samacharsecretary.com

चक्रधर समारोह में आशिका सिंघल की मनमोहक कथक प्रस्तुति

रायपुर. 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह में 8 साल की नन्हीं कथक कलाकार आशिका सिंघल ने मनोहक प्रस्तुति दी. नृत्यांगना आशिका सिंघल ने  प्रस्तुति की शुरुआत ‘जय-जय जगतजननी देवी…’ स्तुति से की. इसके बाद उन्होंने कथक के तोड़ा, 50 चक्कर, टुकड़ा, आमद और तत्कार की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. प्रस्तुति के अगले चरण में आशिका ने श्रीकृष्ण और राधा-रानी की होली-रास पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की. भाव-भंगिमाओं के साथ लय और ताल के सुंदर समन्वय ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए. उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा. 4 साल की उम्र से सीख रही कथक राजकुमार कॉलेज, रायपुर की कक्षा तीसरी की छात्रा आशिका ने महज 4 वर्ष की उम्र से कथक का प्रशिक्षण शुरू किया है. वह अपनी गुरु नेहा सिंह के मार्गदर्शन में कथक की साधना कर रही हैं. आशिका इससे पहले पावस प्रसंग, राज्योत्सव और 40वें चक्रधर समारोह जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं.

यूपी ट्रेड शो में रुहेलखंड का जलवा, बरेली की जरी और पीलीभीत की नक्काशी बनेगी आकर्षण

