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सोने-चांदी के जेवरों की चोरी, रायपुर के लक्ष्य ज्वेलर्स में 1 करोड़ का नुकसान

रायपुर खम्हारडीह इलाके में स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स में बीती रात चोरी की वारदात सामने आई है। शनि-रवि की  रात अज्ञात चोरों ने दुकान को निशाना बना धावा बोल दिया। वहां से करीब एक करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए। मिली जानकारी के अनुसार रात करीब 12:30 बजे चोर लक्ष्य ज्वेलर्स शॉप में घुसे और डिस्प्ले काउंटर में रखे कीमती आभूषण चोरी कर फरार हो गए। रविवार को दुकान बंद होने के कारण कारोबारी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह दुकान खोलने पर चोरी का खुलासा हुआ। सूत्रों की मानें तो शनिवार और रविवार की रात करीब 12:30 बजे के आसपास चोरों ने दुकान में एंट्री की थी। चोरों को शायद पता था कि रविवार को दुकान नहीं खुलेगी, इसलिए उनके पास भागने के लिए पूरा एक दिन और एक रात का वक्त था। वारदात की खबर मिलते ही खम्हारडीह पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। दुकान के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को बारीकी से चेक किया जा रहा है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी बुलाया गया है ताकि फिंगरप्रिंट्स और दूसरे सुराग जुटाए जा सकें। पुलिस अब दुकान के आसपास के इलाकों और चौक-चौराहों पर लगे कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि चोरों के भागने का रास्ता पता चल सके। घटना की सूचना मिलते ही खम्हारडीह थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। फिलहाल पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है। मौके पर पहुंची पुलिस और क्राइम ब्रांच सूचना मिलने के बाद खम्हारडीह थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जिससे चोरी से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

एसीबी ने थाईलैंड से लौटते ही संजय बड़ाया को पकड़ा, जयपुर लाकर होगी पूछताछ

जयपुर जल जीवन मिशन घोटाले में एसीबी को आरोपी दलाल संजय बड़ाया को हिरासत में ले लिया गया है. एसीबी ने दिल्ली एयरपोर्ट से बड़ाया को पकड़ा और उसे जयपुर लाया जा रहा है. उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था. जानकारी के मुताबिक, वह थाईलैंड में किसी शादी समारोह में गया हुआ था, वहां से लौट रहा था. एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद ब्यूरो इमीग्रेशन ने एसीबी की टीम को सूचना दी. रात करीब 2 बजे उसे हिरासत में लिया गया. घोटाले में दलाल की भूमिका में था संजय संजय बड़ाया की भूमिका को लेकर भी खुलासा हो चुका है. एसीबी के मुताबिक, उसकी भूमिका दलाल की मानी जा रही है. जयपुर लाने के बाद पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है. इस कार्रवाई को डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अंजाम दिया गया. कार्रवाई में एएसपी महावीर प्रसाद शर्मा, एएसपी भूपेंद्र सिंह और एएसपी हिमांशु कुलदीप शामिल रहे. बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई डीजी गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर की गई. इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बना करोड़पति संजय बड़ाया जयपुर के बनीपार्क का रहने वाला है. उसे ईडी ने 16 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया था. सुप्रीम कोर्ट से 17 दिसंबर 2024 को उसे जमानत मिली थी. साल 022 तक मैसर्स मेरूलैंड्स इंश्योरेंस कंपनी में जॉब करता था. सालाना 7 लाख रुपए कमाने वाला बड़ाया कुछ ही महीनों में करोड़पति बन गया. जमीन हड़पने का भी है आरोप ईडी की जांच में सामने आया कि उसने मैसर्स चमत्कारेश्वर बिल्डर्स एंड डेवलपर नाम से नई कंपनी बनाई. इसमें अपनी पत्नी नैना बड़ाया को भी पार्टनर बनाया. इस कंपनी के नाम से उसने जयपुर में करोड़ों का कारोबार किया. फर्जी दस्तावेजों से जेडीए पट्टे की जमीनें हड़पने के भी प्रयास किए.

