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होटल से लेकर रेपिडो तक बना हमले का पूरा नेटवर्क, जांच में बड़ा खुलासा

रांची रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की साजिश और हमले की जांच में गिरफ्तार सायन अंसारी ने जेल जाने से पहले कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उसने बताया कि घटना से पहले वह अपने बचपन के दोस्त अमन अंसारी उर्फ गोलू और सैफ अंसारी उर्फ रोहित के साथ टुकटुक (टोटो) से आरएसएस कार्यालय की रेकी करने गया था। अमन ने पहले ही उसे उस स्थान का लोकेशन भेज दिया था और वह मौके का मुआयना कर चुका था। बाद में तीनों आरोपित रेपिडो से निवारणपुर पहुंचे और घटना को अंजाम देकर वापस कांटाटोली लौट आए। सायन के बयान से यह भी सामने आया है कि कांटाटोली स्थित एक होटल में अमन अंसारी के नाम से कमरा बुक किया गया था, जहां पेट्रोल बम तैयार किया गया था। ऑटो चालक है सायन अंसारी सायन अंसारी ने बताया कि वह टोटो चलाकर जीविका चलाता है। उसके पिता का टोटो है, जिसे वह चलाकर कमाई करता है। उसका ननिहाल लोहरदगा के आजाद बस्ती में है, जहां अमन अंसारी उर्फ गोलू का भी घर है। दोनों बचपन के दोस्त हैं और अमन जब भी रांची आता था तो उससे मुलाकात करता था। दिसंबर 2025 में सायन की शादी रुकसार परवीन से हुई थी और वह सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा था। सायन के अनुसार, अमन अंसारी ने उसे फोन कर कहा कि एक काम करना है, जिसके बदले 50 हजार रुपये और अतिरिक्त इनाम मिलेगा। इसके बाद अमन उसके घर आया। टुकटुक में ही सभी के बीच चर्चा हुई कि काम को अंजाम देने के लिए कुछ सामान की जरूरत है। सड़क किनारे होटल में खाना खाकर रिश्तेदार के घर गया था अमन सड़क के किनारे स्थित एक होटल में तीनों आतंकियों ने खाना खाया था। इसके बाद अमन कुछ देर के लिए अपनी खाला के घर गया। लौटने के बाद तीनों कांटाटोली स्थित एक होटल पहुंचे, जहां अमन अंसारी के नाम पर एक कमरा बुक कराया गया। होटल संचालक ने एक हजार रुपये लेकर तीन लोगों के ठहरने की व्यवस्था की। कमरे की बुकिंग के समय अमन ने अपना आधार कार्ड होटल में जमा किया था। होटल में कुछ देर रुकने के बाद तीनों नीचे उतरे और होटल के सामने स्थित पेट्रोल पंप के पास एक चाउमीन दुकान से 10 रुपये में चिली सास की खाली बोतल खरीदी। सायन ने बताया कि दुकानदार ने उन्हें यह भी कहा था कि किसी लड़ाई-झगड़े या किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं करना। उसी दुकान के बगल में एक बंद दुकान के बाहर कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतल पड़ी थी, जहां से उन्होंने स्प्राइट की एक खाली बोतल उठा ली। होटल से चादर लेकिन निकले थे आतंकी सैफ और अमन ने पहचान छिपाने के लिए होटल का तौलिया और बिस्तर पर बिछी हरे-सफेद रंग की चादरनुमा कपड़ा अपने चेहरे पर लपेट लिया। रात के समय सायन और अमन के मोबाइल फोन बंद हो गए थे। इसके बाद सैफ अंसारी के मोबाइल से रेपिडो बुक किया गया। जब रेपिडो चालक आया तो उससे भी सैफ के मोबाइल से ही बातचीत की गई। सायन ने बताया कि रेपिडो को पहले डोरंडा का लोकेशन दिया गया बाद में आरएसएस कार्यालय का दिया गया। इसके बाद रेपिडो चालक को निवारणपुर चलने के लिए कहा गया। लोकेशन के आधार पर तीनों निवारणपुर पहुंचे, जहां घटना को अंजाम दिया गया। इसके तुरंत बाद वे उसी रेपिडो से वापस कांटाटोली लौट आए। रेपिडो का 400 रुपये किराया अमन ने दिया। उसके पास खुले पैसे नहीं थे, इसलिए पास की एक दुकान से छुट्टा कराया गया। घटना के बाद तीनों फिर होटल लौट आए और तीनों ने राणा से तय 50,50 हजार रुपये की मांग की। इस पर राणा ने कहा कि पैसे अगले दिन सुबह दे दिए जाएंगे। हालांकि उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला। नगर निगम की निर्माणाधीन इमारत के पीछे छिपाया कपड़ा तीनों आतंकी घटना को अंजाम देने के बाद अगली सुबह करीब नौ बजे तीनों उठे और दस बजे होटल छोड़ दिया। होटल के नीचे स्थित एक कपड़े की दुकान पर जाकर उन्होंने सस्ते कपड़े खरीदने की कोशिश की, लेकिन वहां 100-150 रुपये के कपड़े नहीं मिले। इसके बाद दूसरी दुकान से 150-150 रुपये में कपड़े खरीदे गए। अमन और सैफ ने अपने पुराने कपड़े बदलकर सायन को दे दिए। बाद में तीनों ने उन कपड़ों को खादगढ़ा बस स्टैंड के पास नगर निगम की निर्माणाधीन इमारत के पीछे पहले से पड़े एक प्लास्टिक पोस्टर के अंदर छिपा दिया। पहले जाना था लखनऊ लेकिन डायरेक्ट ट्रेन नहीं होने से गए कानपुर सायन ने बताया कि राणा ने अमन और सैफ को लखनऊ जाने का निर्देश दिया था। जब दोनों ने ट्रेन की जानकारी जुटाई तो पता चला कि रांची से लखनऊ के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि दोपहर करीब पौने तीन बजे एक ट्रेन कानपुर जाती है। दोनों ने आपस में बातचीत कर कानपुर तक जाने और वहां से दूसरी ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंचने की योजना बनाई। उन्होंने सायन को भी साथ चलने का प्रस्ताव दिया, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद वह अपने घर लौट गया, जबकि अमन और सैफ रेलवे स्टेशन की ओर निकल गए

