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मेरठ में पीएम मोदी की जनसभा आज, शहर में लागू हुआ रूट डायवर्जन प्लान

मेरठ मेरठ में 22 फरवरी को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक डायवर्जन प्लान जारी किया है। इसके तहत कार्यक्रम के दिन भारी वाहनों (कमर्शियल) के साथ-साथ निजी कारों और बसों के लिए भी रास्तों में बदलाव किया गया है। यह प्लान सुबह 08:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक पूरी तरह प्रभावी रहेगा। गाजियाबाद से मेरठ: राजनगर एक्सटेंशन, दुहाई, मुरादनगर और मोदीनगर से मेरठ की ओर आने वाले भारी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। ये वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे या पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उपयोग कर सकेंगे।  मुजफ्फरनगर से मेरठ: सठेड़ी पुलिस चौकी पुल से भारी वाहन एनएच-58 होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे।  मुरादाबाद/हापुड़ से मेरठ: टियाला अंडरपास से भारी वाहन किठौर और परीक्षतगढ़ होते हुए बिजनौर या मुजफ्फरनगर की ओर निकाले जाएंगे।  शहर के अंदर: बिजली बम्बा चौराहा से शाप्रिक्स माॅल की ओर सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। परतापुर इंटरचेंज और काशी टोल प्लाजा पर भी भारी वाहनों के लिए विशेष पाबंदियां रहेंगी। मेरठ-परतापुर से मोदीनगर की ओर जाने वाली सड़क रहेगी बंद मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन: मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन मेरठ शहर से रुड़की रोड, मोदीपुरम पुल, सरधना पुल, रोहटा पुल, बागपत पुल- एनएच-58 से काशी टोल प्लाजा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे होते हुए जा सकेगे। मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन :  बिजली बंबा चौराहे से होते हुए हापुड़ से दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे मार्ग से भी दिल्ली जा सकेगे। दिल्ली से मेरठ शहर में आने वाले वाहन: दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे से काशी टोल प्लाजा से एनएच-58 होते हुए बागपत पुल, रोहटा पुल, सरधना पुल, मोदीपुरम, रुड़की रोड होते हुए मेरठ शहर में आ सकेगे। दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन : दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे होते हुए हापुड़ से बिजली बंबा चौराहे से भी मेरठ शहर में आ सकेगे। मेरठ से दिल्ली आने व जाने वाले वाहन : परतापुर इन्टरचेंज से दिल्ली रोड होते हुए मेरठ शहर में प्रवेश नहीं कर सकेगे। यातायात प्रबंधन के दौरान किसी भी प्रकार की आपात कालीन सेवाऐ एवं एम्बुलेंस बाधित नहीं रहेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रमण कार्यक्रम के कारण मेरठ-परतापुर से मोदीनगर की ओर कोई भी वाहन नहीं चलेगा। मेरठ-मोदीनगर-दिल्ली मार्ग बंद रहेगा। अभी तक दिल्ली के न्यू अशोक नगर तक पहुंच रही नमो भारत रेल अगले तीन दिनों में सराय काले खां तक पहुंचने लगेगी। इससे यात्रियों की नमो रेल के साथ भारतीय रेलवे, दिल्ली मेट्रो और बस तक सीधी पहुंच होगी। शुक्रवार को इस ट्रेन का ट्रायल रन होगा। अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार पहली बार नमो रेल सरायकाले खां से बेगमपुल तक चलेगी।उद्घाटन के साथ ही आम लोग के लिए कॉरिडोर खोल दिया जाएगा जिससे सराय काले खां मेगा ट्रांसपोर्ट हब से यात्री अपनी मंजिल के लिए आसानी से दूसरा वाहन पकड़ सकेंगे। मेरठ साउथ नमो स्टेशन से आगे बेगमपुल स्टेशन तक जाना भी संभव होगा।   बस, कार और निजी वाहनों के लिए मार्ग  दिल्ली/गाजियाबाद से: मोदीनगर से कादराबाद पुलिस चौकी से आगे बाएं मुड़कर कार/बस पार्किंग स्थल की ओर जा सकेंगे।  मुजफ्फरनगर/शामली से: गंगनहर पटरी होते हुए सिवालखास पुल से बाएं मुड़कर पार्किंग की ओर जा सकेंगे।  हापुड़ से: थाना खरखौदा तिराहे से मोहिउद्दीनपुर होते हुए पार्किंग स्थल पहुंचेंगे।  मवाना/परीक्षितगढ़ से: मवाना से आने वाले वाहन दौराला और गंगनहर पटरी मार्ग से होते हुए सिवालखास पुल के रास्ते पार्किंग तक जा सकेंगे। बार-बार बदलता रहा ट्रैफिक प्लान यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात करीब 10 बजे ट्रैफिक प्लान जारी किया था। इसके कुछ देर बाद इस प्लान को बदल दिया गया और रात 12 बजे नया प्लान जारी किया। इसके कुछ देर बाद इसमें भी संशोधन कर दिया गया।  

