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महिला बाल विकास मंत्री ने प्रथम दिवस देखी फिल्म, युवाओं से की प्रेरणा लेने की अपील

रायपुर महिला बाल विकास मंत्री ने प्रथम दिवस देखी फिल्म, युवाओं से की प्रेरणा लेने की अपील राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की प्रेरक यात्रा पर बनी फिल्म ‘शतक’ के रिलीज के पहले दिन महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने फिल्म देखी। इस फिल्म में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा, संगठन की शक्ति, अनुशासन, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों की समृद्ध परंपरा का भावनात्मक एवं प्रभावशाली चित्रण किया गया है। यह फिल्म राष्ट्र जीवन में संघ के योगदान, त्याग और समर्पण की प्रेरक गाथा को दर्शाती है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि रिलीज के पहले दिन ‘शतक’ फिल्म देखकर मुझे अत्यंत गर्व और आत्मिक संतोष का अनुभव हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि ‘शतक’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और संगठन की शक्ति का जीवंत दस्तावेज है। राजवाड़े ने प्रदेश के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से आग्रह किया है कि वे इस प्रेरणादायी फिल्म को अवश्य देखें और राष्ट्र निर्माण के इस महान विचार से प्रेरणा लें।

सुकमा का ट्रांसफॉर्मेशन—नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब बन रहा आत्मनिर्भरता का मॉडल

रायपुर आकांक्षा प्रोजेक्ट के तहत 35 युवा रोजगार हेतु चेन्नई रवाना नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाले सुकमा जिले से आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 35 युवा (16 युवतियां एवं 19 युवक) प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने हेतु चेन्नई के लिए रवाना हुए। यह अवसर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में संचालित प्रयासों का परिणाम है। जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में संचालित ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित युवाओं को लाइवलीहुड कॉलेज परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर युवाओं में उत्साह, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। एमओयू के माध्यम से रोजगार के अवसर जिला प्रशासन ने निजी क्षेत्र में रोजगार के ठोस अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चेन्नई स्थित ड्राइव मैनेजमेंट सर्विसेज के साथ एक विशेष एमओयू किया है। इस साझेदारी के माध्यम से सुदूर अंचलों के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल उन युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही है, जिन्हें अब तक अवसरों की सीमित उपलब्धता के कारण प्रतिस्पर्धात्मक मंच नहीं मिल पाता था। *महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम* चयनित युवाओं में 16 युवतियों की भागीदारी महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह पहल न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन का भी संकेत है। पहली बार जिले से बाहर रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलने से युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की भावना सुदृढ़ हुई है। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ कार्यक्रम केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास को नई उड़ान देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि सुकमा का प्रत्येक युवा कौशलयुक्त बने और उसे आजीविका के लिए श्रेष्ठ मंच प्राप्त हो। ग्राम आसिरगुड़ा, कोंटा निवासी सोड़ी बसंती ने बताया कि यह उनके जीवन का गौरवपूर्ण क्षण है। पहली बार घर से बाहर जाकर रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिला है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर सकेंगी।बोरगुड़ा निवासी सोनिया नुप्पो ने जिला प्रशासन की इस पहल को सराहनीय बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि सुकमा जिला प्रशासन भविष्य में भी रोजगार मेलों, कौशल विकास प्रशिक्षण एवं उद्योग साझेदारियों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्र की पहचान से आगे बढ़कर सुकमा को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और अवसरों से परिपूर्ण जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर, लाइवलीहुड कॉलेज के प्रभारी अधिकारी श्री कैलाश कश्यप सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 7 दिन तक 1.50 लाख रुपए का कैशलेस उपचार