ट्रेन से उतरते समय हुआ झगड़ा, उज्जैन में युवक को चाकू मारे; नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती

उज्जैन. नर्मदा एक्सप्रेस के जनरल कोच में युवक पर जानलेवा हमला हो गया। कोच के गेट पर खड़े एक युवक को भीड़ में धक्का लग गया था। इस पर उसने चाकू निकालकर युवक पर हमला कर दिया। दोस्तों ने घायल को बचाया और आरोपित को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। उपचार के लिए घायल को चरक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां उसकी हालत नाजुक होने पर उसे इंदौर रैफर किया गया है। जीआरपी ने बताया कि अंशुमान पुत्र दिलीप कुमार तिवारी उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम सिलोटा रामनगर जिला बाराबंकी उत्तर प्रदेश किसी काम से इंदौर आया था। जहां से वह शुक्रवार को अपने साथियों के साथ ट्रेन संख्या 18233 नर्मदा एक्सप्रेस के जनरल कोच में इंदौर से उज्जैन की यात्रा कर रहा था। कोच में बहुत अधिक भीड थी। उज्जैन स्टेशन पर उतरने के लिए तिवारी कोच के गेट पर खड़ा था। ट्रेन की गति अचानक से धीमी होने के कारण तिवारी सामने खड़े एक व्यक्ति से टकरा गया था। जिससे आक्रोशित होकर सामने वाले व्यक्ति ने उसे गालियां देना शुरू कर दी थी। तिवारी ने उसे गाली देने से मना किया तो उसने जेब से चाकू निकालकर तिवारी पर हमला कर दिया। सिर में कान के पीछे और पेट पर चाकू लगने से तिवारी घायल हो गया। तिवारी ने चाकू पकड़ लिया था। इससे उसके हाथ में भी चोट लग गई थी। महाकाल मंदिर क्षेत्र में तिलक लगाता है आरोपित तिवारी के साथी देवा राजपूत ,लवलीन पांडे, और रामनाथ गुप्ता ने उसे बचाया। चाकू मारने वाले आरोपित ने अपना नाम अरुण वर्मन उर्फ लल्ला बताया था। घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां से उसे इंदौर रैफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धारा 115(2),118(1),296(b), 351(2),बीएनएस व 25 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। जीआरपी ने बताया कि आरोपित अरुण महाकाल मंदिर क्षेत्र में दर्शनार्थियों को तिलक लगाने का काम करता है।