मध्य प्रदेश को मिलेगी नई रेललाइन, 108 गांव होंगे प्रभावित; सरकार ने तय की 2030 की डेडलाइन

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर से बुदनी के बीच बन रही नई ब्रॉडगेज रेल लाइन रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। पहले से ही करीब पांच साल देरी का सामना कर रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति जमीन अधिग्रहण की सुस्त प्रक्रिया के कारण थमी हुई है। कई गांवों में मुआवजा और सीमांकन संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाने से निर्माण कार्य तय गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा। हालात ऐसे हैं कि अब इस रेल लाइन को पूरा करने का लक्ष्य बढ़ाकर साल 2030 तक कर दिया गया है। जिससे क्षेत्रवासियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। परियोजना में खर्च हो चुके हैं 2 हजार करोड़ यह 205 किमी का सेक्शन 342 किमी लंबी इंदौर-जबलपुर नई विद्युत रेल लाइन परियोजना का अहम हिस्सा है, जिसे 2016-17 में मंजूरी मिली और 2018 में काम शुरू हुआ। शुरुआती लक्ष्य 2024-25 था, लेकिन फंड की कमी, जमीन अधिग्रहण और न्यायिक अड़चनों के कारण अब नई समयसीमा 2029-30 तय की गई है। करीब 7,400 करोड़ रुपए की इस परियोजना पर अब तक लगभग 2,000 करोड़ खर्च हो चुके हैं और प्रगति 30% दर्ज की गई है। निर्माण कार्य रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा तीन पैकेज में किया जा रहा है-मांगलिया गांव से खेरी, खेरी से पीपलिया नानकर और पीपलिया नानकर से बुदनी का काम चल रहा है। 75 किमी कम होगा सफर नई लाइन बनने के बाद इंदौर से जबलपुर की दूरी करीब 75 किमी कम हो जाएगी। अभी यात्रियों को भोपाल होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। नई कनेक्टिविटी से समय की बचत होगी और ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा तक हो सकेगी। इससे मालवा और महाकौशल क्षेत्र के यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा, साथ ही माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।   परियोजना में 80 सुरंगें परियोजना में 80 बड़े पुल और दो सुरंगें (1.24 किमी और 8.64 किमी) प्रस्तावित हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर कोई लेवल क्रॉसिंग नहीं होगी, अंडरपास और ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। सुरंगों का डिजाइन वन्यजीव क्षेत्र को सुरक्षित रखते हुए तैयार किया गया है। योजना के अनुसार 2027-28 में बुदनी से सलकनपुर, 2028-29 में मांगलिया गांव से खेरी और 2029-30 तक पूरा ट्रैक तैयार करने का लक्ष्य है। 108 गांवों की जमीन अधिग्रहित कुल 205 किमी में से 186 किमी राजस्व और सरकारी भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। शेष वन क्षेत्र की अनुमति मार्च 2025 में मिल गई। 108 गांवों में अधिग्रहण कर लगभग 721 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है।

