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‘सतलुज’ फिल्म पर बनेगी समीक्षा कमेटी, जसवंत सिंह खालड़ा के उठाए सवालों को लेकर बढ़ी बहस

चंडीगढ़. पंजाबी अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर केंद्र सरकार ने समीक्षा समिति (रिव्यू कमेटी) गठित की है। भाजपा के पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की ओर से की गई अपील के बाद यह कमेटी बनाई गई है। इसकी पुष्टि भाजपा नेता आरपी सिंह ने की है। समिति फिल्म की विषयवस्तु, तथ्यों और इसमें दर्शाए गए घटनाक्रम की समीक्षा करेगी। दावा किया जा रहा है कि फिल्म केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से मंजूरी लिए बिना ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जारी की गई थी। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। करीब तीन साल तक रिलीज अटकी रहने के बाद फिल्म को पहले तय नाम 'पंजाब 95' की जगह 'सतलुज' नाम से दो दिन पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था। हालांकि रिलीज के महज दो दिन बाद ही फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। इसके बाद एक बार फिर जसवंत सिंह खालड़ा का मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। जसवंत सिंह खालड़ा ने आतंकवाद के दौर में पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों और लावारिस शवों के अंतिम संस्कार से जुड़े मामलों को उजागर करने का अभियान चलाया था। उन्होंने श्मशान घाटों, नगर निगम और अन्य सरकारी अभिलेखों से दस्तावेज जुटाकर दावा किया था कि उस दौर में करीब 25 हजार युवकों की कथित फर्जी मुठभेड़ों में हत्या कर उन्हें लावारिस बताकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके दावों ने उस समय पूरे देश में हलचल मचा दी थी और मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया था। इसी अभियान के दौरान 6 सितंबर 1995 को अमृतसर स्थित उनके घर के बाहर से उनका कथित अपहरण कर लिया गया। इसके बाद उनकी पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई शुरू की। अगले दिन उन्होंने थाना इस्लामाबाद में अपहरण का मामला दर्ज कराया, लेकिन पुलिस लगातार यह कहती रही कि जसवंत सिंह खालड़ा उसकी हिरासत में नहीं हैं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और मामले को अदालत तक पहुंचाया। पुलिस से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर परमजीत कौर ने 12 सितंबर 1995 को सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि सरकार बताए कि जसवंत सिंह खालड़ा कहां हैं और यदि वे किसी एजेंसी की हिरासत में हैं तो उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया जाए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब तलब किया और बाद में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए 15 नवंबर 1995 को मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई की जांच और लंबी अदालती प्रक्रिया के बाद विशेष अदालत ने वर्ष 2005 में छह पुलिस अधिकारियों को दोषी ठहराया। बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चार दोषियों की सजा बढ़ाकर उम्रकैद कर दी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां 23 नवंबर 2011 को हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा गया। करीब 16 वर्ष तक चली इस कानूनी लड़ाई के बाद दोषियों की सजा कायम रही। अब फिल्म 'सतलुज' को लेकर बनी समीक्षा समिति के बीच जसवंत सिंह खालड़ा का संघर्ष और 1990 के दशक के पंजाब से जुड़े घटनाक्रम एक बार फिर सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बन गए हैं। समिति की रिपोर्ट के बाद फिल्म को लेकर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

CG में फर्जी खाद-बीज बेचने वालों पर सख्ती, 28 दुकानों का लाइसेंस निलंबित, 33 को नोटिस

जगदलपुर. खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने नकली और संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद-बीज के कारोबार पर सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने जिलेभर में व्यापक जांच अभियान शुरू किया, जिसमें कई दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की गई है। 33 दुकानों को नोटिस, 28 की बिक्री पर तत्काल रोक जांच के दौरान अब तक 33 खाद-बीज विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं नियमों के उल्लंघन और अनियमितता पाए जाने पर 28 दुकानों में खाद-बीज के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, ताकि किसानों तक केवल प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद ही पहुंच सकें। 6 दुकानों से खाद-बीज जब्त, एक विक्रेता पर एफआईआर कार्रवाई के तहत 6 दुकानों से खाद-बीज जब्त कर संबंधित प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। वहीं गंभीर अनियमितता के एक मामले में संबंधित विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि दो अन्य दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है। स्टॉक और मूल्य सूची प्रदर्शित करना होगा अनिवार्य कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, नकली खाद-बीज की बिक्री या नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने सभी खाद-बीज विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक की स्थिति और निर्धारित बिक्री मूल्य को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। किसानों के हितों की रक्षा के लिए जारी रहेगा अभियान साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियों को जिलेभर में लगातार निरीक्षण और जांच अभियान जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नकली या अमानक खाद-बीज की बिक्री करने वाले कारोबारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

