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4030 आंबेडकर प्रतिमा स्थलों का होगा विकास, योगी सरकार ने जारी किए 403 करोड़ रुपये

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सामाजिक समरसता और महान राष्ट्रीय विभूतियों के सम्मान से जुड़े सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण और विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना के तहत सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित आंबेडकर प्रतिमा स्थलों का विकास और सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में 403 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10, यानी कुल 4,030 प्रतिमा स्थलों को विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 403 करोड़ रुपये की धनराशि जिलाधिकारियों के निवर्तन पर आवंटित कर दी है। योजना का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित आंबेडकर और अन्य महान विभूतियों की प्रतिमाओं को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक स्वरूप प्रदान करना है। शासन के दस्तावेज के अनुसार अनेक प्रतिमाएं छत और बाउंड्री वॉल जैसी आवश्यक सुविधाओं से रहित हैं, जिसके कारण वे मौसम, अतिक्रमण और उपेक्षा के प्रति संवेदनशील रहती हैं। ऐसे प्रतिमा स्थलों का संरक्षण करते हुए आसपास के क्षेत्र का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। 403 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 40300 लाख रुपये यानी 403 करोड़ रुपये की धनराशि प्राविधानित की गई थी। शासन के सितंबर 2026 के पत्र के अनुसार यह धनराशि अवमुक्त कर निदेशक, समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश के निवर्तन पर उपलब्ध करा दी गई। इसके बाद 22 सितंबर 2026 को निदेशालय स्तर से प्रदेश की 403 विधानसभाओं में स्थापित 4,030 प्रतिमा स्थलों के विकास के लिए 403 करोड़ रुपये जिलाधिकारियों के निवर्तन पर आवंटित कर दिए गए हैं। इससे प्रत्येक प्रतिमा स्थल के विकास के लिए औसतन 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध होगी। हालांकि शासनादेश में स्थल विकास की अधिकतम लागत 40 लाख रुपये प्रति मूर्ति स्थल निर्धारित की गई है और वास्तविक कार्य का आकलन स्थल की आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा। प्रतिमा स्थल बनेंगे सुरक्षित और आकर्षक योजना के तहत प्रतिमा स्थलों पर रैलिंगयुक्त स्टील की सीढ़ी, प्रतिमा की छत, बाउंड्री, फिनिशिंग, हरियाली और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही स्वच्छ, व्यवस्थित और सम्मानजनक वातावरण तैयार किया जाएगा।   प्रतिमा के नाम और उसके इतिहास को संक्षिप्त रूप में प्रदर्शित करने वाला 3×2.5 फीट आकार का सूचना बोर्ड भी लगाया जाएगा, जिसे जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर नई पीढ़ी में डॉ. आंबेडकर और अन्य महान राष्ट्रीय विभूतियों के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना को मजबूत करना भी है। शासन के अनुसार ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाली प्रतिमाओं का दीर्घकालीन संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ प्रतिमा स्थलों को बेहतर सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। पुरानी या क्षतिग्रस्त प्रतिमाओं के स्थान पर नई प्रतिमा योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि सार्वजनिक स्थल पर स्थापित पुरानी अथवा क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर संगमरमर की नई प्रतिमा स्थापित की जा सकेगी। इस तरह योजना केवल स्थल के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवश्यकतानुसार प्रतिमाओं के संरक्षण और प्रतिस्थापन को भी इसमें शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी गठित की गई है। इसमें न्याय, संस्कृति, पर्यटन, वित्त, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, नगर विकास और समाज कल्याण समेत संबंधित विभागों के मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।   इसके अलावा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अंतरविभागीय समन्वय समिति भी बनाई गई है। इससे योजना के क्रियान्वयन में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और नियमित निगरानी की व्यवस्था की गई है। विधानसभा क्षेत्र स्तर से होगा विकास कार्य योजना के तहत विकास कार्य के लिए आवेदन खंड विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अथवा जिलाधिकारी को दिया जा सकता है। स्थल विकास से संबंधित आगणन जिलाधिकारी द्वारा चिन्हित कार्यदायी संस्था से तैयार कराया जाएगा। निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के सभी कार्य निर्धारित इंजीनियरिंग और सुरक्षा मानकों के अनुरूप कराए जाएंगे। योजना का क्रियान्वयन संबंधित विभाग, नगरीय निकाय, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत अथवा ग्राम पंचायत के माध्यम से किया जा सकता है। कार्य पूरा होने के बाद प्रतिमा स्थल का लोकार्पण जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा। दिसंबर तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य शासन ने योजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए समय-सारिणी भी निर्धारित की है। परियोजना स्थलों के प्रस्ताव/आवेदन प्राप्त करने, स्थल निरीक्षण और आगणन तैयार करने तथा निविदा संबंधी प्रक्रिया के लिए अलग-अलग समयसीमा तय की गई है। परियोजना को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सितंबर में जिलों को धनराशि आवंटित किए जाने के बाद अब जिला स्तर पर कार्यदायी संस्था का चयन, निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों के प्रशासनिक एवं वित्तीय अनुमोदन तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। प्रतिमा स्थलों के विकास के साथ सामाजिक स्मृति का संरक्षण योगी सरकार की इस योजना का व्यापक उद्देश्य केवल निर्माण और सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है। शासन दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि महान समाज सुधारकों और सांस्कृतिक विभूतियों की प्रतिमाएं देश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। इनके माध्यम से सार्वजनिक स्मृति, सामाजिक मूल्यों तथा राष्ट्रीय एवं स्थानीय योगदानकर्ताओं के प्रति सम्मान प्रदर्शित होता है।  

