भारत वर्ष की नींव है। बस्तर के युवा नालंदा परिसर में पढ़ाई कर अपना भविष्य खुद तय करेंगे। उन्होंने कहा कि प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय विश्व की ख्यातिप्राप्त संस्था रही है और इसी अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए नालंदा परिसर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न निकायों में निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि यह परिसर बस्तर के छात्रों की बहुप्रतीक्षित मांग थी, जहां विद्यार्थी 24 घंटे अध्ययन कर सकेंगे और अपने भविष्य को संवार सकेंगे। उन्होंने नालंदा परिसर के निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया।          कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एवं पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, ब्रेवरेज कार्पाेरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा, निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, प्रोफेसर एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।  

खेल प्रतिभा का महाकुंभ: छत्तीसगढ़ में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की धूम, खिलाड़ियों का गर्मजोशी से किया स्वागत

रायपुर,      खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आगमन शुरू हो गया है, जिससे प्रदेश में खेल उत्सव का माहौल बन गया है। सोमवार शाम असम से तैराकी के 10 खिलाड़ी और तमिलनाडु से 17 फुटबॉल खिलाड़ियों का दल रायपुर पहुंचा।        खिलाड़ियों के स्वागत में स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पारंपरिक रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह से भर दिया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और SAI के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया।आयोजन के तहत 23 मार्च को देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहेगा। यह पहली बार है जब इस स्तर का आदिवासी खेल आयोजन छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहा है।        यह भव्य प्रतियोगिता रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर से लगभग 3,000 जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग जैसे सात खेलों में पुरुष और महिला वर्गों के बीच रोमांचक मुकाबले होंगे।      छत्तीसगढ़वासियों के लिए यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर है, बल्कि जनजातीय संस्कृति और खेल भावना के अद्भुत संगम का भी प्रतीक बनेगा।

बिहार में सत्ता का फॉर्मूला तय? चिराग पासवान बोले- सीएम-Dy CM नामों पर बनी मोटी सहमति

पटना लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दावा किया है कि बिहार में एनडीए की नई सरकार और नीतीश कुमार के बाद बनने वाले मुख्यमंत्री को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 5 घटक दलों के बीच मोटा-मोटी सहमति बन चुकी है। सोमवार की सुबह दिल्ली से पटना पहुंचे चिराग ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा कि बिहार में नई सरकार को लेकर एनडीए गठबंधन के भीतर सब कुछ लगभग तय हो चुका है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी। याद दिला दें कि सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा के सांसद चुन लिए गए हैं और 10 अप्रैल या उसके बाद वो दिल्ली में नई पारी शुरू करेंगे। नीतीश के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के किसी नेता के मुख्यमंत्री बनने के प्रबल आसार हैं। चिराग पासवान ने सम्राट चौधरी के नाम को लेकर सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन सकारात्मक तौर पर कहा कि गृहमंत्री के तौर पर उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बड़ी जिम्मेदारी निभाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और किस भूमिका में उनका मॉडल प्रदेश में दिखेगा, यह समय ही बताएगा। पासवान ने हालांकि यह जरूर कहा कि सरकार जिसके भी नेतृत्व में बनेगी, उसमें नीतीश का अनुभव और मार्गदर्शन जरूर रहेगा। चिराग ने कहा कि नई सरकार के गठन को लेकर गठबंधन के भीतर तमाम विषयों पर बातचीत चल रही है। गठबंधन से कौन मुख्यमंत्री बनेगा, कौन डिप्टी सीएम होगा, इसको लेकर चर्चा ही नहीं, बल्कि मोटा-मोटी सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जायेगी। मौजूदा सीएम नीतीश कुमार इस समय राज्य की यात्रा कर रहे हैं, जिनके साथ मंच पर सम्राट चौधरी की केमिस्ट्री ने राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म कर रखा है। नीतीश कई जिलों में समृद्धि यात्रा के मंच पर सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर उनसे जनता को प्रणाम करवा रहे हैं। इसे नीतीश की तरफ से सम्राट के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है, जिनकी नए सीएम के चयन में भूमिका से कोई इनकार नहीं कर रहा है। बिहार में बीजेपी के 89 विधायक और जेडीयू के 85 विधायक हैं। यह संख्या बताता है कि सीएम भले भाजपा का हो, उसका चुनाव भी भाजपा अपने तरीके से करे, लेकिन नीतीश की रायशुमारी उसमें महत्वपूर्ण होगी। नीतीश को 30 मार्च से पहले बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। राज्यसभा का चुनाव जीतने के बाद उनके पास एमएलसी का पद छोड़ने के लिए 14 दिन का समय था, जिसमें एक सप्ताह बीत चुका है। चर्चा है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद से अप्रैल के दूसरे हफ्ते तक इस्तीफा देंगे, जब नई सरकार का गठन होगा। भाजपा और जदयू के नेताओं ने पहले कहा था कि नई सरकार के गठन की बातचीत 26 मार्च के बाद शुरू होगी, जिस दिन यात्रा के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक नीतीश की सभा पटना में होगी।  