CM योगी ने कांग्रेस-सपा को घेरा, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दिया बड़ा बयान

प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ में 384 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पास कोई नया मुद्दा नहीं है, इसलिए वे समाज को जाति और आस्था के आधार पर बांटने की राजनीति कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पहले भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व को नकारती थी, लेकिन अब खुद को आस्तिक बताने लगी है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकारें धार्मिक स्थलों के पुनरुत्थान के लिए मिलने वाले धन को कब्रिस्तानों पर खर्च करती थीं और रामभक्तों पर गोलियां चलवाती थीं. योगी ने कहा कि देश अब कांग्रेस और सपा के चंगुल में फंसने वाला नहीं है।  हिंदू आस्था पर प्रहार की कोशिश- योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस कथित चोरी को आधार बनाकर हिंदू आस्था पर प्रहार करने की कोशिश की जा रही है, उसकी जांच के लिए पहले ही एसआईटी गठित की जा चुकी है और उन्होंने पहले ही कहा था कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी. उन्होंने सवाल उठाया कि वक्फ की उन जमीनों पर, जो गरीबों और कमजोर तबकों के हित में इस्तेमाल होनी चाहिए थीं, कथित कब्जों और अनियमितताओं पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कभी क्यों नहीं बोलतीं।  CM योगी ने आरोप लगाया कि वक्फ की जमीनों की कथित लूट पर सपा और कांग्रेस के मुंह में फेविकॉल लग जाता है. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस भगवान राम और भगवान कृष्ण को काल्पनिक बताती थी, तब क्या हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब रामभक्तों पर गोलियां चलाई गईं, कांवड़ यात्रा रोकी गई और कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन में बाधाएं डाली गईं, तब भी हिंदू आस्था पर चोट पहुंची थी, लेकिन उस समय विपक्ष मौन रहा।  मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शंखनाद की भूमि है और पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय, बाबू लाल गौड़ तथा हरिवंश राय बच्चन जैसी विभूतियों की कर्मभूमि रही है. उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ कभी पिछड़े जिलों में गिना जाता था, लेकिन अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।  2017 से पहले किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे- सीएम सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे, नौजवान पलायन करते थे, बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं और गरीबों की सुनवाई नहीं होती थी. उन्होंने कहा कि पहले वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया की स्थिति थी, जबकि उनकी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में काम किया है. उन्होंने बताया कि प्रतापगढ़ में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद अब नर्सिंग कॉलेज का भी शिलान्यास किया जा रहा है और गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से जिले की कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है।  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर काम करते हुए गरीबों को आवास, मुफ्त इलाज और गैस सिलेंडर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराईं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस की 60 हजार भर्तियों में प्रतापगढ़ के युवाओं को भी अवसर मिला है और अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती प्रक्रियाओं में भी जिले के युवा सफल हो रहे हैं. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में नौकरियों की नीलामी होती थी और सैफई घराना भर्ती प्रक्रिया पर कब्जा जमाए रहता था, जिससे प्रतिभाशाली गरीब युवाओं को अवसर नहीं मिलता था. उन्होंने कहा कि अब काम करने का तरीका बदल गया है और उत्तर प्रदेश की प्रगति तथा युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर विपक्ष को रास नहीं आ रहे हैं। 