यूपी ट्रेड शो: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में चमकेगा रुहेलखंड, बरेली की जरी से मेंथा-फार्मा को मिलेगा बड़ा बाजार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर को मिलेगा बड़ा बाजार बरेली की सबसे बड़ी भागीदारी, जरी से मेंथा तक दिखेगा दम पीलीभीत की नक्काशी, शाहजहांपुर की जरी और रुहेलखंड का स्वाद बरेली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर और उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की मुहिम में रुहेलखंड बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2026 में बरेली की जरी-जरदोजी, मेंथा, दवा, बांस-बेंत और खाद्य उत्पादों की चमक दिखाई देगी। पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी और शाहजहांपुर की जरी कारीगरी भी खरीदारों के सामने होगी। नए निर्यातकों से लेकर पहले से विदेशों में कारोबार कर रही इकाइयों तक को अलग-अलग मंडप में जगह दी गई है। मंडलायुक्त बरेली शंभू कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्यमों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने की रही है। इसी दिशा में यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और निर्यातकों के लिए बड़ा मंच बन रहा है। बरेली मंडल से पारंपरिक जरी-जरदोजी और लकड़ी की नक्काशी के साथ दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत से जुड़े उद्यम भी इसमें शामिल हो रहे हैं।  बरेली की जरी-जरदोजी दिखाएगी अपना जलवा एक जिला-एक उत्पाद में बरेली की छह इकाइयों को जगह मिली है। मनीषा ज्वेलरी सुनारी उद्योग के हस्तशिल्प उत्पाद लेकर पहुंचेगी। कमल ट्रेडर्स, पिंकी जरी आर्ट्स, शिखा जरी आर्ट, ज्योत्सना जरी वर्क और कृष्णा गारमेंट्स बरेली की जरी-जरदोजी की कारीगरी प्रदर्शित करेंगे। पीलीभीत से राशिद हैंडीक्राफ्ट और फाइजाह मलिक लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगे।  मसालों से रेजिन कला तक, छोटे उद्योग दिखाएंगे ताकत  बरेली के छोटे और मझोले उद्योगों की विविधता भी दिखाई देगी। सृष्टिपूर्ति मसाले और मसाला मिश्रण, जबकि नंदू शेफ खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित करेगा। शील कलाकृति हाथ से तैयार रेजिन कला और ग्लिट्ज एंड थ्रेड्स आभूषण लेकर पहुंचेगा। हंकरी आर्ट एंड एसेंस सुगंधित मोमबत्तियां, रेजिन उत्पाद और धागे की चूड़ियां प्रदर्शित करेगा। फार्म टैब हेल्थ केयर दवा उत्पाद लेकर पहुंचेगा। इसके अलावा राजेश जरी गुड्स और रूबी जरी फैशन जरी-जरदोजी, हाथ की कढ़ाई और कृत्रिम आभूषणों के जरिए बरेली की कारीगरी दिखाएंगे।  नए निर्यातकों को बड़ा मौका, बरेली की तीन इकाइयों के पांच स्टॉल स्टॉल 14 नए निर्यातकों के लिए रखा गया है। इसमें बरेली की तीन इकाइयों को कुल पांच स्टॉल मिले हैं। एचएनवी फार्मा लिमिटेड (हम्बल हेल्थकेयर) दवा उत्पादों के लिए दो स्टॉल लगाएगी। दस्तकार बैम्बू केन डेवलपमेंट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बांस और बेंत से तैयार उत्पाद लेकर पहुंचेगी। सिरमौर सोप्स एंड एलाइड प्रोडक्ट्स साबुन, कपड़े धोने के उत्पाद और झाड़ू के साथ दो स्टॉल लगाएगी। पीलीभीत की पीटीआर ग्लोबल एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड भारतीय लकड़ी से तैयार उत्पादों के साथ यहां मौजूद रहेगी। इसे एक स्टॉल मिला है।  मेंथा की खुशबू से कपड़ों और पैकेजिंग तक बरेली की पहुंच नियमित निर्यातकों के लिए निर्धारित मंडप 15 में बरेली की तीन इकाइयां शामिल हैं। एसए इंटरनेशनल परिधान लेकर पहुंचेगी। केल्विन नेचुरल मिंट प्राइवेट लिमिटेड मेंथा तेल, पुदीना तेल, मेंथॉल क्रिस्टल और स्पीयरमिंट तेल जैसे उत्पाद प्रदर्शित करेगी। अंजनिनंदन प्रीमियर पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड पॉलीप्रोपाइलीन के थैले पेश करेगी। तीनों इकाइयों को एक-एक स्टॉल मिला है। वहीं पीलीभीत की राशिद हैंडीक्राफ्ट लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद प्रदर्शित करेगी। दारक्षा मलिक और सुभुही जरी-जरदोजी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगी। शाहजहांपुर से कुमकुम जरी वर्क्स जरी और उससे तैयार वस्तुओं के जरिए जिले की कारीगरी को खरीदारों के सामने रखेगी।  कारोबार के साथ बदायूं का पेड़ा और बरेली की बर्फी का स्वाद व्यापार मेले में सिर्फ उत्पादों का कारोबार नहीं होगा, रुहेलखंड का स्वाद भी लोगों को अपनी ओर खींचेगा। बरेली की अजंता स्वीट्स, रामपुर गार्डन और किप्स की बर्फी को पैकेज्ड खाद्य काउंटर में जगह मिली है। वहीं मोहित शर्मा नाश्ता कॉर्नर के छोले-भटूरे सीधे तैयार कर परोसे जाएंगे। वहीं बदायूं के हब्बू हलवाई का मशहूर पेड़ा भी व्यापार मेले में पहुंचेगा। पीलीभीत का पवन स्वीट हाउस खोया आधारित मिठाइयां और लौंज पेश करेगा। शाहजहांपुर से लोंजे को जगह मिली है। बदायूं के सूरज मिष्ठान भंडार, ककराला को भी स्थानीय व्यंजन के लिए स्टॉल संख्या 33 दिया गया है।   जरी के धागे से निर्यात की उड़ान तक रुहेलखंड की कारोबारी तस्वीर अब सिर्फ पारंपरिक हुनर तक सीमित नहीं है। एक तरफ बरेली की जरी-जरदोजी और पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी है तो दूसरी ओर दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत जैसे उद्योग भी हैं। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में इन सभी को एक मंच मिलने जा रहा है। सबसे ज्यादा भागीदारी बरेली की दिखाई दे रही है, जिससे देश-विदेश से आने वाले खरीदारों के सामने जिले के पारंपरिक हुनर के साथ बदलती औद्योगिक तस्वीर भी रखी जाएगी।

आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण-स्वच्छता पर फोकस, समुदाय की भागीदारी बढ़ाने की पहल

बच्चों की थाली बनी सामूहिक जिम्मेदारी, प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण और स्वच्छता पर जोर ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश के साथ समुदाय की भागीदारी बढ़ाने का अभियान रायपुर  राज्य में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ और ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान व्यापक रूप से चलाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पोषण अभियान और यूनिसेफ के सहयोग से प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गर्म, ताजा, पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय को बताया जा रहा है कि वे बच्चों की थाली की गुणवत्ता और स्वच्छता पर नजर रखें। भोजन साफ-सफाई से तैयार हो रहा है या नहीं, उसका स्वाद एवं गुणवत्ता कैसी है, बच्चों को क्या और किस प्रकार परोसा जा रहा है—इन विषयों पर चर्चा करने के साथ आवश्यकतानुसार सुधार के सुझाव देने और उसमें सहयोग करने के लिए भी समुदाय को प्रेरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने 12 सितम्बर को राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह रथ गांव-गांव पहुंचकर माताओं, परिवारों और समुदाय को संतुलित आहार, स्वच्छता तथा बच्चों के शुरुआती विकास के प्रति जागरूक कर रहा है। इसके साथ ही विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बच्चों के विकास की समय पर पहचान, परामर्श तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने का कार्य भी सेवा भाव से किया जा रहा है। सेवा की कहानी : आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की थाली से जुड़ी सामुदायिक भागीदारी प्रदेश के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह के दौरान बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मूल्य को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, माताओं, स्व-सहायता समूहों और समुदाय द्वारा मिलकर प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों द्वारा भोजन कम ग्रहण किए जाने की स्थिति में माताओं से चर्चा कर भोजन के स्वाद और परोसने के तरीके में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय एवं मौसमी सब्जियों, दाल और मिलेट जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने के साथ रसोई की स्वच्छता और भोजन परोसते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बच्चों के नियमित वजन एवं विकास की निगरानी भी की जा रही है, ताकि उनके पोषण स्तर में होने वाले बदलावों की समय पर पहचान की जा सके। इन प्रयासों से आंगनबाड़ी केंद्रों में समुदाय की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। अब अभिभावक और ग्रामीण भी बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, मेनू और स्वच्छता के बारे में जानकारी लेने के साथ आवश्यक सुझाव दे रहे हैं। यह पहल ‘सेवा की कहानी’ के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समुदाय की जिम्मेदारी को सामने ला रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों, पंचायतों, अभिभावकों और समुदाय को पोषण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। 9 सितम्बर से 8 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में रंग-बिरंगी थाली प्रदर्शन, पोषण मेला, माता-पिता की बैठकें, स्वच्छता अभियान और विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ केवल एक संदेश नहीं, बल्कि प्रदेश के हर बच्चे को स्वस्थ, सुपोषित और बेहतर भविष्य देने का सामूहिक संकल्प है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से यह संकल्प धरातल पर साकार हो रहा है।

बेमेतरा जिले में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 28.49 करोड़ रुपये स्वीकृत

बेमेतरा जिले में सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 28.49 करोड़ रुपये स्वीकृत रायपुर  छत्तीसगढ़-शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बेमेतरा जिले विभिन्न सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 28 करोड़ 49 लाख 81 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं।      जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में बेमेतरा जिले के दनिया उद्वहन सिंचाई योजना का विस्तारीकरण कार्य के लिए 3 करोड़ 64 लाख 92 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 254 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। धनेली जलाशय के शीर्ष कार्य बण्डपार मुरमीकरण तथा नहर का रिमाडलिंग एवं लाईनिंग तथा पक्के कार्य के लिए 4 करोड़ 92 लाख 92 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 65 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। हरदी भिभौरी जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 97 लाख 65 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 344 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। छिरहा एनीकट का निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 98 करोड़ 57 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। टेगना व्यपवर्तन का जीर्णोद्धार एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 98 लाख 29 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 150 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। टेमरी उद्वहन सिंचाई योजना लाईनिंग कार्य का मरम्मत तथा शेष मुख्य नहर एवं 5 माईनरों रिमाडलिंग एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 97 लाख 46 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 473 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