खेतों में 4 काम एक साथ करेगा ‘किसान दोस्त’, ईंधन की जरूरत नहीं

रांची बीआइटी मेसरा की विभिन्न इकाईयों में लगातार नए नए प्रयोग होते रहते हैं। कभी राकेट्री साइंस डिपार्टमेंट तो कभी फार्मेसी और मैकेनिकल में लेकिन अबकी बार यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक बीआइटी मेसरा के छात्रों ने किसानी को आसान बनाने की दिशा में नवाचार किया है। यहां के छात्र प्रांजल ओझा और रोनित कुमार ने मार्गदर्शक डॉ. सतीश कुमार, प्रो. पीआर महतो और प्रो. राकेश के मार्गदर्शन में 'किसान दोस्त' नामक उपकरण विकसित किया है। जो कि सौर उर्जा से संचालित होता है और इसे खेतों या वाटिका में चलाने के लिए किसी अन्य ईंधन की आवश्यकता नहीं होती है। यह उपकरण खेत में एक साथ चार काम करेगा, पहला घास पतवार हटाएगा, दूसरा मेड़ या कियारी निर्माण करेगा, तीसरा बीज बुआई और चौथा खेत को समतल करने में मदद करेगा। भविष्य में इसकी मांग बढ़ेगी बता दें कि इस उपकरण को बीआइटी मेसरा के प्लैटिनम जुबली समारोह में प्रायोगिक तौर पर यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक के परिसर में प्रदर्शित किया गया था। बेहद किफायती होने के कारण भविष्य में इसकी मांग बढ़ेगी। सौर उर्जा से संचालित इस उपकरण की मदद से घास हटाने और बीज बोने का काम बिना खर्च किया जा सकता है। 'किसान दोस्त' एक अभिनव और टिकाऊ कृषि उपकरण है, जिसे किसानों की प्रमुख समस्याओं का समाधान करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पर्यावरण अनुकूल खेती की प्रैक्टिस को बढ़ावा देता है। यह उपकरण पूरी तरह से सौर ऊर्जा द्वारा संचालित होता है और इसमें उन्नत यांत्रिक घटकों के साथ हरित ऊर्जा समाधान जोड़े गए हैं इसलिए यह किसानों के लिए एक कुशल और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील समाधान बनता है। जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि यह सौर ऊर्जा पर काम करता है, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होती है, संचालन लागत में कमी आती है और पर्यावरण संरक्षण में योगदान होता है, इसमें घास हटाने की प्रणाली विकसित की गईं हैं, इसमें सटीक नियंत्रण वाले उपकरण लगे हैं जो फसलों को बिना नुकसान पहुंचाए घास को प्रभावी रूप से हटा सकते हैं, जिससे फसलों का स्वास्थ्य और उपज बेहतर होती है। यह उपकरण सुनिश्चित करता है कि बीजों को सही गहराई और दूरी पर समान रूप से बोया जाए ताकि पौधों की बढ़त और उपज को बढ़ावा मिले। किसानों की चुनौतियों का होगा समाधान यह उपकरण महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को स्वचालित करता है, जिससे मैन्युअल श्रम पर निर्भरता कम होती है, विशेषकर व्यस्त सीजन में रासायनिक खरपतवार नाशकों की आवश्यकता को समाप्त करके संचालन लागत में कमी करता है। यह भूमि अपक्षय और रासायनिक अफवाह को कम कर टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देता है, जिससे मृदा और जल संसाधनों की सुरक्षा होती है। यह घास हटाने और बीज बोने की प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे किसानों का कीमती समय बचता है। यह हल्का और संचालन में आसान है, जो इसे छोटे से लेकर मध्यम आकार के खेतों के लिए उपयुक्त बनाता है। यह रासायनिक खरपतवार नाशकों की आवश्यकता को समाप्त कर और पारंपरिक कृषि मशीनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करके पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देता है। किसान दोस्त उन किसानों के लिए आदर्श है जो पारंपरिक कृषि समस्याओं से निपटने के लिए आधुनिक, ईंधन कुशल, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और लागत-कुशल समाधानों की तलाश में हैं। इस उपकरण में एक साथ खरपतवार की कटाई, जमीन की खुदाई, बीज की बुआई और जमीन को समतल करने का मैकेनिज्म शामिल है। यह हरित ऊर्जा से संचालित होती है।-  डॉ. सतीश कुमार, अस्सिटेंट प्रोफेसर सह कन्वेनर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल, यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक।  

