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निशांत को कांग्रेस के न्योते को RJD ने बताया नीतीश का रिप्लेसमेंट

पटना. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अपने पुस्तैनी गांव पुहंचे और एक निजी समारोह में शामिल होने के बाद विकास कार्यों की जानकारी ली। उनकी सक्रियता से एक बार फिर पॉलिटिक्स में उनकी एंट्री पर चर्चा तेज हो गई है। इस मसले पर राजनीति भी गर्म हो गई है। कांग्रेस ने जहां उन्हें अपनी पार्टी से राजनीतिक पारी शुरू करने की सलाह दी है तो राजद ने कहा है कि बीजेपी और जदयू के कुछ नेता समेत आईएएस लॉबी नीतीश कुमार बेटे से रिप्लेस करके कंफर्टेबल जोन में जाना चाहते हैं। बिहार और देश की राजनीति में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की एंट्री पर बार बार बहस होती है। पार्टी जदयू और बीजेपी के नेता अक्सर यह कहते हैं इसका फैसला खुद निशांत कुमार और नीतीश कुमार को लेना है। पार्टी को इससे कोई ऐतराज नहीं है। कई बार राजनीति में निशांत के प्रवेश के लिए ड्रामे भी हुए। अब घमासान मचता दिख रहा है। रविवार को निशांत अपने पत्रिक गांव पहुंचे और विकास कार्यों जायजा भी लिया। उनकी गतिविधिि के सियासी मायने निकाले गए। कांग्रेस प्रवक्ता असीतनाथ तिवारी ने कहा कि निशांत कुमार गलत लोगों के बीच फंसे हुए हैं। दरअसल जदयू पर कब्जे की लड़ाई चल रही है। एक खेमा निशांत जी को लाना चाहता है तो दूसरा खुद पार्टी पर कब्जा करना चाहता है। निशांत जी भले आदमी हैं। उनको सलाह देंगे कि वे जदयू छोड़कर काग्रेस पार्टी में आ जाएं। यहां आकर आपनी राजैतिक पारी की शुरुआत करें। कहां सत्तालोलुपों के बीच फंसे हुए हैं। राजद प्रवक्ता एज्या यादव ने कहा है कि जदयू और बीजेपी के बीच सुपरमेसी की लड़ाई चल रही है। जदयू के गुटों में सुपरमेसी की लड़ाई जारी है। वहीं आईएएस लॉबी नीतीश कुमार को रिप्लेस करने की कर रही है क्योंकि निशांत उनके लिए कंफर्टेबल जोन हैं। जल्द आप देखेंगे कि निशांत कुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला: उन्नाव कस्टोडियल डेथ मामले में कुलदीप सेंगर की अर्जी खारिज

उन्नाव दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव कस्टोडियल डेथ केस में दोषी पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने सेंगर की सजा निलंबन (सस्पेंशन ऑफ सेंटेंस) की अर्जी खारिज कर दी है. यह मामला बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत से जुड़ा है. कुलदीप सिंह सेंगर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 2019 में ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई 10 साल की कठोर कारावास की सजा को निलंबित करने की मांग की थी. उन्होंने दलील दी थी कि वो लंबे समय से जेल में बंद हैं और उनकी सेहत भी लगातार खराब हो रही है. याचिका में डायबिटीज, मोतियाबिंद और रेटिना डिटैचमेंट जैसी बीमारियों का हवाला देते हुए तिहाड़ जेल से बाहर AIIMS में इलाज की मांग भी की गई थी. सेंगर ने ये याचिका सीआरपीसी की धारा 389 के तहत दायर की थी, जिसमें अपील लंबित रहने के दौरान सजा निलंबन का प्रावधान है. हालांकि, इस याचिका का सीबीआई और पीड़िता दोनों ने कड़ा विरोध किया. सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि ये बेहद गंभीर मामला है, जिसमें अपहरण, मारपीट और हिरासत में मौत जैसे अपराध शामिल हैं. एजेंसी ने यह भी दलील दी कि सेंगर की भूमिका पीड़िता और उसके परिवार को चुप कराने की थी. पीड़िता की ओर से भी कहा गया कि ऐसे आरोपी को राहत देना न्याय के खिलाफ होगा. मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति रविंदर दुडेजा ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को फैसला सुनाया और सजा निलंबन की मांग खारिज कर दी. गौरतलब है कि कुलदीप सिंह सेंगर पहले से ही उन्नाव बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार केस में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दी गई सजा निलंबन की राहत पर भी रोक लगा दी थी. हालांकि, कस्टोडियल डेथ केस में सेंगर की दोषसिद्धि के खिलाफ अपील अभी लंबित है, जिस पर सुनवाई बाद में होगी. फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले को कुलदीप सिंह सेंगर के लिए एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है.

