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झारखंड के 119 स्कूलों को मिलेगा मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार

गिरिडीह. मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए गिरिडीह जिला के आठ और पूरे राज्य के 119 विद्यालयों का चयन पांच अलग-अलग कैटेगरी में हुआ है। आठ जनवरी को संपन्न राज्य स्तरीय समिति (JEPC) की बैठक में विद्यालयों का चयन किया गया। गिरिडीह जिला के चयनित विद्यालयों में प्राइमरी ग्रामीण कैटेगरी में प्राथमिक विद्यालय भंडारीडीह व उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय घोंसे ऊपर टोला, एलीमेंट्री ग्रामीण कैटेगरी में उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोरियांचू, एलीमेंट्री शहरी में पीएम श्री शारदा कन्या मध्य विद्यालय पचंबा, उच्च विद्यालय ग्रामीण में उत्क्रमित उच्च विद्यालय दोंदलो व प्लस टू एसएस उच्च विद्यालय कुम्हरलालो, शहरी में उत्क्रमित प्लस टू सर जेसी बोस बालिका विद्यालय गिरिडीह तथा आवासीय कैटेगरी में पीएम श्री झारखंड आवासीय विद्यालय सरिया शामिल हैं। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने सभी उपायुक्त और उप विकास आयुक्त को पत्र जारी कर चयनित विद्यालयों की सूची प्रेषित की है। साथ ही आवश्यक दिशानिर्देश दिया है। चयनित विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा साप्ताहिक करने का निर्देश दिया गया है। कहा गया है कि ये चयनित विद्यालय न केवल स्वच्छ रहे बल्कि आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में सक्षम ग्रीन स्कूल्स के रूप में पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें।

ठंड और पाले से बचाने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय और विभाग ने किसानों को जारी की एडवाइजरी

गुरदासपुर. पंजाब भर में पिछले कई दिनों से जारी कड़ाके की सर्दी के कारण दिन और रात के तापमान में सामान्य से काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सैल्सियस से भी नीचे गिर गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा आने वाले दिनों में घनी धुंध और जमीनी पाले (कोहरा) की भविष्यवाणी की गई है। इसके मद्देनजर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पी.ए.यू.) लुधियाना और कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए फसलों की सुरक्षा संबंधी एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। पी.ए.यू. के कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान ठंड और पाले के दौरान खेतों की फसलों, बागों, सब्जियों और पशुओं की विशेष देखभाल करने की आवश्यकता है। खासतौर पर सब्जियां और नए लगाए गए बाग ठंड और पाले से अधिक प्रभावित होते हैं। ऐसी स्थिति में फसलों को हल्की सिंचाई देकर मिट्टी में नमी और तापमान को बरकरार रखा जा सकता है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से मल्च या सरकंडों का उपयोग करके सब्जी के पौधों और फलदार पौधों को पाले से बचाया जा सकता है। इस संबंध में जिला गुरदासपुर के मुख्य कृषि अधिकारी डा. रणधीर सिंह ठाकुर ने बताया कि गुरदासपुर क्षेत्र में इस समय दिन का तापमान लगभग 12 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया जा रहा है, जबकि रात का तापमान घटकर 4 डिग्री सैल्सियस के आसपास पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम की स्थिति में गेहूं, गन्ना और सरसों जैसी मुख्य फसलों की हालत अभी तक संतोषजनक है, लेकिन लगातार ठंड और पाला बने रहने के कारण फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। डा. ठाकुर ने किसानों को सलाह दी कि गेहूं की फसल में आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहें, ताकि पाले के प्रभाव से बचाव हो सके। सरसों की फसल में कीटों और बीमारियों की निगरानी जारी रखें और जरूरत पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही कीटनाशकों का प्रयोग करें। गन्ने की फसल में भी नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है, ताकि ठंड के कारण होने वाले नुकसान से बचा जा सके। पी.ए.यू. और कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने  किसानों से अपील की है कि वे लगातार अपने खेतों का सर्वेक्षण करते रहें और मौसमी बदलावों से अवगत रहें। पशुपालकों को भी सलाह दी गई है कि वे पशुओं को ठंड से बचाने के लिए अंदर रखें और उनकी खुराक पोषण भरपूर रखी जाए, ताकि पशुओं के स्वास्थ्य पर ठंड का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