यूपी में अब कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर और वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण: गृह मंत्री

ग्रेटर नोएडा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कभी अपराध की इंडस्ट्री चलती थी, शहर-शहर वाहन चोरी के कुटीर उद्योग लगते थे और अवैध कट्टे बनाए जाते थे, लेकिन आज उसी उत्तर प्रदेश में कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर, वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण और चेन स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहा है। यह परिवर्तन डबल इंजन की सरकार में आया है और उत्तर प्रदेश देश-दुनिया के निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री गुरुवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। देश का विकास इंजन बनने की दिशा में यूपी अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश का हाल यह था कि लखनऊ में औद्योगिक निवेश सम्मेलन कराने की स्थिति नहीं थी। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए दिल्ली में आयोजन किया था। आज वही उत्तर प्रदेश निवेश का केंद्र बनकर देश का विकास इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। निवेश के लिए कानून-व्यवस्था, अनुकूल औद्योगिक नीति, सक्रिय सरकार और उद्योगों को सुविधा देने की आवश्यक है और उत्तर प्रदेश में ये सभी स्थितियां मौजूद हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश ने वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय किया है। यूपी के डिफेंस कॉरिडोर में बढ़ रहा निवेश केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड विकसित किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए निवेश आ रहा है। देश का रक्षा उत्पादन अब करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है और 2013-14 की तुलना में रक्षा उत्पादों के निर्यात में 56 गुना वृद्धि हुई है। आज भारत के रक्षा उत्पाद करीब 80 देशों को निर्यात किए जा रहे हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तर प्रदेश सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर और अनुकूल नीतियों के जरिए निवेश को सुगम बनाने का काम किया है। अमेठी में निर्मित एके-203 राइफल और उत्तर प्रदेश में बन रहे रक्षा उत्पाद देश की नई औद्योगिक क्षमता को दर्शाते हैं। ओडीओपी ने बदली रोजगार की तस्वीर अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) की महत्वपूर्ण भूमिका है। परंपरागत उद्योगों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया गया है। कभी रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले प्रदेश के युवाओं को आज अपने ही राज्य में रोजगार और उद्यम के अवसर मिल रहे हैं। भदोही का कालीन, फिरोजाबाद का कांच, सहारनपुर की काष्ठ कला, कन्नौज का इत्र और बनारस की रेशमी साड़ी ने देश-दुनिया में पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपी के पारंपरिक उत्पादों के साथ वाराणसी की मलाईयो, तिरंगा बर्फी, आगरा के पेठा, मथुरा के पेड़ा और मेरठ की गजक जैसे उत्पादों को भी व्यापक बाजार मिलेगा। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो बनेगा वैश्विक व्यापार का मंच केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में देश-दुनिया से आए खरीदारों और उद्यमियों की भागीदारी प्रदेश में निवेश, उत्पादन और बिक्री की संभावनाओं को बढ़ाएगी। पहले संस्करण में राष्ट्रपति, दूसरे में उपराष्ट्रपति और तीसरे संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति रही, जबकि चौथे संस्करण के उद्घाटन में शामिल होकर उन्हें प्रसन्नता हो रही है। 2025 के ट्रेड शो में पांच लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था और 2,400 से अधिक एमओयू हुए थे। इस वर्ष के आयोजन से पिछले सभी रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है। केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार को ट्रेड शो के आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश इसी प्रकार विकास की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।