अंकुश पंघाल का दमदार प्रदर्शन, Asian Games के Round of 16 में बनाई जगह

हिसार. गांव भेरियां के मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने एशियन गेम्स में बुधवार को शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग के राउंड आफ 32 मुकाबले में अंकुश ने बहरीन के हम्सा वोगेल को 5-0 से हराकर राउंड आफ 16 में जगह बनाई। कामनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद एशियन गेम्स में उतरे अंकुश ने पूरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और पांचों जजों ने उन्हें विजेता माना। अंकुश ने मुकाबले की शुरुआत संभलकर की, लेकिन जल्द ही अपनी लय हासिल कर ली। पहले राउंड में उन्होंने प्रभावी पंच लगाए और सभी पांच जजों ने यह राउंड उनके पक्ष में दिया। दूसरे राउंड में वोगेल ने आक्रामक शुरुआत करने का प्रयास किया, लेकिन अंकुश ने मजबूत पंचों के काम्बिनेशन से जवाब देते हुए दबदबा बनाए रखा। दूसरे राउंड में भी सभी जजों ने अंकुश को 5-0 से आगे रखा। अंतिम राउंड में भी अंकुश ने अपनी बढ़त कायम रखी और वोगेल भारतीय मुक्केबाज को परेशान करने में सफल नहीं हो सके। जजों ने सर्वसम्मति से अंकुश के पक्ष में फैसला सुनाया। कबड्डी से शुरू किया था खेल सफर अंकुश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने खेल करियर की शुरुआत कबड्डी से की थी और स्टेट स्तर पर स्वर्ण पदक भी जीता था। बाद में पिता सुरेश पंघाल की सलाह पर उन्होंने बाक्सिंग को अपना खेल चुना। शुरुआत में गांव के लोग उनके इस फैसले को लेकर मजाक भी करते थे, लेकिन अंकुश ने मेहनत जारी रखी। 14 वर्ष की उम्र में अंकुश ने स्कूली नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। कोरोना काल में भी उन्होंने प्रशिक्षण जारी रखा। वर्ष 2024 में वह सेना में हवलदार बने। उनके पिता सुरेश पंघाल पूर्व राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी हैं और होटल का संचालन करते हैं। मां मुकेश देवी के अलावा बहनें नीलम, अंजू बाला और नीतू रानी भी खेलों से जुड़ी हैं। कामनवेल्थ का स्वर्ण मां को किया था समर्पित कामनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अंकुश ने अपना पदक मां मुकेश देवी को समर्पित किया था। अब एशियन गेम्स में पहले मुकाबले में जीत के साथ उन्होंने अगले दौर में जगह बना ली है। उनका लक्ष्य एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन करने के साथ ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है।

