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झारखंड में 70 हजार करोड़ रुपए निवेश करेगा जिंदल ग्रुप

रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में दावोस व यूके दौरे पर झारखंड के प्रतिनिधिमंडल के द्वारा किए गए प्रयास का सकारात्मक परिणाम दिखने लगा है। जिंदल ग्रुप ने झारखंड में स्टील, परमाणु ऊर्जा और सौर ऊर्जा के क्षेत्रों में 70,000 करोड़ के चरणबद्ध निवेश का प्रस्ताव दिया है। गौरतलब हो कि यूके में बैठकों के दौरान हुए समझौते के तहत जिंदल समूह के प्रतिनिधियों ने निवेशों से संबंधित लेटर ऑफ इंटेंट राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को औपचारिक तौर पर सौंपा है। इस निवेश प्रस्ताव का प्रमुख केंद्र पतरातू में छह मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) क्षमता वाले एकीकृत स्टील संयंत्र की स्थापना है, जिसे जिंदल स्टील द्वारा उन्नत और कम उत्सर्जन प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। यह संयंत्र संरचना, परिवहन, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले स्टील के उत्पादन पर केंद्रित होगा, जिससे भारत की विनिर्माण मूल्य शृंखला में झारखंड की भूमिका अधिक सुदृढ़ होगी। निवेश देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक डी-कार्बनकरण व स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के राष्ट्रीय लक्ष्यों को सशक्त समर्थन प्रदान करेगा। साथ ही यह औद्योगिक एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के लिए स्थिर एवं कम-कार्बन आधारभूत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायक होगी। इसके अतिरिक्त, समूह द्वारा 140 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना में निवेश का प्रस्ताव भी दिया गया है। यह पहल भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप औद्योगिक ऊर्जा सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करेगी। केंद्र सरकार द्वारा परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में स्वच्छ, सुरक्षित एवं उद्योग-समर्थ आधारभूत विद्युत आपूर्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आगे बढ़ाई जा रही शांति (भारत के लिए लघु मॉड्यूलर रिएक्टर एवं उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकी) एक्ट के व्यापक नीति-संदर्भ में, झारखण्ड में 1,400 मेगावाट क्षमता की प्रस्तावित परमाणु विद्युत परियोजना हेतु निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। यह परियोजना मूर्त रूप लेने की स्थिति में सभी वैधानिक, सुरक्षा एवं नियामक अनुमोदनों के अधीन होगी। युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर जिंदल समूह की ओर से दिए गए निवेश का प्रस्ताव केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह झारखंड के युवाओं के सशक्तीकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विस्तार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। प्रस्तावित परियोजनाओं से लगभग 11,000 प्रत्यक्ष व 50,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर मिलेंगे। साथ ही इससे एमएसएमई, सेवा क्षेत्रों तथा स्थानीय उद्यमिता को व्यापक लाभ मिलेगा और राज्य में समावेशी एवं सतत औद्योगिक विकास को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सनातन व्यवस्था के संस्कार जीवन को संतुलित, स्वस्थ और मूल्यवान बनाने की है वैज्ञानिक पद्धति

