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बिहार में खेल प्रतिभाओं के लिए बड़ा मौका, राज्य खेल सम्मान की प्रक्रिया शुरू

पटना   बिहार के खेल जगत और प्रतिभावान खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (BSSA) ने 'बिहार राज्य खेल सम्मान 2026' के लिए आधिकारिक तौर पर नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इस सम्मान के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों, अनुभवी कोचों, खेल संघों और खेल अधिकारियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सरकार के इस कदम से बिहार के खेल गलियारे में भारी उत्साह का माहौल है। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाएगा जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा से खेल के मैदान में बिहार का गौरव बढ़ाया है। 24 जून से शुरू होगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा जारी की गई सूचना के मुताबिक, इस खेल सम्मान के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया कल यानी 24 जून से पूरी तरह शुरू होने जा रही है। इच्छुक और योग्य दावेदार घर बैठे ही इंटरनेट के माध्यम से अपना फॉर्म भर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 तय की गई है। सभी आवेदकों को 15 जुलाई की शाम 5 बजे से पहले अपना फॉर्म और उससे जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। तय समय सीमा के बाद मिलने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने जारी किया विशेष QR कोड इस बार पूरी आवेदन प्रक्रिया को बेहद डिजिटल और आसान बनाया गया है ताकि खिलाड़ियों को फॉर्म भरने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण ने आवेदन के लिए एक विशेष QR कोड भी जारी किया है, जिसे स्कैन करके खिलाड़ी सीधे मुख्य एप्लीकेशन पेज पर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, यदि किसी खिलाड़ी या कोच को फॉर्म भरने या दस्तावेज अपलोड करने में कोई दिक्कत आती है, तो उसकी सहायता के लिए विभाग ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 9031045384 भी जारी किया है। इस नंबर पर कॉल करके खेल सम्मान से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या या नियम की जानकारी तुरंत हासिल की जा सकती है।

पुराने लखनऊ को राहत: 7 नए सबस्टेशन और 100 फीडर से खत्म होगी बिजली समस्या

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। पुराने लखनऊ के लोगों की समस्याएं दूर होंगी। पुराने लखनऊ की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 550 करोड़ रुपये का प्लान तैयार किया गया है। आरडीएसएस योजना के तहत वर्ष 2031 तक की बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 07 नए उपकेंद्र व 01 नया पावर ट्रांसमिशन सबस्टेशन बनाया जाएगा। इसके अलावा 100 नये फीडर बनेंगे। इससे लगभग 10 लाख आबादी को बिजली कटौती व लो-वोल्टेज से निजात मिलेगी। 20-20 एमवीए लोड के बिजली उपकेंद्र बनेंगे लेसा के लखनऊ सेंट्रल जोन के राजाजीपुरम, अपट्रॉन, ऐशबाग, ठाकुरगंज, चौक, रेजीडेंसी, राजभवन, हुसैनगंज, अमीनाबाद क्षेत्र में बेहतर बिजली सप्लाई के लिए सात नये उपकेंद्रों का निर्माण होगा। इसमें तालकटोरा में दो उपकेंद्र बनेंगे। इसके अलावा ऐशबाग, मलपुर (राजाजीपुरम), राजेन्द्र नगर, अर्जुनगंज, बालागंज में एक-एक उपकेंद्र बनेंगे। सभी 20-20 एमवीए लोड के बिजली उपकेंद्र बनेंगे। पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता में वृद्धि पुराने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए क्षेत्र के 11 मौजूदा उपकेंद्रों के पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से हरिहरपुर, अर्जुनगंज, जवाहर भवन, हनुमान सेतु, यूपीआईएल, नूरबाड़ी, अपट्रॉन, आरडीएसओ, ऐशबाग, विधानसभा मार्ग और बालाघाट शामिल हैं। इसके अलावा 33 केवी और 11 केवी की नई लाइन बिछाई जाएगी। नई एलटी लाइन निर्माण में इंसुलेटेड कंडक्टर लगाई जाएगी। 100 नए फीडर से सुधरेगी सप्लाई ओवरलोडिंग की समस्या को खत्म करने के लिए कुल 100 नए फीडर बनाए जाएंगे। मुख्य अभियंता के अनुसार, 07 नए उपकेंद्रों के बनने से 70 नए फीडर तैयार होंगे, जबकि पुराने उपकेंद्रों में 30 अतिरिक्त फीडर जोड़े जाएंगे। इसके अलावा, तालकटोरा में बनने वाले ट्रांसमिशन सबस्टेशन से 14 उपकेंद्रों के लिए नई बिजली लाइनें भी बिछाई जाएंगी। ऐसा होने इलाके बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल जाएगी। इलाके की बिजली व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। दरअलस, लो वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या से उपभोक्ता जूझ रहे। बिजली व्यवस्था बेहतर होने से लोगों को समस्याओं से निजात मिल जाएगी। इलाके के लोगों को भरपूर बिजली मिलने लगेगी। लो-वोल्टेज की समस्या भी खत्म हो जाएगी। ओवरलोडिंग की समस्या भी खत्म हो जाएगी। मध्यांचल निगम को जल्द प्रस्ताव भेजा जाएगा लखनऊ सेंट्रल मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल ने बताया कि आरडीएसएस योजना के तहत वर्ष 2031 तक बेहतर बिजली सप्लाई के लिए पुराने लखनऊ में 07 बिजली उपकेंद्रों का निर्माण होगा। इसके अलावा 11 उपकेंद्रों में पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि होगी। साथ ही 100 नये फीडर बनेंगे। मध्यांचल निगम को जल्द प्रस्ताव भेजा जाएगा।

