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प्रयागराज को बड़ी सौगात, सिक्स लेन ब्रिज पर नहीं रुकेंगे वाहन; 2 नए फ्लाईओवर का भी प्रस्ताव

प्रयागराज यूपी के प्रयागराज में मलाक हरहर से होकर अगर आप 9.9 किमी लंबे सिक्स लेन ब्रिज पर अपने वाहन से आ रहे हैं तो बिना किसी रुकावट के एक गति से शहर में आसानी से प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए मलाक हरहर में बनाए जा रहे छह लेन के टोल प्लाजा पर मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी मंजूरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से दी गई है। टोलिंग सिस्टम की सुविधा देने के लिए पंद्रह दिन पहले मंत्रालय के स्थानीय अधिकारियों की ओर से प्रस्ताव नई दिल्ली भेजा गया था। ताकि टोल प्लाजा को बैरियर से मुक्त रखा जाए। वाहनों को टोल प्लाजा पर बिना रुके या अपनी गति कम किए बिना गुजरने की सुविधा मिले। इस प्रस्ताव को मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने मंजूरी दी है। इस सिस्टम के जरिए टोल पर वाहनों के पहुंचने पर कमांड सेंटर में लगाए जाने वाले हाई क्वॉलिटी के सीसीटीवी कैमरे फास्ट टैग को स्कैन कर लेंगे। इतना ही नहीं मंत्रालय ने ब्रिज के गंगा पर बने 860 मीटर लंबाई के एक्स्ट्रा डोज पिलर के हिस्से की लोड टेस्टिंग पंद्रह नवंबर से कराने का भी निर्णय लिया है। जबकि शेष हिस्से की लोड टेस्टिंग 10 से 30 अक्तूबर के बीच कराया जाएगा। टोल प्लाजा पर कमांड सेंटर का कार्य पूरा कराया जाएगा। उसी दौरान ब्रिज पर सौंदर्यीकरण व सड़क पर डामर की दो परत डालने का कार्य भी पूरा किया जाएगा। सहायक अधीक्षण अभियंता सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, वरुण वार्ष्णेय ने कहा कि मंत्रालय ने मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ब्रिज के सुरक्षा व सौंदर्यीकरण का कार्य 30 नवंबर तक कराकर एक लेन से आवागमन शुरू कराने की तैयारी की गई है। दो और फ्लाईओवर मिलने की जगी उम्मीद प्रयागराज को दो नए फ्लाईओवर मिलने की उम्मीद जगी है। मेडिकल चौराहे से सीएवी इंटर कॉलेज होते हुए केपी इंटर कॉलेज के बीच और सिविल लाइंस हनुमान मंदिर से बस अड्डे के बीच दो फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव गुरुवार को शासन की व्यय-वित्त समिति में रखा गया है। माना जा रहा है कि समिति में प्रस्ताव रखे जाने के बाद प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना बढ़ जाती है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पांच जुलाई को प्रयागराज मंडल के इस वित्तीय वर्ष की प्रस्तावित कार्ययोजना को लेकर समीक्षा बैठक की थी। जिसमें सेतु निगम प्रयागराज इकाई ने एक किमी लंबाई के मेडिकल चौराहे के फ्लाईओवर का प्रस्ताव दिया था। साथ ही हनुमान मंदिर, सिविल लाइंस और बस अड्डा चौराहा के फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी शामिल था। निगम के परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्र ने बताया कि लखनऊ में हुई व्यय-वित्त समिति की बैठक में दोनों फ्लाईओवर का प्रस्ताव रखा गया है।

पंजाब में ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ सीजन-4 का आगाज, शुरू हुए खेल मुकाबले