शासकीय चिकित्सालयों में बनाए जाएंगे गर्भ संस्कार कक्ष चिकित्सा विश्वविद्यालयों में की जाएगी गर्भ संस्कार के अध्ययन- अध्यापन की व्यवस्था पुस्तक "गर्भ संस्कार" का किया विमोचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परंपरा और विज्ञान कभी अलग-अलग नहीं रहे। सनातन व्यवस्था के संस्कार केवल धार्मिक व्यवस्था नहीं बल्कि जीवन को संतुलित, स्वस्थ और मूल्यवान बनाने की वैज्ञानिक पद्धति है। गर्भ में पल रहे शिशु को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से संस्कारित करना ही गर्भ संस्कार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में बनने वाले शासकीय चिकित्सालयों के भवनों में गर्भ संस्कार कक्ष बनाए जाएंगे। प्रदेश के चिकित्सा विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े महाविद्यालयों में गर्भ संस्कार के अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था की जाएगी, शीघ्र ही इससे संबंधित गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के डेली कॉलेज में गर्भ संस्कार पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित और भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंग वस्त्रम तथा श्रीफल भेंट कर उनका अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुस्तक "गर्भ संस्कार" का विमोचन किया। पुस्तक के लेखक डॉ. अनिल गर्ग और डॉ. सीमा गर्ग हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जन समुदाय को गर्भ संस्कार का प्रचार- प्रसार करने के लिए सकारात्मक प्रयास करने का संकल्प भी दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मातृत्व केवल जैविक प्रक्रिया नहीं है, गर्भ शरीर निर्माण के साथ संस्कार की पहली पाठशाला भी है। आधुनिक विज्ञान ने सिद्ध किया है कि 5-6 महीने से ही बच्चे पर माँ की भावनाओं और बाह्य वातावरण का प्रभाव पढ़ने लगता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाभारत में अभिमन्यु तथा अन्य पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि हमारे पूर्वज मानसिक और भावनात्मक विकास की गहरी समझ रखते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुर्वेद की सामर्थ्य सर्वविदित है। कोविड काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कोविड से बचाव के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों ने आयुर्वेद की प्रक्रियाओं अपनाया। आयुर्वेद में गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकारा गया है। वर्तमान में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी गर्भ संस्कार के महत्व को स्वीकार कर रहा है। अखिल भारतीय कार्यकारणी सदस्य श्री भय्याजी जोशी ने कहा कि भारत का चिंतन विश्व को संचालित करने का नहीं, बल्कि मार्गदर्शन करने का है। भारत “सुपर राष्ट्र” बनेगा, जो जीवन के विविध क्षेत्रों में दुनिया को सही दिशा दिखाएगा। उन्होंने कहा कि सृष्टि के चक्र में भारत ने उत्थान और पतन दोनों देखे हैं, लेकिन उसकी आत्मिक शक्ति और बीज रूप में सामर्थ्य इतनी मजबूत है कि वह फिर उठ खड़ा होने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ मनुष्य का निर्माण केवल शिक्षा या भौतिक संपदा से नहीं, बल्कि सुशिक्षा और सुसंस्कार से ही संभव है। मानव संपदा के बिना राष्ट्र का उत्थान संभव नहीं। श्री जोशी ने कहा कि पश्चिमी दृष्टि मनुष्य को मशीन मानती है, जबकि भारतीय चिंतन मनुष्य को पूर्ण विकसित मनुष्य बनाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि जब शस्त्र अयोग्य हाथों में चले जाते हैं तो दुष्परिणाम होते हैं, इसलिए शक्ति के साथ संस्कार अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर पुण्य सलिला देवी अहिल्याबाई की श्रेष्ठ परंपरा वाली नगरी है। इंदौर से इस आयोजन का होना प्रतीकात्मक है, क्योंकि विचारों का प्रस्फुटन प्रायः मध्य से होता है। श्री जोशी ने युवाओं और दंपत्तियों से आग्रह किया कि शास्त्रों में निहित मूल्यों को केवल प्रस्तुति तक सीमित न रखें, बल्कि आचरण में उतारें। इसके लिए जनजागरण और व्यापक आंदोलन आवश्यक है, ताकि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी व्यक्ति सही मार्ग पर चल सके और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बने। उन्होंने कार्यक्रम के शोधकर्ताओं, प्रयोगकर्ताओं और आयोजकों से कहा कि इस पहल की सार्थकता तभी है जब समाज इसे गंभीरता से अपनाए और अनुभवों को साझा कर आगे बढ़े। कार्यक्रम को डॉ. अनिल कुमार गर्ग और डॉ. हितेश भाई जानी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री महेन्द्र हार्डिया और श्री गोलू शुक्ला, जनप्रतिनिधि, आरोग्य भारती के श्री अशोक वार्ष्णेय, श्री योगेंद्र महंत, श्री गुणवंत कोठारी, श्री विनोद अग्रवाल, श्री विक्रम सिंह पवार, डॉ. हितेश भाई जानी, श्री राधेश्याम शर्मा गुरु जी और डॉ. अनिल कुमार गर्ग सहित आध्यात्मिक-धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

