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अप्रैल से चंडीगढ़ में बढ़ेगी पानी की कीमत, गारबेज कलेक्शन चार्ज और कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग भी महंगी होगी

चंडीगढ़  चंडीगढ़ के लोगों की जेब पर एक अप्रैल से अधिक बोझ पड़ने वाला है। पानी से लेकर डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन के चार्ज बढ़ने वाले हैं। वाटर टैरिफ में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। इसके अलावा सीवरेज सेस भी बढ़ेगा। साथ ही डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन चार्ज में होगी बढ़ोतरी। अभी 0-15 किलोलीटर (एक किलोलीटर में एक हजार लीटर) पानी पर प्रति केएल 3.47 रुपये खर्च आता है जो बढ़कर 3.64 रुपये प्रति किलोलीटर हो जाएगा। 60 केएल से अधिक पर 24.31 रुपये प्रति केएल खर्च बिल में जुड़कर आने लगेगा। हालांकि पांच प्रतिशत की वृद्धि बहुत बड़ी नहीं है। कम पानी खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को मामूली अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा। जैसे पहली 0-15 किलोलीटर की स्लैब में 15 पैसे की बढ़ोतरी से तीन से पांच रुपये ही अधिक चुकाने होंगे। घरों की एरिया के अनुसार चार्ज वार्षिक बढ़ोतरी नियम के कारण पहली अप्रैल से गारबेज कलेक्शन चार्ज भी सभी केटेगरी में पांच प्रतिशत तक बढ़ गया है। दो मरला तक के घरों का गारबेज कलेक्शन चार्ज 57.88 रुपये से बढ़कर 60.77 रुपये हो जाएगा। दो मरला से 10 मरला तक के घरों का चार्ज 115.76 रुपये से बढ़कर 121.55 रुपये होना है। 10 मरला से एक कनाल तक के घरों को पहली अप्रैल से 231.53 रुपये की जगह 243.11 रुपये अदा करने होंगे। इसी तरह एक कनाल से दो कनाल तक के घरों का शुल्क 289.38 रुपये से बढ़कर 303.85 रुपये हो जाएगा। वहीं दो कनाल से अधिक एरिया के घरों के लिए गारबेज कलेक्शन चार्ज 405.09 रुपये से बढ़कर 425.34 रुपये होना है। कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग महंगी होगी पहली अप्रैल से कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग भी महंगी होगी। इसमें कैटेगरी के हिसाब से कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग रेट बढ़ने हैं। पांच से दस प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि बुकिंग में हो जाएगी। शराब होगी महंगी, ठेके बदलेंगे पहली अप्रैल से नई आबकारी नीति भी लागू हो जाएगी। इसके बाद शराब के रेट भी नई आबकारी नीति के हिसाब से ही लागू होने हैं। हालांकि शराब के रेट में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। केवल दो प्रतिशत रेट ही बढ़ाने प्रस्तावित किए गए हैं। शराब के नए ठेकों का आवंटन होने के बाद पहली अप्रैल से यह शुरू हो जाएंगे। पहली अप्रैल से बूथ, शाप और नगर निगम की दूसरी संपत्ति के किराये में भी पांच से दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी।  

तेंदुए की खाल की तस्करी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 9 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर वन्यजीव संरक्षण को लेकर राज्य में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में 19 मार्च 2026 को केशकाल वनमंडल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल की तस्करी में शामिल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।            वन्य जीव संरक्षण का अर्थ जंगली जानवरों, पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा करना है, ताकि जैव विविधता बनी रहे और पारिस्थितिक संतुलन न बिगड़े। भारत में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अवैध शिकार, व्यापार और आवास विनाश को रोकना और वन्य प्रजातियों की रक्षा करना अनिवार्य है। यह पारिस्थितिक तंत्र के लचीलेपन और भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति के संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण है।           यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया, जिसमें एक कर्मचारी ने खरीदार बनकर तस्करों से संपर्क किया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल और एक वाहन में तेंदुए की खाल लेकर रसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग स्थित ग्राम बैलगांव पहुंचे, टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। मौके से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि तेंदुए का शिकार लगभग 7 महीने पहले अवैध हथियार (भरमार बंदूक) से किया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर मुख्य आरोपी को अगले दिन नारायणपुर जिले के ग्राम बोरावण्ड से गिरफ्तार किया गया तथा शिकार में प्रयुक्त बंदूक भी जब्त की गई। बरामद तेंदुए की खाल की लंबाई 195 सेंटीमीटर और चौड़ाई 45 सेंटीमीटर पाई गई।           वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम के निर्देशन में आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों के निवासी हैं। इस अभियान में राज्य स्तरीय टीम के अधिकारियों एवं वन विभाग के कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध व्यापार को रोकने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य शासन की वन एवं वन्यजीव संरक्षण संबंधी योजनाओं के तहत जैव विविधता संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