कनाडा वर्क परमिट का झांसा देकर धोखाधड़ी, तीन साल बाद भी नहीं मिला वीजा

 यमुनानगर लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले में शहर यमुनानगर थाना में पंजाब के मोहाली की इमिग्रेशन फर्म रुद्राक्ष ओवरसीज साल्युशन के संचालकों व कर्मचारियों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। इस फर्म व संचालकों पर पूर्व में भी विदेश भेजने के नाम पर पंजाब के मोहाली, होशियारपुर, लुधियाना, कुरुक्षेत्र और थाना छप्पर धोखाधड़ी के सात केस दर्ज हैं। अब नया मामला सुमित कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ। उनसे 19 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस को दी शिकायत में राधा कृष्ण दुरेजा कैंप निवासी सुमित कुमार ने बताया कि वर्ष 2022 में उन्होंने फेसबुक पर कनाडा भेजने संबंधी एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन के माध्यम से उनकी बातचीत मोहाली स्थित रुद्राक्ष ग्रुप ओवरसीज साल्यूशन के संचालक राकेश रिक्खी, उसकी पत्नी प्रभा से हुई। आरोपितों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे कम समय में उनका और उनके परिवार का कनाडा पीआर तथा वर्क परमिट लगवा देंगे। इसके बाद आरोपितों से कार्यालय में मिला। वहां पर फर्म में कार्य करने वाले योगिता, बलजीत सिंह संधु, गुरचरण ढींढसा, हरनूर कौर, शिवम कुमार मिले। आरोपितों ने विदेश भिजवाने के नाम पर 20 लाख रुपये का खर्च बताया। उन्हें दस्तावेज व अलग-अलग 19 लाख 20 हजार 560 रुपये दिए। यह रुपये आरोपितों के दिए खाते में ट्रांसफर कराए गए। तीन साल बाद भी नहीं मिला वीजा आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपित लगातार उन्हें आश्वासन देते रहे। कभी फाइल प्रोसेस में होने की बात कही गई तो कभी एंबेसी प्रक्रिया का हवाला दिया गया। समय बीतने के साथ आरोपितों ने फोन उठाना भी कम कर दिया। तीन साल गुजर जाने के बाद भी न तो उन्हें कनाडा भेजा गया। आरोपितों से रुपये वापस मांगे तो इन्कार कर दिया गया। आरोपितों को यह रुपये भी प्रापर्टी बेचकर व पीएफ निकालकर दिए थे।

सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियाद सुविधाओं का हो रहा विस्तार, हर वर्ग का हो रहा उत्थान

आईजीआरएस की अप्रैल की रिपोर्ट में रामपुर ने फिर मारी बाजी, योगी सरकार के विकास कार्यों को तेजी से धरातल पर उतार रहे  सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियाद सुविधाओं का हो रहा विस्तार, हर वर्ग का हो रहा उत्थान  आईजीआरएस की निगरानी से विकास कार्यों में आयी तेजी, गुणवत्तापूर्ण हो रहे विकास कार्य आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट में डीएम रामपुर ने 98.57 प्रतिशत अंक प्राप्त कर हासिल किया पहला स्थान रिपोर्ट में पीलीभीत ने दूसरा, श्रावस्ती और अमेठी ने बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों काे साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में रामपुर ने 138 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि पीलीभीत ने दूसरा और श्रावस्ती के साथ अमेठी ने बराबर-बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  जनशिकायतों के निस्तारण के साथ 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर माह आईजीआरएस से की जाती है समीक्षा आईजीआरएस द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी की जाती है। आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 138 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसका रेश्यो 98.57 प्रतिशत है। जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आईजीआरएस के जरिये मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। बता दें कि रामपुर पिछले चार माह से पहले स्थान पर है। प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई और आईजीआरएस की शिकायतों का किया जा रहा निस्तारण पीलीभीत जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई में िशिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। यही वजह है कि जिले में जनशिकायतों के निस्तारण दर में लगातार सुधार हो रहा है। पीलीभीत लगातार चार माह से प्रदेश में दूसरा स्थान बनाए हुए है। आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट में भी पीलीभीत पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। पीलीभीत ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 137 अंक प्राप्त किये। इसका रेश्यो 97.86 प्रतिशत है। इसी तरह श्रावस्ती ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 136 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त  है। इसका रेश्यो 97.14 प्रतिशत है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णां गर्ग ने बताया कि विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतुष्टीपूर्ण फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। इसी तरह अमेठी ने भी 136 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं हाथरस, बरेली, हमीरपुर, बदायूं, बाराबंकी और बलिया ने टॉप टेन जिलों में जगह बनायी है।

