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छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं की E-KYC के लिए लगेगा कैंप

रायपुर. छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) की ओर से डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए 'मोर बिजली एप' के जरिए उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी पूरी कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, इस तकनीकी प्रक्रिया के दौरान कई उपभोक्ताओं को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य शिकायत यह सामने आ रही है कि जिन उपभोक्ताओं के आधार कार्ड में दर्ज नाम और बिजली उपभोक्ता क्रमांक (बिल) में दर्ज नाम में वर्तनी या अन्य प्रकार का अंतर है, वे ऑनलाइन माध्यम से अपनी ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। हर बुधवार को लगेंगे समाधान शिविर उपभोक्ताओं की इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए बिजली कंपनी ने तत्काल राहत प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नगर वृत्त-एक, रायपुर के अंतर्गत आने वाले सभी नगर संभाग कार्यालयों में प्रत्येक बुधवार को विशेष ई-केवाईसी शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य नाम में भिन्नता या अन्य तकनीकी त्रुटियों के कारण अटके हुए मामलों का मौके पर ही निराकरण करना है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता डिजिटल सुविधाओं का सहज लाभ उठा सकें। समय और आवश्यक निर्देश बिजली कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह साप्ताहिक शिविर हर बुधवार को सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक निरंतर संचालित होगा। नगर वृत्त-एक के दायरे में आने वाले सभी संभाग कार्यालयों में उपभोक्ता अपनी बिजली बिल की रसीद, आधार कार्ड और संबंधित दस्तावेज लेकर पहुंच सकते हैं। कंपनी के अधिकारियों ने सभी प्रभावित उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को समय पर पूरा करवाकर बिजली सेवाओं को सुचारू रखें।

CM यादव 25 सितंबर को भोपाल से 351 बसों को दिखाएंगे हरी झंडी

प्रदेश में 25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भेल दशहरा मैदान भोपाल से 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना शुरुआती चरण में लगभग 1500 बसों का शुरू हो जाएगा संचालन भोपाल   मध्यप्रदेश के नागरिकों को सुलभ, सुरक्षित, आधुनिक  एवं पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा प्रदेश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। परिवहन विभाग की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का 25 सितंबर 2026 को शुभारंभ होगा। भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुरुआती चरण में 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न शहरों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना, दैनिक यात्रियों को राहत पहुंचाना और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1500 बसें चलना शुरू हो जाएंगी।  दो श्रेणियों में शुरू होंगी बस सेवाएं कार्यक्रम के दौरान 351 बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसे दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें 120 इंटरसिटी बसें हैं। ये बसें दो या दो से अधिक शहरों के बीच आवागमन को सुगम और तीव्र बनाएंगी। 231 इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और सस्ती यात्रा सुविधा प्रदान करेंगी। 7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों  की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल है। इंदौर में 145 बस, जिसमें 50 इंटरसिटी, 95 इंट्रासिटी,  भोपाल के लिए 106 बसें, जिसमें  23 इंटरसिटी, 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें, जिसमें  14 इंटरसिटी, 53 इंट्रासिटी। रीवा की 18 इंटरसिटी बस, देवास की 10 इंटरसिटी बस, कटनी की 3 और भिंड की  2 इंटरसिटी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। लगभग 15,000 सार्वजनिक बसें की जाएंगी संचालित   मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत वर्ष 2031 तक 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती दी जाएगी। प्रदेशभर में लगभग 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान होगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा।  इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर  प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा।  इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी निगरानी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत संचालित बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन सेंटरों के माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन, समयबद्धता एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इससे यात्री परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। सभी बसों को 07 सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (VLTD) सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PIS), ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी।  पीपीपी मॉडल के जरिए निजी ऑपरेटरों की सशक्त भागीदारी जन-निजी भागीदारी (PPP) को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएगी। इस मॉडल से निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, नॉन-फेयर रेवेन्यू (जैसे विज्ञापन व कार्गो सेवाएं) बढ़ाने और आधुनिक डिपो व टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं मिलेंगी साथ ही प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी मिलेगा।  परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा प्रदेश में सुगम यात्री परिवहन सेवा शुरू होने से परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यात्री परिवहन के विस्तार से प्रदेश में बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।  