रायपुर पीएम राहत योजना के तहत प्रावधान परिवहन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में तैयारी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में परिवहन सचिव  एस. प्रकाश ने आज सभी जिले के पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और डायल 112 के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली। बैठक में सचिव  एस. प्रकाश ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को योजना के तहत 7 दिनों तक अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपए तक का कैशलेस उपचार तुरंत उपलब्ध कराया जाए।  परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के लगभग 1000 अधिकृत अस्पतालों के साथ-साथ अन्य सक्षम अस्पतालों को भी इस योजना से जोड़ा जाए, ताकि जरूरतमंदों को समय पर उपचार मिल सके। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पतालों के उपचार संबंधी भुगतान 10 दिनों के भीतर कर दिए जाएं। परिवहन सचिव  एस. प्रकाश ने अधिकारियों से कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए जिलों में आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि सड़क दुर्घटना में कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि यदि दुर्घटना होती है, तो घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित उपचार मिलना अत्यंत आवश्यक है। योजना का उद्देश्य इसी महत्वपूर्ण समय में उपचार उपलब्ध कराकर पीड़ितों की जान बचाना है। राज्य सरकार द्वारा योजना के त्वरित क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर और निःशुल्क उपचार का लाभ मिल सकेगा, जिससे अनेक बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकेंगे। बैठक में एनआईसी के राज्य अधिकारी  अरविंद यादव और  अमित देवांगन ने पावर पॉइंट के माध्यम से प्रस्तुति और वीडियो के माध्यम से योजना के बेहतर क्रियान्वयन की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, डायल 112 और जिला प्रशासन की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। वर्चुअल बैठक में बस्तर, मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी सहित सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी शामिल हुए। बैठक में उप परिवहन आयुक्त  मनोज कुमार ध्रुव तथा अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) से  दिनेश टांक भी उपस्थित थे।

कोटा में 22 बीघा वन भूमि पर बने हिस्ट्रीशीटर के अवैध निर्माण ध्वस्त

कोटा. राजस्थान में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी है। कोटा शहर में शुक्रवार सुबह वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रानपुर थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर कालू भड़क के अवैध अतिक्रमण को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त किया। टीम ने वन विभाग की जमीन पर किए गए पक्के और कच्चे निर्माण को हटाया। डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर कालू भड़क ने लंबे समय से वन विभाग की करीब 22 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था। ​हिस्ट्रीशीटर ने सरकारी जमीन पर मकान, बाड़े और खेती जैसी गतिविधियाँ संचालित कर रही थी। ऐसे में कोटा शहर पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी अतिक्रमण हटाया और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। आगे भी जारी रहेगा अभियान उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से हार्डकोर अपराधियों और अवैध कब्जाधारियों को सख्त संदेश दिया जा रहा है कि कानून सर्वोपरि है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और माफिया तत्वों पर लगाम कसने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अवैध हथियारों के साथ किया था गिरफ्तार गौरतलब है कि रानपुर थाना पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर कालू भड़क को 12 फरवरी को गिरफ्तार किया था। आरोपी के कब्जे से 7 हथियार और 27 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इनमें दो देसी पिस्टल मय मैगजीन, चार अतिरिक्त मैगजीन तथा पांच देसी कट्टे शामिल थे।

मिर्ज़ा एजाज़ बेग, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष चुने गये

रायपुर  छ.ग. राज्य हज कमेटी के सदस्य श्री मिर्ज़ा एजाज बेग को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी का अध्यक्ष चुना गया है। इस संबंध में छ.ग. शासन पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा आज अधिसूचना जारी की गई है। हज कमेटी अधिनियम 2002 की धारा 21 की उपधारा (1) में निहित प्रावधान अनुसार छ.ग. राज्य हज कमेटी के नामांकित सदस्यों द्वारा सर्वसम्मती से हज कमेटी के अध्यक्ष पद पर श्री मिर्ज़ा एजाज बेग का चुनाव किया गया। उसके पश्चात राज्य शासन द्वारा अधूिसचना जारी कर उन्हे अध्यक्ष घोषित किया गया है । हज कमेटी में श्री मिर्ज़ा एजाज बेग को अध्यक्ष बनाये जाने से मुस्लिम समाज में उत्साह और हर्ष का माहौल है । आज जुमा नमाज के पश्चात हजरत गरीब नवाज़ मस्जिद संजय नगर के मुतवल्ली मोहम्मद अली एवं मस्जिद कमेटी के मेम्बरान एवं मुस्लिम समाज के लोगो ने गर्मजोशी से श्री बेग का स्वागत किया। श्री मिर्ज़ा एजाज बेग ने प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय जी, मान. मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल जी एवं पार्टी के समस्त वरिष्ठजनो का आभार व्यक्त किया है।  