पंजाब में JDU-अकाली दल श्री आनंदपुर साहिब का चुनावी गठजोड़

चंडीगढ़. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल (यूनाइटेड) की पंजाब इकाई ने कई राजनीतिक और संगठनात्मक फैसलों की घोषणा की। इनमें शिरोमणि अकाली दल श्री आनंदपुर साहिब (एसएडीएसएएस) के साथ औपचारिक गठबंधन और दिवंगत अभिनेता व राजनेता सुनील दत्त की भतीजी ममता दत्त का जेडीयू पंजाब में शामिल होना प्रमुख रहा। जेडीयू पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष मलविंदर सिंह बेनीपाल, शिरोमणि अकाली दल श्री आनंदपुर साहिब के अध्यक्ष दविंदर सिंह और महासचिव गुरदर्शन ने कहा कि गठबंधन का उद्देश्य समान विचारधारा वाली ताकतों को एक मंच पर लाना और पंजाब में एक साझा राजनीतिक मंच को मजबूत करना है। पंजाब में भाजपा शिअद के साथ गठबंधन नहीं करेगी: पुरी केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि भाजपा पंजाब विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में दोनों पार्टियां साथ आती हैं, तो सीटों का बंटवारा बराबरी की शर्तों पर होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गठबंधन के बारे में आखिरी फैसला पार्टी नेतृत्व ही करता है। यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक सवाल पर पुरी ने कहा कि पुराने सहयोगियों का 22 सीटों वाला फॉर्मूला अब काम नहीं करेगा। भाजपा छोटे भाई की भूमिका नहीं निभाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब नशामुक्त बनाने के लिए पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ेगी। केंद्र सरकार राज्य के बेरोजगार युवाओं को नौकरी के मौके देने के लिए तेजी से काम कर रही है। पुरी रोजगार मेले के 20वें संस्करण में शामिल होने के लिए अमृतसर आए थे। उन्होंने यहां व्यापारियों, उद्यमियों, पेशेवरों और कारोबारियों के साथ एक बैठक भी की।

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं की E-KYC के लिए लगेगा कैंप

रायपुर. छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) की ओर से डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए 'मोर बिजली एप' के जरिए उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी पूरी कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, इस तकनीकी प्रक्रिया के दौरान कई उपभोक्ताओं को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य शिकायत यह सामने आ रही है कि जिन उपभोक्ताओं के आधार कार्ड में दर्ज नाम और बिजली उपभोक्ता क्रमांक (बिल) में दर्ज नाम में वर्तनी या अन्य प्रकार का अंतर है, वे ऑनलाइन माध्यम से अपनी ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। हर बुधवार को लगेंगे समाधान शिविर उपभोक्ताओं की इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए बिजली कंपनी ने तत्काल राहत प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नगर वृत्त-एक, रायपुर के अंतर्गत आने वाले सभी नगर संभाग कार्यालयों में प्रत्येक बुधवार को विशेष ई-केवाईसी शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य नाम में भिन्नता या अन्य तकनीकी त्रुटियों के कारण अटके हुए मामलों का मौके पर ही निराकरण करना है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता डिजिटल सुविधाओं का सहज लाभ उठा सकें। समय और आवश्यक निर्देश बिजली कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह साप्ताहिक शिविर हर बुधवार को सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक निरंतर संचालित होगा। नगर वृत्त-एक के दायरे में आने वाले सभी संभाग कार्यालयों में उपभोक्ता अपनी बिजली बिल की रसीद, आधार कार्ड और संबंधित दस्तावेज लेकर पहुंच सकते हैं। कंपनी के अधिकारियों ने सभी प्रभावित उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को समय पर पूरा करवाकर बिजली सेवाओं को सुचारू रखें।