मोहाली. ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ सीजन-4 के तहत खेल मुकाबलों का आगाज शुक्रवार को सेक्टर-78 स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हुआ। इस अवसर पर फेंसिंग मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गुंजन और रिद्धि के बीच मुकाबला हुआ। बास्केटबॉल समेत कई अन्य खेलों के मुकाबले भी शुरू हुए। काफी संख्या में खिलाड़ी पहुंचे हुए हैं। दर्शक भी उत्साह बढ़ा रहे हैं। उद्घाटन मौके पर मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह और डेराबस्सी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा विशेष रूप से मौजूद रहे। विधायकों ने विभिन्न खेलों में हिस्सा लेने पहुंचे खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनका परिचय लिया। विधायक कुलवंत सिंह ने कहा कि पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले चार वर्षों में खेलों को प्राथमिकता देते हुए खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के तहत विभिन्न खेलों के मुकाबले करवाए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिल रहा है।

MP में सब इंजीनियर भर्ती के नियम बदले, संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण

भोपाल  मध्यप्रदेश में सब इंजीनियर, ड्राफ्ट्समैन, लैब टेक्नीशियन समेत अन्य समकक्ष पदों की भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन का मौका मिलेगा। हाईकोर्ट में याचिका के बाद जल संसाधन और पीएचई विभाग ने पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया जायेगा।  इसके साथ ही दूसरे विभागों से अतिरिक्त पदों की मांग भी मिली है। इन बदलावों के चलते मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने समूह-3 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 के आवेदन फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। अब 13 से 27 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। आवेदन में संशोधन की सुविधा 13 से 28 अक्टूबर तक रहेगी। परीक्षा दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है। संशोधित नियम पुस्तिका जल्द जारी की जाएगी। हाईकोर्ट में 24 संविदाकर्मियों ने लगाई थी याचिका जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 29 अगस्त 2026 को उपयंत्री पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसमें पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान नहीं था। जबलपुर के आधारताल निवासी राजू यादव समेत 24 संविदाकर्मियों ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता नवीन सैनी ने 2023 की संशोधित नीति का हवाला देते हुए कहा था कि पात्र संविदाकर्मियों को सीधी भर्ती में 50% आरक्षण दिया जाना है। सुनवाई से पहले विभाग ने बदला भर्ती नियम  जस्टिस विवेक कुमार सिंह की कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी थी। इससे पहले ही जल संसाधन और पीएचई विभाग ने संशोधन आदेश जारी कर दिया। इसमें उपयंत्री भर्ती में पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान शामिल कर दिया गया। इसके बाद MPESB ने भी भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करते हुए आवेदन दोबारा लेने का निर्णय लिया है। पहले 1040 पदों पर निकला था विज्ञापन MPESB ने 18 अगस्त को समूह-3 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 का विज्ञापन जारी किया था। इसमें 1040 पदों पर भर्ती के लिए 29 अगस्त से 12 सितंबर तक आवेदन लिए गए थे। विज्ञापन के बाद विभिन्न विभागों और शासकीय उपक्रमों से उपयंत्री के अतिरिक्त रिक्त पदों के मांगपत्र मंडल को मिले। वहीं आरक्षण संबंधी बदलाव भी हुए। इसलिए मंडल ने भर्ती प्रक्रिया को नए सिरे से आगे बढ़ाने का फैसला लिया।  

रायपुर ग्रामीण में पुलिस विभाग में बदलाव, 3 थाना प्रभारियों का तबादला

रायपुर. रायपुर ग्रामीण पुलिस में एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता सिन्हा ने तीन थानों के प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। जारी तबादला आदेश के अनुसार राखी, खरोरा और माना थाना के प्रभारियों की नई पदस्थापना की गई है। इस फेरबदल के बाद तीनों थानों में पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल गई हैं। अधिकारियों को उनकी नई पदस्थापना पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी आदेश के मुताबिक प्रेमप्रकाश अवधिया को राखी थाना प्रभारी के पद से हटाकर खरोरा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं खरोरा थाना प्रभारी रहे विद्याभूषण भारद्वाज को स्थानांतरित कर माना थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा SI दीपक कुमार साहू को राखी थाना प्रभारी बनाया गया है। इस तरह अब राखी, खरोरा और माना तीनों थानों में नए प्रभारी अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। जितेंद्र डहरिया पुलिस लाइन अटैच माना थाना प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे SI जितेंद्र डहरिया को वर्तमान पद से हटाकर पुलिस लाइन अटैच किया गया है। तबादला आदेश में उन्हें पुलिस लाइन में पदस्थ करने का निर्देश दिया गया है। इस बदलाव के बाद माना थाना की जिम्मेदारी अब विद्याभूषण भारद्वाज संभालेंगे। पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण की ओर से जारी आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को नवीन पदस्थापना पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को अपने नए थाने की जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा गया है। तीन थानों की बदली कमान इस फेरबदल में खास तौर पर राखी, खरोरा और माना थाना प्रभावित हुए हैं। राखी से प्रेमप्रकाश अवधिया को खरोरा भेजा गया है, जबकि खरोरा से विद्याभूषण भारद्वाज को माना की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं SI दीपक कुमार साहू को राखी थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस विभाग में समय-समय पर प्रशासनिक जरूरतों और विभागीय व्यवस्था के तहत इस तरह के तबादले किए जाते हैं। इस आदेश के बाद संबंधित थानों में नई जिम्मेदारियों के साथ पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली में भी बदलाव देखने को मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी बोले- बापू का स्वदेशी से स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला

खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी तक 25 फीसदी छूट: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   गांधी आश्रम और लाल बहादुर शास्त्री भवन में आयोजित जयंती कार्यक्रमों में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   बोले- बापू का स्वदेशी से स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला   खादी केवल वस्त्र नहीं, स्वदेशी का मंत्र और चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक   शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ स्वाधीन भारत का बना मंत्र लखनऊ  गांधी जयंती पर प्रदेश में खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूट मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए प्रदेशवासियों से खादी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि स्वदेशी का मंत्र है। इसे अपनाकर कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों के हुनर को सम्मान दिया जा सकता है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को महात्मा गांधी की 157वीं और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम में उन्होंने बापू के स्वदेशी, स्वच्छता और ग्राम स्वराज के विचारों को याद किया। इसके बाद लाल बहादुर शास्त्री भवन में शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों स्थानों पर उन्होंने पत्रकारों से भी बातचीत की।   बापू ने बिखरे आंदोलन को जन आंदोलन बनाया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी ने अन्याय, शोषण और रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाई। भारत लौटने के बाद उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से नेतृत्व देकर जन आंदोलन बना दिया। गांव-गांव के लोग इससे जुड़े और ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।   उन्होंने कहा कि बापू के स्वच्छता, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। बापू का स्वदेशी से स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘लोकल टू ग्लोबल’ का आह्वान इसी सोच को आगे बढ़ा रहा है। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों को बाजार उपलब्ध कराना होगा।   ग्राम सचिवालयों से ग्राम स्वराज की परिकल्पना को मजबूती मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत देशभर में बने करोड़ों शौचालय अच्छे स्वास्थ्य के साथ नारी सम्मान का आधार बने हैं। इसी तरह ग्राम सचिवालयों की स्थापना से बापू की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा रहा है। लोगों को गांव में ही जन सुविधाएं मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञ रहता है, उसका भविष्य उज्ज्वल होता है।   शास्त्री जी ने जो कहा, उसे करके दिखाया लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह जितने सरल और सहज थे, उतने ही दृढ़ और संघर्षशील भी थे। उन्होंने जो कहा, उसे करके दिखाया और जितना किया, उतना ही बोला। देश पर संकट आया तो उन्होंने दिखाया कि राष्ट्र की रक्षा के लिए किस तरह दृढ़ता के साथ खड़ा हुआ जाता है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ नारा स्वाधीन भारत का मंत्र बना। एक तरफ जवान सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे थे तो दूसरी तरफ किसान भारत को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने में जुटे थे। कभी देश को खाद्यान्न के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। आज भारत अपने 140 करोड़ नागरिकों की जरूरत पूरी करने के साथ दुनिया के कई देशों को खाद्यान्न की आपूर्ति कर रहा है।   ये रहे मौजूद गांधी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा, क्षेत्रीय गांधी आश्रम के मंत्री देवी प्रसाद शर्मा, व्यवस्थापक अखिलेश उपाध्याय और साहित्यकार अखिलेश द्विवेदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