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर संजूदेवी राजपूत ने किया डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन

रायपुर उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर  संजूदेवी राजपूत ने किया डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन कार्य तत्काल प्रारंभ कर पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्य संपादन करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने हेतु अधिकारियों को दिये निर्देश उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर  संजूदेवी राजपूत ने किया डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन कार्य तत्काल प्रारंभ कर पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्य संपादन करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने हेतु अधिकारियों को दिये निर्देश नगर पालिक निगम कोरबा के दर्री जोनांतर्गत जमनीपाली वार्ड के गोपालपुर पुनर्वास गांव की वर्षो से जर्जर पड़ी सड़कों का जीर्णोद्धार व डामरीकरण का कार्य कराया जाएगा, आज उद्योग मंत्री  लखनलाल देवंागन एवं महापौर  संजूदेवी राजपूत ने उक्त महत्वपूर्ण कार्य का भूमिपूजन किया तथा कार्य को तत्काल प्रारंभ कराने, पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य करने तथा समयसीमा में कार्य को पूरा करने के निर्देश निगम के अधिकारियों व निर्माण कार्य एजेंसी को दिये।      प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री तथा कोरबा विधायक  लखनलाल देवांगन के प्रयासों से निगम के वार्ड क्र. 54 जमनीपाली अंतर्गत स्थित एनटीपीसी के पुनर्वास ग्राम गोपालपुर में बर्षो से जर्जर पड़ी सड़कों के जीर्णोद्धार व डामरीकरण हेतु एनटीपीसी के सीएसआर मद से 01 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति प्राप्त हुई थी, आवश्यक प्रक्रिया के पश्चात अब उक्त महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ होने जा रहा है, आज उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर  संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में उक्त महत्वपूर्ण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया गया।  पुनर्वास ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करें प्रतिष्ठान   इस अवसर पर उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने एनटीपीसी सहित अन्य सार्वजनिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों का आव्हान करते हुए कहा है कि वे अपने पुनर्वास ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करें, पुनर्वास ग्रामों की समस्याओं को पूरी गंभीरता से लें तथा उनका समय-समय पर त्वरित निराकरण करायें। उन्होने कहा कि प्रतिष्ठानों का प्रथम दायित्व बनता है कि वे पुनर्वास ग्रामों के प्रति पूर्ण रूप से संवेदनशील रहें तथा इन ग्रामों के विकास एवं उन्हें आदर्श स्वरूप में विकसित करने की दिशा में पूरी इच्छाशक्ति के साथ कार्य करें। उद्योग मंत्री  देवांगन ने आगे कहा कि वर्तमान में निगम द्वारा वार्ड क्र. 54 जमनीपाली वार्ड में 53 लाख रूपये के कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं तथा 02 करोड 61 लाख रूपये के कार्य वार्ड की विभिन्न बस्तियों में प्रगति में हैं, वहीं 58 लाख रूपये के नये कार्य भी इस वार्ड हेतु स्वीकृत किये