CM विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई नवीन थोक बाजार का लोकार्पण और नामकरण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई के नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण  आधुनिक अधोसंरचना से व्यापार, रोजगार तथा आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति रायपुर  छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा डूमरतराई, रायपुर में विकसित अत्याधुनिक नवीन थोक बाजार का लोकार्पण अब 8 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री इस आधुनिक व्यावसायिक परिसर का नामकरण भी करते हुए इसे प्रदेशवासियों एवं व्यापारियों को समर्पित करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री आवास एवं पर्यावरण ओ पी चौधरी करेंगे। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम पूर्व में 5 जुलाई 2026 को आयोजित होना था, किन्तु छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण तीजन बाई जी के निधन के कारण घोषित राजकीय शोक के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यह कार्यक्रम 8 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह आधुनिक थोक बाजार सुव्यवस्थित व्यापारिक गतिविधियों, चौड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, बेहतर यातायात प्रबंधन तथा आवश्यक नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित है। यह बाजार रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारिक विकास को नई दिशा देने के साथ प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगा। डूमरतराई व्यापारिक परिसर का विकास चरणबद्ध रूप से किया गया है। फेज-1 में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकान एवं हॉल निर्मित किए गए, जिससे प्रदेश के व्यापारियों को सुव्यवस्थित एवं आधुनिक व्यवसायिक सुविधाएँ उपलब्ध हुईं। वहीं फेज-2 के अंतर्गत लगभग 145 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति से विभिन्न श्रेणियों की 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया है। व्यापारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया गया है। दोनों चरणों के पूर्ण होने से प्रदेश को एक आधुनिक एवं सुव्यवस्थित थोक व्यवसायिक परिसर उपलब्ध होगा। प्रदेशवासियों एवं व्यापारियों को समर्पित किए जाने वाले इस आधुनिक व्यापारिक परिसर को राज्य के व्यापार, विकास और समृद्धि का नया प्रतीक माना जा रहा है यह ‘थोक बाजार' प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा, रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा तथा रायपुर को एक सुव्यवस्थित व्यापारिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगा। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल प्रदेश में आधुनिक शहरी अधोसंरचना के विकास का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। डूमरतराई का यह नवीन थोक बाजार व्यापारियों की वर्षों पुरानी आवश्यकता को पूरा करेगा तथा उन्हें सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक व्यापारिक वातावरण उपलब्ध कराएगा। लोकार्पण  एवं नामकरण समारोह में माननीय मंत्री वन एवं जलवायु केदार कश्यप, मानिए मंत्री कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोज़गार गुरु खुशवंत साहेब, माननीय सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल, माननीय सांसद राज्यसभा श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक राजेश मूणत, माननीय अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अनुराग सिंह देव, माननीय विधायक   मोतीलाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, सुनील सोनी, माननीय महापौर रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, माननीय अध्यक्ष जिला पंचायत रायपुर नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, व्यापारी, नागरिक तथा मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। नवीन थोक बाजार' छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की गुणवत्ता, नवाचार एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है । यह परियोजना आने वाले वर्षों में प्रदेश के व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन तथा आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राजस्थान में पांचना समझौता लागू, तकनीकी खामी दूर कर बांध के सभी गेट खोले गए

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश और लगातार मॉनिटरिंग के बाद पांचना समझौते के तहत जल प्रवाहित कर दिया गया. जल प्रवाह के दौरान आई तकनीकी खामी को दूर करने के लिए जल संसाधन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें पूरी रात मौके पर जुटी रहीं. स्थिति की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया और जल संसाधन विभाग तथा एसडीआरएफ की तकनीकी टीमों को मौके पर लगाया. मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने युद्ध स्तर पर पूरी रात तकनीकी खामी को दूर करने का काम किया. सभी गेट खोल दिए गए लिफ्ट, कैनाल और नदी की ओर निर्धारित सभी गेट खोले गए. जिस गेट में तकनीकी दिक्कत आ रही थी, उसे भी मंगलवार तड़के सुबह 4:50 बजे सफलतापूर्वक खोल दिया गया. इसके लिए पूरी रात टीमें लगातार काम करती रहीं. भरतपुर, बीसलपुर और मथुरा से विशेषज्ञों को भी बुलाया गया था.  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली प्रवास के दौरान भी पूरे घटनाक्रम की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे, और अधिकारियों से नियमित फीडबैक लेते रहे. अधिकारियों के अनुसार जिन गेटों में करीब 20 वर्षों से तकनीकी खामी के कारण संचालन में दिक्कत आ रही थी, उन्हें भी इस अभियान के दौरान खोल दिया गया, जिससे पांचना समझौते के तहत जल प्रवाह सुनिश्चित हो सका. 20 साल बाद पानी की निकासी शुरू राजस्थान के करौली जिले में पांचना बांध है. 20 साल बाद पानी की निकासी शुरू हो गई है. सोमवार दोपहर 12 बजे मंत्री सुरेश रावत और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पहले गेटों का पूजन किया. इसके बाद बटन दबाकर पांचना बांध से गंभीर नदी, कमांड क्षेत्र की नहरों और गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के लिए एक साथ पानी छोड़ा. 21 राजस्व गांवों के किसानों को होगा फायदा 61 करोड़ रुपये की लागत वाली गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना के जीर्णोद्धार और दो नवीन लिफ्ट परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया. बांध से पानी छोड़े जाने के बाद 21 राजस्व गांवों के किसानों को फसल की सिचाई का फायदा होगा. पांचना बांध से पानी छोड़े से जाने के बाद कुछ किसानों में खुशी दिखी. 