न्यायधानी में UGC नियमों के विरोध का बंद फ्लॉप, सवर्ण संगठनों ने जताई नाराज़गी

बिलासपुर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के विरोध में आज देशभर में सवर्ण समाज ने बंद का आह्वान किया है. हालांकि, छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में बंद बेअसर नजर आया और मुख्य बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे. लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा है, विभिन्न संगठनों ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है. सामान्य वर्ग के समाज प्रतिनिधियों, शिक्षकों, छात्रों और विभिन्न संगठनों ने UGC के नए नियमों पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि ये शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के हितों के खिलाफ है. सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों की अनदेखी की जा रही है. यूजीसी कानून विरोध आंदोलन के संयोजक डॉ प्रदीप शुक्ला ने कहा कि जब तक इन नियमों को रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. आज शहर में बड़ी रैली निकालने और प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की तैयारी है. फिलहाल, पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे. जानिए क्यों हो रहा UGC के नियमों का विरोध बता दें, UGC ने यह नियम रोहित वेमुला और पायल तड़वी की कथित जातिगत भेदभाव के कारण हुए हत्या मामलों के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर तैयार किए थे, ताकि कैंपस में जातिगत और अन्य आधारों पर होने वाले भेदभाव को जड़ से खत्म किया जा सके. लेकिन नियम लागू होते ही देशभर में सवर्ण समाज ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया. विवाद की मुख्य वजहें और विरोधियों के तर्क सामान्य वर्ग (S-4 जैसे संगठन) और कई शिक्षक समूहों द्वारा विरोध के पीछे निम्नलिखित तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं:     OBC को शामिल करना: विरोधियों का तर्क है कि SC-ST के साथ अब OBC को भी इन कड़े सुरक्षा प्रावधानों में शामिल करना नियमों के दुरुपयोग की संभावना को बढ़ाता है.     झूठे आरोपों का डर: सवर्ण संगठनों का मानना है कि ‘इक्विटी स्क्वाड’ और ‘समता दूत’ जैसी व्यवस्थाओं से निर्दोष छात्रों और शिक्षकों को आपसी रंजिश के चलते झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है.     असमान सुरक्षा: तर्क दिया जा रहा है कि नियम केवल आरक्षित वर्गों की सुरक्षा की बात करते हैं, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए भेदभाव से सुरक्षा का कोई स्पष्ट ढांचा इसमें नहीं दिखता. सुप्रीम कोर्ट ने नए नियम पर लगाई रोक चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इन नियमों पर रोक लगाते हुए कहा कि ‘भेदभाव’ की परिभाषा वर्तमान रेगुलेशन में बहुत धुंधली है.नियमों को और अधिक समावेशी बनाने की जरूरत है ताकि यह देखा जा सके कि ये ‘समानता के अधिकार’ का उल्लंघन तो नहीं कर रहे. कोर्ट ने कहा कि जब तक इस पर अंतिम फैसला नहीं आता, 2012 के पुराने यूजीसी नियम ही प्रभावी रहेंगे.