2 मार्च को हरियाणा बजट, जनता को मिल सकती हैं नई सौगातें और योजनाओं का विस्तार

चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया। यह 18 मार्च तक चलेगा। सत्र के पहले दिन शुक्रवार को सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुई। वहीं, विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। हरियाणा सरकार के अनुसार, सदन की कार्यवाही में पहले दिन शोक प्रस्ताव के जरिए दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। बजट सत्र की कार्यवाही में 21 और 22 फरवरी को अवकाश रहेगा। इसके बाद 23 फरवरी को सदन 2 बजे शुरू होगा और 24 से 27 फरवरी तक सत्र की बैठकें सुबह 11 बजे शुरू होंगी। 27 फरवरी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्यपाल के अभिभाषण का जवाब देंगे, जबकि 2 मार्च को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे। इसके साथ ही कई दिन चर्चा के बाद प्रस्ताव पर वोटिंग होगी, जबकि 17 मार्च को बजट एस्टीमेट पर वोटिंग होगी। वहीं, बजट सत्र से पहले गुरुवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई थी। नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के साथ सभी विधायकों ने हिस्सा लिया था। बैठक के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था कि बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई है। प्रदेश में ऐसे कई ज्वलंत मुद्दे हैं, जिनके ऊपर कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव देकर चर्चा की मांग करेगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 17 मार्च 2025 को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 2.5 लाख करोड़ का बजट पेश किया था, जो 2024-25 से वर्ष से 13.7% अधिक था। इस बार बजट में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कई नई योजनाओं की भी घोषणा करने के साथ पुरानी योजनाओं का विस्तार कर सकते हैं। सरकार लाडो लक्ष्मी योजना की पारिवारिक आय की सीमा भी बढ़ा सकती है।

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: 4 मार्च (बुधवार) को प्रदेशभर में अवकाश, सब संस्थान बंद

पंजाब पंजाब सरकार ने होली के पर्व के अवसर पर 4 मार्च (बुधवार) को राज्य में सरकारी छुट्टी घोषित कर दी है। इस आदेश के तहत पूरे पंजाब में स्कूल, कॉलेज और सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। बता दें कि इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च की शाम को किया जाएगा, जबकि होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने 4 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है।  

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की तैयारी तेज, 1.81 लाख किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक एक लाख 81 हजार 793 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। पंजीयन की कार्यवाही 7 मार्च तक जारी रहेगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन जरूर करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। मंत्री राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 27 हजार 175, उज्जैन में 73 हजार 398, ग्वालियर में 3358, चम्बल में 1449, जबलपुर में 12 हजार 342, नर्मदापुरम में 11 हजार 698, भोपाल में 41 हजार 268, रीवा में 3242, शहडोल में 726 और सागर संभाग में 7137 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। किसानों को करें एसएमएस खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज दतिया को देंगे 532 करोड़ रूपये के विकास की सौगातें

सिंध नदी पर नव निर्मित सेतु का करेंगे लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दतिया जिले की तहसील सेवढ़ा में आयोजित कार्यक्रम में 532 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। इसमें मुख्य रूप से सिंध नदी पर नव निर्मित सेतु का लोकार्पण शामिल हैं। साथ ही सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बसई सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सनकुआ धाम के समीप स्थित द्वारिकाधीश मंदिर में पूजन-अर्चन भी करेंगे। कृषि उपज मंडी प्रांगण सेवढ़ा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 299.32 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 53 विकास कार्यों का लोकार्पण और 233.24 करोड़ रुपये की लागत के 21 कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करेंगे। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ वितरित करेंगे।  