बाल भवन करनाल में ग्रीष्मकालीन शिविर: 200 बच्चों ने कराया रजिस्ट्रेशन

करनाल हरियाणा के करनाल जिले में बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों को मजेदार और सिखाने वाला बनाने के लिए जिला बाल कल्याण परिषद ने एक बेहतरीन पहल की है। स्थानीय बाल भवन में आगामी 30 जून तक एक शानदार ग्रीष्मकालीन शिविर यानी समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। उपायुक्त और परिषद के अध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में चल रहे इस कैंप में बच्चों के व्यक्तित्व को निखारने का काम किया जा रहा है। इस खास कैंप को लेकर बच्चों और अभिभावकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। अबेकस और योगा के साथ महिलाएं सीख रहीं ब्यूटी केयर जिला बाल कल्याण अधिकारी मंजू चौधरी ने बताया कि इस समर कैंप में 5 से 14 साल तक के बच्चों को एक्सपर्ट टीचर्स द्वारा कई तरह की एक्टिविटीज सिखाई जा रही हैं। कैंप में बच्चे मुकेश शर्मा से आर्ट एंड क्राफ्ट, गुंजन से योगा, रायना से डांस और गरिमा भारद्वाज से अबेकस सीख रहे हैं। अबेकस असल में गणित के सवालों को तेजी से हल करने का एक पुराना और मजेदार तरीका है, जिससे बच्चों का दिमाग तेज होता है। इस साल बच्चों के साथ-साथ लड़कियों और महिलाओं के लिए फैशन डिजाइनिंग और ब्यूटी केयर की क्लास भी जोड़ी गई है, जिसमें वे बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। इस कैंप की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक लगभग 200 बच्चों ने अपना रजिस्ट्रेशन यानी दाखिला करवा लिया है। यह क्लासेज रोज सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बाल भवन में लगती हैं। आज भी कैंप में 155 से ज्यादा बच्चे पहुंचे। खास बात यह है कि निजी स्कूलों के बच्चों के साथ-साथ सरकारी स्कूल, बाल गृह और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब बच्चों को भी इसमें अपनी प्रतिभा निखारने का पूरा मौका दिया जा रहा है। कैंप में आने वाले बच्चों के लिए ठंडे शरबत की छबील लगाई गई है और हर दिन हल्का नाश्ता भी दिया जाता है। डीसी ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को इस कैंप में भेजने की अपील की है।