लखनऊ होकर उधना-सूरत-जयनगर रूट पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को राहत

लखनऊ गर्मी की छुट्टी में यूपी बिहार से गुजरात आना जाना आसान करने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने लखनऊ होकर उधना, सूरत और झंझारपुर के लिए समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेनें वापसी में गोरखपुर होते हुए बिहार के जयनगर और मधुबनी भी जाएंगी। इन ट्रेनों में स्लीपर और जनरल के कोच होंगे। इन ट्रेनों के चलने से यूपी के आगरा, कानपुर, गोंडा समेत कई जिलों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। बिहार के रक्सौल, सीतामढ़ी, नरकटिया गंज से गुजरात जाने और आने वालों की परेशानी दूर होगी। उधना-जयनगर-सूरत विशेष गाड़ी 16 से ट्रेन नंबर 09041 उधना-जयनगर ग्रीष्मकालीन अनारक्षित विशेष गाड़ी 16 मई शनिवार को उधना से 23.30 बजे चलेगी। दूसरे दिन सायण, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, ईदगाह आगरा, कानपुर सेंट्रल, मानक नगर से 21.02 बजे, लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 21.52 बजे होते हुए तीसरे दिन बस्ती, गोरखपुर,रक्सौल, सीतामढ़ी, सकरी, मधुबनी होते हुए जयनगर 13.30 बजे पहुंचेगी। वापसी में 09042 जयनगर से 11 एवं 18 मई, सोमवार को 15.00 बजे चलेगी। उक्त स्टेशनों से होते हुए दूसरे दिन लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 08.04 बजे, मानक नगर से 08.49 बजे चलकर तीसरे दिन सूरत 07.24 बजे पहुंचेगी। उधना-मधुबनी-सूरत अनारक्षित गाड़ीआज से ट्रेन नंबर 09045 उधना-मधुबनी अनारक्षित विशेष गाड़ी 10 एवं 17 मई रविवार को उधना से 01.30 बजे चलेगी। सायण, भरुच, वडोदरा,रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, ईदगाह आगरा, टूण्डला, कानपुर सेंट्रल, मानक नगर से 23.02 बजे, लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 23.52 बजे चलकर दूसरे दिन गोंडा, बस्ती, गोरखपुर रक्सौल, सीतामढ़ी, सकरी से होते हुए मधुबनी 16.00 बजे पहुंचेगी। वापसी में 09046 मधुबनी से 11 एवं 18 मई सोमवार को 18.00 बजे चलेगी। उक्त स्टेशनों से होते हुए दूसरे दिन लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 11.49 बजे, मानक नगर से 12.34 बजे खुलते हुए तीसरे दिन सूरत 11.09 बजे पहुंचेगी। झंझारपुर-उधना-सूरत विशेष ट्रेन 11 से चलेगी ट्रेन नंबर 09048 झंझारपुर से 11 एवं 18 मई सोमवार को 21.00 बजे चलेगी। सकरी, शिशो, दूसरे दिन सीतामढ़ी, रक्सौल, नरकटियागंज, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा होते हुए लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 13.19 बजे, मानक नगर से 14.04 बजे चलकर कानपुर सेंट्रल, टूण्डला, ईदगाह आगरा, बयाना, तीसरे दिन गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर,कोटा, रतलाम, दाहोद, वडोदरा, भरुच, सायण होते हुए सूरत से 12.39 बजे पहुंचेगी। 09047 उधना-झंझारपुर 10 एवं 17 मई रविवार को उधना से 05.00 बजे चलेगी। उक्त स्टेशनों से होते हुए दूसरे मानक नगर से 02.32 बजे, लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 03.22 बजे चलकर झंझारपुर 19.00 बजे पहुंचेगी।