बिहार में हवाई सेवा का विस्तार, पताही एयरपोर्ट को कोड-बी एयरपोर्ट बनाने की तैयारी तेज

पटना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित पताही एयरपोर्ट से छोटे विमानों की सेवा शुरू करने की तैयारी जोर पकड़ चुकी है। इसी कड़ी में पताही एयरपोर्ट को कोड-बी एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। एयरपोर्ट का टर्मिनल भवन निर्माण का काम अगले साल जून तक पूरा हो जाएगा। वहीं, रनवे के लिए दस दिन में टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। 43 करोड़ 13 लाख रुपये की लागत से एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण एवं विकास के प्रथम चरण का कार्य दो जुलाई से शुरू हो गया है। इसके तहत 23 करोड़ 47 लाख रुपये की लागत से टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) भवन, फायर स्टेशन भवन सहित अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। यह परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड में पूरी की जाएगी। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार परियोजना के प्रथम चरण की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पिछले महीने निर्माण एजेंसी को कार्य आवंटित करते हुए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया था। दो जुलाई से निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत भी हो गई है। एजेंसी को कार्य पूरा करने के लिए 11 माह की समय-सीमा दी गई है। निर्धारित समय के अनुसार टर्मिनल भवन अगले वर्ष जून तक तैयार हो जाएगा। उत्तर बिहार में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। पटना, गयाजी, दरभंगा और पूर्णिया से नागरिक विमान सेवाएं शुरू होने के बाद अब मुजफ्फरपुर से भी उड़ान शुरू करने की तैयारी की जा रही है। छोटे विमानों के संचालन की तैयारी एयरपोर्ट के रनवे को विकसित करने के लिए अगले दस दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। नागरिक विमानों के संचालन के अनुरूप रनवे को तैयार करने के लिए उसका पक्कीकरण किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में यहां से छोटे विमानों के संचालन की योजना है। इसे ध्यान में रखते हुए टर्मिनल भवन की क्षमता एक समय में लगभग 150 यात्रियों के आवागमन के अनुरूप विकसित की जा रही है। दशकों पुरानी मांग पर दस साल पहले शुरू हुई पहल दशकों से पताही एयरपोर्ट को दोबारा चालू करने की मांग उठ रही थी, लेकिन 10 साल पहले ही इसपर गंभीर पहल शुरू हुई। तत्कालीन डीएम आनंद किशोर के समय दो निजी विमान कंपनियों ने निजी सेवा में रुचि दिखाई, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बाद डीएम मो. सोहैल ने वाणिज्य मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी कि एयरपोर्ट चालू होने से यहां प्रति व्यक्ति आय में कम से कम चार फीसदी का इजाफा होने की संभावना है। इसके लिए उन्होंने एयर ट्रैफिक सर्वे भी कराया, जिसमें बताया गया कि उत्तर बिहार से करीब सात हजार यात्री पटना जाकर विमान पकड़ते हैं। इसके बाद केंद्र सरकार ने एयरपोर्ट चालू करने के लिए 548 एकड़ जमीन की मांग के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। लोगों की उम्मीदें तब जगी जब नरेंद्र मोदी ने चुनावी सभा में एयरपोर्ट के पुन: चालू करने की घोषणा की। इसके बाद ही इसे घरेलू विमान सेवा के लिए चुना गया और अब टर्मिनल अगले साल जून तक पूरा करने का टेंडर पास हुआ है।

पंचकूला पुलिस का बड़ा अभियान, सड़क पर लापरवाही पड़ी भारी; हर दिन हो रहे ट्रैफिक चालान