‘गरबा के दौरान साढ़े 4 लाख हिंदू लड़कियां भाग जाती हैं’, BJP विधायक का बयान

इंदौर गरबे में मुस्लिमों के प्रवेश को लेकर एमपी में सियासी घमासान मचा हुआ है। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के बाद महू विधायक उषा ठाकुर ने तेवर दिखाए हैं। साथ ही उन्होंने आंकड़ों के साथ एक दलील भी दी है। उन्होंने कहा कि गरबे से हर साल विधर्मियों के साथ साढ़े चार लाख लड़कियां भाग जाती हैं। भागने के बाद एक-एक बच्चा पैदा करतीं पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि विधर्मियों के साथ भागने के बाद ये लड़कियां अगले साल एक-एक बच्चा पैदा करती हैं। पूरे साल गरबे के दौरान साढ़े चार लाख बेटियां विधर्मियों के साथ भागती हैं। फिर बच्चों को जन्म देती हैं। इसकी वजह से हर साल 9 लोग बढ़ रहे हैं। इससे जनसांख्यिकी पर असर पड़ रहा है। मूर्ति पूजा नहीं करने वालों का प्रवेश निषेध उन्होंने कहा कि हमारे सभी संगठनों ने यह निर्णय लिया है कि मूर्ति पूजा नहीं करने वाले लोगों को हम गरबा पंडालों में प्रवेश निषेध करेंगे। ये लोग षड्यंत्र के अंतर्गत कभी तिलक लगाकर तो कभी कलावा बांधकर आते हैं। बेटियों को भ्रमित करते विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि ये लोग हमारे गरबे में शामिल होते हैं और बेटियों को भ्रमित करते हैं। फिर उनका जीवन नरक बताते हैं। ऐसी विद्या कोई भी राष्ट्रभक्त नागरिक इसे आगे नहीं बढ़ने देगा। जो मूर्ति पूजा नहीं करते उनको प्रवेश नहीं भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि जनसांख्यकी पर पड़ रहे असर को देखते हुए हमारे सभी संगठनों ने प्रण किया कि किसी भी गरबा पांडाल में उन लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा जो मूर्ति पूजा नहीं करते हैं। दूसरे धर्म के ऐसे लोगों को प्रतिबंधित किया जाएगा जो साजिश के तहत कलावा बांधकर या तिलक लगाकर गरबा पांडालों में प्रवेश करते हैं। हिंदू बहन बेटियों को भ्रमित करने आते हैं विधर्मी उषा ठाकुर ने यह भी कहा कि गरबा पंडालों में कुछ लोग हिंदू बहन बेटियों को कथित तौर पर भ्रमित करने के उद्देश्य से पहुंचते हैं। ऐसे विधर्मी लोग हमारी बेटियों का जीवन नर्क बनाते हैं। कोई भी राष्ट्रभक्त नागरिक ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने दे सकता है। गरबा पांडालों में विधर्मियों की एंट्री पर रोक लगाई जानी चाहिए। गरबा का मूल धार्मिक स्वरूप बरकरार रखें भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि गरबा शक्ति की साधना से जुड़ा नृत्य