गये हैं। उन्होने कहा कि इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि निगम के सभी वार्डोे में वहॉं के नागरिकों की आवश्यकता व मांग के अनुसार व्यापक स्तर पर विकास कार्य वर्तमान में कराये जा रहे हैं तथा बिना किसी भेदभाव के कार्य हो रहे हैं। उन्हेाने आगे कहा कि निगम क्षेत्र में विगत 02 वर्षो के दौरान 865 करोड़ रूपये के विकास कार्य विभिन्न मदों के अंतर्गत स्वीकृत कराये जा चुके हैं तथा यह प्रयास किया जा रहा है कि विकास कार्यो हेतु किसी भी प्रकार की धनराशि की कमी न होने पाये।  लगातार जारी रहेगी विकास कार्यो की गति   इस मौके पर महापौर  संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि नगर निगम कोरबा क्षेत्र में विकास की यह गति लगातार जारी रहेगी तथा मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री  अरूण साव एवं उद्योग मंत्री तथा कोरबा विधायक  लखनलाल देवांगन के निरंतर मार्गदर्शन में कोरबा का सर्वांगीण विकास होकर रहेगा। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री  देवांगन विकास कार्यो हेतु विभिन्न मदों के अंतर्गत राशि की स्वीकृति करवा रहे हैं, और इसी के परिणाम स्वरूप विकास कार्यो हेतु फंड की कोई कमी नहीं हो रही है। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री  देवांगन एवं मेरा स्वयं का यह लगातार प्रयास है कि सभी वार्डो में समान रूप से विकास कार्य हों तथा नागरिकों को सभी सुविधाएं मिले, उनकी समस्याएं त्वरित रूप से दूर की जाए।  बहुप्रतीक्षित मांग आज पूरी हुई   वार्ड क्र. 54 जमनीपाली वार्ड के पार्षद  मुकुंद सिंह कंवर ने अपने उद्बोधन में कहा कि 25 वर्षो से ज्यादा समय से पूर्व इस ग्राम की सड़कें बनी थी तथा कई वर्षो से सड़कें जर्जर हो चुकी थी, सड़कों की दयनीय स्थिति है, आवागमन में ग्रामवासियों को अत्यंत असुविधा होती है, किन्तु आज इस सड़क डामरीकरण की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो रही है, जिसके लिए मैं उद्योग मंत्री  देवांगन एवं महापौर  राजपूत के प्रति वार्डवासियों की ओर से कृतज्ञता व्यक्त करता हूॅं। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री  देवांगन के प्रयास से एनटीपीसी के सीएसआर मद से 01 करोड़ 50 लाख रूपये की लागत से यह कार्य सम्पन्न होने जा रहा है, उन्होने कहा कि गांव में अब स्ट्रीट लाईट भी तत्काल लगवाई जाएंगी तथा उद्योग मंत्री  देवांगन के प्रयास से यहांॅ पर स्थित कोसगाई दाई मंदिर प्रांगण में बाउण्ड्रीवाल भी बनेगी।  भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान पार्षद नरेन्द्र देवांगन, वार्ड पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, पार्षद राधा महंत, सम्मत कुंवर कंवर, किशन लाल कैवर्त, सुखविंदर कौर, अयोध्याबाई कंवर,  मंडल अध्यक्ष मनोज लहरे, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, पूर्व पार्षद पुष्पा कंवर व संजय कुर्मवंशी, परविंदर सिंह सोनू, रतन सिंह कंवर, नारायण सिंह ठाकुर, ईश्वर साहू, अंजेय अग्रवाल, गौरीशंकर, अनिल यादव, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश वास्तव, एनटीपीसी के सीनियर मेनेजर सी.एस.आर. शशांक छाजर, जोन कमिश्नर लीलाधर पटेल, राज जायसवाल, यशवंत जोगी, रितेश सिंह, होमलाल भारिया, दुर्गा भारिया आदि के साथ काफी संख्या में वार्डवासी उपस्थित थे। क्रमांक- :8962/लोन्हारे 