योगी सरकार का बड़ा फैसला: 6 नए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर को मिली मंजूरी, उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ   उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को नया आयाम देते हुए योगी सरकार ने राज्य में छह नए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इन कॉरिडोर के निर्माण से उत्तर से दक्षिण तक जिलों का सीधा जुड़ाव होगा और दो दर्जन से अधिक जिलों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार की ओर से इन कॉरिडोर को लेकर बनाई गई कार्ययोजना को लोक निर्माण विभाग (PWD) ने स्वीकृति दे दी है। जल्द ही कैबिनेट से लागत (एस्टिमेट) को मंजूरी दिलाकर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। पहली बार नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी पर फोकस अब तक प्रदेश में बने अधिकांश एक्सप्रेसवे और हाईवे पूर्व-पश्चिम दिशा में हैं। यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को लेकर योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते दो वर्षों से इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहे थे। सीएम योगी इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भी मांग कर चुके हैं। हाल ही में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष भी नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर का मुद्दा उठाया था। ये हैं प्रदेश के 6 नए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोरः श्रावस्ती-प्रयागराज कॉरिडोर (262 किमी)     मार्ग: इकौना (श्रावस्ती)-अयोध्या-सुल्तानपुर-प्रयागराज     चार पैकेज में निर्माण     कई हिस्सों में सिक्स लेन ग्रीनफील्ड हाईवे     शामली-गोरखपुर हाईवे, पूर्वांचल और विंध्य एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी कुशीनगर-वाराणसी कॉरिडोर (220 किमी)     मार्ग: कुशीनगर-देवरिया-दोहरीघाट-गाजीपुर-वाराणसी     अनुमानित लागत: ₹342 करोड़     कुछ खंड पहले से फोर लेन, शेष का निर्माण PWD करेगा नेपाल सीमा से प्रयागराज कॉरिडोर (295 किमी)     मार्ग: पिपरी (भारत-नेपाल सीमा)-सिद्धार्थनगर-जौनपुर-प्रयागराज     PWD और NHAI/MoRTH द्वारा संयुक्त निर्माण     कुल लागत 1,380 करोड़ रुपये से अधिक लखीमपुर–बांदा कॉरिडोर (502 किमी)     मार्ग: लखीमपुर-सीतापुर-लखनऊ-उन्नाव-फतेहपुर-बांदा     कई हिस्से पहले से फोर लेन     PWD और NHAI दोनों एजेंसियां करेंगी निर्माण बरेली–ललितपुर कॉरिडोर (547 किमी)     मार्ग: बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर     गंगा, यमुना और प्रस्तावित शामली–गोरखपुर एक्सप्रेसवे से कनेक्ट     अधिकांश हिस्से पहले से फोर लेन पीलीभीत–उरई–हरपालपुर कॉरिडोर (514 किमी)     मार्ग: पीलीभीत टाइगर रिजर्व-शाहजहांपुर-फर्रुखाबाद-उरई-हरपालपुर     गंगा, आगरा–लखनऊ और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से लिंक     कुल लागत करीब ₹1,188 करोड़ दो साल में पूरे होंगे सभी प्रोजेक्ट लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए जाने वाले हिस्सों की कार्ययोजना स्वीकृत हो चुकी है। NHAI और MoRTH को भी उनके हिस्सों की जानकारी भेज दी गई है। लोक निर्माण के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने बताया कि कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा और दो साल के भीतर सभी छह कॉरिडोर पूरे कर लिए जाएंगे।  