देवनानी ने भारत रिन्यूएबल एक्सपो में दिए पीएम सूर्यघर पुरस्कार

जयपुर. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि आज जब पूरा विश्व संसाधनों की कमी से जूझ रहा है ऐसे में हमारी संसाधनों को पूजने वाली संस्कृति बहुत महत्वपूर्ण है। आज ऊर्जा के स्त्रोत पेट्रोल, डीजल, कोयला, पानी, शुद्ध वायु निरन्तर कम होते जा रहे हैं। ऐसे में मानवता को बचाने के लिए ऊर्जा के नए स्त्रोत काम में लिए जा रहे हैं। उनमें से एक बहुत बड़ा स्त्रोत भगवान सूर्य की ऊर्जा का उपयोग भी है और सम्पूर्ण भारत में इसका विकास तीव्र गति से हो रहा है।  स्पीकर देवनानी रविवार को यहां वी.टी. रोड ग्राउण्ड मानसरोवर में भारत रिन्यूएबल एक्सपो 2026 के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। श्री देवनानी ने पीएम सूर्यघर पुरस्कार प्रदान किए।  स्पीकर देवनानी ने कहा कि राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा प्रदेश होने के साथ खनिज सौर ऊर्जा की उपलब्धता वाला बड़ा प्रदेश है। सीमावर्ती जिले बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, फलोदी इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। देवनानी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक एक्सपो नहीं, बल्कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक मजबूत संकल्प और साझा प्रयास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चिन्तन-मनन और विचार करें, पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, ऐसे समय में भारत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से अग्रसर है।  स्पीकर देवनानी ने कहा है कि राजस्थान को प्रकृति ने प्रचुर सूर्य प्रकाश और विशाल भू-भाग का वरदान दिया है। यही कारण है कि आज राजस्थान देश के अग्रणी सोलर और विंड एनर्जी उत्पादक राज्यों में शामिल है। थार के मरुस्थल से लेकर राज्य के विभिन्न अंचलों तक, सोलर पार्क, विंड फार्म और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स न केवल ऊर्जा उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और विकास के नए अवसर भी सृजित कर रहे हैं। स्पीकर देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाई गई प्रगतिशील नीतियाँ, निवेश के अनुकूल वातावरण और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने राजस्थान को रिन्यूएबल एनर्जी निवेश का एक प्रमुख केंद्र बना दिया है। ग्रीन हाइड्रोजन, बैट्री स्टोरेज और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भी राजस्थान अपार संभावनाओं वाला राज्य है। समारोह में विधायक पुष्पेन्द्र सिंह राणावत सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

CM योगी का कड़ा कदम: नोएडा में इंजीनियर की मौत पर SIT जांच, जल्द मांगी रिपोर्ट

नोएडा नोएडा में सॉफ्टफेयर इंजीनियर की मौत मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है और कहा है कि उन्हें पांच दिनों के अंदर एसाईटी की रिपोर्ट चाहिए। नोएडा के सेक्टर 150 में युवराज मेहता की गाड़ी पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी। काफी कोशिशों के बाद भी युवराज को बचाया नहीं जा सका। परिवारवालें और घटना के समय मौजूद लोग रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं। इस बीच कुछ अधिकारियों पर ऐक्शन लिए जाने और बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की भी खबर है।   वहीं मामला बढ़ता देख अब खुद सीएम योगी ने इस पर संज्ञान लिया है। सीएम के निर्देश पर घटना की जांच के लिए 3 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। इस एसआईटी का नेतृत्व मेरठ मंडलायुक्त करेंगे। मंडलायुक्त मेरठ के अलावा, मेरठ के एडीजी जोन व चीफ इंजीनियर पीडब्लूडी भी एसीआईटी में शामिल होंगे। ये एसआईटी पांच दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सीएम योगी को सौंपेगी।  

