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मतदाता सूची में तार्किक विसंगति वाले मतदाता 13 फरवरी तक कराएं सत्यापन

दुर्ग. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार और सर्वोच्च न्यायालय के 29 जनवरी के आदेश के परिपालन में दुर्ग जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. उप जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम ‘तार्किक विसंगतियों’ की श्रेणी में आए हैं, वे 13 फरवरी 2026 तक अपना सत्यापन अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें. 10 दिनों के भीतर दर्ज करें आपत्ति: प्रभावित मतदाता सूची प्रदर्शित होने की तिथि से 10 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां या दस्तावेज जमा कर सकते हैं. यह प्रक्रिया व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि (बीएलए सहित) के माध्यम से पूर्ण की जा सकती है. इसके लिए निर्वाचक / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ/ एईआरओ) के कार्यालय में संपर्क करना होगा. सुनवाई का अंतिम अवसर : उप जिला निर्वाचन अधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रभावित मतदाताओं को न केवल दस्तावेज जमा करने, बल्कि व्यक्तिगत सुनवाई का भी अवसर दिया जा रहा है. अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर किए जा रहे इस पुनरीक्षण का उद्देश्य एक शुद्ध और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है . अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी को : कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील की है कि वे समय सीमा का ध्यान रखें. यदि 13 फरवरी 2026 तक सत्यापन कार्य पूर्ण नहीं कराया जाता है, तो मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन (21 फरवरी 2026 ) में संबंधित नाम शामिल नहीं हो सकेंगे.

सीएम योगी का मिशन विलेज: अब ग्लोबल होगा यूपी का शहद, महिलाएं लॉन्च करेंगी अपना ब्रांड, देश-दुनिया में मिलेगी पहचान

यूपी में एक लाख ग्रामीण महिलाओं के जीवन में मिठास घोलेगा शहद सीएम योगी का मिशन विलेज: अब ग्लोबल होगा यूपी का शहद, महिलाएं लॉन्च करेंगी अपना ब्रांड, देश-दुनिया में मिलेगी पहचान एक लाख ग्रामीण महिलाएं बनेंगी शहद उद्यमी, आय में एक लाख रुपये की सालाना वृद्धि का लक्ष्य 'डबल' मुनाफा : मधुमक्खियां बढ़ाएंगी फसल की पैदावार, बदलेगी खेती किसानी की तस्वीर लखनऊ  उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और खेती-किसानी को नई ताकत देने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मधुमक्खी पालन कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों की उत्पादकता भी बढ़ाएंगी। योजना के अंतर्गत आगामी तीन वर्षों में एक लाख महिला मधुमक्खी पालक तैयार की जाएंगी। इसके तहत प्रत्येक महिला उद्यमी की आय में प्रति वर्ष एक लाख रुपये तक की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। मधुमक्खियों द्वारा परागण से गेहूं, सरसों, दलहन-तिलहन और बागवानी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यूपी का शहद वैश्विक पहचान बनाएगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन विलेज के तहत अब यूपी का शहद वैश्विक पहचान बनाएगा। महिलाएं शहद का अपना ब्रांड विकसित करेंगी और शहद व अन्य उत्पादों के विपणन से प्रदेश के आर्थिक विकास में साझीदार बनेंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाओं का आत्मनिर्भरता का सपना साकार होगा। इस योजना के जरिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और उद्यमियों को बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि यूपी का शहद देश-दुनिया में गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बने।

दिल्ली से 15 दिन में 800 बच्चे लापता, क्या हुआ? वसीम और ऋतिक के घर में ग़म का माहौल