बाबा ग्रुप और सहयोगियों के ठिकानों से 4.50 करोड़ जब्त

रांची. झारखंड में बाबा ग्रुप के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही. झारखंड और बिहार में फैले बाबा ग्रुप और उनके सहयोगी आढ़त व्यापारियों के ठिकानों पर लगातार तलाशी ली जा रही है. यह छापेमारी 29 जनवरी से शुरू हुई थी, जो अब व्यापक जांच का रूप ले चुकी है. विभाग की कई टीमें एक साथ अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और संपत्तियों की पड़ताल कर रही हैं. 45 ठिकानों पर छापेमारी, 4.50 करोड़ नकद जब्त आयकर विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान अब तक कुल 4.50 करोड़ रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं. अधिकारियों के मुताबिक झारखंड और बिहार के करीब 45 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. इनमें राइस मिल, आढ़त गोदाम, कार्यालय और निजी आवास शामिल हैं. तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से विभाग को कर चोरी के नेटवर्क के और पुख्ता सबूत मिलने की उम्मीद है. बाबा एग्रो फूड और फूड प्रोसेसिंग पर फोकस जांच के दौरान बाबा ग्रुप से जुड़ी कंपनियों बाबा एग्रो फूड और बाबा फूड प्रोसेसिंग के ठिकानों पर विशेष ध्यान दिया गया. इन दोनों इकाइयों से करीब 2.5 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं. विभागीय सूत्रों के अनुसार, इनमें से 1.5 करोड़ रुपये बाबा एग्रो फूड से जुड़े योगेश साहू के ठिकाने से बरामद हुए. नकदी की इतनी बड़ी बरामदगी ने आयकर विभाग की शंकाओं को और मजबूत किया है. आढ़त व्यापारियों से भी दो करोड़ रुपये बरामद बाबा ग्रुप के अलावा उनके सहयोगी चावल आढ़त व्यापारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई. इन स्थानों से लगभग 2 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं. आयकर विभाग का मानना है कि इन आढ़त व्यापारियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेन-देन को छुपाया गया था. नकद लेन-देन, फर्जी बिलिंग और आय छिपाने के संकेत जांच में सामने आए हैं. कीमती जेवर और अचल संपत्ति का मूल्यांकन जारी छापेमारी के दौरान नकदी के अलावा कीमती जेवरात भी बरामद किए गए हैं. इन आभूषणों का फिलहाल मूल्यांकन किया जा रहा है. इसके साथ ही आयकर विभाग की टीमें बाबा ग्रुप से जुड़ी भूमि, कारखानों और अन्य अचल संपत्तियों का भी आकलन कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि संपत्तियों का सही मूल्यांकन होने के बाद कुल अघोषित संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है. कर चोरी, बेनामी लेन-देन और फर्जी बिलिंग का शक आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार बाबा ग्रुप और उनके सहयोगी कारोबारियों के खिलाफ कर चोरी, बेनामी लेन-देन और फर्जी बिलिंग की कई शिकायतें मिली थीं. जांच के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े डेटा भी जब्त किए गए हैं. पीडीएस और सरकारी खरीद में गड़बड़ी की आशंका सूत्रों का दावा है कि कुछ राइस मिलर्स और ट्रेडर्स ने सरकारी खरीद, पीडीएस और निजी सप्लाई से जुड़े कारोबार में बड़ी मात्रा में आय छिपाई है. आयकर विभाग का कहना है कि दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद अघोषित आय का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा. फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज हो सकती है.

राज्यपाल पटेल ने नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का लोकार्पण किया