‘साइबरटेक ग्लोबल तेल अवीव-2026’ में साइबर टेक्नोलॉजी समझाएंगे यूपी के सुपर कॉप

इज़राइल में दिखेगी यूपी की साइबर शक्ति, दुनिया सीखेगी यूपी से साइबर सुरक्षा का भारतीय मॉडल 'साइबरटेक ग्लोबल तेल अवीव-2026' में साइबर टेक्नोलॉजी समझाएंगे यूपी के सुपर कॉप  इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ साइबर सिक्योरिटी सपोर्ट पर होगा फोकस साइबर सिक्योरिटी बिजनेस के लिए भारत में संभावनाएं तलाशेंगे दुनिया के दिग्गज वैज्ञानिक अमेरिका, यूरोप, एशिया से 20 देशों के साइबर एक्सपर्ट्स जुटेंगे सम्मेलन में लखनऊ  दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित साइबर सुरक्षा मंचों में शुमार 'साइबरटेक ग्लोबल तेल अवीव-2026' में इस बार भारत और विशेष तौर पर उत्तर प्रदेश की साइबर ताकत पूरी दुनिया के सामने होगी। 26 से 28 जनवरी 2026 तक तेल अवीव, इज़राइल में आयोजित होने जा रहे इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यूपी के साइबर सिंघम वैश्विक मंच पर भारत की साइबर सुरक्षा क्षमता, तकनीक व अनुभव साझा करेंगे। सम्मेलन में भारत से दो दिग्गज चीफ मेंटर के रूप में शामिल हो रहे हैं। इनमें भारत सरकार के पूर्व राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक माधवन उन्नीकृष्णन नायर और उत्तर प्रदेश से एशिया के साइबर कॉप कहे जाने वाले प्रो. त्रिवेणी सिंह शामिल हैं। दोनों विशेषज्ञ दुनिया के शीर्ष साइबर वैज्ञानिकों व नीति निर्माताओं के समक्ष साइबर सुरक्षा की बारीकियां और अपनाई जा रही तकनीक को प्रस्तुत करेंगे। इन देशों से आएंगे विशेषज्ञ तेल अवीव में होने जा रहे इस वैश्विक जमावड़े में अमेरिका, जापान, स्पेन, इटली, इंग्लैंड, जर्मनी, साइप्रस, स्कॉटलैंड, वेल्स व उत्तरी आयरलैंड, रोमानिया, फिलीपींस, संयुक्त अरब अमीरात, बेल्जियम, लातविया, नीदरलैंड, अल्बानिया, उरुग्वे, हंगरी समेत अन्य देशों के दिग्गज जुटेंगे। सीएम योगी के विजन के अनुरूप चल रहा साइबर सेफ यूपी अभियान उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार एआई व साइबर सिक्योरिटी को प्रशासनिक तथा शैक्षणिक ढांचे का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग, दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्क वेब, साइबर अपराध और आतंकी नेटवर्क जैसी चुनौतियों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में प्रो. त्रिवेणी सिंह जागरूकता के लिए 'साइबर सेफ उत्तर प्रदेश' अभियान चला रहे हैं। अब इज़राइल में 20 से अधिक देशों के बीच वह यूपी में साइबर सिक्योरिटी को लेकर किए जा रहे इनोवेटिव उपायों की जानकारी देंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर सिक्योरिटी सपोर्ट पर चर्चा करेंगे। यूपी में टेक्नोलॉजी संबंधित अपराधों से निपटने का मजबूत सिस्टम समझेंगे अन्य देश प्रो. त्रिवेणी सिंह अपने 25 वर्षों से अधिक के अनुभव के आधार पर बताएंगे कि किस तरह उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और टेक्नोलॉजी आधारित अपराधों से निपटने के लिए मजबूत सिस्टम खड़ा किया है। वहीं, माधवन उन्नीकृष्णन नायर भारत के राष्ट्रीय साइबर फ्रेमवर्क और नीति अनुभव को वैश्विक मंच पर साझा करेंगे। साइबर सहयोग, टेक्नोलॉजी साझेदारी और बिजनेस पर होगा मंथन सम्मेलन में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान भारत और दुनिया के अन्य 20 देशों के बीच साइबर सिक्योरिटी सहयोग, टेक्नोलॉजी साझेदारी और साइबर बिजनेस की संभावनाओं पर भी व्यापक मंथन होगा। देश को भविष्य का ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी हब बनाने की दिशा में अहम कदम सम्मेलन में अमेरिका से यूरोप और एशिया तक के साइबर एक्सपर्ट्स का जमावड़ा रहेगा। यह सम्मेलन भारत की साइबर शक्ति को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ देश को भविष्य का ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी हब बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा। इसमें भारत के लिए नए अवसर, साइबर सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और बिजनेस संभावनाओं पर विशेष तौर पर चर्चा की जाएगी।