Delhi Budget Highlights: फ्री बिजली पर बड़ा ऐलान, जानिए किन योजनाओं की हुई बरसात

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कई बड़े ऐलान किए। लगातार दूसरे साल एक लाख करोड़ से अधिक का बजट अनुमान पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने मुफ्त बिजली को लेकर भी दिल्लीवासियों को बड़ी राहत की खबर दी। रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने मुफ्त बिजली योजना को पहले की तरह जारी रखने का फैसला किया है। इसके अलावा दिल्ली में बेटियों को मुफ्त साइकिल तो मेधावी छात्रों को लैपटॉप बांटने का महत्वपूर्ण ऐलान भी किया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि 'ट्रिपल इंजन' सरकार के साथ राष्ट्रीय राजधानी में तेजी से प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली सरकार का 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बजट में पर्यावरण संरक्षण के लिए 21 प्रतिशत आवंटन होगा और इसलिए बजट को 'ग्रीन बजट' का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, यमुना सफाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान किए। मुफ्त बिजली की स्कीम जारी रहेगी दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि उनकी सरकार आगामी वित्त वर्ष में भी मुफ्त बिजली की स्कीम को जारी रखेगी। दिल्ली को 24 घंटे मुफ्त बिजली सुनिश्चित करने के लिए 3942 करोड़ का बजट रखा गया है। महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा मुख्यमंत्री ने कहा कि 450 करोड़ करोड़ मुफ्त बस यात्रा के लिए रखे हैं। लेकिन भ्रष्टाचार के लिए एक रुपया नहीं रखा है। इसलिए पिंक कार्ड बनवाए हैं। जितनी बहनें यात्रा करेंगी उनके बदले ही पैसा दिया जाएगा। इसलिए पिंक सहेली कार्ड बनवाए हैं। इनमें सिर्फ महिलाएं नहीं बल्कि ट्रांसजेंडर वर्ग को भी मुफ्त यात्रा का सौगात दिया गया है। महिला समृद्धि योजना के लिए कितना पैसा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए भरोसा दिलाया कि दिल्ली में जल्द ही महिला समृद्धि योजना के तहत पैसा मिलने की शुरुआत हो जाएगी। महिला समृद्धि योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक 2500 रुपये देने के लिए 5100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा कि इस योजना में लाभार्थी तय करने के लिए कमेटी बनाई गई है। उस पर काम हो रहा है। जल्द सरकार पोर्टल खोलेगी जिसमे बहनें आवेदन कर सकेंगी। मुफ्त खाना और सिलेंडर दिल्ली की सीएम ने कहा कि झुग्गी बस्तियों के लिए और अटल कैंटीन के लिए 634 करोड़ का फंड रखा गया है। मुफ्त सिलेंडर के लिए 260 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। सीएम ने कहा कि होली में मुफ्त सिलेंडर का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा गया है और दिवाली में भी ऐसा किया जाएगा। शिक्षा के लिए बड़ा बजट, साइकिल से लैपटॉप तक दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए 19 हजार करोड़ का बजट रखा है। स्कूलों के विस्तार और निर्माण के लिए 470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 9वीं क्लास में पढ़ने वाली एक लाख से ज्यादा बेटियों को मुफ्त साइकिल तो 10वीं क्लास के मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का ऐलान भी किया गया है। ड्रेनेज के लिए बड़ी रकम मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया। कई ड्रेनेज को मंजूरी दी गई ताकि जलभराव को खत्म किया जा सके। इसके लिए 610 करोड़ का फंड बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग को दिया गया है। बस और मेट्रो के लिए क्या सीएम ने कहा कि परिवहन के लिए 8374 करोड़ का बजट रखा गया है। हर महीने बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। दिल्ली में अगले वर्ष मार्च तक 5800 इलेक्टिक बेस होंगी और कुल बसों की संख्या 7500 हो जाएंगी। मेट्रो के लिए 2885 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया है। नमो ट्रेन के लिए 568 करोड़ का बजट रखा है। स्वास्थ्य के लिए बजट में कितना पैसा, आरोग्य मंदिर पर बड़ा ऐलान रेखा गुप्ता ने कहा कि उपचार अधिकार है, उपकार नहीं। इसलिए उनकी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को 12,645 करोड़ का बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले एक साल में दिल्ली में 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले हैं। इस साल 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे। ग्रीन बजट दिया गया नाम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के इस बजट को ग्रीन बजट के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा, 'हर योजना को हमने ग्रीन लेंस से देखा है। इस बजट की हर नीति में पर्यावरण और हर योजना में प्रकृति और हर निर्णय में भविष्य की पीढ़ियों की चिंता समाहित है। इसलिए हमने पूरे बजट का 21 फीसदी हिस्सा ग्रीन बजट के लिए आवंटित किया है।'