सेवानिवृत्ति से पहले पूर्व जज संजीव शर्मा का बड़ा बयान, बोले- मुझे मुख्य न्यायाधीश बनने से रोका गया

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने सेवानिवृत्ति से पहले उन पर लगाए गए आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वे न्यायिक गरिमा के कारण कई सवालों पर टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन गंभीर आरोपों से जुड़ी एक याचिका न्यायाधीश मेहता के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश कैसे बनाया गया? इस पर न्यायाधीश मेहता ने कहा कि इसका जवाब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ही दे सकते हैं। अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में शर्मा ने कहा कि उन्हें योजनाबद्ध तरीके से मुख्य न्यायाधीश बनने से रोका गया। इससे पेशेवर रूप से कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन व्यक्तिगत रूप से दुख हुआ। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में न्यायिक गरिमा का उल्लंघन हुआ और न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचा। शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए सीजेआई को जवाब सौंपा है और मानहानि का मुकदमा करने की अनुमति भी मांगी है। उन्होंने जवाब और दस्तावेज सार्वजनिक करने से इनकार करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई को आरोपों तथा गोपनीयता भंग होने के पूरे मामले की तह में जाकर जांच करनी चाहिए। आरोपों पर यह बोले शर्मा न्यायिक अधिकारी पर कार्रवाई प्रकरण: डीजे अजय शुक्ला ने स्वयं स्वीकार किया कि वे अस्पताल जाने के कारण देरी से कोर्ट आए। उन्हें शुरू में एपीओ किया गया था, लेकिन जवाब आने पर दूसरी जगह लगा दिया गया। आईपीएस आनंद शर्मा के मामले से इस कार्रवाई का कोई संबंध नहीं है। वैसे भी आनंद शर्मा दूर के रिश्तेदार हैं। यदि किसी कार्रवाई में दखल करना होता तो मेरी मां और भाई के केस लंबित हैं, उन पर दखल करता, लेकिन उन पर ही दखल नहीं किया। शर्मा ने मौजूदा कॉलेजियम सिस्टम पर भी उठाए सवाल शर्मा ने मौजूदा कॉलेजियम व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें संबंधित हाईकोर्ट के पूर्व सीजे रह चुके जजों को शामिल किया जाना चाहिए। शर्मा ने हाईकोर्ट भवन निर्माण, रामगढ़ बांध और अन्य मामलों में लगाए गए आरोपों से कोई सरोकार होने से इनकार किया। जजों के कामकाज के लिए एसओपी की जरूरत पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के कामकाज व आचरण को लेकर स्पष्ट एसओपी या गाइडलाइन होनी चाहिए, ताकि किसी हाईकोर्ट के कामकाज में हस्तक्षेप की स्थिति भविष्य में मिसाल न बने। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा और लोगों का विश्वास बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। जाति आधारित रवैये के आरोपों पर भी उन्होंने चिंता जताई।