अवैध निर्माण मामले में विजिलैंस के रडार पर नामचीन इलाकों की बिल्डिंगें

जालंधर. नगर निगम का बिल्डिंग विभाग एक बार फिर विवाद का केंद्र बनता दिख रहा है क्योंकि विजिलैंस ने शहर की कई अवैध बिल्डिंगों विरुद्ध जांच तेज कर दी है। गौरतलब है कि आर.टी.आई. एक्टिविस्ट रविन्द्रपाल सिंह चड्ढा पिछले कई महीनों से अवैध और नियमों के विरुद्ध बनी कमर्शियल इमारतों को लेकर लगातार शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। इन शिकायतों के आधार पर नगर निगम द्वारा संबंधित बिल्डिंगों को नोटिस जारी किए गए थे और कुछ इमारतों को सील भी किया गया था। हालांकि, निगम की कार्रवाई यहीं तक सीमित रह गई। हैरानी की बात यह है कि जिन इमारतों को नियमों के उल्लंघन पर सील किया गया था, आज वे सभी सीलें खुल चुकी हैं और उनमें धड़ल्ले से कमर्शियल गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसके चलते निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। रविन्द्रपाल सिंह चड्ढा ने अपनी शिकायतों में आरोप लगाया कि संबंधित निगम अधिकारियों और सेवादारों की मिलीभगत के चलते इन मामलों में आगे कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सूत्रों के अनुसार विजिलैंस ब्यूरो ने अब इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रविन्द्रपाल सिंह चड्ढा को बयान दर्ज करवाने के लिए तलब किया है। बताया जा रहा है कि जिन इमारतों को लेकर शिकायतें की गई हैं, वे सभी अभी भी जांच के दायरे में हैं। विजीलैंस में जिन बिल्डिंगों की जांच चल रही है उनमें पटेल चौक के निकट ढाबे, टैगोर अस्पताल के पास चांप के साथ वाली इमारत, आहूजा चना भटूरा वाली गली में स्थित कमर्शियल बिल्डिंग्स, मेहरा ट्रांसपोर्ट के पास, सतनाम कार वाश के निकट, गुलाबदेवी रोड ईदगाह के पास तथा भगवानदास पुरा में बनी दो मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग शामिल हैं। अब सभी की निगाहें विजीलैंस ब्यूरो की जांच पर टिकी हैं कि इन मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कब और क्या कार्रवाई होती है? और ये भी पढ़े जेपी नगर व आदर्श नगर बनते जा रहे कमर्शियल हब जालंधर इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट द्वारा कई वर्ष पूर्व जे.पी. नगर और आदर्श नगर को रिहायशी कॉलोनियों के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन समय के साथ यह पूरा क्षेत्र तेजी से कमर्शियल हब में तब्दील होता जा रहा है। जे.पी. नगर और आदर्श नगर की मेन रोड पर स्थित अधिकांश कोठियों को तोड़कर अब वहां कमर्शियल बिल्डिंग्स खड़ी की जा चुकी हैं और धड़ल्ले से दुकानें व कमर्शियल प्रतिष्ठान बनाए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि लंबे समय से इस अवैध निर्माण पर नगर निगम द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। रिहायशी क्षेत्र को नियमों के विपरीत कमर्शियल उपयोग में बदला जा रहा है, जिससे न केवल ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या बढ़ रही है, बल्कि कॉलोनी की मूल योजना भी पूरी तरह बिगड़ चुकी है। अब इस मामले को लेकर आर.टी.आई. एक्टिविस्ट रवि छाबड़ा ने नगर निगम कमिश्नर को लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आदर्श नगर गुरुद्वारा के निकट आज भी अवैध रूप से कमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन निगम अधिकारी इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले एडवोकेट बृजेश चोपड़ा भी जे.पी. नगर की मेन रोड को कमर्शियल किए जाने के विरोध में नगर निगम को लीगल नोटिस भेज चुके हैं। इसके बावजूद न तो अवैध निर्माण रोका गया और न ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते निगम ने कार्रवाई नहीं की, तो पूरा क्षेत्र अनियंत्रित कमर्शियल गतिविधियों की चपेट में आ जाएगा। अब देखना यह है कि निगम प्रशासन इन शिकायतों पर कब तक संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करता है।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: राजा भैया और भानवी सिंह विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट को मिली समय सीमा