मुख्यमंत्री साय का आह्वान- रोज़मर्रा की जिंदगी में अपनाएं योग, बनेगा स्वस्थ समाज

अम्बिकापुर/रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं,  युवाओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की सनातन ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को आत्मबल, अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” वर्तमान समय की आवश्यकता को प्रतिबिंबित करती है। तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग प्रत्येक आयु वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से सजग और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है, इसलिए योग को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर जीवन का हिस्सा बनाना होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा रखे गए प्रस्ताव को रिकॉर्ड समय में व्यापक समर्थन प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि विश्व ने भारतीय ज्ञान परंपरा और योग की उपयोगिता को स्वीकार किया है। आज 21 जून को पूरी दुनिया जिस उत्साह से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है, वह भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक नेतृत्व का गौरवशाली उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योग स्वास्थ्य और आरोग्य की ऐसी विश्वसनीय साधना है, जो जीवन के हर चरण में व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है। योग शरीर को निरोग, मन को शांत और विचारों को सकारात्मक बनाता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, अनिद्रा और मोटापे जैसी जीवनशैली जनित समस्याओं से बचाव में योग अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी आज योग की उपयोगिता को स्वीकार कर रहा है और इसे बेहतर स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है। मुख्यमंत्री ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया। भगवान शिव को आदियोगी के रूप में स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना में योग सदियों से जीवन का अभिन्न अंग रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का संदेश देकर संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार योग के व्यापक विस्तार और संस्थागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से योग विषय को समाज कल्याण विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि योग आयुष पद्धति का महत्वपूर्ण अंग है और इस निर्णय से योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा जनजागरूकता गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य योग को गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है ताकि स्वस्थ जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। विद्यालयों में योग को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक योग से नहीं जुड़ पाए हैं, वे आज से इसकी शुरुआत करें, क्योंकि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कोई भी समय देर नहीं होता। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि योग को घर-घर तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग प्रदेश में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जनजातीय युवाओं की शिक्षा और भविष्य को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं द्वारा यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें देश और समाज के नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व है और इसी समय योगाभ्यास करना सबसे अधिक लाभकारी माना गया है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है। इस अवसर पर विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, आयुष विभाग के संचालक राजेंद्र कुमार कटारा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।

एक दिन नहीं, पूरे 365 दिन योग: चंडीगढ़ में नई पहल से फिटनेस पर जोर

चंडीगढ़. 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय समारोह उत्साह और जनभागीदारी के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और नागरिकों से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" रही। इस अवसर पर कोलकाता के रेड रोड से आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग मानवता को जोड़ने वाली शक्ति है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को जीवन के हर चरण में स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समारोह को संबोधित करते हुए प्रशासक कटारिया ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक ऐसी पद्धति है जो शरीर को स्वस्थ, मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाए रखने में सहायक है। उन्होंने कहा कि योग का नियमित अभ्यास लोगों को अधिक स्वस्थ और प्रसन्न जीवन जीने में मदद करता है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन अपनी ‘योग 365’ पहल के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक योग पहुंचाने के लिए कार्य कर रहा है, ताकि योग केवल एक दिन का आयोजन न रहकर पूरे वर्ष की जीवनशैली बन सके। उन्होंने समेकित अस्पतालों, मोबाइल चिकित्सा इकाइयों और विभिन्न आयु वर्गों के लिए चलाए जा रहे वेलनेस कार्यक्रमों के माध्यम से आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चंडीगढ़ के युवा योगासन खिलाड़ियों अनुष्का शर्मा, अभय मिश्रा और देव को सम्मानित किया गया। इसके अलावा शहर में योग के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 14 संगठनों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया। प्रशासक ने आयुष विभाग, योग प्रशिक्षकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों के योगदान की सराहना करते हुए विशेष रूप से युवाओं से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध चंडीगढ़ के निर्माण में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर महापौर सौरभ जोशी, वित्त सचिव दिप्रवा लकड़ा, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, खेल सचिव प्रेरणा पुरी, सचिव (आतिथ्य) स्वप्निल एम. नाइक, उपायुक्त निशांत कुमार यादव सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक एवं योग प्रेमी उपस्थित रहे।