रायपुर में भारत-न्यूजीलैंड टी-20 मैच के टिकट लेने उमड़ी स्टूडेंट और फैंस की भीड़

रायपुर. छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में 23 जनवरी को होने वाले भारत और न्यूजीलैंड के टी-20 मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। मैच की टिकट के लिए इंडोर स्टेडियम में सुबह से ही बड़ी संख्या में दर्शक और छात्र कतार में खड़े रहे। क्रिकेट मैच की ऑनलाइन टिकटों की बिक्री पहले ही शुरू हो चुकी है। स्टूडेंट टिकट की बिक्री आज सुबह 10 बजे से शुरू की गई, जिसमें टिकट की कीमत 800 रुपये रखी गई है। आयोजकों ने बताया कि प्रत्येक छात्र को केवल एक ही टिकट दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को मैच देखने का अवसर मिल सके। विशेष काउंटर और सुविधा रायपुर के इंडोर स्टेडियम में टिकट बिक्री के लिए विशेष काउंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन टिकट खरीदने वाले दर्शकों के लिए फिजिकल टिकट प्राप्त करने के लिए अलग काउंटर की भी व्यवस्था की गई है। पहले चरण में बिकी 12 हजार टिकट गुरुवार शाम पहले चरण की टिकट बिक्री में करीब 12 हजार टिकट महज आधे घंटे में बिक गई। इससे मैच को लेकर दर्शकों के उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है। क्रिकेट फैंस का यह उत्साह 23 जनवरी के मुकाबले को और रोमांचक बनाएगा और स्टेडियम में उमड़ने वाली भीड़ इस बात का संकेत है कि यह मैच दर्शकों के लिए यादगार रहेगा। वेंडर नहीं, चलता-फिरता मेन्यू कार्ड!: इस बार स्टेडियम और उसके आसपास वेंडर एक जैसी टी-शर्ट पहने नजर आएंगे, जिस पर बेची जाने वाली खाद्य सामग्री के दाम लिखे होंगे. इसका मकसद यह है कि दर्शकों को पहले से ही खाने-पीने की चीजों की सही कीमत पता रहे और कोई भी वेंडर तय रेट से ज्यादा वसूली न कर सके. यह व्यवस्था पिछली बार हुए मैच के दौरान स्टेडियम में खाद्य सामग्री के मनमाने दाम वसूले जाने की शिकायतों के बाद की गई है. आज शाम से शुरू होगी बिक्री:छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (CSCS) ने 23 जनवरी को रायपुर में होने वाले इंडिया बनाम न्यूज़ीलैंड T20 इंटरनेशनल मैच के लिए टिकट की पूरी जानकारी साझा कर दी है. CSCS के डायरेक्टर विजय शाह और बलदेव सिंह भाटिया ने मैच को लेकर जरूरी जानकारियां दीं. विजय शाह ने बताया कि स्टूडेंट्स के लिए खास टिकट का इंतजाम किया गया है. स्टूडेंट टिकट, जिनकी कीमत ₹800 रखी गई है, सिर्फ इनडोर स्टेडियम में ही मिलेंगे और हर स्टूडेंट को सिर्फ एक ही टिकट दिया जाएगा. छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने यह भी घोषणा की है कि इस भारत बनाम न्यूज़ीलैंड T20 मैच के लिए टिकटों की बिक्री आज (15 जनवरी) शाम से शुरू होगी, जिसका क्रिकेट प्रेमी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. पिछली बार की तरह इस बार भी ticketgenie वेबसाइट पर टिकट मिलेंगी. स्टैंड टिकट की कीमतें     2000     2500     3000     3,500 प्रीमियम कैटेगरी में     सिल्वर टिकट ₹7,500     गोल्ड टिकट ₹10,000     प्लैटिनम टिकट ₹12,500     कॉर्पोरेट बॉक्स टिकट ₹25,000 पिछली बार हुए मैच में खाद्य सामग्री को लेकर मनमानी वसूली की कई शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद इस बार संघ ने यह अनोखा और सख्त फैसला लिया है. अब दर्शकों को समोसा लेने से पहले “भैया कितना?” पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि रेट सीधे वेंडर की टी-शर्ट पर लिखा होगा.     समोसा (100 ग्राम) – ₹50     सैंडविच (एक पीस) – ₹60     बर्गर – ₹80     आइसक्रीम – MRP अनुसार     वेफर्स – MRP अनुसार     पफ – ₹50     पिज़्ज़ा – ₹250     पॉपकॉर्न (कोन) – ₹60     पॉपकॉर्न (टब) – ₹100     स्टीम मोमो (शाकाहारी) – ₹150     स्टीम मोमो (चिकन) – ₹200     फ्राइड मोमो (शाकाहारी) – ₹200     फ्राइड मोमो (चिकन) – ₹250 बिना टिकट नो एंट्री:संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहेगी. स्टेडियम में सिर्फ टिकट और पासधारी लोगों को ही प्रवेश मिलेगा. बिना टिकट या पास के किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी. दरअसल पिछले मैच के दौरान कुछ लोगों को दीवार फांदते देखा गया था. क्रिकेट का जश्न या रेट-लिस्ट का त्योहार?:रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में इस मैच को लेकर जबरदस्त उत्साह है. भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच होने वाले इस रोमांचक मुकाबले के साथ-साथ इस बार दर्शकों की नजरें मैदान से ज्यादा शायद वेंडरों की टी-शर्ट और रेट-लिस्ट पर टिकी रहेंगी. कुल मिलाकर, रायपुर का यह मैच अब सिर्फ भारत बनाम न्यूज़ीलैंड नहीं, बल्कि दर्शक बनाम महंगाई, समोसा बनाम पॉपकॉर्न और वेंडर बनाम रेट-लिस्ट टी-शर्ट सिस्टम का मुकाबला भी बन गया है.