यूपी में शिक्षामित्रों की बढ़ी सैलरी, ₹18,000 मासिक मानदेय; अनुदेशकों को भी राहत

लखनऊ यूपी बजट सत्र के दौरान विधानसभा में बोल रहे सीएम योगी ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को लेकर बड़ी घोषणा कर दी। सीएम योगी ने कहा, शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ा दिया है। अप्रैल से शिक्षामित्रों को अब 18 हजार रुपये मिलेंगे। पहले इन्हें 10 हजार रुपये मिलते थे। साथ ही अनुदेशकों का मानदेय नौ हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये कर दिया गया है। अप्रैल से दोनों लोगों को बढ़ा हुआ मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा। इसके अलावा सीएम योगी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के लिए 580 करोड़ रुपये, 16 लाख ट्यूबवेल को 3000 करोड़ के खर्च से फ्री बिजली देने की घोषणा की है। हर न्याय पंचायत में बनाए जाएंगे डिजिटल उद्यमी, 50 प्रतिशत होंगी महिलाएं महिलाओं को लेकर घोषणा करते हुए सीएम योगी ने कहा, प्रदेश में आठ हजार न्याय पंचायत हैं। हर न्याय पंचायत में डिजिटल उद्यमी बनाए जाएंगे। इसके अलावा हर न्याय पंचायत पर महिला उद्यमी विपणन केंद्र बनाए जाएंगे। इसमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। जिन्हें 10 लाख तक का मुफ्त ऋण दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के एक करोड़ सेल्फ हेल्प ग्रुप के लिए न्याय पंचायत स्तर पर 100 करोड़ के खर्च से महिलाओं के लिए शॉपिंग कॉम्पलेक्स खोले जाएंगे। सीएम योगी ने कहा, हर साल यूपी में 60 लाख संस्थागत प्रसव करवाने के लिए अस्पतालों को इंपैनल किया जाएगा। इसमें लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 25 लाख युवाओं को फ्री टूल किट देगी यूपी सरकार युवाओं को लेकर घोषणा करते हुए सीएम योगी ने कहा, यूपी में अब एआई गेम चेंजर होने वाला है। सीएम योगी ने कहा, कामकाजी युवाओं को एआई टूल किट्स उपलब्ध करवाए जाएंगे। यूपी सरकार 25 लाख युवाओं को फ्री टूल किट देगी। साथ ही स्टार्टअप और इनोवेशन में सहयोग भी किया जाएगा। एआई कृषि क्षेत्र में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। यूपी में रोबोटिक्स तकनीकी को बढ़ावा दिया जाएगा। 50 प्रतिशत शहरीकरण का काम होगा। माल ढुलाई, खाद का छिड़काव भी एआई रोबोट से होगा। सीएम योगी ने विपक्ष पर बोला हमला विधानसभा में बजट सत्र पर बोल रहे सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा, सपा सरकार में चेहरा देखकर समाजवादी पेंशन दी जाती थी। समाजवादी पेंशन स्कीम केवल समाजवादियों को ही मिलती थी। कम से कम गरीब ब्राह्मण को पेंशन दे देते। सीएम योगी कहा, सपा सरकार में हर साल इंसेफेलाइटिस से 1500 से 1700 SC- ST बच्चों की मौतें होती थीं। 2019 के बाद से इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन हो चुका है। हमने किसी की जाति नहीं देखी। सपा की 4 बार सरकार बनी, लेकिन आपने विचार तक नहीं किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर तंज कसा। कहा, आप सच्चे समाजवादी हैं। समाजवादी विचारधारा के साथ चले, वो अलग बात है कि आपके साथ शिवपाल जी जैसे लठैत ने भी चलने की कोशिश की। आपने कुछ जनपदों की पहचान ऐसी बना दी थी कि लोग होटल में कमरा नहीं देते थे, लेकिन हम लोगों ने व्यवस्था बदली, परसेप्शन बदल गया। आज लोग कहते हैं, अच्छा आप यूपी से आए हैं।  

आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : कलेक्टर

भोपाल  शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना एवं आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बड़वानी जिले की सेंधवा जनपद की 34 ग्राम पंचायतों में छठवाँ क्लस्टर अनुश्रवण शिविर का आयोजन किया गया। इससे पूर्व जिले में सफलतापूर्वक 5 शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इसी कड़ी में यह आयोजन ग्रामीणों के लिए समाधान का केन्द्र साबित हुआ, जिसमें अपने ही ग्राम में उनकी समस्याओं का निराकरण हुआ। योजनाओं का हुआ प्रभावी क्रियान्वयन संकल्प से संकल्प अभियान के द्वितीय चरण के तहत जनपद पंचायत सेंधवा के 3 क्लस्टर सेंधवा, धनोरा, चाचरिया की 34 पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए। इस अभियान के तहत इक्कीस विभागों की 106 योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित शिकायतों एवं समस्याओं को पंजीकृत कर निराकृत किया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र हितग्राही किसी भी लाभ से वंचित न रहें। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाया जाए। राजस्व एवं दस्तावेज़ वितरण शिवन्या में आयोजित शिविर के दौरान नोडल अधिकारियों द्वारा राजस्व संबंधी मामलों का मौके पर निराकरण किया गया। यहाँ गीला पिता धर्मसिंह, जैतराम पिता गमर, आबदा पिता घट्टा, सलीम पिता नासरिया एवं दरबार पिता हेमता को उनके भू-अभिलेखों की खसरा प्रतिलिपि प्रदाय की गई। स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा (ग्राम पंचायत कामोद व शिवन्या)- आयुष्मान भारत योजना के तहत ग्राम पंचायत कामोद में साधुराम आर्य, प्रताप आर्य, दयाराम अवास्या एवं अमन बढोले को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए, जिससे अब उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी। संबल योजना शिवन्या में श्रीमती यशोदा पति अन्तिराम को संबल कार्ड तैयार कर मौके पर ही सौंपा गया। दिव्यांग सहायता – एक विशेष प्रकरण में विकलांग पेंशन के लिए आवश्यक यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध न होने पर, विभाग द्वारा त्वरित समन्वय कर सामाजिक न्याय विभाग से आईडी जेनरेट करवाई गई। कृषि एवं ऋण सुविधा (ग्राम पंचायत बाबदड़) – किसानों की आर्थिक उन्नति हेतु ग्राम पंचायत बाबदड़ में चम्पालाल पिता सोमला को केसीसी कार्ड (सहकारिता विभाग) वितरित किया गया। अब उन्हें समिति के माध्यम से आसानी से खाद, बीज और नकद ऋण की सुविधा प्राप्त होगी। विद्यादान अभियान के तहत विद्यालयों का निरीक्षण प्रशासनिक अधिकारियों ने न केवल समस्याओं का समाधान किया, बल्कि विद्या दान अभियान के तहत शिक्षा की गुणवत्ता को भी परखा। नोडल अधिकारियों ने ग्राम कोटकिराड़ी, कुमठाना एवं बाबदड़ के शासकीय विद्यालयों का निरीक्षण किया और वहां छात्र-छात्राओं को अध्यापन कराकर उनका उत्साहवर्धन किया। द्वितीय चरण में किए गए कार्यों का मूल्यांकन क्लस्टर अनुश्रवण शिविर के द्वितीय चरण में शासकीय हाई स्कूल बाबदड़ में कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रथम चरण में किए गए कार्यों का मूल्यांकन किया गया। 34 पंचायतों में आयोजित शिविर में कुल 1465 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से 1254 आवेदनों का निराकरण किया गया।  

