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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में सहभागिता

निर्भय होकर एआई से प्रदेश के विकास की सभी संभावनाओं पर करेंगे काम प्रदेश में एआई बेस्ड डेटा सेंटर की स्थापना के लिए निवेशक आमंत्रित मध्यप्रदेश जल्द लांच करेगा स्टेट एआई मिशन कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सुशासन में एआई का करेंगे उपयोग धार्मिक पर्यटन बढ़ाने और सिंहस्थ महाकुंभ के समुचित नियोजन एवं प्रबंधन में करेंगे एआई का इस्तेमाल   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कोई भी नई तकनीक तभी सार्थक है, जब वह मानवता के हित में अवसरों से भरपूर और कारगर हो। हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को नवाचार के साथ सबके विकास, सामाजिक समरसता, सुशासन और देश-प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साधन के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल परिवर्तनों को अपनाकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में एआई कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन उद्योग और प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और आम नागरिक तक योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय एकता और सामूहिक संकल्प का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा। हम सब एकजुट होकर एआई के माध्यम से भारत को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। एआई तकनीक हमारे लिए अवसर भी है और जिम्मेदारी भी। शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन लांच करेगा, जो शासन प्रणाली, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों को तकनीक आधारित रूप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में सहभागिता की। उन्होंने भारत मंडपम् स्थित भोपाल मीडिया सेंटर में नेशनल मीडिया करेस्पांडेंट्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और इसके इस्तेमाल पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एआई से निर्भय होकर देश के हित में काम करने पर जोर दिया है। हमारी सरकार प्रदेश की समृद्धि के लिए सभी चुनौतियों से उबरकर तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें मध्यप्रदेश भी अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश, भारत का 5वां बड़ा राज्य है। राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में एआई की मदद से सही समय पर बीमारियों की पहचान और उनका निदान एवं सुदूर अंचलों तक बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश में नए-नए उद्योग स्थापित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त भूमि और पानी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई को “नये जमाने की नई वैज्ञानिक विधा” बताते हुए इसके जिम्मेदारीपूर्ण और मानवीय उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई तकनीकी प्रगति के माध्यम के साथ मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने का सशक्त साधन भी है। भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र के लिए यह आवश्यक है कि एआई का विकास और उपयोग भारतीय मानवीय मूल्यों के संरक्षण के साथ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में प्रतिभा, संसाधन और दृष्टि, तीनों का अद्वितीय संगम मौजूद है। सही दिशा में एआई का उपयोग कर हम अपने देश को वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी भूमिका में ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य इसकी तकनीकी श्रेष्ठता, नैतिकता, पारदर्शिता और समावेशिता में निहित है। यह हम पर है कि हम इसका उपयोग किस तरह, किस दिशा में और किस लक्ष्य के लिए कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रदेश देश के मध्य में स्थित है। हमारे पास पर्याप्त लैंड बैंक है। प्रदेश में एआई आधारित एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस डेटा सेंटर की स्थापना के लिए हमने बड़े निवेशकों और कम्पनियों को भी आमंत्रित किया है। एआई के जरिए प्रदेश के तकनीकी विकास और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को गति मिलेगी। प्रदेश के नागरिकों के कल्याण के लिए हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। किसानों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका क्रांतिकारी सिद्ध होगी। किसानों के लिए फसलों में होने वाली बीमारियों की सही समय पर जांच और उपचार करने से उत्पादन में लाभ मिलेगा। बहुफसलीय खेती को बढ़ाने, किसानों को बिजली-पानी और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और आवागमन सुगम बनाने सहित हर सेक्टर में एआई का भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के बड़े और छोटे शहरों में आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। हमारे युवाओं में टैलेंट की कमी नहीं है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। एआई के माध्यम से भी लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में एआई सेक्टर के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट सपोर्ट, इंडस्ट्री में उपयोग, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़कर इंडस्ट्री रिसर्च सेंटर को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम आगे बढ़ेंगे। एआई स्टार्ट-अप को सरकार के साथ काम करने का अवसर देने के लिए भी हम काम कर रहे हैं। एमएसएमई में नए शोध को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मध्यप्रदेश बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर नई संभावनाओं की ओर देख रहा है। इस सेक्टर में भी एआई के उपयोग को भविष्य में प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा राज्य कृषि क्षेत्र में समृद्ध होता जा रहा है। मध्यप्रदेश गेहूं और धान उत्पादन में अग्रणी है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए फल उद्यान, बागवानी फसलों और जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग हमारे सभी किसानों को एआई का भरपूर लाभ दिलाने में मदद करेगा। प्रदेश सरकार कृषि उत्पादन सहित हर सेक्टर में एआई के उपयोग के लिए तैयार है। एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर में भी एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य में सिकल सेल एनीमिया से लड़ने में भी एआई का लाभ लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के प्रदेश में सबसे … Read more