समस्तीपुर में ड्रोन से छिड़काव पर अनुदान का 106 किसानों ने किया आवेदन

समस्तीपुर. खाद हो या कीटनाशक, किसानों को इसके छिड़काव के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके लिए सरकार उन्हें किराए पर ड्रोन उपलब्ध करा रही है। साथ ही छिड़काव के लिए जो सरकारी दर निर्धारित किया गया है, उसपर भी 50 फीसद तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। समस्तीपुर जिले में अब तक कुल 106 किसानों ने 1100 एकड़ के लिए आवेदन किया है। समस्तीपुर में दो हजार एकड़ में ड्रोन से दवा छिड़काव का लक्ष्य है। किसानों को प्रति एकड़ छिड़काव कराने पर सरकार 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। दवा का छिड़काव करने वाली सेवा प्रदाता एजेंसी का चयन किया गया है। एक एकड़ में छिड़काव करने पर 480 रुपये खर्च आएगा। इसमें से 240 रुपये ही किसानों को देना पड़ेगा। ड्रोन से छिड़काव के लिए एक किसान अधिकतम 15 एकड़ तक का ही लाभ ले सकते हैं। साथ ही दवा भी किसान को ही उपलब्ध करानी होगी। अच्छी बात यह कि रैयत के साथ ही गैर-रैयत किसानों को भी लाभ दिया जा रहा है। रैयत किसानों को अपनी भूमि का रसीद भी लगाना होगा, जबकि गैर-रैयत किसानों को स्व-घोषणा पत्र एवं पड़ोस के दो किसानों का गवाह का हस्ताक्षर के साथ आवेदन संलग्न कर जमा कराना होगा। 240 रुपये में एक एकड़ में ड्रोन से फसलों पर छिड़काव एक एकड़ में छिड़काव पर 480 रुपये का खर्च निर्धारित है। इसमें से 240 रुपये ही किसानों को देना पड़ेगा। ड्रोन से छिड़काव के लिए एक किसान अधिकतम 15 एकड़ तक का ही लाभ ले सकते हैं। साथ ही दवा भी किसान को ही उपलब्ध करानी होगी। कृषि विभाग एवं कृषि वैज्ञानिक द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों का प्रयोग करना होगा। निबंधित किसानों को मिलेगा योजना का लाभ किसान तिलहन, दलहन, आलू, मक्का, गेहूं व अन्य फसलों पर कीट प्रबंधन के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर निबंधित हैं। आवेदन के लिए जरूरी प्रक्रिया ड्रोन से दवा का छिड़काव कराने वाले इच्छुक किसान कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करते समय जमीन का रकवा, फसल के प्रकार, जमीन का रसीद और आधार कार्ड देना होगा। कृषि समन्वयक, पौधा संरक्षण कर्मी, प्रखंड तकनीकी व सहायक प्रबंधक प्राप्त आवेदनों का सत्यापन करेंगे। जबकि, चयनित एजेंसी ड्रोन से दवा का छिड़काव करेगी। दो हजार एकड़ में छिड़काव का लक्ष्य – समस्तीपुर जिला में कृषि ड्रोन से फसलों पर कीटनाशी एवं तरल उर्वरक का छिड़काव योजना शुरू किया गया है। कृषि विभाग द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तहत ड्रोन से दवा का छिड़काव के लिए समस्तीपुर जिला का भी चयन किया गया है। समस्तीपुर जिला में कुल दो हजार एकड़ में छिड़काव करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक प्रखंड में 100 एकड़ छिड़काव की योजना है। – राजीव कुमार रजक, सहायक निदेशक (पौधा संरक्षण) कृषि विभाग, समस्तीपुर