गर्मियों से राहत की खबर: पंजाब में बारिश और तेज हवाओं के साथ तापमान में गिरावट

चंडीगढ़   पंजाब और चंडीगढ़ में रविवार से मौसम का मिजाज बदल गया है। सुबह से तेज हवाएं चलने के साथ कई इलाकों में बादल छाए रहे। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 11 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए धूल भरी आंधी, गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक 14 मई तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। इस बदलाव से लोगों को तेज गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ जिलों में तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। फरीदकोट बना सबसे गर्म जिला पंजाब में पिछले कई दिनों बाद तापमान फिर 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। फरीदकोट सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बठिंडा में 40.9 डिग्री, फाजिल्का में 39 डिग्री और फिरोजपुर में 37.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और चंडीगढ़ समेत कई शहरों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, लेकिन दिन के समय गर्म हवाओं का असर महसूस किया गया। मौसम विभाग के अनुसार राज्य का औसत तापमान अभी भी सामान्य से करीब 2.8 डिग्री नीचे है। फरीदकोट में तापमान में सबसे ज्यादा 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं बठिंडा और एसबीएस नगर में भी तापमान बढ़ा है। दूसरी ओर रोपड़, पटियाला और चंडीगढ़ में हल्की गिरावट देखने को मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। माझा और दोआबा क्षेत्रों में तेज हवाओं का असर मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। चंडीगढ़ और मोहाली एयरपोर्ट क्षेत्र में भी मौसम तेजी से बदलने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में अचानक तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं, जिससे विजिबिलिटी भी प्रभावित हो सकती है। मालवा बेल्ट में बारिश के आसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बदला मौसम तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और संगरूर समेत मालवा क्षेत्र के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश की गतिविधियों से खेतों और खुले इलाकों में धूल कम होगी और तापमान में राहत महसूस की जाएगी। हालांकि किसानों को तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान सतर्क रहने को कहा गया है। कई जिलों में रविवार रात से ही बादल छाने शुरू हो गए थे। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका असर पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। यह सिस्टम शनिवार रात पहाड़ी इलाकों तक पहुंचा, जिसके बाद पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम ने करवट ली। विशेषज्ञों के मुताबिक इसी सिस्टम के कारण 11 मई की रात और 12 मई की सुबह कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग का मानना है कि यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जिससे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अस्थायी राहत मिलेगी। 14 मई तक जारी रहेगा बदला हुआ मौसम मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि 14 मई तक पंजाब के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद मौसम धीरे-धीरे शुष्क हो सकता है। अगले तीन से चार दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 11 मई को कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 12 से 14 मई के बीच हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बदलेगा मौसम विभाग की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 11 मई से मौसम करवट ले रहा है। इसके चलते कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है। जानें किस शहर में कैसा रहेगा मौसम- 11 मई- अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, रूपनगर, एसएएस नगर, लुधियाना, संगरूर, पटियाला, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा और फिरोजपुर सहित कई जिलों में ओरेंज व यलो अलर्ट जारी किया गया है। 12 मई- अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर, होशियारपुर और पठानकोट सहित कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। 13 मई-  गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, नवांशहर, एसएएस नगर और पटियाला जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। 14 मई– गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला और जालंधर जिलों में खराब मौसम की संभावना जताई गई है। अलर्ट के दौरान बरतें सावधानियां सुरक्षित स्थानों पर रहें: तेज आंधी और बारिश के दौरान घरों से बाहर न निकलें, जब तूफान की तीव्रता अधिक हो। बिजली के खंभों/पेड़ों से बचें: पेड़, बिजली के खंभे, कच्चे मकान या कमजोर ढांचों (होर्डिंग) के नीचे आश्रय न लें, क्योंकि तेज हवा में इनके गिरने का खतरा है। यात्रा में सावधानी: खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा टालें, खासकर पहाड़ी इलाकों में, जहां भूस्खलन का जोखिम हो सकता है। बिजली के उपकरण बंद करें: तूफान और बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग (बंद) कर दें ताकि उन्हें नुकसान न पहुंचे।