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भक्तिभाव और विधि-विधान के साथ नवीनीकृत लोकभवन मंदिर का शुभ लोकार्पण किया। यह पावन समारोह रविवार को श्रद्धा, मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच संपन्न हुआ। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ हुए समारोह में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री  पटेल का मंदिर परिसर आगमन पर पारंपरिक सनातन रीति से स्वागत किया गया। उन्होंने कलश के साथ मंदिर में मंगल प्रवेश कर विधि-विधान से कलश एवं ध्वज का पूजन किया। उन्होंने भगवान के श्री चरणों में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के विकास के लिए प्रार्थना की। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के मध्य माँ सरस्वती की पावन प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा और भक्तिभाव से दीप प्रज्ज्वलित किया और प्रदेशवासियों के मंगल की कामना की। उन्होंने प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल ने मंदिर में हुए नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इसे आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बताया गया कि समग्र विकास कार्य मंदिर परिसर को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लक्ष्य के साथ किया गया है। नवीनीकरण की संपूर्ण परियोजना 84 लाख 13 हजार 100 रुपये की लागत से संपन्न हुई है। इस कार्य में करीब 76 लाख 96 हजार रुपये के सिविल निर्माण तथा लगभग 7 लाख 16 हजार रुपये के विद्युत संबंधी कार्य कराए गए है। मंदिर परिसर में लगभग 2,700 वर्गफुट क्षेत्रफल का विशाल हॉल, श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु 1,120 वर्गफुट क्षेत्र में भोजनशाला एवं भंडारा कक्ष और 560 वर्गफुट क्षेत्र में सुसज्जित रसोईघर भी तैयार किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, मुख्य अभियंता लोक निर्माण श्री संजय मस्के, अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण श्री हरी शंकर जयसवाल, नियंत्रक हाऊसहोल्ड लोकभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर, लोक निर्माण विभाग की सिविल, इलेक्ट्रिकल शाखा और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि सहित लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

पाकिस्तान ने सात भारतीय बंदियों को ढाई साल बाद वापस भेजा

चंडीगढ़. करीब ढाई साल पहले बाढ़ के दौरान पाकिस्तान जा पहुंचे सात भारतीयों को पाकिस्तान ने वापस लौटा दिया है। वापसी की यह कार्यवाही कल अटारी -वाघा सीमा पर हुई। अटारी सीमा पर प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण महल ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से सात कैदियों की रिहाई का आदेश आज भारत और पाकिस्तान दोनों को मिल गया था। पाकिस्तानी रेंजर्स ने सातों कैदियों को बीएसएफ को सौंप दिया। वहां से उन्हें औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए सीमा शुल्क और आव्रजन कार्यालय लाया गया। इन सात नागरिकों में से चार फिरोजपुर जिले के, एक जालंधर का, एक लुधियाना का और एक उत्तर प्रदेश का है। ये सभी 2023 की बाढ़ के दौरान अपने जानवरों को बचाने की कोशिश में बहकर पाकिस्तान चले गए थे। पाकिस्तान से रिहा हुए एक भारतीय नागरिक ने कहा कि मेरे गांव में पुल गिरने के बाद तेज पानी के बहाव के कारण मैं पाकिस्तान चला गया। पाकिस्तानी अधिकारियों ने मेरे खिलाफ जानबूझकर सीमा पार करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया। मैं तीन महीने तक पाकिस्तानी जेल में रहा… उन्होंने हमें पीटा। पाकिस्तान में अन्य भारतीय कैदी भी हैं। उनकी शारीरिक हालत बहुत अच्छी नहीं है। कुछ के पैर खराब हैं, जबकि कुछ अंधे हैं। मैं सरकार से उन्हें भी वापस लाने का आग्रह करता हूं। पाकिस्तान से रिहा हुए एक भारतीय नागरिक ने कहा कि मैं तीन महीने तक पाकिस्तानी जेल में रहा। पाकिस्तानी जेलों में और भी भारतीय हैं। उन्हें वापस लाया जाना चाहिए। वहां एक मानसिक अस्पताल में 18 भारतीय भर्ती हैं। उन्होंने हमें पीटा। मैं 28 दिन रिमांड पर रहा।  

रायपुर इंटर प्रेस क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू, संपादकों व पूर्व पदाधिकारियों संग डिप्टी सीएम साव भी मैदान में