तंत्र की नाकामी: उपचार के अभाव में दम तोड़ गया लकड़बग्घा

सूरजपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गुरु घासीदास नेशनल पार्क के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते एक लकड़बग्घे की इलाज के अभाव में मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, यह मामला जिले के बिहारपुर क्षेत्र के मकराद्वारी का है, जहां बीमार और घायल अवस्था में लकड़बग्घा जंगल में भटकता हुआ मिला था। बताया जा रहा है कि जंगल में लगी आग के कारण वह अपने प्राकृतिक आवास से बाहर भटक रहा था और बीमार होने से उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। स्थानीय स्तर पर मौजूद वन अमले ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। बताया जा रहा है कि वन्यजीव चिकित्सक छुट्टी पर था, लेकिन इसके बावजूद पार्क प्रबंधन द्वारा किसी वैकल्पिक डॉक्टर या इलाज की व्यवस्था नहीं की गई। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण लकड़बग्घा तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना यह कोई पहली घटना नहीं है। ठीक एक महीने पहले इसी नेशनल पार्क में एक तेंदुआ कुएं में गिर गया था, जिसकी समय पर रेस्क्यू और इलाज नहीं होने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं पार्क प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। लगातार वन्यजीवों की मौत के मामलों के बाद अब स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित इलाज और बचाव कार्य किया जाता तो इन बेजुबान जानवरों की जान बचाई जा सकती थी। मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

राबड़ी देवी को राहत की उम्मीद? लैंड फॉर जॉब मामले में Delhi High Court का CBI को नोटिस

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एक नोटिस जारी किया। यह नोटिस बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा दायर एक याचिका पर जारी किया गया है। इस याचिका में उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कथित तौर पर 'रेलवे में जमीन के बदले नौकरी' भ्रष्टाचार मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा जिन दस्तावेजों पर भरोसा नहीं किया गया था, उन्हें उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया गया था। मामले की संक्षिप्त सुनवाई के बाद जस्टिस मनोज जैन की एकल-न्यायाधीश पीठ ने सीबीआई से जवाब मांगा और मामले को 1 अप्रैल को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। अपनी याचिका में राबड़ी देवी ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसने उन दस्तावेजों तक पहुंच देने से इनकार कर दिया था जिन पर भरोसा नहीं किया गया था और दिल्ली हाई कोर्ट से उचित राहत मांगी है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और अन्य आरोपियों द्वारा सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में उन दस्तावेजों की आपूर्ति की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिन्हें अभी तक जारी नहीं किया गया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी, साथ ही अन्य आरोपियों द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 91 के तहत दायर अलग-अलग याचिकाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने यह माना कि उन दस्तावेजों की मांग अस्थिर थी और आपराधिक मुकदमे की योजना के विपरीत थी। ट्रायल कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि जिन दस्तावेजों पर भरोसा नहीं किया गया है, उनकी मांग अधिकार के तौर पर नहीं की जा सकती और उन्हें केवल मुकदमे के उचित चरण पर ही मांगा जा सकता है, आमतौर पर तब, जब बचाव पक्ष के सबूत पेश किए जा रहे हों। कोर्ट ने आगे यह भी कहा कि हालांकि आरोपियों को उन दस्तावेजों की सूची पाने का अधिकार है जिन पर भरोसा नहीं किया गया है, लेकिन वे अभियोजन पक्ष के सबूतों की शुरुआत में ही उन सभी दस्तावेज़ों की मांग तब तक नहीं कर सकते, जब तक कि वे उनकी आवश्यकता और प्रासंगिकता को साबित न कर दें। सभी 1,675 ऐसे दस्तावेजों की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि इस तरह के अनुरोध से मुकदमा बाधित होगा और वैधानिक योजना उलट जाएगी। कोर्ट ने कहा कि यह प्रार्थना शुरू में ही मुकदमे को एक उलझन भरे जाल में फंसाने के इरादे से की गई प्रतीत होती है और चेतावनी दी कि ऐसे अनुरोधों को स्वीकार करने से 'कभी न खत्म होने वाली जिरह' शुरू हो सकती है। यह मामला उन आरोपों से संबंधित है कि 2004 और 2009 के बीच रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रेलवे में नियुक्तियां की, जिसके बदले में उनके परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़ी संस्थाओं को जमीन के टुकड़े हस्तांतरित किए गए। सीबीआई के अनुसार, उम्मीदवारों या उनके रिश्तेदारों ने कथित तौर पर बाजार दर से कम कीमतों पर जमीन हस्तांतरित की, जो विभिन्न रेलवे जोन में नौकरियों के बदले में दी गई थी। हालांकि, लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने इन आरोपों से इनकार किया है और खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा है कि वे इस मामले को इसके गुण-दोष के आधार पर लड़ेंगे। इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में सीबीआई को एक नोटिस जारी किया। यह नोटिस लालू प्रसाद यादव की ओर से दायर एक याचिका पर दिया गया था, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें इस मामले में आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था। जनवरी में ट्रायल कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ आरोप तय किए थे। कोर्ट ने यह टिप्पणी की थी कि ऐसा प्रतीत होता है कि वे एक आपराधिक गिरोह के हिस्से के तौर पर काम कर रहे थे और कथित तौर पर सरकारी नौकरी को अचल संपत्तियां हासिल करने का एक जरिया बना रहे थे।