फायर सेफ्टी टीम की जांच में मिलीं कई कमियां, खान सर की कोचिंग को 10 दिन की मोहलत

पटना. पटना के बोरिंग रोड स्थित Khan Global Studies में फायर सेफ्टी विभाग की दोबारा जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। विभाग ने संस्थान को फिर से नोटिस जारी करते हुए 10 दिनों के भीतर सभी कमियां दूर करने का निर्देश दिया है। यह पिछले 15 दिनों में दूसरी बार है जब कोचिंग को नोटिस मिला है। फायर सेफ्टी टीम की जांच में पाया गया कि संस्थान में अभी भी कई जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है। प्रमुख कमियों में- पर्याप्त इमरजेंसी एग्जिट की कमी फायर अलार्म सिस्टम में खामियां स्प्रिंकलर सिस्टम का अभाव फायर स्टेयर (आपातकालीन सीढ़ी) का अधूरा निर्माण फायर डिटेक्टर सिस्टम का पूरी तरह ऑटोमैटिक न होना इलेक्ट्रिक पैनल के नीचे बैठने की व्यवस्था डीआईजी ने जताई चिंता निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग के डीआईजी Manoj Kumar Nat ने कहा कि इलेक्ट्रिक पैनल के नीचे सीटिंग अरेंजमेंट सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। इसके अलावा भवन में स्प्रिंकलर सिस्टम भी नहीं मिला, जो आग लगने की स्थिति में गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। 10 दिन में सुधार नहीं हुआ तो हो सकती है सख्त कार्रवाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संस्थान को 10 दिनों का अंतिम मौका दिया गया है। यदि निर्धारित समय में सभी कमियों को दूर नहीं किया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार जरूरत पड़ने पर कोचिंग सेंटर को सील भी किया जा सकता है। मुसल्लहपुर और अन्य कोचिंग संस्थानों में भी मिलीं खामियां अग्निशमन विभाग ने पटना के कई कोचिंग संस्थानों का ऑडिट किया। अधिकारियों के मुताबिक अब तक जांचे गए लगभग सभी संस्थानों में किसी न किसी स्तर पर फायर सेफ्टी संबंधी कमियां मिली हैं। दूसरी बार ऑडिट किया गया, लेकिन कई कमियों में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा। किसान कोल्ड स्टोरेज परिसर में संचालित: – Kautilya GS Teaching Centre Gyan Bindu GS Academy Khan Global Studies लखनऊ हादसे के बाद बढ़ी सख्ती हाल ही में Lucknow में एक इमारत में आग लगने की घटना में 15 लोगों की मौत के बाद देशभर में कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक भवनों की फायर सेफ्टी जांच तेज कर दी गई है। इसी अभियान के तहत पटना में भी व्यापक ऑडिट चल रहा है। क्या खान सर की कोचिंग पर लगेगा ताला? फिलहाल कोचिंग संस्थान को बंद करने का आदेश नहीं दिया गया है। हालांकि विभाग ने साफ संकेत दिया है कि यदि 10 दिनों के भीतर सुरक्षा मानकों के अनुसार सुधार नहीं किए गए, तो सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। जिसमें संस्थान को सील करना भी शामिल हो सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में विभाग की अगली जांच काफी महत्वपूर्ण होगी।

नए सत्र के लिए बेसिक शिक्षा विभाग तैयार, 220 दिन की पढ़ाई और निपुण अभियान का होगा विस्तार