नई दिल्ली आधी रात का वक्त था, वसीम चैन से सोया था, पर अगली सुबह जब सूरज की पहली किरण बुराड़ी की गलियों में पहुंची तो वह बिस्तरों से गायब था. दिल्ली की सड़कों पर पहरा देने वाली पुलिस की नाक के नीचे महज 15 दिनों में 800 बच्‍चे गायब हो चुके हैं. कहीं संगीत का जुनून पालने वाला वसीम अपना हारमोनियम लेकर अंधेरे में खो गया, तो कहीं JEE की तैयारी कर रहा होनहार ऋतिक एक डांट के बाद सिस्टम की सुस्ती की भेंट चढ़ गया. यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं बल्कि उन बिलखती मांओं की चीख है जिनकी आंखें दरवाजे पर पथरा गई हैं. पुलिस की फाइलें लेटर लिखने में हफ्ता गुजार देती हैं और इधर मेट्रो की फुटेज से लेकर मासूमों के सुराग तक सब कुछ हमेशा के लिए मिट जाता है. क्या दिल्ली अब अपने ही बच्चों के लिए एक डरावना भूलभुलैया बन चुकी है? देश की राजधानी दिल्ली में लापता बच्चों की बढ़ती संख्या ने न केवल पुलिस महकमे को बल्कि आम जनता को भी हिलाकर रख दिया है. आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में महज 15 दिनों के भीतर 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है.  दिल्ली के बुराड़ी पहुंची, तो वहां दो परिवारों का दर्द सामने आया, जिनके बेटे दिसंबर महीने से लापता हैं. केस स्टडी 1: वसीम रजा का संगीत का सपना और अधूरी तलाश बिहार के किशनगंज से आकर बुराड़ी के मौर्य एनक्लेव में रहने वाले तेमुल हक और रूबी का 19 वर्षीय बेटा वसीम रजा 28 दिसंबर की सुबह से गायब है. • विवाद की जड़: वसीम को सिंगिंग का जुनून था लेकिन परिवार चाहता था कि वह AC रिपेयरिंग का काम सीखे. • गायब होने का घटनाक्रम: 27 दिसंबर की रात वसीम घर पर ही सोया था. सुबह 9 बजे वह घर में नहीं था और अपना हारमोनियम साथ ले गया था. • पुलिस पर सवाल: वसीम के पिता का कहना है कि पुलिस ने गली या उसके बाहर की CCTV फुटेज तक नहीं निकाली. • मां का दर्द: “जिसका बच्चा जाता है, उसके दिल पर क्या गुजरती है. वोट मांगने आते हैं तो सब छान मार देते हैं, लेकिन बच्चे के वक्त सुनवाई नहीं होती.” केस स्टडी 2: ऋतिक झा और सिस्टम की लेटलतीफी बुराड़ी के संत नगर का 16 वर्षीय ऋतिक झा JEE मेंस की तैयारी कर रहा था. 17 दिसंबर को मां की डांट के बाद वह घर से निकला और फिर कभी नहीं लौटा. • खोया हुआ मौका: ऋतिक की आखिरी लोकेशन नेताजी सुभाष पैलेस (NSP) मेट्रो स्टेशन पर मिली थी. • फुटेज का संकट: पुलिस को मेट्रो को पत्र लिखने में 7 दिन लग गए. तब तक मेट्रो की पुरानी फुटेज डिलीट हो चुकी थी. • मां का डर: ऋतिक की मां बेबी झा को डर है कि उनके बेटे का अपहरण हो गया है. आंकड़ों का आईना: दिल्ली में गायब होती सुरक्षा वसीम के पिता तेमुल हक का सवाल जायज है कि अगर 15 दिनों में 800 लोग गायब होंगे, तो दिल्ली खाली हो जाएगी. लापता व्यक्ति    उम्र       क्षेत्र                           लापता होने की तिथि वसीम रजा       19 साल    मौर्य एनक्लेव, बुराड़ी    28 दिसंबर ऋतिक झा       16 साल    संत नगर, बुराड़ी          17 दिसंबर सिस्टम की सुस्ती और परिवारों का इंतजार इन दोनों ही मामलों में परिवारों का सीधा आरोप पुलिस की कार्यप्रणाली पर है. कहीं CCTV फुटेज नहीं खंगाली गई तो कहीं लेटर लिखने की कागजी कार्रवाई में अहम सबूत (मेट्रो फुटेज) मिट गए. दिल्ली जैसे महानगर में जहां चप्पे-चप्पे पर कैमरे होने का दावा किया जाता है, वहां बच्चों का इस तरह गायब हो जाना और हफ्तों तक कोई सुराग न मिलना चिंताजनक है. सवाल-जवाब दिल्ली में हाल के दिनों में लापता होने वाले लोगों के आंकड़े क्या कहते हैं? न्यूज 18 इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में महज 15 दिनों के भीतर 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जिसने आम नागरिकों को हैरत में डाल दिया है. बुराड़ी से लापता वसीम रजा के मामले में पुलिस पर क्या आरोप हैं? वसीम के पिता तेमुल हक का आरोप है कि पुलिस उनके इलाके में घूमती तो है, लेकिन वसीम के लापता होने के बाद न तो उनकी गली की और न ही बाहर की सीसीटीवी फुटेज निकाली गई. ऋतिक झा के मामले में सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं मिल पाई? ऋतिक की मां बेबी झा के अनुसार, पुलिस को मेट्रो को पत्र लिखने में ही 7 दिन लग गए. इस लेटलतीफी के कारण मेट्रो का पुराना फुटेज डेटा डिलीट हो गया और ऋतिक का आगे का सुराग नहीं मिल सका. लापता बच्चों के माता-पिता की मुख्य चिंता और डर क्या है? वसीम की मां को डर है कि इतने दिनों तक कोई संपर्क न होने के कारण उनके बेटे के साथ कोई अनहोनी न हो गई हो. वहीं, ऋतिक की मां को अंदेशा है कि उनके बेटे का किडनैप (अपहरण) कर लिया गया है. बुराड़ी के जनप्रतिनिधियों से इन परिवारों को क्या आश्वासन मिला है? वसीम के पिता ने बताया कि वे बुराड़ी विधायक के दफ्तर में ‘जनता दरबार’ गए थे. वहां से उन्हें आश्वासन दिया गया कि एक-दो दिन में इस बारे में एसडीएम (SDM) या पुलिस कमिश्नर से बात की जाएगी.