प्रतापगढ़ यूपी के प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से विधायक बाहुबली नेता रधुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और उनकी पत्नी विवाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट को आदेश दिया है कि वह इस मामले पर अगले चार महीनों के भीतर अपना फैसला सुनाए। मामला भानवी सिंह द्वारा दर्ज कराई गई घरेलू हिंसा की शिकायत से जुड़ा है, जो फिलहाल निचली अदालत में लंबित है। इससे पहले एक निचली अदालत ने राजा भैया के खिलाफ समन जारी किया था। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक (Stay) लगा दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की खूबियों (Merits) पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन हाईकोर्ट को स्पष्ट निर्देश दिया है कि समन पर लगी रोक (Stay) के मुद्दे पर चार महीने के भीतर निर्णय लिया जाए। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने यह रोक साल 2024 में लगाई थी।लगभग तीन दशकों के वैवाहिक जीवन के बाद, इस हाई-प्रोफाइल जोड़े के बीच का कलह पिछले दो वर्षों से सार्वजनिक है। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब भानवी सिंह ने राजा भैया के करीबी और एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। इसके बाद राजा भैया ने अपनी पत्नी से अलग होने के लिए साकेत कोर्ट (दिल्ली) में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी। जवाब में भानवी सिंह ने राजा भैया पर घरेलू हिंसा और गंभीर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया। इस दौरान भानवी सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए भी राजा भैया पर कई तरह के आरोप लगाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाई। भानवी सिंह के साथ रहने वाली उनकी बेटी भी इस विवाद में कूदी तो बेटा भी पिता की तरफ से कूदा। इस दौरान राजा भैया ने पूरी तरह चुप्पी साधे रखी। हालांकि उनकी तरफ से अक्षय प्रताप सिंह ने जरूर मोर्चा खोला। वर्तमान में दोनों पक्ष अदालतों में एक-दूसरे के खिलाफ डटे हुए हैं।

10,000mAh बैटरी वाला Realme P4 Power 5G: लॉन्च से पहले कीमत आई सामने, बजट सेगमेंट में मचाएगा हलचल?

नई दिल्ली Realme का जल्द नया स्मार्टफोन लॉन्च होने वाला है, नया मोबाइल खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो थोड़ा रुक जाना बेहतर होगा क्योंकि Realme P4 Power 5G को 10,000 एमएएच की दमदार बैटरी के साथ उतारा जा सकता है. दमदार बैटरी के अलावा इस फोन में कई शानदार फीचर्स मिलेंगे, ऑफिशियल लॉन्च से पहले इस हैंडसेट की कीमत लीक हो गई है जिससे इस बात का संकेत मिला है कि ये फोन आखिर किस प्राइस रेंज में उतारा जा सकता है. इस अपकमिंग फोन के लिए Flipkart पर अलग से माइक्रोसाइट तैयार की गई है जिससे फोन में मिलने वाले कुछ खास फीचर्स कंफर्म हो गए हैं. टिप्स्टर Sanju Choudhary ने X पर पोस्ट कर फोन के रिटेल बॉक्स की कीमत लीक की है. पोस्ट शेयर करते हुए फोन के रिटेल बॉक्स की इमेज को भी शेयर किया गया है जिसे देखने से पता चलता है कि फोन के 12 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 37,999 रुपए (एमआरपी) है, भारत में फोन के बॉक्स की कीमतें आमतौर पर असल रिटेल कीमतों से ज्यादा होती है. इसका मतलब ये है कि इस रियलमी स्मार्टफोन की रिटेल कीमत इससे कम हो सकती है. न केवल कीमत बल्कि पोस्ट में फोन की लॉन्च डेट को लेकर भी जानकारी दी गई है. टिप्स्टर का कहना है कि रियलमी का दमदार बैटरी वाला ये फोन 29 जनवरी 2026 को लॉन्च किया जाएगा. रियलमी यूआई 7.0 पर काम करने वाले इस फोन को तीन साल एंड्रॉयड ओएस अपडेट और चार साल तक सिक्योरिटी पैच अपडेट्स मिलते रहेंगे. फ्लिपकार्ट पर बनी माइक्रोसाइट से ये दो चीजें तो लॉन्च से पहले ही कंफर्म हो चुकी हैं. टिप्स्टर के मुताबिक, इस फोन में 6.78 इंच 4डी कर्व एमोलेड डिस्प्ले होगी जो 144 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आएगी. इसके अलावा हैंडसेट में स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए मीडियाटेक 7400 अल्ट्रा प्रोसेसर, 50 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा और 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा वाइड कैमरा सेंसर दिया गया है. सेल्फी के लिए फोन के फ्रंट में 16 मेगापिक्सल कैमरा सेंसर दिया जा सकता है. 10001 एमएएच बैटरी इस हैंडसेट में जान फूंकने के लिए दी गई है जो 80 वॉट फास्ट चार्ज सपोर्ट करेगी.