वन मंत्री केदार कश्यप ने चित्रकोट महोत्सव के दौरान किया बस्तर हेरिटेज मैराथन के लोगो का अनावरण

रायपुर बस्तर में खेल एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन आगामी 22 मार्च को किया जाएगा। चित्रकोट महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप ने बस्तर हेरिटेज मैराथन के आधिकारिक लोगो का अनावरण किया। कलेक्टर बस्तर ने बताया कि बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन 22 मार्च को किया जाएगा, जिसमें 5 किमी, 10 किमी, 21 किमी और 42 किमी की दौड़ प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता चित्रकोट जलप्रपात से प्रारंभ होकर कुरुषपाल तक 21 किमी जाकर वापस चित्रकोट में समाप्त होगी। पाँच किलोमीटर की दौड़ चित्रकोट से मारडूम चौक तक, दस किमी की दौड़ एसटीएफ कैम्प से वापस चित्रकोट तक होगी। वन मंत्री  कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि पहली बार बस्तर हेरिटेज मैराथन का आयोजन किया जा रहा है स यह केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं में फिटनेस, अनुशासन एवं सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की पहल है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी का आह्वान किया।  इस अवसर पर बस्तर सांसद  महेश कश्यप, विधायक  विनायक गोयल, पूर्व विधायक  लच्छूराम कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

तंबाकू पर सख्ती: सरकारी कार्यालयों में पूरी तरह बैन, पढ़ाई में जुड़ेगा एंटी-टोबैको पाठ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तंबाकू के बढ़ते प्रभाव को रोकने और युवा पीढ़ी को इसके चंगुल से बचाने के लिए एक 'ब्लूप्रिंट' तैयार किया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को 'तंबाकू मुक्त क्षेत्र' (Tobacco Free Zone) घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों की मान्यता के लिए अब तंबाकू मुक्त परिसर के नियमों का पालन करना अनिवार्य शर्त होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई 'राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम' की बैठक में राज्य स्तरीय समन्वय समिति ने कई फैसलों पर मुहर लगाई। तंबाकू की दुकानों के बीच 500 मीटर की दूरी का प्रस्ताव राज्य सरकार अब तंबाकू की उपलब्धता को कम करने के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को और सख्त करने जा रही है। मुख्य सचिव ने प्रस्ताव दिया है कि: दो तंबाकू विक्रेताओं की दुकानों के बीच कम से कम 500 मीटर की दूरी सुनिश्चित करने के नियम पर विचार किया जाए।      बिना वैध लाइसेंस के तंबाकू बेचना अब और भी मुश्किल होगा। स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगे दुष्प्रभाव मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि तंबाकू के खिलाफ जंग की नींव बचपन में ही रखनी होगी। इसके लिए रणनीति तैयार की गई है: प्राथमिक स्तर से ही तंबाकू के दुष्प्रभावों को पढ़ाई और सह-पाठ्यक्रम (Co-curricular) गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि तंबाकू के साथ जुड़े 'तथाकथित ग्लैमर' के भ्रम को तोड़ा जा सके।    किसी भी नए शिक्षण संस्थान को मान्यता तभी मिलेगी, जब वह 'तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान' के कड़े दिशानिर्देशों का पालन करेगा। स्वास्थ्य ढांचे को और प्रभावी बनाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं: चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे हर मरीज को तंबाकू छोड़ने की प्रभावी सलाह दे सकें।      सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एक तय समय सीमा के भीतर 'तंबाकू निषेध केंद्र' (Cessation Centers) स्थापित किए जाएंगे।      तंबाकू के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत बच्चों से ही करनी होगी। युवाओं में इसके बढ़ते आकर्षण को रोकने के लिए हमें इसके ग्लैमरस विज्ञापन वाले चेहरे को बेनकाब करना होगा।- एसपी गोयल, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश बैठक में ये रहे मौजूद इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त रोशन जैकब सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में 'कोटपा' (COTPA) अधिनियम, 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।  

छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, धैर्य, रणनीति और आदर्श नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है, इसलिए हम सभी को अपने जीवन में शिवाजी जैसा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी अद्भुत साहस और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया। अफजल खाँ के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी ने संकट को भांपकर धैर्य और रणनीति से निर्णय लिया और विजय प्राप्त की। इसी प्रकार शाइस्ता खान के विरुद्ध उनकी युक्तिपूर्ण रणनीति यह सिखाती है कि बड़े से बड़े शत्रु को भी सूझबूझ और साहस से पराजित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने साइंस कॉलेज मैदान पहुंचकर ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के मंचन के दौरान संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च आदर्शों वाले शासक भी थे। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों की आस्था का सम्मान किया और महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता जीजाबाई के संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का चरित्र हमें मर्यादा, नैतिकता और सम्मानजनक आचरण का संदेश देता है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए महाकवि भूषण की पंक्तियों का उल्लेख किया, जिनमें शिवाजी महाराज के पराक्रम और वीरता का अद्भुत वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है। राजधानी रायपुर में प्रारंभ हुआ ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का यह विशेष मंचन 22 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को साइंस कॉलेज मैदान में प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग तीन घंटे की यह भव्य प्रस्तुति छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की गाथा पर आधारित है, जिसमें सजीव दृश्य, विशाल मंच सज्जा और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से दर्शकों को ऐतिहासिक काल का जीवंत अनुभव कराया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के तत्वाधान में आयोजित इस महानाट्य के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में ऑडिशन आयोजित किए गए थे, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 40 स्थानीय कलाकारों का चयन किया गया। चयनित कलाकारों ने निर्देशक  योगेश शिरोले के मार्गदर्शन में गहन अभ्यास किया। स्थानीय कलाकारों में प्रांजल बक्षी, वर्तिका क्षीरसागर, कृति लाड, आकांक्षा  और आस्था काले सहित अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। मंचन के दौरान घोड़ों के साथ सैनिकों की टुकड़ी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही, वहीं ऊंटों को भी प्रस्तुति में शामिल किया गया। पुणे से आए तकनीकी विशेषज्ञ  कौशिक नाईक एवं  वैभव जोशी मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पारंपरिक प्रस्तुतियों में कोली गीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक आयामों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, महानाट्य ‘जाणता राजा’ के  अजीत राव आप्टे सहित महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

राजस्थान के विनोद जाखड़ बने NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष

जयपुर. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने राजस्थान की छात्र राजनीति के कद्दावर चेहरे विनोद जाखड़ को NSUI का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह न केवल विनोद जाखड़ के लिए, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है क्योंकि NSUI के 55 साल के इतिहास में पहली बार है जब कमान राजस्थान के किसी नेता को सौंपी है। विनोद जाखड़ वर्तमान में राजस्थान NSUI के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर जनवरी 2024 में विनोद जाखड़ को राजस्थान NSUI का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान: छात्र हितों का संघर्ष: उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी में आरएसएस (RSS) के कार्यक्रमों के विरोध से लेकर छात्रसंघ चुनाव बहाली तक कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया। जेल और संघर्ष: छात्र हितों की लड़ाई में उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा। शीर्ष नेतृत्व का भरोसा: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के 'यूथ विजन' में फिट बैठने के कारण उन्हें अब राष्ट्रीय स्तर पर यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजस्थान की राजनीति पर क्या होगा असर? विनोद जाखड़ की इस नियुक्ति के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं: जातीय समीकरण: कांग्रेस ने एक दलित युवा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर राजस्थान और देश के अन्य राज्यों में दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। युवा नेतृत्व: राजस्थान से पहली बार किसी का इस पद पर पहुँचना, प्रदेश के अन्य युवा छात्र नेताओं के लिए दिल्ली के दरवाजे खोलने जैसा है। संघर्ष की कहानी विनोद जाखड़ की कहानी किसी फिल्म की पटकथा से कम नहीं है। जयपुर के पास एक साधारण परिवार में जन्मे विनोद के पिता पेशे से मिस्त्री (प्लास्टर का काम करने वाले) हैं। बचपन का संघर्ष: जब विनोद 7 साल के थे, उनका परिवार काम की तलाश में जयपुर शिफ्ट हो गया। शिक्षा: उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा उसी स्कूल में प्राप्त की जहाँ उनके पिता मजदूरी करते थे। बाद में राजस्थान यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए वे छात्र राजनीति में सक्रिय हुए। दलित चेहरा: विनोद जाखड़ एससी (SC) वर्ग से आते हैं और वे राजस्थान कॉलेज के पहले दलित अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2018 की वो 'ऐतिहासिक' जीत विनोद जाखड़ की असली पहचान साल 2018 के राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव से हुई। उस समय NSUI ने विनोद को टिकट नहीं दिया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे। उन्होंने न केवल चुनाव जीता बल्कि पूरे प्रदेश की छात्र राजनीति में अपनी साख जमा ली। जीत के बाद वे पुनः कांग्रेस और NSUI के साथ जुड़ गए।  

रेस्क्यू ऑपरेशन सफल: रिहायशी इलाके से पकड़ा गया मगरमच्छ, अब जंगल सफारी में सुरक्षित

रायपुर मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू, जंगल सफारी में मिला नया आश्रय छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव द्वंद्व को कम करने की दिशा में वन विभाग ने एक और सराहनीय कार्य किया है। बलौदाबाजार जिले के ग्राम हरदी में तालाब में फंसे एक विशाल मगरमच्छ का सफल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित रूप से जंगल सफारी, नवा रायपुर में नया आश्रय दिया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में संपन्न हुआ। ग्राम हरदी के ग्रामीण तालाब में सामूहिक रूप से मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान उनके जाल में एक मगरमच्छ फंस गया। ऐसी स्थिति में घबराहट या किसी दुर्घटना की आशंका हो सकती थी, लेकिन ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। परिक्षेत्र सहायक गितेश बंजारे और टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को जाल से बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद पशु चिकित्सकों द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विशेषज्ञों की सलाह पर उसे जंगल सफारी, नवा रायपुर में सुरक्षित छोड़ा गया, जहां उसके लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। ग्रामीणों की सजगता बनी मिसाल       ग्राम हरदी के लोगों ने पहले भी अक्टूबर 2025 में हाथी के रेस्क्यू के दौरान जिम्मेदारी निभाई थी। इस बार भी उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाते हुए वन विभाग का पूरा सहयोग किया।   वन विभाग के कर्मचारियों नेहरू निषाद, भागी यादव, पीलू निषाद, राकेश ध्रुव तथा हरदी वन प्रबंधन समिति के सदस्यों ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया। शासन की योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव राज्य शासन की वन्यजीव संरक्षण संबंधी योजनाओं और जागरूकता अभियानों का ही परिणाम है कि अब ग्रामीण तत्काल सूचना देकर वन्यजीवों की सुरक्षा में भागीदार बन रहे हैं। इससे न केवल वन्यजीवों की जान बच रही है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आ रही है। वन विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है और शासन के निर्देशानुसार ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।         यह सफलता की कहानी बताती है कि जब शासन, प्रशासन और ग्रामीण मिलकर कार्य करते हैं, तो वन्यजीव संरक्षण का उद्देश्य प्रभावी रूप से पूरा होता है।

