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अमृतसर में NRI मिलनी कार्यक्रम, विदेशों में बसे पंजाबियों की शिकायतों का होगा समाधान

अमृतसर. पंजाब सरकार की ओर से प्रवासी पंजाबियों (NRIs) की वर्षों से लंबित समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए अमृतसर में विशेष ‘एनआरआई मिलनी’ (NRI Milni) का आयोजन किया है। राजासांसी एयरपोर्ट के पास स्थित होटल ली मेरिडियन में होने वाले कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और मिलनी थोड़ी देर में शुरू होने वाली है। कार्यक्रम में अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट और तरनतारन जिलों से जुड़े प्रवासी पंजाबी अपनी शिकायतें और मामले सीधे सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के समक्ष रखेंगे। मौके पर संबंधित अधिकारियों की ओर से समस्याओं के समाधान को लेकर कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल कार्यक्रम स्थल पर एनआरआई मामलों संबंधी मंत्री डा. रवजोत सिंह और विधायकों के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। उनके पहुंचने के बाद मिलनी शुरू होगी। कार्यक्रम में शीर्ष प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के भी मौजूद रहने की संभावना है।

DJ बजाने को लेकर बवाल, Bilaspur में खूनी झड़प के बाद 14 गिरफ्तार

बिलासपुर. मस्तूरी थाना क्षेत्र के गतौरा जनकपहरी में गणेश पंडाल में बाजा बजाने की बात को लेकर हुए विवाद में युवक की हत्या कर दी गई. घटना 20 सितंबर की रात करीब 10.30 बजे की बताई गई है. मामले में मस्तूरी पुलिस और एसीसीयू की टीम ने कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं, विधि से संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया गया है. पुलिस के अनुसार गणेश पंडाल के पास विवाद होने की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे. वहां दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और विवाद चल रहा था. आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने एक राय होकर लाठी-डंडे, फरसा, कुल्हाड़ी, छुरी और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया. मारपीट में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए. घायलों को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शैलेष कुमार राठौर उर्फ राज को मृत घोषित कर दिया. अन्य घायलों का उपचार जारी है. घटना की सूचना पर मस्तूरी पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बोधीराम राठौर समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में आरोपियों द्वारा घटना में शामिल होना स्वीकार करने की बात पुलिस ने कही है. आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा, लोहे की छुरी और लोहे की कुल्हाड़ी बरामद की गई. सभी आरोपियों को 21 सितंबर को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया. बोधीराम राठौर 75 वर्ष, निवासी गतौरा, संतोष राठौर 47 वर्ष, निवासी खोखरा दर्रीपारा, दिलीप कुमार राठौर 45 वर्ष, निवासी गतौरा जनक पहरी, दीपक कुमार राठौर 42 वर्ष, निवासी गतौरा जनक पहरी, आकाश राठौर 19 वर्ष, निवासी खोखरा दर्रीपारा, शंकर राठौर उर्फ नंदू 33 वर्ष, निवासी गतौरा, आकाश राठौरं उर्फ मोनू 19 वर्ष निवासी जनक पहरी गतौरा, सुरज कुमार राठौर 40 वर्ष, निवासी जनक पहरी गतौरा, रोहित कुमार राठौर 36 वर्ष, निवासी गतौरा, सुनील उर्फ राजा राठौर 28 वर्ष, निवासी गतौरा, प्रकाश उर्फ लालू राठौर 23 वर्ष, निवासी खोखरा दर्रीपारा, रवि कुमार राठौर 25 वर्ष, निवासी गतौरा जनक पहरी, आयुष राठौर 21 वर्ष निवासी सारागांव जिला जांजगीर-चांपा और  एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया है.