हरियाणा के कांग्रेस विधायकों को बजट सत्र में घेरने के लिए दिल्ली से बुलावा

नई दिल्ली. हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस विधायकों के साथ शुक्रवार को नई दिल्ली में बैठक करेंगे। यह बैठक नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में शाम पांच बजे से होगी, जिसमें हरियाणा के पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद सिंह भी मौजूद रहेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में 20 फरवरी से शुरू हो रहे हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। कांग्रेस विधायकों के साथ नेता प्रतिपक्ष, हरियाणा की नायब सरकार को घेरने के लिए मुद्दों पर बातचीत करेंगे। बैठक की सूचना सभी विधायकों को भेज दी गई है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस विधायकों ने सरकार की नीतियों को लेकर खूब हंगामा किया था। कई बार सदन छोडकर भी चले गए थे। पार्टी के युवा विधायक एक ही तरह की ग्रीन जैकेट पहन कर आए थे, उनकी पोशाक भी चर्चा का विषय बनी थी। शुक्रवार को ही पूर्व मुख्यमंत्री अपने नई दिल्ली स्थित आवास पर दोपहर के भोज का भी आयोजन कर रहे हैं। इसके लिए दोपहर 12 बजे का आमंत्रण दिया गया है। इस तरह का आयोजन भूपेंद्र सिंह हुड्डा हर साल जनवरी महीने में करते हैं। भोज कार्यक्रम ने पूर्व सीएम की ओर से पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ हरियाणा कांग्रेस के उन नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है, जिनसे पूर्व सीएम के साथ मतभेद रहते हैं। ऐसे में देखना यह होगा कि वह नेता आमंत्रण में आते हैं या नहीं। खाने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित इंडी गठबंधन से जुड़े दलों के प्रमुख नेताओं को भी बुलाया गया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट में रखे जाएंगे एक दर्जन प्रस्ताव