लखनऊ  ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 25 जून से नियमित पठन-पाठन शुरू होगा। नए शैक्षिक सत्र में केवल विद्यालय खोलने की औपचारिकता नहीं, बल्कि हर बच्चे के सीखने के स्तर में सुधार, उसकी व्यक्तिगत जरूरतों की पहचान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मंगलवार को यूट्यूब संवाद के माध्यम से शिक्षकों, बेसिक शिक्षा अधिकारियों और राज्य व जिला स्तरीय रिसोर्स पर्सन को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी को देखते हुए सुबह 10 बजे के बाद बच्चों की आउटडोर गतिविधियां नहीं कराई जाएं। विद्यालयों में ऐसा मित्रवत माहौल बनाया जाए, जहां बच्चे खुलकर अपनी बात रख सकें और शिक्षक उनके मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं। स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण भी शुरू किया जाएगा। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तीन वर्ष के बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें बाल वाटिका से जोड़ेंगी, जबकि छह वर्ष या उससे अधिक आयु के बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। शिक्षकों को कक्षा पांच से छह में बच्चों के सुचारु प्रवेश और संक्रमण काल को सहज बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई होगी। जो बच्चे अपेक्षित सीखने के स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं, उनके लिए कैच-अप ट्रेनिंग चलाकर विशेष सहयोग दिया जाएगा। शिक्षकों को बच्चों का लगातार आकलन कर नियमित फीडबैक देने और बेहतर कक्षा शिक्षण पद्धतियां अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों में पढ़ने की संस्कृति विकसित करने के लिए बच्चों को पुस्तकालय से पुस्तकें जारी की जाएंगी और प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे पठन गतिविधि कराई जाएगी। बच्चों को लेखन, कला और संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों में भागीदारी के अवसर भी दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 22 जून से विद्यालय प्रशासनिक कार्यों के लिए खुल चुके हैं, जबकि 25 जून से नियमित शिक्षण शुरू होगा। यह व्यवस्था आगामी वर्षों में भी लागू रहेगी। वर्ष में कम से कम 220 दिन पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि वास्तविक शिक्षण कितने घंटे हुआ। निपुण अभियान का विस्तार अब कक्षा एक और दो से आगे बढ़ाकर कक्षा एक से पांच तक किया जाएगा। बच्चों के भाषा और गणित के बुनियादी कौशल विकसित करने के लिए हिंदी, अंग्रेजी और गणित के सरल निपुण लक्ष्य तय किए जा रहे हैं। राज्य स्तरीय रिसोर्स पर्सन (एसआरपी) का प्रशिक्षण छह जुलाई से शुरू होगा, जबकि नवंबर-दिसंबर में निपुण आकलन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआरपी, एसआरजी और मेंटर शिक्षक केवल निरीक्षण या चेकलिस्ट भरने तक सीमित न रहें, बल्कि शिक्षकों के साथ संवाद कर उनकी शैक्षणिक कमियों को दूर करने में सहयोग करें। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के अनुभवों को शिक्षा संकुलों में साझा किया जाएगा। शिक्षक दीक्षा पोर्टल, आइ-गाट प्लेटफार्म और ‘द टीचर ऐप’ के माध्यम से प्रशिक्षण सामग्री, लेसन प्लान और एनसीईआरटी की गाइडलाइन का अध्ययन कर अपने शिक्षण को बेहतर बना सकते हैं। साथ ही अभिभावकों और समुदाय से संवाद मजबूत करें। उन्होंने शिक्षकों से स्वयं पढ़ने की आदत विकसित करने, समय प्रबंधन सीखने और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की अपील की। मुंशी प्रेमचंद का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और सकारात्मक सोच के साथ हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।  

1.60 लाख वोटों से शुभम शर्मा बने पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष

धूरी/संगरूर. पंजाब की राजनीति में धूरी के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब युवा नेता शुभम शर्मा पंजाब यूथ कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष (डेलीगेट) निर्वाचित हुए। संगठनात्मक चुनावों में लगभग 1 लाख 60 हजार वोट हासिल कर शुभम शर्मा ने नया रिकॉर्ड कायम किया व पूरे पंजाब में सबसे अधिक मत प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। धूरी स्थित उनके निवास पर समर्थकों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का तांता लग गया व जश्न का माहौल बन गया। शुभम शर्मा की जीत की खुशी साझा करने के लिए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग स्वयं उनके घर पहुंचे। उन्होंने शुभम शर्मा का मुंह मीठा करवाया व उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई दी। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जीत का उत्सव मनाया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजा वड़िंग ने क्या कहा? पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब यूथ कांग्रेस को एक ऊर्जावान, संघर्षशील व युवा नेतृत्व मिला है, जो आने वाले समय में संगठन को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि शुभम शर्मा के नेतृत्व में युवा कांग्रेस प्रदेश में युवाओं की आवाज को और प्रभावी ढंग से उठाएगी तथा कांग्रेस पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। शुभम शर्मा की जीत केवल एक संगठनात्मक चुनाव की जीत नहीं है, बल्कि यह पंजाब के युवाओं के कांग्रेस के प्रति बढ़ते विश्वास का भी प्रतीक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। शुभम शर्मा को करीब 1.60 लाख वोट प्राप्त हुए उल्लेखनीय है कि पंजाब यूथ कांग्रेस के चुनावों में शुभम शर्मा को करीब 1.60 लाख वोट प्राप्त हुए, जो संगठनात्मक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। उनकी जीत को कांग्रेस के लिए एक मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा हुआ है। पंजाब यूथ कांग्रेस अध्यक्ष डेलीगेट शुभम शर्मा ने राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के विधानसभा क्षेत्र धूरी सहित पंजाब भर में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस बड़ी जीत दर्ज करेगी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में धूरी ही नहीं, बल्कि पूरे पंजाब के हर विधानसभा हलका, हर वार्ड, हर मोहल्ले में यूथ कांग्रेस का सिपाही खड़ा मिलेगा। यूथ कांग्रेस के सदस्यों व कांग्रेस पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, पंजाब का यूथ अगली राजनीति की कमान संभालेगा। झूठ, बदलाखोरी की राजनीतिक करने वाली आम आदमी पार्टी को पंजाब से उखाड़ फेंकेंगे।