पटना में अस्पताल का फायर ऑडिट फिर फेल, ऑटोमैटिक सिस्टम और इमरजेंसी निकास अब भी अधूरे

पटना नोटिस मिलने के बावजूद खान सर के अस्पताल में फायर सेफ्टी से जुड़े खामियों को अब तक दूर नहीं किया जा सका है। सात जून को अग्निशमन विभाग ने खान सर के पटना स्थित अस्पताल में फायर सेप्टी के लिए किए गए इंतजामों की ऑडिट की थी। लेकिन इस ऑडिट में कई कमियां उजागर होने के बाद अस्पताल प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। अब अग्निशमन विभाग ने एक बार पिर शनिवार को अशोक राजपथ स्थित खान सर के अस्पताल का ऑडिट किया। अग्निशमन अधिकारियों ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में एक बार फिर आग से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं मिले। इसके बाद विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को दोबारा नोटिस जारी कर खामियां दूर करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। अग्निशमन विभाग की ओर से 14 दिन पहले भी ऑडिट की गई थी। उस वक्त वहां आग से बचाव के पर्याप्त उपाय नहीं होने पर प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। पिछली बार विभाग ने कई सुझाव दिए थे। उसकी प्रगति काफी धीमी पाई गई है। अब 10 दिन बाद एक बार फिर अस्पताल का निरीक्षण किया जाएगा। विभाग ने अशोक राजपथ के एनी बेसेंट रोड स्थित खान सर के अस्पताल का पहली बार सात जून को ऑडिट किया। इस दौरान वहां आग से बचाव के पर्याप्त प्रबंध नहीं पाए गए थे। अस्पताल में ऑटोमेटिक फायर अलार्म सिस्टम, फिक्सड फायर फाइटिंग सिस्टम, आपातकालीन निकास, तय संख्या में पोर्टेबल अग्निशमन सिलेंडर व भूमिगत पानी की टंकी की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी कर 10 दिनों में आग से सुरक्षा की सारी व्यवस्था का निर्देश दिया था। नोटिस के 14 दिन पूरा होने पर लोदीपुर अग्निशमन केंद्र प्रभारी इंद्रजीत कुमार के नेतृत्व में अग्निशमन कर्मी शनिवार की दोपहर दोबारा खान सर के अस्पताल पहुंचे थे। अग्निशमन कर्मियों ने वहां आग से बचाव के किए जा रहे कार्य को देखा। निरीक्षण में अग्निशमन की टीम ने पाया कि पिछली बार जो हिदायत दी गई थी, उसमें धीमी गति से कार्य कराया जा रहा है। इंद्रजीत कुमार ने बताया कि अस्पताल में अभी भी काफी कमियां है। विभाग ने फायर निकास निर्माण का सुझाव दिया था। यह कार्य अभी अधूरा है। ऑटोमेटिक फायर डिटेक्टर और स्प्रिंकलर सिस्टम भी नहीं लगाया गया है। लिहाजा विभाग ने व्यवस्था के लिए अस्पताल प्रबंधन को दोबारा से 10 दिन का समय दिया है। उन्होंने बताया कि रोजाना अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इसलिए फायर सेफ्टी व्यवस्था में किसी प्रकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  खान सर  की अग्रिम जमानत 25 तक बढ़ी इधर खान ग्लोबल कोटिंग इंस्टीच्यूट परिसर में फायरिंग से जुड़े एक केस का सामना कर रहे खान सर उर्फ फैजल खान की अग्रिम जमानत पर सुनवाई के लिए पुलिस ने शनिवार को अदालत के समक्ष सील बंद लिफाफे में कांड की केस डायरी और साक्ष्य पेश किया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रुपेश देव की अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी सुनवाई हुई। अदालत ने अग्रिम जमानत अर्जी पर सरकार की ओर से बहस करने की तैयारी के लिए सील बंद केस डायरी और साक्ष्य को लोक अभियोजक राजेश कुमार को सौंप दिया। लोक अभियोजक ने सील बंद केस डायरी प्राप्त की। 23 जून को केस डायरी और साक्ष्य सील बंद लिफाफा कोर्ट को सौंप देंगे। अदालत ने फैजल खान के खिलाफ दंडात्मक कारवाई पर रोक को 25 जून तक बढ़ा दी। इससे पहले कोर्ट ने 9 जून को अग्रिम जमानत पर सुनवाई के बाद फैजल खान के खिलाफ दंडात्मक कारवाई पर रोक लगा दी थी, और उनके दो गार्ड के खिलाफ पुलिस ने कदमकुंआ थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी कांड में फैजल खान के दो गार्ड को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