सरस मेला से महिला समूह के उद्यमिता को मिलेगी व्यापक पहचान- उपमुख्यमंत्री शर्मा

रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने महिला समूहों को 11.43 करोड़ रुपए की राशि की अंतरित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत सरदार पटेल मैदान कवर्धा में आयोजित चार दिवसीय संभागीय सरस मेला का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत 11.43 रूपये की सहायता राशि के चेक वितरण किए, जो महिला समूहों के आजीविका संवर्धन में सहायक सिद्ध होंगे।    इस दौरान पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद कवर्धा  चन्द्रप्रकाश चन्द्रवंशी, कलेक्टर  गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओं  अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चन्द्रवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहें।        उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने सभी स्टालों का निरीक्षण कर महिला समूह के सदस्यों से उनके व्यवसाय की जानकारी ली। स्टाल में दीदियों से चर्चा करते हुए व्यवसाय के लिए कच्चे माल उसके उत्पादन और विक्रय की जानकारी ली। लखपति दीदियों से बात करते हुए उन्होंने कहा की ग्रामीण महिलाएं अपने परिवार का मजबूत आधार स्तंभ बनकर उभरी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में सहयोग प्रदान कर रही है।      उन्होंने बताया कि संभागीय सरस मेला के आयोजन से दुर्ग संभाग के सभी सात जिलो के महिला स्व सहायता की दीदीयां लाभान्वित हो रही हैं। समूह द्वारा बनाये गए दैनिक उपयोग के आकर्षक सामाग्री, जैविक खादय पदार्थ एवं अन्य उपयोगी वस्तुओं को विक्रय के लिए उचित मंच मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर वोकल फाॅर लोकल को बढ़ावा देने के लिए यह आयोजन राज्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया है। इस आयोजन से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक लाभ होगा जिससे वे आत्मनिर्भर होने की दिशा मे आगे बढ़ेगी। हमारा प्रयास है कि ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महिलाओं की पूरी भागीदारी हो और वे अपने लघु व्यवसाय से उद्यमी की पहचान हासिल कर सके। मेले में आए सभी स्व सहायता समूह की दीदियों को उपमुख्यमंत्री ने उनके व्यवसाय के लिए शुभकामनाएं दी और उम्मीद जताई कि इस आयोजन से क्षेत्र की जनता को लाभ होगा। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश में 2 लाख 69 हजार से अधिक महिला स्व सहायता समूह संचालित हैं, जिनसे लगभग 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा दीदी के गोठ कार्यक्रम का भी संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से स्व सहायता समूह की महिलाएं अपने नवाचारी कार्यों को साझा करती हैं। यह कार्यक्रम हिंदी के साथ-साथ गोंडी और हल्बी भाषा में भी संचालित किया जा रहा है, जिससे बस्तर अंचल की महिलाएं भी इसे आसानी से समझ पा रही हैं। इससे प्रदेशभर में महिलाओं द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की जानकारी एक-दूसरे तक पहुंच रही है। प्रदेश में 300 महतारी सदनों का निर्माण भी किया जा रहा है।      उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि सरकार महिलाओं और बुजुर्गों को मिलने वाली पेंशन राशि अब उनके गांव में ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रही है। इसके लिए हर ग्राम पंचायत में अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं। उन्होंने बनासकांठा के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वहां सहकारी (कॉपरेटिव) मॉडल के माध्यम से महिलाएं बड़े उद्योगों से जुड़कर व्यापक स्तर पर दुग्ध उत्पादन कर रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं छोटे बड़े उद्योगों का संचालन कर सकती हैं। उन्होंने आगे बताया कि सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म एप्लीकेशन विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इस एप के माध्यम से आम नागरिक सीधे महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्री को आसानी से खरीद सकेंगे, जिससे महिलाओं को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा         उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन आवासों के निर्माण में अब महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं डीलर दीदी के रूप में जुड़कर छड़ और सीमेंट की सब-डीलर बन रही हैं। इसके साथ ही वे सेंट्रिंग प्लेट निर्माण जैसे कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है।     उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि आज सरस मेला में बैंक लिंकेज के तहत 10 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण किया जाएगा। 271 महिला स्व सहायता समूहों को 40 लाख 65 हजार रुपए की चक्रीय निधि दी जाएगी। इसी प्रकार 172 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि के तहत सीएफएल के माध्यम से 1 करोड़ 3 लाख 20 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। जिससे महिलाएं अपने व्यवसाय को और मजबूत बना सकेंगी।      जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरकार का प्रयास है कि महिला समूहों को अधिक से अधिक संख्या में स्व रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाए। यह सरस मेला महिला समूहों के उत्पादों के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध करा रहा है।  कलेक्टर  गोपाल वर्मा ने सरस मेला आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इसका 23 मार्च से 26 मार्च तक होगा। मेले में सभी आयु वर्ग के लोगो के लिए महिला समूह द्वारा तैयार किये गये आकर्षक सामान उपलब्ध है। मिलेट से बने अनेकों प्रकार के बिस्कुट, आचार, पापड़, फिनायल, दोना-पत्तल, अगरबत्ती, बिरनमाला एवं हैण्डलूम के बने बैग ईत्यादी स्थानीय स्तर पर तैयार किये गये है।     उल्लेखनीय है कि इस संभागीय सरस मेले में कबीरधाम जिले के साथ-साथ जिला राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, खैरागढ़-छूईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर, अंबागढ़ चौकी के महिला स्व सहायता समूह द्वारा प्रदर्शनी लगायी गई है। बिहान की दीदियों द्वारा स्थानीय स्तर पर तैयार की गई वस्तुओं का व्यापक प्रचार कर विक्रय के लिए मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे की आजीविका संवर्धन की गतिविधियों को बढ़ावा मिले