लू से जनजीवन प्रभावित, जैसलमेर में कर्फ्यू जैसे हालात, अगले दिनों में 48 डिग्री तक तापमान की आशंका

जैसलमेर देशभर में सबसे गर्म राजस्थान का रेगिस्तान बुरी तरह तप रहा है. जैसलमेर भी भीषण गर्मी की चपेट में है. सूरज की तेज तपिश और गर्म हवाओं ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है. तापमान 46 डिग्री के पार होने के साथ ही मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. गर्मी का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते है कि मोबाइल फोन भी गर्मी के चलते ओवरहीट होकर बंद हो रहे है. शहर के चौराहों पर जब हमारी टीम कवरेज कर रही थी तो मोबाइल तक बंद होते नजर आए. मुश्किल यही खत्म नहीं होगी, बल्कि अगले 4 दिनों के भीतर पारा 48 डिग्री तक पहुंच सकता है. लगातार बढ़ता तापमान लोगों को परेशान कर रहा है.   50 डिग्री जैसी गर्मी का अहसास…! भीषण गर्मी के बीच दोपहर में जैसलमेर में कर्फ्यू जैसे हालात नजर आते है. लोगों का कहना है कि तापमान 46 से 47 डिग्री तापमान पहुंच गया है, लेकिन एहसास 50 डिग्री जैसा हो रहा है. गर्मी से बचने के जतन विफल हो गए है. अगले 96 घंटे जैसलमेर में लू की चेतावनी के साथ ही स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं. बाजार-सड़कों पर पसरा सन्नाटा सुबह 10 बजे के बाद से गर्म हवाएं चलना शुरू हो जाती हैं, जिसका शाम 7-8 बजे तक रहता है. लगातार बढ़ती गर्मी और तीखी धूप से बाजारों व सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है. दोपहर के समय लोग घरों में रहने को मजबूर हैं. स्वास्थ्य विभाग की अपील जान लीजिए लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. पशुपालन विभाग ने भी पशुपालकों को अलर्ट जारी करते हुए पशुओं को छांव में रखने, पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और दोपहर में चराई से बचाने की अपील की है.

मिट्टी डालकर एक्सप्रेसवे रोका गया, पटियाला में NHAI ने तुरंत खुलवाया दिल्ली-कटरा मार्ग

पटियाला  केंद्र सरकार द्वारा भारत माला परियोजना के तहत निर्मित दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे को नेश्नल हाईवे अथॉरटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा जेसीबी की मदद से आज रविवार को खुलवा दिया गया। इससे पहले यहां गांव गुलजारपुरा ठरुआ से घग्गा तक शरारती तत्वों द्वारा टिप्परों से मिट्टी डालकर यह एक्सप्रेसवे बंद कर दिया गया था। रात में अचानक बंद होने के कारण एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। शनिवार रात को बंद किए गए एक्सप्रेसवे को एनएचएआई अधिकारियों ने जेसीबी की मदद से फिर से खोल दिया। जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे पर मिट्टी फेंककर अवरुद्ध की गई सड़क को खोलने के लिए पहुंचे एनएचएआई के एसडीओ सलमान हकीम और चंद्र कुमार ने बताया कि जांच के बाद एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है और इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे अवैध रूप से बंद करके यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनएचएआई ने पंजाब के प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसी घटना के कई बार पत्र लिखे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विभाग केवल पत्र लिखकर ही उच्चाधिकारियों को सूचित कर सकता है, जबकि कार्रवाई पुलिस प्रशासन को करनी होती है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के हलका प्रभारी नारायण सिंह नरसोत और उनकी पूरी टीम ने कुछ शरारती तत्वों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यों को अंजाम देने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने इस मामले को भाजपा नेता और पूर्व विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर के नोटिस में लाया है। सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष जगजीत सिंह गलोली ने कहा कि सड़क बनकर तैयार है, लेकिन कुछ लोग निजी लाभ के लिए इसे बंद कर रहे हैं और आने-जाने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इलाके के लोगों ने खुद कई बार बंद एक्सप्रेसवे को खुलवाया है, लेकिन इसे बंद करने वाले लोग उनकी मदद के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। अंत में, उन्हें एनएचएआई से शिकायत करनी पड़ी। डीएसपी पातड़ां गुरदीप सिंह संधू ने बताया कि एक्सप्रेसवे बंद करने के मामले में एसडीएम पातड़ां काला राम कंसल से परामर्श करने के बाद एक्सप्रेसवे को खोलने के लिए तुरंत कर्मचारियों को भेजा गया। उन्होंने कहा कि अगर कोई फिर भी एक्सप्रेसवे को बंद करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष निरंकार सिंह संधू, मंडल अध्यक्ष प्रेम चंद कंसल, जिला सचिव रमेश बत्रा, मन्ना राम, हरबंस लाल कलवाणु, केवल कृष्ण अतालां आदि मौजूद रहे।  