रांची. हजारीबाग जिले के बड़कागांव एवं केरेडारी प्रखंड तथा रामगढ़ जिले के पतरातू क्षेत्र में खनन परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापितों की समस्याओं को लेकर झारखंड कांग्रेस द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच समिति की गतिविधियों में आंशिक बदलाव किया गया है। एकाएक राज्य कैबिनेट की बैठक आहूत होने के कारण पांच फरवरी को प्रस्तावित कांग्रेस जांच दल का बड़कागांव–केरेडारी दौरा फिलहाल टाल दिया गया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यह दौरा दो-तीन दिनों के भीतर नई तिथि तय कर किया जाएगा। गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में इससे जुड़ा मुद्दा उठेगा। बुधवार को रांची में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू और जांच समिति के संयोजक सह मंत्री राधाकृष्ण किशोर की उपस्थिति में एक अहम उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एवं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद भी मौजूद रहे। बैठक में बड़कागांव, केरेडारी और पतरातू क्षेत्र में खनन कंपनियों द्वारा विस्थापितों के कथित शोषण और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीरता से चर्चा की गई। कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने विस्थापन से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं की विस्तृत समीक्षा की और निर्देश दिया कि गठित जांच समिति कांग्रेस मुख्यालय, रांची में गुरुवार को आंतरिक बैठक करे। इस बैठक में विस्थापितों से जुड़े मुद्दों, कानूनी पहलुओं और समाधान के संभावित रास्तों पर चर्चा करते हुए राज्य कैबिनेट में प्रस्ताव रखने की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बृहस्पतिवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र की विस्थापन संबंधी समस्याओं को औपचारिक रूप से रखा जाएगा। कांग्रेस का उद्देश्य है कि मुख्यमंत्री के स्तर पर भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन, विस्थापन आयोग की भूमिका, स्थानीय मजदूरों को एचपीसी नियमों के तहत भुगतान, पतरातू विद्युत निगम लिमिटेड और पतरातू छाई डैम से जुड़े मुद्दों का समग्र समाधान निकाला जा सके। जांच समिति ने जानकारी दी कि कैबिनेट बैठक से संबंधित पत्र मिलने के बाद दौरा स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा। हालांकि मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भरोसा दिलाया कि कैबिनेट में मुद्दे रखने के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया जाएगा। इसके पश्चात विस्थापितों की समस्याओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कांग्रेस प्रभारी के. राजू के माध्यम से सरकार को सौंपी जाएगी और त्रिपक्षीय वार्ता के जरिए ठोस निर्णय सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा।

एक शाम राष्ट्र के नाम का सफल आयोजन हुआ

एक शाम राष्ट्र के नाम का सफल आयोजन हुआ  इंदौर  प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पातालपानी झरने के सामने अहिंसा पर्वत स्थित अमर जवान स्मारक पर एक शाम राष्ट्र के नाम का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम के आयोजक पर्यावरणविद् अशोक मेहता ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें अपने संवैधानिक अधिकार समझना चाहिए और देश एवं समाज के प्रति अपनी कर्तव्य निष्ठा को भूलना नहीं चाहिए। कार्यक्रम के संयोजक राजेश बियानी ने बताया कि गायक कलाकार श्री राजा सलूजा श्री सुनील बामनिया श्रीमती मंगला जैन, श्री एवं श्रीमती जसविंदर बेस ने देशभक्ति आधारित राष्ट्र गीतों से श्रोताओं को झुमा दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में बालिका आरना मेहता, चहेती जैन, कियारा मेहता, हिरल जैन ने अपनी राष्ट्र के प्रति भावना प्रकट की साथ ही इस भावुक अवसर पर श्रीमती पायल परदेसी ने वंदे मातरम गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्र मुक्त कर दिया। इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, एनिमल वेलफेयर, समाज सेवा, योग एवं सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग आदि क्षेत्रो में अपनी उत्कृष्ट सेवाओ के लिए श्रीमती पायल परदेसी, श्री यशवंतसिंग बिस्ट, डॉ अमित सोनी, श्री इंदरसिंग योगी, श्री आनंद यादव, श्रीमती आशा परमार, श्रीमती सुमित्रा अरोरा, श्री राधेश्याम वर्मा, डॉ अनुपम श्रीवास्तव, श्रीमती राधा तोषनवाल, डॉ लकी खंडएलवाल, श्रीमती दीक्षित, श्रीमती कांता मजदे को उत्कृष्ट सेवा सम्मान प्रदान किया गया।  कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री गोरू बियानी, श्रीमती रिवा सिंह, श्री आर एस बियानी, श्री सुमेर सिंह (गोल्डनमेन), श्री केपी सिंह,डाॅ शिवकांत वाजपेई, श्री विजय शर्मा, श्री मोहन चावडा, श्री हुकुम आंजना, श्री गनु भाई, श्रीमती नेहा जैन आदि उपस्थित थे। आभार कार्यक्रम संयोजक श्रेयांश मेहता ने प्रकट किया।

SP जैन की सार्थक पहल, पुलिसकर्मियों को जन्मदिन और विवाह सालगिरह पर मिलेगा विशेष अवकाश