जयपुर की छवि बनीं टॉपर, 99.33% स्कोर—लड़कियों के नंबरों का पूरा ब्योरा

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार दोपहर 1 बजे 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अजमेर स्थित बोर्ड कार्यालय से रिजल्ट जारी किया। इसके साथ ही प्रदेश के 10 लाख 68 हजार 109 छात्रों का इंतजार समाप्त हो गया। जयपुर की छवि ने पार किया 99वे का आंकड़ा इस वर्ष 10वीं बोर्ड परीक्षा में जयपुर के खोरा बिसल स्थित एसवीएम अकेडमी सी. से. स्कूल की छात्रा छवि शर्मा ने 99.33 प्रतिशत अंक हासिल किए। छवि ने हिंदी और गणित में 100 में से 100 अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।   बाड़मेर की गुंजन चौधरी का शानदार प्रदर्शन बाड़मेर की छात्रा गुंजन चौधरी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 98.67 प्रतिशत अंक हासिल किए। उन्हें पांच विषयों में 99-99 अंक मिले, जो उनकी निरंतर मेहनत और लगन को दर्शाता है। श्रीगंगानगर की रिया ने भी किया नाम रोशन श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर की रहने वाली छात्रा रिया ने 97.67 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वह माता गुजरी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं और उनके प्रदर्शन ने जिले का नाम रोशन किया है।   आरती देवांद का संघर्ष और सफलता चौमूं स्थित टीसीआई सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा आरती देवांद ने 95.33 प्रतिशत अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आरती ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और विशेष रूप से अपने मामा को दिया। उन्होंने ननिहाल में रहकर पढ़ाई की और भविष्य में मेडिकल क्षेत्र में जाकर लोगों की सेवा करने का लक्ष्य रखा है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: क्रिकेटर रिंकू सिंह को मिली RSO की जिम्मेदारी