पहली बार ऑनलाइन ऐप से होगी गिद्ध गणना

भोपाल  प्रदेश व्यापी गिद्ध गणना 2025-26 में शीतकालीन गणना 20 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक सूर्योदय से सुबह 9.00 बजे तक प्रदेश के सभी 16 वृत्त एवं 09 टाईगर रिजर्व में गिद्ध गणना का कार्य वन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों, डब्लू डब्लू.एफ., डब्लू.आई.आई. के प्रतिभागियों के अतिरिक्त स्वंय सेवक एवं फोटोग्राफरों के द्वारा मिलकर किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना की शुरूआत वर्ष-2016 से की गई थी जिसमें 7,028 गिद्धों का आंकलन किया गया था। गिद्ध गणना वर्ष-2025 में शीतकालीन गणना में 12710 एवं ग्रीष्मकालीन गणना वर्ष-2025 में 9509 गिद्धों का आंकड़ा प्राप्त हुआ था। मध्यप्रदेश में कुल 07 प्रजातियों के गिद्ध पाये जाते हैं, जिसमें से 04 प्रजातियों स्थानीय हैं एवं 03 प्रजातियाँ प्रवासी हैं, जो ठंड के समाप्त होते ही वापस चली जाती हैं। प्रथम चरण की गणना तब की जाती है जब उपरोक्त सभी प्रजातियों के गिद्ध घोंसले बनाकर अपने अंडे दे चुके होते हैं या देने की तैयारी में होते हैं। इसी प्रकार से फरवरी माह आने तक इन घोंसलों में अंडों से नवजात गिद्ध निकल चुके होते हैं तथा वे उड़ने की तैयारी करते होते हैं। इसलिये गणना करने के लिये शीत ऋतु का अंतिम समय उचित होता है जिससे स्थानीय तथा प्रवासी गिद्धों की गणना हो जाए। इस बार गिद्धों की गणना के लिये प्रथम बार ऑनलाइन ऐप तयार किया गया है, जिसके माध्यम से गिद्धों की गणना की जा रही है। "ऐप" के माध्यम से गणना किये जाने पर आंकड़ों के संकलन एवं रिपोर्ट तैयार करने में आसानी होगी। गत वर्षों में गणना ऑफलाइन की जाती रही है। ऐप के माध्यम से गणना किये जाने के लिये मास्टर ट्रेनर्स, अशासकीय संस्थाओं एवं अधिकारियों/कर्मचारियों को ऑनलाईन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। गिद्धों की गणना के लिये गणनाकर्मी एवं स्वयंसेवक आदि सूर्योदय के तत्काल बाद प्रथम चरण में चयनित गिद्धों के घोंसलों के समीप पहुंच जाएंगे और घोंसलों के आसपास बैठे गिद्धों एवं उनके नवजातों की गणना ऐप के माध्यम से करेंगे। गणना के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि केवल आवास/विश्राम स्थलों पर बैठे हुए गिद्धों को ही गणना में लिया जाए। उड़ते हुए गिद्धों को गणना में नहीं लिया जाता है। इस वर्ष वन विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ पूरे प्रदेश के विभिन्न स्थानों में पक्षी विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, छात्र, फोटोग्राफर एवं स्थानीय नागरिक इस गणना में भाग ले रहे हैं। गणना उपरांत डाटा संकलन का कार्य वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में किया जावेगा।  