5000 साधकों ने किया योगाभ्यास, मध्यप्रदेश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन

जबलपुर राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हम भारत की उस महान योग परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग प्रदान किया है। योग विश्व समुदाय को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल उपहार है। यह हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है। जिस भारतभूमि ने पूरे विश्व को योग का अमूल्य ज्ञान प्रदान किया, आज उसी पावन धरती से स्वास्थ्य, संतुलन, शांति और आत्मकल्याण का संदेश पुनः समस्त विश्व में प्रसारित किया जा रहा है। “योग स्वस्थ आयु के लिए” थीम पर राष्‍ट्रीय स्‍तरीय कार्यक्रम कलकत्‍ता में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के मुख्‍य आतिथ्‍य में आयोजित किया गया। साथ ही राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम महामहिम राष्‍ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु के मुख्‍य आतिथ्‍य में जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड में राज्यस्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के कोलकाता से आयोजित कार्यक्रम का लोगो ने सजीव प्रसारण देखा व सुना। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्‍यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्‍यसभा सांसद सुमित्रा वाल्‍मीक, सांसद आशीष दुबे, विधायक सर्वश्री अजय विश्‍नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्‍नू, मुख्‍य सचिव अनुराग जैन, मध्‍यप्रदेश तीर्थ क्षेत्र एवं मेला प्राधिकरण अध्‍यक्ष विनोद गोंटिया, भाजपा नगर अध्‍यक्ष रत्‍नेश सोनकर, भाजपा ग्रामीण अध्‍यक्ष राजकुमार पटेल, भाजपा प्रदेश कोषाध्‍यक्ष अखिलेश जैन, प्रदेश महिला भाजपा अध्‍यक्ष अश्विनी परांजपे, नगर निगम अध्‍यक्ष रिकुंज विज,  संभागायुक्‍त धनंजय सिंह, कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्‍याय, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा लगभग 5 हजार योग साधकों ने सहभागिता कर सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामहिम राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग उसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है। ‘योग’ शब्द का अर्थ है जोड़ना  व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और सम्पूर्ण मानवता को व्यापक विश्व चेतना से जोड़ना। योग एक सशक्त माध्यम है, जो हमें आंतरिक शांति, संतुलन और सामूहिक कल्याण की दिशा में आगे बढ़ाता है। आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस पहल से योग को विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में नई पहचान और व्यापक स्वीकार्यता मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। योग अब जीवन शैली का अंग बनता जा रहा है। विदेशों में भी योग के प्रति लोगों का आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है, और यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रेरक उदाहरण है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” है। यह थीम समाज के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सक्रियता, आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन में योग की उपयोगिता को रेखांकित करती है। योग बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में बहुत सहायक है। योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है। आज की व्यस्त जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां हमारे सामने एक बड़ी चुनौती हैं। इनकी रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य के लिए योग एक सरल, प्रभावी और सुलभ उपाय है। यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। सामूहिक प्रयासों से योग जन-जन तक पहुंचेगा और सामूहिक मानवता के कल्याण का आधार बनेगा। उन्‍होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों को योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्‍प दिलाया। योग को दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें – राज्यपाल मंगुभाई पटेल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमयी बनाने की पद्धति है। भारतीय ज्ञान परंपरा ने स्वस्थ जीवन का जो मार्ग दिखाया था, आज पूरी दुनिया उसे अपना रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भारतीय योग को अंतरराष्ट्रीय सम्‍मान दिया गया। योग को पूरी दुनिया में सम्मान दिलवाने में प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता के प्रति आभार व्यक्त करना हम सभी का कर्तव्य है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्राणायाम के जरिए हम नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच को  अपनाते हैं। ध्यान हमें अपने अंदर झांकने का अवसर देता है और मन की शांति प्रदान करता है। रोजाना केवल 20 से 30 मिनट का योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायाम हमारे लिए प्रभावी और सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सरल माध्यम है। आज  योग को आत्मिक उन्नति का माध्यम बनाकर दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें। स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और योग बने जीवन का धन। यही विकसित भारत का पथ है। वैश्विक शांति के लिए योग  एकमात्र उपाय – मुख्यमंत्री डॉ यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम -योग फॉर हेल्दी एजिंग है। योग दिवस वैश्विक शांति और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह सुखद संयोग बना है, इस वर्ष राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी कोलकाता से किया गया । दुनिया के करीब 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया , 210 से अधिक दूतावासों ने भी  भागीदारी की । भारत ने योग के रूप में दुनिया को मानव कल्याण का उपहार सौंपा है। योग का अर्थ है जोड़ना, भारत ने अपने ज्ञान- विवेक और विचार से सदैव सभी को … Read more