लखनऊ भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा सम्मान दिया है। उनकी शानदार उपलब्धि को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का  किया है। टी20 वर्ल्ड कप जीत में निभाई अहम भूमिका सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर इतिहास रच दिया। भारत टी20 वर्ल्ड कप का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली पहली टीम बनी और तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया। यह टूर्नामेंट रिंकू सिंह के लिए भावनात्मक रूप से काफी कठिन रहा, क्योंकि टूर्नामेंट के दौरान ही उनके पिता का कैंसर से निधन हो गया था। इसके बावजूद रिंकू टीम से दोबारा जुड़े और बाकी मैच खेले। रिंकू सिंह को मिलेगा सरकारी पद रिंकू सिंह के योगदान को सम्मान देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर (RSO) नियुक्त करने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने एक योजना शुरू की है, जिसके तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी और नकद पुरस्कार दिया जाएगा। अन्य खिलाड़ियों को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ी राजकुमार पाल को डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) बनाया जाएगा। वह पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। पैरालंपिक हाई जंप गोल्ड मेडलिस्ट प्रवीण कुमार को भी DSP बनाया जाएगा। पैरालंपिक जेवलिन थ्रो सिल्वर मेडलिस्ट अजीत सिंह को जिला पंचायत राज अधिकारी बनाया जाएगा। पैरालंपिक 200 मीटर ब्रॉन्ज मेडलिस्ट सिमरन को भी इसी पद पर नियुक्ति मिलेगी। इन सभी खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोक भवन में आयोजित सम्मान समारोह में नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। लक्ष्मण अवॉर्ड और रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड भी दिए जाएंगे सरकार ने 2024-25 के लिए 9 खिलाड़ियों को लक्ष्मण अवॉर्ड और रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड देने का भी फैसला किया है। हर विजेता को 3.11 लाख रुपये नकद और कांस्य प्रतिमा दी जाएगी। लक्ष्मण अवॉर्ड विजेता (जनरल कैटेगरी): उत्तम सिंह, विनय, अभिजीत कुमार, विक्रांत बालियान, सागर दांगी रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड विजेता (जनरल कैटेगरी): भानु पाठक, दीपक कुमार, तान्या चौधरी, तनुश्री पांडे, ओम यादव, राजकुमार पाल, यश कुमार, मुस्कान यादव, अभय सिंह; रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड विजेता (पैरा कैटेगरी): श्रवण कुमार, यश तोमर, ईशान खान, प्रगति केसरीवानी, वंतिका अग्रवाल; उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।  

डिलीवरी में गड़बड़ी या साजिश? इंदौर में पार्सल से मोबाइल गायब, कर्मचारी पर FIR

इंदौर परदेशीपुरा पुलिस ने ई-कामर्स कंपनी के डिलीवरी ब्वाय पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। उस पर पार्सल से लाखों रुपये कीमती मोबाइल गायब करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार ई-कामर्स कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर योगेंद्रसिंह राठौर की शिकायत पर आरोपित मयूर वर्मा,नितेश कोरी और व अन्य के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। योगेंद्र के अनुसार ग्राहकों द्वारा रिटर्न किए पार्सल में गड़बड़ी हुई है। करीब 34 मोबाइल गायब मिलें है। बाक्स में सिर्फ ब्ल्यूटुथ ही है।कंपनी ने मोबाइल की 10 लाख रुपये से ज्यादा कीमत बताई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि गड़बड़ी पार्सल की डिलीवरी के दौरान हुई है। डिलीवरी ब्वाय ने पार्सल से मोबाइल निकाल लिए थे। गिरोह में अन्य व्यक्ति के शामिल होने की आशँका है। तिरपाल काट कर लाखों के पार्सल चुराए बायपास पर ट्रक कटिंग की घटना सामने आई है। कनाड़िया पुलिस ने चालक की शिकायत पर केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार अमरेंद्रसिंह द्वारा शिकायत की है। उसने पुलिस को बताया कि ट्रक लेकर औरंगाबाद जा रहा था। एक अन्य चालक ने गेट खुला देखकर घटना के बारे में बताया और थाने पहुंचा।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 10 समूहों को सौंपी मैजिक वाहन की चाबी, परिवहन व्यवसाय में महिलाओं की एंट्री