दाखिल-खारिज आवेदनों पर अब CO की नहीं चलेगी मनमानी

सहरसा. बिहार में जमीन के दाखिल खारिज के आवेदनों को अब सीओ  लटकाकर नहीं  रख सकेंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने भूधारियों का दोहन सीओ स्तर से किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। जन कल्याण संवाद कार्यक्रम के दौरान आवेदनों में आपत्ति डालकर लटकाने के मामले अंचल स्तर पर किए जाने की बात भी सामने आई है। सचिव ने समाहर्ताओं को पत्र जारी कर कहा है कि अंचलाधिकारी स्तर से बिना ठोस आधार के स्वतः आपत्ति डाली जाती है, तो इसे कदाचार माना जाएगा। पत्र में सचिव ने लिखा है कि भूमि सुधार जन कल्याण संवाद में ऑनलाइन दाखिल खारिज के आवेदनों के निष्पादन में कई तरह की अनियमितताएं सामने आई। इसमें निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन कीं किया जा रहा है। आवेदन के आम खास सूचना निर्गत होने के बाद 14 दिनों की नोटिस अवधि में कोई आपत्ति नहीं आती है, तो सीओ स्वयं आधारहीन आपति डालकर इसे सुनवाई में डाल देते हैं। कई मामलों में यह पाया गया कि अंचल स्तर पर असामाजिक तत्व द्वारा बिना आधार या बिना किसी लगाव के आपत्ति दर्ज करा देते हैं। निर्धारित समय सीमा में  निष्पादन होने को जगह जान बुझकर वाद को लंबित रख दिया जाता है। सीओ मौनी बहन ने कहा तथ्यपरक आवेदन के आधार पर निष्पादन लंबित रखा जाता है। अधिकांश आवेदन का निष्पादन ससमय कर दिया जाता है। विभागीय निर्देश का अक्षरशः पालन किया जाएगा।  14 दिनों में नहीं आए आपत्ति तो सीओ तत्काल आवेदनों का करें निष्पादन  सचिव ने सभी समाप्तांओं को निर्देश दिया है कि अगर आम सूचना प्रकाशित होने के 14 दिनों में कोई आपत्ति आती है तो संबंधित सीओ तत्काल उसका निष्पादन करें। अगर सरकारी खाता या खसरा से संबंधित मामला से सीओ आपनि दर्ज करें अन्य मामाले में बिना ठोस आधार आपत्ति की कदाचार माना जाएगा। वहीं, दूसरा भी कोई व्यक्ति बिना ठोस आधार के आपत्ति डालता है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। सभी अंचलाधिकारियों को यह चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी सामने आई तो कठोर अनुसनात्मक कारवाई की जाएगी।