स्वास्थ्य मंत्री के आग्रह पर सीएम सम्राट चौधरी का ऐलान, शिक्षा व्यवस्था में जुड़ेगा योग

नई दिल्ली  भारत समेत पूरी दुनिया में विश्व योग दिवस की धूम है। रविवार यानी 21 जून को दुनिया भर में लोगों ने अलग-अलग जगहों पर योग किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग किया और देशवासियों के स्वस्थ रहने की कामना की है। बिहार में भी योग दिवस को लेकर लोगों में उत्साह नजर आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित कंकड़बाग पाटलिपुत्र खेल परिसर में योग दिवस पर योग किया। उनके साथ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, सांसद ललन सिंह पूर्व मंत्री मंगल पांडेय समेत कई नेताओं ने योग किया है। इस बेहद ही खास मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मुख्यमंत्री से एक मांग की जिसे लेकर सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान भी किया। दरअसल बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मैंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अनुरोध किया है कि बिहार के जितने भी स्कूल और कॉलेज हैं उसके पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में योग से संबंधित आधे घंटे का एक प्रोग्राम होना चाहिए जिसमें योग, ध्यान इत्यादि चीजें कराई जाए। हालांकि, इसके लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाएगा बल्कि यह छात्रों की इच्छा पर निर्भर करेगा कि अगर उन्हें करना है तो इसे करें या ना करें। इसके लिए हाजिरी बनाने या फिर क्लास करने की भी जरूरत नहीं होगी और ना ही इसकी परीक्षा होगी। सम्राट चौधरी ने किया बड़ा ऐलान निशांत कुमार के इस आग्रह पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य के स्कूल-कॉलेजों में योग के पाठ्यक्रम को शामिल किया जाएगा। सीएम ने कहा कि जिस जिले से मैं आता हूं उसी जिले से योग का केंद्र दुनिया में गया और दुनिया के लोग आज भी मुंगेर की धरती पर आते हैं और योग को दुनिया भर में फैलाने का काम करते हैं। इसलिए मैं सबसे स्वस्थ रहने की कामना करता हूं। सरकार का एक बड़ा बजट इसमें खर्च होता है और सरकार चाहती है कि आप स्वस्थ रहें तथा आपके जीवन में खुशहाली रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत से जोड़ना पड़ा ताकि देश स्वस्थ रहे। इसके बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि हमारे मंत्री का विशेष आग्रह है कि योग को हमारे पाठ्यक्रम में जोड़ना चाहिए। इसलिए मैं जरूर यह कहता हूं कि हमारे यहां जो पीटी की व्यवस्था है और तमाम जो अन्य कार्य स्कूल-कॉलेज में किए जाते हैं तो अब साल से मैं जरूर निर्देशित करूंगा कि योग को भी अपने पाठ्यक्रम में जोड़कर इसको आगे बढ़ाने का काम करें। हमारा जीवन तब ही सफल होगा जब हम स्वस्थ रहें। आप अगर अपने जीवन में अगर योग का सहारा लेंगे तो जीवन की उन्नति खुद-ब-खुद बढ़ जाएगी।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की कार्रवाई, पिकअप वाहन चालक पर जांच के आदेश