भोपाल नगर निगम बजट: ग्रीन-स्मार्ट सिटी विजन, 3938 करोड़ का प्लान, पानी-सीवेज-आवास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

3938 करोड़ का प्रस्तावित बजट, आय-व्यय समान इतनी ही राशि खर्च सुरक्षा निधि: 108.89 करोड़ कुल घाटा108.89 करोड़ भोपाल शहर सरकार ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया जिसे महापौर मालती राय ने पटल पर रखा। इस बजट में शहर की मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ तालाबों के संरक्षण और वंचित वर्गो के लिए आवास सहित अन्य मदों के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित बजट 3938 करोड़ 45 लाख 28 हजार रुपए का रखा गया है, जिसमें आय और व्यय दोनों बराबर हैं। हालांकि, राजस्व आय का 5' सुरक्षा निधि के रूप में 138 करोड़ 89 लाख 29 हजार रुपए अलग रखने के कारण बजट में संभावित घाटा सामने आ रहा है। महापौर के मुताबिक 108 करोड़ 89 लाख का घाटा दर्शाया गया है। बजट पेश करते हुए महापौर ने कहा कि  यह बजट बिना किसी भेदभाव के हर वार्ड के विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वार्ड नियोजन निधि के तहत प्रत्येक वार्ड को 50 लाख रुपए दिए जाएंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्य तेजी से हो सकें। हालांकि राहत की बात यह है कि जनप्रतिनिधियों के दबाव के चलते इस बार संपत्तिकर, जलदर में कोई बदलाव नहीं किया है वहीं शहर के एक बड़े हिस्से मेंं बल्क की बजाए व्यक्तिगत कनेक्शन देने की बात कही गई है। पानी और सीवेज पर बड़ा निवेश शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए जलप्रदाय और सीवेज व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। अमृत-2 योजना के तहत 582 करोड़ से जल परियोजनाएं जारी 36 ओवरहेड टंकियां, 4 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और 600 किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी सीवेज नेटवर्क विस्तार के लिए 1050 करोड़ रुपए के काम 70' शहर सीवेज नेटवर्क से कवर करने का लक्ष्य साथ ही 829 कॉलोनियों में बल्क कनेक्शन की जगह व्यक्तिगत नल कनेक्शन देने की योजना को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। तालाबों के संरक्षण पर फोकस बड़े तालाब, छोटा तालाब, शाहपुरा और कलियासोत सहित शहर के प्रमुख जल स्रोतों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों का प्रावधान किया गया है। बड़े तालाब पर 14 करोड़ छोटे तालाब पर 7 करोड़ शाहपुरा तालाब पर 9 करोड़ कलियासोत पर 34 करोड़ खर्च होंगे इसके अलावा प्रदूषण रोकने के लिए विसर्जन कुंड बनाए जाएंगे। आवास और झुग्गी मुक्त शहर का लक्ष्य 1052 मकान तैयार, 750 हितग्राहियों को आवंटन 1856 नए मकानों का प्रस्ताव बजट में 400 करोड़ रुपए का प्रावधान रेलवे कुलियों के लिए स्टेशन के पास आवास योजना पर भी काम प्रस्तावित है।  