धान की 1509 किस्म ने किसानों की कराई बल्ले-बल्ले, एक एकड़ से 1 लाख तक कमाई

 कैथल  अनाज मंडियों में धान की आवक तेज हो गई है। इस बार 1509 किस्म धान किसानों के लिए सबसे फायदेमंद साबित हो रही है। इस किस्म ने भाव में पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। कैथल सहित प्रदेश की मंडियों में 1509 धान का भाव 3800 से लेकर 4400 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा है। प्रति एकड़ झाड़ृ भी अच्छा निकल रहा है। निर्यातकों का कहना है घरेलू मार्केट और विदेशों में चावल की डिमांड अच्छी होने के कारण किसानों को धान का रेट अच्छा मिल रहा है। फिलहाल ईरान में सबसे ज्यादा डिमांड है। इरान में सभी किस्मों की 12 लाख एमटी की मार्केट है, भारत से सबसे ज्यादा चावल का निर्यात ईरान में होता है। इस बार विदेश और घरेलू मार्केट में 1509 के स्टीम चावल का रेट 8600 से 9000 रुपये प्रति क्विंटल और सेला चावल का 8400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। वर्ष 2015 में किस्म 1509 का उत्पादन प्रदेश में बहुत ज्यादा हुआ था, इसके चावल की डिमांड भी कम थी। इस किस्म को कोई खरीदार नहीं था। प्रदेश की मंडियों में धान खरीद को लेकर किसान यूनियन और किसानों ने धरने प्रदर्शन किए थे, इसके बाद प्रदेश सरकार ने 1509 को 1800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से एमएसपी पर खरीद की थी, इसके बाद 2020 में फैसला लिया था कि 1509 का रेट पीआर से कम होगा तो इसे एमएसपी पर खरीदा जाएगा। पीआर धान का एमएसपी 2461 प्रति क्विंटल का रेट निर्धारित पुरानी अनाज मंडी के प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए मंडी में आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। बासमती किस्म 1509 की खरीद मुख्य रूप से प्राइवेट एजेंसियों द्वारा की जा रही है और किसानों को बाजार के अनुसार अच्छे दाम मिल रहे हैं। मंडी में पीआर धान की खरीद भी शुरू हो गई है, इसकी खरीद एजेंसियां कर रही है, पीआर धान का एमएसपी 2461 रेट निर्धारित किया गया है। इस बार पूरा होगा पिछला घाटा: सतनारायण रोहेड़ियां गांव के किसान सतनारायण ने बताया कि उसने दस एकड़ में 1509 किस्म लगाई थी। उसकी धान का रेट 3900 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल मिला। पिछले साल उसने 30 एकड़ में धान लगाया था, रेट 2700 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल मिला था, कोई खास मुनाफा नहीं हुआ था, पिछले साल जो घाटा हुआ था, इस बार सब पूरा हो गया। इस बार एक एकड़ से करीब एक लाख रुपये से ज्यादा की कमाई हुई। प्रति एकड़ एक लाख रुपये का बिका धान मंडी में बासमती 1509 लेकर पहुंचे काकौत के किसान गांव के किसान मदन ने बताया कि उसने करीब तीन एकड़ में यह फसल लगाई थी। इस सीजन में क्षेत्र में बारिश औसतन कम हुई, लेकिन इसके बावजूद खेतों में उत्पादन अच्छा हो रहा है। धान सूखा और साफ होने के कारण उसका धान 4460 रुपये प्रति क्विंटल बिका। झाड़ औसतन 58 मण का निकला। प्रति एकड़ एक लाख रुपये के करीब उसका धान बिका, यानि तीन एकड़ में तीन लाख रुपये से ज्यादा का धान निकला है, इस किस्म ने इस बार वारे न्यारे कर दिए।

रांची में सड़क खराब छोड़ने पर होगी कार्रवाई, गड्ढे भरने को एजेंसियों और संवेदकों को आदेश

 रांची  सड़क पर किसी भी तरह का काम पूरा होने के बाद गड्ढे छोड़ना संबंधित एजेंसी और संवेदक को भारी पड़ेगा। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री ने गेल के अधिकारियों और संबंधित संवेदकों को निर्देश दिया कि कार्य पूरा होते ही सड़क को अनिवार्य रूप से पूर्व स्थिति में लाएं। खोदी गई सड़क और बनाए गए गड्ढों को तत्काल भरकर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के अनुरूप सड़क को बहाल करें। सड़क की स्थिति खराब रहने या गड्ढे खुले छोड़ने पर संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। समाहरणालय सभागार में विकास योजनाओं, अतिक्रमण मुक्त शहर, विधि-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक हुई। उपायुक्त ने लंबित योजनाओं में तेजी लाने और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा आने पर संबंधित विभाग आपसी समन्वय से उसका तत्काल समाधान करें। पदाधिकारी अपने-अपने विभागों के कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। दोबारा अतिक्रमण नहीं हो, नियमित निगरानी करें उपायुक्त ने शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने के बाद संबंधित स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण नहीं होने देने का निर्देश दिया। इसके लिए नियमित निगरानी और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। अनधिकृत कट हटाने का निर्देश यातायात व्यवस्था की समीक्षा के दौरान प्रमुख चौक-चौराहों, व्यस्त मार्गों और जाम वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। प्रमुख मार्गों को चिन्हित कर यातायात में बाधा डालने वाले अनावश्यक और अनधिकृत कट हटाने की कार्रवाई का निर्देश दिया गया। शहर के सभी वार्डों में वेंडर मार्केट के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने को कहा गया। नगर निगम को संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि फुटपाथ और सड़क किनारे अनियमित रूप से दुकान लगाने की समस्या को नियंत्रित किया जा सके। अवैध पार्किंग और यातायात उल्लंघन पर कार्रवाई बैठक में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध स्वचालित चालान की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। प्रमुख चौक-चौराहों और व्यस्त मार्गों पर अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अनधिकृत कब्जे तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। बेतरतीब केबल पर भी सख्ती उपायुक्त ने शहर की सड़कों पर बेतरतीब तरीके से बिछाए गए केबल और विभिन्न एजेंसियों द्वारा काम के बाद सड़क की खराब स्थिति को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को सड़कों पर चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा काम पूरा होने के बाद सड़क की स्थिति का सत्यापन करने का निर्देश दिया। बैठक में रांची नगर निगम के आयुक्त सुशांत गौरव, पुलिस अधीक्षक यातायात राकेश सिंह, अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, प्रोबेशनर आइएएस आस्था शरण, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था धनंजय, उप समाहर्ता भूमि सुधार मुकेश कुमार, जिला नजारत समाहर्ता सुदेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