लड़कियों को धीरेंद्र शास्त्री की नसीहत: दुर्गा बनो, काली बनो, बयान पर छिड़ी बहस

ग्वालियर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने एकबार फिर लड़कियों से अपील की कि वे दुर्गा बने, काली बने मगर कभी बुर्के वाली न बने। मध्यप्रदेश स्थित ग्वालियर के डबरा में आयोजित नवग्रह शक्ति पीठ के प्रतिष्ठा महोत्सव में उन्होंने ये बयान दिया। महोत्व के दूसरे दिन कथा के दौरान शास्त्री ने यंग्यात्मक लहजे में समझाते हुए कहा 'मेरी सहेली बेकार थी, मेरा दोस्त बेकार था। अरे नकटी, दुर्गा, काली, त्रिपुर सुंदरी बेटियों, तुम दुर्गा बनो, तुम काली बनो, पर कभी बुर्के वाली न बनो।' शास्त्री ने संगत के प्रभाव पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा अक्सर अपनी संगत को अपनी स्थिति का कारण बताते हैं। हालांकि उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राम के राज्य में मंथरा नहीं सुधरी और रावण के राज्य में विभीषण कभी नहीं बिगड़ा। यह दर्शाता है कि संगत तभी असर डालती है जब स्वयं कोई कमी हो। शास्त्री ने कहा कि केवल सत्संग सुनने से जीवन नहीं सुधरता बल्कि उसे जीवन में उतारने से सुधार आता है। उन्होंने समझाया कि हनुमान जी को मानने से नहीं बल्कि उनकी बातों को मानने से कृपा प्राप्त होती है। एक जलते दीपक के पास बुझा दीपक रखने से वह भी प्रज्ज्वलित हो जाता है, उसी प्रकार सत्संग एक जलता हुआ दीपक है, और जब कोई व्यक्ति सत्संग में आता है, तो वह भी प्रकाशित हो जाता है। मन के एंटीवायरस को मिटाने के लिए सत्संग आवश्यक है। बताया कैसे मिलती है सफलता धीरेंद्र शास्त्री ने अच्छे आचरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि आचरण अच्छा होगा तो परमात्मा को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को 'इंस्टा रील' के चक्कर में अपना जीवन बर्बाद न करने की सलाह दी। शास्त्री के अनुसार सफलता 'रील लाइक' करने से नहीं, बल्कि 'रियल लाइफ' में पढ़ाई करने से मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि 18 से 25 वर्ष की आयु का युवा यदि इस दौरान नहीं बिगड़ता, तो वह कभी नहीं बिगड़ेगा,लेकिन जो इस आयु में बिगड़ गया, वह फिर कभी नहीं सुधरेगा। कथा सुनने आए डिप्टी सीएम और पूर्व गृहमंत्री आयोजित कार्यक्रम में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने भी कथा सुनने आए थे। नवग्रह शक्तिपीठ में दर्शन के बाद अभिनेता आशुतोष राणा आध्यात्मिक अनुभव से अभिभूत नजर आए। उन्होंने मंदिर की अनूठी वास्तुकला, वैज्ञानिक आधार और आध्यात्मिक महत्व की जमकर सराहना करते हुए इसे मध्य भारत की एक अद्वितीय धरोहर बताया। राणा ने कहा कि यह मंदिर अपनी तरह का पहला स्थान है, जहां नवग्रहों की इतनी भव्य स्थापना की गई है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि मंदिर की संरचना ऐसी बनाई गई है कि एक शिखर की छाया दूसरे पर नहीं पड़ती, जो वास्तु की दृष्टि से अत्यंत विशेष है।