पुलिस अधीक्षक अगम जैन की सार्थक पहल : सभी थानों एवं कार्यालय में पदस्थ पुलिसकर्मियों को जन्मदिन एवं विवाह की सालगिरह पर प्रदान किया जाएगा अवकाश छतरपुर  स्थानीय पुलिस अधीक्षक  अगम जैन द्वारा पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, मनोबल एवं पारिवारिक समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिसकर्मियों के जन्मदिन एवं विवाह की सालगिरह के अवसर पर आयोजनों को परिजनों के साथ मनाने की पहल की जा रही है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से पुलिस कर्मियों को अपनी व्यस्त और चुनौतीपूर्ण ड्यूटी के बीच परिवार के साथ समय बिताने का अवसर प्राप्त होता है, जिससे मानसिक तनाव में कमी आती है एवं कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। परिजनों की सहभागिता से पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आती है, कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होता है।  इस हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के सभी प्रभारी अधिकारियों, थाना चौकी प्रभारी एवं कार्यालय के मुख्य लिपिक एवं अवकाश लिपिक हेतु आदेश जारी किया गया है।

भोरमदेव में जंगल सफारी के साथ 17 बार नदी पार करने का मिलेगा रोमांचक अनुभव

रायपुर. कबीरधाम जिले में स्थित ऐतिहासिक भोरमदेव अभ्यारण्य में शीघ्र ही जंगल सफारी की शुरुआत की जाएगी। वन विभाग ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है। इस पहल से न केवल ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति आम लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी। सफारी के दौरान पर्यटकों को करीब 17 बार नदी पार करने का रोमांचक अनुभव मिलेगा। वन विभाग द्वारा तैयार की गई योजना के तहत भोरमदेव अभ्यारण्य में लगभग 34 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी मार्ग विकसित किया गया है। सफारी के दौरान पर्यटक गौर, चीतल, सांभर, भालू और जंगली सुअर जैसे वन्यप्राणियों को उनके प्राकृतिक आवास में नजदीक से देख सकेंगे। यह मार्ग मैकल पर्वतमाला के घने जंगलों से होकर गुजरता है, जो प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। सकरी नदी मार्ग बनेगा विशेष आकर्षण इस जंगल सफारी की सबसे बड़ी खासियत सकरी नदी मार्ग है। सफारी के दौरान पर्यटकों को करीब 17 बार नदी पार करने का रोमांचक अनुभव मिलेगा। यह अनोखा सफर रोमांच और प्रकृति प्रेमियों दोनों के लिए खास आकर्षण साबित होगा। इस परियोजना में स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता को प्राथमिकता दी गई है। सफारी वाहनों का संचालन वन प्रबंधन समिति थंवरझोल द्वारा किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दोहरा आकर्षण जंगल सफारी शुरू होने के बाद भोरमदेव आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक अब ऐतिहासिक मंदिर दर्शन के साथ-साथ वन्यजीवन का रोमांच भी एक ही यात्रा में अनुभव कर सकेंगे। इससे भोरमदेव क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वन विभाग के अनुसार सुरक्षा और संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं और जल्द ही सफारी को औपचारिक रूप से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

योगी सरकार ने द गंगा सहकारी चीनी मिल के आधुनिकीकरण/विस्तारीकरण के लिए स्वीकृत किए हैं 261.91 करोड़ रुपये

सीएम योगी से मिले भाकियू प्रवक्ता, जताया आभार  योगी सरकार ने द गंगा सहकारी चीनी मिल के आधुनिकीकरण/विस्तारीकरण के लिए स्वीकृत किए हैं 261.91 करोड़ रुपये  भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा- यह निर्णय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों व चीनी उद्योग के लिए ऐतिहासिक  लखनऊ  भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। द गंगा सहकारी चीनी मिल मोरना (मुजफ्फरनगर) के आधुनिकीकरण/विस्तारीकरण के लिए 261.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। मलिक ने कहा कि यह निर्णय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों और चीनी उद्योग के लिए ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि द गंगा सहकारी चीनी मिल के आधुनिकीकरण एवं क्षमता विस्तार के लिए आपकी अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) एवं क्षेत्र के लाखों गन्ना किसानों की ओर से आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस मिल की पेराई क्षमता को प्रथम चरण में 2500 TCD से बढ़ाकर 3500 TCD तथा भविष्य में 5000 TCD तक ले जाने की योजना और इसके लिए लगभग 262 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति देना स्पष्ट करता है कि आपकी सरकार किसानों की आय, समयबद्ध गन्ना भुगतान और आधुनिक कृषि आधारित उद्योगों के विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। यह निर्णय न केवल मोरना क्षेत्र, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। इससे पेराई में तेजी आएगी, किसानों को समय पर भुगतान होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार व आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कदम न केवल इस मिल की उत्पादन क्षमता, दक्षता और तकनीकी स्तर को आधुनिक बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों की आय, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा को भी सुदृढ़ करेगा।  मलिक ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपकी दूरदर्शी सोच के कारण किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा तथा मिल की कार्यक्षमता बढ़ेगी। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे तथा पर्यावरण अनुकूल तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समयबद्ध गन्ना मूल्य भुगतान, चीनी मिलों का आधुनिकीकरण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण अधोसंरचना का विकास और किसान-कल्याणकारी योजनाएं किसानों के मन में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करती हैं। उन्होंने आशा जताई कि सीएम के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का गन्ना क्षेत्र निरंतर प्रगति करेगा।