किसानों के मवेशी लेकर पहुंचते ही घबराए अधिकारी, मौके पर समाधान

रानीतराई/दुर्ग. खुले में घूमने वाले मवेशियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से आक्रोशित किसानों ने आज विरोध शुरू कर दिया। किसान बड़ी संख्या में खुले में घूम रहे मवेशियों को एकत्रित कर उन्हें एसडीएम कार्यालय एवं तहसील कार्यालय पाटन में छोड़ने के लिए निकल पड़े। इस दौरान औसर, रानीतराई, असोगा, डीड़गा सहित आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। किसानों के पाटन पहुंचने की जानकारी मिलने पर पाटन के पूरे प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्राम तेलीगुंडरा के पास रोकने पहुंचे, उन्हें रोककर किसानों से चर्चा की। मौके पर एसडीएम उत्तम ध्रुव, तहसीलदार मनोज गुप्ता, नायब तहसीलदार मनोज रस्तोगी, सिंग, पाटन टीआई युवराज साहू, रानीतराई थाना प्रभारी हुबलाल चंद्राकर, जनपद पंचायत के भूपेंद्र सीईओ महेंद्र जांगड़े सहित पाटन और रानीतराई थाना पुलिस का बल मौजूद रहा। अधिकारियों से किसानों ने अपनी समस्या रखी। किसानों ने कहा कि आप इन मवेशियों की व्यवस्था करेंगे तभी यहां से हटेंगे। अधिकारियों ने किसानों की समस्या सुनी और मवेशियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन द्वारा मवेशियों को गौशाला भेजने की प्रक्रिया की तैयारी की और गाड़िया बुलाकर गौ शाला भेजना शुरू किया तब जाकर किसान शांत हुए।

IDFC बैंक घोटाले में चार्जशीट दाखिल, 6 IAS पर आरोप

पंचकूला. हरियाणा के कथित बैंक घोटाले की जांच में सीबीआई की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। चार्जशीट में अधिकारियों पर निजी बैंकों में सरकारी धन निवेश कराने, बैंक चयन और एफडी से जुड़े नियमों की अनदेखी, वित्त विभाग की निर्धारित सीमाओं को दरकिनार करने, कथित तौर पर दस्तावेजों में हेर-फेर, साक्ष्य छिपाने तथा रिश्वत अथवा अन्य अनुचित लाभ लेने जैसे आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई की चार्जशीट में आरके सिंह (राम कुमार सिंह), पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन समेत छह आईएएस अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों के साथ कथित साजिश के माध्यम से सरकारी धन को निजी बैंकों में ट्रांसफर कराने तथा निवेश प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी के आरोपों का उल्लेख है। पंकज अग्रवाल पर लगे आरोप तत्कालीन स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहे पंकज अग्रवाल को लेकर चार्जशीट में निजी बैंक अधिकारी रिभव ऋषि से कथित अनुचित लाभ मिलने का उल्लेख है।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ

सपा सरकार को यूपी से बाहर करना पड़ा था निवेश का कार्यक्रम, योगी ने यूपी को बनाया निवेश का केंद्र: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह   केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ योगी सरकार में ऐसा बदला यूपी कि आज एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय कर सकता है प्रदेश   अमित शाह बोले- सपा-बसपा के शासन में कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, आज यूपी में बन रहे रक्षा उत्पाद   वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग और चेन स्नैचिंग की जगह बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क: अमित शाह   यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण तोड़ेगा पिछले सभी रिकॉर्ड, निवेश, उत्पादन और बिक्री में होगी बड़ी बढ़ोतरी   ग्रेटर नोएडा  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में आए बदलाव के बहाने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण के शुभारंभ पर उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब उत्तर प्रदेश सरकार को निवेश का कार्यक्रम प्रदेश से बाहर करना पड़ा था। तब अधिकारी कहते थे कि कानून-व्यवस्था की हालत ऐसी है कि निवेशक यहां आने को तैयार नहीं हैं। आज तस्वीर बदल चुकी है। वही उत्तर प्रदेश भयमुक्त होकर निवेश का केंद्र बन रहा है और देश के विकास के इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।   शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जमीन पहले भी थी, 24 करोड़ से अधिक की आबादी और मेहनती कारीगर भी थे। कमी उद्योगों के लिए अच्छे माहौल की थी। 2017 में भाजपा की सरकार बनी और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो माफिया के खिलाफ कार्रवाई हुई और कानून-व्यवस्था बदली। इसी का नतीजा है कि आज निवेशक उत्तर प्रदेश आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव इतना बड़ा है कि उत्तर प्रदेश अब एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।   कट्टा-बम की इंडस्ट्री की जगह बन रहे रक्षा उत्पाद: शाह पूर्ववर्ती सपा और बसपा सरकारों पर तीखा हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश में अपराध की इंडस्ट्री चलती थी। कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, वाहन चोरी का कुटीर उद्योग चलता था और चेन स्नैचिंग में युवाओं को हुनर प्राप्त करने का मौका मिलता था। आज करीब 10 साल बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। कट्टा-बम की इंडस्ट्री की जगह रक्षा उत्पाद बन रहे हैं, वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग हो रही है और चेन स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने सपा-बसपा के समय की गुंडागर्दी को नेस्तनाबूद कर प्रदेश में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया है।   शाह ने उत्तर प्रदेश के बदलाव को चार चरणों में समझाया। कहा, पहले दुनिया ने देखा कि यूपी बदल रहा है। फिर लोगों ने यहां आने की इच्छा जताई। इसके बाद निवेशक उत्तर प्रदेश आए और अब वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनने जा रहे हैं। यही भागीदारी उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की यात्रा को आगे बढ़ाएगी।   