रायपुर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के नेताजी सुभाष स्टेडियम में रायपुर प्रेस क्लब द्वारा स्वर्गीय कुलदीप निगम की स्मृति में आयोजित खेल मड़ई के अंतर्गत इंटर प्रेस क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य उद्घाटन किया। रायपुर प्रेस क्लब के इस आयोजन का उद्देश्य पत्रकार साथियों को व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर खेलों से जोड़ना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता में पत्रकार जगत की विभिन्न टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे। उद्घाटन अवसर पर पहला मैच संपादकों और प्रेस क्लब के पूर्व पदाधिकारियों की टीमों के बीच खेला गया, जिसमें दोनों ही टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। उद्घाटन के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव स्वयं मैदान में उतरे और बल्ला थामकर क्रिकेट खेलते नजर आए। डिप्टी सीएम का यह अंदाज देखकर आयोजन का उत्साह और भी बढ़ गया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब द्वारा खेल मड़ई का आयोजन एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल है। खेलों का हमारे जीवन में बड़ा महत्व है और अच्छे स्वास्थ्य के लिए नियमित रूप से खेलना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पत्रकार साथियों की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद खेलों के प्रति उनका उत्साह काबिले-तारीफ है। उपमुख्यमंत्री ने रायपुर प्रेस क्लब के सभी पदाधिकारियों, आयोजकों और प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों को शुभकामनाएं दीं।

पंजाब में पहली बार होगी डिजिटल जनगणना

अमृतसर. 14 वर्ष बाद इस साल के मध्य में होने जा रही जनगणना डिजिटल तरीके से करवाई जाएगी। जिसमें अगले हफ्ते चंडीगढ़ से टीम आकर साफ्टवेयर के बारे प्रशिक्षण देगी। शहर और गांव में होने वाली जनगणना का सारा काम मोबाइल ऐप पर होगा। पंजाब सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन किए जाने के बाद मई से जनगणना शुरू होने की संभावना है। इस जनगणना में करीब 3 हजार कर्मचारी फील्ड में उतारने को लेकर तैयारियां चल रही हैं। इससे पहले वर्ष 2011 की मतगणना में शहर की आबादी 11.32 लाख थी। निगम की हद में जनगणना के लिए निगम कमिश्नर प्रिंसिपल सेंसस अफसर और देहाती इलाके में जनगणना के लिए डिप्टी कमिश्नर प्रिंसिपल सेंसस अफसर नियुक्त किए गए हैं। जनगणना के दौरान कर्मचारी डोर टू डोर जाएंगे। वहीं, कर्मचारी डिजिटल तरीके से अपनी-अपनी लोकेशन में जाकर जनगणना का काम करेंगे। नगर निगम कमिश्नर के आदेशों पर सुपरिटेंडेंट जनरल ने 50 विभागों को चिट्ठियां निकाली हैं। जिसमें उनसे जनगणना में ड्यूटियां लगाने के लिए उनके अंतर्गत काम कर रहे स्टाफ की लिस्ट मांगी हैं। निगम के हद में चार लाख घर व 10 बाहरी इलाके में कवर होंगे निगम हद की बात करें तो इसमें 4 लाख के करीब घर होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। इसमें डिजिटल सर्वे के लिए 180 घरों या 800 की आबादी के पीछे एक ब्लाक बनाया जाएगा। ऐसे में निगम के हद में करीब 2,222 ब्लाक बनाए जाने हैं। शहर की 85 वार्डों में एक्सईएन, एसडीओ और असिस्टेंट टाउन प्लानर (एटीपी) स्तर के 21 चार्ज आफिसर लगाए जाने हैं। वहीं हर ब्लाक में गिनतीकार लगेगा। गिनतीकार मोबाइल ऐप पर जनगणनना का काम करेगा। वहीं, हर 6 गिनतीकार पर एक सुपरवाइजर लगाया जाएगा। वह आगे अपनी रिपोर्ट चार्ज ऑफिसर को देगा। इसमें 370 के करीब सुपरवाइजर तैनात होंगे। इसमें 85 वार्डों की हद के साथ लगते 10 के करीब बाहरी इलाकों को भी कवर किया जाना है। इनकी निशानदेही वगैरह हो चुकी है। नगर निगम की तरफ से 85 वार्डों की डिजिटल मैपिंग करके केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है। इसमें 139 स्कवेयर किलोमीटर एरिया में जनगणना की जाएगी। स्टाफ को डिजीटल ट्रेनिंग दी जाएगी। कर्मियों के 33 सवाल के जवाब देने होंगे लोगों को जनगणना के दौरान कर्मचारी हर घर में जाकर 33 सवाल पूछेगा। जिसमें घर का नंबर, मकान के फर्श, छत, दीवार में इस्तेमाल की गई सामग्री, मकान की हालत, परिवार के मुखिया का नाम और लिंग, परिवार में रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, मकान के स्वामित्व की स्थिति, परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरे, दंपतियों की संख्या, परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति या अन्य से संबंधित है। पेयजल का मुख्य स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, रसोई और एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन, खाना पकाने के लिए प्रयुक्त ईधन, रेडियो-टीवी, इंटरनेट सुविधा, लैपटाप-कंप्यूटर, कार-जीप-वैन, साइकिल-मोटरसाइकिल, परिवार द्वारा उपयोग किया जाने वाला मुख्य अनाज, मोबाइल नंबर वगैरह से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। इससे देश के लोगों की आर्थिक स्थिति तय की जाती है।