मिशन-2027 के लिए BJP का सामाजिक समीकरण, जया पाल समेत कई नेताओं को संगठन में अहम पद

लखनऊ भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को मोर्चों की प्रदेश टीम का ऐलान कर दिया। इसमें महिला मोर्चा, किसान मोर्चा और अनुसूचित मोर्चा शामिल है। ओबीसी मोर्चा, महिला मोर्चा व अनुसूचित मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष भी घोषित कर दिए गए हैं। 24 फरवरी 2023 को जिस उमेश पाल की हत्या ने देशभर की सुर्खियां बटोरी थी, उनकी पत्नी जया पाल को भाजपा ने ओबीसी मोर्चा का प्रदेश मंत्री बनाया है। उनके अलावा पूजा बिंद को भी ओबीसी मोर्चा की प्रदेश मंत्री जबकि महिला आयोग की पूर्व सदस्य अनीता सिंह को महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री की कमान सौंपी गई है। उमेश पाल की पत्नी जया पाल पिछले कई महीनों से संगठन में सक्रिय भूमिका में हैं, जिसको देखते हुए और जातीय समीकरण को साधते हुए उन्हें ओबीसी मोर्चा की प्रदेश टीम में स्थान मिला। ओबीसी मोर्चा की प्रदेश टीम में जगह बनाने वालीं नैनी की पूजा बिंद इससे पहले प्रांतीय परिषद व संगठन के विभिन्न अभियानों में सक्रिय भागीदारी कर चुकी हैं। महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री अनीता सिंह पूर्व में महिला मोर्चा काशी क्षेत्र की अध्यक्ष रह चुकी हैं। तीनों नेत्रियों के मनोनयन पर भाजपा काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता, महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, ओबीसी मोर्चा महानगर प्रभारी मनोज कुशवाहा, डॉ. शैलेश पांडेय, आनंद सोनकर, अनुज कुशवाहा, विजय श्रीवास्तव, पवन श्रीवास्तव आदि ने बधाई दी। भाजपा ने साधे सामाजिक समीकरण भाजपा ने मिशन-2027 के लिए विभिन्न मोर्चों के जरिए सामाजिक समीकरण साधने का प्रयास किया है। ओबीसी, किसान और महिला मोर्चा में अगड़ी-पिछड़ी के साथ ही दलितों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। कुर्मियों में पैठ बढ़ाने के लिए कई पदाधिकारी प्रदेश टीम में शामिल करने के साथ ही क्षेत्रीय अध्यक्ष का जिम्मा भी दिया गया है। इसके अलावा लोध, जाट, गुर्जर, मौर्य, शाक्य, सैनी, कुशवाह, बिंद, निषाद, पाल, साहू, विश्वकर्मा, राजभर सहित अन्य पिछड़ी जातियों के चेहरों को पदाधिकारी बनाया गया है। अनुसूचित मोर्चा में जाटव, पासी, कोरी सहित दलित वर्ग की विभिन्न जातियों को भागीदारी दी गई है। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाह द्वारा घोषित टीम में 12 प्रदेश उपाध्यक्ष, दो प्रदेश महामंत्री और 11 प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं जबकि अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक रावत द्वारा घोषित टीम में 12 उपाध्यक्ष, चार प्रदेश महामंत्री और 11 प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं। वहीं किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौधरी की टीम में 12 उपाध्यक्ष, चार महामंत्री और 11 मंत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा कोषाध्यक्ष, सह कोषाध्यक्ष, प्रदेश मीडिया और सोशल मीडिया के संयोजक-सह संयोजक के अलावा शोध विभाग के प्रमुख और सह प्रमुख घोषित किए गए हैं।