रायपुर साहित्य उत्सव–2026: 23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में तीन दिवसीय भव्य आयोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और विचार विमर्श का एक सशक्त मंच बनेगा, जिसमें देश-प्रदेश के साहित्य प्रेमी, लेखक, विचारक और पाठक बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे। इस तीन दिवसीय साहित्य उत्सव में देश एवं प्रदेश के लगभग 120 ख्याति प्राप्त साहित्यकारों का आगमन होगा। आयोजन के दौरान कुल 42 साहित्यिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और बौद्धिक विषयों पर गहन विमर्श किया जाएगा। साहित्य उत्सव के सत्रों में बौद्धिक विमर्श, भारतीय ज्ञान परम्परा, संविधान, सिनेमा और समाज, देश में नव जागरण, छत्तीसगढ़ में साहित्य, इतिहास के झरौखे में साहित्य, शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा, जो वर्तमान समय की बौद्धिक आवश्यकताओं को संबोधित करेंगे। इसके अतिरिक्त नाट्य शास्त्र एवं कला परम्परा, साहित्य और राजनीति, समकालीन महिला लेखन, जनजातीय साहित्य, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पर्यटन, पत्रकारिता और शासन जैसे विषयों पर भी विशद परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही प्रकाशकों की चुनौतियां, डिजिटल युग में लेखन और पाठक जैसे समसामयिक विषय भी विमर्श के केंद्र में रहेंगे। आयोजन की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं और प्रशासन द्वारा 21 जनवरी 2026 तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजन स्थल पर मंच, पंडाल, तकनीकी व्यवस्थाएं, साज-सज्जा और अन्य आवश्यक सुविधाएं तेजी से अंतिम रूप ले रही हैं। साहित्य उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी 2026 को राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा वर्धा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। साहित्य उत्सव का समापन 25 जनवरी 2026 को होगा, जिसमें राज्य सरकार के मंत्रिगणों के साथ-साथ डॉ. सच्चिदानंद जोशी एवं डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसी प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विभूतियां विशेष रूप से शामिल होंगी। साहित्य उत्सव के दौरान 23 जनवरी को सायंकाल 7 बजे से प्रख्यात साहित्यकार एवं रंगमंच कलाकार श्री मनोज जोशी द्वारा चर्चित ‘चाणक्य’ नाटक का विशेष मंचन किया जाएगा, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा। इसके साथ ही महाभारत धारावाहिक में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले श्री नीतीश भारद्वाज तथा सिनेमा जगत के जाने-माने निर्माता-निर्देशक श्री अनुराग बसु भी साहित्य उत्सव में सहभागिता करेंगे। 24 जनवरी 2026 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा। साहित्यकारों की परिचर्चाओं एवं सत्रों के लिए आयोजन स्थल पर चार मंडप बनाए गए हैं। मुख्य मंडप का नामकरण ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के एकमात्र साहित्यकार स्व. श्री विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर किया गया है। दूसरे मंडप का नामकरण पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, तीसरे मंडप का नामकरण बस्तर के गौरव साहित्यकार लाला जगदलपुरी तथा चौथे मंडप का नामकरण साहित्यकार अनिरुद्ध नीरव के नाम पर किया गया है। आयोजन स्थल पर विशाल पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा, जहां प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, सरस्वती बुक, यशस्वी प्रकाशन, हिन्द युग्म प्रकाशन, राजपाल प्रकाशन सहित लगभग 15 राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशक अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई पुस्तकों को भी प्रदर्शित किया जाएगा तथा साहित्यकारों द्वारा लिखी गई नई पुस्तकों के विमोचन की भी समुचित व्यवस्था की गई है। आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों में हुए विकास को प्रदर्शित करने वाली आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। स्थानीय युवाओं एवं लोक कलाकारों के लिए टेलेंट ज़ोन बनाया गया है, जहां काव्य-पाठ, कहानी-पाठ, लोकनृत्य एवं गीत-संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही प्रतिदिन क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। पुरखौती मुक्तांगन तक पुराने रायपुर से आने-जाने के लिए प्रशासन द्वारा लगभग 20 निःशुल्क बसों का संचालन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाटीबंध, तेलीबांधा सहित छह मार्गों पर किया जाएगा। साहित्य उत्सव के सफल आयोजन हेतु लगभग 500 अधिकारी-कर्मचारी व्यवस्थाओं में जुटे हैं। आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों सहित स्थानीय खान-पान के लिए लगभग 15 फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल में पेयजल, स्वच्छता एवं शौचालय जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। रायपुर साहित्य उत्सव–2026  छत्तीसगढ़ की बौद्धिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन विचारधारा का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रदर्शन है। यह उत्सव साहित्य, संवाद और संस्कृति के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करेगा तथा नई पीढ़ी में अध्ययन, अभिव्यक्ति और सृजनशीलता के प्रति रुचि को और सुदृढ़ करेगा।