मोहन सरकार का किसानों के लिए तोहफा, 12 हज़ार करोड़ रुपये अब किसानों के खाते में डालेंगी सरकार

भोपाल मध्य प्रदेश के किसानों के लिए सरकार ने राहत दी है। दरअसल धान किसानों के लिए सरकार आंशिक राहत लेकर आई है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में इस बार धान का बंपर उत्पादन हुआ जिसके कारण रिकार्ड खरीदी भी हुई। सीएम मोहन यादव ने कहा कि इस साल 51.74 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान उपार्जित की गई है । खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था । इससे  किसानों को इससे बड़ी राहत मिली। अब  राज्य सरकार, धान किसानों के खातों में कुल 12 हज़ार करोड़ से ज्यादा की राशि डालेगी, और सरकार अधिकतर राशि का भुगतान भी कर  चुकी है। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को इसकी राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। किसानों को जल्द ही भुगतान हो इसके लिए तकनीक आधारित भुगतान प्रणाली लागू की गई है। समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि का किसानों को खासा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, जो पिछले सत्र के एमएसपी से 69 रुपए अधिक है। पिछले खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल था। न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई इस वृद्धि का किसानों को खासा लाभ हुआ है। खरीफ सत्र में प्रदेश में कुल 8 लाख 59 हज़ार 822 धान उत्पादक किसानों का पंजीयन किया गया था। इनमें से 7 लाख 89 हज़ार 757 किसानों ने स्लॉट बुक कर धान उपार्जन प्रक्रिया में भाग लिया। इन किसानों में से 7 लाख 62 हज़ार 620 किसान (89 प्रतिशत) धान विक्रेता के रूप में उपार्जन केंद्रों पर पहुंचे। इस वर्ष धान उपार्जन के लिए प्रदेश में 1,436 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए। सीजन में 51 लाख 74 हज़ार 792 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। उपार्जित धान में से 48 लाख 38 हज़ार 637 मीट्रिक टन से अधिक धान का परिवहन भी पूरा कर लिया गया है। परिवहन किए गए धान में से 46 लाख 30 हज़ार 21 मीट्रिक टन धान गुणवत्ता परीक्षण के बाद स्वीकार किया जा चुका है। कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपए आंकलित सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस सीजन में उपार्जित धान के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपए आंकलित किया गया। बेची गई धान की यह पूरी राशि किसानों को दी जाएगी इस आंकलित मूल्य में से करीब 11 हज़ार करोड़ रुपए किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उपार्जन मूल्य से किसानों को आर्थिक संबल मिला है। समर्थन मूल्य में बढ़ौतरी करने से किसानों को मिला है लाभ सीएम मोहन यादव ने बताया कि खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, जो पिछले सत्र के एमएसपी से 69 रुपए अधिक है। न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई इस वृद्धि का किसानों को खासा लाभ हुआ है। आपको बता दें कि  खरीफ सत्र में  कुल 8 लाख 59 हज़ार 822 धान उत्पादक किसानों का पंजीयन किया गया था। इनमें से 7 लाख 89 हज़ार 757 किसानों ने स्लॉट बुक कर धान उपार्जन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था मोहन यादव ने कहा कि इस सीजन में उपार्जित धान के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपए आंकलित किया गया। अब बेची गई धान की यह पूरी राशि किसानों को ट्रांसफर की जाएगी। वही इस आंकलित मूल्य में से करीब 11 हज़ार करोड़ रुपए किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित किए जा चुके हैं।  लिहाजा किसानों के लिए ये बड़ी राहत मानी जा रही है।