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने करमा पूजा में लिया हिस्सा, लोकपरंपराओं के संरक्षण पर जोर

करमा पूजा में शामिल हुईं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, प्रकृति, संस्कृति और लोकपरंपराओं के संरक्षण का दिया संदेश गृह ग्राम बीरपुर में ग्रामीणजनों के साथ विधि-विधान से की करम देव की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े अपने गृह ग्राम बीरपुर में आयोजित प्रकृति के पावन तिहार ‘करमा पूजा’ में शामिल हुईं। उन्होंने ग्रामीणजनों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं विधि-विधानपूर्वक करम देव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति, खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रकृति, संस्कृति और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। करमा पूजा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और जनजीवन से गहराई से जुड़ा पारंपरिक पर्व है। यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामुदायिक एकता और लोक आस्था का प्रतीक माना जाता है। करम देव की पूजा के साथ ग्रामीणजन सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और परिवार एवं समाज की खुशहाली की कामना करते हैं। पर्व के अवसर पर पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य और रीति-रिवाजों से गांव का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर उठा। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, तीज-त्योहारों और प्रकृति से जुड़े पर्वों से है। करमा जैसे लोकपर्व हमें अपनी जड़ों और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। इन परंपराओं में प्रकृति के प्रति सम्मान, आपसी भाईचारा और सामूहिकता की भावना निहित है। उन्होंने कहा कि हमारी लोकसंस्कृति और परंपराएं केवल उत्सव का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें जीवंत बनाए रखना और नई पीढ़ी को इनकी महत्ता से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं और बच्चों से भी अपनी संस्कृति, लोककलाओं एवं पारंपरिक पर्वों से जुड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर ग्रामीणजनों ने मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए करमा पूजा की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र एवं प्रदेश की निरंतर प्रगति तथा सभी परिवारों के सुख-समृद्धि की कामना की।

CM योगी का बड़ा ऐलान, जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी; चालकों को ₹5 लाख सुरक्षा

जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ   लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में संचालन शुरू, टैक्सी के साथ टू और थ्री व्हीलर चालक भी जुड़ेंगे   भारत टैक्सी की तर्ज पर ग्रामीण बस सेवा को आगे बढ़ाने के निर्देश, लाखों युवाओं के लिए खुलेगा रोजगार का रास्ता   महाकुंभ में रैपिडो की सेवा का दिया उदाहरण, बोले- यात्रियों को सुविधा मिली और यातायात भी नहीं हुआ बाधित   मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी के ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत   पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को ऋण देने का लक्ष्य, खेती और मशीनरी के लिए मिलेगा दीर्घकालिक कर्ज   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए टैक्सी चालकों और किसानों के लिए दो बड़े कदम उठाए। भारत टैक्सी से टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर जुड़ सकेंगे। उन्हें पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत कर दी गई है।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहकारिता की कमान किन हाथों में है, उसी पर उसकी सफलता निर्भर करती है। अच्छा नेतृत्व सहकारिता को समृद्धि का माध्यम बनाता है, जबकि गलत नेतृत्व इसे अराजकता की ओर ले जा सकता है। आजादी के बाद पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बना और अब इसके परिणाम सामने आ रहे हैं।   भारत की गति को प्रगति में बदलेगी भारत टैक्सी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों के बारे में पहले कोई नहीं सोचता था। अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे और पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पाएंगे। सामाजिक सुरक्षा मिलने से चालक निश्चिंत होकर जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर सकेगा।   उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी केवल यात्रियों को ढोने वाली टैक्सी नहीं है। यह पूरे भारत की टैक्सी है, जो भारत की गति को प्रगति में बदलने का काम करेगी। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसका संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू भी हुए हैं।   महाकुंभ में देखा था रैपिडो का सफल प्रयोग मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लाखों नौजवान रैपिडो के माध्यम से अपनी बाइक पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित संगम तक पहुंचा रहे थे। संगम से रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भी उनका योगदान रहा। इससे यातायात बाधित नहीं हुआ और लोगों को आसानी से आवागमन की सुविधा मिली।   उन्होंने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया तो लाखों नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।   पांच लाख किसानों को छह प्रतिशत पर ऋण मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था। इसे अब घटाकर छह प्रतिशत कर दिया गया है। खेती-बाड़ी और मशीनरी के लिए किसानों को पैसे की कमी न हो, इसके लिए दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था की गई है। आगामी कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो भारत समृद्ध होगा। सहकारिता क्षेत्र जितना मजबूत होगा, देश भी उतना ही मजबूत होगा।   86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ किया मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद 86 लाख लघु और सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए। दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को पूरा होने में करीब 50 वर्ष लगे। अर्जुन सहायक, बाणसागर और मध्य गंगा जैसी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया।   उन्होंने कहा कि पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। नहर और सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई भी मुफ्त है।   3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें 100 से अधिक मिलें चौथे दिन गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद की थीं और इनमें से 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था।   उन्होंने कहा कि किसानों को बीज से बाजार तक सुविधा देने के लिए काम किया गया है। पैक हाउस बने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगीं और एफपीओ के गठन के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों से तकनीकी सहयोग दिया गया। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के वेयरहाउस भी तैयार किए जा रहे हैं।   54 लाख नए सदस्य, 15 सहकारी बैंक मुनाफे में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो चुके थे और उनके लाइसेंस जब्त हो गए थे। इनमें किसानों के हजारों करोड़ रुपये जमा थे। अब 16 में से 15 बैंक फिर मुनाफे में आ चुके हैं। एक अन्य बैंक को भी बेहतर करने पर काम चल रहा है।   उन्होंने बताया कि पैक्स को पहले 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सुविधा दी गई थी, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। सहकारिता से 54 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। किसानों को समय … Read more