स्वच्छता में नंबर-2, अब नंबर-1 का लक्ष्य महापौर ने बताया कि भोपाल देश का दूसरा सबसे स्वच्छ शहर और सबसे स्वच्छ राजधानी बना है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 84 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। कचरा प्रबंधन में नवाचार जैसे कचरा कैफे, कम्पोस्ट, अगरबत्ती निर्माण और रीसाइक्लिंग पर जोर जारी रहेगा। यातायात और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार ब्लैक स्पॉट खत्म करने और लेफ्ट टर्न सुधार के लिए 6.9 करोड़ सडक़ों के रखरखाव के लिए 30 करोड़ मुख्य मार्गों पर लाइटिंग के लिए 30 करोड़ कोकता ट्रांसपोर्ट नगर को व्यवस्थित करने और शहर से ट्रांसपोर्ट शिफ्ट करने की योजना भी शामिल है। नए मार्केट, मीट मार्केट शिफ्ट और व्यापारिक प्लान इतवारा मीट मार्केट को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी ञ्जञ्ज नगर में नए मार्केट कॉम्प्लेक्स विकसित होंगे सर्राफा, दवा और किराना बाजार के लिए अलग हब बनाने की योजना हरियाली, पार्क और ओपन जिम नए पार्कों के लिए 5 करोड़ महापुरुषों की प्रतिमाओं के लिए 3 करोड़ ओपन जिम और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार सोलर एनर्जी और बचत नगर निगम सोलर एनर्जी पर भी तेजी से काम कर रहा है। फिल्टर प्लांट्स पर सोलर लगाने से हर महीने करीब 6 लाख रुपए की बचत हो रही है। नीमच में 10 मेगावाट प्लांट चालू है, एक और प्लांट जल्द शुरू होगा। संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा रानी कमलापति की स्मृति में ‘सांस्कृतिक झील महोत्सव’ आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए 3 करोड़ रुपए का प्रावधान है।म्यूजियम, ऑडिटोरियम और सामुदायिक भवनों के लिए भी बजट में राशि रखी गई है। कर्मचारियों और छात्रों के लिए प्रावधान मेधावी छात्रों को 15 हजार रुपए प्रोत्साहन कर्मचारियों के लिए दुर्घटना सहायता निधि सफाई मित्रों के लिए 2.7 करोड़ की वर्दी और रेनकोट व्यवस्था

बड़ा खुलासा: टीएसपीसी के 8 नक्सली दबोचे, पर्दे के पीछे से चला रहा था जोनल कमांडर

हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग जिले में प्रतिबंधित तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) से जुड़े आठ नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से हथियार व गोला-बारूद जब्त किए गए हैं। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि एक सूचना के आधार पर, सुरक्षा बलों ने शनिवार को उरिमारी चौकी क्षेत्र में नक्सलियों को पकड़ा। सदर अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDPO) अमित आनंद ने कहा, ''हमने टीएसपीसी के आठ नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो इंसास राइफल, एक देसी पिस्तौल, 130 कारतूस, चार पहिया वाहन और सात मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।'' आनंद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये नक्सली 12 फरवरी को रामगढ़ जिले के पतरातू में जबरन वसूली के प्रयास के दौरान हुई गोलीबारी की घटना में संलिप्त थे। एसडीपीओ के अनुसार, पूछताछ में नक्सलियों ने बताया कि वे टीएसपीसी के स्वयंभू जोनल कमांडर भीखन गजु और स्वयंभू सब-जोनल कमांडर दिनेश उर्फ ​​रवि राम के निर्देशों पर काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उरिमारी चौकी में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई और सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।  