राजिम कुंभ कल्प 2026 का भव्य आगाज़, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के नाम से विख्यात राजिम एक बार फिर धर्म, आस्था और सनातन संस्कृति के त्रिवेणी संगम का साक्षी बनने जा रहा है. माघ पूर्णिमा 1 फरवरी से महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 तक राजिम कुंभ कल्प 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा. इस वर्ष भी कुंभ कल्प का आयोजन नए मेला स्थल चौबेबांधा, राजिम में होगा. त्रिवेणी संगम पर इसका शुभारंभ रविवार की शाम 6.30 बजे महाआरती से होगा. यहां अलग-अलग अस्थाई कुंड तैयार किए गए हैं. साथ ही, साधु-संतों के स्नान की भी व्यवस्था है. शाही स्नान घाट को 50 से 100 मीटर और आरती घाट को लगभग 120 मीटर लंबा बनाया गया है. वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक भव्य मंच बनाया गया है. महानदी में लक्ष्मण झूला के ठीक नीचे प्रशासन द्वारा अस्थाई सड़क बनाई गई है, जहां कई दुकानें लगाई जाएंगी. राजिम कुंभ मेला जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है. रेलवे श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 1 फरवरी से 15 फरवरी तक दो स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है. इससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी. कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री, अभनपुर मानिकचौरी और राजिम में रूकेगी. वर्तमान में इस रूट पर तीन ट्रेनों का संचालन हो रहा है. रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 08755 रायपुर-राजिम मेमू पैसेंजर रायपुर स्टेशन से 11.55 बजे रवाना होकर 12.15 बजे मंदिर हसौद, 12.24 बजे सीबीडी, 12.34 बजे केंद्री, 12.49 बजे अभनपुर, 12.57 बजे मानिकचौरी और 13.20 बजे राजिम पहुंचेगी. ठीक इसी तरह गाड़ी संख्या 08756 राजिम-रायपुर मेमू कुंभ मेला स्पेशल राजिम रेलवे स्टेशन से 2 बजे रवाना होकर, 2.07 बजे मानिकचौरी, 2.14 बजे अभनपुर, 2.22 बजे केंद्री, 2.31 बजे सीबीडी, 2.43 बजे मंदिर मानिकचौरी और 3:30 बजे रायपुर पहुंचेगी. इसी तरह दूसरी गाड़ी संख्या 08757 रायपुर- राजिम मेमू पैसेंजर रायपुर स्टेशन से 2.30 बजे रवाना हो कर 2.48 बजे मंदिर हसौद, 2.49 बजे सीबीडी, 3.9 बजे केंद्री, 3.23 बजे अभनपुर, 3.31 बजे मानिकचौरी और 4 बजे राजिम पहुंचेगी. राज्यपाल करेंगे उद्घाटन राजिम कुंभ कल्प 2026 का शुभारंभ माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को राज्यपाल रमेन डेका के करकमलों से होगा. उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे. इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, कुरूद विधायक अजय चन्द्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू, बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव, अभनपुर विधायक इन्द्रकुमार साहू सहित जिले एवं आसपास के अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी. देशभर के संत-महात्माओं का होगा दिव्य समागम राजिम कुंभ कल्प के शुभारंभ अवसर पर देशभर से प्रतिष्ठित संत-महात्माओं का दिव्य समागम होगा. प्रमुख संतों में दंडी स्वामी डॉ. इन्दुभवानन्द तीर्थ, दंडी स्वामी सच्चिदानंद तीर्थ, महंत रामसुंदर दास, महंत नरेन्द्र दास, स्वामी राजीव लोचन दास, स्वामी विराम देवाचार्य, आचार्य स्वामी राकेश, साध्वी महंत प्रज्ञा भारती, संत कौशलेन्द्र राम, बालयोगेश्वर रामबालक दास, महंत सर्वेश्वर दास, स्वामी डॉ. राजेश्वरानन्द, संत परमात्मानन्द, संत युधिष्ठिर लाल, संत गोकुल गिरि, प्रजापिता ब्रह्मकुमार नारायण भाई, ब्रह्मकुमारी पुष्पा बहन, हेमा बहन सहित अनेक संत शामिल होंगे. महानदी आरती, सांस्कृतिक संध्या और सत्संग होंगे मुख्य आकर्षण कुंभ कल्प के दौरान प्रतिदिन शाम 6:30 बजे महानदी आरती का आयोजन किया जाएगा. वहीं शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम और शाम 7 बजे से मुख्य मंच पर विविध आयोजन होंगे. विशेष आकर्षण के रूप में 9 से 11 फरवरी तक पंडोखर सरकार संत गुरूशरण जी महाराज का सत्संग दरबार त्रिवेणी संगम राजिम में आयोजित होगा, जो प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक चलेगा.