है। पारंपरिक गरबा में साधना और धार्मिक भावना प्रमुख थी लेकिन अब कई आयोजन महंगे डिजाइनर परिधानों, गहनों और टैटू के प्रदर्शन तक सीमित हो रहे हैं। गरबा के मूल धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। अपनी बहन बेटियों को भी लाएं मुस्लिम- BJP विधायक मध्य प्रदेश के ही भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी गरबा उत्सवों में मुसलमानों के प्रवेश को लेकर एक तीखी टिप्प्णी की है। भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुस्लिम युवक गरबा में अकेले क्यों आते हैं? उनको भी अपनी बहन, बेटियों को साथ लाना चाहिए। इस बयान पर विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गरबे के व्यवसायिक स्वरूप पर लगे प्रतिबंध इसके साथ ही उन्होंने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि गरबे के व्यवसायिक स्वरूप पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उनमें साधना अब समाप्त हो गया है। गरबा शक्ति की साधना का पर्व है। धर्म संस्कृति की रक्षा करें। अब यह गहने और टैटू प्रदर्शन का माध्यम बन गया है। हमारी धार्मिक संस्कृति इस बात की अनुमति नहीं देती है। गौरतलब है कि उषा ठाकुर से पहले भोपाल से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी गरबे में एंट्री को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अकेले क्यों आना है, बहन-बेटियों के साथ आओ, हमारे छोरे भी तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि जिन्हें आना हैं, वो परमानेंट आ जाएं। इंदौर में अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऊषा ठाकुर ने कहा कि इन सभी विसंगतियों से बेटियों को बचाना और जागरूक करना जरूरी है। शक्ति की साधना का वास्तविक स्वरूप लोगों के सामने लेकर जाना जरूरी है। दुर्गा उत्सव साधना का पर्व है। यह कोई प्रदर्शन या नृत्य मंडली नहीं है। उन्होंने कहा कि लव जिहाद के कठोर कानून से हमारी बेटियों के जीवन की सुरक्षा का दायरा बढ़ा। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्रीय विषय आता है तो कांग्रेस व अल्पसंख्यक लोग कहते हैं कि यह हमारे धर्म के विरुद्ध है। वंदेमातरम गाने में भी परेशानी है, क्योंकि उसमें भारत माता का साकार स्वरूप है। यह कहने के बाद भी गरबा पंडालों में क्यों जाते हैं? उनके धर्म में उनको मूर्ति पूजा की अनुमति नहीं है, फिर भी ये कलावा बांधकर, तिलक लगाकर पहचान छिपाकर ऐसे आयोजनों में जाते हैं और हमारी बेटियों को धोखा देते है। यह पूरी तरह बंद होना चाहिए।