पूर्व DIG भुल्लर की कस्टडी में CBI आरोपी ASI, कोर्ट ने SSP को सौंपी जांच

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े रिश्वत मामले में वीरवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में भुल्लर को बुड़ैल जेल से सीबीआई कोर्ट में पेश किया। हालांकि इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस की एक बड़ी चूक सामने आई, जिस पर सीबीआई ने सवाल खड़ा कर दिया। असल में, भुल्लर को चंडीगढ़ पुलिस का जो एएसआइ जेल से कोर्ट लेकर आया था, वह खुद भ्रष्टाचार केस में सीबीआई का मुजरिम निकला। पिछले साल सीबीआइ ने सेक्टर-43 पुलिस चौकी में तैनात एएसआई शेर सिंह को डेढ़ लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस पर सीबीआई कोर्ट में ही भ्रष्टाचार का केस चल रहा है। ऐसे में सीबीआई ने आपत्ति जताई कि जिस पुलिसकर्मी पर भ्रष्टाचार का केस चल रहा है, उसे ऐसे हाई प्रोफाइल मामले में आरोपित की सुरक्षा में क्यों लगाया गया है। सीबीआई की इस आपत्ति पर जज ने भी संज्ञान लिया और एसएसपी को मामले की जांच के लिए एसएसपी को निर्देश दिए हैं। 54,400 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया था शेर सिंह एएसआई शेर सिंह सेक्टर-43 पुलिस चौकी में तैनात था। सीबीआई ने 11 मार्च 2025 को उसे और बिचौलिए रिंकू को 54,400 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप था कि बुड़ैल निवासी दविंद्र सिंह के खिलाफ चेक बाउंस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। वह कोर्ट से भगोड़ा घोषित हो चुका था। इस केस में गिरफ्तारी से बचाने के लिए शेर सिंह ने उससे डेढ़ लाख रुपये की मांग की थी। इस बारे में दविंद्र ने सीबीआई को शिकायत दे दी थी। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जाल बिछाया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। शिकायतकर्ता की गवाही हुई पूरी उधर, भुल्लर के खिलाफ चल रहे रिश्वत केस में शिकायतकर्ता आकाश बत्ता की गवाही वीरवार को पूरी हो गई। पिछली तारीख पर उसने अदालत में निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की पहचान की थी। आकाश ने दोनों को रिश्वत मांगने वाला बताते हुए सीबीआई को दिए अपने पुराने बयानों को दोहराया था। वीरवार को उसकी शेष गवाही पूरी हुई। अब बचाव पक्ष की ओर से उसका क्राॅस एग्जामिनेशन मामले की सुनवाई में अहम रहेगा। गौरतलब है कि सीबीआई ने पिछले साल भुल्लर को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था। उसके सेक्टर-40 स्थित उनके आवास पर छापेमारी भी की गई थी, जहां से करीब साढ़े सात करोड़ रुपये नकद, ढाई किलो सोना और महंगी घड़ियां बरामद हुई थी। इसके अलावा भुल्लर पर आय से अधिक संपत्ति का भी मामला दर्ज किया गया था। भुल्लर के खिलाफ ईडी भी मनी लाॅन्ड्रिंग की जांच कर रही है।