डिफेंस कॉरिडोर का जिक्र कर योगी सरकार को सराहा अमित शाह ने कहा कि कार्यक्रम में आते समय उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ डिफेंस कॉरिडोर का स्टॉल देखा। झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर के छह नोड में रक्षा उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश आ रहा है। इसके लिए योगी सरकार ने अनुकूल नीतियां बनाने से लेकर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने तक बड़ा काम किया है।   उन्होंने कहा कि देश का रक्षा उत्पादन आज करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। उत्तर प्रदेश भी इसमें अपनी भूमिका तेजी से बढ़ा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि यह पाकिस्तान की नींद उड़ा रही है। वहीं अमेठी में बनी एके-203 असॉल्ट राइफल नक्सलियों की नींद उड़ा चुकी है। कभी जिस उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने का साहस नहीं होता था, आज वही रक्षा उत्पादन में अपनी पहचान बना रहा है।   एक्सप्रेसवे ने बढ़ाई रफ्तार, ओडीओपी बना विकास की रीढ़ शाह ने कहा कि एक्सप्रेसवे और चौतरफा विकास ने उत्तर प्रदेश को प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ाया है। इसके साथ ही योगी सरकार ने प्रदेश के परंपरागत हुनर को सहेजने और आगे बढ़ाने का काम किया। यही हुनर आज वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में दिखाई दे रहा है और प्रदेश के विकास की रीढ़ बन चुका है।   उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पादों ने देशभर में अपनी पहचान बनाई है। आने वाले समय में कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक लोगों के लिए उत्तर प्रदेश के उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे।   पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा चौथा संस्करण यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को प्रदेश के लिए बड़ा कारोबारी अवसर बताते हुए अमित शाह ने कहा कि यहां देश-दुनिया से सैकड़ों व्यापारी आए हैं। कई व्यापारिक समझौते होने वाले हैं। इसका सीधा असर निवेश, उत्पादन और बिक्री पर पड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार का ट्रेड शो पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा।   शाह ने कहा कि 2025 का संस्करण प्रभाव का वर्ष साबित हुआ था। पांच लाख से अधिक लोग इसमें पहुंचे थे और 2,400 से अधिक समझौते हुए थे। हजारों करोड़ रुपये के निवेश और व्यापारिक समझौतों का रास्ता खुला था। इस बार की भागीदारी को देखकर लग रहा है कि चौथा संस्करण उससे भी आगे जाएगा।   मेक इन इंडिया की राह को आगे बढ़ा रहा यूपीआईटीएस अमित शाह ने कहा कि 12 वर्ष पहले इसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेक इन इंडिया मिशन की घोषणा की थी। इन 12 वर्षों में केंद्र और राज्यों ने मिलकर भारत को उत्पादन, डिजाइन और इनोवेशन का केंद्र बनाने के लिए काम किया है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उसी मेक इन इंडिया की राह को आगे बढ़ाने वाला आयोजन है।   पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद दीनदयाल उपाध्याय ने मुक्त व्यापार और मुक्त खेती की अवधारणा सामने … Read more