युवा शक्ति के लिए बड़ी योजना: उत्तर प्रदेश बनेगा देश का सबसे बड़ा ‘स्किल हब’

युवा शक्ति को मिलेगा हुनर का साथ, उत्तर प्रदेश बनेगा देश का सबसे बड़ा ‘स्किल हब’ योगी सरकार की नई पहल से 13 विभागों के युवाओं को मिलेगा उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण प्रदेश भर में मिशन मोड पर शुरू हुई रोजगारपरक प्रशिक्षण योजना युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमशीलता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है लक्ष्य लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार सक्षम बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने राज्य को देश का अग्रणी “स्किल हब” बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। प्रदेश के 13 प्रमुख विभागों को कौशल विकास प्रशिक्षण का प्रस्ताव भेजते हुए आगामी तीन महीनों में बड़े स्तर पर युवाओं को रोजगारपरक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमशीलता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। हर वर्ग तक पहुंचेगा कौशल विकास अभियान इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत शहरी गरीब परिवारों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों, अल्पसंख्यक समुदाय, निर्माण श्रमिक परिवारों, विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तथा कारागारों से जुड़े युवाओं को उनकी रुचि और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। योगी सरकार की यह पहल सामाजिक समावेशन और आर्थिक सशक्तिकरण के मॉडल के रूप में देखी जा रही है। विशेष रूप से गरीब और वंचित वर्गों के युवाओं को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के हर जिले में तैयार होगी हुनरमंद युवा शक्ति राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कौशल विकास को युवाओं की आत्मनिर्भरता का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक वर्ग तक कौशल प्रशिक्षण की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभागीय समन्वय के साथ तेज गति से कार्य किया जा रहा है। मिशन निदेशक पुलकित खरे द्वारा संबंधित विभागों को पत्र जारी कर प्रशिक्षण लक्ष्य एवं कार्ययोजना साझा करने का अनुरोध किया गया है। जून माह के प्रथम सप्ताह में प्रशिक्षण लक्ष्यों का आवंटन किए जाने की संभावना है। साथ ही सभी विभागों से नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया है, ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन तेजी से किया जा सके। जेलों में भी शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण अभियान योजना के अंतर्गत कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग के माध्यम से जेलों में निरुद्ध युवाओं को भी कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। सरकार का उद्देश्य उन्हें प्रशिक्षण देकर पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। इसके अलावा राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा), उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग और ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा प्रशिक्षण पुलकित खरे ने बताया कि यूपीएसडीएम को राष्ट्रीय स्तर पर एनसीवीईटी द्वारा ‘अवार्डिंग बॉडी’ की मान्यता प्राप्त है, जिससे प्रशिक्षण और प्रमाणन की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। वर्तमान में मिशन से राजकीय संस्थानों के साथ प्रतिष्ठित निजी और औद्योगिक इकाइयां भी प्रशिक्षण पार्टनर के रूप में जुड़ी हुई हैं। सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के ‘कॉस्ट कॉमन नॉर्म्स’ (सीसीएन) के अनुरूप संचालित किए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित होंगी। आठ लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण मिशन निदेशक ने बताया कि यूपीएसडीएम का उद्देश्य 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अल्पकालीन, रोजगारपरक एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। पिछले 9 वर्षों में मिशन द्वारा 8,09,494 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 3,04,810 युवाओं को रोजगार एवं सेवायोजन के अवसरों से जोड़ा गया है। यह उपलब्धि योगी सरकार की उस सोच को दर्शाती है जिसमें युवा शक्ति को प्रदेश की आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा आधार माना गया है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं, बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन और रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य बनाना है। 13 विभागों के साथ मिलकर चलेगा अभियान उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा), संयुक्त आयुक्त उद्योग कार्यालय, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग, महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पर्यटन विभाग तथा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय को प्रशिक्षण प्रस्ताव भेजा गया है। प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि विभागीय समन्वय से संचालित यह अभियान लाखों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