पंचकूला. सड़क पर कुछ मिनट बचाने की जल्दबाजी और सुरक्षा नियमों की अनदेखी लोगों की जेब पर भी भारी पड़ रही है। पंचकूला में यातायात नियमों की अनदेखी करने पर इस साल छह महीनों के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने 26,109 चालान किए हैं। एक जनवरी से 30 जून तक का यह आंकड़ा चौंकाने वाला है। क्योंकि औसतन हर दिन लगभग 150 चालान काटे जा रहे हैं। वहीं, इन चालानों के जरिए 12 करोड़ 12 लाख चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आंकड़े बताते हैं कि सबसे अधिक लापरवाही दोपहिया वाहन चालक कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चालान टू-व्हीलर सवारों के हेलमेट न पहनने के हुए हैं, जबकि शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों की संख्या भी चिंता बढ़ाने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार, बिना हेलमेट वाहन चलाने पर सबसे अधिक 12,914 चालान किए गए और छह करोड़ 30 लाख 46 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इससे साफ है कि पंचकूला ट्रैफिक पुलिस की तरफ से लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियान और सख्ती के बावजूद बड़ी संख्या में दोपहिया चालक नियमों को ताक पर रख सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं। वहीं ऐसे वाहन चालक अपनी और दूसरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। ड्रंक एंड ड्राइव के 2950 चालान इसके अलावा इन छह महीनों में ड्रंक एंड ड्राइव के 2950 चालान काटे गए। हालांकि इन मामलों का निपटारा कोर्ट से होता है। ऐसे में जुर्माना की राशि भी अदालत से तय होती है। वहीं गलत पार्किंग के 2464, ट्रिपल राइडिंग के 913, रेड लाइट जंप करने के 516 और बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने के 401 चालान किए गए। ओवर स्पीड के केवल तीन मामले दर्ज हुए। ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहे वाहन चालक ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि चालान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। आंकड़े यह संकेत देते हैं कि पंचकूला में अब भी बड़ी संख्या में लोग बुनियादी ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे सड़क सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

चंडीगढ़ हाईकोर्ट को मिली नई ग्रीन पार्किंग, 6.23 एकड़ में 700+ गाड़ियां होंगी पार्क

चंडीगढ़. पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट आने वाले वकीलों, वादियों और आम लोगों को चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ी राहत प्रदान की है। हाईकोर्ट के बाहर कच्ची और पथरीली जगहों पर प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने ग्रीन पार्किंग बना दी है। करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से बनी इस पार्किंग को आम लोगों के लिए शुरू कर दिया गया है। यहां करीब 6.23 एकड़ में पार्किंग का निर्माण किया गया है, जहां 700 से ज्यादा गाड़ियां खड़ी करने की क्षमता होगी। लंबे समय से लोग पार्किंग के कारण परेशान होते थे। इस पार्किंग के बनने से लोगों की समस्या का काफी हद तक समाधान हुआ है। पार्किंग को पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। पूरे परिसर में ग्रीन पेवर ब्लाॅक्स लगाए गए हैं, जिनके बीच घास भी रहेगी। तय दूरी पर पेड़ भी लगे हैं, ताकि हरियाली बनी रहे और वाहनों को प्राकृतिक छाया मिल सके। ग्रीन पेवर ब्लाक्स की विशेषता यह है कि बारिश का पानी जमीन में आसानी से समा जाएगा, जिससे जलभराव की समस्या भी नहीं होगी। पिछले वर्ष हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इस क्षेत्र में ग्रीन पेवर ब्लाॅक्स लगाने की अनुमति दी थी। इसके बाद प्रशासन ने लैंडस्केप कंसल्टिंग कंपनी से डिजाइन तैयार कराया। चूंकि यह क्षेत्र यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कैपिटल काॅम्प्लेक्स का हिस्सा है, इसलिए पूरे प्रोजेक्ट को विशेष निगरानी और हेरिटेज मानकों के आधार पर किया गया। इस काम के लिए प्रशासन ने पिछले साल टेंडर जारी कर दिया था। अक्टूबर 2025 से यहां निर्माण कार्य शुरू हो गया था। वर्ष 2023 में हेरिटेज इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट में यहां भूमिगत मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का विरोध किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार ऐसा निर्माण धरोहर परिसर के वास्तविक स्वरूप को प्रभावित कर सकता था और ट्रैफिक व प्रदूषण भी बढ़ा सकता था। इसी वजह से प्रशासन ने पर्यावरण अनुकूल ग्रीन पार्किंग बनाने का फैसला किया।

छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय हुआ मौसम, अवदाब के प्रभाव से रायपुर सहित कई इलाकों में झमाझम बारिश के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आषाढ़ लगने के बाद झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है. नदी-नाले उफान पर हैं. बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश हुई है. फिलहाल मानसून की स्थिति सामान्य बनी हुई है. आज यानी 7 जुलाई को झारखण्ड और ओडिशा के पास बने अवदाब के कारण मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं 8 जुलाई के बाद पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि सोमवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा हुई. इस दौरान अधिकतम तापमान पेंड्रा रोड में 30.8 डिग्री सेल्सियस और राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है.  इन इलाकों में जमकर बसरे बादल मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पहले दिन 15 सेंटीमीटर वर्षा के बाद दूसरे दिन रायपुर में 8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. वहीं बलौदा बाजार में 20 सेंटीमीटर, राजिम में 18, लवन में 17, गिधौरी टुंड्रा, भाटापारा में 16-16, बलौदा, गोबरा नवापारा, बिलाईगढ़ में 15-15, राजनांदगांव, भटगांव, अकलतरा, पौड़ी उपरोड़ा, तिल्दा, चंद्रपुर, खरोरा में 14-14, पिथौरा, रायगढ़, सिमगा में 13-13, तमनार, सोनाखान, मगरलोड, मस्तूरी, भैसमा, बोदरी, पथरिया में 12 12, डभरा, मरीं बंगला देवरी, मंदिरहसौद, सीपत, बिल्हा, तखतपुर, पाली, बम्हनीडीह, कोरबा, बोराई, पलारी, सकरी, सारंगढ़, सुहेला, अड़भार, पामगढ़ में 11-11, बरमकेला, सरसीवा, धारासींव, शिवरीनारायण, सरायपाली, कसडोल, नवागढ़, लोरमी में 10-10, थानखमरिया, पुसौर, सरिया, दर्री, बसना, जांजगीर, डोंगरगढ़, मालखरौदा, पिपरिया, भोथिया, मैनपुर, खैरागढ़ में9-9, कुरूद, धमतरी, कुकरेल, साजा, बिलासपुर, आरंग, बेलारगांव, डौंडीलोहारा, रायपुर शहर, चांपा, मुंगेली, सक्ती, दाढ़ी में 8-8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?  राजधानी रायपुर में आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है. वहीं बादल के गरजने-चकमने के साथ ही वर्ष और तेज हवा चल सकती है. अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आपसास दर्ज हो सकता है.   मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में आज बारिश के आसार  प्रदेश के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों के अधिकांश इलाकों में आज मौसम विभाग ने हल्की से माध्यम बारिश होने की संभावना जताई है. एक-दो स्थानों में भारी वर्षा और बिजली गिरने की चेतवानी है. दो दिन बाद भी इसी तरह का मौसम बने रहने के आसार हैं.

बच्चों की सुरक्षा बढ़ाने को दिल्ली के सभी स्कूलों में बनेगी बाल संरक्षण समिति अब

नई दिल्ली राजधानी में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते 5633 स्कूलों में बाल संरक्षण समिति का गठन होगा। एलजी तरनजीत सिंह संधू और सीएम रेखा गुप्ता ने सोमवार को बाल संरक्षण के तहत यह फैसला किया है। जुलाई के दौरान बाल संरक्षण माह के तहत विभिन्न कार्यक्रमों, सुरक्षा उपायों और जागरूकता अभियान को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग, दिल्ली पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई।     शिक्षा विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग और पॉक्सो अधिनियम के निर्देशों के अनुसार दिल्ली के सभी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सुरक्षा जांच सूची (चेक लिस्ट) लागू की जा रही है।     इनमें 1,077 दिल्ली सरकार के स्कूल, 198 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, 2612 एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली छावनी बोर्ड और 1,746 प्राइवेट स्कूल शामिल हैं। विभाग शिक्षकों, स्कूल कर्मचारियों और मुख्य प्रशिक्षकों को पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रशिक्षण दे रहा है। जुलाई के बाद भी जारी रहेगा अभियान दिल्ली पुलिस ने बताया कि स्कूलों, पार्कों, खेल परिसरों, बाल भवन, अनाथालयों और बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। एलजी और सीएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यक्रम जुलाई तक सीमित न रहें, वह संस्थानों की नियमित और स्थायी व्यवस्था का हिस्सा बनें। POCSO मामलों के लिए नई व्यवस्था सीएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित जरूरी है। सभी स्कूलों में पॉक्सो मामलों के निस्तारण के लिए एसओपी लागू की जाए। अभिभावकों के प्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली पुलिस और विद्यालय प्रमुखों को शामिल करते हुए संयुक्त निरीक्षण दल गठित कर सभी स्कूलों का निरीक्षण किया जाए।