पंजाब पुलिस में ASI भर्ती का रास्ता साफ, 450 पदों पर होगी नियुक्ति

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने पुलिस बल को मजबूत करने के लिए 450 सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) की सीधी भर्ती को मंजूरी दी है। पंजाब सरकार ने इस संदर्भ में एक प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। सरकार के मुताबिक भर्ती पारदर्शी और मेरिट के आधार पर होगी। सीएम मान ने कहा कि नई भर्ती से पढ़े-लिखे और योग्य युवाओं को पुलिस विभाग में शामिल होने का अवसर मिलेगा। साथ ही जमीनी स्तर पर पुलिसिंग मजबूत होगी और कानून-व्यवस्था की उभरती चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।  मुख्यमंत्री के अनुसार पंजाब पुलिस के पांच कैडरों में एएसआई के 6,810 स्वीकृत पद हैं। चार कैडरों में करीब 70 फीसदी रिक्तियां पदोन्नति से और आर्म्ड कैडर में करीब 90 फीसदी पद पदोन्नति से भरे जाने की संभावना है। इन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 450 पदों पर सीधी भर्ती का फैसला किया गया है। संबंधित विभागों को भर्ती की औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।  भर्ती और पदोन्नति की योजना तैयार 6810 एएसआइ पदों का है स्वीकृत कैडर सरकार के अनुसार पंजाब पुलिस के पांच कैडरों में एएसआइ के कुल 6810 स्वीकृत पद हैं। इनमें जिला पुलिस, आर्म्ड पुलिस, ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन, इंटेलिजेंस और टेक्निकल सपोर्ट सर्विस शामिल हैं। सरकार ने मौजूदा और आने वाले समय में संभावित रिक्तियों का विस्तृत आकलन किया है। इसी आधार पर भर्ती और पदोन्नति की योजना तैयार की गई है। सरकार के मुताबिक चार कैडरों में करीब 70 प्रतिशत रिक्तियां पदोन्नति के माध्यम से भरी जाने की संभावना है, जबकि आर्म्ड कैडर में यह अनुपात करीब 90 प्रतिशत है। पदोन्नति की जरूरतों को ध्यान में रखने के बाद 450 एएसआइ पदों पर सीधी भर्ती का फैसला किया गया है। भर्ती प्रक्रिया में नहीं होगी देरी.. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को भर्ती से जुड़ी सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार निष्पक्ष, पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी। उन्होंने कहा कि मजबूत पुलिस बल केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से निभाने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराना भी जरूरी है। सरकार के अनुसार नई भर्ती से पंजाब पुलिस की जमीनी स्तर पर कार्यक्षमता बढ़ेगी और उभरती कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी युवाओं के लिए खास बात: 450 एएसआइ पदों की सीधी भर्ती को मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, आवेदन की तारीख, आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा पैटर्न और आधिकारिक भर्ती विज्ञापन की जानकारी अलग से जारी की जाएगी। इसलिए इच्छुक युवाओं को पंजाब पुलिस की आधिकारिक भर्ती सूचना का इंतजार करना होगा।  

सरकारी जमीन परिवार के नाम करने का आरोप, खंडवा पटवारी निलंबित

खंडवा   खंडवा में एक पटवारी ने स्वामित्व योजना का ऐसा गलत तरीके से लाभ उठाया कि सुनकर चौंक जाएंगे. मामला खंडवा के कोलगांव का है. शासकीय भूमि के रिकॉर्ड में अनियमितता के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पटवारी राजेश मंडलोई को निलंबित कर दिया है. उसने शासकीय भूमि के 50 से ज्यादा पट्टे अपने परिवार व रिश्तेदारों के नाम कर दिए।  कलेक्टर ने किया पटवारी को सस्पेंड ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह पुरनी ने आरोप लगाया था "ग्राम कोलगांव की शासकीय भूमि से संबंधित रिकॉर्ड में पटवारी ने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम 51 पट्टे दर्ज करा लिए हैं." इसके बाद कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मामले की जांच के लिए अपर कलेक्टर को निर्देश दिए. राजस्व अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई. जांच प्रक्रिया के दौरान नायब तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन पटवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।  नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर कलेक्टर की कार्रवाई कोलगांव की शासकीय भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में अनियमितता सामने आने के बाद तत्कालीन पटवारी की भूमिका की जांच की गई. नायब तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने पटवारी राजेश मंडलोई को मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. निलंबन अवधि के दौरान राजेश मंडलोई का मुख्यालय तहसील कार्यालय खंडवा निर्धारित किया गया है।  आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी. मामले में प्रशासनिक स्तर पर आगे की जांच और दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है. कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया "स्वामित्व योजना के अंतर्गत पटवारी ने स्वामित्व के प्लॉट में से ढेर सारे प्लॉट खुद और कुछ प्लॉट परिवार के नाम कर लिए. इसकी जांच करवाई गई. जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पटवारी को निलंबित कर दिया है. विभागीय जांच भी शुरू के दी है।  

नैनी की फैक्ट्री से अमेरिका पहुंचा 175 MVA ट्रांसफॉर्मर, प्रयागराज की बड़ी उपलब्धि