बजट से जनता को नहीं मिला लाभ: भूपेश बघेल बोले—इसीलिए शेयर बाजार हुआ धराशायी

रायपुर केंद्रीय बजट पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया भी आ गई है. उन्होंने इस बजट को निराशाजनक करार देते हुए कहा कि देश में इस बजट से किसी को कुछ नहीं मिला है, और छत्तीसगढ़ को अडानी के लिए छोड़ दिया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि केंद्रीय बजट का प्रतिगामी असर दिखाई दे रहा है. न कृषि, ना उद्योग, न रोजगार और न ही मजदूरों के लिए इसमें कुछ है. यही वजह है कि शेयर मार्केट के साथ सब कुछ भी धराशाई हो गया है. मिडिल क्लास के लिए भी कुछ नहीं है. इनकम टैक्स के स्लैब में बदलाव नहीं किया गया है. शराब महंगी हो गई है और मछली सस्ता हो गया है, बस यही बजट में दिखा है. शराब की दुकानें बढ़ा दी, ऊपर से शराब महंगी हो गई. इसका मतलब अब अवैध शराब और बढ़ेगी. प्रदेश में डबल इंजन की सरकार धान खरीदी नहीं कर पाई. 31 तारीख निकल गई, किसान सड़कों पर थे. वहीं प्रदेश में धान खरीदी पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेता अपना बचत धान नहीं बेच पाए तो दूसरों का क्या ही होगा. मोदी खुद बोले थे कि ये मोदी की गारंटी है कि 31 सौ क्विंटल में सबका धान खरीद जाएगा, लेकिन किसी का धान बिक नहीं पाया. छोटे किसानों को समर्पण कराया गया, और बड़े किसानों को टोकन नहीं मिला, स्थिति यह है.