कांकेर में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, नक्सलियों का हथियार और विस्फोटक जखीरा जब्त

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षाबलों को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है. सर्च अभियान के दौरान आमाटोला के जंगल में नक्सलियों का खुफिया डंप बरामद हुआ है. जहां हथियार समेत अन्य नक्सल सामान छिपाकर रखी गई थी. यह पूरी कार्रवाई कांकेर पुलिस, बीएसएफ और बीडीएस की संयुक्त टीम ने की है. जानकारी के अनुसार, वरीष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार संयुक्त अभियान संचालित किया जा रहा है. इसी कड़ी में मंगलवार को छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के आमाटोला के पास जंगल में सर्चिंग के दौरान जवानों को कुछ संधिग्ध नजर आया. जांच में नक्सलियों का विस्फोटक डंप मिला, जिसमें से कई नक्सल सामान बरामद किया गया है.  नक्सल डंप से क्या-क्या मिला? भारमार बंदुक-04 नग वायरलेस सेट-02 रेडियो-01नग नक्सल वर्दी-01नग पोच-02 नग चार्जर-01नग बैटरी-01नग नक्सल साहित्य के अलावा अन्य नक्सल सामग्री बरामद किया गया. जिसे सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया. अभियान के बाद सभी जवान वापस कैंप लौट आए हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जिले के संवेदनशील और दूरस्थ क्षेत्रों में आगे भी संयुक्त सर्च अभियान लगातार जारी रहेंगे.

UCC पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा दावा, बोले- 90% से अधिक नागरिक समान नागरिक संहिता के पक्ष में

समान नागरिक संहिता के पक्ष में हैं 90 प्रतिशत से अधिक नागरिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूसीसी पर सभी जिलों में हो चुकी हैं बैठकें प्रदेश में गुरू पूर्णिमा पखवाड़ा मनाया जाएगा 15 से 29 जुलाई तक बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को मिला "इंडिया टुडे टूरिज्म सर्वे एंड अवार्ड" समारोहपूर्वक होगा जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन 25 से 30 जून तक होंगी गतिविधियां प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को प्राप्त हुए 1640 करोड़ रूपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में समान नागरिक संहितालागू (यूसीसी) करने के लिएसभी जिलों में जन परामर्श बैठकें हो चुकी हैं। सभी जिलों में कार्य शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। राज्य स्तरीय परामर्श 22 जून को भोपाल में हुआ। इसमें सभी आयोगों, विभागों, राजनैतिक दलों और धर्मगुरुओं से पृथक-पृथक बैठकें आयोजित कर मत लिया गया। लगभग 3.49 करोड़ एस.एम.एस यूसीसी के सुझाव आमंत्रित करने के लिए समग्र के हितग्राहियों को भेजें गए। नागरिकों के 9 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं, 90% से भी अधिक नागरिक यूसीसी के पक्ष में हैं। अल्पसंख्यक समुदाय का भी बड़ी संख्या में समर्थन प्राप्त हुआ है। विधेयक के प्रारूप पर समिति द्वारा विधि विभाग के साथ साझा रूप से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में यह जानकारी दी। गुरू पूर्णिमा पखवाड़ा के अंतर्गत सभी स्कूलों में होंगी गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में गुरू पूर्णिमा पखवाड़ा दिनांक 15 से 29 जुलाई तक मनाया जा रहा है। इस अवधि में सभी स्कूलों में अलग अलग शैक्षणिक, सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं और गतिविधियां होंगी। इसमें जनप्रतिनिधि, पालक एवं विषय विशेषज्ञ शामिल होगें। इसमें विद्यार्थियों के विकास की कार्य योजना बनाई जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रत्येक दिवस की कार्य योजना बनाई है, इसमें भाषण, निबंध प्रतियोगिता, संस्कृत श्लोक प्रस्तुति, स्वास्थ्य जागरूकता, वृक्षारोपण, कैरियर मार्गदर्शन इत्यादि विषय शामिल किए गए हैं। इस अवधि में सांदीपनि विद्यालयों में एक दिवसीय गुरू पूर्णिमा उत्सव होगा। इसके अंतर्गत विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान प्रदर्शिनी, नवाचार इत्यादि के कार्यक्रम किए जाएगें। कार्यक्रम में अभिभावक, जनप्रतिनिधिगण और नागरिकों की सहभागिता होगी। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व की देश-विदेश में विशेष पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रसिद्ध वन्य जीव पर्यटन स्थल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को "इंडिया टुडे टूरिज्म सर्वे एंड अवार्ड्-2026" में "एडिटर्स चॉईस अवार्ड- बेस्ट वाईल्ड लाईफ डेस्टिनेशन" श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। गोवा में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रदान किया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, देश-विदेश के पर्यटकों के बीच अपनी समृद्ध जैव-विविधता, बाघों की अच्छी संख्या, प्राकृतिक सौंदर्य और प्रभावी संरक्षण प्रबंधन के लिए विशेष पहचान रखता है। यह अवार्ड प्रदेश सरकार की जैव विविधता के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों का ही परिणाम है। जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन समारोह में पंचायत स्तर तक होंगी गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 19 मार्च से प्रारंभजल गंगा संवर्धन अभियान का 25 से 30 जून 2026 की अवधि में समारोहपूर्वक समापन होगा। भारत सरकार के जल संचय जन भागीदारी अभियान में मध्यप्रदेश का तीसरा स्थान है। डिण्डौरी, खण्डवा तथा शहडोल देश के प्रथम 10 जिलों में तथा खण्डवा और इंदौर के नगरीय निकाय, देश के प्रथम 10 नगरीय निकायों में शामिल है। प्रदेश में अभियान में जल संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय कार्य हुए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में समारोहपूर्वक समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाए। अभियान अंतर्गत किए गए कार्यों की प्रदर्शनी, भाषण, ग्राम पंचायत में जनभागिता से किए गए कार्यों का प्रेजेंटेशन किया जाए और जल के सदुपयोग की शपथ भी दिलाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का किसान सम्मान निधि के लिए माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रदेश भ्रमण संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने प्रदेश की उपलब्धियों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 20 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि अंतरित की गई। प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में 1640 करोड़ रूपए प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का प्रदेश के किसानों की ओर से आभार माना।  