 प्रयागराज यूपी में प्रयागराज के नैनी से पहली बार अमेरिका के लिए पावर ट्रांसफॉर्मर भेजा गया है। शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (एसएसईएल) के नैनी स्थित विनिर्माण संयंत्र में तैयार 175 एमवीए, 345 केवी क्षमता का ईएचवी पावर ट्रांसफॉर्मर अमेरिका के लिए रवाना किया गया। कंपनी के मुताबिक यह नैनी संयंत्र से अमेरिका को भेजा गया पहला ईएचवी पावर ट्रांसफॉर्मर है। इसे कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है। अगले 12-18 महीने में 500-600 करोड़ के निर्यात का लक्ष्य भी तय किया गया है। कंपनी मैनेजर अरुण यादव ने बताया कि अमेरिका को पहली सप्लाई के साथ कंपनी ने उच्च क्षमता वाले ईएचवी पावर ट्रांसफॉर्मरों के वैश्विक बाजार में अपनी क्षमता का विस्तार किया है। एसएसईएल के सीईओ शरत चंद्र कोल्ला ने कहा कि अमेरिका को पहले ईएचवी ट्रांसफॉर्मर की सफल सप्लाई कंपनी की वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बिजली पारेषण उपकरण निर्माता बनने की यात्रा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अमेरिका को भेजा गया यह ट्रांसफार्मर अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता, इंजीनियरिंग और प्रदर्शन संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। एसएसईएल के अध्यक्ष सुधीर वेन्त्रम ने कहा कि नैनी से अमेरिका के लिए पहले 175 एमवीए, 345 केवी क्लास ट्रांसफॉर्मर की रवानगी कंपनी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। ईस्टर्न यूपी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष विनय टंडन ने इस उपलब्धि पर बधाई दी और कहा कि प्रयागराज के उद्यमी बहुत कुछ कर सकते हैं। सरकार जो सहयोग देने की बात करती है, बशर्ते उसे धरातल पर लागू करें। प्रयागराज से लगभग 600 करोड़ रुपये के ट्रांसफार्मर भेजे जाएंगे। कंपनी यूरोप में पावर और डिस्ट्रीब्यूशन दोनों श्रेणियों के ट्रांसफार्मरों के लिए स्वीकृति हासिल करने की दिशा में भी काम कर रही है। सात दशक में बदली कंपनी, कायम रहा प्रयागराज का औद्योगिक रिश्ता 1954 में जीईसी से शुरू हुई यह यात्रा 2026 तक आते-आते कई स्वामियों और नामों से गुजर चुकी है। जीईसी से अरेवा, अरेवा से अल्स्टॉम, अल्स्टॉम से जीई और फिर जीई से शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स तक पहुंची यह इकाई एक समय बंदी के दौर में भी गई। लेकिन 2022 में दोबारा उत्पादन शुरू होने के बाद अब वही संयंत्र अमेरिका के लिए पावर ट्रांसफॉर्मर तैयार कर रहा है। इस लिहाज से 1954 से 2026 तक का यह सफर प्रयागराज के औद्योगिक क्षेत्र में बदलाव, संकट और पुनर्जीवन की एक लंबी कहानी है।

भोपाल में महाराष्ट्र समाज का सांगीतिक कार्यक्रम, तुषार सोहोनी ने भजनों से बांधा समां

भोपाल महाराष्ट्र समाज, तुलसी नगर, भोपाल द्वारा गणेश उत्सव में आयोजित सांगीतिक कार्यक्रमव  स्मृतिगंध – भजन, भावगीत एवं नाट्यगीत प्रस्तुति" का सफल आयोजन हुआ। सुमधुर भजन संध्या में श्रोताओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर संगीत का आनंद लिया। प्रसिद्ध गायक  तुषार सोहोनी ने एक से बढ़कर एक भजन और भावगीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पं. बलवंत पुराणिक (हारमोनियम), अजय कुलकर्णी (तबला), विद्याधर आमटे (बांसुरी) और श्री धर्मेश (ऑक्टोपैड) की संगत ने कार्यक्रम को और भी मधुर बना दिया। महाराष्ट्र समाज के अध्यक्ष शिशिर साठे, सचिव यश बुचके ने कार्यक्रम में पधारे सभी रसिक श्रोताओं, कलाकारों एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।