सांकेतिक भाषा दिव्यांगजनों की शिक्षा और रोजगार का मजबूत आधार: मंत्री कुशवाह

अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस सांकेतिक भाषा दिव्यांगजनों की शिक्षा, रोजगार, अधिकार और सामाजिक भागीदारी का महत्वपूर्ण आधार : मंत्री कुशवाह भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि सांकेतिक भाषा दिव्यांगजनों के लिए केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उनकी शिक्षा, रोजगार, अधिकार और सामाजिक भागीदारी का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि कई बार संवाद की बाधा व्यक्ति में नहीं, बल्कि संचार की पहुंच में होती है। ऐसे में व्यक्ति को बदलने के बजाय संवाद के माध्यम को सुलभ बनाना आवश्यक है। सांकेतिक भाषा दिव्यांगजनों को अपनी बात, आवश्यकताओं और भावनाओं को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने का अवसर देती है। मंत्री कुशवाह अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री कुशवाह ने कहा कि सांकेतिक भाषा समानता और समावेशन का सुंदर उदाहरण है। इसके माध्यम से दिव्यांगजन समाज से बेहतर तरीके से जुड़ सकते हैं। आज प्रदेश के दिव्यांगजन बच्चे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा एवं हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं और सांकेतिक भाषा के माध्यम से देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है। मंत्री कुशवाह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सांकेतिक भाषा के उपयोग को बढ़ावा देने और प्रशिक्षित सांकेतिक भाषा दुभाषियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। पुलिस स्टेशन, अस्पताल सहित रोजमर्रा की आवश्यकता वाली महत्वपूर्ण जगहों पर सांकेतिक भाषा दुभाषियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगम से लेकर पंचायत स्तर तक दिव्यांगजनों को आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। मंत्री कुशवाह ने कहा कि दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आवश्यक योग्यताएं प्राप्त करने के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है। निजी संस्थानों में इंटरव्यू एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। दिव्यांगजनों को आरक्षण सहित विभिन्न अवसरों का लाभ लेने के लिए आवश्यक पात्रता एवं योग्यता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मंत्री कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दिव्यांगजनों की प्रतिभा और हुनर को उचित अवसर मिले तथा संवाद और संचार की बाधाएं उनके विकास के रास्ते में बाधक न बनें। सामाजिक न्याय भवन का नाम "सशक्तिकरण भवन" होगा : मंत्री कुशवाह मंत्री कुशवाह ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि सामाजिक न्याय भवन को अब ‘सशक्तिकरण भवन’ के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि यह नाम दिव्यांगजनों सहित समाज के जरूरतमंद वर्गों को सशक्त बनाने के संकल्प को दर्शाता है। मंत्री कुशवाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामाजिक न्याय एवं जनसेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सेवा, सहभागिता और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच को मजबूत करना है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर सभी से दिव्यांगजनों की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने और उन्हें समानता, गरिमा एवं सम्मान के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में आयुक्त सामाजिक न्याय कृष्ण गोपाल तिवारी, डेफ कैन फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति सोनी, आयुक्त दिव्यांगजन अजय खेमरिया एवं प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय श्रीमती सोनाली पोंक्षे वायंगणकर ने भी सांकेतिक भाषा के महत्व, दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारीगण, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, विषय विशेषज्ञ एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं दिव्यांग बच्चे उपस्थित रहे।  