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने महासमुंद जिले के प्रवास के दौरान तुमगांव थाना क्षेत्र में बाल श्रम का मामला पकड़ा। सड़क पर एक पिकअप वाहन में बैंड पार्टी द्वारा 6 नाबालिग लड़कों को श्रम के लिए ले जाते देख उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया।   मौके पर अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा आधे फोन घंटे उपस्थित रही । डॉ. शर्मा ने मौके से ही एसजेपीयू (स्पेशल जूविनाइल पुलिस ऑफिसर), डीपीओ एवं डीसीपीओ की टीम को निर्देशित कर सभी 6 बच्चों को रेस्क्यू कराया। बच्चों को सुरक्षित तुमगांव थाना भिजवाया गया। साथ ही बाल श्रम में प्रयुक्त वाहन क्रमांक CG06GM4266 पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बाल श्रम जैसी लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चाइल्डलाइन की टीम को लगातार निरीक्षण एवं निगरानी रखने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।   आयोग निश्चित ही बाल अधिकार संरक्षण नियम 2005 के तहत धारा 13 एवं सहपठित धारा 14 के तहत विषय में संज्ञान लेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा एवं बाल श्रम उन्मूलन के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर निकली साइकिल रैली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में दिखा स्वास्थ्य के प्रति उत्साह

कवर्धा. कबीरधाम जिले का एक ऐसा गांव, जहां के लोग वर्षों तक अपने ही गांव का नाम बताने में झिझक महसूस करते थे, लोगों को उपहास का सामना करना पड़ता था, क्योंकि गांव का नाम गधहाभाटा था। अब गांव का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर सोनपुर करने से ग्रामीणों की यह पीड़ा खत्म हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इसका राजपत्र में प्रकाशन भी किया जा चुका है। इसी खुशी के मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्राम सोनपुर पहुंचे और ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपकर नई पहचान के लिए बधाई दी। इस दौरान उन्होंने गांव के विकास के लिए 7 लाख 50 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा भी की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सिर्फ गांव का नाम ही नहीं बदला है, बल्कि अब सोनपुर की तस्वीर भी बदल रही है। गांव में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने गांव का नाम परिवर्तन होने पर उपमुख्यमंत्री का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गधहाभाटा नाम होने के कारण उन्हें कई जगह शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ती थी। लोग मजाक उड़ाते थे, जिसका असर सामाजिक रिश्तों और बच्चों के विवाह संबंधों पर भी पड़ता था। अब गांव का नाम सोनपुर होने से ग्रामीण गर्व के साथ अपनी पहचान बता सकेंगे।

अयोध्या विवाद के बाद बड़ा फैसला, MP के मंदिरों में लागू होगा QR कोड आधारित दान सिस्टम

खंडवा. अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दान राशि को लेकर उठे विवाद के बीच मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की दान और प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है। देश के प्रतिष्ठित मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर नया मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसे महाकाल एवं ओंकारेश्वर सहित प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में लागू किया जाएगा। दान और चढ़ावे का होगा पारदर्शी प्रबंधन ओंकारेश्वर प्रवास पर पहुंचे धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्कृति तथा पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे के पारदर्शी प्रबंधन को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी, जो देश के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के विश्वास और आस्था की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उज्जैन और ओंकारेश्वर की सतत निगरानी मौजूदा व्यवस्था ओंकारेश्वर दान पेटियां प्रशासन और मंदिर समिति की मौजूदगी में तय दिनों पर खोली जाती हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होती है। शीघ्र दर्शन से प्राप्त राशि पूरी तरह ऑनलाइन जमा होती है। दान राशि के उपयोग और गणना पर सतत निगरानी रखी जाती है। महाकाल मंदिर नकद, ऑनलाइन और क्यूआर कोड से दान की व्यवस्था है। भेंट पेटियों की राशि पारदर्शी कांच कक्ष में सीसीटीवी निगरानी के बीच गिनी जाती है। बैंक कर्मचारी राशि सीधे मंदिर खाते में जमा करते हैं। दान राशि से श्रद्धालु सुविधाएं, निर्माण कार्य और सेवा प्रकल्प संचालित होते हैं। आय-व्यय की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अलग-अलग प्रकल्पों की पृथक लेखा व्यवस्था विकसित की जा रही है। पारदर्शिता के प्रमुख उपाय दान पेटियों की निगरानी वीडियोग्राफी और सीसीटीवी रिकार्डिंग ऑनलाइन दान और क्यूआर कोड व्यवस्था बैंक के माध्यम से राशि जमा आय-व्यय का पृथक लेखा-जोखा प्रशासनिक निगरानी में गणना प्रक्रिया।