यूपी में भारत टैक्सी और कृषक समृद्धि योजना लॉन्च, ई-पोर्टल-ऐप भी होगा शुरू

सीएम योगी बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का करेंगे शुभारंभ मुख्यमंत्री करेंगे ई-पोर्टल व मोबाइल ऐप की लॉन्चिंग, किसानों और ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म मुख्यमंत्री आवास पर होगा एमओयू और ऋण स्वीकृति पत्र का वितरण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार (23 सितंबर) को भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करेंगे। लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल mkksylb.in, सहकारिता विभाग के उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप एवं उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के मोबाइल ऐप यूपीसीडीसी की लॉन्चिंग की जाएगी।  इस दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल, लखनऊ पुलिस एवं भारत टैक्सी के मध्य एमओयू होगा। साथ ही भारत टैक्सी के सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र वितरित किया जाएगा। सीएम योगी मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र भी वितरित करेंगे। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयेंद्र प्रताप सिंह राठौर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह मौजूद रहेंगे।

इलाज कराकर दिल्ली से लौटेंगे किरण देव, जल्द पहुंचेंगे छत्तीसगढ़

रायपुर. भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष किरण देव करीब 2 महीने बाद बुधवार 23 सितंबर को नई दिल्ली से छत्तीसगढ़ लौटेंगे. वे शाम 5.55 बजे नियमित विमान से दिल्ली से रवाना होकर करीब 8 बजे रायपुर माना विमानतल पहुंचेंगे. किरण देव के दिल्ली से वापसी पर भाजपा ने स्वागत की तैयारी की है. जिसके तहत जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र से भी उनके समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता रायपुर आ आएंगे. भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरणदेव का गत 29 जुलाई को एक सड़क दुर्घटना के शिकार हुए थे. उनका इलाज पहले झांसी स्थित मेडिकल कॉलेज में चला, फिर उन्हें गुडगांव स्थित मेदांता अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया. मेदांता अस्पताल में गत 3 अगस्त को उनके हिप हेयर फ्रेक्चर का ऑपरेशन हुआ. तब से वे नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे. सड़क दुर्घटना के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष करीब दो महीने नई दिल्ली में ही रहे. उनके 17 सितंबर को जन्मदिन को आने की चर्चा थी, लेकिन डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें रूकना पड़ा. उनके साथ मौजूद स्टाफ का कहना हैं कि फिलहाल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वस्थ्य हैं. उनका फिजियोथैरपी सेशन भी पूरा हो गया है. डॉक्टरों ने अब उन्हें छत्तीसगढ़ जाने की सलाह दी है. इसके बाद मंगलवार को उनका प्रोटोकॉल भी जारी किया गया है. इस खबर से भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है.

मध्य प्रदेश में फिर एक्टिव होगा मानसून, 23 सितंबर से 17 जिलों में बारिश के आसार

भोपाल  बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के ग्वालियर, भोपाल, रीवा, जबलपुर, शहडोल, सागर संभागों में बारिश देखने को मिली। सबसे ज्यादा बारिश देवरी-सागर में हुई। यहां 60.3 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन संभागों में कहीं-कहीं बारिश हुई। राज्य के बाकी के हिस्से सूखे रहे। तापमान की बात करें तो बीते 24 घंटों के दौरान कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। जानिए बीते 24 घंटों के दौरान कैसा रहा मौसम, इसके साथ ही जानिए आने वाले समय का हाल। आने वाले दिन में हो सकती बारिश, जानिए कब बीते 24 घंटों की बात करने से पहले जानिए आने वाले समय के मौसम का हाल। अनुमान है कि 23 सितंबर से राज्य में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 24 और 25 सितंबर को सिस्टम की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी होने की उम्मीद जताई है। इसके चलते 2 दिन के अंदर 15 से 17 जिलों में बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने दी आंधी-बारिश की चेतावनी मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने झंझावत और वज्रपात के साथ झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान लगाया है। इसे ध्यान में रखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, रतलाम, उज्जैन, देवास, आगर, नीमच, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिंड समेत अन्य शामिल हैं। बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश देवरी-सागर में बीते 24 घँटों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश भी दर्ज हुई। सबसे ज्यादा पानी देवरी-सागर में गिरा। यहां 60.3 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं कई इलाकों में बूंदा-बांदी हुई। यहां 4-5 मिमी बारिश दर्ज हुई। इन इलाकों में बागली, राघौगढ़, कटनी, पचमढ़ी, बांदा, रीवा-हुजूर, शाहगढ़ जैसे इलाके शामिल हैं। वहीं अगर ज्यादा बारिश वाले अन्य इलाकों की बात करें तो हट्टा में 49.4, कोतमा में 41, गैरतगंज में 38.6, परासिया में 37.2, बटियागढ़ में 36 मिमी बारिश दर्ज हुई। बीते 24 घंटों में कहां-कितना रहा तापमान धार में सबसे कम 20.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। कम पारा वाले इलाकों में पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 21, गिरवर (शाजापुर) में 21.2, मंदौसर/ खंडवा में 21.4 और भोपाल में 21.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं अगर सबसे ज्यादा तापमान की बात करें तो ग्वालियर में 35 डिग्री रहा। अन्य अधिक तापमान वाले इलाकों में अलीराजपुर में 34.5, खजुराहो (छतरपुर) में 34.4, पृथ्वीराजपुर (निवाड़ी) में 34.1 और रतलाम में 34 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