CM यादव 25 सितंबर को भोपाल से 351 बसों को दिखाएंगे हरी झंडी

प्रदेश में 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भेल दशहरा मैदान भोपाल से 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना शुरुआती चरण में लगभग 1500 बसों का शुरू हो जाएगा संचालन भोपाल   मध्यप्रदेश के नागरिकों को सुलभ, सुरक्षित, आधुनिक  एवं पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा प्रदेश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। परिवहन विभाग की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का 25 सितंबर 2026 को शुभारंभ होगा। भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुरुआती चरण में 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न शहरों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना, दैनिक यात्रियों को राहत पहुंचाना और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1500 बसें चलना शुरू हो जाएंगी।  दो श्रेणियों में शुरू होंगी बस सेवाएं कार्यक्रम के दौरान 351 बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसे दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें 120 इंटरसिटी बसें हैं। ये बसें दो या दो से अधिक शहरों के बीच आवागमन को सुगम और तीव्र बनाएंगी। 231 इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और सस्ती यात्रा सुविधा प्रदान करेंगी। 7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों  की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल है। इंदौर में 145 बस, जिसमें 50 इंटरसिटी, 95 इंट्रासिटी,  भोपाल के लिए 106 बसें, जिसमें  23 इंटरसिटी, 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें, जिसमें  14 इंटरसिटी, 53 इंट्रासिटी। रीवा की 18 इंटरसिटी बस, देवास की 10 इंटरसिटी बस, कटनी की 3 और भिंड की  2 इंटरसिटी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। लगभग 15,000 सार्वजनिक बसें की जाएंगी संचालित   मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत वर्ष 2031 तक 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती दी जाएगी। प्रदेशभर में लगभग 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान होगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा।  इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर  प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा।  इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी निगरानी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत संचालित बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन सेंटरों के माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन, समयबद्धता एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इससे यात्री परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। सभी बसों को 07 सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (VLTD) सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PIS), ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी।  पीपीपी मॉडल के जरिए निजी ऑपरेटरों की सशक्त भागीदारी जन-निजी भागीदारी (PPP) को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएगी। इस मॉडल से निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, नॉन-फेयर रेवेन्यू (जैसे विज्ञापन व कार्गो सेवाएं) बढ़ाने और आधुनिक डिपो व टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं मिलेंगी साथ ही प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी मिलेगा।  परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा प्रदेश में सुगम यात्री परिवहन सेवा शुरू होने से परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यात्री परिवहन के विस्तार से प्रदेश में बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।  