बीबीएसए विधेयक, उच्च शिक्षा नियामक संरचना को आधुनिक एवं एकीकृत बनाने का समग्र प्रयास

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि "विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक-2025" द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों को संचालित करने के लिए विभिन्न प्रकार की जटिल अनुमतियों को समाप्त करते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिसके द्वारा शैक्षणिक संस्थानों को ज्ञान के केन्द्र के रूप में स्थापित करने का अवसर मिलेगा तथा विभिन्न विसंगतियां भी समाप्त हो सकेंगी। "विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक-2025"; भारत की उच्च शिक्षा नियामक संरचना को आधुनिक एवं एकीकृत बनाने का समग्र प्रयास है। मंत्री  परमार ने कहा कि यह विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया है। इस विधेयक के लिए देश भर के लोगों से सुझाव भी मांगे जा रहे हैं। मध्यप्रदेश से भी सुझाव जाने चाहिए, इसके लिए आवश्यक है कि सही परिप्रेक्ष्य में और सही तथ्यों के साथ, प्रदेश की बात संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) तक पहुँचे। मंत्री  परमार ने कहा कि यह विधेयक, शिक्षा की गुणवत्ता एवं प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करेगा। मंत्री  परमार शुक्रवार को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के सभागार में, "विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक-2025" विषय पर आयोजित एक दिवसीय संविमर्श "आनन्दशाला" का शुभारम्भ कर, विधेयक की प्रासंगिकता के आलोक में अपने विचार साझा कर रहे थे। मंत्री  परमार ने कहा कि शिक्षा के मंदिरों से भारतीयता के भाव का उद्घोष होना चाहिए। पराधीनता के पदचिन्हों को अंतिम विदाई देते हुए, हर क्षेत्र-हर विषय में भारतीय दृष्टि से समृद्ध विचार मंथन की आवश्यकता है। इसके लिए करोड़ों लोगों के सुझाव से सृजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। मंत्री  परमार ने कहा कि यह विधेयक, भारत के उच्च शिक्षा शासन प्रबंधन में महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधार के लिए एकीकृत संस्थागत ढांचे की स्थापना के लिए भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित है। भारतीय शिक्षण मंडल एवं मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह आनंदशाला, विकसित भारत@2047 की संकल्पना सिद्धि के निमित्त, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में शैक्षणिक सरोकार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस संविमर्श से प्राप्त होने वाला निष्कर्ष, भारत सरकार के उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक सिद्ध होगा। इस अवसर पर बीज वक्ता के रूप में  विश्वजीत पेंडसे, मप्र भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. मिलिंद दांडेकर, कुलसचिव डॉ. सुशील मंडेरिया एवं प्रो. लक्ष्मीकांत त्रिपाठी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, विविध शिक्षाविद् एवं अन्य विद्वतजन उपस्थित थे।  

शून्यकाल में वित्त मंत्री का बजट प्रस्तुतीकरण, छात्रों और रैयतों समेत कक्षपालों की समस्याएं उठीं

रांची झारखंड विधानसभा के शून्यकाल में शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 6450 करोड़ रुपए का तृतीय अन्नपूर्णक बजट पेश किया। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने सरकार से आग्रह किया कि जेपीएससी की कट ऑफ डेट पर तुरंत निर्णय लिया जाए, क्योंकि आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द फैसला नहीं हुआ तो छात्रों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि B.Ed की छात्राओं को छात्रवृत्ति मिलने तक फीस जमा करने की बाध्यता से राहत दी जाए। लोजपा विधायक जनार्दन पासवान ने रैयतों के मुआवजे का भुगतान होने तक एनटीपीसी और अडानी के खनन पर रोक लगाने की मांग की और कहा कि विवादित मामलों को रैयतों की सहमति से हल किया जाना चाहिए। विधायक अमित महतो ने कक्षपाल नियुक्ति में उम्र सीमा में छूट देने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले ही इस छूट का प्रावधान किया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया।  