प्लाईवुड उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी, योगी सरकार नई एग्रोफॉरेस्ट्री नीति पर कर रही विचार

योगी सरकार प्लाईवुड उद्योग के लिए नई एग्रोफॉरेस्ट्री नीति पर कर रही विचार प्लाईवुड उद्योग के लिए उत्तर प्रदेश ने खोले विकास के नए द्वार देशभर से आए लगभग 100 प्लाईवुड उद्योग प्रतिनिधियों ने लखनऊ और हरदोई में निवेश संभावनाओं को तलाशा  ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार, 36 से अधिक सेक्टोरल नीतियां और आकर्षक प्रोत्साहन निवेशकों को दे रहे नई गति : दीपक कुमार लखनऊ  योगी सरकार उद्योग-अनुकूल नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों, विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना और निवेशकों के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र के साथ देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रही है। इसी क्रम में सोमवार को लखनऊ स्थित इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से आए लगभग 100 प्लाईवुड उद्योग प्रतिनिधियों एवं संभावित निवेशकों के साथ उच्चस्तरीय निवेश संवाद आयोजित किया गया। इसमें उठाए गए सभी सुझावों और मुद्दों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा जाएगा ताकि उन पर शीघ्र अमल हो।  बैठक में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश के लिए तैयार आधारभूत संरचना, सरल अनुमोदन प्रक्रियाओं तथा प्लाईवुड एवं संबद्ध उद्योगों में उपलब्ध निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद कर उद्योग वृद्धि के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने कहा कि राज्य सरकार प्लाईवुड एवं एग्रोफॉरेस्ट्री उद्योग के लिए प्रतिस्पर्धी और भविष्य उन्मुख पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहाकि उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र के लिए एक समर्पित नीति तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। हम पड़ोसी राज्यों की नीतियों का भी अध्ययन करेंगे ताकि प्लाईवुड और एग्रोफॉरेस्ट्री उद्योग के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी एवं उद्योग-अनुकूल ढांचा विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लिए गठित की जाने वाली समिति में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे नीतिगत निर्णय व्यावहारिक अनुभवों और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप लिए जा सकें। इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरन आनंद ने कहा कि उत्तर प्रदेश निरंतर सुधारों, सक्रिय निवेश सुविधा तंत्र और मजबूत औद्योगिक आधार के कारण देश के सबसे प्रतिस्पर्धी निवेश स्थलों में उभरकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि राज्य की 36 से अधिक सेक्टोरल नीतियां, पूंजीगत सब्सिडी, भूमि आधारित प्रोत्साहन और रोजगार सहायता योजनाएं निवेशकों को विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार के लिए व्यापक और भविष्य उन्मुख अवसर प्रदान कर रही हैं।उन्होंने बताया कि राज्य शीघ्र ही उपलब्ध भूमि बैंक से चार से पांच औद्योगिक क्लस्टरों की पहचान कर उन्हें क्लस्टर आधारित विकास के लिए आरक्षित करेगा। साथ ही यदि निवेशकों को भूमि बैंक से अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी तो राज्य सरकार भूमि उपलब्ध कराने और छह माह के भीतर उसका आवंटन सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी। प्लाईवुड फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने इस उद्योग को कृषि, विनिर्माण और