‘गरबा के दौरान साढ़े 4 लाख हिंदू लड़कियां भाग जाती हैं’, BJP विधायक का बयान

इंदौर गरबे में मुस्लिमों के प्रवेश को लेकर एमपी में सियासी घमासान मचा हुआ है। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के बाद महू विधायक उषा ठाकुर ने तेवर दिखाए हैं। साथ ही उन्होंने आंकड़ों के साथ एक दलील भी दी है। उन्होंने कहा कि गरबे से हर साल विधर्मियों के साथ साढ़े चार लाख लड़कियां भाग जाती हैं। भागने के बाद एक-एक बच्चा पैदा करतीं पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि विधर्मियों के साथ भागने के बाद ये लड़कियां अगले साल एक-एक बच्चा पैदा करती हैं। पूरे साल गरबे के दौरान साढ़े चार लाख बेटियां विधर्मियों के साथ भागती हैं। फिर बच्चों को जन्म देती हैं। इसकी वजह से हर साल 9 लोग बढ़ रहे हैं। इससे जनसांख्यिकी पर असर पड़ रहा है। मूर्ति पूजा नहीं करने वालों का प्रवेश निषेध उन्होंने कहा कि हमारे सभी संगठनों ने यह निर्णय लिया है कि मूर्ति पूजा नहीं करने वाले लोगों को हम गरबा पंडालों में प्रवेश निषेध करेंगे। ये लोग षड्यंत्र के अंतर्गत कभी तिलक लगाकर तो कभी कलावा बांधकर आते हैं। बेटियों को भ्रमित करते विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि ये लोग हमारे गरबे में शामिल होते हैं और बेटियों को भ्रमित करते हैं। फिर उनका जीवन नरक बताते हैं। ऐसी विद्या कोई भी राष्ट्रभक्त नागरिक इसे आगे नहीं बढ़ने देगा। जो मूर्ति पूजा नहीं करते उनको प्रवेश नहीं भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि जनसांख्यकी पर पड़ रहे असर को देखते हुए हमारे सभी संगठनों ने प्रण किया कि किसी भी गरबा पांडाल में उन लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा जो मूर्ति पूजा नहीं करते हैं। दूसरे धर्म के ऐसे लोगों को प्रतिबंधित किया जाएगा जो साजिश के तहत कलावा बांधकर या तिलक लगाकर गरबा पांडालों में प्रवेश करते हैं। हिंदू बहन बेटियों को भ्रमित करने आते हैं विधर्मी उषा ठाकुर ने यह भी कहा कि गरबा पंडालों में कुछ लोग हिंदू बहन बेटियों को कथित तौर पर भ्रमित करने के उद्देश्य से पहुंचते हैं। ऐसे विधर्मी लोग हमारी बेटियों का जीवन नर्क बनाते हैं। कोई भी राष्ट्रभक्त नागरिक ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने दे सकता है। गरबा पांडालों में विधर्मियों की एंट्री पर रोक लगाई जानी चाहिए। गरबा का मूल धार्मिक स्वरूप बरकरार रखें भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि गरबा शक्ति की साधना से जुड़ा नृत्य है। पारंपरिक गरबा में साधना और धार्मिक भावना प्रमुख थी लेकिन अब कई आयोजन महंगे डिजाइनर परिधानों, गहनों और टैटू के प्रदर्शन तक सीमित हो रहे हैं। गरबा के मूल धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। अपनी बहन बेटियों को भी लाएं मुस्लिम- BJP विधायक मध्य प्रदेश के ही भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी गरबा उत्सवों में मुसलमानों के प्रवेश को लेकर एक तीखी टिप्प्णी की है। भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुस्लिम युवक गरबा में अकेले क्यों आते हैं? उनको भी अपनी बहन, बेटियों को साथ लाना चाहिए। इस बयान पर विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गरबे के व्यवसायिक स्वरूप पर लगे प्रतिबंध इसके साथ ही उन्होंने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि गरबे के व्यवसायिक स्वरूप पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उनमें साधना अब समाप्त हो गया है। गरबा शक्ति की साधना का पर्व है। धर्म संस्कृति की रक्षा करें। अब यह गहने और टैटू प्रदर्शन का माध्यम बन गया है। हमारी धार्मिक संस्कृति इस बात की अनुमति नहीं देती है। गौरतलब है कि उषा ठाकुर से पहले भोपाल से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी गरबे में एंट्री को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अकेले क्यों आना है, बहन-बेटियों के साथ आओ, हमारे छोरे भी तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि जिन्हें आना हैं, वो परमानेंट आ जाएं। इंदौर में अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऊषा ठाकुर ने कहा कि इन सभी विसंगतियों से बेटियों को बचाना और जागरूक करना जरूरी है। शक्ति की साधना का वास्तविक स्वरूप लोगों के सामने लेकर जाना जरूरी है। दुर्गा उत्सव साधना का पर्व है। यह कोई प्रदर्शन या नृत्य मंडली नहीं है। उन्होंने कहा कि लव जिहाद के कठोर कानून से हमारी बेटियों के जीवन की सुरक्षा का दायरा बढ़ा। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्रीय विषय आता है तो कांग्रेस व अल्पसंख्यक लोग कहते हैं कि यह हमारे धर्म के विरुद्ध है। वंदेमातरम गाने में भी परेशानी है, क्योंकि उसमें भारत माता का साकार स्वरूप है। यह कहने के बाद भी गरबा पंडालों में क्यों जाते हैं? उनके धर्म में उनको मूर्ति पूजा की अनुमति नहीं है, फिर भी ये कलावा बांधकर, तिलक लगाकर पहचान छिपाकर ऐसे आयोजनों में जाते हैं और हमारी बेटियों को धोखा देते है। यह पूरी तरह बंद होना चाहिए।

यूपी में भारत टैक्सी और कृषक समृद्धि योजना लॉन्च, ई-पोर्टल-ऐप भी होगा शुरू

सीएम योगी बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का करेंगे शुभारंभ मुख्यमंत्री करेंगे ई-पोर्टल व मोबाइल ऐप की लॉन्चिंग, किसानों और ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म मुख्यमंत्री आवास पर होगा एमओयू और ऋण स्वीकृति पत्र का वितरण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार (23 सितंबर) को भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करेंगे। लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल mkksylb.in, सहकारिता विभाग के उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप एवं उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के मोबाइल ऐप यूपीसीडीसी की लॉन्चिंग की जाएगी।  इस दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल, लखनऊ पुलिस एवं भारत टैक्सी के मध्य एमओयू होगा। साथ ही भारत टैक्सी के सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र वितरित किया जाएगा। सीएम योगी मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र भी वितरित करेंगे। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह मौजूद रहेंगे।