भारतीय दृष्टि से समृद्ध अर्थव्यवस्था ही बनाएगी, विश्वमंच पर सिरमौर

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि अर्थव्यवस्था संघर्ष नहीं समन्वय का विषय है।भारत के दर्शन में "समन्वय" का समग्र दृष्टिकोण रहा है। भारत का वैश्विक अर्थव्यवस्था में योगदान का स्वर्णिम अतीत रहा है। भारत की अर्थव्यवस्था को विश्वमंच पर अग्रणी भूमिका में स्थापित करने के लिए, भारतीय दृष्टिकोण से समृद्ध अर्थव्यवस्था पर समग्र विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार शुक्रवार को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल एवं प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय हमीदिया महाविद्यालय भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "मप्र आर्थिक परिषद के 35वें राष्ट्रीय अधिवेशन एवं राष्ट्रीय सेमिनार" का शुभारम्भ कर, भारतीय दृष्टि से समृद्ध अर्थव्यवस्था के आलोक में अपने विचार साझा कर रहे थे। मंत्री  परमार ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम्, भारत का दृष्टिकोण है। हमारी मान्यता है कि विश्व एक बाजार नहीं बल्कि एक परिवार है। समृद्ध अर्थ-तंत्र के परिप्रेक्ष्य में समन्वित भाव के साथ पर विस्तृत मंथन करने की आवश्यकता है। शुभ-लाभ, हमारा सांस्कृतिक एवं आर्थिक चिंतन है, जो अच्छी पद्धति से धन कमाने का व्यापक संदेश देता है। मंत्री  परमार ने ग्रामीण भारत की रसोई और राशन प्रबंधन का उदाहरण साझा करते हुए, ग्रामीणों के आर्थिक प्रबंधन पर प्रकाश डाला। मंत्री  परमार ने कहा कि भारत हमेशा से कौशल प्रधान देश रहा है। भारतीय कौशल को वर्तमान आवश्यकता अनुरूप आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए, विश्वमंच पर आगे लाने की आवश्यकता है। मंत्री  परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत खाद्यान्न, ऊर्जा सहित हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर, अन्य देशों की पूर्ति करने में सामर्थ्यवान देश बनेगा। इसके लिए हम सभी को अपने परिश्रम और पुरुषार्थ की सहभागिता करनी होगी और विकसित भारत@2047 की संकल्पना की सिद्धि के लिए, अपने पूर्वजों के ज्ञान, संस्कृति एवं दर्शन को संजोकर आगे बढ़ना होगा। हर क्षेत्र-हर विषय में विद्यमान परंपरागत ज्ञान पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में शोध कर, दस्तावेजीकरण करना होगा। इस दो दिवसीय अधिवेशन में, भारत में कौशल विकास एवं मप्र में जनजातीय विकास और भारतीय ज्ञान परम्परा, इन दो महत्वपूर्ण विषयों पर अर्थशास्त्र के शिक्षक, विषयविद और शोधार्थी अपने विचार एवं शोध साझा करेंगे। इस अवसर पर मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स चेन्नई के निदेशक एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु प्रो. एन बी भानुमूर्ति, मप्र आर्थिक परिषद की अध्यक्ष प्रो. नीति जैन, परिषद के सचिव प्रो. सखाराम मुजाल्दे, आयोजक सचिव प्रो. शरद तिवारी, प्रो. अनिल शिवानी एवं जर्नल की मुख्य संपादक प्रो. रेखा आचार्य सहित अर्थशास्त्र के विभिन्न प्राध्यापकगण, विविध शिक्षाविद् एवं अन्य विद्वतजन उपस्थित रहे।  

चुनावी प्रचार का शोर बना छात्रों की पढ़ाई में बाधा, अभिभावकों का विरोध तेज

रांची नगर निगम चुनाव के दौरान बज रहे लाउडस्पीकरों का तेज शोर इन दिनों बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। कई इलाकों से शिकायत मिल रही है कि तय समय के बाद भी प्रचार में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाए जा रहे हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बज रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि इससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। देर रात तक शोर रहने से बच्चों का ध्यान पढ़ाई में नहीं लग पा रहा है। कांके रोड निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उनका बेटा इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी कर रहा है, लेकिन कई बार रात 10 बजे के बाद भी लाउडस्पीकर बजते रहते हैं। दिनभर प्रचार वाहनों से तेज आवाज में अनाउंसमेंट किया जाता है। समझाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। बरियातू की रहने वाली सुनीता देवी ने बताया कि उनकी बेटी मैट्रिक की छात्रा है। परीक्षा के समय इस तरह का शोर बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ा रहा है। डोरंडा इलाके के एक अन्य अभिभावक ने भी कहा कि दिन में स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं और शाम-रात का समय ही पढ़ाई के लिए मिलता है, लेकिन प्रचार का शोर पढ़ाई में बाधा बन रहा है। बोर्ड परीक्षाएं जारी, शांति की जरूरत इस समय राज्य में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में स्कूलों और आसपास के इलाकों में शांति और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लाउडस्पीकर का उपयोग केवल तय समय सीमा के अंदर ही किया जा सकता है। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह रोक है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए सहयोग करें, ताकि परीक्षा के दौरान उन्हें शांत माहौल मिल सके।