पंजाब में DA-DR भुगतान न होने पर हाईकोर्ट का सख्त रुख

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) के भुगतान में देरी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। पूर्व आदेश का पालन नहीं होने और अनुपालन शपथपत्र दाखिल न किए जाने पर अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव को पांच अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से कोई संरक्षण मिल जाता है तो मुख्य सचिव की व्यक्तिगत पेशी से छूट रहेगी। चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड से जुड़े लंबित डीए-डीआर भुगतान के मामलों की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार पक्षों के बीच समझौते की स्थिति बनने का हवाला दे रही है, जबकि उनकी मांग केवल हाईकोर्ट के आदेश को लागू कराने की है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि राज्य को आदेश के खिलाफ अपील करने का अधिकार है, लेकिन कानूनी उपाय का इस्तेमाल कार्यवाही को अनिश्चितकाल तक टालने के लिए नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने तीन अगस्त को पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित डीए-डीआर की अद्यतन किस्तें अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को दिए जा रहे केंद्रीय दर के अनुरूप जारी करने का निर्देश दिया था। इसके लिए दो सप्ताह की समय सीमा तय की गई थी। देरी होने पर बकाया राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देने का भी आदेश था।   अदालत को बताया गया कि राज्य ने एक सितंबर को आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी, लेकिन रजिस्ट्री की ओर से बताई गई आपत्तियां अभी तक दूर नहीं की गई हैं। सरकार ने दो सप्ताह का और समय मांगा और कहा कि वह मामले को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास कर रही है। खंडपीठ ने कहा कि एकल पीठ की ओर से बकाया भुगतान के लिए दी गई तीन महीने की समय सीमा भी समाप्त हो चुकी है, लेकिन आदेश का अनुपालन नहीं हुआ। याचिकाकर्ताओं ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रकाशित पूर्ण पृष्ठ के विज्ञापनों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि कर्मचारियों और पेंशनरों का बकाया लंबित होने के बावजूद ऐसे खर्च सवाल खड़े करते हैं। अदालत पहले ही राज्य को बकाया भुगतान होने तक बड़े पैमाने पर प्रिंट और सोशल मीडिया पर अनुत्पादक विज्ञापन खर्च से बचने को कह चुकी है। अब अनुपालन शपथपत्र दाखिल नहीं किए जाने पर मुख्य सचिव को व्यक्तिगत पेशी के लिए तलब किया गया है। आदेश के पालन में देरी पर छह फीसदी ब्याज भी हाईकोर्ट ने तीन अगस्त के आदेश में लंबित डीए-डीआर की अद्यतन किस्तें केंद्रीय दर के अनुरूप जारी करने का निर्देश दिया था। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था। अदालत ने कहा था कि देरी होने पर बकाया राशि पर छह प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज देना होगा। इससे पहले एकल पीठ ने बकाया भुगतान के लिए तीन महीने की समय सीमा तय की थी, जो अब समाप्त हो चुकी है।   पूर्व आदेश का पालन नहीं होने और अनुपालन शपथपत्र दाखिल न किए जाने पर अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव को पांच अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। 

पंजाब-चंडीगढ़ में आज मौसम रहेगा ड्राई, 25 सितंबर से बारिश की संभावना

चंडीगढ़  पंजाब से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो गई है। मानसून की वापसी रेखा पटियाला और गुरदासपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक से 2 दिनों में मानसून पंजाब के बाकी हिस्सों से निकलकर चंडीगढ़ और दिल्ली की ओर आगे बढ़ सकता है। वहीं आज 23 सितंबर को पूरे राज्य में मौसम ड्राई रहेगा। पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, ऐसे में बादल नहीं बन पा रहे हैं। हालांकि, 25 सितंबर के आसपास पंजाब समेत कुछ इलाकों में बादल छाने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक इसका मानसून की वापसी से कोई सीधा संबंध नहीं होगा। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार पिछले 24 घंटे में पंजाब के औसत तापमान में 0.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। तापमान सामान्य के करीब बना हुआ है। पटियाला में सबसे अधिक तापमान 35.4 डिग्री दर्ज किया गया। गर्मी मई के महीने जैसी बनी हुई है। इस बार पंजाब में मानसून सामान्य से 39% कम रहा है। इसका असर खेती, बिजली और भूजल पर पड़ सकता है। सुबह ही बिजली की डिमांड 12 हजार पार पंजाब में बिजली की मांग 12,990 मेगावाट रही। राज्य ने 7,437 मेगावाट बिजली ली, जबकि निर्धारित शेड्यूल 7,392 मेगावाट था। यानी पंजाब ने शेड्यूल से 45 मेगावाट ज्यादा बिजली ली। राज्य में बिजली का अपना उत्पादन 5,556 मेगावाट रहा, जबकि ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.82 हर्ट्ज दर्ज की गई।