₹6000 करोड़ ड्रग्स केस के जांच अधिकारी रहे निरंजन सिंह की सियासी एंट्री

जालंधर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) के पूर्व अधिकारी निरंजन सिंह आज पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) में शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे वो चंडीगढ़ में पार्टी जॉइन करेंगे। निरंजन सिंह ने इसकी पुष्टि की।  उन्होंने अपने कार्यकाल में करीब 6 हजार करोड़ रुपए के चर्चित ड्रग केस की जांच की थी। इसी केस की जांच के दौरान उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से भी पूछताछ की थी। मजीठिया से पूछताछ के कुछ समय बाद निरंजन सिंह के ट्रांसफर को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। उन्होंने ट्रांसफर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती भी दी थी। वह जालंधर में ED ऑफिस में लंबे समय तक तैनात रहे। यहां से उन्होंने रिटायरमेंट ली। निरंजन सिंह की अहम बातें…     मेरे पास कोई और ऑप्शन नहीं थी: निरंजन कुमार ने कहा कि मेरे पास कोई और ऑप्शन नहीं थी। 10 साल पहले अकालियों की सरकार रही, उस वक्त भी लोगों को कोई रिलीफ नहीं मिला। उनसे भी पंजाब नहीं संभला। कैप्टन की सरकार आई लेकिन वह भी माफिया की सरकार थी। उन्होंने ड्रग वाले लोगों को प्रोटेक्ट किया।     सांसद अमृतपाल के पिता आए थे घर: उन्होंने कहा कि सभी सरकारें अपने वादे में फेल हुई हैं। सिर्फ नशा ही नहीं बल्कि करप्शन और लॉ एंड ऑर्डर का भी इश्यू है। अमृतपाल पर लगे आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा। कोर्ट फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि सांसद अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह आज ही मेरे घर आए थे। उन्होंने मुझे अपने साथ आने की अपील की।     चुनाव लड़ने पर कहा- कोई विचार नहीं: निरंजन सिंह ने कहा कि अभी चुनाव लड़ने का मेरा कोई विचार नहीं है। अमृतपाल की कट्‌टरपंथी विचारों को लेकर उन्होंने कहा कि मैं कानून को मानने वाला हूं। पार्टी की विचारधारा भी कानून को मानने वाली है। कौन हैं निरंजन सिंह निरंजन सिंह ED के जालंधर ऑफिस में लंबे समय तक तैनात रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंजाब से जुड़े कई मनी लॉन्ड्रिंग और FEMA मामलों की जांच की। 2013-14 के आसपास वह जगदीश सिंह भोला से जुड़े ड्रग-मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच से भी प्रमुख रूप से जुड़े रहे। 2016 में उन्हें असिस्टेंट डायरेक्टर से डिप्टी डायरेक्टर के पद पर पदोन्नत किया गया। 2018 में उन्होंने ED छोड़ने का फैसला किया, जबकि उस समय उनकी सेवानिवृत्ति में करीब तीन साल बाकी थे। बाद में वे 31 मई 2021 को औपचारिक रूप से सेवानिवृत्त हुए। राजा कंदोला से भोला ड्रग रैकेट तक जांच जानकारी के अनुसार, निरंजन सिंह ने 2012 में ड्रग तस्कर राजा कंदोला के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद 2013 में उन्होंने अनूप काहलों से जुड़े ड्रग मामले की जांच संभाली। आगे की जांच में यह मामला करीब 6,000 करोड़ रुपए के भोला ड्रग रैकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में तब्दील हो गया। ED ने 2013 में PMLA के तहत मामला दर्ज करके ड्रग कारोबार से कमाए पैसे, संपत्तियों और लेन-देन की जांच शुरू की। 