RJD के 14 सवालों का बिहार सरकार ने दिया जवाब

पटना. 19 फरवरी को आरजेडी के एक्स अकाउंट के जरिए एक पोस्ट शेयर किया गया था. इसमें लड़कियों के साथ राज्य के अलग-अलग जिलों में 14 आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया गया. राजद की ओर से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे. इस पोस्ट का जवाब आज बिहार सरकार की तरफ से दिया गया.     ज़िंदा ही तो हो, कोई मुर्दा तो नहीं!     कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते?     कुर्सी ही तो है, कोई अर्थी तो नहीं!     बेपरवाह भाजपा नीतीश सरकार     और लचर कानून व्यवस्था का हाल!     बिहार की बच्चियों के लिए एक एक साँस है मुहाल!! pic.twitter.com/BNWoP3vpCu     — Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) February 19, 2026 14 घटनाओं में कार्रवाई का किया जिक्र बिहार सरकार की तरफ से एक प्रेस रिलीज जारी किया गया. इस प्रेस रिलीज में उन 14 घटनाओं का जिक्र किया गया, जिसको लेकर राजद ने सवाल उठाया था. इसके साथ ही सभी मामलों में क्या कुछ कार्रवाई की गई, उसे बताया गया. बिहटा में 4 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में अभियुक्त गुड्डू कुमार की गिरफ्तारी की गई. किशनगंज में 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया. इस तरह से एक-एक कार्रवाई गिनवाई गई. राबड़ी देवी ने आज फिर उठाया सवाल बिहार विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है. विपक्ष का तरफ से लगातार आपराधिक घटनाओं से जुड़े मुद्दे को उठाया जा रहा है. शुक्रवार को भी लड़कियों के साथ अपराध का मुद्दा राबड़ी देवी ने उठाया. राबड़ी देवी ने कहा, बिहार में छोटी-छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो रहा है. कई मामलों में तो हत्याएं भी की जा रही हैं. इस दौरान राबड़ी देवी ने दावा किया कि 35 लड़कियों के साथ फरवरी महीने में ही ऐसी घटना हुई. इन मामलों में सरकार ने क्या कार्रवाई की? सरकार ने दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाया? इस तरह से राबड़ी देवी ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया. सदन की कार्यवाही से पहले राजद के विधायकों ने हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर हंगामा किया था. आज सत्र की कार्यवाही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे. लेकिन थोड़ी ही देर बाद वे चले गए.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम राज्य के स्थापना दिवस पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम राज्य के 39वें स्थापना दिवस पर दोनों राज्यों के प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलकामना करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परम्पराओं से समृद्ध अरुणाचल प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त बनाता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से सुसज्जित मिजोरम निरंतर विकास, शांति और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करता रहे। उल्लेखनीय है कि दोनों ही राज्यों की स्थापना 20 फरवरी 1987 को हुई थी। पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने से पहले यह दोनों ही अंचल केंद्र शासित प्रदेश हुआ करते थे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की पहल से 69.09 करोड़ की लागत से लरंग साय चौक-रामानुजगंज मार्ग का होगा फोरलेन चौड़ीकरण

रायपुर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल की पहल पर लरंग साय चौक से रामानुजगंज मार्ग तक 6.38 किलोमीटर सड़क के फोरलेन चौड़ीकरण निर्माण कार्य के लिए     69.09 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने जा रही है। इस स्वीकृति के लिए पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने क्षेत्र की जनता की ओर से मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री  अरुण साव तथा वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी जी के प्रति आभार व्यक्त किया है। मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस मार्ग के फोरलेन होने से क्षेत्र के नागरिकों को आवागमन में उल्लेखनीय सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने आगे कहा कि यह सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास की धुरी बनेगी। इससे व्यापार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और अधिक सुगम होगी तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा।  अग्रवाल ने आगे कहा कि राज्य सरकार आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है और सरगुजा क्षेत्र के समग्र विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। इस सड़क के उन्नयन से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मंत्री  अग्रवाल ने संबंधित विभाग को शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास कार्यों का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचे। इस सड़क के फोरलेन में परिवर्तित हो जाने से सरगुजा जिले में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र की आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा प्राप्त होगी। क्षेत्र की जनता ने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।