ग्रामीण आजीविका से जुड़ा बहुआयामी क्षेत्र बताते हुए ओडीओपी की तर्ज पर “वन इंडस्ट्रियल पार्क” मॉडल विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने एग्रोफॉरेस्ट्री आधारित उद्योगों के लाइसेंस, वन नियमों, प्रदूषण मानकों, दंडात्मक प्रावधानों और एनओसी से जुड़ी चुनौतियों को भी रेखांकित किया तथा एग्रो आधारित उद्योगों के लिए पृथक नीति बनाने का प्रस्ताव रखा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक कुमार ने कहा, “उद्योग जगत द्वारा उठाए गए सभी सुझावों और मुद्दों को हम गंभीरता से आगे बढ़ाएंगे तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखकर उद्योग-अनुकूल और व्यावहारिक समाधान तलाशेंगे।” बैठक में इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीमती प्रेरणा शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के अंतर्गत निवेशक प्रतिनिधिमंडल 23 जून को हरदोई जिले के संडीला क्षेत्र का दौरा करेगा, जहां वे भूमि उपलब्धता, आधारभूत संरचना और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का आकलन करेंगे। इस पहल से नए निवेश आकर्षित होने, रोजगार सृजन बढ़ने और उत्तर प्रदेश के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन देंगे नियुक्ति पत्र, 151 विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती पूरीस्वास्थ्य विभाग में 262 पदों पर नई भर्ती और नियुक्ति प्रक्रिया जारी

 रांची  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार 151 विशेषज्ञ चिकित्सक सहित कुल 262 पदों पर अनुशंसित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इसे लेकर प्रोजेक्ट भवन सभागार में पूर्वाह्न 11 बजे नियुक्त पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी एवं अन्य मंत्री भी उपस्थित रहेंगे। जिन पदों के लिए अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलेगा, उनमें खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के 56, वरीय अस्पताल प्रबंधक के 29 तथा वित्त प्रबंधक के 26 पद भी सम्मिलित हैं। इनमें खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों की नियुक्ति झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से हुई है। राज्य में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों के पद लंबे समय से रिक्त था। इस पद पर नियमित नियुक्ति हुई है। अब इन पदों पर नियुक्ति होने से राज्य में खाद्य पदार्थों में मिलावट पर शिकंजा कसेगा। वहीं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत अनुबंध पर टेंडर के माध्यम से हुई है। चयनित चिकित्सकों को उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए विकल्प के अनुसार पदस्थापन भी कर दिया है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थी वहां योगदान देंगे। इन सभी चिकित्सकों को उनके द्वारा कोट की गई मानदेय राशि मिलेगी, जो अधिकतम तीन लाख रुपये मासिक होगी। इनके अलावा वरीय अस्पताल प्रबंधक तथा वित्त प्रबंधक के पदों पर भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत अनुबंध पर हुई है। इन्हें निर्धारित मानदेय देय होगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत ही अस्पताल प्रबंधक तथा आइटी एग्जीक्यूटिव के पदों पर भी नियुक्ति होनी है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। अस्पताल प्रबंधक के पदों पर नियुक्ति के लिए 25 जून को साक्षात्कार आयोजित किया जाना है। पहले इस पद के लिए 24 जून को ही साक्षात्कार होना था, लेकिन नियुक्त पत्र वितरण समारोह को देखते हुए इसे एक दिन बढ़ा दिया गया है