2024 में इसी PMLA मामले की विशेष अदालत ने जगदीश सिंह भोला सहित 17 लोगों को दोषी ठहराया। निरंजन सिंह इस मामले में इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (IO) रहे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 2013-14 से 2016 तक उन्होंने मामले की जांच की। बाद में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर पदोन्नति होने के बाद भी वह मामले की जांच की निगरानी करते रहे। 73 लोगों को चार्जशीट किया गया था निरंजन सिंह की जांच के दौरान 73 लोगों को चार्जशीट किया गया था। इनमें भोला के 11 परिवारजन भी शामिल थे। जांच के दौरान करीब 24 आरोपियों की 200 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां अटैच की गई थीं। 2024 में लंबे समय से चल रहे इस PMLA मामले में विशेष अदालत ने 23 आरोपियों में से 17 को दोषी ठहराया। ट्रायल के दौरान 4 आरोपियों की मौत हो गई, जबकि 2 को घोषित अपराधी यानी प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया गया। 2014 में बिक्रम मजीठिया से पूछताछ 26 दिसंबर 2014 को ED ने तत्कालीन पंजाब राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से भोला ड्रग-मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में जालंधर ऑफिस में पूछताछ की। पूछताछ में निरंजन सिंह के साथ ED के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। भोला ने मजीठिया का नाम लिया था। मजीठिया ने इन आरोपों से इनकार किया था। 2015 में कोलकाता ट्रांसफर विवाद 16 जनवरी 2015 को मजीठिया से पूछताछ के करीब तीन सप्ताह बाद ED ने निरंजन सिंह का जालंधर से कोलकाता ट्रांसफर कर दिया। उन्हें पश्चिम बंगाल के शारदा चिटफंड मामले में काम करने को कहा गया था। इसके बाद निरंजन सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी और दावा किया कि मजीठिया से पूछताछ करना ही उनके ट्रांसफर का कारण था। उनके वकील ने अदालत में यही तर्क रखा था। हाईकोर्ट का दखल और ट्रांसफर रद्द पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले में दखल दिया। कोर्ट में यह सवाल भी उठा कि जिस ड्रग केस की निगरानी अदालत कर रही थी, उस जांच के प्रमुख अधिकारी को अचानक बाहर कैसे भेजा जा सकता है। आखिरकार नवंबर 2015 में ED ने उनका ट्रांसफर रद्द कर दिया। ED के तत्कालीन निदेशक कर्नल सिंह ने पुष्टि की कि निरंजन सिंह जालंधर में रहकर ड्रग केस की जांच जारी रखेंगे। 2016 में मजीठिया को दोबारा समन निरंजन सिंह के अनुसार उन्होंने जांच छोड़ी नहीं। 2016 में उन्होंने मजीठिया को दोबारा समन किया। इस बार मजीठिया व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए और उन्होंने लिखित जवाब दिया। इसी साल निरंजन सिंह को असिस्टेंट डायरेक्टर से डिप्टी डायरेक्टर के पद पर पदोन्नत किया गया। पदोन्नति के बाद तकनीकी कारणों से उनके IO के रूप में काम करने की स्थिति बदली, क्योंकि ED में असिस्टेंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारी जांच अधिकारी होते हैं। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद आगे की जांच असिस्टेंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारियों को दी गई, लेकिन निरंजन सिंह को मॉनिटरिंग रोल में रखा गया। 2017 में हाईकोर्ट ने ED को निर्देश दिया कि दो असिस्टेंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारियों के माध्यम से जांच आगे बढ़ाई जाए और निरंजन सिंह उसकी निगरानी करें। 2018 में निरंजन सिंह ने अदालत में कहा कि उन्होंने 2013 … Read more

पंजाब में कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, 8% बढ़ा DA; सितंबर से बढ़ेगी सैलरी