भोपाल थाने में वकील से मारपीट पर एक्शन, TI समेत दो आरक्षक निलंबित

भोपाल में थाने के अंदर वकील से मारपीट पर एक्शन: टीआई समेत दो आरक्षक निलंबित, आधी रात जमकर हुआ था हंगामा भोपाल  भोपाल के जहांगीराबाद थाने में अधिवक्ता राकेश रावल से कथित मारपीट के मामले में थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार समेत आरक्षक यश लखेरा और रामस्वरूप को निलंबित कर दिया गया है। डीसीपी जोन-1 अखिल पटेल ने आदेश जारी किए और तीनों को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। राजधानी भोपाल में जहांगीराबाद थाना परिसर में अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और रामस्वरूप को निलंबित कर दिया गया है। तीनों को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। डीसीपी जोन-1 अखिल पटेल ने निलंबन के आदेश जारी किए हैं। 21 साल से वकालत कर रहे 45 वर्षीय अधिवक्ता राकेश रावल के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा बदसलूकी और मारपीट का आरोप है। घटना से आक्रोशित सैकड़ों वकीलों ने देर रात करीब 3 बजे तक जहांगीराबाद थाने को घेरे रखा और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बुधवार सुबह भोपाल जिला अदालत में भी वकीलों ने प्रदर्शन किया और पैरवी से दूरी बनाए रखी। गणेश विसर्जन के दौरान रास्ते के विवाद से शुरू हुआ मामला बैरागढ़ कलां निवासी अधिवक्ता राकेश रावल मंगलवार शाम करीब 8 बजे खटलापुरा मंदिर मार्ग से गुजर रहे थे। गणेश प्रतिमा विसर्जन के चलते रास्ता बंद होने के कारण ट्रैफिक एसीपी और पुलिस बल से उनकी बहस हो गई। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें जबरन जहांगीराबाद थाने ले गए। पीड़ित अधिवक्ता का कहना है कि जब उन्होंने वाहन में पेट्रोल नहीं होने की बात कही, तो पुलिसकर्मी गाली-गलौज पर उतर आए। विरोध करने पर उन्हें कीचड़ में पटककर लाठियों से पीटा गया। मारपीट की खबर के बाद थाने पहुंचे सैकड़ों वकील थाने के भीतर अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में वकील जहांगीराबाद थाने पहुंच गए। वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामा देर रात करीब 3 बजे तक चलता रहा। इसके बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और वकीलों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। वीडियो में दिखाईं चोटें, वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया जांच का आश्वासन वकीलों की ओर से जारी एक वीडियो में अधिवक्ता राकेश रावल के कपड़ों पर कीचड़ और पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वकीलों को शांत कराया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर मामले की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। टीआई समेत दो आरक्षक निलंबित अधिवक्ता से मारपीट के मामले में डीसीपी जोन-1 अखिल पटेल ने निलंबन के आदेश जारी किए हैं। जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और रामस्वरूप को निलंबित कर दिया गया है। तीनों को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच जारी है। इधर, अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध जताया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे अदालत में पैरवी करने के लिए तैयार नहीं हैं। जिला अदालत में भी वकीलों ने किया प्रदर्शन अधिवक्ता से मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार सुबह भोपाल जिला अदालत में भी वकीलों ने हंगामा किया। अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई और पैरवी से दूरी बनाए रखी। पुलिस की ओर से टीआई समेत तीन पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद मामले में आगे की कार्रवाई और जांच पर नजर बनी हुई है।