लखनऊ के बड़े विकास प्रोजेक्ट्स को कैबिनेट से मिली मंजूरी, नई पहचान के लिए बनेगा कन्वेंशन सेंटर और फ्लाईओवर

लखनऊ में बड़े विकास प्रोजेक्ट्स को मिली कैबिनेट मंजूरी, कन्वेंशन सेंटर, हेरिटेज संरक्षण और फ्लाईओवर निर्माण से मिलेगी नई पहचान इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर के लिए पुनरीक्षित लागत को कैबिनेट स्वीकृति, लखनऊ में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन स्थल  रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल को पर्यटन की दृष्ट से किया जाएगा विकसित, दुबग्गा चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण को कैबिनेट मंजूरी   लखनऊ लोकभवन में सोमवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुनियादी ढांचे,  हेरिटेज संरक्षण और यातायात व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं में लखनऊ के वृन्दावन योजना सेक्टर-15 में प्रस्तावित इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत को स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही कैबिनेट फैसलों में राजधानी के ऐतिहासिक घरोहर के संरक्षण के उद्देश्य से रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल को ‘एडाप्टिव रि-यूज’ के तहत पीपीपी  मॉडल पर विकसित करने और परिवहन सुविधा के लिए दुबग्गा चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण करने की परियोजना की स्वीकृति शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राजधानी लखनऊ में नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर की पुनरीक्षित लागत को स्वीकृति प्रदान की  गई है। कैबिनेट ने लखनऊ की वृन्दावन योजना, सेक्टर-15 में प्रस्तावित इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए पहले 1297.42 करोड़ रुपये की लागत को स्वीकृत किया था, लेकिन निविदा प्रक्रिया के दौरान लागत अधिक आने के कारण इसे संशोधित कर 1435.25 करोड़ रुपये को मंजूर दी गई है। इस लागत में जीएसटी, लेवी, कंटीजेंसी और सुपरविजन चार्ज सहित अन्य खर्च भी शामिल हैं। ईपीसी मोड पर बनने वाले इस अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर में 10,000 लोगों की क्षमता वाला विशाल कन्वेंशन हॉल और 2,500 लोगों की क्षमता का ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। साथ ही बड़े स्तर पर पार्किंग की सुविधा और सुरक्षा मानकों के अनुरूप भीड़ नियंत्रण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।   इंटरनेशनल एक्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर का निर्माण प्रदेश की राजधानी, लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय स्तर के डिफेंस एक्सपों जैसे आयोजनों के स्थल के रूप में की जा रही है। कन्वेंशन सेंटर के आसपास 5-स्टार और बजट होटल विकसित करने की भी योजना है, जिससे देश-विदेश से आने वाले आगंतुकों को बेहतर आवास सुविधाएं मिल सकें। साथ ही, यहां आयोजित होने वाले आयोजनों के दौरान भारी उपकरणों, मॉडलों के प्रदर्शन की भी व्यवस्था होगी। यह परियोजना लखनऊ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख आयोजन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसी क्रम में योगी सरकार की ने लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल को ‘एडाप्टिव रि-यूज’ के तहत सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल पर विकसित करने को कैबिनेट ने मंजूर प्रदान की है। इसके लिए इन भवनों से संबंधित भूमि का स्वामित्व पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने का प्रस्ताव किया गया है। इन ऐतिहासिक इमारतों को हेरिटेज पर्यटन इकाइयों के रूप में विकसित कर राज्य में पर्यटन को नई दिशा देने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह भूमि हस्तांतरण अपवादस्वरूप किया जा रहा है और इसे भविष्य के लिए उदाहरण नहीं माना जाएगा। साथ ही लखनऊ की यातायात समस्या के समाधान के लिए भी एक महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस क्रम में लखनऊ-हरदोई मार्ग पर स्थित दुबग्गा चौराहे पर 1,811.72 मीटर लंबा तीन लेन का फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 305.31 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जिसे कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। दुबग्गा चौराहा लखनऊ शहर का एक प्रमुख यातायात केंद्र है, फ्लाईओवर के निर्माण से इस क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि ये सभी परियोजनाएं लखनऊ को आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यटन के दृष्टिकोण से आकर्षक शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।