कड़ेल गांव में मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर खाया खाना, सब्जियों की की तारीफ

 अजमेर जस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को अजमेर जिले के दौरे पर रहे. इस दौरान मुख्यमंत्री का यह दौरा उस समय खास बन गया, जब अजमेर के कड़ेल गांव के एक घर में सीएम भजनलाल ने भोजन किया. मुख्यमंत्री ने कड़ेल गांव निवासी 59 वर्षीय लादूराम मेघवाल के घर पहुंचकर बेहद आत्मीय माहौल में खाना खाया. लादूराम मेघवाल गांव में मजदूरी और मकान निर्माण का कार्य करते हैं. उनके परिवार में चार बेटे, बहुएं और पोते-पोतियां शामिल हैं. इस दौरान सीएम भजनलाल घर की खाट पर परिवार के बीच बैठे और ग्रामीण परिवेश का आनंद लेते हुए पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया. मुख्यमंत्री ने की सब्जी की तारीफ भोजन करने के दौरान मुख्यमंत्री ने खास तौर पर काचरी और ग्वार फली की सब्जी की जमकर तारीफ की. लादूराम मेघवाल के घर में बने भोजन के स्वाद से प्रभावित होकर उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा कि यह स्वादिष्ट सब्जी किसने बनाई है. इस पर लादूराम की पत्नी गीता ने बताया कि भोजन उन्होंने स्वयं तैयार किया है. तभी मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उनकी पत्नी का नाम भी गीता है. मुख्यमंत्री की इस बात पर घर में मौजूद सभी लोग हंस पड़े और माहौल ठहाकों से गूंज उठा. ग्रामीण परिवार और मुख्यमंत्री के बीच बना यह आत्मीय संवाद पूरे कार्यक्रम का सबसे यादगार पल बन गया. 3 दिन से सीएम के स्वागत चल रही थी तैयारी लादूराम मेघवाल की पत्नी गीता ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वागत और भोजन की तैयारी पिछले तीन दिनों से लगातार की जा रही थी. परिवार ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन तैयार किए. भोजन में काचरी की सब्जी, पनीर की सब्जी, ग्वार फली की सब्जी, ताजा रोटियां और चावल मुख्यमंत्री को परोसे गए. मुख्यमंत्री ने भोजन की सादगी और स्वाद की सराहना करते हुए परिवार की मेहनत की तारीफ की. गांव के एक सामान्य मजदूर परिवार के घर मुख्यमंत्री का इस तरह बैठकर भोजन करना ग्रामीणों के लिए भी चर्चा का विषय बना रहा और पूरे गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला. राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद इससे पहले कड़ेल ग्राम पंचायत में आयोजित ‘ग्राम विकास चौपाल' के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं के साथ बातचीत की, जिसमें महिलाओं ने गृहणी से लखपति दीदी बनने के अपने सफर के अनुभव को साझा किया. महिलाओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना में महिलाओं को मिलने वाले ऋण की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये किया गया है. वहीं, ब्याज को 2.5 प्रतिशत से घटाकर 1.5 प्रतिशत किया है.