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (डीए) में आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। वित्त विभाग ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही कर्मचारियों का मौजूदा महंगाई भत्ता 42 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है। बढ़ा हुआ डीए एक सितंबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा और इसका भुगतान सितंबर के वेतन के साथ किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों कर्मचारियों को सीधे वित्तीय लाभ मिलेगा। वित्त विभाग के वित्त कार्मिक-1 शाखा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पंजाब के राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते की दर में आठ प्रतिशत की वृद्धि की गई है। विभाग ने विशेष मुख्य सचिवों, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, वित्तीय आयुक्तों, प्रधान सचिवों और प्रशासनिक सचिवों के अलावा विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को आदेश की प्रतियां भेज दी हैं। 42 से बढ़कर 50 प्रतिशत हुआ डीए वित्त विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को अब मूल वेतन पर 50 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। इससे पहले डीए की दर 42 प्रतिशत थी। नई दर एक सितंबर 2026 से लागू होगी। सितंबर का वेतन जारी होने के साथ कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए का लाभ मिलने की उम्मीद है।

चक्रधर समारोह में आशिका सिंघल की मनमोहक कथक प्रस्तुति

रायपुर. 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह में 8 साल की नन्हीं कथक कलाकार आशिका सिंघल ने मनोहक प्रस्तुति दी. नृत्यांगना आशिका सिंघल ने  प्रस्तुति की शुरुआत ‘जय-जय जगतजननी देवी…’ स्तुति से की. इसके बाद उन्होंने कथक के तोड़ा, 50 चक्कर, टुकड़ा, आमद और तत्कार की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. प्रस्तुति के अगले चरण में आशिका ने श्रीकृष्ण और राधा-रानी की होली-रास पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की. भाव-भंगिमाओं के साथ लय और ताल के सुंदर समन्वय ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए. उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा. 4 साल की उम्र से सीख रही कथक राजकुमार कॉलेज, रायपुर की कक्षा तीसरी की छात्रा आशिका ने महज 4 वर्ष की उम्र से कथक का प्रशिक्षण शुरू किया है. वह अपनी गुरु नेहा सिंह के मार्गदर्शन में कथक की साधना कर रही हैं. आशिका इससे पहले पावस प्रसंग, राज्योत्सव और 40वें चक्रधर समारोह जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं.

यूपी ट्रेड शो में रुहेलखंड का जलवा, बरेली की जरी और पीलीभीत की नक्काशी बनेगी आकर्षण