‘झारखंड में लूट-खसोट, हत्या और भ्रष्टाचार हावी’: बीजेपी अध्यक्ष

रजरप्पा/रामगढ़. भाजपा के नव नियुक्त झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू गुरुवार को अपने पूरे परिवार के साथ झारखंड के प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा मंदिर पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने मां छिन्नमस्तिके की विधिवत पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने नारियल बलि देकर रक्षा सूत्र भी बंधवाया और राज्य की सुख-समृद्धि, शांति व जनकल्याण की कामना की। पूजा-अर्चना के पश्चात पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के प्रेम, विश्वास और समर्पण के कारण ही राष्ट्रीय नेतृत्व ने एक साधारण कार्यकर्ता को झारखंड प्रदेश अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अध्यक्ष बनने के बाद उनका पहला कार्यक्रम देवी के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लेना रहा। उन्होंने मां से शक्ति, विवेक और मार्गदर्शन देने की प्रार्थना की, ताकि सौंपे गए दायित्व का निर्वहन ईमानदारी और निष्ठा के साथ कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि मां छिन्नमस्तिके झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं की आस्था की प्रतीक हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को राज्य के हर गांव, कस्बा, टोला और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को और अधिक सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आजादी के बाद पहली बार एक गरीब परिवार का बेटा प्रधानमंत्री बना है और उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है। सरकार पर किया हमला आदित्य साहू ने झारखंड की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में लूट खसोट, हत्या बलात्कार व भ्रष्टाचार का बोलबाला है। राज्य में अन्याय और अत्याचार लगातार बढ़ा है। कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पद्म भूषण करिया मुंडा को फोन पर धमकी दिए जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रदेश में बढ़ती अराजकता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता अब मौजूदा सरकार की कार्यशैली से त्रस्त हो चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि झारखंड राज्य के निर्माण में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक भूमिका रही है। आने वाले समय में जनता एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताएगी और चुनाव के माध्यम से अन्याय-अत्याचार वाली सरकार को उखाड़ फेंकेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में पुनः भाजपा की सरकार बनेगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और श्रद्धालु उपस्थित थे। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित पिछले दिनों धुर्वा रांची से दो बच्चे अंश व आंशिक के अपहरण की घटना से पूरा राज्य आक्रोशित था। राज्य भर की पुलिस उन्हें ढूंढने का प्रयास कर रही थी। लेकिन उन्हें ढूंढने काम बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। इसी को लेकर चितरपुर बाजार टांड़ में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बजरंग दल के डब्लू साहू, सचिन कुमार, सुनील कुमार, सन्नी नायक और अंशु कुमार को शॉल ओढ़ाकर व माला पहनाकर सम्मानित किया। मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव कुमार बबला, प्रखंड अध्यक्ष निरंजन कुमार, रमेश वर्मा, युगेश महतो सहित कई मौजूद थे।

हरियाणा में शीघ्र की जाएगी दंत चिकित्सकों की भर्ती

चंडीगढ़. हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सकों की किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में 64 दंत चिकित्सकों की भर्ती शीघ्र की जाएगी, जिसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस भर्ती से प्रदेश में दंत चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा तथा आम नागरिकों को बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों तथा सहायक स्टाफ की नियुक्ति के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और नवीनतम मशीनों की स्थापना की जा रही है। उधर , स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री ने हिसार के आजाद नगर में 50 बेड का अस्पताल /पॉलिक्लिनिक के निर्माण को भी स्वीकृति दे दी है। उन्होंने बताया कि जहां भी आवश्यकता होगी वहां पर नए स्वास्थ्य संस्थान निर्मित किये जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने  जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नागरिकों को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ये सभी कदम प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा जन-हितैषी बनाने की दिशा में सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