धान खरीद को लेकर कुरुक्षेत्र में बवाल, महापंचायत से पहले किसान नेता हिरासत में

कुरुक्षेत्र. धान खरीद को लेकर मंगलवार को शाहाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 44 को जाम करने को लेकर पुलिस और किसानों के बीच तनातनी के बाद बुधवार को दोबारा किसान महापंचायत का संदेश जारी होने पर पुलिस सतर्क हो गई है। देर रात भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी के धरना स्थल पर किसान महापंचायत के एलान के बाद से पुलिस ने जिला भर में कई किसान नेताओं के घरों पर दस्तक देकर उन्हें डिटेन कर लिया है। पुलिस ने शहीद भगत सिंह किसान यूनियन के पदाधिकारी संजीव आलमपुर और गांव किरमिच से संजू नंबरदार को उनके घर से देर रात एक बजे डिटेन कर लिया है। वहीं अल सुबह तीन बजे के करीब गांव लोहार माजरा ने किसान नेता प्रिंस वड़ैच को भी डिटेन कर लिया है। बैठक बेनतीजा रही : इसके बाद किसान नेताओं और प्रशासन के बीच कई दौर की वार्ता हुई. किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी समेत अन्य नेताओं ने कुरुक्षेत्र के उपायुक्त के साथ बातचीत की, लेकिन बैठक बेनतीजा रही. किसानों ने तत्काल धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग दोहराई, जबकि प्रशासन की ओर से जल्द खरीद शुरू करवाने का आश्वासन दिया गया. किसानों को मंजूर नहीं प्रस्ताव : गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, जबकि किसानों की मांग स्पष्ट है कि धान की खरीद शुरू की जाए. उन्होंने कहा कि 26 सितंबर से खरीद शुरू करवाने का प्रस्ताव किसानों को मंजूर नहीं है. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि किसान मंगलवार रात बराड़ा रोड पर पड़ाव डालेंगे और बुधवार को महापंचायत आयोजित कर आगामी रणनीति तय की जाएगी. इस दौरान युवा किसान नेता प्रिंस वड़ैच ने किसानों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि किसान केवल समय पर धान की खरीद की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. रात्रि पड़ाव डाल रखा है : गुरनाम सिंह चढ़ूनी के ऐलान के बाद गुरनाम सिंह चढूनी और किसानों ने कुरुक्षेत्र के शाहबाद में शाहबाद बराड़ा रोड पर शहीद उधम सिंह चौक के पास अपना रात्रि पड़ाव डाला हुआ है. गुरनाम सिंह किसानों के साथ सड़क पर ही मोर्चा संभाले हुए हैं और यहीं पर रात्रि पड़ाव डाल रहे हैं. अब इनके साथ दूसरे किसान संगठन भी खड़े होने लगे हैं. कल एक बार फिर से धान की सरकारी खरीद को लेकर किसानों की महापंचायत होने वाली है जिसमें कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है. कई पुलिसकर्मियों को आई चोटें : वहीं कुरुक्षेत्र पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने मीडिया को बताया कि किसानों ने रोड जाम करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस का मत बिल्कुल स्पष्ट है कि किसी भी कीमत पर रोड जाम नहीं करने दिया जाएगा क्योंकि जीटी रोड देश की लाइफ लाइन है. यदि जीटी रोड पर जाम लगाया जाता है तो लोगों को बहुत भारी परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि किसानों ने जो रोड जाम करने का प्रयास किया तो पुलिस ने भी मामूली वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, वहीं दूसरी तरफ कुछ पुलिस के जवानों को भी चोटें आई हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों से बातचीत करने के लिए तैयार है और किसानों को भी चाहिए कि वह बातचीत के जरिए मामला सुलझाए.