यूपी ट्रेड शो: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में चमकेगा रुहेलखंड, बरेली की जरी से मेंथा-फार्मा को मिलेगा बड़ा बाजार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर को मिलेगा बड़ा बाजार बरेली की सबसे बड़ी भागीदारी, जरी से मेंथा तक दिखेगा दम पीलीभीत की नक्काशी, शाहजहांपुर की जरी और रुहेलखंड का स्वाद बरेली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप स्थानीय हुनर और उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की मुहिम में रुहेलखंड बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2026 में बरेली की जरी-जरदोजी, मेंथा, दवा, बांस-बेंत और खाद्य उत्पादों की चमक दिखाई देगी। पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी और शाहजहांपुर की जरी कारीगरी भी खरीदारों के सामने होगी। नए निर्यातकों से लेकर पहले से विदेशों में कारोबार कर रही इकाइयों तक को अलग-अलग मंडप में जगह दी गई है। मंडलायुक्त बरेली शंभू कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्यमों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने की रही है। इसी दिशा में यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और निर्यातकों के लिए बड़ा मंच बन रहा है। बरेली मंडल से पारंपरिक जरी-जरदोजी और लकड़ी की नक्काशी के साथ दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत से जुड़े उद्यम भी इसमें शामिल हो रहे हैं।  बरेली की जरी-जरदोजी दिखाएगी अपना जलवा एक जिला-एक उत्पाद में बरेली की छह इकाइयों को जगह मिली है। मनीषा ज्वेलरी सुनारी उद्योग के हस्तशिल्प उत्पाद लेकर पहुंचेगी। कमल ट्रेडर्स, पिंकी जरी आर्ट्स, शिखा जरी आर्ट, ज्योत्सना जरी वर्क और कृष्णा गारमेंट्स बरेली की जरी-जरदोजी की कारीगरी प्रदर्शित करेंगे। पीलीभीत से राशिद हैंडीक्राफ्ट और फाइजाह मलिक लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगे।  मसालों से रेजिन कला तक, छोटे उद्योग दिखाएंगे ताकत  बरेली के छोटे और मझोले उद्योगों की विविधता भी दिखाई देगी। सृष्टिपूर्ति मसाले और मसाला मिश्रण, जबकि नंदू शेफ खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित करेगा। शील कलाकृति हाथ से तैयार रेजिन कला और ग्लिट्ज एंड थ्रेड्स आभूषण लेकर पहुंचेगा। हंकरी आर्ट एंड एसेंस सुगंधित मोमबत्तियां, रेजिन उत्पाद और धागे की चूड़ियां प्रदर्शित करेगा। फार्म टैब हेल्थ केयर दवा उत्पाद लेकर पहुंचेगा। इसके अलावा राजेश जरी गुड्स और रूबी जरी फैशन जरी-जरदोजी, हाथ की कढ़ाई और कृत्रिम आभूषणों के जरिए बरेली की कारीगरी दिखाएंगे।  नए निर्यातकों को बड़ा मौका, बरेली की तीन इकाइयों के पांच स्टॉल स्टॉल 14 नए निर्यातकों के लिए रखा गया है। इसमें बरेली की तीन इकाइयों को कुल पांच स्टॉल मिले हैं। एचएनवी फार्मा लिमिटेड (हम्बल हेल्थकेयर) दवा उत्पादों के लिए दो स्टॉल लगाएगी। दस्तकार बैम्बू केन डेवलपमेंट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बांस और बेंत से तैयार उत्पाद लेकर पहुंचेगी। सिरमौर सोप्स एंड एलाइड प्रोडक्ट्स साबुन, कपड़े धोने के उत्पाद और झाड़ू के साथ दो स्टॉल लगाएगी। पीलीभीत की पीटीआर ग्लोबल एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड भारतीय लकड़ी से तैयार उत्पादों के साथ यहां मौजूद रहेगी। इसे एक स्टॉल मिला है।  मेंथा की खुशबू से कपड़ों और पैकेजिंग तक बरेली की पहुंच नियमित निर्यातकों के लिए निर्धारित मंडप 15 में बरेली की तीन इकाइयां शामिल हैं। एसए इंटरनेशनल परिधान लेकर पहुंचेगी। केल्विन नेचुरल मिंट प्राइवेट लिमिटेड मेंथा तेल, पुदीना तेल, मेंथॉल क्रिस्टल और स्पीयरमिंट तेल जैसे उत्पाद प्रदर्शित करेगी। अंजनिनंदन प्रीमियर पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड पॉलीप्रोपाइलीन के थैले पेश करेगी। तीनों इकाइयों को एक-एक स्टॉल मिला है। वहीं पीलीभीत की राशिद हैंडीक्राफ्ट लकड़ी की नक्काशी के उत्पाद प्रदर्शित करेगी। दारक्षा मलिक और सुभुही जरी-जरदोजी के उत्पाद लेकर पहुंचेंगी। शाहजहांपुर से कुमकुम जरी वर्क्स जरी और उससे तैयार वस्तुओं के जरिए जिले की कारीगरी को खरीदारों के सामने रखेगी।  कारोबार के साथ बदायूं का पेड़ा और बरेली की बर्फी का स्वाद व्यापार मेले में सिर्फ उत्पादों का कारोबार नहीं होगा, रुहेलखंड का स्वाद भी लोगों को अपनी ओर खींचेगा। बरेली की अजंता स्वीट्स, रामपुर गार्डन और किप्स की बर्फी को पैकेज्ड खाद्य काउंटर में जगह मिली है। वहीं मोहित शर्मा नाश्ता कॉर्नर के छोले-भटूरे सीधे तैयार कर परोसे जाएंगे। वहीं बदायूं के हब्बू हलवाई का मशहूर पेड़ा भी व्यापार मेले में पहुंचेगा। पीलीभीत का पवन स्वीट हाउस खोया आधारित मिठाइयां और लौंज पेश करेगा। शाहजहांपुर से लोंजे को जगह मिली है। बदायूं के सूरज मिष्ठान भंडार, ककराला को भी स्थानीय व्यंजन के लिए स्टॉल संख्या 33 दिया गया है।   जरी के धागे से निर्यात की उड़ान तक रुहेलखंड की कारोबारी तस्वीर अब सिर्फ पारंपरिक हुनर तक सीमित नहीं है। एक तरफ बरेली की जरी-जरदोजी और पीलीभीत की लकड़ी की नक्काशी है तो दूसरी ओर दवा, मेंथा, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बांस-बेंत जैसे उद्योग भी हैं। यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में इन सभी को एक मंच मिलने जा रहा है। सबसे ज्यादा भागीदारी बरेली की दिखाई दे रही है, जिससे देश-विदेश से आने वाले खरीदारों के सामने जिले के पारंपरिक हुनर के साथ बदलती औद्योगिक तस्वीर भी रखी जाएगी।

आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण-स्वच्छता पर फोकस, समुदाय की भागीदारी बढ़ाने की पहल

बच्चों की थाली बनी सामूहिक जिम्मेदारी, प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण और स्वच्छता पर जोर ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश के साथ समुदाय की भागीदारी बढ़ाने का अभियान रायपुर  राज्य में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ और ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान व्यापक रूप से चलाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पोषण अभियान और यूनिसेफ के सहयोग से प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गर्म, ताजा, पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय को बताया जा रहा है कि वे बच्चों की थाली की गुणवत्ता और स्वच्छता पर नजर रखें। भोजन साफ-सफाई से तैयार हो रहा है या नहीं, उसका स्वाद एवं गुणवत्ता कैसी है, बच्चों को क्या और किस प्रकार परोसा जा रहा है—इन विषयों पर चर्चा करने के साथ आवश्यकतानुसार सुधार के सुझाव देने और उसमें सहयोग करने के लिए भी समुदाय को प्रेरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने 12 सितम्बर को राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह रथ गांव-गांव पहुंचकर माताओं, परिवारों और समुदाय को संतुलित आहार, स्वच्छता तथा बच्चों के शुरुआती विकास के प्रति जागरूक कर रहा है। इसके साथ ही विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बच्चों के विकास की समय पर पहचान, परामर्श तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने का कार्य भी सेवा भाव से किया जा रहा है। सेवा की कहानी : आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की थाली से जुड़ी सामुदायिक भागीदारी प्रदेश के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह के दौरान बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मूल्य को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, माताओं, स्व-सहायता समूहों और समुदाय द्वारा मिलकर प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों द्वारा भोजन कम ग्रहण किए जाने की स्थिति में माताओं से चर्चा कर भोजन के स्वाद और परोसने के तरीके में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय एवं मौसमी सब्जियों, दाल और मिलेट जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने के साथ रसोई की स्वच्छता और भोजन परोसते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बच्चों के नियमित वजन एवं विकास की निगरानी भी की जा रही है, ताकि उनके पोषण स्तर में होने वाले बदलावों की समय पर पहचान की जा सके। इन प्रयासों से आंगनबाड़ी केंद्रों में समुदाय की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। अब अभिभावक और ग्रामीण भी बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, मेनू और स्वच्छता के बारे में जानकारी लेने के साथ आवश्यक सुझाव दे रहे हैं। यह पहल ‘सेवा की कहानी’ के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समुदाय की जिम्मेदारी को सामने ला रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों, पंचायतों, अभिभावकों और समुदाय को पोषण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। 9 सितम्बर से 8 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में रंग-बिरंगी थाली प्रदर्शन, पोषण मेला, माता-पिता की बैठकें, स्वच्छता अभियान और विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ केवल एक संदेश नहीं, बल्कि प्रदेश के हर बच्चे को स्वस्थ, सुपोषित और बेहतर भविष्य देने का सामूहिक संकल्प है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से यह संकल्प धरातल पर साकार हो रहा है।