AI समिट बना सियासी अखाड़ा, कांग्रेस पर भड़कीं सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली  दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में चल रहे एआई समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस के इस प्रदर्शन को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बेहद ही शर्मनाक बताया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि भारत मंडपम में जारी 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' आज भविष्य की दिशा तय कर रहा है, लेकिन कांग्रेस द्वारा किया गया तमाशा बेहद शर्मनाक है। जब भी देश अपना सामर्थ्य दिखाता है या कोई बड़ा वैश्विक आयोजन होता है तो कांग्रेस को जैसे मरोड़ उठने लगती है और वह बाधा बनकर खड़ी हो जाती है। उन्होंने कहा कि विदेशी मेहमानों के सामने आज जो हुड़दंग मचाया गया, वह भारत की साख बिगाड़ने का कांग्रेस द्वारा सुनियोजित षड्यंत्र है। राहुल गांधी का नकारात्मक नेतृत्व एक सोची-समझी रणनीति के तहत देश की छवि धूमिल करने पर उतारू दिखाई देता है। यह कृत्य हर उस भारतीय को शर्मिंदा करने वाला है जो देश की प्रगति पर गर्व करता है। जनता देख रही है कि एक ओर भारत ‘प्रौद्योगिकी महाशक्ति’ बन रहा है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस केवल नकारात्मक राजनीति का स्मारक और सड़क छाप तमाशों की केवल खबर बनकर रह गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में नाटकीय प्रदर्शन कर विश्व समुदाय के सामने भारत की छवि धूमिल करने के प्रयास ने एक बार फिर कांग्रेस की राष्ट्र विरोधी विचारधारा को उजागर किया है। भारत का विरोध कर देश के दुश्मनों का एजेंडा चलाने वाली कांग्रेस ने आज करोड़ों देशवासियों के स्वाभिमान को चुनौती दी है। हालिया व्यापार समझौतों को लेकर भ्रम फैलाना हो या ऑपरेशन सिंदूर और गलवान पर वीर जवानों के पराक्रम पर सवाल उठाना, आज कांग्रेस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह एक कमजोर विपक्ष ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि राष्ट्रीय गौरव से ऊपर राजनीति नहीं हो सकती। राजनीतिक हताशा में देश की प्रतिष्ठा पर वार करना लोकतंत्र नहीं, राष्ट्र के सम्मान के खिलाफ साजिश है। जब देश विश्वस्तरीय एआई समिट की मेजबानी कर तकनीक, नवाचार और नेतृत्व की नई पहचान स्थापित कर रहा है, उस समय कांग्रेस के नेतृत्व में किया गया अशोभनीय प्रदर्शन न केवल गैर-जिम्मेदाराना बल्कि अत्यंत निंदनीय है। राजनीतिक विरोध के नाम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने का यह प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय गरिमा दोनों के विपरीत है। उन्होंने आगे कहा कि आज जब भारत विश्व की अग्रणी तकनीकी शक्तियों में स्थान बना रहा है, तब ऐसे कृत्य यह प्रश्न उठाते हैं कि क्या कुछ दलों के लिए दलगत राजनीति राष्ट्रहित से भी ऊपर है। भारत की प्रतिष्ठा और सम्मान किसी भी राजनीतिक एजेंडे से बड़े नहीं हैं, और उन्हें आघात पहुंचाने वाला हर व्यवहार स्पष्ट रूप से निंदनीय है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पोस्ट में लिखा कि यह बहुत निंदनीय और शर्मनाक है। यह बहुत शर्म की बात है कि कांग्रेस पार्टी इतने नीचे गिर गई है। आज भारत मंडपम में उन्होंने जो किया, वह उनकी भारत विरोधी हरकतों का प्रदर्शन है जो चरम पर है, और वे एक बार फिर बेनकाब हो गए हैं। यह दुनिया के सामने भारत के टेक लीडरशिप के ऐतिहासिक पल को रोकने के लिए एक सिस्टमैटिक, अच्छी तरह से प्लान की गई स्ट्रैटेजी थी। बहुत शर्म की बात है। हम ऐसी घटनाओं की कड़ी निंदा करते हैं और भारत के नाम और सम्मान को खराब करने की क्रूर कोशिश के लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।