रायपुर कबीरधाम में ‘दीदियों’ ने संभाली स्टीयरिंग, उपमुख्यमंत्री  शर्मा बने पैसेंजर कबीरधाम जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अभिनव और प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां अब तक पुरुष प्रधान माने जाने वाले परिवहन व्यवसाय में महिलाओं की भागीदारी का नया अध्याय शुरू हुआ है। इस अवसर पर स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने जब स्टीयरिंग संभाली तो उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी उनके पैसेंजर बन गए। पहले परिवहन व्यवसाय केवल पुरूष प्रधान कार्य माना जाता था, जिस मिथक को तोड़ अब समूह की महिलाएं स्टेयरिग थामकर आजीविका का सशक्त साधन तैयार करने के साथ ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को भी नई गति देने जा रही हैं।           सरस मेले के शुभारंभ के अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने जिले की 10 महिला समूहों को 'आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस' योजना के तहत सीएलएफ मैजिक वाहन वितरित किए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि इन वाहनों का वितरण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक वाहन की लागत लगभग 7.50 लाख रुपये है, जिसमें से 5 लाख रुपये केंद्र सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दिए गए हैं। शेष राशि का प्रबंधन संबंधित समूहों द्वारा किया गया है, जिससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।           उन्होंने कहा कि अब स्व सहायता समूह की महिलाएं अपने क्षेत्रों में यात्रियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराकर आय का स्रोत विकसित करेंगी। विशेष रूप से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में यह पहल आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी, जहां अब तक परिवहन की कमी एक बड़ी समस्या रही है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यह पहल केवल शुरुआत है। यदि महिलाएं इस अवसर का पूरी लगन और समर्पण से उपयोग करें, तो वे “लखपति दीदी” बनने के लक्ष्य को भी प्राप्त कर सकती हैं। यह योजना महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ-साथ उन्हें आत्मसम्मान और समाज में नई पहचान दिलाने का माध्यम बनेगी।          वाहन संचालन के लिए महिलाओं को ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से ट्रेनिंग दी गई है। यह वाहन 10 अलग अलग संकुल के महिला समूहों 10 विभिन्न ग्रामीण रूट पर संचालन हेतु प्रदान किया गया है। इस पहल के तहत महिला समूह की सदस्य अब टाटा मैजिक वाहन संचालित कर परिवहन व्यवसाय से जुड़ेंगी। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर उनकी भूमिका को भी सशक्त करेगा। योजना के तहत ये महिलाएं जिले के वनांचल एवं मैदानी क्षेत्रों में, जहां आवागमन के साधन सीमित हैं, वहां यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य करेंगी। इससे न केवल दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में परिवहन सुविधा सुलभ होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

रिश्वतखोरी पर कड़ा वार, सरायकेला में 5 लाख लेते सरकारी कर्मचारी समेत दलाल पकड़े गए

रांची झारखंड के सरायकेला जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरायकेला स्थित एलआरडीसी कार्यालय से सरकारी कर्मी प्रीतम आचार्य और ब्रोकर को पांच लाख रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जमीन मुआवजा से जुड़े एक मामले के निपटारे और पक्ष में रिपोर्ट देने के एवज में दोनों ने वादी से 40 लाख रिश्वत की मांग की थी। वादी सोमवार को पहली किस्त लेकर एलआरडीसी कार्यालय के पास पहुंचा था। जैसे ही उसने प्रीतम आचार्य और ब्रोकर को पैसे दिए। वहां पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने दोनों को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। एसीबी की इस कार्रवाई से सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है।  

काम पर लौटने की डेडलाइन तय, 25 मार्च के बाद हड़तालियों पर वेतन कटौती का फैसला

पटना बिहार में हड़ताल कर रहे अंचलाधिकारी (सीओ) और अन्य राजस्व अधिकारियों के खिलाफ राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने अधिकारियों के सामूहिक अवकाश को अवैध घोषित कर दिया है। साथ ही हड़ताल करने वालों को 25 मार्च तक काम पर वापस लौटने को कहा गया है। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि निश्चित समयावधि के अंदर अगर हड़ताल खत्म नहीं होती, तो राजस्व अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज की ओर से जारी विभागीय पत्र के आधार पर उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा 25 मार्च तक कार्य पर नहीं लौटने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी सीएम सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारियों की ओर से 9 मार्च 2026 से घोषित सामूहिक अवकाश ना केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि इससे आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा और उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले भूमि सुधार जनकल्याण संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनज़र राजस्व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में कार्य से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च 2026 की साम 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो पदाधिकारी निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामले में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। विजय सिन्हा ने सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल समाप्त कर जल्द अपने दायित्वों का निर्वहन करें, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े। बता दें कि बिहार के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में सीओ और अन्य राजस्व अधिकारी बीते 9 मार्च से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इससे जिलों में निबंधन समेत जमीनों से जुड़े अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरकार की ओर से लगातार उन्हें काम पर लौटने को कहा जा रहा है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पहले भी हड़तालियों को अल्टीमेटम दे चुके हैं।