अमृत भारत एक्सप्रेस की बुकिंग शुरू होते ही बढ़ी वेटिंग लिस्ट

धनबाद. इंतजार की घड़ियां समाप्त हो गई हैं। धनबाद होकर चलने वाली हावड़ा–आनंदविहार अमृत भारत एक्सप्रेस के लिए टिकटों की बुकिंग शुरू होते ही यात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। 22 जनवरी से शुरू होने वाली इस ट्रेन के पहले ही दिन की टिकटें वेटिंगलिस्ट में चली गईं, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अमृत भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 18 जनवरी को करेंगे। गुरुवार से जैसे ही टिकटों की बुकिंग खुली, कुछ ही समय में सीटें भर गईं और वेटिंग शुरू हो गई। धनबाद से आनंदविहार तक इस ट्रेन का किराया 650 रुपये निर्धारित किया गया है। केवल स्लीपर और जनरल कोच के साथ संचालित होने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस का किराया अन्य मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों की तुलना में 50 से 55 रुपये अधिक है। इसके बावजूद यात्रियों में इस नई ट्रेन को लेकर खासा आकर्षण देखा जा रहा है। हालांकि, समय के लिहाज से यह हावड़ा से दिल्ली के बीच चलने वाली सबसे अधिक समय लेने वाली ट्रेन होगी। जहां अन्य ट्रेनें धनबाद से दिल्ली की दूरी साढ़े 15 घंटे से साढ़े 19 घंटे में तय कर लेती हैं, वहीं अमृत भारत एक्सप्रेस को इस दूरी को पूरा करने में 22 घंटे 45 मिनट लगेंगे। अमृत भारत; आज से टिकट बुकिंग शुरू इस ट्रेन में जनरल कोटे को लेकर धनबाद के यात्रियों में निराशा भी है। धनबाद के लिए मात्र 20 जनरल टिकटों का कोटा तय किया गया है, जबकि हावड़ा के लिए 278 जनरल टिकट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बावजूद अमृत भारत एक्सप्रेस को लेकर यात्रियों में उत्साह बना हुआ है। वाराणसी का किराया और समय दोनों ज्यादा अमृत भारत से धनबाद से वाराणसी के लिए 305 रुपये चुकाना होगा। दूसरी ट्रेनों में 270 से 300 रुपये ही है। गंगा-सतलज से 7:30 घंटे, शब्दभेदी 7:05 घंटे तो हावड़ा-लालकुआं 7:00 घंटे में वाराणसी पहुंचती है। अमृत भारत 7:45 घंटे लेगी। लखनऊ के लिए 425 से 440 के बदले 460 रुपये चुकाना होगा। धनबाद से अन्य ट्रेनों की समय अवधि व किराया  हावड़ा–कालका नेताजी एक्सप्रेस : 19 घंटे 31 मिनट — ₹600 कोलकाता–अमृतसर जालियांवाला बाग एक्सप्रेस : 15 घंटे 45 मिनट – ₹595 हावड़ा–बाड़मेर एक्सप्रेस : 16 घंटे 35 मिनट — ₹595 सियालदह–आनंदविहार बंगाल संपर्क क्रांति एक्सप्रेस : 15 घंटे 35 मिनट – ₹595 हावड़ा–नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस : 18 घंटे 05 मिनट- ₹600

अनिंदिता मित्रा बनीं नई मुख्य निर्वाचन अधिकारी

चंडीगढ़. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 2007 बैच की आईएएस अधिकारी अनिंदिता मित्रा को पंजाब का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने सिबिन सी. का स्थान लिया है, जो अब केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से यह नियुक्ति प्रशासनिक अनुभव और चुनावी प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। कौन हैं अनिंदिता मित्रा? अनिंदिता मित्रा 2007 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और इससे पहले वे राज्य और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुकी हैं। उन्हें प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए जाना जाता है। निर्वाचन आयोग को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में पंजाब में आगामी चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न होंगे। वहीं, सिबिन सी. के कार्यकाल को भी सफल माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में मतदाता जागरूकता अभियान, ईवीएम और वीवीपैट से जुड़े प्रशिक्षण तथा चुनावी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया। अब उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद यह जिम्मेदारी अनिंदिता मित्रा को सौंपी गई है।

भिलाई में सतनामी समाज के जैतखाम परिसर में लोहे के रॉड से मचाया उत्पात

दुर्ग. भिलाई में जैतखाम को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिलाई-3 स्थित गुरु घासीदास नगर, वार्ड क्र. 7 के सार्वजनिक जय स्तंभ जैतखाम परिसर में नगर के ही रहने वाले एक शख्स ने घुसकर उत्पात मचाया। सतनामी समाज के अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद कोसले ने कहा कि 10 जनवरी की सुबह करीब 7:30 बजे अजय जंगम अपनी मां के साथ पहुंचा था। रोजाना की तरह सामूहिक आरती हो रही थी, इसी दौरान उसने गेट पर लात मारी और लोहे का रॉड लेकर समाज के लोगों को धमकाने लगा। बताया जा रहा है कि गाली-गलौज करते हुए युवक जैतखाम को नुकसान पहुंचाने के नियत से आगे बढ़ रहा था, जिसे लोगों ने रोका। मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। चंद्रिका प्रसाद कोसले के मुताबिक, जय स्तंभ जैतखाम की स्थापना लगभग 30 साल पहले नगरवासियों ने मिलकर की थी। हर साल 18 दिसंबर से 31 दिसंबर तक गुरु घासीदास जयंती का आयोजन भी इसी परिसर में होता है। रोजाना सामाजिक आरती में एक छोटा बॉक्स चलाया जाता है, जिसके लिए एसडीएम से विधिवत अनुमति ली गई है। आरती में किसी बड़े लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि छोटे साउंड बॉक्स से सीमित दूरी तक ही आवाज जाती है।